असर खबर का - हैंगिंग ब्रिज पर वाहनों की कतार का मामला कोर्ट तक पहुंचा

न्यायालय ने टोल प्लाजा प्रबंधक और सुपर वाइजर से मांगा जवाब

असर खबर का - हैंगिंग ब्रिज पर वाहनों की कतार का मामला कोर्ट तक पहुंचा

शहर की स्थाई लोक अदालत ने हैंगिंग ब्रिज टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों तथा बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को रोकने के मामले में सुनवाई करते हुए टोल प्लाजा चंबल हैंगिंग ब्रिज कोटा के प्रबंधक एवं सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर 23 अगस्त तक जवाब तलब किया।

कोटा। शहर की स्थाई लोक अदालत ने हैंगिंग ब्रिज टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों  तथा बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को रोकने के मामले में सुनवाई करते हुए टोल प्लाजा चंबल हैंगिंग ब्रिज कोटा के प्रबंधक एवं सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर 23 अगस्त तक जवाब तलब किया।  इस मामले में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें बताया था कि एनएचएआई द्वारा नियमों की कोई पालना नहीं की जा रही है।  एनएचएआई ने शिवा कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड को टोल संचालन जिम्मेदारी दी है।  जहां फास्ट टेग  सुविधा होने के बावजूद टोल कर्मी लोहे के बैरिकेट्स लगाकर वाहनों को रोकते हैं, जिससे यहां पर जाम के हालात हो जाते हैं।  वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे  वाहन चालकों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपातकालीन लेन नहीं होने से भी एंबुलेंस सहित अन्य इमरजेंसी वाहनों को साधारण लाइन से  ही निकला जा रहा है, जिससे कई बार आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  एन एच ए आई द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार वाहनों के पिक समय पर ही एक वाहन पर 10 सेकंड से ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए और फास्टटेग लागू  होने के बावजूद टोल प्लाजा पर किसी भी कारण से वाहनों  की कतारे 100 मीटर से अधिक होती हैं, तो ऐसी स्थिति में सभी वाहनों को बिना टोल दिए जाने की इजाजत होती है।  टोल प्लाजा चंबल हैंगिंग ब्रिज के प्रबंधक और सुपरवाइजर की अनदेखी के कारण नियमों के विपरीत कार्य हो रहा है। वाहनों को रोककर टोल वसूल किया जा रहा है।  इस प्रक्रिया में वाहनों को  करीब 5 मिनट से ज्यादा रोका जा रहा है। याचिका में यह भी बताया गया कि एनएच-27 प्लाजा 17 मार्च 2018 को प्रारंभ हुआ था।  वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण एन एच ए आई ने यहां फास्टटेग सुविधा अनिवार्यकी थी। 

दोनों ने लाइनों  पर फास्टटेग को  रोकने के लिए सेंसर तो लगवाए  गए परंतु आॅटोमेटिक बैरिकेट्स नहीं लगवाए गए हैं । यही नहीं यहां  दुपहिया वाहनों के लिए भी अलग से कोई सुविधा नहीं है। यहां पर दिन में लगभग 2000 से ज्यादा वाहनों का आवागमन होता है, टोल मैनेजमेंट सही नहीं होने से वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे लोगों को समय और धन दोनों की बबार्दी हो रही है।  टोल प्लाजा पर कोटा और बूंदी के वाहनों के लिए टोल फ्री है फिर भी फास्टटेग से टोल कट रहा है।  दोनों अधिकारियों की अनदेखी के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। इस मामले में न्यायालय ने जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए सुपरवाइजर टोल प्लाजा चंबल हैंगिंग ब्रिज और प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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