रेस्क्यू टीमों ने की आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल

बाढ़ के समय नुकसान को कम करने के तरीकों का किया अभ्यास

रेस्क्यू टीमों ने की आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल

मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही कोटा जिले में आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू टीमों ने बुधवार को राहत और बचाव कार्य की मॉक ड्रिल की।

कोटा। मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही कोटा जिले में आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू टीमों ने बुधवार को राहत और बचाव कार्य की मॉक ड्रिल की। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से नयापुरा स्थित किशोर सागर तालाब में मॉक ड्रिल की। इस दौरान प्रेम नगर गांव में बाढ़ का दृश्य बनाया गया जिसमें 17 से 18 लोगों को भेजकर उन्हें बाढ़ से बचाने का रेस्क्यू किया गया । सभी विभागों की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ किस तरह से काम किया जाए जिससे लोगों को अधिक से अधिक सुरक्षित किया जा सके और नुकसान को कम से कम किया जा सके ।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से एक रेस्क्यू का मॉक ड्रिल किया है।
 जिससे मानसून सत्र में आने वाली बाढ़ से होने वाले खतरे को कम से कम किया जा सके इसका अभ्यास किया गया ।
उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी विभागों के रेस्क्यू संसाधनों का भी ट्रायल किया गया । जिसमें देखा गया कि संसाधन पूरी तरह से काम कर रहे हैं या नहीं । नाव ,लाइफ जैकेट ,रस्सी सभी संसाधनों की जांच की गई । जिसमें सभी उपकरण व संसाधन सही पाए गए । उन्होंने बताया कि 3 साल पहले 2019 में कोटा जिले में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था और लोगों का सामान भी बह गया था। वहीं 2021 में सांगोद और इटावा क्षेत्र में भी बाढ़ के हालात बने थे । जिसमें काफी लोगों को नुकसान हुआ था । इस साल मानसून के सत्र में इस तरह की स्थिति में हालात नहीं बने । यदि हालात बनते हैं तो उनमें किस तरह से लैस किया जा सके इसका अभ्यास लगातार किया जाता रहा है।

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