बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार : ठाकरे

शिवसेना का अध्यक्ष पद भी छोड़ देंगे

बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार : ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिव सेना के बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिव सेना के बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं यदि बागी शिव सैनिक यह कहें कि वह शिव सेना का नेतृत्व करने के योग्य नहीं है, तो वह मुख्यमंत्री पद के साथ ही शिवसेना का अध्यक्ष पद भी छोड़ देंगे, लेकिन वह चाहते हैं कि शिव सैनिक उनके साथ गद्दारी नहीं करें। उन्होंने कहा कि उनकी ही पार्टी के विधायक यदि सूरत और गुवाहाटी में कुछ कहते है, तो यह उचित नहीं है, यदि उन्हें लगता है कि उन्हें (उद्धव ठाकरे) मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहिए, तो उनके सामने आकर कहें, वह तुरंत इस्तीफा दे देंगे और अगर वे चाहें तो उनका इस्तीफा ले जाकर स्वयं राज्यपाल को दे दें।

अपनों से ही घायल हो रहा हूं
यदि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लोग इस्तीफा देने के लिए कहते तो उन्हें इतना कष्ट नहीं होता, लेकिन वह जिस कुल्हाड़ी से घायल हो रहे हैं, उसकी लकड़ी उनके ही पेड़ की है।

शिव सेना और हिंदुत्व अलग-अलग नहीं
ठाकरे ने कहा कि मुझसे हिंदुत्व पर प्रश्न पूछा जा रहा है लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि शिव सेना और हिंदुत्व अलग-अलग नहीं हैं। बाल ठाकरे और आज की शिव सेना में कोई फर्क नहीं है। मैने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है जिससे पहले की शिव सेना और आज की शिव सेना में फर्क आया हो।

मौका मिला तो बहुमत सिद्ध करेंगे: राउत
शाम को शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस्तीफा नहीं देंगे। यदि मौका मिला तो सदन में बहुमत सिद्ध करेंगे। राउत ने कहा कि ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार, नाना पटोले, बालासाहब थोराट, कांग्रेस के पर्यवेक्षक कमलनाथ एवं अन्य नेता बैठक में उपस्थित थे।

मातोश्री के बाहर शिवसैनिकों का जमावड़ा
रात करीब 9 बजे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ सरकारी बंगले वर्षा से निकलकर अपने पुश्तैनी घर मातोश्री पहुंचे। वे अपने साथ सारा सामान भी ले गए। जब यह खबर फैली तो मातोश्री के बाहर हजारों की संख्या में शिवसैनिक एकत्र हो गए।

पार्टी का चीफ व्हिप बदला, 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेजी
उधर गुवाहाटी में बैठे एकनाथ शिंदे ने सरकार नहीं, सीधे पार्टी पर कब्जे की घोषणा कर दी। शिवसेना ने व्हिप जारी कर बुधवार शाम 5 बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। उससे 50 मिनट पहले एकनाथ शिंदे ने पार्टी व्हिप को अवैध बता चीफ व्हिप सुनील प्रभु को हटाने की घोषणा कर दी। साथ ही भरत गोगावले को इस पद पर नियुक्त कर दिया। साथ ही शिंदे ने विधायक दल के नेता होने का दावा ठोकते हुए 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी। शिंदे दावा कर रहे हैं कि उनके पास 46 विधायक हैं। हालांकि, गुवाहाटी में अभी शिवसेना के 35 और 2 निर्दलीय विधायक हैं। 3 और विधायक महाराष्टÑ भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ गुवाहाटी के लिए निकल चुके हैं। यानी कुल 40 विधायक।

मुलाकात के लिए राज्यपाल को पत्र
सूत्रों ने कहा कि शिंदे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकार बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन करने के लिए मुलाकात के लिए पत्र लिखा है। इधर राज्यपाल कोश्यारी का बुधवार से कोविड-19 का उपचार चल रहा है। उनकी अनुपस्थिति में गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को महाराष्ट्र के राज्यपाल अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस तरह की पुख्ता सूचना है कि पिल्लई ने बागी नेता शिंदे को वीडियो कांफ्रेस के जरिए सरकार बनाने के लिए अपना संख्या बल दिखाने पर अपनी सहमति दे दी है।

शिंदे खेमा ओर मजबूत
उधर देर शाम करीब साढ़े आठ बजे 2 शिवसेना और 2 निर्दलीय विधायक गुवाहाटी शिंदे के पास होटल में पहुंच गए। ये विधायक हैं गुलाब राव पाटिल, योगेश कदम, मंजुला गाबित और चंद्रकांत पाटिल। इन विधायकों के पहुंचने के बाद कुल विधायकों की संख्या अब 39 पहुंच गई है।

कौन हैं बगावत के एक-नाथ
58 वर्षीय एकनाथ शिंदे चार बार विधायक रहे हैं। ठाकरे सरकार में वे अभी पीडब्ल्यूडी मंत्री पद संभाल रहे हैं। उनका बेटा डॉ. श्रीकांत शिंदे वर्तमान में कल्याण से सांसद है। सूत्रों की माने तो शिंदे के सीएम के बेटे आदित्य ठाकरे से अच्छे संबंध नहीं हैं।  

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