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                <title>दुनिया - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>दुनिया RSS Feed</description>
                
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                <title>ट्रंप का दावा : ईरान के साथ सैन्य संघर्ष, द्वितीय विश्व युद्ध और वियतनाम युद्ध जैसे ऐतिहासिक युद्धों की तुलना में काफी छोटा, साझा किया चार्ट- ईरान एक्सकर्शन दिया नाम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष को “बेहद सफल” बताते हुए सोशल मीडिया पर इसकी तुलना द्वितीय विश्व युद्ध और वियतनाम युद्ध से की। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध जल्द खत्म होगा, लेकिन समझौता न होने पर बड़े हमलों की चेतावनी दी। दूसरी ओर, बढ़ती ईंधन कीमतों और युद्ध नीति को लेकर अमेरिका में उनकी लोकप्रियता तेजी से गिर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-claims-military-conflict-with-iran-is-much-smaller-than/article-153163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ttrump-.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक चार्ट साझा करते हुए दावा किया है कि ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष, द्वितीय विश्व युद्ध और वियतनाम युद्ध जैसे ऐतिहासिक युद्धों की तुलना में काफी छोटा रहा है। ट्रंप द्वारा ट्रूथ सोशल पर साझा किए गए ग्राफिक में इस संघर्ष को ईरान अभियान (ईरान एक्सकर्शन) का नाम दिया गया है और इसके छह सप्ताह से जारी होने का दावा किया गया है। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार ईरान के साथ यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त मिसाइल हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसे अब 9 सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस संघर्ष को अविश्वसनीय रूप से सफल बताते हुए कहा है कि यह बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान शांति समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो वे और भी बड़े स्तर के हमले के आदेश दे सकते हैं। ट्रंप के इस चार्ट में अफगानिस्तान युद्ध (543 सप्ताह), इराक युद्ध (457 सप्ताह) और वियतनाम युद्ध (439 सप्ताह) की तुलना में ईरान संघर्ष की कम अवधि पर गर्व जताया गया है। गौरतलब है कि हफ्तों तक चली बमबारी के बाद 7 अप्रैल को संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अब भी बरकरार है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">युद्ध के कारण अमेरिका में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। हाल के सर्वेक्षणों के अनुसार, 66 प्रतिशत अमेरिकियों ने ईरान युद्ध को संभालने के ट्रंप के तरीके पर असंतोष जताया है। दूसरी ओर ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतें तेजी से नीचे गिरेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं होता है, तो बमबारी दोबारा शुरू होगी और इसकी तीव्रता पहले से कहीं अधिक होगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 18:36:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण कोरिया में रोबोट बना बौद्ध भिक्षु : जोग्येसा मंदिर में ली शपथ, पारंपरिक बौद्ध वस्त्र धारण कर भिक्षुओं के साथ प्रार्थना सभा में लिया हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण कोरिया के जोग्येसा मंदिर में रोबोट भिक्षु 'गाबी' को आधिकारिक दीक्षा दी गई। बुद्ध पूर्णिमा से पहले हुए इस ऐतिहासिक समारोह में ह्यूमनॉइड रोबोट ने पंचशील के आधुनिक नियमों की शपथ ली। 24 मई को होने वाले 'लालटेन उत्सव' से पहले यह नवाचार धर्म और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का प्रतीक बना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/in-south-korea-a-buddhist-monk-became-a-robot-took/article-153179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/gabi.png" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर से पहले बौद्ध दीक्षा देकर पहले रोबोट भिक्षु 'गाबी' को आधिकारिक रूप से आध्यात्मिक सेवा में शामिल किया है। देश की राजधानी सोल स्थित जोग्येसा मंदिर के द्युंगजेयोन हॉल में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान बुधवार को 130 सेंटीमीटर ऊंचे इस रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध वस्त्र धारण कर भिक्षुओं के साथ प्रार्थना में भाग लिया। चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित इस ह्यूमनॉइड रोबोट 'जी1' को जोग्ये ऑर्डर ऑफ कोरियन बुद्धिज्म द्वारा आयोजित दीक्षा समारोह में 'गाबी' नाम दिया गया। 'सुग्ये' नामक इस अनुष्ठान में रोबोट ने बुद्ध की शिक्षाओं और मठवासी समुदाय के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। दक्षिण कोरिया के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी ह्यूमनॉइड रोबोट को बौद्ध दीक्षा दी गई है।</p>
<p>दीक्षा के दौरान रोबोट ने 'योनबी' नामक शुद्धिकरण अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया। परंपरा के अनुसार, नए भिक्षुओं की भुजाओं पर धूप से हल्के निशान बनाए जाते हैं, लेकिन रोबोट की भुजा पर प्रतीक स्वरूप 'कमल लालटेन उत्सव' का स्टीकर लगाया गया और उसके गले में 108 मोतियों की माला पहनाई गई। इस अवसर पर रोबोट भिक्षु के लिए बौद्ध धर्म के पांच प्रमुख नियमों (पंचशील) को भी नए रूप में परिभाषित किया गया। इन नियमों में जीवन की रक्षा करना, अन्य रोबोट या संपत्ति को नुकसान न पहुंचाना, मनुष्यों का सम्मान और आज्ञा का पालन करना, धोखाधड़ी से बचना और आवश्यकता से अधिक चार्ज न करके ऊर्जा का संरक्षण करना शामिल है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया में इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा 24 मई को मनाई जा रही है। कोरियाई पारंपरिक कैलेंडर के अनुसार, यह हर साल चौथे चंद्र मास के आठवें दिन मनाया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में 'सोक्का तांसिनिल' या 'बुचोनिम ओसिन नाल' कहा जाता है। इस अवसर पर दक्षिण कोरिया में भव्य आयोजन किए जाते हैं, जिनमें 'योन द्युंग हो' (कमल लालटेन उत्सव) सबसे प्रमुख है। चूंकि 24 मई को रविवार है, इसलिए सरकार ने 25 मई (सोमवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, ताकि लोग इस उत्सव का आनंद ले सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 17:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण अटलांटिक महासागर में शिप पर फैला दुर्लभ हंता वायरस : चपेट में आने से 3 लोगों की मौत, अन्य देशों तक पहुंचा; डब्लूएचओ ने कहा- महामारी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[डच क्रूज शिप MV Hondius पर दुर्लभ और घातक हंता वायरस से 3 यात्रियों की मौत हो गई। 147 यात्री और क्रू, जिनमें 2 भारतीय भी शामिल हैं, क्वारंटीन में हैं। WHO निगरानी कर रहा है, हालांकि महामारी का खतरा कम बताया गया। आशंका है कि संक्रमण अर्जेंटीना में चूहों के संपर्क से फैला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rare-hanta-virus-spread-on-a-ship-in-the-south/article-153145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)34.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लंदन। दक्षिण अटलांटिक महासागर में सफर कर रहे डच क्रूज शिप एमवी होंडियस पर दुर्लभ और घातक हंता वायरस की चपेट में आने से अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है। मृतकों में एक डच दंपती और एक जर्मन महिला शामिल है। संक्रमण का असर अब जहाज से बाहर अन्य देशों तक पहुंचने लगा है।<span>  </span>इस दुखद घटना के बाद जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिकों सहित 147 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को केप वर्डे के पास सख्त क्वारंटीन में रखा गया है, ताकि इस जानलेवा वायरस के वैश्विक प्रसार को रोका जा सके। तीन यात्रियों की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ) के स्वास्थ्य अधिकारी क्रूज शिप पर फैले दुर्लभ हंता वायरस संक्रमण पर बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। इस वायरस का पता तब चला, जब डच कंपनी संचालित यह जहाज दक्षिण अटलांटिक में था। मौतों के बावजूद, स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि यह घटना किसी नयी महामारी का रूप नहीं है, क्योंकि बड़े पैमाने पर एक इंसान से दूसरे इंसान में इसके फैलने का जोखिम कम है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस प्रकोप ने तब एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेस-एंड-ट्रैक अभियान को जन्म दिया, जब यात्री दूरदराज के सेंट हेलेना द्वीप सहित कई स्थानों पर जहाज से उतरे।<span>  </span>रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इनमें से कुछ यात्रियों ने बाद में स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के लिए उड़ान भरी, जहां जोहान्सबर्ग की एक 75 वर्षीय महिला की संक्रमण से मौत हो गयी।<span>  </span>बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विशेषज्ञ वायरस के एंडीज स्ट्रेन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो अधिक घातक माना जाता है और इसमें सीमित रूप से मानव-से-मानव में प्रसार की दुर्लभ क्षमता होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संक्रमण के स्रोत की जांच से पता चलता है कि जहाज के रवाना होने से पहले अर्जेंटीना के उशुआया में पक्षियों को देखने के लिए की गयी तटीय यात्रा के दौरान यात्री संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के संपर्क में आये होंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, हंता वायरस आमतौर पर गंभीर श्वसन या रक्तस्रावी समस्याओं का कारण बनता है, लेकिन यह कोविड-19 जैसे वायरसों की तरह हवा के जरिये आसानी से नहीं फैलता है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक जोखिम कम है और मौजूदा स्वास्थ्य प्रोटोकॉल इस प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त हैं। ब्रिटेन, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की सरकारों ने उन सभी व्यक्तियों की कड़ी स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है, जो जहाज के यात्रियों के संपर्क में आये थे। इस बीच क्वारंटीन अवधि समाप्त होने के बाद आगे की चिकित्सा सहायता और विशेष सफाई के लिए जहाज को कैनरी द्वीप समूह ले जाने की उम्मीद है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 16:28:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया में भीषण हादसा: दो ज्वालामुखी विस्फोट में तीन पर्वतारोहियों की मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[इंडोनेशिया के माउंट दुकोनो में अचानक हुए विस्फोट ने तीन पर्वतारोहियों की जान ले ली। राख और मलबे के गुबार के बीच प्रतिबंधित क्षेत्र में फंसे ट्रैकर चट्टानों की चपेट में आ गए। रिंग ऑफ फायर पर स्थित इस क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन ने सभी ट्रैकिंग मार्ग बंद कर दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-indonesia-three-climbers-killed-in-two-volcanic/article-153140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ज्वालामुखी.png" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक सुदूर हलमहेरा द्वीप पर स्थित माउंट दुकोनो में शुक्रवार सुबह अचानक हुए विस्फोट से तीन पर्वतारोही मौत हो गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा तब हुआ, जब ज्वालामुखी से अचानक राख की मोटी परत और ज्वालामुखीय मलबा निकलने लगा। इससे क्रेटर के पास मौजूद पर्वतारोहियों का एक समूह फंस गया। अन्य जीवित बचे लोगों से मिली सूचना के बाद तड़के बचाव दल मौके पर पहुंचा।</p>
<p>जहां ट्रैकिंग समूह के कई सदस्य भारी राख के कारण लगी मामूली चोटों और सांस संबंधी समस्याओं के साथ सुरक्षित निकलने में सफल रहे, वहीं तीन लोगों की मौत ज्वालामुखीय चट्टानों की चपेट में आने से हुई। स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि जब विस्फोट हुआ, तब ये पर्वतारोही शिखर के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में थे। माउंट दुकोनो के अलावा माउंट इबू में भी बड़ा विस्फोट हुआ है। उत्तरी मालुकु में स्थित इस ज्वालामुखी में स्थानीय समय के अनुसार आज दोपहर लगभग 1:41 बजे धमाका हुआ, जिससे राख का गुबार आसमान में कई मीटर ऊपर तक फैल गया। पिछले एक हफ्ते में यहां 27 विस्फोट दर्ज किये जा चुके हैं।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, फिलीपींस का माउंट मेयोन और ग्वाटेमाला का फ्यूगो ज्वालामुखी भी अत्यधिक सक्रिय बने हुए हैं, जहां हाल के दिनों में लावा और राख निकलने के कारण अलर्ट जारी किया गया है। अलास्का के शिशाल्डिन और ग्रेट सिटकिन ज्वालामुखियों में भी लगातार हलचल और धीमी गति से लावा का रिसाव जारी है। इसके कारण विमानन सेवाओं के लिए 'येलो' और 'ऑरेंज' कोड लागू किये गये हैं। माउंट दुकोनो पिछले कई महीनों से 'हाई अलर्ट' पर है और इंडोनेशियाई ज्वालामुखी विज्ञान एजेंसियों ने बार-बार पर्यटकों और स्थानीय लोगों को क्रेटर से कम से कम तीन किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी दी है। प्रशांत क्षेत्र के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित इंडोनेशिया में अक्सर ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज करने वाले साहसी पर्यटकों के लिए इस तरह के अचानक विस्फोट बड़ा खतरा बने हुए हैं।</p>
<p>इस त्रासदी के मद्देनजर इंडोनेशियाई अधिकारियों ने शिखर तक जाने वाले सभी ट्रैकिंग मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और प्रतिबंधित क्षेत्र का दायरा बढ़ा दिया है। फिलहाल पूरा ध्यान ढलानों पर मौजूद किसी भी अन्य व्यक्ति को सुरक्षित निकालने और जीवित बचे लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने पर है। मृतकों की पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:52:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘पेट गाला’ ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम: स्टाइलिश परिधानों में कुत्ते-बिल्लियों ने किया रेंप वॉक, लोगों ने बताया-यह मेट गाला से भी ज्यादा दिलचस्प</title>
                                    <description><![CDATA[फैशन की दुनिया में अब 'पेट गाला' का राज है! जहाँ सेलिब्रिटीज नहीं, बल्कि पालतू कुत्ते और बिल्लियां स्टाइलिश गाउन और टक्सीडो में रैंप वॉक करते दिखे। इंटरनेट पर वायरल इस शो को यूजर्स ने मेट गाला से भी अधिक दिलचस्प और प्यारा बताया। इन छोटे सितारों के 'स्वैग' ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pet-gala-created-a-stir-on-social-media-dogs-and/article-153115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pet-gala.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनियाभर में जहां मेट गाला के ग्लैमरस फैशन और सेलिब्रिटी लुक्स की चर्चा हो रही थी, वहीं सोशल मीडिया पर एक अनोखा फैशन शो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया। इस शो का नाम ‘पेट गाला’ था, जिसमें पालतू कुत्ते और बिल्लियां स्टाइलिश परिधानों में रैंप वॉक करते नजर आए। इंटरनेट पर वायरल हुए इस वीडियो ने यूजर्स का खूब मनोरंजन किया और कई लोगों ने इसे मेट गाला से भी ज्यादा दिलचस्प बताया।</p>
<p>इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में पालतू जानवरों को बेहद आकर्षक कपड़ों और एक्सेसरीज में सजाया गया था। किसी ने चमचमाता गाउन पहना था तो कोई बो टाई, टक्सीडो और छोटी टोपी में दिखाई दिया, वहीं दूसरी तरफ बिल्लियां भी सुंदर ड्रेस और मोतियों जैसे आभूषणों में कैमरे के सामने पोज देती दिखाई दी। इस शो में सबसे ज्यादा आर्कषण का केंद्र रहा एक छोटे कुत्ते का अंदाज, जो कि सोशल मीडिया पर खास चर्चा में रहा। उसके लुक की तुलना कई यूजर्स मशहूर हॉलीवुड सितारों के फैशन स्टाइल से करते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में पर्दे के पीछे के मजेदार दृश्य भी दिखाए गए, जहां पालतू जानवरों को गोद में उठाकर तैयार किया जा रहा था।</p>
<p>कई यूजर्स ने वीडियो के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा, “मेट गाला को भूल जाइए, असली मजा पेट गाला में है।” यही लाइन लोगों को इतनी पसंद आई कि वीडियो तेजी से वायरल हो गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:45:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य हालात फिर तनावपूर्ण: दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी के बाद भी युद्धविराम बरकरार, ट्रंप ने कहा- ईरान ने हमसे खिलवाड़ किया</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलीबारी के बावजूद युद्धविराम कायम है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी हमलों को "बचकाना" बताते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की। अमेरिका ने आत्मरक्षा में मिसाइल ठिकानों को ध्वस्त किया, जबकि ईरान ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया। तनाव के बीच शांति वार्ता पर खतरा मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/situation-in-the-strait-of-hormuz-is-tense-again-ceasefire/article-153112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/uni.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि गुरुवार देर रात अमेरिका और ईरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी के बाद भी युद्धविराम बरकरार है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पहले गोली किसने चलाई। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के शीर्ष सैन्य कमान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर आ रहे एक ईरानी तेल टैंकर और एक अन्य पोत को निशाना बनाया और कई तटीय क्षेत्रों पर "हवाई हमले" किए। इस बीच अमेरिका ने कहा कि उसने जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोतों पर ईरानी हमलों का जवाब "आत्मरक्षा" के तौर पर दिया। ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने "आज हमसे खिलवाड़ किया"।</p>
<p>ईरानी सरकारी मीडिया ने शुरू में होर्मुज जलडमरूमध्य में "विस्फोटों" की सूचना दी, जिसे "शत्रुता" के साथ "गोलीबारी" बताया गया। इस बीच, स्थानीय मीडिया ने तेहरान में विस्फोटों की आवाजें सुनने की सूचना दी। इसके कुछ ही समय बाद, ईरान के शीर्ष सैन्य कमान के एक बयान में कहा गया कि अमेरिकी "हवाई हमलों" ने बंदर खमीर, सिरिक और केशम द्वीप के तटों को निशाना बनाया। ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर तत्काल हमला करके जवाबी कार्रवाई की, जिससे "काफी नुकसान" हुआ, और अमेरिका पर "युद्धविराम का उल्लंघन" करने का आरोप लगाया।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने ईरान के हमलों को "बिना किसी उकसावे के" बताया और कहा कि जब अमेरिकी नौसेना के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तब ईरानी सेना ने कई मिसाइलों, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमले किये। सेंटकॉम ने कहा कि उसने "आने वाले खतरों को खत्म कर दिया है और अमेरिकी सेना पर हमला करने के लिए जिम्मेदार ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च स्थल; कमान और नियंत्रण केंद्र; और खुफिया, निगरानी और टोही केंद्र शामिल हैं।" बयान में कहा गया, "सेंटकॉम तनाव बढ़ाना नहीं चाहता है लेकिन अमेरिकी सेना की रक्षा के लिए हर समय तैनात और तैयार है।"ट्रुथ सोशल पर पोस्ट  करते हुए श्री ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने कई छोटी नौकाओं को नष्ट कर दिया जो "वह उसी तरह से समुद्र में गिर गईं, जैसे कोई तितली गिरती है!"</p>
<p>उन्होंने कहा, "ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुँचाया गया है।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने शांति समझौते को लेकर अपनी चेतावनी दोहराई, "जिस तरह हमने आज उन्हें फिर से करारा जवाब दिया है, अगर वे जल्द से जल्द समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तो हम भविष्य में उन्हें और भी बुरी तरह और हिंसक तरीके से हराएँगे!" एक इजरायली सूत्र ने बीबीसी को बताया कि इन हमलों में इजरायल की कोई संलिप्तता नहीं है। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा था कि ईरान में युद्ध "जल्द ही समाप्त हो जाएगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:17:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप को बड़ा झटका : 10% अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क को बताया गलत, कहा- कानूनी रूप से उचित नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका देते हुए 10% वैश्विक आयात शुल्क को अवैध करार दिया। कोर्ट ने फिलहाल राहत सिर्फ वाशिंगटन राज्य और दो आयातकों को दी है। ट्रंप प्रशासन अब फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी में है। ट्रंप ने जजों को “कट्टर वामपंथी” बताया, जबकि नए टैरिफ लाने के संकेत भी दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-blow-to-trump-from-us-court-said-10-temporary/article-153096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वॉशिंगटन। अमेरिकी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कोर्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राष्ट्रपति</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डोनाल्ड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नीति</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बड़ा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">झटका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">देते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हुए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उनके</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हालिया</span> 10% <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अस्थायी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वैश्विक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शुल्क</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गलत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दिया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कोर्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रशासन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगाए</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कानूनी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रूप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उचित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नहीं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">थे।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हालांकि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अदालत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">फिलहाल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शुल्कों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रोक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">केवल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निजी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयातकों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राज्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जबकि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बाकी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयातकों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ये</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लागू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रहेंगे। </span>US <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कोर्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इंटरनेशनल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> 2-1 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बहुमत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">फैसला</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुनाया।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मामले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रशासन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संभावित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अपील</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुनवाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पूरी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">होने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सकते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हैं।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मामले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जांच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जुलाई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पूरी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">होने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संभावना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है। इससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अमेरिकी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सुप्रीम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कोर्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">राष्ट्रीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आपातकाल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कानून</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तहत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगाए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुछ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ग्लोबल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रद्द</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चुका</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है। फैसले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिक्रिया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">देते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हुए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अदालत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 2 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जजों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> “<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कट्टर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वामपंथी</span>” <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बताते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हुए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निशाना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साधा।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वहीं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रशासन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संकेत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हैं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">धारा</span> 301 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तहत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टैरिफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगाने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तैयारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:08:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है ईरान: ट्रंप ने युद्ध 'जल्द' खत्म होने ​का किया दावा, बोले-ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो  फिर शुरू होगी बमबारी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम हेतु 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इसमें परमाणु सुविधाओं को बंद करने और ईंधन आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वैश्विक शांति के लिए यह वार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-is-reviewing-the-american-proposal-trump-claimed-that-the/article-153039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव अभी "समीक्षाधीन" है और ईरान अपने रुख को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को जवाब देगा। ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है। ट्रंप ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और समझौते की संभावना है। मुझे लगता है कि हम जीत गये।" उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उनके प्रयासों के कारण यदि अमेरिकियों को ईंधन कीमतों जैसी अल्पकालिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो वह अस्थायी होगा।</p>
<p>अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन के करीब पहुंच सकता है, जो आगे परमाणु वार्ता के लिए रूपरेखा का काम करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे युद्धविराम लागू हो सके और 30 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दे, ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विवादित मुद्दों पर समाधान निकाला जा सके।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि किसी भी समझौते के तहत ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका भेजना होगा और भूमिगत परमाणु सुविधाएं बंद करनी होंगी। दूसरी ओर, ईरान में इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। ईरानी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने प्रस्ताव को "अमेरिका की इच्छाओं की सूची" बताया, जबकि एक अन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका आवश्यक रियायतें नहीं देता है तो ईरान "कठोर जवाब" देगा जिससे अमेरिका को पछतावा होगा।</p>
<p>ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा, "अमेरिका युद्ध में वह हासिल नहीं कर पाएगा जो वह प्रत्यक्ष वार्ता में नहीं पा सका।" उन्होंने कहा कि ईरान "पूरी तरह तैयार" है। दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता अस्वीकार करता है तो "बमबारी फिर शुरू होगी और पहले से कहीं अधिक तीव्र होगी।" इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत की प्रगति की जानकारी ली।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेतों का स्वागत करता है, लेकिन मध्यस्थ होने के नाते वह बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के प्रयास कर रहा है और यदि अगले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होती है तो यह उसके लिए "सम्मान की बात" होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:20:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पैक्स सिलिका पहल में नॉर्वे आधिकारिक तौर पर शामिल : विविध महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को विकसित करने में निभाएगा अग्रणी भूमिका, अन्निकेन हुइटफेल्ट ने घोषणा-पत्र पर किए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[नॉर्वे ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल होने वाला 15वां देश बन गया है। यह वैश्विक गठबंधन एआई, सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर काम करेगा। अमेरिका समेत भारत, जापान, ब्रिटेन और यूएई जैसे देश इसमें शामिल हैं। सदस्य देश एआई अर्थव्यवस्था, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने तथा चीन जैसी निर्भरताओं को कम करने पर जोर देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/norway-officially-joins-pax-silica-initiative-to-play-leading-role/article-153023"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)29.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और वैश्विक कृत्रिम बुद्धमत्ता (एआई) पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के उद्देश्य से विकसित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन पैक्स सिलिका में नॉर्वे आधिकारिक तौर पर शामिल हो गया है। पैक्स सिलिका के सदस्य के रूप में नॉर्वे विविध महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। अमेरिका में नॉर्वे की राजदूत अन्निकेन हुइटफेल्ट ने वाशिंगटन डीसी में पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही नॉर्वे इस पहल में शामिल होने वाला 15वां देश बन गया है। इस गठबंधन में ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड, भारत, इजराइल, जापान, फिलीपींस, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश पहले से शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अमेरिका और नॉर्वे ने उद्योग और उन्नत तकनीकी मूल्य श्रृंखलाओं के लिए बाजार पहुंच का विस्तार जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। नार्वे के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने कहा, यदि 20वीं सदी तेल और स्टील पर चलती थी, तो 21वीं सदी कंप्यूट और उसे ऊर्जा देने वाले खनिजों पर चलती है। यह ऐतिहासिक घोषणा एक नई आर्थिक सुरक्षा सहमति का स्वागत करती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि गठबंधन के सहयोगी कल के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग तक का निर्माण करें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सदस्य देश ऊर्जा और कच्चे माल से लेकर सेमीकंडक्टर्स, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्रंटियर एआई मॉडल तक पूरी एआई आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही वे अविश्वसनीय आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने और डंपिंग जैसी अनुचित व्यापार प्रथाओं का मुकाबला करने पर भी काम कर रहे हैं। हेलबर्ग ने इस घोषणा को एक नई आर्थिक सुरक्षा सहमति बताया, जो कल की एआई अर्थव्यवस्था को सामूहिक रूप से आकार देने के लिए समान विचारधारा वाले सहयोगियों को एक साथ लाती है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हस्ताक्षरकर्ता देश उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच साझा करने, संवेदनशील ढांचे की रक्षा करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला बनाने के लिए निजी क्षेत्र की रचनात्मकता और पूंजी का लाभ उठाने पर सहमत हुए हैं। दूसरी ओर, ताइवान ने औपचारिक हस्ताक्षरकर्ता न होने के बावजूद, अमेरिका-ताइवान आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक अलग संयुक्त बयान के माध्यम से इस घोषणा के सिद्धांतों का समर्थन किया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 16:01:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फ्रांस-भारत ने 'विला स्वागतम' रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण के शुरू होने की घोषणा, सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी दूतावास ने भारत और फ्रांस के बीच कलात्मक आदान-प्रदान के लिए 'विला स्वागतम' 2026-27 की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकार, लेखक और शोधकर्ता एक-दूसरे के देशों में रहकर नवाचार करेंगे। 31 मई 2026 तक आवेदन खुले हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों और रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-india-announce-the-start-of-the-fourth-edition-of-villa/article-152997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/india-and-france.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। भारत में फ्रांसीसी संस्थान और फ्रांसीसी दूतावास ने 'विला स्वागतम' क्रॉस-रेजीडेंसी कार्यक्रम के चौथे संस्करण की शुरुआत की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य फ्रांस और दक्षिण एशिया के बीच सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026-2027 की रेजीडेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम भारतीय और फ्रांसीसी कलाकारों, लेखकों, अनुवादकों, डिजाइनरों, विद्वानों और रचनात्मक पेशेवरों को फ्रांस और दक्षिण एशिया के विभिन्न संस्थानों में रहने और सीखने के अवसर प्रदान करता है।</p>
<p>साल 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से, विला स्वागतम एक प्रमुख भारत-फ्रांसीसी सांस्कृतिक पहल के रूप में विकसित हुआ है, जो साहित्य, दृश्य कला, शिल्प, डिजाइन और अनुसंधान के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देता है। यह कार्यक्रम एक से तीन महीने की रेजीडेंसी प्रदान करता है और पारस्परिकता के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके तहत दोनों देशों के प्रतिभागियों को एक साझा ढांचे के भीतर एक-दूसरे के देशों में मेजबानी प्रदान की जाती है।</p>
<p>भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथु ने इस पहल को एक ऐसे मंच के रूप में वर्णित किया जो रचनाकारों को संस्कृतियों, प्रथाओं और विचारों के बीच सेतु बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि नया संस्करण ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ (इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026) के हिस्से के रूप में विशेष महत्व रखता है। पिछले तीन संस्करणों में, विला स्वागतम ने लगभग 100 प्रतिभागियों का समर्थन किया है और विभिन्न कलात्मक और साहित्यिक क्षेत्रों में सहयोग की सुविधा प्रदान की है। कई प्रतिभागियों ने इंडिया आर्ट फेयर, <br />कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले और केरल साहित्य महोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने काम का प्रदर्शन किया है।</p>
<p>चौथे संस्करण में कई नयी साझेदारियां और रेजीडेंसी प्रारूप पेश किये गये हैं। फ्रांस में, सिरेमिक रेजीडेंसी के लिए 'मुसी डी'आर्ट कंटेम्पोरेन डी लियोन' और बायो-डिज़ाइन एवं टिकाऊ रचनात्मक प्रथाओं से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 'फोंडेशन थैली' के साथ नये सहयोग शामिल हैं। ला रीयूनियन में एक साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जबकि 'इंस्टीट्यूट डी'एट्यूड्स एवांसी डी नान्तेस' मानविकी और समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक नई शोध रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा।</p>
<p>दक्षिण एशिया में, यह कार्यक्रम पत्थर और संगमरमर आधारित कलात्मक प्रथाओं के लिए 'स्टोनएक्स ग्लोबल', साहित्य के लिए नयी दिल्ली में 'रेड हाउस' और कला एवं शिल्प के लिए बांग्लादेश में 'कॉसमॉस फाउंडेशन' के साथ साझेदारी के माध्यम से विस्तार कर रहा है। विला स्वागतम पहली बार भूटान तक भी पहुंचेगा, जहां 'वास्ट भूटान' एक ग्राफिक उपन्यासकार रेजीडेंसी की मेजबानी करेगा। भारत के कई शहरों में एक अभिनव और भ्रमणशील साहित्यिक रेजीडेंसी भी शुरू की गई है, जिससे एक प्रतिभागी विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा कर सकेगा और विविध समुदायों तथा सांस्कृतिक संदर्भों के साथ जुड़ सकेगा।वर्तमान में इस कार्यक्रम में भारत, श्रीलंका, बंगलादेश, भूटान और फ्रांस में 30 से अधिक भागीदार रेजीडेंसी शामिल हैं, जो साहित्य, कविता, अनुवाद, ग्राफिक उपन्यास, नृत्य, कपड़ा, सिरेमिक, कांच कला और क्यूरेटोरियल अभ्यास जैसे विषयों को कवर करते हैं। विला स्वागतम को 'इंस्टीट्यूट फ्रैंकैस' का समर्थन प्राप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 13:02:18 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा: जल्द खत्म हो सकता है युद्ध, समझौते को लेकर ईरान के साथ बातचीत सफल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई है। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के अनुसार, पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बाद अब एक स्थायी शांति संधि की प्रबल संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने को लेकर ईरान के साथ अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका की ईरान के साथ उस युद्ध को खत्म करने को लेकर बहुत अच्छी बातचीत हुई है, जो दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लें।" ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका अभी ईरान को छोड़ देता है, तो देश को फिर से खड़ा होने में 20 साल लग जाएँगे, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के हमलों से उसे भारी नुकसान पहुँचा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तानी विपक्षी नेता अचकज़ई का बड़ा ऐलान: अफगानिस्तान के साथ बातचीत का किया आह्वान, बोले-पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंध राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं की जड़</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के विपक्षी नेता महमूद खान अचकज़ई ने सरकार से अफगानिस्तान के साथ तत्काल वार्ता बहाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पड़ोसी देश के साथ बिगड़ते संबंधों और आर्थिक गलतियों के कारण पाकिस्तान का निर्यात बाजार बर्बाद हो रहा है। अचकज़ई के अनुसार, आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय शांति के लिए नीतियों में सुधार अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-economic-crisis-pakistani-opposition-leader-achakzai-made-a/article-152834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mahmood-khan-achakzai.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता और पश्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) के अध्यक्ष महमूद खान अचकज़ई ने सरकार से अफगानिस्तान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंध एवं राजनीतिक गलत अनुमान पाकिस्तान की आर्थिक समस्याओं को और बढ़ा रहे हैं। यह जानकारी बुधवार को अफ़गान समाचार पोर्टल एरियाना न्यूज़ ने दी।</p>
<p>रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि श्री अचकज़ई का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक कठिनाइयों की जड़ें सरकार की उन गलत नीतियों में निहित हैं जिनके कारण अफगानिस्तान एक आर्थिक साझेदार नहीं रहा है, जो हाल तक पाकिस्तानी वस्तुओं के लिए एक प्रमुख निर्यात बाजार था।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, श्री अचकज़ई ने कहा कि अफगानिस्तान अभी भी पाकिस्तानी सामानों में बहुत रुचि रखता है और उन्होंने बल देकर कहा कि इस्लामाबाद की नीतियों ने उसके अपने आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाया है। खबरों के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व से आर्थिक दबावों एवं क्षेत्रीय अस्थिरता दोनों से निपटने के लिए संवाद और अपनी नीतियों में सुधार करते हुए व्यावहारिक समाधान खोजने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:35:04 +0530</pubDate>
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