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                <title>बारां - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अस्पताल या तालाब! बारिश में डूबा अटरू चिकित्सालय परिसर</title>
                                    <description><![CDATA[ नगरपालिका निरीक्षण में खुलासा, बंद नालियां और खराब ड्रेनेज बनीं जलभराव की मुख्य वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/hospital-or-pond--atru-hospital-complex-submerged-in-rainwater/article-162363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)41.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। बरसात आते ही अटरू उपजिला चिकित्सालय में मरीजों के  लिए इलाज से पहले पानी से जूझने की  मजबूरी बन जाती है। अस्पताल परिसर में जमा बारिश का पानी व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, मानो चिकित्सालय नहीं बल्कि तालाब हो। हर वर्ष सामने आने वाली इस समस्या की पड़ताल में जलभराव की असली वजह सामने आई है। नगरपालिका के निरीक्षण में अस्पताल परिसर की नालियों कचरे, मिट्टी और मलबे से बंद मिलीं, जिसके कारण बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए आने वाले लोगों को कई बार पानी भरे रास्तों से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ता है। जलभराव के कारण संक्रमण फैलने और मच्छरों के पनपने का खतरा भी बना रहता है।</p>
<p><strong>हर मानसून में दोहराती है समस्या</strong><br />स्थानीय लोगों के अनुसार अटरू उपजिला चिकित्सालय में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। कई वर्षों से बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती आ रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के प्रमुख सरकारी अस्पताल में जहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा  मिलनी चाहिए, वहीं बरसात के दिनों में परिसर में जमा पानी परेशानी का कारण बन जाता है। </p>
<p><strong>निरीक्षण में बंद मिलीं अस्पताल की नालियां</strong><br />जलभराव की शिकायत मिलने पर नगरपालिका के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी ने स्वास्थ्य निरीक्षक मदनमोहन भार्गव को अस्पताल परिसर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अस्पताल परिसर के अंदर बनी कई नालियां कचरे, मिट्टी और मलबे के कारण पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इसके चलते बारिश का पानी नालियों के माध्यम से बाहर नहीं निकल पा रहा है और परिसर में जमा हो रहा है। निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि अस्पतालपरिसर का स्तर बाहरी सड़क की तुलना में काफी नीचा है, जबकि बाहर की नालियां ऊंची हो चुकी हैं। इसी वजह से बारिश का पानी बाहर निकलने के बजाय अस्पताल परिसर में ही रुक जाता है और जलभराव की स्थिति बन जाती है।</p>
<p><strong>बीसीएमओ ने बताई वर्षों पुरानी समस्या</strong><br />ब्लॉक चिक्रित्सा अधिकारी डॉ. केशवराज नागर ने बताया कि बरसात के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या हर वर्ष सामने आती है। इस संबंध में कई बार नगरपालिका को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने अस्पताल के बाहर स्थित बड़े नालों की सफाई कराने के साथ ही स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता बताई।</p>
<p><strong>सिर्फ सफाई नहीं, स्थायी समाधान की जरूरत</strong><br />कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी ने बताया कि अस्पताल के बाहर स्थित बड़े नालों की पहले भी सफाई करवाई जा चुकी है। यदि जल निकासी की समस्या फिर भी बनी हुई है तो दोबारा निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य निरीक्षक की रिपोर्ट में अस्पताल परिसर की आंतरिक नालियां बंद होने और बाहरी नालियों के ऊंचे स्तर के कारण जल निकासी प्रभावित होने की बात सामने आई है। समस्या के स्थायी समाधाम के लिए अस्पताल परिसर का स्तर ऊंचा करना होगा। साथ ही अंदर की नालियों का पुनर्निर्माण कर उन्हें बाहरी ड्रेनेज सिस्टम से वैज्ञानिक तरीके से जोड़ना जरूरी है।</p>
<p><strong>नागरिकों ने मांगा स्थायी ड्रेनेज सिस्टम</strong><br />स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगरपालिका से मांग की है कि हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या को केवल नालियों की सफाई तक सीमित न रखा जाए। अस्पताल परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि मानसून के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।</p>
<p><strong>इनका  कहना है </strong><br /> बरसात के मौसम में अस्पताल परिसर में हर वर्ष जलभराव की समस्या आती है। प्रत्येक वर्ष नगरपालिका को अवगत कराया जाता है, लेकिन अब तक पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी। अस्पताल के बाहर जाम पड़े बड़े नालों की सफाई कराने तथा अस्पताल के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है ताकि हर मानसून में होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।<br /><strong>- डॉ. केशवराज नागर, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी</strong></p>
<p> अस्पताल के बाहर स्थित बड़े नालों की पूर्व में सफाई करवाई जा चुकी है। यदि फिर भी जल निकासी की समस्या बनी हुई है तो दोबारा निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार नालों की सफाई करवाई जाएगी। स्वास्थ्य निरीक्षक मदनमोहन भार्गव की रिपोर्ट में अस्पताल परिसर की आंतरिक नालियां बंद होने तथा बाहरी नालियों के ऊंचे स्तर के कारण जल निकासी प्रभावित होने की बात सामने आई है।<br /><strong>- योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका अटरू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 14:56:53 +0530</pubDate>
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                <title>राजपुर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में रिक्त पदों ने बिगाड़ी शिक्षा व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश में टपकती छत व जलभराव से विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/vacant-posts-disrupt-education-system-at-rajpur-s-mahatma-gandhi-government-school/article-161559"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)19.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। राजपुर कस्बे के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी और आधारभूत सुविधाओं के अभाव के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई कक्षा पहली से बारहवीं तक संचालित इस विद्यालय में 407 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन शिक्षकों के स्वीकृत 22 पदों में से केवल 10 शिक्षक ही कार्यरत हैं। 12 पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बारिश के मौसम में भवन की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या ने विद्यार्थियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शिक्षकों की कमी अब विद्यार्थियों के भविष्य पर असर डालने लगी है।<br /> <br />विद्यालय में कक्षा पहली से बारहवीं. तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रहीं है। कई कक्षाओं में एक ही कमरे में दो-दो कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते कुछ कक्षाओं का पाठ्यक्रम समय पर शुरू नहीं हो पाया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो इसका असर परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>रिक्त पद भरने की मांग</strong><br />क्षेत्र के लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। अब सभी की नजर शिक्षा विभाग पर है कि कब तक इस समस्या का समाधान कर बच्चों को राहत दी जाती है।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों ने बताई समस्याएं</strong><br />विद्यालय के छात्र-छात्राओं योगेश प्रजापति, सोनम सहरिया, चंदू ओझा, मुकेश ओझा, विशाल प्रजापत, बिट्ट कश्यप, पूजा कुमारी और चन्ना कश्यप सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि कई कक्षाओं का सिलेबस अभी तक पूरा शुरू नहीं हुआ है, जिससे परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंता बनी हुई है।</p>
<p><strong>प्रिंसिपल के प्रयासों से सुविधाओं में हुआ सुधार</strong><br />विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में पहले पेयजल, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। लेकिन प्रधानाचार्य भूदेव व्यास के कार्यभार संभालने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। विद्यालय में पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई और ऑनलाइन कक्षाओं जैसी सुविधाओं को बेहतर किया गया है।</p>
<p><strong>बारिश में टपकती छत, परिसर में जलभराव</strong><br />बरसात के दिनों में विद्यालय भवन की स्थिति और खराब हो जाती है। छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है। वहीं परिसर में पानी भरने से विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। पर्याप्त कक्षों की कमी के कारण भी शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br /> विद्यालय में अध्यापकों के रिक्त पदों के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षा विभाग को विद्यालय में अध्यापक लगाने चाहिए।<br /><strong>-पूर्ति ओझा, छात्रा</strong></p>
<p>विद्यालय में कक्षा कक्षा का अभाव है। एक-एक भवन में दो-दो क्लास संचालित होती हैं। शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।<br /><strong>- योगेश प्रजापति, छात्र</strong></p>
<p>विद्यालय में बारिश होते ही जलभराव होजाता है। प्रार्थना और खेलने में परेशानी होती है। पानी निकासी की समस्या है। अध्यापक भीलगाने चाहिए।<br /><strong>अंजली कुमारी जाटव,छात्रा</strong></p>
<p> विद्यालय में कई मूलभूत सुविधाओं काअभाव था। स्कूल प्रिंसिपल ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कारवाई है लेकिन अध्यापकों के पद रिक्त होने के चलते शिक्षण व्यवस्था में बेपटरी हो रही है।<br /><strong>- मुकेश ओझा, छात्र</strong></p>
<p> शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है फिलहाल कुछ शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन कई बार सरकारी बैठकों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के कारण शिक्षकों को बाहर जाना पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। विद्यालय में अध्यापकों के पद रिक्त हैं इस संबंध में शिक्षा विभाग की उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिया है।<br /><strong>- भूदेव व्यास, प्रिंसिपल, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, राजपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 14:57:19 +0530</pubDate>
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                <title>सुवास पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था फेल, गांवों में गंदगी बनी मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[ नालियों की सफाई और कचरा संग्रहण की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/sanitation-system-fails-in-suvas-panchayat--filth-in-villages-becomes-a-major-issue/article-161428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>किशनगंज। केंद्र एवं  राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत भले ही स्वच्छत को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हों, लेकिन किशनगंज पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुवास में जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। ग्राम ग्राम सुवास, नयागांव सहित पंचायत क्षेत्र के कई गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्वच्छता अभियान के तहत लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था प्रभावी दिखाई नहीं दे रही है।</p>
<p><strong>निर्देशों के बाद भी हालात जस के तस</strong><br />ग्रामीणों के अनुसार पंचायत समिति के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इससे पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।</p>
<p><strong>मंत्री के निर्देशों की नहीं हो रही पालना</strong><br />स्वच्छता को लेकर दिए जा रहे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की प्रभावी पालना नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की है कि गांवों में नियमित सफाई कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नालियों की समय पर सफाई कराई जाए और स्वच्छ भारत मिशन के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सुवास गांव के मुख्य सड़क पर नालिया निर्माण नहीं होने से पानी सड़क पर बहता रहता है। गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।<br /><strong>-लेखराज, ग्रामीण</strong></p>
<p>बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। घरों के सामने गंदगी और पानी भरने से मच्छर, मक्खी पैदा होने से बच्चो और बुजुर्गों के बीमार होने का डर बना रहता है।<br /><strong>-सुनील, ग्रामीण</strong></p>
<p>स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आता है। गांव में नियमित सफाई हो और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।<br /><strong>- गौरव, ग्रामीण</strong></p>
<p>गांव का निरीक्षण कर नाली निर्माण, कचरा संग्रहण, नियमित सफाई को लेकर ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है।<br /><strong>- नवल किशोर मीणा,कार्यवाहक विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:11:28 +0530</pubDate>
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                <title>नाहरगढ़ बस स्टैंड पर बदहाल शौचालय, गंदगी-दुर्गंध से यात्री परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर, पुष्कर और गुना तक बसों का संचालन, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/dilapidated-toilets-at-nahargarh-bus-stand--passengers-distressed-by-filth-and-foul-odor/article-161099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>नाहरगढ़। नाहरगढ़ स्थानीय बस स्टैंड पर व्याप्त अव्यवस्थाएं और मूलभूत सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। नियमित सफाई के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परिसर में पानी भराव रहता है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। हालात ऐसे हैं कि यात्रियों का बस स्टैंड पर ठहरना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। नाहरगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र का प्रमुख परिवहन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन अजमेर, पुष्कर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों तथा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के गुना के लिए रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता है।<br /> दिनभर यात्रियों की आवाजाही के साथ आरोग्य सेवकों की भी आवाजाही आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद शौचालय की दुर्दशा लगातार बनी हुई है। रात्रि विश्राम करने वाले बस चालक-परिचालकों कहना है कि रात में रुकने की व्यवस्था तो किसी तरह हो जाती है, लेकिन शौचालय की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p><strong>महिला, बच्चे और बुर्जग सबसे अधिक परेशान</strong><br />सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाली महिलाओं को स्वच्छ प्रसाधन सुविधा नहीं मिलने से मानसिक और शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और नियमित यात्रियों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।</p>
<p>जल्द ही सफाई एवं मरम्मत कार्य पूर्ण करवाकर यात्रियों को राहत प्रदान की जाएगी। <br /><strong>-गौरव चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी, नाहरगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:28:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सोते युवक पर हमला : युवक के सिर में धंसी कुल्हाड़ी, निकालने की प्रक्रिया बनी जोखिम भरी</title>
                                    <description><![CDATA[बारां जिले के भंवरगढ़ कस्बे में सोते हुए एक युवक पर अज्ञात हमलावर ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में कुल्हाड़ी युवक के सिर में गहराई तक धंस गई। गंभीर हालत में युवक को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया। पुलिस के अनुसार भंवरगढ़ निवासी रामजीलाल सहरिया शनिवार देर रात  घर में सो रहे था रात करीब 2.30 बजे अज्ञात व्यक्ति ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/attack-on-sleeping-youth-the-process-of-removing-the-ax/article-159656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)31.png" alt=""></a><br /><p>भंवरगढ़। बारां जिले के भंवरगढ़ कस्बे में सोते हुए एक युवक पर अज्ञात हमलावर ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में कुल्हाड़ी युवक के सिर में गहराई तक धंस गई। गंभीर हालत में युवक को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार भंवरगढ़ निवासी रामजीलाल सहरिया शनिवार देर रात  घर में सो रहे था रात करीब 2.30 बजे अज्ञात व्यक्ति ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घटना के बाद परिजन एवं स्थानीय लोग उन्हें तत्काल भंवरगढ़ से बारां जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।</p>
<p>कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरो एवं सर्जरी विशेषज्ञों की टीम उसका उपचार कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार सिर में धंसी कुल्हाड़ी को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि गंभीर चोट के कारण मस्तिष्क भी प्रभावित हुआ है।  घायल की पत्नी ममता सहरिया ने बताया कि पति ट्रैक्टर चालक है और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। घटना के समय वह, उनके पति और बेटी घर में सो रहे थे। अचानक अज्ञात व्यक्ति ने हमला कर दिया। <br /> विशेषज्ञों की टीम <br />उपचार में जुटी<br />कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रितविष ने बताया कि कुल्हाड़ी सिर में गहराई तक फंसी हुई है और उसे निकालने की प्रक्रिया अत्यंत जोखिमपूर्ण है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 10:23:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कमजोर मानसून से संकट में खरीफ फसलें : अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने चम्बल की दांयी मुख्य नहर में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में मानसून की बेरुखी और बारिश में देरी के कारण खरीफ की फसलों को सूखने से बचाने के लिए अंता विधायक प्रमोद जैन भाया आगे आए हैं। उन्होंने कोटा के संभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर चंबल की दाईं मुख्य नहर में तत्काल सिंचाई जल प्रवाहित करने का आग्रह किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/kharif-crops-in-danger-due-to-weak-monsoon-anta-mla/article-159593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/pramod-jain-bhaya.jpg" alt=""></a><br /><p>बारा। राजस्थान मानसून की धीमी रफ्तार और वर्षा में हो रहे विलंब से चिंतित किसानों को राहत दिलाने के लिए पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने पहल की है। उन्होंने संभागीय आयुक्त (सीएडी), कोटा को पत्र लिखकर चम्बल की दांयी मुख्य नहर में तत्काल सिंचाई जल प्रवाहित करने की मांग की है। भाया ने पत्र में बताया कि अंता विधानसभा क्षेत्र सहित अंता एवं मांगरोल तहसील के हजारों किसानों ने धान, सोयाबीन, मक्का समेत खरीफ फसलों की बुवाई समय पर कर दी है, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से फसलों के विकास पर संकट गहराने लगा है। खेतों में नमी लगातार कम होती जा रही है, जिससे किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि चम्बल की दांयी मुख्य नहर क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में समय रहते नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो हजारों किसानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।</p>
<p>भाया ने सीएडी प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों की वर्तमान स्थिति और क्षेत्र की आवश्यकता को गंभीरता से देखते हुए चम्बल की दांयी मुख्य नहर में शीघ्र पर्याप्त मात्रा में सिंचाई जल छोड़ा जाये, ताकि अंता और मांगरोल तहसील के किसानों की खरीफ फसल सुरक्षित रह सके और उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन इस विषय पर संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर सकारात्मक निर्णय लेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 18:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, हादसे के बाद चालक कार सहित फरार</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर एक होटल के समीप तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/youth-riding-bike-dies-due-to-collision-with-car-driver/article-159190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/accident-(3).png" alt=""></a><br /><p>बारां। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर एक होटल के समीप मंगलवार रात तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक वाहन सहित फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>मृतक की पहचान मनीष पुत्र नंदकिशोर नायक (25) निवासी अटरू के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक युवक दम तोड़ चुका था। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:27:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रेम ने तोड़ी सामाजिक दीवारें, युवक और किन्नर ने सात फेरों के साथ शुरू की नई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[जिले के शाहाबाद क्षेत्र में प्रेम, विश्वास और सामाजिक स्वीकार्यता की मिसाल पेश करते हुए मध्यप्रदेश के एक युवक और राजस्थान की एक किन्नर ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प। यह अनोखा विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/love-broke-social-walls-young-man-and-eunuch-started-new/article-158826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/12200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>बारां। जिले के शाहाबाद क्षेत्र में प्रेम, विश्वास और सामाजिक स्वीकार्यता की मिसाल पेश करते हुए मध्यप्रदेश के एक युवक और राजस्थान की एक किन्नर ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। यह अनोखा विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।</p>
<p>जानकारी अनुसार, शाहाबाद उपखंड के देवरी निवासी किन्नर सोनू उर्फ रेशमा और मध्यप्रदेश के गुना जिले के कोलीपुरा निवासी सागर राजपूत पिछले करीब एक वर्ष से एक-दूसरे के संपर्क में थे।  इसके बाद दोनों ने परिवार और समाज के सामने अपने रिश्ते को विवाह का रूप देने का फैसला किया। शाहाबाद के एक मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न हुआ।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:45:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>11 करोड़ के सौंदर्याकरण के बीच सुविधाओं का अकाल, शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[टेंडर हर साल, सुविधाएं नदारद, व्यापारी और ग्राहक परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/scarcity-of-amenities-amidst-11-crore-beautification-project/article-157848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे का साप्ताहिक हाट बाजार अब नेशनल हाईवे से हटकर छोटे तालाब की पाल पर विकसित इंटरलॉकिंग क्षेत्र में लग रहा है। इससे बाजार को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान तो मिला, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बाजार से नियमित राजस्व वसूली के बावजूद पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएं नदारद हैं। कस्बे में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार को पहले नेशनल हाईवे किनारे लगाया जाता था, जहां यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। अब छोटे तालाब की पाल पर करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से हुए सौंदर्याकरण कार्य के तहत विकसित इंटरलॉकिंग क्षेत्र में बाजार लगना शुरू हुआ है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को पहले की अपेक्षा बेहतर एवं सुरक्षित स्थान मिला है। यह बदलाव निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।</p>
<p><strong>जिम्मेदारों को देना होगा ध्यान</strong><br />बाजार में आवश्यक सुविधाओं की कमी आज भी बनी हुई है। ग्राम पंचायत द्वारा हर वर्ष हाट बाजार का टेंडर जारी किया जाता है, लेकिन बाजार में आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। बाहर से आने वाले सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उनसे नियमित रूप से शुल्क वसूला जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार प्रत्येक दुकानदार से प्रत्येक साप्ताहिक में 10 रुपये लिए जाते हैं, लेकिन बाजार स्थल पर न तो पेयजल की व्यवस्था है, न शौचालय, न पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और न ही साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा आवारा पशु भी बाजार में पहुंच जाते हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार पशुओं को हटाने के लिए अलग से खर्च भी करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बाहर से आने वाले विक्रेताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। मजबूरी में लोगों को खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता है।</p>
<p><strong>शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है बाजार</strong><br />सब्जी विक्रेता नमन राठौर, लक्ष्मीचंद योगी, राजू सुमन, प्रिंस सुमन, सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि शाम के समय बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार सब्जी खरीदने पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त रोशनीं नहीं होने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। ऐसे में चोरी, छीना-झपटी अथवा अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने बाजार क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट या पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।</p>
<p><strong>बाजार तक पहुंचने में भी परेशानी</strong><br />हाट बाजार के पास नेशनल हाईवे से इंटरलॉकिंग क्षेत्र तक पहुंचने वाला मार्ग भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बनाया गया रैंप (रफ्ता) पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को चढ़ने-उतरने में कठिनाई होती है। बरसात के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि बाजार को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना सराहनीय कदम है, लेकिन अब आवश्यक है कि ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई तथा सुगम आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं, ताकि हाट बाजार वास्तव में व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके।</p>
<p><strong>पेयजल व्यवस्था भी बदहाल</strong><br />सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि हाट बाजार परिसर में एक पानी की टंकी तो रखी हुई है, लेकिन उसकी नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण उसमें जमा पानी गंदा रहता है। दुकानदारों का कहना है कि टंकी के पानी का उपयोग पीने योग्य नहीं होने के कारण अधिकांश व्यापारी अपने घरों से या फिर इधर-उधर से पीने का पानी लेकर आते हैं। गर्मी और उमस के मौसम में दिनभर बाजार में बैठने वाले व्यापारियों तथा ग्राहकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होना बड़ी समस्या बनी हुई है।</p>
<p> बाजार में रखी पानी की टंकी का पानी गंदा रहता है, इसलिए हमें बाहर से पानी लाना पड़ता है। शाम के समय रोशनी और शौचालय की कमी से व्यापारियों व ग्राहकों को परेशानी होती है।<br /><strong>-राजू सुमन, सब्जी विक्रेता, कवाई</strong></p>
<p> बाजार में न तो साफ पेयजल उपलब्ध है और न ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था। शाम ढलते ही अंधेरा होने से खरीदारी प्रभावित होती है और सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है।<br /><strong>- बंसी केवट, सब्जी विक्रेता, मोठपुर</strong></p>
<p> हाट बाजार में नियमित शुल्क लिया जाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। पेयजल, शौचालय और रोड लाइट जैसी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।<br /><strong>-गोरधनीबाई सुमन, सब्जी विक्रेता, कवाई</strong></p>
<p> हाट बाजार में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी की जानकारी मिली है। संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- वीरेंद्र प्रताप सिंह हाड़ा, भाजपा मंडल अध्यक्ष, कवा।</strong></p>
<p> जबग्राम पंचायत हाट बाजार से राजस्व प्राप्त कर रही है तो व्यापारियों और आमजन के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए। पेयजल, रोशनी, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था जरूरी है।<br /><strong>- मुरारी सुमन, वार्ड पंच, ग्राम पंचायत,कवाई</strong></p>
<p> साप्ताहिक हाट बाजार में पेयजल,प्रकाश व्यवस्था, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर जो सुझाव और शिकायतें सामने आई हैं, संज्ञान लिया जाएगा। बाजार में आने वाले व्यापारियों और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। जहां भी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- रामप्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कवाई</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:11:23 +0530</pubDate>
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                <title>मानसून की दस्तक से बढ़ी चिंता : गंदगी से अटे नालों ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य बाजार और खानपुर रोड के नालों में कचरे का अंबार, जलभराव और बीमारियों का बढ़ा खतरा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/concerns-rise-with-the-onset-of-monsoon--filth-choked-drains-expose-the-poor-state-of-sanitation/article-157739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)4.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे में मानसून की शुरुआत के साथ ही नालों की बदहाल स्थिति चिंता का कारण बन गई है। मुख्य बाजार, खानपुर रोड सहित कई इलाकों के नाले गंदगी, कचरे और गाद से भरे पड़े हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अभियान में तेजी लाने की मांग की है। कस्बेवासियों के अनुसार पिछले वर्ष भी नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने से कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी।इस बार भी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन कई प्रमुख नालों में अब तक गंदगी जमा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं करवाई गई तो बाजार और आवासीय क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।</p>
<p><strong>खानपुर रोड के दोनों ओर बने नालों की स्थिति सबसे अधिक खराब</strong><br />खानपुर रोड के दोनों ओर बने नालों की स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई जगह नालों में इतना कचरा और गाद जमा है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है और आसपास दुर्गंध फैल रही है।</p>
<p><strong>जलभराव से कारोबार हो सकता है प्रभावित</strong><br />मुख्य बाजार के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में नियमित सफाई नहीं होने पर जलभराव से कारोबार प्रभावित हो सकता है। साथ ही गंदगी के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। कस्बेवासियों ने प्रशासन से सभी प्रमुख नालों की प्राथमिकता के आधार पर जल्द सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /> <br />नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। जहां-जहां नालों में गंदगी और कचरा जमा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई करवाई जा रही है। हमारा प्रयास है कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। जल्द ही सफाई कार्य पूरा कराया जाएगा।<br /><strong>- रामप्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कवाई।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:15:42 +0530</pubDate>
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                <title>जल जीवन मिशन में 30 लाख की पाइप चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी परियोजना में लाखों रुपए की पाइप चोरी के मामले में अंता थाना पुलिस को बड़ी सफलता। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपए मूल्य के लगभग 285 चोरीशुदा पाइप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/pipe-theft-worth-rs-30-lakh-revealed-in-jal-jeevan/article-157426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>अंता। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण सरकारी परियोजना में लाखों रुपए की पाइप चोरी के मामले में अंता थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 30 लाख रुपए मूल्य के लगभग 285 चोरीशुदा पाइप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी के माल के परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रक भी जब्त किया है।</p>
<p>जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परवन-अकावद पेयजल परियोजना के तहत ग्राम खजुरनाकलां एवं आखेड़ी में पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मई माह में दोनों स्थानों से कुल 465 पाइप चोरी कर लिए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 34.03 लाख रुपए आंकी गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:40:12 +0530</pubDate>
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                <title>पहली बारिश में डूबी व्यवस्थाएं : लाखों खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था फेल</title>
                                    <description><![CDATA[जाम नालियों से बढ़ी परेशानी, नगरपालिका की कार्यशैली पर उठाए सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/systems-overwhelmed-by-the-first-rain--sanitation-efforts-fail-despite-heavy-spending/article-157354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविरों में जनसमस्याओं के समाधान के दावों के बीच अटरू कस्बे में पहली ही बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। मुख्य बाजार, मुख्य सड़क और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने से आमजन में नाराजगी देखने को मिली। राज्य सरकार, के निर्देशानुसार आयोजित शहरी सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं के समाधान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अटरू कस्बे की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। पहली बारिश ने नगरपालिका की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। मुख्य बाजार, मुख्य रोड और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p><strong>नालियों पर बने पक्के ढकान बने समस्या की वजह</strong><br />स्थानीय नागरिक पवन मालवीय, गणेश सेन और लोकेश पंचोली ने बताया कि मुख्य रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर दुकानों के सामने नालियों पर पक्के ढकान बना दिए गए हैं। इन डंकानों के कारण नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे उनमें गाद और कचरा जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप पानी का प्रवाह बाधित हो जाता हैऔर थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नागरिकों का कहना है कि पहले नालियों से पानी का निकास सुचारु रूप से हो जाता था, लेकिन अब सफाई व्यवस्था की अनदेखी और अवरोधों के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>जनता की ये है प्रमुख मांगें</strong><br />अटरू कस्बे में जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगरपालिका के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगे रखी हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में राहत देने के लिए तत्काल कराई जाए। साथ ही नालों पर बने अवैध एवं स्थायी अवरोधों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। पूरे कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।</p>
<p><strong>सड़कों पर भरा बारिश का पानी</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पूर्व नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। कई स्थानों पर गंदा पानी दुकानों के सामने तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे बने कि कई जगह लोगों को स्वयं नालियों की सफाई कर पानी की निकासी करनी पड़ी।</p>
<p><strong>कलेक्टर के निर्देशों पर उठे सवाल</strong><br />गौरतलब है कि जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा समय-समय पर शहरी सेवा शिविरों एवं नगर निकायों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं। इसके बावजूद पहली ही बरसात में जलभराव और गंदगी की स्थिति सामने आने से व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है।</p>
<p><strong>दुकानदार खुद कर रहे जाम नालियों की सफाई</strong><br />नगरपालिका की ओर से समय पर सफाई नहीं होने के कारण मुख्य बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को खुद नालियों की सफाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान जब नालियों का पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो गया, तब कई व्यापारियों ने फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से नालियों में जमा कचरा और गाद निकालकर पानी की निकासी का प्रयास किया। दुकानदारों का कहना है कि नियमित सफाई होती तो उन्हें यह काम स्वयं नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा आमजन और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p>मुख्य रोड एवं बाजार क्षेत्र में जलभराव तथा नालियों की समस्या को शिकायतें संज्ञान में आई हैं। प्रशासन द्वारा तथा नगरपालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश देकर समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई कराई जाएगी। जहां भी नालियों में अवरोध, जाम या जलनिकासी संबंधी समस्या पाई जाएगी, वहाँ तत्काल सफाई एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे, ताकि बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। <br /><strong>-अभिमन्यु कुंतल, कार्यवाहक उपखंड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:18:01 +0530</pubDate>
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