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                <title>उदयपुर - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>उदयपुर RSS Feed</description>
                
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                <title>पर्यटन क्षेत्र में उदयपुर की एक और राष्ट्रीय उपलब्धि, देश के 15 सबसे सुरक्षित मानसून पर्यटन स्थलों में लेकसिटी को पांचवीं रैंक</title>
                                    <description><![CDATA[झीलों की नगरी उदयपुर ने पर्यटन के क्षेत्र में एक और राष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम की। वर्ष 2026 के लिए जारी देश के सोलो वूमेन ट्रैवलर्स के लिए 15 सबसे सुरक्षित मानसून पर्यटन स्थलों की सूची में उदयपुर को पांचवां स्थान मिला। सुरक्षित माहौल, बेहतर पर्यटन सुविधाएं, स्थानीय लोगों का सहयोग और उत्कृष्ट आतिथ्य संस्कृति ने उदयपुर को अकेले यात्रा करने वाली महिला पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/another-national-achievement-of-udaipur-in-the-tourism-sector-lake/article-159281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)16.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर ने पर्यटन के क्षेत्र में एक और राष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम की है। वर्ष 2026 के लिए जारी देश के सोलो वूमेन ट्रैवलर्स के लिए 15 सबसे सुरक्षित मानसून पर्यटन स्थलों की सूची में उदयपुर को पांचवां स्थान मिला है। सुरक्षित माहौल, बेहतर पर्यटन सुविधाएं, स्थानीय लोगों का सहयोग और उत्कृष्ट आतिथ्य संस्कृति ने उदयपुर को अकेले यात्रा करने वाली महिला पर्यटकों की पहली पसंद बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार रैंकिंग तय करने में महिला यात्रियों की सुरक्षा, पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सड़क एवं परिवहन सुविधाएं, होटल और होमस्टे की गुणवत्ता, स्थानीय नागरिकों का सहयोग, मानसून में यात्रा की सुगमता तथा वास्तविक महिला यात्रियों के अनुभवों को प्रमुख आधार बनाया गया। साथ ही विभिन्न ट्रैवल प्लेटफॉर्म, गूगल रिव्यू और महिला पर्यटकों की प्रतिक्रियाओं का भी विश्लेषण किया गया। बारिश के मौसम में उदयपुर की प्राकृतिक छटा अपने चरम पर होती है। पिछोला, फतहसागर और उदयसागर झीलों का सौंदर्य, सज्जनगढ़ की हरियाली, अरावली की वादियां और बादलों से घिरी पहाड़ियां पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। यही मनोहारी वातावरण अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यादगार अनुभव बन रहा है।<br /> </p>
<p><strong> कम भीड़, सस्ती ठहरने की सुविधा</strong><br />मानसून सीजन में पर्यटकों की अपेक्षाकृत कम भीड़ होने से होटल और होमस्टे के किराए 30 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इससे महिला यात्रियों को कम खर्च में आरामदायक, सुरक्षित और सुकून भरा यात्रा अनुभव मिलता है।</p>
<p><strong>केरल का मुन्नार पहले स्थान पर</strong><br />राष्ट्रीय सूची में केरल का मुन्नार पहले स्थान पर रहा, जबकि उदयपुर ने पांचवां स्थान हासिल कर राजस्थान का मान बढ़ाया है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से आगामी मानसून सीजन में उदयपुर आने वाली महिला पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:33:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एआई के दौर में बदली छात्रों की पसंद, सिविल इंजीनियरिंग ने दी कंप्यूटर साइंस को टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस अब भी छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है, लेकिन इस वर्ष राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस की सीट आबंटन प्रक्रिया के पहले राउंड में नए नया रुझान सामने आया। सीएस के बाद सिविल इंजीनियरिंग ने एक बार अपनी लोकप्रियता बढ़ाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/students-preferences-changed-in-the-era-of-ai-civil-engineering/article-159272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)25.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। शहर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में कंप्यूटर साइंस अब भी छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है, लेकिन इस वर्ष राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस (रीप) की सीट आबंटन प्रक्रिया के पहले राउंड में नए नया रुझान सामने आया है। सीएस के बाद सिविल इंजीनियरिंग ने एक बार अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है। इसके चलते शहर के तमाम सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में सिविल इंजीनियरिंग की जमकर पूछ परख हो रही है। बता दें, आईईटी बॉम्बे और आईईटी दिल्ली में भी यह बदलाव देखने को मिला है। आईईटी बॉम्बे में इस वर्ष सिविल इंजीनियरिंग की ओपनिंग ऑल इंडिया रैंक 385 रही, जबकि पिछले वर्ष यह 2666 थी।</p>
<p>इसी तरह आईईटी दिल्ली में ओपनिंग रैंक 3030 से सुधरकर 179 पर पहुंच गई। निजी कॉलेज प्रबंधकों का भी मानना है कि एआई की आशंकाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर बूम के बीच यह बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते साल जिस रफ्तार से कंप्यूटर साइंस को लेकर दबदबा रहा था, उसे इस साल सिविल इंजीनियरिंग कोर्स जमकर चुनौती दे रहा है। उधर, सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज में भी रीप से पहला राउंड शुरू हुआ है। यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा इले्ट्रिरकल इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। इसमें सर्वाधिक 120 सीटें कंप्यूटर साइंस में है तो अन्य में 60-60 सीटें निर्धारित हैं।</p>
<p><strong> सिविल में रुझान का यह है बड़ा कारण</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे केवल देश में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वजह नहीं है, बल्कि व्यापक आर्थिक बदलाव और रोजगार की बदलती प्राथमिकताएं भी जिम्मेदार हैं। कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण कई छात्र अब अपेक्षाकृत स्थिर कॅरियर देने वाली कोर इंजीनियरिंग शाखाओं की ओर रुख कर रहे हैं। एआई को लेकर बढ़ती आशंकाएं छात्रों को स्थिरता की तलाश में सिविल जैसी कोर इंजीनियरिंग शाखाओं की ओर तेजी से आकर्षित कर रही हैं।</p>
<p><strong>अनिश्चित भविष्य का खतरा</strong><br />इस बदलाव का अर्थ यह है कि जिन छात्रों के पास पहले इले्ट्रिरकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग चुनने का विकल्प होता था, उनमें से कई इस वर्ष सिविल इंजीनियरिंग को प्राथमिकता देने की तैयारी में है। इससे स्पष्ट है कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ते अवसरों और एआई से जुड़े अनिश्चित भविष्य के बीच सिविल इंजीनियरिंग एक बार फिर आकर्षक कॅरियर विकल्प बनकर उभरी है।<br />फोटो-100 </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:00:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विश्व जूनोसिस दिवस : पशुओं से 100 से ज्यादा बीमारियों का खतरा, मनुष्य को एक चूक पड़ सकती है भारी</title>
                                    <description><![CDATA[पशुओं की सेवा करने वाले ही कई बार उन्हीं से मिलने वाले संक्रमण का शिकार। उदयपुर के पशुपालन विभाग में गत वर्षों में एक डॉक्टर सहित 25 से अधिक कर्मचारी और पशुधन सहायक ब्रूसेलोसिस जैसी गंभीर जूनोटिक बीमारी की चपेट में आ चुके। अधिकांश मामलों में संक्रमण गायों के गर्भपात के दौरान भ्रूण और संक्रमित द्रव के सीधे संपर्क से फैला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/world-zoonosis-day-danger-of-more-than-100-diseases-from/article-159065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)12.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। पशुओं की सेवा करने वाले ही कई बार उन्हीं से मिलने वाले संक्रमण का शिकार बन जाते हैं। उदयपुर के पशुपालन विभाग मे ं गत वर्षों में एक डॉक्टर सहित 25 से अधिक कर्मचारी और पशुधन सहायक ब्रूसेलोसिस जैसी गंभीर जूनोटिक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। अधिकांश मामलों में संक्रमण गायों के गर्भपात (अबॉर्शन) के दौरान भ्रूण और संक्रमित द्रव के सीधे संपर्क से फैला। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में होने वाले लगभग 60 प्रतिशत संक्रामक रोग पशुओं से मनुष्यों में फैलते हैं, जबकि उभरने वाले नए संक्रामक रोगों में करीब 75 प्रतिशत की उत्पत्ति भी पशुओं से होती है। रेबीज, ब्रूसेलोसिस, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू, लेप्टोस्पाइरोसिस, एंथ्रेक्स, निपाह और ईबोला जैसी बीमारियां इसी श्रेणी में आती हैं।चेटक स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय के अधिकारियों के अनुसार संक्रमित गायों में गर्भावस्था के अंतिम महीनों में गर्भपात होने की आशंका रहती है। ऐसे पशुओं का गर्भपात कराने या मृत भ्रूण को बाहर निकालने के दौरान यदि दस्ताने, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं किया जाए तो संक्रमण त्वचा या शरीर के अन्य माध्यमों से मनुष्य में पहुंच सकता है।</p>
<p>संक्रमित कर्मचारियों में लंबे समय तक बार-बार बुखार आना, अत्यधिक थकान और शरीर दर्द जैसे लक्षण देखे गए। कच्चा दूध भी गंभीर संक्रमणों का कारक:विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रूसेलोसिस के अलावा कच्चा दूध भी कई गंभीर संक्रमणों का कारण बन सकता है। इसलिए दूध को हमेशा अच्छी तरह उबालकर ही उपयोग करना चाहिए। पशुओं का नियमित टीकाकरण, साफ-सफाई, बीमार पशुओं को अलग रखना तथा जैविक अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना संक्रमण की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<p><strong> इनका कहना है</strong><br />पशुपालकों और पशुधन सहायकों को विशेष रूप से गाय और बकरी के गर्भपात का निस्तारण करते समय पूरी सुरक्षा अपनानी चाहिए। रेबीज से बचने के लिए श्वान के काटते ही इंजेक्शन लगवाना चाहिए। पशुपालन, डेयरी, मांस उद्योग, प्रयोगशालाओं और चिड़ियाघरों से जुड़े लोगों में जूनोसिस का जोखिम सबसे अधिक होता है। दूध उबाल कर पीएं। जागरूकता और सावधानी ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।<br />-डॉ. सुरेश जैन<br />अति.निदेशक, बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:45:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केतन अग्रवाल हत्याकांड : वेडिंग लोकेशन देखने बॉयफ्रेंड संग उदयपुर आई थी सिया, एयरपोर्ट पर साथ दिखे दोनों</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में उदयपुर का अहम कनेक्शन सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ गत माह उदयपुर आई थी। पुलिस अब इस यात्रा और उससे जुड़े घटनाक्रम की भी गहन जांच कर रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/ketan-aggarwal-murder-case-sia-had-come-to-udaipur-with/article-158338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में उदयपुर का अहम कनेक्शन सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ गत माह उदयपुर आई थी। पुलिस अब इस यात्रा और उससे जुड़े घटनाक्रम की भी गहन जांच कर रही है। जांच के अनुसार सिया गोयल को उदयपुर की खूबसूरती इतनी पसंद आई थी कि उसने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से यहीं डेस्टिनेशन वेडिंग करने की इच्छा जताई थी। सिया की पसंद को देखते हुए केतन ने उदयपुर स्थित एक रिसॉर्ट को शादी के लिए फाइनल किया था। पुणे पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सिया अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को उसी रिसॉर्ट की लोकेशन दिखाने के लिए फ्लाइट से उदयपुर लेकर आई थी। दोनों उसी दिन वापस लौट गए थे। चेतन के परिचितों ने एयरपोर्ट पर दोनों को साथ देखने की भी पुष्टि की है। </p>
<p><strong>पुलिस जांच में यह भी सामने आया </strong><br />केतन से सगाई से पहले जनवरी 2025 में सिया, चेतन और कुछ दोस्तों के साथ करीब पांच दिन के लिए उदयपुर और जोधपुर घूमने आई थी। इसी दौरान उसने उदयपुर में यह रिसॉर्ट देखा था और बाद में अपने मंगेतर से यहीं शादी करने की इच्छा जताई थी। अब पुणे पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उदयपुर-जोधपुर यात्रा के दौरान सिया और चेतन के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या इसी दौरान हत्या की साजिश तैयार की गई थी। पुलिस दोनों आरोपियों की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि अब तक जांच एजेंसियों ने यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है कि क्या हत्या की योजना उदयपुर में ही बनाई गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एआई से बनाई शादी और हनीमून की फर्जी तस्वीरें, सोशल मीडिया पर कीं पोस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[शादी का प्रस्ताव ठुकराना एक युवक को इतना नागवार गुजरा कि उसने युवती को परेशान एवं बदनाम करने की नीयत से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का दुरुपयोग कर शादी एवं हनीमून के मनगढ़ंत साक्ष्य तैयार कर साझा कर दिए। उसकी इन हरकतों से आहत होकर पीड़ित युवती मध्यप्रदेश महिला आयोग के समक्ष पहुंची। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/fake-wedding-and-honeymoon-pictures-created-by-ai-and-posted/article-158009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। शादी का प्रस्ताव ठुकराना एक युवक को इतना नागवार गुजरा कि उसने युवती को परेशान एवं बदनाम करने की नीयत से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का दुरुपयोग कर शादी एवं हनीमून के मनगढ़ंत साक्ष्य तैयार कर साझा कर दिए। उसकी इन हरकतों से आहत होकर पीड़ित युवती मध्यप्रदेश महिला आयोग के समक्ष पहुंची। मामला उदयपुर के युवक और मध्यप्रदेश के भोपाल की युवती से जुड़ा है। पीड़िता ने महिला आयोग में दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी बहन ने विवाह के उद्देश्य से एक वैवाहिक वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उदयपुर निवासी युवक से संपर्क हुआ। दोनों परिवारों की सहमति से एक मुलाकात भी हुई, लेकिन युवती और उसके परिवार ने रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद युवक ने लगातार युवती से संपर्क करने का प्रयास शुरू कर दिया। वह बार-बार फोन कॉल और संदेश भेजकर बातचीत के लिए दबाव बनाता रहा। परेशान होकर युवती ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।  मामले ने तब गंभीर रूप ले लिया जब कथित तौर पर आरोपी ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर युवती की शादी और हनीमून की फर्जी तस्वीरें तैयार की। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। </p>
<p><strong>मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का वादा</strong><br />आरोपी ने केवल सोशल मीडिया तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उसने उसकी गोद भराई के फर्जी निमंत्रण पत्र भी छपवाए और स्थानीय हॉकरों के माध्यम से पूरी कॉलोनी में बंटवा दिए। इन निमंत्रण पत्रों में कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का उल्लेख किया गया था, ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और भ्रम तथा असहज स्थिति उत्पन्न हो। </p>
<p><strong> कैब चालकों का समय और संसाधान व्यर्थ</strong><br />जनवरी 2026 में आरोपी ने ऑनलाइन कैब सेवाओं का दुरुपयोग कर युवती के घर के पते पर बड़ी संख्या में टैक्सी और बाइक बुक कराईं। एक ही दिन में लगभग 500 कैब और बाइक उसके घर पहुंच गई। कई बुकिंग लंबी दूरी की थी। इससे न केवल परिवार को परेशानी हुई बल्कि बड़ी संख्या में कैब चालकों का समय और संसाधन भी व्यर्थ हुए।</p>
<p><strong>मॉफिंर्ग के गंभीर खतरे उजागर</strong><br />साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आधुनिक दौर में बढ़ती साइबर स्टॉकिंग, डिजिटल उत्पीड़न, पहचान की चोरी और एआई आधारित मॉफिंर्ग के गंभीर खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी फर्जी तस्वीरें तैयार करना, उन्हें सार्वजनिक करना या उसकी पहचान का दुरुपयोग करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:41:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झीलों की नगरी उदयपुर को राहत, देवास पेयजल योजना को मिली नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[झीलों की नगरी उदयपुर के लिए बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी देवास तृतीय एवं देवास चतुर्थ पेयजल परियोजना को वन स्वीकृति मिलने के साथ ही शहर की जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम आगे बढ़ गया है। वर्षों से प्रतीक्षित इस मंजूरी ने परियोजना के निर्माण कार्यों को नई गति प्रदान कर दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/city-of-lakes-udaipur-dewas-drinking-water-scheme-gets-wings/article-157781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के लिए बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी देवास तृतीय एवं देवास चतुर्थ पेयजल परियोजना को वन स्वीकृति मिलने के साथ ही शहर की जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम आगे बढ़ गया है। वर्षों से प्रतीक्षित इस मंजूरी ने परियोजना के निर्माण कार्यों को नई गति प्रदान कर दी है। जल संसाधन विभाग ने इसे उदयपुर के भविष्य और जल प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।  उदयपुर की बढ़ती आबादी, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए इस परियोजना को शहर की लाइफलाइन माना जा रहा है।</p>
<p>जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 25 अप्रैल 2023 को 1690.55 करोड़ रुपए की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के अंतर्गत गोगुंदा क्षेत्र में देवास-तृतीय और देवास-चतुर्थ बांधों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही लंबी सुरंगों के माध्यम से जल का संचयन कर उसे उदयपुर की झीलों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना न केवल शहर की पेयजल आवश्यकता को पूरा करेगी, बल्कि झीलों के जलस्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आने वाले वर्षों में जल संकट की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।</p>
<p><strong>भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्यों में प्रगति</strong><br />परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2349 प्रभावित किसानों में से 812 किसानों को 20.73 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन के लिए भूमि आरक्षित की गई है तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं निरंतर जारी हैं। विभाग का दावा है कि किसानों और प्रभावित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>वन स्वीकृति से निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार</strong><br />देवास परियोजना के अंतर्गत बांध और सुरंग निर्माण के लिए ठेके पहले ही जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न स्थलों पर निर्माण गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी हैं। हालांकि वन क्षेत्र से जुड़ी स्वीकृतियों के अभाव में कुछ कार्यों की गति प्रभावित हो रही थी। अब वन स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्यों को और अधिक रफ्तार मिलेगी तथा परियोजना को निर्धारित समयावधि में पूरा करने की दिशा में  प्रगति होगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मंजूरी मिलने से तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:22:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;आबू राज&quot; नाम लोकार्पण के साथ विकास कार्यों का शिलान्यास ; माउंट आबू में देवताओंं का वास, यहां आकर मैं धन्य हुआ: भजनलाल</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संत समागम में माउंट आबू का नाम बदलकर 'आबू राज' करने की घोषणा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प जताया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिरोही जिले के लिए कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/laying-the-foundation-stone-of-development-works-with-inauguration-of/article-157625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/abu-raj.png" alt=""></a><br /><p>माउंट आबू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू का नाम आबू राज करने के साथ ही संत समागम कार्यक्रम में शिरकत कर जिले की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा , माउंट आबू ऐतिहासिक और प्राचीन नगरी है जिसका पुराणों में उल्लेख हैं। 33 कोटि देवी देवताओं के वास कहे जाने वाले माउंट आबू में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद आकर मैं धन्य हो गया। आज माउंट आबू का पूरा संत समाज यहां मौजूद है उनकी मौजूदगी में मैं माउंट आबू का नाम बदलकर आबू राज नाम का लोकार्पण कर रहा हूं। यह नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित और प्रसारित हो इसके लिए राजस्थान सरकार निरंतर प्रयास करेगी कि माउंट आबू का पर्यटन धार्मिक कॉरपोरेटर नगरी दोनों ही दृष्टि से आगे बढ़ें। </p>
<p>उन्होंने कहा , माउंट आबू राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर है और इसका विकास निरंतर हम विरासत का सम्मान करेंगेऔर संस्कृति को बचाएंगे। माउंट आबू वशिष्ठ की भूमि है, जहां भगवान ने यहां शिक्षा प्राप्त की थी। इस दौरान उन्होंने सिरोही जिले के कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया । इस दौरान सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के के बिश्नोई, पंचायती राज ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 13:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के टॉप-8 डेस्टिनेशन में बाहुबली हिल्स और जगमंदिर शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[बारिश की पहली फुहार के साथ ही झीलों की नगरी उदयपुर का सौंदर्य जैसे नई जिंदगी पा लेता है। पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं, झीलें लबालब भर उठती हैं और बादलों की ओट में छिपा शहर किसी स्वर्गिक दृश्य का एहसास। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/bahubali-hills-and-jagmandir-included-in-top-8-destinations-of-rajasthan/article-157416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(4)20.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। बारिश की पहली फुहार के साथ ही झीलों की नगरी उदयपुर का सौंदर्य जैसे नई जिंदगी पा लेता है। पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं, झीलें लबालब भर उठती हैं और बादलों की ओट में छिपा शहर किसी स्वर्गिक दृश्य का एहसास कराने लगता है। यही वजह है कि राजस्थान पर्यटन विभाग ने अपने विशेष अभियान मानसून मैजिक ऑफ राजस्थान में उदयपुर के दो सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों बाहुबली हिल्स और जगमंदिर को राज्य के चुनिंदा आठ मानसून डेस्टिनेशन में शामिल किया है। पर्यटन विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान राजस्थान के उस खूबसूरत रूप को देश-दुनिया के सामने लाना है, जो रेगिस्तान की पहचान से कहीं आगे झीलों, पहाड़ों, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इस अभियान के तहत सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रचार सामग्री के माध्यम से इन स्थलों की मनमोहक तस्वीरें और वीडियो पर्यटकों तक पहुंचाए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>बादलों के बीच स्वर्ग जैसा दिखता है बाहुबली हिल्स: </strong>उदयपुर की बड़ी झील के किनारे स्थित बाहुबली हिल्स पिछले कुछ वर्षों में युवाओं, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों का पसंदीदा स्थल बनकर उभरा है। मानसून के दौरान यहां पहुंचने वाला हर व्यक्ति प्रकृति के अद्भुत रूप से रूबरू होता है। पहाड़ी तक पहुंचने वाली संकरी पगडंडी रोमांच का अनुभव कराती है। पिछोला झील के मध्य स्थित ऐतिहासिक जगमंदिर मानसून में किसी चित्रकार की कल्पना जैसा प्रतीत होता है। चारों ओर पानी से घिरे इस शाही महल तक नाव की सैर करते हुए पहुंचना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है। बारिश के मौसम में झील का बढ़ा हुआ जलस्तर और उसके बीच खड़ा जगमंदिर पर्यटकों को मेवाड़ की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम दिखाता है। महल की भव्य वास्तुकला, संगमरमर की कलाकृतियां और झील की लहरों के बीच उसका प्रतिबिंब मानसून के दौरान और अधिक आकर्षक दिखाई देता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:06:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व सिकल सेल दिवस : सिकल सेल पर आरएनटी की सर्जिकल स्ट्राइक, 621 बच्चों की बची जिंदगी </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण राजस्थान के आदिवासी अंचल में लंबे समय से सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के रूप में मौजूद। विशेष रूप से  जनजातियों में अधिक पाए जाने वाले इस आनुवंशिक रोग के कारण हजारों परिवार प्रभावित। ऐसे में रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज का सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज इस बीमारी के खिलाफ एक मजबूत हथियार बनकर उभरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/world-sickle-cell-day-rnts-surgical-strike-on-sickle-cell/article-157415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)27.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। दक्षिण राजस्थान के आदिवासी अंचल में लंबे समय से सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के रूप में मौजूद है। विशेष रूप से  जनजातियों में अधिक पाए जाने वाले इस आनुवंशिक रोग के कारण हजारों परिवार प्रभावित होते रहे हैं। ऐसे में रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज का सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस फॉर सिकल सेल डिजीज इस बीमारी के खिलाफ एक मजबूत हथियार बनकर उभरा है। केंद्र की सक्रिय पहल के चलते अब तक 32 हजार नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें 621 सिकल सेल पॉजिटिव बच्चों की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया गया, जिसस उनकी जिंदगी बची है। अनेक बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सका है। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालयों में जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>इस वर्ष दिवस की थीम क्लोजिंग द सर्वाइवल गैप: </strong>इक्विटी इन सिकल सेल केयर रखी गई है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक मरीज तक समान रूप से गुणवत्तापूर्ण जांच, उपचार और देखड्टााल सुनिश्चित करना है। सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और मरीज को बार-बार दर्द, एनीमिया, संक्रमण तथा कई गंड्टाीर जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार देश में करीब एक से डेढ़ करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक (कैरियर) हैं जबकि डेढ़ लाख से अधिक लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>आग की अफवाह के बाद ट्रेन से कूदे यात्री, दूसरी ट्रेन की चपेट में आकर 4 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश के मुरैना में शाम उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की झूठी अफवाह फैली और घबराकर ट्रैक पर उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की जान चली गई। मृतकों में मां-बेटा शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/passengers-jumped-from-the-train-after-rumor-of-fire-4/article-157003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)22.png" alt=""></a><br /><p>धौलपुर/उदयपुर। मध्य प्रदेश के मुरैना में रविवार शाम उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की झूठी अफवाह फैली और घबराकर ट्रैक पर उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की जान चली गई। मृतकों में मां-बेटा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर स्टेशन के पास थी, तभी अचानक ट्रेन के अंदर एक अफवाह फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है। इसे लेकर यात्रियों में भगदड़ मच गई। कुछ यात्रियों ने अलार्म चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही बड़ी संख्या में यात्री अपनी जान बचाने के लिए दरवाजों और खिड़कियों से नीचे उतरने लगे और दूसरे ट्रैक पर आ गए। इसी दौरान तेज गति से पातालकोट एक्सप्रेस आ गई और वहां खड़े यात्री उसकी चपेट में आ गए। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। </p>
<p><strong>बचने का मौका ही नहीं मिला</strong><br />ये सब इतना अचानक हुआ कि किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला। हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची। रेलवे कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को ट्रैक से हटाया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। </p>
<p><strong>मृतकों की हुई पहचान</strong><br />मृतकों में उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी कंचन सिंह, शकुंतला सिंह, आफरीन तथा चार वर्षीय असद की पहचान हुई है। </p>
<p><strong>मोबाइल फटने के बाद फैली अफवाह!</strong><br />एक प्रत्यक्षदर्शी यात्री ने बताया कि यहां एक बच्चा मोबाइल चला रहा था। अचानक उसमें विस्फोट हो गया। इसके बाद वहां अफवाह फैल गई की ट्रेन में आग लग गई है। इसी वजह से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री ट्रेन से उतर पड़े। उतरने के बाद दूसरी तरफ से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी। कुछ लोग उसके सामने ट्रैक पर निकल गए, जिसके कारण यह हादसा हो गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>अस्पताल से उठकर फतहसागर पहुंचा युवक, झील में छलांग लगाकर दी जान</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की फतहसागर झील पर शुक्रवार को एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया। एक युवक ने अस्पताल से इलाज के तुरंत बाद फतहसागर पहुंचकर झील में छलांग लगा दी। मृतक की शिनाख्त किशनपोल निवासी सिराज उर्फ बोबी पुत्र जावेद के रूप में हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/after-leaving-the-hospital-a-young-man-reached-fatehsagar-and/article-156854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। शहर की फतहसागर झील पर शुक्रवार को एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। एक युवक ने अस्पताल से इलाज के तुरंत बाद फतहसागर पहुंचकर झील में छलांग लगा दी। मृतक की शिनाख्त किशनपोल निवासी सिराज उर्फ बोबी (22) पुत्र जावेद के रूप में हुई है। उसके हाथ में कैनुला (ड्रिप चढ़ाने वाली सूई) लगी हुई थी जिससे यह प्रतीत होता है कि वह अस्पताल से सीधे मौत के मुहाने तक पहुंच गया। सिविल डिफेंस की टीम ने महज 15 मिनट में शव को पानी से बाहर निकाल लिया। पुलिस के अनुसार मोतीमगरी के सामने स्थित उज्जैन बोटिंग प्वाइंट पर सिराज पहुंचा। वहां बोटिंग का टिकट लिया और बोट की तरफ बढ़ा।</p>
<p>नियमानुसार बोट पर सवार होने से पहले यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाई जाती है। सिराज ने भी लाइफ जैकेट पहनी, लेकिन बोट में बैठने से ठीक पहले जैकेट उतार दी और सीधे गहरे पानी में छलांग लगा दी। वह जिस बोट में बैठने वाला था, उसे ऑपरेटर दिल बहादुर चलाकर ले जाने वाला था। दिल बहादुर ने उसे बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। दिल बहादुर ने बताया कि वह पास ही बैठकर खाना खा रहा था, तभी अचानक किसी टूरिस्ट के झील में कूदने का पता चला। वह आनन-फानन में दौड़ा और पानी में कूद गया। गहराई में जाकर उसे तलाशने और बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन वह पानी में काफी नीचे चला गया था, जिससे उसे समय रहते बाहर निकालना मुश्किल हो गया। </p>
<p>कैनुला से हुई मृतक की पहचान : अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि युवक की जेब से शुरूआत में कोई पहचान पत्र या मोबाइल नहीं मिला था। हालांकि, उसके हाथ में लगा कैनुला सबसे बड़ा सुराग था, जिससे यह साफ था कि वह सीधे किसी अस्पताल से आ रहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारी स्कूल के पास चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा, पिता-पुत्र हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में गत दिनों एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाके और उसमें मासूमों के हताहत होने के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि उदयपुर में घनी आबादी और सरकारी स्कूल के ठीक पास अवैध पटाखा फैक्ट्री सामने आ गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/illegal-firecracker-factory-running-near-a-government-school-in-a/article-156853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/arrested.png" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। जयपुर में गत दिनों एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाके और उसमें मासूमों के हताहत होने के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि उदयपुर में घनी आबादी और सरकारी स्कूल के ठीक पास अवैध पटाखा फैक्ट्री सामने आ गई। पुलिस ने इसका भंडाफोड़ करते मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त कर पिता-पुत्र को हिरासत में लिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निदेर्शानुसार और एएसपी (शहर) उमेश ओझा के सुपरविजन में डीएसपी (प्रो.) जगदीश कुमार मय कार्यालय टीम और प्रतापनगर थानाधिकारी पूरण सिंह की टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने देबारी में सरकारी स्कूल के पास चल रहे इस अवैध कारखाने पर अचानक छापा मारा, जिससे वहां भगदड़ मच गई। बताया कि देबारी में घनी आबादी के बीच धड़ल्ले से अवैध पटाखा बनाने वाली लघु फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने मौके से खेरवाड़ा निवासी अनिल पुत्र स्व. त्रिलोक व लक्की को हिरासत में लिया।</p>
<p><strong>जब्त किए पटाखे और विस्फोटक सामग्री</strong><br />पुलिस ने मौके से एक लोडिंग टेम्पो सहित भारी मात्रा में विस्फोटक का जखीरा बरामद किया है, जो किसी बड़े इलाके को उड़ाने के लिए काफी था। इस दौरान तैयार माल में करीब 50 कार्टून, जिनमें सैकड़ों बॉक्स अवैध पटाखे भरे थे। विस्फोटक बारूद में 200 किलो सफेद सोडा (50-50 किलो के 4 कट्टे), 150 किलो सल्फर (3 कट्टे ), एल्यूमिनियम पाउडर, मिक्स तैयार विस्फोटक पाउडर, कोयला पाउडर और व्हाइट डस्टिंग गम का 1-1 कट्टा व अन्य सामग्री में प्लास्टिक के 8 कट्टे, जिनमें रैपर, सुतली और पटाखों के फर्जी लेबल शामिल हैं। </p>
<p><strong> 615 किलो पटाखे जब्त, कारोबारी गिरफ्तार</strong><br />खैरथल। खैरथल-तिजारा जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खैरथल पुलिस ने रिहायशी इलाके में संचालित अवैध पटाखा भंडारण का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक मकान में बनी दुकान से 615 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। खैरथल-तिजारा जिले की एएसपी जया सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से 615 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त कर आरोपी नवीन कुमार पुत्र लेखराज निवासी आनंद नगर, खैरथल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 11 जून को मिली गोपनीय सूचना के बाद पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:31:41 +0530</pubDate>
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