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                <title>कोटा - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>कोटा RSS Feed</description>
                
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                <title>नाम का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, सूखे खिलाड़ियों के कंठ</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ी व कोच करीब एक दर्जन खेलों का अभ्यास करने के लिए आते हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/an--international-stadium--in-name-only--players--throats-run-dry/article-153128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में पिछले कई दिन से जिस तरह की भीषण गर्मी पड़ रही है उस समय में प्रशासन द्वारा एक तरफ तो आमजन के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में जहां अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी आ रहे हैं। वहां उनके पीने के लिए पानी की सुविधा तक नहीं है। यह हालत है नयापुरा स्थित अंतरराष्ट्रीय इनडोर स्टेडियम की। जे.के. पवेलियन स्थित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बने इस स्टेडियम में सुबह-शाम बड़ी संख्या में खिलाड़ी व कोच करीब एक दर्जन तरह के खेलों का अभ्यास करने के लिए आ रहे हैं। सामान्य दिनों में ही थोड़ी देर में खेलते समय पसीना आने पर बार-बार पानी की प्यास लगने लगती है। ऐसे में वर्तमान में 45 डिग्री से अधिक तापमान बना हुआ है। उसमें तो बार-बार गला सूख रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बने इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भीषण गर्मी में भी खिलाडिय़ों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है।</p>
<p><strong>घर से ला रहे वह भी पर्याप्त नहीं</strong><br />खिलाडिय़ों ने बताया कि सर्दी और बरसात के समय तो पानी की इतनी जरूरत नहीं पड़ती जितनी इस भीषण गर्मी में पड़ रही है। स्टेडियम में न तो नल है और न ही वाटर कूलर। ऐसे में घर से बोतल में जितना पानी ला रहे हैं वह पर्याप्त नहीं हो रहा। कुछ ही देर में बोतल खाली हो रही है।</p>
<p><strong>तरणताल व क्लब में जाना पड़ रहा</strong><br />खिलाड़ी जय वर्धन व पुप्पेन्द्र ने बताया कि पानी की प्यास लगने पर पानी ही नहीं मिल रहा। ऐसे में या तो तरणताल या उम्मेद क्लब में वाटर कृूलर की तरफ जाना पड़ रहा है। लेकिन कई बार क्लब में भी बार-बार जाने से रोक दिया जाता है। जिससे खिलाडिय़ों के लिए पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।</p>
<p><strong>पानी की सुविधा तो होनी ही चाहिए</strong><br />स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी श्याम नाहर ने बताया कि स्टेडियम जैसी जगह जहां रोजाना बड़ी संख्या में खिलाड़ी आ रहे हैं वहां पानी की व्यवस्था तो होनी ही चाहिए। लेकिन स्टेडियम में टंकी का गर्म उबलता हुआ पानी आ रहा है। जिसे पीना तो दूर हाथ लगाना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में खिलाड़ी व कोच परेशान हो रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />स्टेडियम में जितनी संख्या में सुबह-शाम खिलाड़ी आ रहे हैं। उनके लिए फिलहाल पीने के पानी की सुविधा नहीं है। जे.के. पवेलियन में वाटर कूलर है लेकिन वह काम नहीं कर रहा है। जिससे ठंडा पानी नहीं मिल रहा। नल दूर है जिसमें भी गर्म पानी आ रहा है। इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन व केडीए अषिकारियों से बात की थी। उन्होंने पानी की व्यवस्था करवाने का आश्वासन तो दिया था लेकिन अभी तक सुविधा नहीं हुई है। जिससे इस भीषण गर्मी में खिलाडिय़ों को परेशान होना पड़ रहा है।<br /><strong>- वाई.बी. सिंह, खेल अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:29:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : आरओबी से हटाया झुका हुआ खम्बा, बंद लाइटें फिर से जल उठेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली के अस्त-व्यस्त तार ठीक किए जाएंगे, जिससे बंद लाइटें फिर से जल उठेंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---leaning-pole-removed-from-rob/article-153111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)32.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी पर आंधी के दौरान झुके बिजली के खम्बे को केडीए की ओर से गुरुवार को हटवा दिया गया। शहर में तीन दिन पहले आई आंधी से आरओबी पर लगे खम्बों में से बिजली का एक खम्बा टेढ़ा होकर झुक गया था। जिससे उसके कभी भी गिरने पर हादसे का खतरा बना हुआ था। गुरुवार को केडीए की ओर से उस खम्बे को हटवा दिया।केडीए के अधिशाषी अभियंता विद्युत ललित कुमार मीणा ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से खम्बा झुक गया था। उसे कटवाकर हटवा दिया है। उसके साथ ही दो अन्य खम्बों को भी हटाया गया है। वहीं इसकी जगह पर फेब्रिकेट करके नए सिरे से खम्बे लगाए जाएंगे। साथ ही बिजली के जो तार अस्त-व्यस्त हो रहे हैं उन्हें भी सही कर दिया जाएगा। जिससे यहां बंद लाइटें भी जल जाएंगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि हादसों को न्यौता दे रहे इस बिजली के खम्बे का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 7 मई के अंक में पेज 6 पर ' छतों पर लगे अवैध होर्डिग्स व वॉलड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस बिजली के खम्बे के टेढ़ा होने व उससे हादसों के खतरे की जानकारी दी गई थी। समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी हरकत में आए और गुरुवार को ही उस खम्बे को हटवा दिया। जिससे अब खतरा नहीं रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:32:42 +0530</pubDate>
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                <title>मां आईसीयू में जिंदगी के लिए लड़ रही,बाहर परिजनों की गोद में बिलख रहे नवजात</title>
                                    <description><![CDATA[बहू, बेटी और पत्नी को गंभीर हालात में देख परिजनों की आंखो से छलके आंसू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mother-battles-for-her-life-in-the-icu--outside--newborns-weep-in-the-arms-of-relatives/article-153055"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ अस्पताल में नई जिंदगी देने वाली मां खुद जिंदगी और मौत से जूझती रही तो दूसरी तरफ उसी मां की कोख से जन्मे नवजात आईसीयू के बाहर रिश्तेदारों की गोद में बिलखते रहे। कोई मामा बच्चे को सीने से लगाकर चुप करा रहा था, कोई दादी आंखों में आंसू लिए भगवान से बहू को बचाने की मिन्नतें कर रही थीं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के चौथे फ्लोर पर बुधवार सुबह जो दृश्य था, उसे देख हर किसी का दिल पसीज गया। हालात यह थे, नेफ्रोलॉजी आईसीयू के बाहर बैठे परिजन गोद में मासूम नवजात लिए हुए थे। कोई बच्चे को थपकियां दे रहा था तो कोई दूध पिला रहा था, लेकिन हर चेहरा आईसीयू के दरवाजे पर इसी उम्मीद से टिका था, शायद अंदर से कोई अच्छी खबर मिल जाए। नवज्योति ने बेबस परिजनों से घटना को लेकर बात की तो उन्होंने अपनी पीड़ा बयां की....पेश है लाइव रिपोर्ट</p>
<p><strong>जांच के लिए हाथ जोड़ता रहा फिर भी मना कर दिया</strong><br />रागिनी के पति लोकेश कहते हैं, हम बार-बार डॉक्टरों को बताते रहे कि तबीयत बिगड़ रही है, ब्लड प्रेशर गिर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा था। रात 2 बजे कहा गया कि जांच करानी पड़ेगी। हम सैंपल लेकर गए तो जांच केंद्र ने मना करते हुए सुबह होने की बात कही। मैंने हाथ जोड़ता रहा, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था। हम इधर-उधर भटकते रहे और पत्नी की हालत बिगड़ती रही।</p>
<p><strong>बच्चे का चेहरा तक नहीं देख पाई रागिनी</strong><br />इटावा निवासी 29 वर्षीय रागिनी ने गत सोमवार को बेटे को जन्म दिया। परिवार खुशियों की तैयारी कर ही रहा था कि कुछ घंटों में सब कुछ बदल गया। महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। अब वह नेफ्रो आईसीयू में भर्ती है और उसका नवजात बाहर भाई विकास की गोद में रो रहा था।</p>
<p><strong>जिंदगी और मौत से जूझ रही बहन </strong><br />रागिनी का भाई विकास की आंखें बार-बार आईसीयू के दरवाजे पर टिक जाती हैं। वह कहता है, मेरी बहन ने जन्म के बाद से अपने बच्चे का चेहरा तक नहीं देख पाई। हम बच्चे को संभाल रहे हैं और अंदर बहन जिंदगी के लिए लड़ रही है। डॉक्टर सिर्फ इतना कह रहे हैं कि किडनी में दिक्कत है, लेकिन एक साथ इतनी महिलाओं को यही दिक्कत कैसे हो सकती है।</p>
<p><strong>रिश्तेदारों की गोद में बिलखते रहे नवजात</strong><br />अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक में पहुंचने पर भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया। जहां मासूम नवजात अपने रिश्तेदारों की गोद में बिलख रहे थे। एसएसबी वार्ड के चौथे फ्लोर पर नेफ्रो आईसीयू के बाहर तीमारदार (परिजन) बैठे हुए थे, जिनके हाथों में मासूम नवजात थे। इन बच्चों की मां अंदर आईसीयू में गंभीर हालत में भर्ती हैं। रिश्तेदार इन नवजात बच्चों को चुप कराने की कोशिश करते नजर आए, कोई गोद में लेकर इधर-उधर घूम रहा था, तो किसी की आंखों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गुस्सा झलक रहा था।</p>
<p><strong>कोई नहीं बता रहा, क्या हो रहा</strong><br />आईसीयू में भर्ती काकरिया निवासी चंद्रकला (30) के पति राकेश ने बताया कि रविवार देर रात करीब एक बजे वह अस्पताल में चंद्रकला को लेकर आए थे। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे आॅपरेशन से बच्ची हुई थी। आॅपरेशन रूम से बाहर निकालने के बाद वार्ड में लेकर आए। तीन-चार घंटे बाद उसकी तबीयत खराब होने लग गई। उसके यूरिन आना बंद हो गया। फिर डॉक्टरों ने मंगलवार को जांचें करवाई तो किडनी में इंफेक्शन का पता चला। मंगलवार रात 10 बजे हमसे कहा कि एसएसबी वार्ड में शिफ्ट करेंगे। हम मरीज को यहां तक पैदल लेकर आए, इसके बाद अभी तक कोई जवाब देने वाला नहीं कि क्या हो रहा है, कब तक ठीक होंगे। कोई कुछ नहीं बता रहा। अभी भी यूरिन नहीं बन रहा है।</p>
<p><strong>12 आॅपरेशन हुए, 6 की हालत गंभीर</strong><br />कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में गत सोमवार को अस्पताल के ओटी में 12 महिलाओं के सीजेरियन आॅपरेशन हुए थे। इनमें से 6 की आॅपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। इन महिलाओं को बोलत भी चढ़ाई गई और एंटी बायोटिक्स भी दी गई थी।</p>
<p><strong>महिला की मौत के बाद जागे चिकित्सक व स्टाफ</strong><br />परिजनों ने बताया कि मंगलवार की सुबह एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद ये डॉक्टर्स और स्टाफ हरकत में आया। जांचें हुई, ट्रीटमेंट शुरू किया गया। बाद में कहा गया कि किडनी में दिक्कत है। फिर एक के बाद एक पांचों महिलाओं को रात में एसएसबी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया।</p>
<p><strong>जांच के बाद ही सामने आएगा वास्तिविक कारण</strong><br />प्रिसिंपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि हम अलग-अलग कारण मान रहे हैं, लेकिन उनके काट भी सामने आ रहे हैं। मान लें कि फ्लूड या दवाइयों की वजह से ऐसा हुआ है तो अन्य मरीजों में इसका असर क्यों नहीं हुआ। ऐसे में स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सकता। जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। एक मरीज पायल की मंगलवार सुबह मौत हो गई थी। उसकी जांच के लिए भी टीम गठित की गई है। हमारे लिए भर्ती मरीजों को रिकवर करना जरूरी है। तीन से चार दिन तक निगरानी में रखना जरूरी है, क्योंकि अभी इन्हें खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता है। गायनिक वार्ड को भी खाली करवा लिया है और इंफेक्शन की आशंका के चलते उसे भी सैनेटाइज करवाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:51:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : प्रसूता की मौत के मामले के बाद हरकत में आया प्रशासन , स्पीकर व विधायक ने किया दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[चूक तो हुई है, निरीक्षण के बाद बोले उचित इलाज के साथ जांच के दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news-report--administration-springs-into-action-following-the-death-of-a-new-mother--speaker-and-mla-pay-a-visit/article-153051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत व अन्य महिलाओं गम्भीर अवस्था की खबर को दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा नवीन चिकित्सालय पहुंचे और बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रसूताओं तत्काल प्रभाव से बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये।</p>
<p><strong>प्रशासनिक अमले में मची खलबली</strong><br />दैनिक नवज्योति में खबर छपने के बाद बुधवार सुबह से ही अस्पताल में हड़कंप का माहौल रहा। विधायक संदीप शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर अस्वस्थ प्रसूताओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और एक ही वार्ड में कई महिलाओं के संक्रमित होने को अत्यंत गंभीर लापरवाही करार दिया। उन्होंने मौके पर ही कड़े निर्देश दिए कि प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाए।</p>
<p><strong>कारणों की जांच के साथ पुनरावृति न होने देने की हिदायत</strong><br />विधायक ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को बिमारी के असली कारणों की जांच करने के साथ अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने की भी सख्त हिदायत दी। कारणों की प्रभावी जांच करने के निर्देश दिए ताकि ऐसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो।</p>
<p><strong>परिजनों को भरोसा स्टाफ को चेतावनी</strong><br />विधायक ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों के परिजनों से बात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। तथा पीड़िताओं के परिवार के साथ खडे रहने की बात कही। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। इस दौरान प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन, अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा, जिला प्रवक्ता राजेन्द्र गुप्ता, मण्डल अध्यक्ष पन्नालाल बंजारा, कीर्तिकान्त गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>विधायक ने माना गडबड़ तो हुई है जांच से पता चलेगा</strong><br />सिजेरियन गायनी के केस थे उनमे से 5 पेशेन्ट की ऑपरेशन के बाद महिलाओं को बीपी की शिकायत सामने आने के बाद दी गयी दवाओं की जांच की जा रही है। डॉ विकास खण्ड़ेलिया, साैरभ चित्तौड़ा की टीम सारे पहलुओं पर जांच की जा रही है। एक साथ 5 महिलाओं के साथ एक जैसी परेशानी होने के बाद उनका इलाज चल रहा है। 3 डॉक्टर की टीम बनाई गयी है जो पूरे मामले की जांच करेगी। अस्पताल में जांच के साथ सही जांच के लिये भी जरूरी कदम उठाये जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:50:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>छतों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉलड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम में बदलाव से आंधी के कारण बन रहे हादसों का कारण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/illegal-hoardings-and-wall-drops-on-rooftops-pose-a-risk-of-accidents/article-153050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हवा व आंधी से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं निजी भवनों की छतों पर लगे अवैध होर्डिंग्स व वॉल ड्रॉप लोगों के लिए खतरा भी बने हुए हैं। ये हादसों का कारण बन रहे हैं।विक्षोभ के असर से शहर में दो दिन पहले दोपहर बाद इतनी तेज आंधी व हवा के साथ बरसात हुई कि कई जगह पर होर्डिंग्स व बैनर और विज्ञापन बोर्ड छतों से उड़कर सड़क पर जा गिरे। जिससे राह चलते कई लोग चोटिल होते-होते बचे। वहीं कई जगह ऐसी हैं जहां इस तरह के विज्ञापन बोर्ड या तो आधे लटके हुए हैं या गिरने की स्थिति में हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>निगम ने की थी कार्रवाई</strong><br />शहर में पूर्व में अधिकतर निजी भवनों दुकानों, होटलों, मकानों पर बड़ी संख्या में अवैध रूप से होर्डिंग्स व विञ्जापन बोर्ड और भवनों की दीवारों पर वॉल ड्रॉप लगे हुए थे। जिन पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई की गई थी। नगर निगम की तत्कालीन अधिकारी कीर्ति राठौड़ के समय में निगम के राजस्व अनुभाग के माध्यम से उन सभी अवैध होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप को हटाया गया था। कई जगह तो गैस कटर से काटकर अवैध होर्डिग्स व बोर्ड को हटाना पड़ा था। उसके बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में नगर निगम ने निजी भवनों पर इस तरह से विज्ञापन बोर्ड, होर्डिग्स व वॉल ड्रॉप लगाने को अवैध घोषित कर दिया।</p>
<p><strong>हर जगह छतों पर मंडरा रहा खतरा</strong><br />हालत यह है कि वर्तमान में शहर में अधिकतर जगहों पर निजी व व्यसवायिक भवनों की छतों पर इस तरह के खतरे मंडरा रहे हैं। एरोड्राम चौराहे से छावनी चौराहे तक, सीएडी से गुमानपुरा तक, नयापुरा और नए कोटा समेत सभी जगह पर भवनों की छतों व दीवारों पर विज्ञापन बोर्ड टंगे हुए देखे जा सकते हैं। जिनसे भवन मालिक विज्ञापनों का किराया वसूल कर कमाई कर रहे हैं। वहीं ये आमजन के लिए दुर्घघटनाओं व हादसों का कारण बन रहे हैं। दो दिन पहले स्टेशन क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला हुआ जब एक अवैध होर्डिंग्स हवा से गिर गया था। वहीं छावनी में नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय का बोर्ड आधा लटका हुआ है। जिससे वह कभी की गिरकर हादसे का कारण बन सकता है। छावनी में ही एक भवन की छत पर तो केवल फ्रेम रह गया जबकि हवा के कारण उस पर लगा विज्ञापन फ्लेक्स फट गया।</p>
<p><strong>बरसात में अधिक खतरनाक</strong><br />जानकारों के अनुसार छतों पर लगे ये विज्ञापन बोर्ड व वॉल ड्रॉप आने वाले दिनों में बरसात के सीजन में अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। बरसात के सीजन में रोजाना आंधी तूफान और हवा के साथ तेज बरसात होती है। जिसमें इन बोर्ड के उड़कर बीच सड़क पर गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे कभी भी राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते है।सूत्रों के अनुसार नगर निगम की ओर से गत दिनों करीब एक दर्जन बड़े मॉल व प्रतिष्ठानों को इस संबंध में नोटिस भी जारी किए गए हैं।</p>
<p><strong>बिजली का खम्बा हुआ टेड़ा</strong><br />दो दिन पहले की तेज आंधी व बारिश से जहां पुराने पेड़ व होर्डिंग्स टूटकर गिरे। वहीं डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी पर लगे बिजली के खम्बों में से बीच का एक खम्बा भी टेढ़ा हो गया है। दो दिन से वह इस स्थिति में है कि कभी भी गिर सकता है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह खतरा बन सकता है। इस खम्बे के साथ ही बिजली के तार भी टूटकर बीच राह में गिरने से करंट भी फेला सकते हैं।<br />इस बारे में कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि किसी वाहन की टक्कर से यह खम्बा झुक गया है। उसे काटकर हटाने व उसके बाद नया खम्बा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे सही करवा दिया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />निजी भवनों की छतों पर लगे विज्ञापन होर्डिग्स, साइनबोर्ड व वॉल ड्रॉप को नगर निगम ने अवैध व प्रतिबंधित घोषित किया हुआ है। इनसे दुर्घटना व जन हानि होने का खतरा है। शहर में कहीं भवनों की छतों पर व दीवारों पर इस तरह के विज्ञापन लगे हुए हैं तो उन्हें हटवाने व भवन मालिकों को नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्तनगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:50:32 +0530</pubDate>
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                <title>बपावरकलां में नालों पर अतिक्रमण से सफाई व्यवस्था ठप, गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से पहले बढ़ी चिंता, पंचायत ने नोटिस जारी कर दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanitation-system-paralyzed-by-encroachments-on-drains-in-bapawarkala/article-152879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)23.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। आदर्श ग्राम पंचायत बपावर कला में नालों और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सफाई कर्मचारियों को नालों की सफाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बरसात से पहले हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम में कई स्थानों पर लोगों एवं दुकानदारों द्वारा नालों पर पक्के अतिक्रमण कर दुकानों के शटर लगा दिए गए हैं। इसके चलते नालों की सफाई लगभग नामुमकिन हो गई है। सफाई कर्मियों को कई बार सफाई के लिए भेजा गया, लेकिन उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा और कुछ स्थानों से भगा भी दिया गया। स्थिति यह है कि नालों और नालियों का गंदा पानी सड़कों और सीसी रोड पर फैल रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी<br />मंडरा रहा है। इंदिरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में गंदा पानी घरों में घुसने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p><strong>नालों में डाली निर्माण सामग्री</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि कई लोगों ने निर्माण सामग्री भी नालों में डालकर उन्हें अवरुद्ध कर दिया है, जिससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है। ग्रामवासी मनीष गोचर ने प्रशासन, से तुरंत अतिक्रमण हटाकर नालों की सफाई कराने की मांग की है, वहीं मनोज सिंघल ने कहा कि गंदा पानी मकानों की नींव तक पहुंच रहा है, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं ग्राम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी कर दिए हैं।</p>
<p>तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जेसीबी से कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन का सहयोग भी लिया जाएगा।<br /><strong>- घनश्याम सुमन, प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रशासन</strong></p>
<p>अतिक्रमण के कारण ही नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाकर सफाई कार्य शुरू कराया जाएगा। <br /><strong>- मुरलीधर वैष्णव, ग्राम विकास अधिकारी, बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:32:25 +0530</pubDate>
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                <title>मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मामला : ऑपरेशन के बाद बिगड़ी प्रसूताओं की तबीयत, एक की मौत, 4 की हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[सिजेरियन के बाद बिगड़े हालत, बीपी अचानक हुआ लो, किडनी फेल और प्लेटलेट्स गिरने से तड़के टूटा दम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/case-from-medical-college-hospital--health-of-post-op-patients-worsens--one-dead--4-in-critical-condition/article-152866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 5 प्रसूताओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिनमें से एक की मंगलवार तड़के मौत हो गई। वहीं, 4 प्रसूताओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें सुपर स्पेशलिटी में रैफर किया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद से अस्पताल में हड़कम्प मचा हुआ है। वहीं, इलाज के दौरान हुई इस अप्रत्याशित मृत्यु ने अस्पताल प्रशासन को भी चौंका दिया। मृतका पायल की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच शुरू कर दी है। जिसकी रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के बाद अचानक यह जटिल स्थिति क्यों बनी।</p>
<p><strong>पोस्ट गायनी वार्ड-1 में भर्ती थीं सभी प्रसूताएं</strong><br />जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को पांच प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। जिनमें पायल, ज्योति, चंद्रकला, धन्नी और रागिनी शामिल हैं। ऑपरेशन के बाद सभी प्रसूताओं को पोस्ट गायनी वार्ड-1 में भर्ती किया गया। जहां रात को पायल की अचानक तबीयत खराब हो गई। इस पर उसे सर्जिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया जहां मंगलवार सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई।</p>
<p><strong>तेजी से गिरा बीपी, किडनी फेल होने से मौत</strong><br />चिकित्सा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका पायल का ब्लड प्रेशर अचानक तेजी से नीचे गिरता चला गया। जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर विपरीत असर पड़ा और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। साथ ही प्लेटलेट्स भी लगातार डाउन होती रही, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई और अनंत: महिला की मौत हो गई।इलाज के दौरान प्रसूता की अचानक मृत्यु होने से अस्पताल में भी हलचल तेज हो गई।</p>
<p><strong>4 प्रसूताओं की भी हालत खराब, एसएसबी में किया रैफर</strong><br />नए अस्पताल की सर्जिकल आईसीयू में तैनात कर्मचारी ने बताया कि पोस्ट गायनी वार्ड-1 में 4 सिजेरियन प्रसूताएं भर्ती थी। जिनकी तबीयत खराब होने पर सर्जिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। जहां पायल की मौत हो गई। इसके बाद तीन प्रसूताएं ज्योति, चंद्रकला, धन्नी व रागिनी की भी अचानक तबीयत खराब हो गई। हालात गंभीर होने पर सोमवार सुबह 10 बजे प्रसूता रागिनी व शाम 4 बजे ज्योति और चंद्रकला व धन्नी को रात 9 बजे करीब सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग में रैफर किया गया। वहीं, डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि कुछ महिलाओं की स्थिति गंभीर है, जिनका इलाज चल रहा है।</p>
<p><strong>मौत के कारणों पर उठे सवाल, मेडिकल बोर्ड करेगा जांच</strong><br />घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच डॉक्टरों की सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। यह बोर्ड पूरे उपचार क्रम, ऑपरेशन के बाद की स्थिति, दवाओं की प्रतिक्रिया, मेडिकल पैरामीटर और अचानक बिगड़ी शारीरिक स्थिति की विस्तृत जांच करेगा। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि आखिर किस वजह से महिला का ब्लड प्रेशर अचानक गिरा, किडनी फेल हुई और प्लेटलेट्स में तेजी से कमी आई।</p>
<p><strong>प्राचार्य बोले- रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी तस्वीर</strong><br />मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला का बीपी लो हो गया था। इसके चलते किडनी फेल हुई और प्लेटलेट्स भी कम हो गए, जो उसकी मौत का कारण बने। यह स्थिति किन कारणों से उत्पन्न हुई, इसका पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया गया है। बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:21:53 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर भवन ढ़ह रहे, जिम्मेदार अधिकारी मौन</title>
                                    <description><![CDATA[ठोस कार्रवाई नहीं होने से इस तरह के हादसे हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dilapidated-buildings-collapsing--responsible-officials-remain-silent/article-152863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में बहुमंजिला बिल्डि़ंगों के गिरने का मंगलवार को तीन माह में दूसरा बड़ा हादसा हुआ है। इन हादसों के बाद भी सबक नहीं लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी पुराने व जर्जर भवनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंद्र विहार में तीन माह पहले 7 फरवरी को एक नॉनवेज रेस्टोरेंट की बिल्डिंग धराशाही हो गई थी। इसका कारण उस बिल्डिंग के पास अन्य बिल्डिंग में चल रहा निर्माण कार्य बताया गया था। जिससे इस रेस्टोरेंट की बिल्डिंग में दबने से दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं एक महिला का पैर काटना पड़ा था। उस हादसे के बाद कुछ समय तक तो नगर निगम व केडीए प्रशासन हरकत में आया और अवैध निर्माण को नोटिस दिए। जर्जर मकानों व भवनों का सर्वे कर उन्हें मकान मालिक द्वारा या तो स्वयं गिराने या निगम के स्तर पर गिरवाकर खर्चा मकान मालिकों से लेने का आदेश जारी किया गया। लेकिन उस हादसे के कुछ समय बाद सभी जिम्मेदार विभागों ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की।इसी का नतीजा है कि मंगलवार को एक बार फिर से तीन मंजिला पुराने मकान के गिरने का हादसा हो गया। इस मकान में गनीमत रही कि वर्तमान में कोई नहीं रह रहा था। वरना पड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>भीड़भाड़ वाला इलाका</strong><br />प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि घौंसी मौहल्ले में जिस जगह यह मकान गिरा वह काफी भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। हालांकि गली संकरी होने से वहां लोगों के निकलने के बाद यदि किसी पर मकान का मलबा गिरता तो भी कई लोगों की जान जा सकती थी। मकान गिरते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने मलबे व मकान के आस-पास किसी को भी जाने से रोक दिया। जिससे किसी को कोई चोट नहीं लगे। उसके बाद भी लोग रात तक वहीं डटे रहे।</p>
<p><strong>सामने मकान से बनाया लाइव वीडियो</strong><br />जिस समय यह मकान गिरा उस समय उसके सामने वाले मकान से एक बच्चे द्वारा उसका वीडियो बनाया जा रहा था। हादसे के बाद तेजी से वायरल हुए मकान गिरने के उस लाइव वीडियो में आवाज भी सुनाई दे रही है कि मैं वीडियो बना रहा हूं। साथ ही लोगों के चिल्लाने की आवाजें भी आ रही है। वहीं मकान में पहले छज्जा गिरने और उसके कुछ ही सैकंड में पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह धराशाही होता दिख रहा है। हादसे में कई वाहन व सामान दबे हैं। वहीं आस-पास धार्मिक स्थान व अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p><strong>मकान गिरते ही मचा हाहाकार</strong><br />जैसे ही मकान गिरा वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी को लगा कि मकान के मलबे में कोई दबा है। ऐसे में आस-पास हाहाकार मच गया। लोग चिल्लाने लगे कि कोई दबा तो नहीं। काफी देर तक लोगों में व प्रशासन में भी आशंका बनी रही। लेकिन जांच के बाद निगम व पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की कि मलबे में फिलहाल किसी के दबे होने की कोई जानकारी नहीं है। मकान में काम कर रहे महिला पुरुष श्रमिक व उनका एक बच्चा हादसे से पहले वहां से दूर हट गए थे।</p>
<p><strong>मकान को लेकर विवाद ही स्थिति बनी</strong><br />तीन मंजिला इस पुराने मकान के गिरने के बाद इसे लेकर मौके पर विवाद की स्थिति भी बनी। मौके पर एक मंगलमुखी  पहुंची और उन्होंने दावा किया कि यह मकान उनकी गुरु रेखा का है। उन्होंने इस मकान की चाबी उन्हें दी थी। लेकिन वह हरिद्वार गई हुई थी। इस कारण से मकान की चाबी आयशा अंसारी को दे गई थी। जबकि किसी ने बताया कि यह मकान आयशा अंसारी का है। मंगलमुखी ने बताया कि वे हरिद्वार से आई तो उन्हें मकान गिरा हुआ मिला है। उनकी जानकारी के बिना ही मकान की मरम्मत का काम कराया जा रहा था। इस मकान को लेकर मौके पर विवाद की स्थिति भी देखने को मिली। जिसे मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने समझाइश से शांत कराया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मकान के टाइगर की जांच की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता मलबा हटाने व लोगों को सुरक्षित करना है।</p>
<p><strong>अभी भी चिढ़ा रहे हैं पुराने व जर्जर मकान</strong><br />शहर में अभी भी बड़ी संख्या में पुराने व जर्जर मकान जैसे के तैसे खड़े हुए हैं। यह प्रशासन को चिढ़ा रहे हैं। प्रशासन द्वारा पुराने शहर के सूरजपोल से मोखापाड़ा, कैथूनीपोल से लालबुर्ज तक और नयापुरा व स्टेशन समेत कई जगह पर पुराने व जर्जर मकानों का सर्वे कराया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के दावे भी किए गए लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिससे इस तरह के हादसे हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:20:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : छावनी में शुरु हुआ सीसी सड़क का निर्माण कार्य, हादसों व जाम से जल्द मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पहले से बनी डामर की सड़क को कई दिन से खोदकर छोड़ा हुआ था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---construction-of-cc-road-begins-in-chhavani/article-152855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। छावनी मेन रोड पर सीसी सड़क बनाने का काम संवेदक द्वारा मंगलवार को शुरु कर दिया है। जिससे जल्दी ही सड़क का काम पूरा होने पर यहां से गुजरने वाले वाहनों को न तो जाम का सामना करना पड़ेगा और न ही हादसों का खतरा रहेगा। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा संवेदक के माध्यम से छावनी मेन रोड स्थित डॉ. राम कुमार सर्किल पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरु कराया गया है। संवेदक द्वारा यहां सीसी सड़क बनाने के लिए पहले से बनी डामर की सड़क को कई दिन से खोदकर छोड़ा हुआ था। जिससे वहां सड़क उबड़ खाबड़ होने के साथ ही सीवरेज के चैम्बर भी बाहर की तरफ अधिक ऊपर निकल गए थे। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन दिन में हादसों का शिकार हो रहे हैं। साथ ही मेन रोड होने से यहां चारों तरफ से वाहनों के आने के कारण दिनभर में कई बार जाम की स्थिति बन रही थी।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />छावनी में कई दिन से खुदी सड़क से स्थानीय निवासियों व राहगीरों और व्यापारियों को रही परेशानी को देखते हुए इस मामले को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 5 मई के अंक में पेज 4 पर' सीसी के लिए खोदी सड़क, जाम व हादसों का खतरा ,शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसमें स्थानीय लोगों के साथ ही वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों की पीड़ा को उजागर किया गया था।समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी व संवेदक हरकत में आए और मंगलवार को सुबह ही सीसी सड़क बनाने का काम शुरु कर दिया। केडीए अधिकारियों का कहना है कि सड़क का काम शुरु कर दिया है। मेन रोड होने से इस सड़क को सूखने में कई दिन का समय लगने से रास्ते को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है। जल्दी ही सड़क का काम पूरा हो जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिलेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:18:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 20 साल की जेल, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी बालिका को बहला फुसलाकर अपने साथ बाइक पर  ले गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/20-years-imprisonment-for-kidnapping-and-rape-of-a-minor/article-152754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दो साल पहले नाबालिग बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में मंगलवार को पोक्सो क्रम संख्या पांच के न्यायाधीश प्रेमराज सिंह चन्द्रावत ने आरोपी सुरेश मीणा को दोषी मानते हुए बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी पर एक लाख दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी के खिलाफ पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना कैथून में रिपोर्ट दी थी।<br /> <br />विशिष्ट लोक अभियोजक महेश चंद चंदवानी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 26 मार्च 2024 को रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि उसके बच्चे रात को खाना खाकर सो गए थे। सुबह  करीब 6 बजे देखा तो उसकी छोटी बेटी जो कक्षा आठ में गांव में ही पढ़ती है वह गायब थी।  बिना बताए कहीं चली गई।  पुत्री को तलाश किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा । रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अपहरण सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अनुसंधान के दौरान बालिका को पुलिस ने 27 मार्च 2024 को आरोपी सुरेश मीणा के पास से दस्तयाब किया। बालिका के बयान  और मेडिकल के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की धारा जोड़ते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p> पुलिस  अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी  25 मार्च 2024 की रात दस से सुबह दस बजे के बीच फरियादी के घर से उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गया । जोगणिया माता चित्तौडगढ़ में एक कमरा किराए पर लिया  उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में  आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी सुरेश मीणा को दोषी मानते हुए बीस साल के कठोर करावास की सजा से दंडित किया और एक लाख दस हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:10:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीसी के लिए खोदी सड़क, जाम व हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[डाली गई सीवरेज लाइन के चैम्बर काफी बाहर तक निकल गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/road-dug-up-for-concrete-paving--risk-of-traffic-jams-and-accidents/article-152724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से छावनी मेन रोड पर डामर की जगह सीसी रोड बनायी जा रही है। लेकिन उसके लिए खोदी गई सड़क वहां से गुजरने वालों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। दिनभर जाम व हादसों का खतरा बना हुआ है। केडीए की ओर से छावनी में डॉ. रामकुमार चौराहे से मुख्य बाजार में होते हुए रामचंद्रपुरा तक सीसी रोड काफी समय पहले बनाई जा चुकी है। ऐसे में जहां डामर रोड बरसात के समय बार-बार गड्ढ़ो में तब्दील होने से लोगों के लिए हादसों कारण बन रही थी। उससे काफी राहत मिली है। वहीं अब मेन रोड पर चौराहे के आस-पास की सड़क पर जहां हर बार बरसात में पानी भरने से गड्ढ़े हो रहे थे। उसे भी सीसी किया जा रहा है। इसके लिए संवेदक द्वारा पिछले कई दिन से सड़क को खोदकर छोड़ा हुआ है। डामर सड़क को खोदने से वहां डाली गई सीवरेज लाइन के चैम्बर काफी बाहर तक निकल गए हैं। ऐसे में यह मार्ग काफी व्यस्त होने से यहां वाहनों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में यहां दिनभर वाहनों का जाम व छोटे वाहनों विशेष रूप से ई रिक् शा के पलटने व दो पहिया वाहनों के संतुलन बिगडऩे से गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>चौराहा है तो चार तरफ से आ रहा ट्रैफिक</strong><br />स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह चौराहा है इस कारण से यहां चार तरफ से वाहन निकल रहे हैं। छावनी अंदर की कॉलोनियों से चौराहे की तरफ जाने वाले, चौराहे से अंदर कॉलोनी में जाने वाले, बंगाली कॉलोनी की तरफ से आने व उधर की तरफ जाने वाले वाहनों के एक साथ आने से वहां दिनभर जाम की स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं सुबह के समय तो थोक फल सब्जीमंडी के लोडिंग वाहन तक निकल रहे हैं। जिससे उनका कई बार संतुलन बिगड़ चुका है। वहीं सोमवार को बरसात होने से वहां खुदी सड़क में पानी भरने से कीचड़ हो गया। जिससे हादसों का खतरा अधिक बना रहा।</p>
<p><strong>काम होना अच्छा है लेकिन जल्दी हो</strong><br />छावनी निवासी देवेश तिवारी ने बताया कि केडीए की ओर से चौराहे की सड़क को सीसी किया जा रहा है। यह अच्छा काम होगा लेकिन उसे कई दिन तक खोदकर खुला छोड़ा हुआ है। जिससे मेन रोड होने से वहां से निकलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br />छावनी निवासी राकेश जैन व मोहम्मद इसरार ने बताया कि केडीए द्वारा संवेदक से काम कराया जा रहा है तो उसकी मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए। जिससे संवेदक काम को समय पर और बेहतर ढ़ंग से करे। जैन ने बताया कि सड़क खुदी होने से वहां रास्ता उबड़ खाबड़ हो रहा है। जिससे दो पहिया वाहन असंतुति होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह काम जितना जल्दी पूरा होगा उतना अच्छा रहेगा।</p>
<p><strong>बरसात के कारण देरी हुई, काम जल्दी पूरा होगा</strong><br />इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि चौराहे का कुछ हिस्सा डामर का है। जिससे वहा बरसात में पानी भरने पर बार-बार सड़क खराब हो रही है। उसे सही करने के लिए यहां सीसी रोड बनाया जा रहा है। इसका काम शुरु होना था लेकिन बरसात आने से काम अटक गया। मंगलवार को काम शुरु कर जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा। संवेदक का कहना है कि पहले एक तरफ की सड़क सीसी करने के बाद दूसरी तरफ की की जाएगी। जिससे आवागमन सुचारू रह सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:14:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दवा से मुश्किल ठंडा पानी, रात होने से पहले पानी स्टाक की फिक्र</title>
                                    <description><![CDATA[रीते कंठ इलाज कराने की मजबूरी, दवा खाने के पानी की जुगत में तीमारदार ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/finding-water%E2%80%94especially-cold-water%E2%80%94is-harder-than-finding-medicine--a-race-to-stock-up-before-nightfall/article-152720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में इन दिनों तीमारदारों को मरीज की देखभाल से ज्यादा चिंता एक बोतल पानी की है। अस्पताल परिसर में पहले जहां हर जगह शीतल जल उपलब्ध हो जाता था वहां पानी के लिये 100 मीटर तक की दूरी तय करनी पड रही है। कहने को परिसर में 28 वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन धरातल पर केवल 18 ही जैसे-तैसे चल रहे हैं। बाकी या तो कबाड़ हो चुके हैं या प्रशासन की लापरवाही के कारण तालों में बंद हैं। एक बार जहां से पानी की सुविधा बंद हुई फिर वो चालू की ही नहीं गयी। ऐसे में परिजनों के लिये के लिये बोतलें हाथ में लेकर घुमने की मजबूरी इलाज का हिस्सा बन चुकी है।</p>
<p><strong>बदहाल सिस्टम से परिजनों की परिक्रमा</strong><br />300 फीट लम्बे गलियारों को पार करने के बाद परिसर में लगे वाटर कूलरों से पानी लेने जाने के बाद भी कई बार पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में एमबीएस परिसर की ओल्ड़ बिल्डिंग में पीने के पानी के लिये बाहर आने की मजबूरी से परिजनों की लम्बी परेड़ हाे जाती है। कई बार तो परिजन सड़क पार करके भी पानी लेकर जाते है। सबसे बड़े वार्ड मेडिकल के मरीज पानी के लिए ENT वार्ड की गैलरी तक दौड़ रहे हैं। न्यूरोलॉजी विभाग में लगा कूलर का तो कनेक्शन ही काट कर हटा दिया है हांलाकि कूलर बाहर रखा है। बर्न वार्ड के रिनोवेशन के चलते महीनों से पानी की सुविधा पर ताला लगा है।</p>
<p><strong>पहले कहा मेन्टीनेन्स के बाद, अब जरूरत नहीं</strong><br />परिसर में लगे वाटर कूलरों की 19 अप्रेल को खबर प्रकाशित करने के दौरान अस्पताल प्रशासन ने बताया था कि पुराने वाटर कूलरों को मेन्टीनेन्स के लिये हटाया गया है, जिन्हे वापस चालू कर दिया जायेगा। लेकिन भीषण गर्मी 15 दिन गुजर जाने के बाद भी सुविधायें बहाल नहीं हो पायी तब दैनिक नवज्योति ने जन उपयोगीता के मुद्देज पर अस्पताल प्रशासन से पक्ष लिया तब अस्पतान अधीक्षक ने ऐसी जगहों पर दुबारा से प्याऊ शुरू करने की जरूरत नही बताई। पहले दवा काउँटर नं 9, दवा काउन्टर 121 तथा सर्जीकल वार्ड के भीतर लगे प्याऊ बंद कर दिये गये है।</p>
<p><strong>जहां से हटे फिर नहीं लगे,अधीक्षक बोले हमारे पास एक्स्ट्रा</strong><br />लेखा शाखा के बाहर रखा वाटर कूलर कई महीनों से हटाया गया है। न्यू आईपीड़ी व पुराने कॉटेज वार्ड़ की तरफ से आने वाले परिजनाें व लेखा शाखा के कार्मिकों के लिये यही वाटर कूलर ठण्ड़े पानी के लिये काम आता है। अस्पताल सुत्रों ने बताया कि यह कण्ड़म होने के कारण हटा लिया गया है, वही अधीक्षक महोदय के बताये अनुसार अधीक्षक कार्यालय में वाटर कूलर रिजर्व में रखे हुये है।</p>
<p><strong>रखरखाव तो दूर गेट पर ही ताला</strong><br />मेडिकल यूनिट B व C में 2 साल पहले पानी के लिए बाटर कूलर काम कर रहा था पिछले साल से पार्क की तरफ जाने वाला गेट बंद कर दिया गया हांलाकि कूलर आज भी वहीं लगा हुआ है जाे अब कबाड़ में तब्दील होता जा रहा है। </p>
<p><strong>जहां खाना खाने के साथ ठण्ड़े पानी की थी जगह, अब पीक व गंदगी</strong><br />आर्थोपैड़िक वार्ड़ के बाहर परिजनों के खाना खाने के लिये डाईनिंग हालनुमा केम्पस बनाया गया था यहीं पर एक वाटर कूलर भी लगा हुआ है। सीपेज की समस्या के कारण इसे बन्द कर के पुरे केम्पस पर ही ताला लगा दिया। अब यहां लगा कूलर कबाड़ बन गया वहीं गेट के भीतर गंदगी का ढ़ेर जमा हो गया। बची-खुची कसर यहां लोगो ने गुटके की पीक से पुरी कर दी।</p>
<p><strong>मरीज बोले- दवा से मुश्किल ठंडा पानी</strong><br />भैया के एक्सीडेंट के बाद 5 दिन से यहाँ हूँ। रात में अस्पताल में रोशनी कम रहती है, डर लगता है लेकिन पानी के लिए पूरे अस्पताल की परिक्रमा करनी पड़ती है। कोई मिलने वाला आ जाये तो पानी की पुछने में भी सोचना पड़ता है।<br /><strong>- वंदना, तीमारदार</strong></p>
<p>अभी थोडी देर पहले ही 30 रूपये की पानी की बोतल लेकर आयी हूँ यहां वाटर कूलर तो है लेकिन दूसरे वार्ड के भी यही से भरते है कभी भी पानी ठंडा नहीं मिलता। बाहर भी यही हाल है।<br /><strong>-पूजा ,मरीज की पत्नी</strong></p>
<p>जहां आवश्यकता है वहां के वाटर कूलर चालू है। सभी काे बिना जरूरत चालु करने से क्या फायदा। रिजर्व में रखवा रखें है। वाटर टेंक की सफाई करवाई जाती है। डेट भी रहती है।<br /><strong>-डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:20 +0530</pubDate>
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