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                <title>दुनिया - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ट्रंप का दावा : होर्मुज जलडमरूमध्य फिर कभी बंद न करने पर ईरान सहमत, कहा- दुनिया के लिए एक महान और शानदार दिन</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को कभी बंद नहीं करेगा, जबकि तेहरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहने पर बंद करने की चेतावनी दी। ट्रंप बोले—जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। वहीं ईरान ने आवागमन को अपनी अनुमति से जोड़ दिया। तनाव के बीच नए नियम लागू, सैन्य जहाजों पर रोक बरकरार।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trump-claims-iran-has-agreed-to-never-close-the-strait/article-150899"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/trump.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर कभी बंद न करने पर सहमत हो गया है जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखता है, तो वह जलडमरूमध्य को बंद कर देगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, अब इसका (होर्मुज का) इस्तेमाल दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में नहीं किया जाएगा। दुनिया के लिए एक महान और शानदार दिन। दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर ग़ालिबाफ़ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन तेहरान की अनुमति से ही होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईरान की यह चेतावनी ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटों बाद आयी है, जिसमें उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और व्यापार के लिए तैयार है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से बहुत खुश हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, चीन में राष्ट्रपति शी से हमारी मुलाकात विशेष और संभवत: ऐतिहासिक होगी। मैं राष्ट्रपति शी के साथ मुलाकात के लिए उत्सुक हूं, इसमें बहुत कुछ हासिल किया जाएगा। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रम्प 14 से 15 मई तक चीन की यात्रा पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने यह भी घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और सभी जहाजों के आवागमन के लिए तैयार है। ट्रम्प ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और सभी जहाजों के आवागमन के लिए तैयार है लेकिन ईरान के संबंध में नौसैनिक नाकाबंदी तब तक लागू रहेगी, जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति समाप्त होने के बाद, उन्हें नाटो से मदद की पेशकश करते हुए एक कॉल आया था। ट्रम्प ने कहा, मैंने उनसे दूर रहने को कहा था, जब तक कि वे सिर्फ अपने जहाजों में तेल भरना न चाहें। जरूरत पड़ने के समय वे काम नहीं आये, एक कागजी शेर हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर को उनकी महान बहादुरी और मदद के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यह समझौता किसी भी तरह से लेबनान से जुड़ा नहीं है। ज्लेकिन हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका की मदद से सभी समुद्री बारुदी खदानें हटा दी हैं या फिर वह हटा रहा है। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया पर फिर से हमला करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। वे ईरान की स्थिति पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करने का बहाना ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें मिल नहीं रहा। वे सही समय पर बस इतना क्यों नहीं कह देते, राष्ट्रपति महोदय, आपने अच्छा काम किया है, और वे अपनी विश्वसनीयता वापस हासिल करना शुरू कर दें। इसी से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) नौसेना ने एक बयान जारी कर जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन के संबंध में एक नया आदेश जारी किया है। नये आदेश के अनुसार, नागरिक जहाज केवल ईरान द्वारा निर्धारित मार्ग से ही गुजर सकेंगे, सैन्य जहाजों का जलडमरूमध्य से गुजरना अभी भी प्रतिबंधित रहेगा, आवागमन केवल आईआरजीसी नौसेना की अनुमति से ही संभव है और युद्धक्षेत्र में शांति के दौरान और लेबनानी युद्धविराम लागू होने के बाद कोई भी आवागमन समझौते के अनुरूप ही होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:06:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>ईरान की चेतावनी : अमेरिका ने अगर बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी, तो वह फिर बंद कर देगा होर्मुज</title>
                                    <description><![CDATA[बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रही तो होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद किया जाएगा। संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि आवाजाही ईरान की अनुमति से होगी। आईआरजीसी ने नया आदेश जारी कर नागरिक जहाजों के लिए तय मार्ग अनिवार्य किया, जबकि सैन्य जहाजों पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-warning-that-america-will-close-hormuz-again-if-it/article-150888"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)19.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तेहरान। ईरान ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी तो वह एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर देगा। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक्स पर कहा कि इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले यातायात का संचालन ईरान की अनुमति से ही किया जायेगा। ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के कुछ घंटों बाद आयी है, जिसमें उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला और व्यापार के लिए तैयार है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि ईरान ने भी यह घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है। ट्रम्प ने कहा था, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और व्यापार एवं पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन जहां तक ईरान का संबंध है, नौसैनिक नाकेबंदी तब तक प्रभावी और लागू रहेगी, जब तक ईरान के साथ हमारा लेनदेन शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने बयान जारी कर इस जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने के संबंध में नया आदेश घोषित किया है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आदेश के अनुसार, नागरिक जहाज केवल ईरान की ओर से निर्धारित मार्ग से ही गुजरेंगे। सैन्य जहाजों के जलडमरूमध्य से गुजरने पर अब भी प्रतिबंध रहेगा। आवाजाही केवल आईआरजीसी नौसेना की अनुमति से ही संभव होगी और कोई भी गतिविधि युद्ध क्षेत्र में शांति की अवधि के समझौते और लेबनानी संघर्ष विराम के कार्यान्वयन के अनुरूप ही होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 14:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान बातचीत के अच्छे परिणाम की उम्मीद : समझौते तक पहुंचने के लिए कुछ ही मतभेदों को सुलझाना बाकी, ट्रंप ने कहा- कई अच्छी बातें हो रही</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि समझौते के लिए अब केवल कुछ मतभेद सुलझाने बाकी हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि हालिया हमलों और तनाव के बीच वार्ता जारी है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/expecting-a-good-outcome-of-us-iran-talks-only-a-few/article-150865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ बातचीत के अच्छे परिणाम की उम्मीद है और उन्हें विश्वास है कि समझौते तक पहुंचने के लिए अब कुछ ही मतभेदों को सुलझाना बाकी है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, बातचीत जारी है और सप्ताहांत में भी जारी रहेगी, और कई अच्छी बातें हो रही हैं। उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा को बहुत अच्छी बताया और उम्मीद जताई कि यह सिलसिला बहुत अच्छा बना रहेगा। अमेरिकी नेता ने कहा कि ईरान के साथ सभी मतभेद सुलझ जाने चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि कोई बहुत महत्वपूर्ण मतभेद बचे हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के अधिकांश बिंदुओं पर बातचीत हो चुकी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रंप ने एरिजोना में कंजरवेटिव टर्निंग पॉइंट के एक कार्यक्रम में कहा, इस प्रक्रिया में हम अच्छे से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कौन जानता है? किसी के साथ भी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन ईरान के साथ तो और भी ज्यादा। यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए, और ज्यादातर मुद्दों पर पहले ही बातचीत हो चुकी है और सहमति बन चुकी है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को तेहरान समेत ईरान में ठिकानों पर हमले किए, जिससे नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इ•ारायली क्षेत्र और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वाशिंगटन और तेहरान ने 7 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामाबाद में हुई बाद की बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। हालांकि शत्रुता की पुन: शुरुआत की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:34:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान ने खोला होर्मुज स्ट्रेट : सीजफायर की शेष अवधि में गुजर सकेंगे वाणिज्यिक जहाज, ट्रम्प ने कहा- शुक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[लेबनान संघर्षविराम के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया। अमेरिका ने स्वागत किया, पर समझौता पूरा होने तक घेराबंदी जारी रखने की बात कही। इस कदम से वैश्विक समुद्री व्यापार को राहत मिली, जबकि शांति संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में 10–11% तक तेज गिरावट दर्ज की गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-opened-the-strait-of-commercial-ships-will-be/article-150859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)14.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तेहरान। ईरान ने घोषणा की है कि लेबनान में लागू संघर्ष विराम के मद्देनजर, होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम की शेष अवधि के दौरान सभी व्यापारिक जहाजों के लिए यह मार्ग खुला रहेगा। यह आवागमन ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से निर्धारित और समन्वित मार्ग के माध्यम से संचालित किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौता पूरा होने तक ईरान की घेराबंदी जारी रहेगी : ट्रम्प</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फैसले का स्वागत किया। ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ पर धन्यवाद लिखते हुए कहा कि यह जलमार्ग अब व्यापार और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है। हालांकि, राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी तब तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी, जब तक कि ईरान के साथ होने वाला समझौता 100 प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होगी क्योंकि अधिकांश बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समुद्री व्यापार सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईरान का यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुचारू बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक है, और यहां से आवाजाही बहाल होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग उद्योग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हमने जो नष्ट की वह परमाणु धूल अमेरिका लेगा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईरान के साथ परमाणु समझौते और लेबनान संकट पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उन सभी परमाणु धूल को अपने कब्जे में लेगा जिन्हें बी-2 बमवर्षकों ने नष्ट किया था और इस सौदे में किसी भी तरह के धन का लेन-देन नहीं होगा। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि यह धूल कहां पर है और उसे कैसे कब्जे में लिया जाएगा।<span>  </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अब लेबनान में बमबारी नहीं करेगा इजरायल</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span> </span>उन्होंने लेबनान में शांति की घोषणा करते हुए कहा कि इजरायल अब वहां बमबारी नहीं करेगा और अमेरिका ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने हिजबुल्लाह की स्थिति से निपटने के लिए लेबनान के साथ अलग से काम करने की बात भी कही। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उधर ईरान और अमेरिका के बीच शांति की इन संभावनाओं और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की खबर का वैश्विक तेल बाजार पर तत्काल असर पड़ा और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड 10 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 89.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 11 प्रतिशत टूटकर 84.11 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 10:37:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम का किया समर्थन, इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का समर्थन करते हुए नागरिक सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने और इजरायल से संप्रभुता का सम्मान करने को कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का अवसर बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-president-emmanuel-macron-supports-israel-lebanon-ceasefire-israel-must-stop/article-150840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम का 'पूर्ण समर्थन' किया है। मैक्रों ने हालांकि इस समझौते को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है। मैं सीमा के दोनों ओर नागरिक आबादी की सुरक्षा की अपील करता हूँ। हिजबुल्लाह को अपने हथियारों का त्याग करना चाहिए और इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए।"</p>
<p>इजरायल और लेबनान दोनों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर' बताया है। यह समझौता फिलहाल दस दिनों के लिए है, जिसे बातचीत में प्रगति होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी मुख्य प्रावधानों के अनुसार, इजरायल के पास किसी भी संभावित हमले के खिलाफ 'आत्मरक्षा में सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार' सुरक्षित रहेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों को रोकना होगा। साथ ही देश की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनानी सुरक्षा बलों की होगी।</p>
<p>दोनों पक्षों ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। इजरायल ने इस युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में एक 'सद्भावना संकेत' बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इसमें शामिल होने के संकेत दिए हैं, लेकिन उसने हमलों को पूरी तरह रोकने और इजरायली सैनिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्षविराम का स्वागत करते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बढ़ती महंगाई के बीच ट्रंप ने किया अपनी आर्थिक नीतियों का बचाव, ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में अस्थायी वृद्धि का परिणाम बताया</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लास वेगास में अपनी आर्थिक नीतियों का बचाव किया। उन्होंने 0.9% की महंगाई को 'अल्पकालिक' बताते हुए ऊर्जा संकट को इसका कारण माना। ट्रंप ने 'नो टैक्स ऑन टिप्स' नीति के फायदों को गिनाते हुए कहा कि इससे करोड़ों श्रमिकों को लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी बचत बढ़ी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-rising-inflation-trump-defended-his-economic-policies-and-said/article-150838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच गुरुवार को लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार के आर्थिक रिकॉर्ड का बचाव किया। श्रम विभाग की हालिया रिपोर्ट में पिछले महीने महंगाई में 0.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई गई है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे बड़ी उछाल है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस रिपोर्ट की सत्यता पर संदेह जताते हुए इसे ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में अस्थायी वृद्धि का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "यह मत भूलिए कि ईंधन और ऊर्जा की कीमतों के कारण हमें कुछ 'फर्जी महंगाई' का सामना करना पड़ रहा है।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ये बढ़ी हुई कीमतें 'अल्पकालिक' हैं और उन्होंने अमेरिकियों से आने वाले सप्ताह के घटनाक्रमों पर नजर रखने का आग्रह किया।</p>
<p>गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में ईरान के जवाबी हमलों के बाद ईंधन की कीमतों में यह उछाल आया था, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला तेल व्यापार प्रभावित हुआ था। हालांकि, ट्रंप द्वारा शांति वार्ता के दौरान संघर्ष पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा के बाद ऊर्जा बाजारों में कुछ राहत देखी गई है। उल्लेखनीय है कि आम जनता के लिए खर्चों को वहन करने योग्य बनाना ट्रंप के 2024 के राष्ट्रपति अभियान का मुख्य आधार था। आगामी मध्यावधि चुनावों में भी जीवन यापन की लागत से जुड़ी चिंताएं बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।</p>
<p>लास वेगास के इस कार्यक्रम में सरकार की 'नो टैक्स ऑन टिप्स' नीति पर प्रकाश डाला गया। इसे पिछले साल के 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' के तहत लागू किया गया था, जो सेवा उद्योग की 60 से अधिक नौकरियों में मिलने वाली बख्शीश पर संघीय कर को समाप्त करता है।<br />इस गोलमेज बैठक में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, सांसद टॉमी ट्यूबरविल और नेवादा के लेफ्टिनेंट गवर्नर स्टावरोस एंथोनी भी शामिल हुए। अकेले लास वेगास में कैसीनो डीलर, बारटेंडर और अन्य कर्मचारियों सहित लगभग 1,80,000 श्रमिकों को इस कानून का लाभ मिल रहा है। ट्रंप ने कहा कि यह कानून सालाना 1.50 लाख डॉलर से कम कमाने वाले श्रमिकों के लिए अतिरिक्त कटौती प्रदान करता है। उन्होंने दावा किया कि 2.6 करोड़ से अधिक अमेरिकी इस लाभ का फायदा उठा चुके हैं। स्थानीय मीडिया ने ट्रंप के हवाले से कहा, "हमारी टैक्स नीतियों के कारण इस सप्ताह हर आय स्तर के अमेरिकी की जेब में अधिक पैसा है और हमें मध्यावधि चुनाव जीतना है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 17:42:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सर्गेई लावरोव ने की कूटनीतिक रवैये की आलोचना, बोले- वादाखिलाफी की आदत छोड़ बातचीत को प्राथमिकता दे अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दे। रूस ने आरोप लगाया कि अमेरिका समझौतों से पीछे हटकर सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता जारी है, जबकि रूस ने ईरान की सैन्य शक्ति का समर्थन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sergei-lavrov-criticized-the-diplomatic-attitude-said-give-up/article-150753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sergei-lavrov.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के कूटनीतिक रवैये की आलोचना करते हुए गुरुवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन को विरोधी सरकारों के साथ टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देनी चाहिए। लावरोव ने कहा कि जब भी अमेरिका को कोई सरकार पसंद न आए तो उसे 'बातचीत के ज़रिए' शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देश अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार रहते हैं और अब तक किसी देश ने अमेरिका के साथ बैठकर बात करने से इनकार नहीं किया है।</p>
<p>सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने कई बार वादों से पांव वापस खींचे हैं। उन्होंने कहा, "वह अमेरिका ही था जिसने पहले समझौते किए और फिर उनसे पलट गया।" लावरोव की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आयी हैं जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। रूस की सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल वर्तमान बातचीत के प्रयासों के पीछे ईरान में सेना उतारने की तैयारी कर रहे हो सकते हैं।</p>
<p>रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, परिषद ने पाया है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति में इजाफा हुआ है। रूस ने ईरान की रक्षा क्षमताओं पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ईरान के पास इतनी सैन्य ताक़त है कि वह अमेरिका या इज़रायल की किसी भी संभावित आक्रामकता का जवाब दे सके। इन चेतावनियों के बावजूद, कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष बातचीत अभी भी चल रही है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के संदेश पहुंचाने और आगे की बातचीत को आसान बनाने के लिए ईरान में है। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की। यह बातचीत इस्लामाबाद में हुए पिछले दौर के बाद रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशों का हिस्सा थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:17:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इज़रायल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू : ट्रंप का दावा-सैन्य अभियानों को रोकने पर दोनों देश सहमत, जानें सीजफ़ायर पर कितने दिनों की बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान 10 दिनों के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं। इसका उद्देश्य स्थायी शांति वार्ता के लिए मार्ग प्रशस्त करना है। हालांकि, आईडीएफ ने पिछले 24 घंटों में 380 हमले किए हैं। ट्रंप ने इसे एक शानदार मौका बताते हुए दोनों नेताओं को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ceasefire-between-israel-and-lebanon-is-in-force-trumps-claim/article-150769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-17,-2026,-12_18_30-pm.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल और लेबनान 10 दिनों के लिए संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, जो पूर्वी समय अनुसार 16 अप्रैल शाम पांच बजे (भारतीय समयानुसार 17 अप्रैल तड़के 3.30 बजे) से प्रभावी हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा, "लेबनान के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन हो सकता है। अच्छी चीजें हो रही हैं।" डोनाल्ट ट्रंप ने फिर से दावा किया कि उन्होंने दुनिया भर में नौ युद्धों को सुलझाया है और यह दसवां होगा। उन्होंने कहा, "तो चलिए इसे पूरा करते हैं।"</p>
<p>इस अस्थायी युद्धविराम का उद्देश्य स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत के लिए अवसर प्रदान करना है। यह समझौता ट्रंप द्वारा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन के साथ चर्चा के बाद कराया गया था। समझौते के अनुसार, इजरायल और लेबनान आक्रामक सैन्य अभियानों को रोकने पर सहमत हुए हैं। लेबनान ने हिजबुल्लाह को हमले करने से रोकने के लिए सार्थक कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस अवधि के दौरान इजरायली बल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर के 'सुरक्षा क्षेत्र' में बने रहेंगे।</p>
<p>भले ही युद्धविराम आधिकारिक तौर पर प्रभावी है लेकिन लेबनानी सेना ने आज सुबह दक्षिणी गांवों में इजरायल द्वारा कई हमलों की सूचना दी। इस बीच, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों के दौरान लेबनान में हिजबुल्लाह के 380 से अधिक ठिकानों पर हमला किया। हिजबुल्लाह ने कहा कि वे तभी तक संघर्षविराम का 'पालन' करेंगे जब तक इजरायली हमले बंद रहेंगे।<br />यह संघर्षविराम एक व्यापक क्षेत्रीय राजनयिक प्रयास का हिस्सा है जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच अलग से चल रहा दो सप्ताह का युद्धविराम भी शामिल है।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि हिजबुल्लाह इस महत्वपूर्ण समय के दौरान 'शालीनता और अच्छे से' व्यवहार करेगा। उन्होंने कहा, "अगर वे ऐसा करते हैं तो यह उनके लिए एक शानदार पल होगा। अब और हत्याएं नहीं। अंततः शांति होनी चाहिए!" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बीबी नेतन्याहू के साथ 'बेहतरीन बातचीत' हुई। उन्होंने कहा कि मंगलवार को दोनों देशों के नेताओं ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ वाशिंगटन में 34 वर्षों में पहली बार मुलाकात की।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और श्री रुबियो को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन रातिन केन के साथ मिलकर इजरायल और लेबनान के साथ स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए काम करने का निर्देश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इजरायली प्रधानमंत्री और लेबनान के राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस में 1983 के बाद पहली 'सार्थक बातचीत' के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा, "दोनों पक्ष शांति चाहते हैं और मेरा मानना है कि यह जल्द ही होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 12:17:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर किए हवाई हमले :  24 घंटों में 380 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना, मुख्यालय और लॉन्चर भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[IDF ने पिछले 24 घंटों में बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए लेबनान में हिज्बुल्लाह के 380 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। दक्षिणी लेबनान में जारी ऑपरेशनों के समर्थन में किए गए इन हमलों में संगठन के लड़ाके, मुख्यालय और लॉन्चर तबाह किए गए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israel-launches-airstrikes-on-targets-in-lebanon-more-than/article-150731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)15.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यरूशलेम। इजरायल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रक्षा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बलों</span> (<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आईडीएफ</span>) <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उसने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पिछले</span> 24 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">घंटों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेबनानी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">शिया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आंदोलन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिज्बुल्लाह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 380 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ठिकानों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हमले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किए। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आईडीएफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टेलीग्राम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कहा</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पिछले</span> 24 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">घंटों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आईडीएफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दक्षिणी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेबनान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सक्रिय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बलों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अभियानों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समर्थन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">करने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिज्बुल्लाह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आतंकवादी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संगठन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 380 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ठिकानों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हमले</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किए। आईडीएफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कहा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हमलों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिज्बुल्लाह</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सदस्यों</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुख्यालयों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लॉन्चरों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निशाना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बनाया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 11:16:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज़ जलड़मरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग : चीनी विदेश मंत्री ने दिया ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और अधिकारों पर ज़ोर</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आग्रह किया है। अमेरिकी नाकेबंदी और ऊर्जा संकट के बीच चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय मांग बताया। तेहरान इस जलमार्ग को 'विशेष संपत्ति' मान रहा है, जबकि तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/opening-of-the-strait-of-hormuz-is-unanimous-demand-of/article-150713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सर्वसम्मत मांग है। वांग ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक ओर जहां ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और एक तटीय राज्य के रूप में उसके वैध अधिकारों के सम्मान की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर इस जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा की गारंटी भी दी जानी चाहिए वांग ने कहा, "इस जलडमरूमध्य से सामान्य आवागमन फिर से बहाल करने के प्रयास अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से एक सर्वसम्मत आह्वान का प्रतिनिधित्व करते हैं।"</p>
<p>वांग ने कहा कि वर्तमान स्थिति युद्ध और शांति के बीच एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक समाधान के लिए अवसर का एक दरवाजा भी खुल रहा है। ईरानी सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक 'विशेष व्यवस्था' परिभाषित करने का आह्वान करते हुए यह तर्क दिया कि यह जलमार्ग तेहरान के लिए एक 'विशेष संपत्ति' है। गौरतलब है कि यह जानकारी राज्य समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दी।</p>
<p>सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने रूस की आरआईए नोवोस्ती को बताया, "उन सभी संपत्तियों की तरह जो अन्य देशों के साथ बातचीत के प्रकार और उसके नियमन के लिए एक साधन के रूप में काम करती हैं, उसी तरह से इस जलमार्ग के लिए भी एक विशेष व्यवस्था परिभाषित की जानी चाहिए।" गौरतलब है कि इस सप्ताह के अंत में पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाए जाने के कारण होर्मुज के रास्ते होने वाला नौवहन बाधित है।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्यतः वैश्विक समुद्री तेल प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा संभालता है लेकिन 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध से उत्पन्न नवीनतम ऊर्जा संकट के केंद्र में वह बना हुआ है। तेहरान ने इसके जवाबी कार्रवाई में इजरायल और उन अन्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने या संपत्तियां मौजूद हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने जैसा कि कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान से और ईरान को होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है। नाकेबंदी के पहले 48 घंटों के दौरान इस क्षेत्र से कोई भी जहाज नहीं गुजरा है।</p>
<p>कमांड ने बताया कि 10 जहाजों ने ईरानी बंदरगाहों या तटीय जलक्षेत्रों की ओर वापस लौटने के आदेशों का पालन किया है। यह नाकेबंदी ईरान के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होती है, जबकि ईरानी बंदरगाहों से दूर रहने वाले जहाजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस नाकेबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव पड़ेगा। इस बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान द्वारा पहले से लगाई गई पाबंदियों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेन की सेना में विदेशी भर्ती का खुलासा: पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों की एंट्री, भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन-पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को सीधे सेना में शामिल किया जा रहा है। भारी वेतन के लालच में आए इन लड़ाकों को अल्प प्रशिक्षण के बाद युद्ध के मैदान में भेजा जा रहा है। रूस ने यूक्रेन पर विदेशी नागरिकों को 'ढाल' बनाने का आरोप लगाया है, जबकि लापता सैनिकों के परिजन संपर्क टूटने से गहरे संकट में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-recruitment-in-ukrainian-army-exposed-questions-raised-on-entry/article-150648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/israel.png" alt=""></a><br /><p>कीव। यूक्रेन के सीमा रक्षक बल पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहे हैं। यूक्रेन और मध्य पूर्व में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक सूत्र ने 'स्पुतनिक' को यह जानकारी दी है। सूत्र के मुताबिक, कोलंबिया से आने वाले लड़ाके पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर पहुँचते हैं, जहाँ से उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बलों में शामिल कर लिया जाता है। बताया जा रहा है कि ये लोग बिना किसी पहले के समझौते के ही यहाँ आते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि सीमा पर पहुँचते ही उन्हें सेना में भर्ती कर लिया जाएगा। लापता कोलंबियाई नागरिकों के परिजनों का कहना है कि उनके लोग सीमा पर पहुँचकर सेना में शामिल तो हो जाते हैं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें युद्ध के मैदान में भेज दिया जाता है। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाता।</p>
<p>इन मध्य अमेरिकी नागरिकों को भारी-भरकम वेतन और अच्छी सुविधाओं का लालच देकर यूक्रेन बुलाया जाता है। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन सरकार पर विदेशी लड़ाकों को 'ढाल' की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। रूस ने चेतावनी दी है कि उसकी सेना शत्रुओं को निशाना बनाना जारी रखेगी। वहीं, कुछ लड़ाकों ने यह शिकायत भी की है कि यूक्रेनी सेना में तालमेल की भारी कमी है, जिससे यहाँ के भीषण युद्ध में बचना अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया के मुकाबले कहीं ज़्यादा मुश्किल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 17:15:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिज़बुल्ला युद्धविराम पर सहमत : इज़रायल को उल्लंघन के खिलाफ दी चेतावनी, युद्धविराम के लिए रखी शर्ते</title>
                                    <description><![CDATA[लेबनान के सैन्य संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल के साथ युद्धविराम पर सहमति जताई है। हिज्बुल्लाह नेता महमूद कोमाती ने स्पष्ट किया कि संगठन तभी पालन करेगा जब इजरायल भी अपनी शर्तों पर टिका रहे। उन्होंने पुराने अनुभवों का हवाला देते हुए 'इजरायली विश्वासघात' के प्रति आगाह किया और फिलहाल दक्षिणी लेबनान में यात्रा न करने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hezbollah-agrees-to-ceasefire-warns-israel-against-violating-conditions-laid/article-150647"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>बेरुत। लेबनान स्थित प्रमुश शिया मुस्लिम राजनीतिक अर्ध सैन्य संगठन हिजबुल्लाह ने युद्धविराम के लिए सहमति व्यक्त की है लेकिन शर्त रखी है कि इजरायल भी इसका पालन करेगा। हिजबुल्लाह की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने यह जानकारी दी है हिजबुल्लाह ने इस शर्त पर इजरायल के साथ युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की है कि दोनों पक्ष इसका पालन करेंगे। उप प्रमुख महमूद कोमाती ने कहा, "हम युद्धविराम पर सहमत हुए, लेकिन हम 2024 के समझौते के अनुभव को दोहराने की अनुमति नहीं देंगे, जहां हमने इसका पालन किया जबकि इजरायली पक्ष अपने दायित्वों से मुकर गया।"</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि हम इजरायली विश्वासघात को लेकर सतर्क हैं और उन्होंने इस समय दक्षिणी लेबनान की यात्रा न करने की सलाह दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:26:11 +0530</pubDate>
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