खबर का असर: सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का किया डामरीकरण

दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद जागा प्रशासन, डामरीकरण के बावजूद सड़क निर्माण में छोड़ी कमियां

खबर का असर: सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का किया डामरीकरण

दैनिक नवज्योति के 22 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का डामरीकरण किया। लेकिन अभी भी कई कमियां छोड़ दी गई हैं।

सुल्तानपुर। दैनिक नवज्योति के 22 अप्रैल के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सुल्तानपुर-नापाहेड़ा सड़क का डामरीकरण किया। लेकिन अभी भी कई कमियां छोड़ दी गई हैं जिससे डामरीकरण का लाभ राहगीरों को मिलना संदिग्ध है। पहले की भांति राहगीरों को दुर्घटना का शिकार का खतरा बना हुआ है।

गौरतलब है कि ग्रामीणों को डामरीकरण नहीं होने के कारण आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। 22 अप्रैल को दैनिक नवज्योति ने ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सड़क का डामरीकरण किया गया। लेकिन सड़क के दोनों तरफ की पटरी जीरो गुणवत्ता वाली मिट्टी से बनाई गई है। संबंधित अधिकारियों ने मिट्टी हटाने के निर्देश जारी कर दिए थे। लेकिन अभी तक भी दोनों तरफ की मिट्टी हटाकर ग्रेवल नहीं डाला गया। जहां पर नाले या पुलिया बनानी है, उनका काम भी अभी तक चालू नहीं किया गया है। 15 दिन से रोड का कार्य बंद पड़ा है। ठेकेदार एवं कंपनी के द्वारा कार्य में अनियमितता बरती जा रही है।

ग्रामीण हेमंत झाला एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को पत्र लिख कर अवगत करवाया गया। लेकिन अभी तक भी इस रोड की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई। जिसमें बहुत सारी कमियां अभी भी बाकी हैं। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत झाला एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य परमानंद  मीणा ने सड़क का अवलोकन किया। जिसमें अभी भी कई समस्याएं पाई गर्इं। जिनका निस्तारण होना बारिश से पहले अति आवश्यक है। नहीं तो जनता को इन समस्याओं से वापस जूझना पड़ेगा। झाला ने बताया कि सुल्तानपुर से 2 ग्राम पंचायत मुख्यालयों अमरपुरा एवं किशोरपुरा के 18 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर कार्य की गुणवत्ता में काफी अनियमितता बरती जा रही है। उच्चाधिकारियों एवं सहायक अभियंता सुल्तानपुर को कई बार शिकायत दी गई। इसके बाद इस मुख्य सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन इसमें कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बहुत सारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसमें दोनों तरफ जो मिट्टी की पटरियां बनाई जा रही हैं, वह मिट्टी गुणवत्ता वाली नहीं डाल कर ड्रेन खोदकर पास में से ही ऐसी मिट्टी रोड पर डाली गई, जिसमें बिल्कुल भी गुणवत्ता नहीं है। जो हमेशा बारिश के पानी में डूबी रहती है। झाला ने मांग की है कि शीघ्र इस रोड की समस्त कमियों की जांच कर डामरीकरण किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उजागर हुर्इं कमियां
समस्या को लेकर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत झाला के नेतृत्व में क्षेत्र की जनता ने इस रोड का निरीक्षण किया। जिसमें कई प्रकार की कमियां उजागर हुर्इं हैं। झाला ने बताया कि डामरीकरण के बाद भी राहगीरों को पहले की तरह दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान जल वितरण समिति अध्यक्ष हरीश मीणा नापाहेड़ा, संदीप यादव, विरदीचंद खारोल एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

इनका कहना है
पूर्व सड़क जिस पर डामरीकरण हो रहा था, उसी डामर को थोड़ा सा हटाकर उस पर ही ठेकेदार द्वारा गिट्टी बिछा दी गई। अभी रोड पर जो गिट्टी कर रखी है, उसको 1 महीना हो चुका है। जिससे राहगीरों को दुर्घटना का शिकार होना पड़ रहा है। आए दिन बाइक चालक रोड पर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। अनेक राहगीर दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं।
-हेमंत झाला, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष 

सड़क का कार्य प्रगति पर है। दोनों साइडों पर ग्रेवल डलवा कर बारिश के पूर्व कार्य को पूर्ण करवा दिया जाएगा। आम जनता को परेशानी नहीं होगी।
-लक्ष्मीनारायण मीणा, एईएन, पीडब्ल्यूडी 

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