विद्यालय भवन का मामला - अदालत ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, जिला कलेक्टर व प्रधानाध्यापक को किया नोटिस जारी

मामले में सुनवाई 4 अगस्त को

विद्यालय भवन का मामला - अदालत ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, जिला कलेक्टर व प्रधानाध्यापक को किया नोटिस जारी

गिरधरपुरा के पास 20 वर्ष से ठाकुर जी के मंदिर में चल रहे विद्यालय के मामले में न्यायाधीश ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक , जिला कलेक्टर और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरधरपुरा के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करते हुए 4 अगस्त 2022 को जवाब तलब किया है ।

 कोटा । शहर की स्थाई लोक अदालत ने गिरधरपुरा के पास 20 वर्ष से ठाकुर जी के मंदिर में चल रहे विद्यालय के मामले में न्यायाधीश ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ,जिला कलेक्टर और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरधरपुरा के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करते हुए 4 अगस्त 2022 को जवाब तलब किया है ।

 इस मामले में अधिवक्ता लोकेश कुमार सैनी ने न्यायालय  में एक जनहित याचिका दायर करते हुए बताया कि कोटा जिले के गिरधरपुरा के पास  सुमन कॉलोनी में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विगत 20 वर्षों से ठाकुर जी के मंदिर में चल रहा है।  इस विद्यालय के लिए 10 वर्ष पूर्व यूआईटी कोटा ने जमीन भी आवंटित कर दी गई थी परंतु उस जमीन पर अतिक्रमण होने के कारण विद्यालय  भवन नहीं बन पाया । राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरधरपुरा के प्रधानाचार्य विद्यालय को टीन शेड के नीचे संचालित कर रहे हैं ।  तेज बरसात में पानी टपकता है जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज गर्मी में लोहे की चद्दर भी गर्म होने से विद्यार्थी बैठने में  परेशानी महसूस करते हैं जिसके कारण मजबूरन विद्यालय प्रशासन को छुट्टियां करनी पड़ती है। लोहे की चादरों के नीचे ही पूरा स्टाफ बैठता है। बरसात  में पानी भर जाता है जिससे शिक्षकों को बैठने में परेशानी होती है। 

भवन नहीं होने से नामांकन नहीं
विद्यालय का नया भवन नहीं होने से विद्यालय में नए विद्यार्थियों का नामांकन नहीं  हो पा रहा है । वर्तमान में 63 विद्यार्थियों का नामांकन है जबकि गांव की आबादी  25000 है। विद्यालय में केवल एक रूम में प्रधानाध्यापक के बैठने की व्यवस्था है । उसी में पूरा फर्नीचर , पोषाहार, पुस्तकें रखी हैं । अलमारी में स्कूल का सामान रखा है । याचिका में बताया गया कि बरसात के दौरान सामान के ऊपर प्लास्टिक की बरसाती डालकर सामान को बचाया जाता है ।  पर्याप्त कमरे नहीं होने से एक कमरे में ही कक्षा पहली , दूसरी तीसरी  को एक साथ तथा दूसरे कमरे में चौथी और  पांचवी की कक्षाओं को  एक साथ और तीसरे कमरे में कक्षा छठी, सातवीं औरआठवीं की कक्षाओं के एक साथ चलाया जा रहा है । इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक , जिला कलेक्टर और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरधरपुरा के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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