महिलाओं को दिया जाएंगे 7500 करोड़ के स्मार्टफोन

बजट में की गई घोषणा पर कार्य करने की कवायद शुरू हो गई है

महिलाओं को दिया जाएंगे 7500 करोड़ के स्मार्टफोन

प्रदेश की एक करोड़ 33 लाख महिलाओं को स्मार्ट फोन देने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से बजट में की गई घोषणा पर कार्य करने की कवायद शुरू हो गई है।

जयपुर। प्रदेश की एक करोड़ 33 लाख महिलाओं को स्मार्ट फोन देने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से बजट में की गई घोषणा पर कार्य करने की कवायद शुरू हो गई है। गहलोत की सरकार के 4 वर्ष होने पर करीब 7500 करोड़ के स्मार्टफोन बांटे जाएंगे। राजकॉम्प ने मोबाइल फोन खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 23 मई को अपरांह 3 बजे प्री-बिड बैठक रखी गई है। इससे पहले मोबाइल हैंडसेट तीन साल तक फ्री 4जी इंटरनेट के साथ सप्लाई करने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। हर स्मार्टफोन करीब 5,639 रुपए की कीमत का होगा। राज्य सरकार की एजेंसी राजकॉम्प ने दो दिन पहले ही टेंडर जारी किया है। टेंडर की कुल कीमत 7500 करोड़ है। इसमें एक करोड़ 33 लाख स्मार्टफोन और तीन साल तक इंटरनेट सुविधा शामिल है। देश की मोबाइल हैंड सेट मैन्युफेक्चरर और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां टेंडर में हिस्सा लेंगी। इसको लेकर 23 मई को अपरांह बजे प्री-बिड बैठक रखी गई है। टेक्निकल बिड खुलेगी। इसके बाद ही तय होगा कि कौन सी कंपनी मोबाइल सप्लाई करेगी। सरकार ने टेंडर डॉक्यूमेंट में वर्क ऑर्डर मिलने के एक साल के भीतर सप्लाई की शर्त रखी है।

महिला मुखिया को मिलेंगे मोबाइल
सरकारी मोबाइल फोन परिवार की मुखिया महिलाओं को दिए जाएंगे जिनके नाम जनाधार कार्ड में है। मोबाइल के साथ तीन साल तक डेटा फ्री होगा। जिन महिलाओं को मोबाइल दिए जाने हैं उनका पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास है। उसी रिकॉर्ड के हिसाब से उन्हें सिम अलॉट कर दिए जाएंगे। स्मार्टफोन का डिस्ट्रीब्यूशन जिला और ब्लॉक लेवल पर होगा। जिन महिलाओं को मोबाइल दिए जाएंगे। इन्हें ई-केवाईसी करवाना होगा। आईटी विभाग इसके लिए समय और जगह तय करेगा।

खरीद की ये हैं शर्तें
कंपनी को तीन चरणों में भुगतान किया जाएगा। जो भी कंपनी सप्लाई करेगी उसे डिलीवरी के समय हैंडसेट की कीमत का केवल 30 फीसदी पैसा ही मिलेगा। डिलीवरी के एक साल बाद 35 फीसदी और फिर दो साल बाद बचा हुआ 35 फीसदी पैसा दिया जाएगा।

एक साथ नहीं पड़ेगा भार
राज्य सरकार की इस शर्त से एक साथ भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा स्मार्टफोन सप्लायर्स को ब्लॉक लेवल पर सर्विस सेंटर बनाने होंगे। कस्टमर केयर की डेडिकेटेड व्यवस्था भी करनी होगी। वर्क ऑर्डर मिलने के बाद एक साल के भीतर पूरे हैंडसेट देने होंगे। एक बैच में कम से कम पांच लाख मोबाइल की सप्लाई करने की शर्त भी रखी गई है।

स्मार्ट मोबाइल खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसको लेकर 23 मई को अपरांह बजे प्री-बिड बैठक रखी गई है। इसके बाद 1 जुलाई को टेक्निकल बिड खुलेगी। इसके बाद ही तय होगा कि कौन सी कंपनी मोबाइल सप्लाई करेगी।
- संदेश नायक, आयुक्त एवं संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग

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