सुविधाएं बढ़े तो बैडमिंटन में कोटा होगा सिरमौर

कई खिलाड़ी ला चुके मेडल, अब अधिक बैडमिंटन कोर्ट की दरकार

सुविधाएं बढ़े तो बैडमिंटन में कोटा होगा सिरमौर

बैडमिंटन खेल के विकास में कोटा के खिलाड़ी भी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल व स्टेट लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा कर कोटा का नाम रोशन कर चुके हैं। इसके बावजूद बैडमिंटन खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं की कमी खल रही है।

कोटा। हाल ही कुछ सालों में कई खेलों ने भारतीय लोगों के दिलों में जगह बना ली है, लेकिन बैडमिंटन एक ऐसा खेल है जिसने लोगों का दिल तो जीता ही है, साथ ही देश को कई मौकों पर गौरवान्वित भी किया है। इस काम में साइना नेहवाल, पीवी संधु, किदांबी श्रीकांत और उनके जैसे ही कई स्टार खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस खेल के विकास में कोटा के खिलाड़ी भी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल व स्टेट लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा कर कोटा का नाम रोशन कर चुके हैं। इसके बावजूद बैडमिंटन खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं की कमी खल रही है। खिलाड़ियों की संख्या की तुलना में यहां पर बैडमिंटन कोर्ट की कमी है। यदि बैडमिंटन कोर्ट की संख्या बढ़ जाए तो कोटा नेशनल व स्टेट लेवल पर बैडमिंटन में सिरमौर हो सकता है। युवाओं में बढ़ रहा रुझान कोटा के युवाओं में बैडमिंटन के प्रति काफी रुझान है। निरन्तर इस खेल में युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। नयापुरा स्थित जीके सिंघानिया बैडमिंटन हॉल में रोजाना काफी संख्या में युवा वर्ग बैडमिंटन खेलने आते हैं। वहीं कई लोग अपनी फिटनेस बरकरार रखने के लिए यहां पर बैडमिंटन खेलते हैं। कोटा जिला बैडमिंटन खेल संघ के बैनर तले यहां के खिलाड़ी कई बार नेशनल व स्टेट लेवल पर जीत का परचम लहरा चुके हैं। इसी के चलते स्कूली बच्चों से लेकर युवाओं में इसका क्रेज बढ़ रहा है।

30 खिलाड़ी और नियमित अभ्यास सिंघानिया हॉल में वर्तमान में 30 युवाओं की टीम नियमित बैडमिंटन का अभ्यास करने आ रही हैं। इन खिलाड़ियों को तीन कोच नेशनल व स्टेट लेवल के लिए तैयार कर रहे हैं। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल व स्टेट लेवल पर गोल्ड व सिल्वर मेडल लाकर कोटा का नाम रोशन कर चुके हैं। पिछले दो साल से कोविड के कारण खेल गतिविधियां बंद हो गई थी। इस कारण कोटा के खिलाड़ी किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाए। अब फिर से खेल गतिविधियां शुरू होने के बाद खिलाड़ियों ने बैडमिंटन का अभ्यास तेज कर दिया है। सुविधाओं के साथ विकास की दरकार जिला बैडमिंटन संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नयापुरा स्थित सिंघानिया बैडमिंटन हॉल में तीन खेल कोर्ट बने हुए हैं, जो वर्तमान में खिलाड़ियों की संख्या को देखते हुए नाकाफी हैं। यहां पर करीब 70 से अधिक खिलाड़ी रोजाना शाम को बैडमिंटन की नियमित प्रैक्टिस करने आते हैं। इनके अलावा शहर में विभिन्न आयु वर्गो के लोग भी बैडमिंटन खेलने आते हैं। ऐसे में यहां पर तीन ही कोर्ट होने से खिलाड़ियों को परेशानी आती है। इस सम्बंध में संघ ने स्वायत्त शासन मंत्री को समस्या बताई थी। इसके बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सिंघानिया हॉल के पास खाली पड़ी जमीन पर चार बैडमिंटन कोर्ट बनाने की उन्होंने स्वीकृति जारी कर दी थी। इसकी डीपीआर भी बन गई थी, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यदि यहां पर चार कोर्ट और बन जाए तो खिलाड़ियों को काफी राहत मिल सकती है। इटली में बिखेरा कोटा ने जलवा कोटा के नेशनल खिलाड़ी अंकित अरोड़ा बैडमिंटन में कई मेडल अपने नाम कर चुके हैं। अरोड़ा ने बताया कि कुछ दिनों पहले इटली में अन्तरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें भारत का प्रतिनिधित्व चार खिलाड़ियों ने किया था, जिसमें वह खुद भी शामिल थे। वहां पर उन्होंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके अलावा वह स्कूली खेल में वर्ष 2006 से 2010 तक लगातार बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वहीं वर्ष 2010-2011 में उन्होंने यूनिवर्सिटी की नेशनल स्तर की प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल कोटा की झोली में डाला था।

इनका कहना है...

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कोटा में भी बैडमिंटन खिलाड़ियों की लगातार रुझान बढ़ता जा रहा हैं। इसमें स्कूली बच्चों से लेकर युवा वर्ग तक शामिल है। खिलाड़ियों की निरन्तर बढ़ रही संख्या के चलते अब नए कोर्ट की जरुरत है। फिलहाल तीन कोर्ट में ही खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करना पड़ रहा है। सिंघानिया हॉल के पास खाली पड़ी जमीन पर नए कोर्ट बन जाए तो काफी सुविधा हो जाएगी। -संजय फतेहपुरिया, अध्यक्ष कोटा जिला बैडमिंटन संघ

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