हैमर थ्रो में मंजूबाला और 20 किमी वॉक में भावना जाट हिस्सा लेंगी, भारतीय दल में राजस्थान का कोई पुरुष खिलाड़ी नहीं

कॉमनवेल्थ में राजस्थान का मान बढ़ाएंगी दो महिलाएं

हैमर थ्रो में मंजूबाला और 20 किमी वॉक में भावना जाट हिस्सा लेंगी, भारतीय दल में राजस्थान का कोई पुरुष खिलाड़ी नहीं

जयपुर। इंग्लैंड के बर्मिंघम में अगले माह शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 146 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा लेकिन इसमें राजस्थान की सिर्फ दो महिला खिलाड़ी मंजूबाला और भावना जाट ही शामिल हैं।

जयपुर। इंग्लैंड के बर्मिंघम में अगले माह शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का 146 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा लेकिन इसमें राजस्थान की सिर्फ दो महिला खिलाड़ी मंजूबाला और भावना जाट ही शामिल हैं। खेलों में राजस्थान की हिस्सेदारी कम होने का सबसे बड़ा कारण पहले तीरन्दाजी और अब निशानेबाजी को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटाना है। तीरन्दाजी को 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के बाद हटा दिया गया, जबकि इस बार निशानेबाजी को भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल नहीं किया गया है। मंजूबाला बर्मिंघम में हैमरथ्रो में हिस्सा लेंगी, वहीं भावना जाट को 20 किलोमीटर वॉक में भारतीय दल में शामिल किया गया है।

नौ खेलों में हिस्सा लेगा 146 सदस्यीय दल
भारत के जिन 146 खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है, उनमें 80 पुरुष और 66 महिला खिलाड़ी हैं। भारतीय दल क्रिकेट समेत नौ खेलों में हिस्सा लेगा। महिला क्रिकेट को पहली बार इन खेलों में जगह मिली है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा अभी होनी है। भारत जिन खेलों में हिस्सा लेगा उनमें बैडमिंटन, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, क्रिकेट, कुश्ती, भारोत्तोलन, हॉकी, ट्रॉयथलान और टेबल टेनिस हैं।

पिछले खेलों में थे तीन निशानेबाज
आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट शहर में हुए 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने निशानेबाजी में हिस्सा लिया था। इनमें जयपुर की ओलंपियन अपूर्वी चंदेला, सीकर के ओमप्रकाश मिठारवाल और जालोर की महेश्वरी चौहान शामिल थे। ओमप्रकाश मिठारवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे।

शूटिंग और तीरन्दाजी के हटने से भारत को झटका
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों को ज्यादा पदक निशानेबाजी और तीरन्दाजी में मिले हैं। लेकिन बर्मिंघम खेलों में इन दोनों ही स्पर्धाओं को शामिल नहीं किया गया। भारत के इन खेलों के बहिष्कार की धमकी के बाद तय किया गया कि शूटिंग और तीरन्दाजी की स्पर्धाएं बर्मिंघम खेलों से पहले भारत चंडीगढ़ में आयोजित करेगा और इनके पदक कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में शामिल किए जाएंगे। लेकिन कोरोना महामारी के कारण दोनों ही खेल नहीं हो सके। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले ही बाहर तीरन्दाजी के बाद इस बार निशानेबाजी भी नहीं होगी।

सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं राज्यवर्धन सिंह
एथेंस ओलंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कॉमनवेल्थ गेम्स में राजस्थान के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं। राज्यवर्धन सिंह ने 2002 मैनचेस्टर खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते वहीं 2006 के मेलबोर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। राजस्थान के खिलाड़ियों ने इन खेलों में अब तक 7 स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। महावीर सिंह ने 2002 में स्वर्ण, भंवरलाल ढाका ने 1998 में कांस्य और 2002 में स्वर्ण तथा अपूर्वी चंदेला ने 2014 के खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। एथलेटिक्स में 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में कृष्णा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण जीता था।

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