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                <title>राजस्थान - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>राजस्थान RSS Feed</description>
                
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                <title>जापान में सजेगा राजस्थान, विरासत से वन्यजीव तक दिखेगी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[जापान के टोक्यो में आयोजित 'टूरिज्म एक्सपो जापान-2026' में राजस्थान पर्यटन विभाग अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। राज्य केवल किलों-महलों तक सीमित न रहकर वन्यजीव, हस्तशिल्प, खान-पान, वेलनेस और ग्रामीण पर्यटन जैसे नए अनुभवों को जापानी पर्यटकों के सामने पेश कर रहा है, जिससे पर्यटन कारोबार को नया विस्तार मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-will-be-decorated-in-japan-picture-from-heritage-to/article-166446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान अब जापान के पर्यटन बाजार में जयपुर से आगे पूरे राज्य की तस्वीर पेश करने की तैयारी में है। किले-महलों, रेगिस्तान और लोक संस्कृति के साथ वन्यजीव, हस्तशिल्प, खान-पान, ग्रामीण जीवन और अनुभव आधारित पर्यटन को जापानी पर्यटकों के सामने रखा जाएगा। टोक्यो में गुरुवार से शुरू हो रहे टूरिज्म एक्सपो जापान-2026 में राजस्थान पर्यटन की आधिकारिक भागीदारी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्यटन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक (मार्केटिंग) अजय कुमार शर्मा राजस्थान की ओर से एक्सपो में भाग ले रहे हैं। पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ के अनुसार राजस्थान इस बार जापान में केवल अपने किले और महल नहीं दिखाएगा। राज्य की वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, अनुभवात्मक पर्यटन, हस्तशिल्प, खान-पान, वेलनेस, डेस्टिनेशन वेडिंग और एमआईसीई की संभावनाओं को भी सामने रखा जाएगा। कोशिश जापानी यात्रियों को राजस्थान के लोकप्रिय स्थलों से आगे नए गंतव्यों और स्थानीय अनुभवों से जोड़ने की है। </p>
<p><strong>जापानी पर्यटकों की बढ़ती संख्या बनी आधार</strong></p>
<p>जापान को लेकर राजस्थान की उम्मीदों का एक आधार वहां से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या भी है। वर्ष 2025 में करीब 25,250 जापानी पर्यटक राजस्थान पहुंचे। जयपुर लंबे समय से जापानी यात्रियों के राजस्थान भ्रमण का प्रमुख केंद्र रहा है। अब पर्यटन विभाग इस बाजार को उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, रणथंभौर, भरतपुर और शेखावाटी तक ले जाना चाहता है। जापानी यात्रियों की कला, वास्तुकला, शिल्प, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति में रुचि को देखते हुए राजस्थान को नए अनुभवों के साथ पेश करने की तैयारी है। हवेलियां, किले, बावड़ियां, पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प और लोक कलाएं इसके प्रमुख हिस्से होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जीवन, खान-पान और शिल्प से जुड़े अनुभव भी जापानी बाजार के लिए नए उत्पाद के रूप में सामने रखे जाएंगे। </p>
<p><strong>विरासत और शिल्प जोड़ सकते हैं दोनों देशों को</strong></p>
<p>भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार और सहयोग तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। बौद्ध धर्म ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज दोनों देश विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी इसका हिस्सा है। गौरतलब है कि राजस्थान और जापान की संस्कृति अलग है, लेकिन दोनों जगह विरासत, पारंपरिक शिल्प, स्थापत्य और स्थानीय परंपराओं का महत्व है। राजस्थान इसी जुड़ाव को पर्यटन के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है औऱ उसका लक्ष्य जापानी पर्यटकों को केवल स्मारक दिखाने के बजाय उन्हें कारीगरों, स्थानीय समुदायों, भोजन और जीवंत परंपराओं से जोड़ना है। मोदी के भारत-जापान विजन से जुड़ी पर्यटन की कड़ी राजस्थान की जापान में यह मौजूदगी ऐसे समय हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान संबंधों को रणनीतिक सहयोग के साथ संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क के स्तर पर भी आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2026 के भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>राजस्थान सरकार भी पर्यटन को निवेश और रोजगार से जोड़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राज्य की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नए पर्यटन क्षेत्रों और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के स्तर पर राजस्थान की वैश्विक पर्यटन ब्रांडिंग को विस्तार देने और नए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर है। ब्रांडिंग के साथ कारोबार पर भी नजर टूरिज्म एक्सपो जापान राजस्थान के लिए सिर्फ प्रचार का मंच नहीं है। यहां जापानी टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल कंपनियों, मीडिया और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के साथ सीधा संवाद होगा। राजस्थान के नए पर्यटन उत्पादों और यात्रा मार्गों के साथ कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़ के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राजस्थान की पहचान मजबूत करने के साथ राज्य के अलग-अलग पर्यटन अनुभवों को सामने लाना प्राथमिकता है। उनका कहना है कि अब कोशिश उन गंतव्यों और अनुभवों को भी विदेशी यात्रियों तक पहुंचाने की है, जो अभी राजस्थान के पारंपरिक पर्यटन सर्किट से बाहर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 18:06:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गो गैस अब प्रदेश भर में होगी उपलब्ध, नेटवर्क विस्तार को लेकर सीएमडी नितिन खोरा का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम के सीएमडी नितिन खोरा ने बताया कि 'गो गैस' अब पूरे राजस्थान में उपलब्ध। राज्य में दुदू, डबोक और पाली सहित छह प्लांटों से सप्लाई हो रही। प्रदेश के हर जिले में करीब 100 डीलर और 3 लाख उपभोक्ता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/go-gas-will-now-be-available-across-the-state-cmd/article-166430"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)89.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड के सीएमडी नितिन खोरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि गो गैस अब प्रदेश भर में उपलब्ध है। राजस्थान में सिलेंडर ग्राहकों तक पहुंच सके इसके लिए राजस्थान में बड़ा नेटवर्क दुदु , डबोक, पाली में प्लांट है। राजस्थान में बॉर्डर एरिया में दूसरे राज्यों में प्लांट है, ऐसे में राजस्थान में छह प्लांट से सप्लाई हो रहे है। 68 देश में प्लांट है, 300 डीलर्स है। यह बिज़नेस हर समय होता है। डिलरशिप मॉडल में फ्रैंचाइसिस नहीं देते। कोई आर्थिक गारंटी नहीं लेते।  खाली सिलेंडर और गैस का पैसा लेते हैं। हर जिले में डीलरशिप है। करीब सौ डीलर हैं। व्यावसायिक क्षेत्र में ज्यादा सप्लाई है।</p>
<p>सब्सिडी नहीं है, इसलिए ज्यादा यही सप्लाई है। प्राइज हर माह चेंज होती है। सरकार भी बदलती रहती है हर माह, हमारी भी उसी अनुरूप बदलती है। देश में सप्लाई की संख्या राजस्थान में  तीन लाख है। राजस्थान में करीब साथ से आठ फीसदी खपत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूं होता है पंचायती राज संस्थाओं में सीटों का आरक्षण, जानें</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में पंचायती राज और निकाय संस्थाओं के आगामी चुनावों के लिए सीटों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इस लॉटरी के माध्यम से अनारक्षित ओपन, महिला, ओबीसी, एससी और एसटी श्रेणियों की सीटों का निर्धारण किया गया। निर्धारित नियमों के तहत अनारक्षित व आरक्षित वर्गों में उम्मीदवारों की पात्रता स्पष्ट की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/this-is-how-reservation-of-seats-is-done-in-panchayati/article-166440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज और निकाय संस्थाओं में सीटों के आरक्षण के लिए फ़ॉर्मूला तय है। इस फ़ॉर्मूले से लॉटरी निकाली जाती है। पंचायती राज संस्थाओं के लिए होने वाले चुनावों के लिए भी सभी जिलों में  बुधवार को लॉटरी निकाली गई।  लॉटरी के जरिए अनारक्षित ऑपन, अनारक्षित महिला,  ओबीसी ऑपन, ओबीसी महिला, एससी ऑपन, एससी महिला, एसटी ऑपन और एसटी महिला के लिए सीटों का आरक्षण किया गया। अनारक्षित ऑपन सीटों पर सामान्य वर्ग अलावा भी किसी भी वर्ग का व्यकित चाहे वो महिला हो या पुरूष कोई भी दावेदार बन सकता है। अनारक्षित महिला सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा किसी भी वर्ग की महिलाओं को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। </p>
<p>ओबीसी ऑपन के लिए आरक्षित सीटों पर ओबीसी वर्ग से पुरूष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है। इसी प्रकार ओबीसी महिला के आरक्षित सीटों पर ओबीसी महिलाओं की ही दावेदारी हो सकती है। एससी ऑपन आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जाति से पुरूष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है। एससी महिला के लिए आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जाति की महिला ही प्रत्याशी बन सकती है।</p>
<p>एसटी ऑपन के लिए आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जनजाति से पुरूष या महिला किसी को भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है। एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर अनुसूचित जनजाति की महिला को ही प्रत्याशी बनाया जा सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:42:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान के निर्यातकों को नए बाजारों से जोड़ने पर जोर, टीपीसीआई और राजस्थान चैम्बर की बैठक में एफटीए ; सरकारी योजनाओं व सेक्टर-वाइज प्रशिक्षण पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में उद्योग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) और राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स (RCCI) के बीच बैठक हुई। इसमें हस्तशिल्प, रत्न-आभूषण और टेक्सटाइल क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने, केंद्र की प्रोत्साहन योजनाओं, सब्सिडी तथा मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के प्रति उद्यमियों में जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/emphasis-on-connecting-rajasthans-exporters-with-new-markets/article-166438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में व्यापार एवं उद्योग को बढ़ावा देने और राज्य से निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई), नई दिल्ली के उप महानिदेशक संदीप दास ने बुधवार को राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आरसीसीआई) का दौरा किया। इस दौरान चैम्बर पदाधिकारियों, उद्यमियों और निर्यातकों के साथ निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। खासतौर पर हस्तशिल्प सहित विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।</p>
<p>बैठक में निर्यातकों की व्यावहारिक समस्याओं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध नए अवसरों, केंद्र सरकार की निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं एवं सहायता तथा विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का प्रभावी लाभ उठाने पर चर्चा हुई। चैम्बर अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने निर्यातकों के लिए विभिन्न योजनाओं, सहायता और सब्सिडी का प्रावधान किया है। भारत के कई देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से नए बाजारों में प्रवेश के अवसर भी बढ़े हैं, लेकिन इनकी जानकारी अभी बड़ी संख्या में उद्यमियों और निर्यातकों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि आरसीसीआई, टीपीसीआई के सहयोग से जल्द ही सेक्टर-वाइज जागरूकता कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें सरकारी योजनाओं, निर्यात प्रोत्साहन, सब्सिडी, एफटीए, संभावित बाजारों और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।</p>
<p>टीपीसीआई के उप महानिदेशक संदीप दास ने कहा कि राजस्थान के रत्न एवं आभूषण, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, मार्बल एवं स्टोन, चमड़ा सहित कई क्षेत्रों में निर्यात की व्यापक संभावनाएं हैं। टीपीसीआई उद्योग संगठनों के साथ मिलकर इन संभावनाओं को वास्तविक निर्यात अवसरों में बदलने के लिए सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि कई एमएसएमई और छोटे निर्यातकों को सरकारी योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों और एफटीए की पर्याप्त जानकारी नहीं है। सेक्टर-वाइज जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>चैम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव भंसाली ने कहा कि निर्यातकों को वित्तीय संसाधन, कार्यशील पूंजी, भुगतान, लॉजिस्टिक्स, अनुपालन, प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनके समाधान के लिए उद्योग संगठनों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। बैठक में नए खरीदारों तक पहुंच, गुणवत्ता मानक, दस्तावेजीकरण, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न देशों की नियामकीय आवश्यकताओं की जानकारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। चैम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आर. एस. जैमिनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, मानद महासचिव आनंद महरवाल, संयुक्त सचिव बादशाह मियां, इन्दर सिंह कुदरत, सचिव दिनेश कुमार कानूनगो, अतिरिक्त सचिव कन्हैया लाल जांगिड़, संयुक्त सचिव अमित पारीक, उप सचिव त्रिनेत्र रोलीवाल, कार्यकारिणी सदस्य शालिनी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, आयातक-निर्यातक एवं चैम्बर सदस्य उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अरुण अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:06:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वाटिका में महिला का शव मिलने से मचा हड़कंप : सिर पर पत्थरों से वार के निशान, पढ़े पूरी खबर  </title>
                                    <description><![CDATA[सांगानेर सदर थाना क्षेत्र (वाटिका) में खाली प्लॉट में ललिता प्रजापति (37, भरतपुर) का शव मिलने से सनसनी। मृतका के सिर पर पत्थरों से वार के निशान मिले। मजदूरी का काम करने वाली महिला को एक व्यक्ति काम दिलाने ले गया था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-was-a-stir-after-the-dead-body-of-a/article-166409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(4)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सांगानेर सदर थाना इलाके में वाटिका स्थित एक खाली प्लॉट में एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को गंभीर हालत में पड़ा देखा। उसके सिर पर पत्थरों से वार किए जाने के निशान मिले। पुलिस ने तत्काल उसे महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान ललिता प्रजापति (37 निवासी मंडोली, थाना रुदावल, जिला भरतपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार महिला मजदूरी का काम करती थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कोई व्यक्ति उसे चौकड़ी से मजदूरी करने के लिए अपने साथ लेकर गया था। इसके बाद उसका शव वाटिका क्षेत्र के एक खाली प्लॉट में मिला। एसीपी चाकसू भवानी सिंह शेखावत ने बताया कि महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<p>घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए महिला के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही कॉल डिटेल खंगाली जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जुटाई जा रही है। पुलिस संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:48:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोती डूंगरी गणेश मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दर्शन के लिए किए गए विशेष सुरक्षा इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन व पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना। महंत कैलाश शर्मा के अनुसार, भक्तों की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए कतारबद्ध व्यवस्था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/special-security-arrangements-made-for-the-crowd-of-devotees-gathered/article-166432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)77.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बुधवार को मोती डूंगरी गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।</p>
<p>मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की गईं। दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था रखी गई तथा मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाए, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।</p>
<p>मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि बुधवार को भगवान गणेश के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था और दिनभर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। शाम तक बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान गणेश के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:32:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रोड रेज मामले में चार आरोपी गिरफ्तार : नकली पिस्टल और कार बरामद, जानें पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[सिंधी कैम्प थाना पुलिस ने रोड रेज मामले में चार आरोपियों (गोविन्द, सूर्य प्रताप, गजेन्द्र और वीरेन्द्र) को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर पोलो विक्ट्री क्षेत्र में हॉर्न बजाने को लेकर एक उप निरीक्षक से मारपीट करने और डमी पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/four-accused-arrested-in-road-rage-case-fake-pistol-and/article-166404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)63.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिंधी कैम्प थाना पुलिस ने रोड रेज के मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 4 सितंबर 2026 की सुबह पोलो विक्ट्री, स्टेशन रोड पर हॉर्न बजाने और डिपर मारने की बात को लेकर एक उप निरीक्षक के साथ मारपीट करने तथा नकली पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और लाइटरनुमा डमी पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशान्त किरण ने बताया कि 4 सितंबर को सुबह करीब 4 बजे झालावाड़ में पदस्थापित उप निरीक्षक ने पोलो विक्ट्री, स्टेशन रोड पर कार चालक और उसके साथियों को तेज हॉर्न एवं डिपर मारने से रोका था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और एक आरोपी ने नकली पिस्टल दिखाकर धमकाया।</p>
<p>मामले में थाना सिंधी कैम्प में प्रकरण संख्या 122/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार और आरोपियों की पहचान की गई। 22 सितंबर को पुलिस ने कार सवार चारों आरोपियों गोविन्द सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, गजेन्द्र सिंह और वीरेन्द्र सिंह को डिटेन कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जयपुर के विभिन्न नामी होटल और क्लबों में जनरल मैनेजर व कैशियर के रूप में काम करते हैं। पूछताछ में सामने आया कि घटना के समय सभी होटल से काम खत्म करने के बाद पार्टी कर जयपुर में घूम रहे थे। पुलिस के अनुसार, गोविन्द सिंह दोस्तों के बीच धाक जमाने के लिए लाइटरनुमा डमी पिस्टल रखता था और घटना के दौरान भी उसने इसे दिखाया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:24:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर बुकमार्क 2027 में गुजराती साहित्य पर रहेगा विशेष फोकस, भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप की निरंतरता के साथ प्रकाशन</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण एशिया का प्रमुख बी2बी प्रकाशन मंच 'जयपुर बुकमार्क' का 14वां संस्करण 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के साथ होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित। आयोजन में वैश्विक प्रकाशक, लेखक और अनुवादक जुटेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-bookmark-2027-to-have-special-focus-on-gujarati-literature/article-166399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)75.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दक्षिण एशिया का प्रमुख बी2बी प्रकाशन मंच जयपुर बुकमार्क अपने 14वें संस्करण के साथ 14 से 18 जनवरी 2027 तक होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा। यह आयोजन जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के साथ होगा। इसमें भारत और दुनिया भर के प्रकाशक, संपादक, साहित्यिक एजेंट, लेखक, अनुवादक, पुस्तक विक्रेता, चित्रकार, डिजाइनर और प्रकाशन पेशेवर शामिल होंगे। 2027 संस्करण में गुजराती साहित्य पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ अनुवाद, कहानी कहने के नए स्वरूप, प्रकाशन में नवाचार तथा प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा होगी।</p>
<p>आयोजन की प्रमुख पहल भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप की निरंतरता होगी, जो ब्रिटिश काउंसिल के साथ संयुक्त पहल है। जयपुर बुकमार्क की निदेशक मनीषा चौधरी ने कहा कि फेलोशिप दोनों देशों के प्रकाशन पेशेवरों के बीच संवाद और नेटवर्किंग का अवसर देती है। जेएलएफ की सह-संस्थापक एवं सह-निदेशक और जयपुर बुकमार्क की निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि यह मंच विभिन्न भाषाओं और विचारों को एक साथ लाता है। टीमवर्क आर्ट्स के एमडी संजॉय के. रॉय ने इसे किताबों, विचारों और कारोबार को सीमाओं के पार ले जाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:15:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गलतागेट पुलिस की वाहन चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई : 17 मोटरसाइकिल बरामद, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[गलतागेट थाना पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों (अखिलेश मीणा, उस्मान और निशान्त) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी की 17 मोटरसाइकिलें और वारदात में इस्तेमाल अपाचे बाइक जब्त की। बरामद वाहनों की कीमत लगभग 24 लाख रुपये। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/galtagate-polices-big-action-against-vehicle-thieves-17-motorcycles-recovered/article-166385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(4)48.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गलतागेट थाना पुलिस ने वाहन चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए संगठित गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कुल 17 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस उपायुक्त उत्तर करण शर्मा ने बताया कि 8 सितंबर 2026 की रात सुन्दर नगर मीणा पेट्रोल पंप के पास भारत क्लिनिक से मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इस संबंध में गलतागेट थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार सिंघल के सुपरविजन और सहायक पुलिस आयुक्त शिवरतन गोदारा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।</p>
<p>पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद अखिलेश मीणा, उस्मान उर्फ मुन्ना और निशान्त उपाध्याय उर्फ नक्की को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद करने के साथ अन्य थाना क्षेत्रों से चोरी की गई 15 संदिग्ध मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। पुलिस के अनुसार, अखिलेश मीणा गिरोह का मुख्य आरोपी है। आरोपी दिन में मोटरसाइकिलों की रैकी करते और रात में नई मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। लॉक तोड़ने के लिए मास्टर चाबी (एलंकी) का इस्तेमाल किया जाता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:58:43 +0530</pubDate>
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                <title>रिश्तेदारी : पहले सास अब बहू और पहले भाभी अब ननद बनी पार्षद</title>
                                    <description><![CDATA[निगम की सियासत में रिश्तों का असर। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kinship--from-mother-in-law-to-daughter-in-law--and-sister-in-law-to-sister-in-law%E2%80%94councilors-with-family-precedents/article-166414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(7)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहरी सरकार के रूप में नगर निगम कोटा में 100 पार्षद विजयी हुए हैं। दो दिन बाद शहरी सरकार की मुखिया भी बन जाएंगी। निगम के इस वर्तमान बोर्ड में कई पार्षद ऐसे हैं जिनमें किसी की सास तो किसी भी भाभी पहले पार्षद रह चुकी हैं। अब उनकी बहू व ननद पार्षद बनी हैं। नगर निगम कोटा के 100 वार्डों में से भाजपा के 57 और कांग्रेस के 39 पार्षद विजयी हुए हैं। वहीं 4 पार्षद निर्दलीय जीते हैं। एक निर्दलीय ने भाजपा का दाम थाम लिया है। सभी विजयी पार्षदों और पूर्व में उनके रिश्तेदारों के निगम से जुड़े रहने की जानकारी जुटाई गई तो कई रोचक तथ्य सामने आए। पड़ताल में सामने आया कि 100 में से भाजपा और कांग्रेस के 17 पार्षद ऐसे हैं, जिनके कोई न कोई रिश्तेदार पूर्व में नगर निगम में पार्षद रह चुके हैं।</p>
<p>वार्ड 33 से पार्षद ओम खटाना के छोटे भाई की पत्नी पार्षद रह चुकी हैं। वार्ड 54 से पार्षद विवेक राजवंशी की बहन पूजा राजवंशी, वार्ड 64 से पार्षद प्रतिभा सुमन की सास पुष्पलता सुमन पूर्व में पार्षद रह चुकी है। वहीं वार्ड 67 से पार्षद सपना गम्भीर के देवर मुकेश गम्भीर पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 68 से पार्षद सुरेश सिंह जादौन के भाई जगदीश सिंह जादौन पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 74 से पार्षद अमरनाथ शर्मा के पिता जय प्रकाश शर्मा पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 90 से पार्षद कीर्ति गौतम के ससुर बालचंद फौजी पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 95 से पार्षद कुलदीप मेहरा की मां लक्ष्मी मेहरा, वार्ड 97 से पार्षद सुदर्शन गौतम की भाभी महक गौतम,वार्ड 98 से पार्षद अनुसुईया गोस्वामी की भाभी रेखा गोस्वामी नगर निगम में पहले पार्षद रह चुकी हैं।</p>
<p><strong>इनके पति थे अब ये बनी पार्षद</strong><br />नगर निगम में कई महिला पार्षद ऐसी हैं जिनके पति पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। इनमें वार्ड 56 से पार्षद शोभा आहलूवालिया के पति योगेश आहलूवालिया पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 61 से पार्षद सुनीता गुर्जर के पति सुरेश गुर्जर, वार्ड 83 से पार्षद सीमा चौधरी के पति धीरेन्द्र चौधरी, वार्ड 87 से पार्षद पुष्पा चौधरी के पति देवेन्द्र चौधरी, वार्ड 96 से पार्षद सुनीता नायक के पति विनोद नायक पार्षद रह चुके हैं।</p>
<p><strong>पहले पत्नी और अब पति बने पार्षद</strong><br />नगर निगम में बोर्ड किसी का भी हो पार्षदी तो घर में ही रहेगी। निगम में कई पार्षद ऐसे भी हैं जिनकी पहले पत्नी पार्षद थी अब वे पार्षद बन गए हैं। इनमें वार्ड 63 से पार्षद भूपेन्द्र प्रजापति की पत्नी मीना प्रजापति, वार्ड 85 से पार्षद कैलाश गौतम की पत्नी प्रतिभा गौतम पार्षद रह चुकी हैं।</p>
<p><strong>तीन से पांच बार वाले भी हैं पार्षद</strong><br />नगर निगम के वर्तमान बोर्ड में करीब 15 पार्षद लगातार दूसरी बार जीतने वाले तो हैं लेकिन तीन से पांच बार तक जीतने वाले पार्षद भी हैं। वार्ड 19 से राकेश सुमन पुटरा, वार्ड 23 से रामदेव वर्मा तीसरी बार पार्षद बने हैं। जबकि वार्ड 54 से विवेक राजवंशी चौथी बार और वार्ड 91 से गोपालराम मंडा पांचवी बार जीतकर पार्षद बने हैं। वहीं वार्ड 2, 9, 13, 28, 30, 32, 39, 40, 45, 50, 53, 74,81, 87,93 व 97 के पार्षद दूसरी बार जीते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:28:02 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीराम गोदावरी धाम अखाड़ा : 1971 में हिंद केसरी चंदगी राम ने रखी थी नींव</title>
                                    <description><![CDATA[ ये जुलूस आज 6 दर्जन से अधिक अखाड़ों और सैकड़ों झांकियों के साथ भव्य आयोजन बन चुका है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shri-ram-godavari-dham-akhada--founded-by--hind-kesari--chandgi-ram-in-1971/article-166413"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(5)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की समृद्ध अखाड़ा परंपरा और अनंत चतुर्दशी के ऐतिहासिक सफर को समेटे श्रीराम गोदावरी धाम अखाड़ा वर्तमान में विशाल रूप ले चुका है। शुरुआती दौर में चंद अखाड़ों से शुरू हुआ अनंत चतुर्दशी का यह जुलूस वर्तमान में सैकड़ों झांकियों और 6 दर्जन से अधिक अखाड़ों के समागम के साथ आज कोटा शहर का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया है। नए मार्ग पर सर्वप्रथम कोटड़ी कश्यप अखाड़ा और सब्जी मंडी स्थित सुंदर धर्मशाला से लाड़पुरा का लाला जी घाट अखाड़ा इस जुलूस में सम्मिलित हुए। इसके पश्चात पाटनपोल स्थित यति जी का अखाड़ा भी इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बना। समय के साथ शहर की विभिन्न कीर्तन और भजन मंडलियाँ इसमें जुड़ती गईं। वानर सेना और वर्तमान स्वरूपवर्तमान में वर्षों से बंद पड़ा रामपुरा मार्ग पुन: खुल चुका है और सभी अखाड़ों व शहरवासियों के सहयोग से यह धार्मिक जुलूस अपनी पूर्ण भव्यता के साथ निकाला जा रहा है।</p>
<p><strong>1971 हुआ था शुभारंभ</strong><br />श्रीराम गोदावरी धाम अखाड़े की स्थापना संस्थापक बाबा गोपीनाथ के सानिध्य में हुई थी। वर्ष 1971 में भारत के सुप्रसिद्ध पहलवान मास्टर हिंद केसरी चंदगी राम ने विधिवत पूजा-अर्चना कर इस अखाड़े का शुभारंभ किया था। शुरुआती दौर में जब जुलूस घंटाघर से निकलता था, तब भुवान उस्ताद के सानिध्य में अखाड़े का संचालन व साहसिक प्रदर्शन होता था।1990 के जुलूस का पारंपरिक मार्ग में बदलाव करना पड़ा।</p>
<p><strong>सिर पर श्री गणेश प्रतिमा लेकर नये मार्ग की शुरूआत</strong><br />बाबा शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि बाबा गोपीनाथ ने बाद में रामपुरा का मुख्य मार्ग बंद होने के कारण जुलूस को सीधे बाराद्वारी में विसर्जित करने की परंपरा शुरू हुई। इस नए मार्ग के कुशल संचालन और नेतृत्व में अखाड़े के गुरु सुरेंद्र जी पाराशर, बंटू उस्ताद और लखपत सिंह जी हाड़ा ने योगदान दिया। अन्य अखाड़ों व कीर्तन मंडलियों का जुड़ना और विशाल स्वरूपनए मार्ग से जुलूस शुरू होने के बाद शहर के अन्य पारंपरिक अखाड़े भी इससे जुड़ते चले गए। आयोजन में विशेष रूप से गजेंद्र जी भार्गव के नेतृत्व में संचालित ह्यवानर सेनाह्ण भी अपनी सक्रिय और अनुशासित भूमिका निभा रही है। अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के रूद्रेश भारद्वाज ने बताया कि शुरुआती दौर से लेकर आज तक का यह सफर कोटा की कौमी एकता, शौर्य और जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन चुका है।</p>
<p><strong>श्री वीर बजरंगी व्यायामशाला थेकड़ा</strong><br /><strong>25 वर्षों बाद पुनर्जीवित हुआ अखाड़ा, 100 युवा-बेटियाँ सीख रहे शस्त्र कला</strong><br />लगभग 25 वर्षों तक बंद रहने के बाद वर्ष 2022 में पुनः शुरू हुए ऐतिहासिक अखाड़े में आज 150 से अधिक बच्चे और युवा पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र चलाने का अभ्यास कर रहे हैं। इस अखाड़े की नींव 1990 के दशक में श्री मंगलेश्वरी व्यायामशाला के संरक्षक धन्नालाल सुमन और गोविंद पटेल ने रखी थी। कालांतर में बंद होने के बाद 2022 में इसे पुनर्जीवित किया गया।<br />वर्तमान में संचालन व प्रशिक्षण की कमान गुरु पवन नायक संभाल रहे हैं, जो श्री हरदोल व्यायामशाला से आए हैं। अखाड़े में 6-7 वर्ष के मासूमों से लेकर 10 से 20 बेटियाँ भी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। इनमें कम उम्र की चित्रांशी सुमन 6 वर्ष और कुणाल 8 वर्ष, भी पट्टा चक्र चलाते नजर आए। यहाँ युवाओं को मुख्य रूप से तलवारबाजी, लठ्ठबाजी, बनेटी, चक्कर, पटा संचालन और कुश्ती का नि:शुल्क व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे प्राचीन शस्त्र कला जीवंत हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:26:53 +0530</pubDate>
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                <title>सांप के जहर से ज्यादा जहरीला अंधविश्वास, झाड़ फूंक में गंवा रहे अपनों की जान</title>
                                    <description><![CDATA[मंडाना और स्टेशन क्षेत्र में 2 मासूमों की हो चुकी मौत, परिवार बच्चों को डॉक्टर की बजाय ले गए झाड़-फूंक कराने ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/superstition-proves-deadlier-than-snake-venom--lives-lost-while-seeking-faith-healing/article-166408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(6)23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तकनीक और विज्ञान के इस युग में भी अंधविश्वास सांप के जहर से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। लोग अब भी झाड़फूंक पर आंख बंदकर विश्वास कर जिंदगी को मौत की ओर धकेल रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदारहण मंगलवार को मंडाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहां 13 साल की बच्ची को जहरीले सांप ने डंस लिया था, परिजन अस्पताल ले जाने के बजाए देवी-देवताओं के स्थान पर ले गए। इलाज में देरी से मासूम की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, बाद में गंभीर अवस्था में निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अंधविश्वास का यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी झाड़-फूंक के चक्कर में जान गंवाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।</p>
<p><strong>केस-1 : अस्पताल पहुंचने में साढ़े तीन घंटे बर्बाद</strong><br />21सितम्बर 2026 : मंडाना निवासी कक्षा 6 की छात्रा अनसुईया सोमवार शाम 7 बजे करीब घर से से बाजार दीपक लेने गई थी, इसी दौरान रास्ते में जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय देवी-देवताओं के स्थान पर लेकर गए। वहां काफी समय तक उसे रखा गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। रात 10.30 बजे गंभीर अवस्था में परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी, डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।</p>
<p><strong>केस-2 : झाड़फूंक में 2 घंटे गवांए, शरीर में फैला जहर</strong><br />21 जून 2026 : रेलवे कॉलोनी टापरी इलाके में सर्पदंश से 2 साल के मासूम बच्चे कालू की मौत हो गई थी। सांप के डंसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय दो घंटे तक झाड़-फूंक करवाते रहे, जिससे जहर पूरे शरीर में फैल गया। हालत बिगड़ने पर उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई।</p>
<p><strong>एक्सपर्ट्स व्यू </strong><br /><strong>विज्ञान से समझिए, झाड़ फूंक का भ्रम कैसे फैलता है?</strong><br />अक्सर लोग तर्क देते हैं कि उक्त व्यक्ति तांत्रिक की झाड़-फूंक से ठीक हो गया। असल में, इसके पीछे का सच विज्ञान की रोशनी में इस तरह समझाता जा सकता है।<br />-बिना जहर वाले सांप : भारत में पाए जाने वाले लगभग 90% सांप जहरीले नहीं होते। यदि वे डंस लें, तो इंसान बिना किसी इलाज के भी बच जाता है। लेकिन, तांत्रिक इसका श्रेय अपनी झाड़-फूंक को दे देते हैं।<br />-ड्राई बाइट : कई बार जहरीले सांप (जैसे कोबरा या करैत) सिर्फ डराने के लिए काटते हैं और शरीर में जहर नहीं छोड़ते, यदि छोड़ते भी हैं तो सिर्फ लगभग 0.1 एमएल। ऐसे मामलों में भी मरीज बच जाते हैं, जिससे लोगों का अंधविश्वास और गहरा हो जाता है।<br />-असली खतरा: जब कोई जहरीला सांप एग्रेसिव मोड़ में होता है, तब वह पूरी ताकत से बाइट करता है। ऐसी स्थिति में वह औसतन 1 से 3 एमएल तक जहर छोड़ देता है, तब झाड़-फूंक में गंवाया गया एक-एक मिनट मरीज को मौत के करीब ले जाता है।<br />-8 से 10 एमएल जहर बनाने में लगते तीन माह : जहरीले सांप में औसतन 8 से 10 एमएल वेनम होता है। जिसे बनाने में उसे करीब 3 माह का समय लगता है। इसका उपयोग वह भोजन के लिए शिकार करने में उपयोग करता है। वह चूहे का शिकार करने के लिए भी 0.1 एमएल ही जहर छोड़ता है, जिससे चूहा बेहोशी की स्थिति में आ जाता है और वह उसे निगल जाता है। सांप को यह सेंस होता है कि उसके पास कितना वेनम स्टोक है और कितनी मात्रा में उसका उपयोग करना है।<br /><strong>- अनुराग भटनागर, डीएफओ वन्यजीव-उदयपुर</strong></p>
<p><strong>सर्प दंश पर इन बातों का रखें ध्यान</strong><br />मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. पंकज कुमार जैन ने सर्पदंश पर बरती जाने वाली सावधानियोें के बारे में बताया, जो इस प्रकार है।<br />-सर्प दंश के मरीज को जितना जल्दी हो सके, अस्पताल ले जाएं ताकि सांप के जहर का शरीर के अंगों पर प्रभाव न पड़े।<br />-सभी तरह के सांपों के लिए दवा ( एंटी स्नैक विनम) एक ही होती है, जिसे जितना जल्दी लगा सके उतना ही अधिक जान बचने के चांस होते हैं।<br />-झाड़-फूंक में समय न गंवाएं: ओझा, तांत्रिक या झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें, समय बर्बाद होने से मरीज की जान जा सकती है।</p>
<p><strong>प्राथमिक उपचार</strong><br />तंग चीजें हटाएं: सर्प दंश के बाद सूजन आने से पहले पीड़ित की अंगूठी, घड़ी, कंगन या तंग कपड़े तुरंत उतार दें।<br />चीरा न लगाएं: काटे गए स्थान पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाने की कोशिश बिल्कुल न करें।<br />जहर न चूसें: मुंह से जहर चूसने का प्रयास न करें, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।<br />कसकर पट्टी न बांधें: खून के बहाव को पूरी तरह रोकने के लिए बहुत ज्यादा कसकर कोई चीज न बांधें।<br />बर्फ न लगाएं: घाव पर बर्फ या ठंडा पानी न लगाएं।</p>
<p><strong>अंधविश्वास डिग्री के साथ चलता रहेगा</strong><br />आधुनिक जीवन ने डर और अनिश्चिता बढ़ा दी है। जब भय का मनोविज्ञान बढ़ने लगता है तब तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता कम होने लगती है। ऐसे में मनुष्य शॉर्टकट ढूंढता है और तांत्रिकों का ग्राहक बनता है। जबकि, शिक्षा की मुख्य भूमिका, लोगो में आलोचनात्मक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करना है। जिसके कारण ही सवाल पूछने की हिम्मत करते हैं, जब तक ऐसी शिक्षा नहीं होगी तब तक अंधविश्वास डिग्री के साथ-साथ चलता रहेगा।<br /><strong>-ज्योति सिडाना, समाजशास्त्री जेडीबी आर्ट्स कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 15:25:18 +0530</pubDate>
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