रक्षाबंधन पर बहनें नौ ग्रह से मांगती है भाई की खुशहाली

पूजा की थाली में बहन नौ ग्रहों की सामग्री द्वारा भाई की खुशहाली मांगती है

रक्षाबंधन पर बहनें नौ ग्रह से मांगती है भाई की खुशहाली

ज्योतिषाचार्य और भविष्यवक्ता डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि पूजा की थाली में कुमकुम, चावल अक्षत, नारियल, रक्षासूत्र (राखी), मिठाई, दीपक, जल से भरा कलश और उपहार अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इसके बाद नौ ग्रहों से प्रार्थना करें कि अपने भाई को अन्न धन लक्ष्मी के साथ दीघार्यु और शुभ फल प्राप्त हो।

जयपुर। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनें पूजा की थाली सजाती हैं। इस पूजा की थाली में बहन नौ ग्रहों की सामग्री द्वारा भाई की खुशहाली मांगती है। भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर बहनें उनकी दीघार्यु, सुख, समृद्धि की कामना करती है।  

नौ ग्रह और पूजा की थाली
ज्योतिषाचार्य और भविष्यवक्ता डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि पूजा की थाली में कुमकुम, चावल अक्षत, नारियल, रक्षासूत्र (राखी), मिठाई, दीपक, जल से भरा कलश और उपहार अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इसके बाद नौ ग्रहों से प्रार्थना करें कि अपने भाई को अन्न धन लक्ष्मी के साथ दीघार्यु और शुभ फल प्राप्त हो।

कुमकुम: बहन भाई को कुमकुम का तिलक लगाती हैं, जो सूर्य ग्रह से मिलता है और दुआ करती है कि आने वाले साल में भाई को हर प्रकार का यश और ख्याति प्राप्त हो।

चावल-अक्षत: पूजा में चावल को सबसे शुभ माना जाता है। बहन भाई को कुमकुम के तिलक के ऊपर चावल लगाती हैं, जो शुक्र ग्रह से मिलता है। बहनें दुआ मांगती है कि मेरे भाई के जीवन में हर तरह की शुभता आए।
 
नारियल: इसको पूजा में श्रीफल कहा जाता है। यह राहु ग्रह से मिलता है। बहन जब भाई को श्रीफल देती है तो इसका अर्थ है कि आने वाले वर्ष में भाई को सभी प्रकार की सुख सुविधा मिले।

रक्षासूत्र राखी : रक्षासूत्र हमेशा दाएं हाथ की कलाई पर बांधा जाता है। यह मंगल ग्रह से मिलता है, जो कहता है कि बहन की दुआएं हैं कि उसके भाई सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मुश्किलों से उसकी रक्षा करे।

मिठाई : बहन भाई को मिठाई खिलाती है, जो गुरु ग्रह से मिलता है और दुआ करती है कि उसके भाई पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा रहे। भाई के संतान और वैवाहिक जीवन भी सुखद रहे।
 
दीपक : बहन भाई की दीपक से आरती करती है। यह शनि और केतु ग्रह से मिलता है और दुआ करती हैं कि मेरे भाई के जीवन में आने वाले रोग और कष्ट सभी दूर हों।

जल से भरा कलश : जल से भरे कलश से भाई की पूजा करें, जो चंद्रमा से मिलता है जिसमें बहन मांगती है कि मेरे भाई के जीवन में मानसिक शांति हमेशा बनी रहे।

उपहार : ऊपर की इन सात चीजों में बहन की दुआओं के साथ आप के 8 ग्रह शुभ होते हैं। अब रहा नवां ग्रह बुध। बुध ग्रह को बहन का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए भाई बहन को जो उपहार देंगे उससे आपका बुध ग्रह शुभ होकर फल देगा। कहते हैं बुध ग्रह जो आपके व्यापार से मिलता है यदि बहन या भाई की दुआएं मिल जाए तो व्यापार में वृद्धि कर देता है।
 
भद्राकाल से पहले और बाद में राखी बांधना शुभ
याज्ञिकरत्न आचार्य पंडित दिनेश त्रिवेदी के मुताबिक भद्राकाल समाप्ति के बाद इस बार रात 8 बजकर 51 मिनट के बाद राखी बांधना शास्त्र सम्मत है। रक्षाबंधन में रात्रि दोष भी नहीं होता। सूण मांडणा भद्रा पूर्व संगवकाल में सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक करना शास्त्रों के अनुसार है। शास्त्रकारों ने होलिका दहन में भी भद्रा के पुच्छ और प्रदोष काल का मत भी विशेष परिस्थितियों में ही लिखा है। इसलिए 11 अगस्त को संगव काल भद्रा पूर्व सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक सूण मांडना, उत्सर्ग, उपाकर्म एवं रात्रि में 8 बजकर 51 मिनट भद्रा समाप्ति काल के बाद सम्पूर्ण रात्रि राखी बांधी जा सकेगी।

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