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                <title>testing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>स्पेस मिशन को बड़ा झटका : फ्लोरिडा लॉन्च पैड पर परीक्षण के दौरान ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन रॉकेट में विस्फोट, कोई हताहत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के फ्लोरिडा लॉन्च पैड पर परीक्षण के दौरान जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन के 'न्यू ग्लेन' हेवी-लिफ्ट रॉकेट में विस्फोट हो गया। हॉटफायर टेस्ट के दौरान रॉकेट के निचले हिस्से में तेज रोशनी चमकी और धमाका हुआ। कंपनी ने "असामान्य घटना" की पुष्टि करते हुए सभी कर्मियों के सुरक्षित होने की बात कही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fatal-accident-in-america-blue-origins-new-glenn-rocket-explodes/article-155341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)103.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका में फ्लोरिडा लॉन्च पैड पर परीक्षण के दौरान ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन हेवी-लिफ्ट रॉकेट में विस्फोट हो गया। यह जानकारी लाइव प्रसारण पर दी गयी। फुटेज में रॉकेट के आधार पर एक तेज रोशनी चमकती हुई दिखाई दे रही है, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ। ब्लू ओरिजिन ने रॉकेट परीक्षण के दौरान हुई इस "असामान्य घटना" की पुष्टि की।</p>
<p>कंपनी ने कहा , "आज के हॉटफायर परीक्षण के दौरान हमें एक असामान्य घटना का सामना करना पड़ा। सभी कर्मी सुरक्षित हैं। जैसे ही हमें और जानकारी मिलेगी, हम अपडेट प्रदान करेंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:57:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - कोविड की समय पर पहचान और परीक्षण किट की उपलब्धता सुनिश्चित करें</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोटा में कोविड की जांच व सैम्पल नमूने लेने की व्यवस्था केवल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---ensure-timely-identification-of-covid-and-availability-of-testing-kits/article-117157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । प्रदेश में बढ़ते कोविड के मामलों को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्घ्य सेवाएं के निदेशक ने  सभी सीएमएचओ व पीएमओ को निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि जिस तरह से प्रदेश में कोविड -19 के मामले बढ़ रहे हैं। उन्हें देखते हुए इसकी समय पर पहचान और  मामलों की  ट्रेकिंग  में सतर्कता की आवश्यकता है।  समय पर इसकी रोकथाम व नियंत्रण के लिए  आवश्यक कदम उठाए जाएं। निसेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार वीटीएमएस व अन्य लॉजिस्टिक्स  की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।  संदिग्ध मामलों में नमूनों का संग्रह किया जाए। कोविड सैम्पल की जांच के लिए परीक्षण किट, कार्मिक और उपयोग में आने वाली सामग्रियों की उपलध्धता सुनिश्चित की जाए।  आरटी पीसीआर प्रयोगशालाओं  की कार्यक्षमता को सुनिश्चत किया जाए। निर्देश में कहा गया कि सकारात्मक नमूनों के नए वेरियंट की समय पर पहचान और डब्ल्यूजीएस  के लिए माइक्रो बायोलोजी विभाग, मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की आवश्यकता है। सीएमएचओ व पीएमओ को सभी लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए  निर्देशित किया गया है।  यह कोविड -19 परीक्षण के लिए आवश्यक है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोटा में कोविड की जांच व सैम्पल नमूने लेने की व्यवस्था केवल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में है। इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने  8 जून को पेज 3 पर अभी मेडिकल कॉलेज में ही हो रही कोरोना की जांच शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। उस समाचार के बाद अब निदेशक ने कोविड-19 के  सैम्पल नमूने और उससे संबंधित किट और उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता और जांच की व्यवस्था के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 15:10:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जांच में मिला मिलावटी खाद व कीटनाशी</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान के दौरान खाद, बीज और कीटनाशी के 500 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/inspection-found-adulterated-fertilizers-and-pesticides/article-96302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy190.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  खेती-किसानी के बढ़ रहे रुझान को देखते हुए खाद-बीज और कीटनाशकों के कारोबार में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में कृषि आदान भी मिलावट के दंश से अछूते नहीं है। इसके तहत जिले में कृषि विभाग की ओर से गुण नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। गत एक माह से चल रहे अभियान के तहत विभाग की ओर से खाद-बीज और कीटनाशकों के नमूने लिए गए हैं। इनमें से कई नमूने जांच में अमानक पाए गए हैं। इनके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। जिले में नमूने अमानक पाए जाने के बाद अब विभाग ने अभियान की अवधि 15 दिन और बढ़ा दी है। इससे कृषि आदान दुकानदारों में हड़कम्प मचा हुआ है। जिले में एक माह में करीब पांच सौ नमूने लिए गए थे। इनमें अभी तक जांच में 40 नमूने अमानक मिले हैं।</p>
<p><strong>कीटनाशक और खाद में मिली गड़बड़ी</strong><br />जिले में गत कुछ वर्षों से कृषि आदानों में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से नमूने लेने और जांच कराने का अभियान एक माह पूर्व शुरू किया गया था। इसके तहत कृषि विभाग की ओर से कृषि आदान की दुकानों पर निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान खाद, बीज और कीटनाशी के 500 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए थे। अभी तक मिली जांच रिपोर्ट में करीब 40 नमूने अमानक पाए गए हैं। ऐसे में इनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया है। वहां से जुर्माना राशि तय की  जाएगी। कृषि आदानों में सबसे ज्यादा मिलावट खाद और कीटनाशी में मिली है। इनमें नमूने सबसे ज्यादा फेल हुए हैं। वहीं बीज का कोई नमूना फेल नहीं  हुआ है।   </p>
<p><strong>अब लगातार होगी मॉनिटरिंग</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार वैसे तो हर माह कृषि आदान दुकानों का निरीक्षण किया जाता है। अब नमूनों में मिलावट मिलने के बाद विभाग ने लगातार इन दुकानों की मॉनिटरिंग करने का निर्णय किया गया है। इसके तहत अब कृषि आदान दुकानों की आकस्मिक जांच की जाएगी। जिले के सभी डीलरों के यहां निरीक्षक पंजिका का संधारण किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही चैक लिस्ट भी साथ लगानी होती है। यदि जांच में इनकी पूर्ति नहीं मिली तो सम्बंधित आदान विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में समय-समय पर निरीक्षण कर लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />कृषि आदानों में मिलावट मिलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। विभाग की ओर से इस तरह का अभियान लगातार चलाया जाना चाहिए ताकि मिलावटी आदानों की बिक्री नहीं हो सके। कई बार देरी से जांच रिपोर्ट मिलने से किसानों को नुकसान हो जाता है। इसलिए जांच रिपोर्ट जल्द-जल्द मिलने की व्यवस्था भी हो।<br /><strong>-जोगेन्द्र सिंह, किसान</strong></p>
<p>कृषि विभाग किसानों के प्रति संवेदनशील है। विभाग की ओर से रबी नियंत्रण अभियान के तहत कृषि आदानों के नमूने लिए जा रहे हैं। इनको जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भिजवाया जा रहा है। अभी तक कुछ नमूने जांच में अमानक मिले हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं अभियान की अवधि भी बढ़ा दी गई है। <br /><strong>-आर. के. जैन, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 14:58:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत की अंतरिक्ष यात्रा में उपलब्धि, पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट रुमी का किया प्रक्षेपण</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय एयरोस्पेस उद्योग में अपनी तरह का पहला मील का पत्थर साबित हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/achievement-in-india-space-travel-first-reusable-hybrid-rocket-rumi/article-88497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/pze-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु में मोबाइल लॉन्चपैड से देश का पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट रुमी का प्रक्षेपण सफलतापूर्वक हुआ। सुबह  7.07 बजे तीन क्यूब सैटेलाइट और 50 पिको सैटेलाइट ले जाने वाले रुमी रॉकेट का प्रक्षेपण ईसीआर पर चेंगलपेट के थिरुविदंधई तटीय गांव में मोबाइल लॉन्च पैड से हुआ, जो भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मिशन के लिए सरकार, नागरिक उड्डयन, आईएएफ तांबरम और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से सभी आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद एक ट्रक पर लगे हाइड्रोलिक लॉन्चर का उपयोग करके प्रक्षेपण किया गया।  तमिलनाडु की उभरती हुई एयरो-टेक कंपनी स्पेस जोन इंडिया ने मिशन रुमी 2024 को तैयार किया है, जो भारतीय एयरोस्पेस उद्योग में अपनी तरह का पहला मील का पत्थर साबित हुआ है। </p>
<p>इस मिशन के माध्यम से कंपनी ने मोबाइल लॉन्चपैड पर भारत का पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट लॉन्च किया, जो दक्षता में सुधार और परिचालन लागत को कम करने के लिए तरल ऑक्सीडाइजर और ठोस ईंधन प्रणोदक प्रणालियों दोनों के लाभों को मिलाकर प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करेगा। स्पेस जोन इंडिया के संस्थापक और सीईओ डॉ. आनंद मेगालिंगम ने कहा कि यह मोबाइल लॉन्च सिस्टम हमें किसी भी स्थान से आसानी से विभिन्न लॉन्च परि²श्यों के सटीक नियंत्रण की अनुमति देता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रुमी 1 रॉकेट तीन क्यूब उपग्रहों को लेकर गया, जिन्हें ब्रह्मांडीय विकिरण तीव्रता, यूवी विकिरण तीव्रता, वायु गुणवत्ता और अधिक सहित वायुमंडलीय स्थितियों पर डेटा की निगरानी और संग्रह करने के लिए डिजाइन किया गया था। उन्होंने बताया कि रॉकेट ने 50 अलग-अलग पिको उपग्रहों को तैनात किया जिनमें से प्रत्येक कंपन,  एक्सेलेरोमीटर रीडिंग, ऊंचाई, ओजोन स्तर, विषाक्त सामग्री और फाइबर के  प्राकृतिक और सिंथेटिक आणविक बंधन जैसे वायुमंडलीय स्थितियों के विभिन्न  पहलुओं का अध्ययन करने के लिए समर्पित है, जिससे पर्यावरणीय गतिशीलता के  बारे में हमारी जानकारी बढ़ेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 14:21:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परकोटे का स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर नियोजन विभाग की ओर से स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--parkote-s-special-area-heritage-plan-ready--government-will-take-decision-after-testing/article-7880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hav.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल राजधानी के परकोटा क्षेत्र के हेरिटेज के संरक्षण के लिए नगर नियोजन विभाग ने परकोटा क्षेत्र का स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया है। इस प्लान को लागू करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण का गठन करने का प्रावधान किया गया है। दरअसल दो साल पहले संयुक्त राष्टÑ संघ के यूनेस्को ने गुलाबी नगर के चारदीवारी क्षेत्र को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की सूची में शामिल किया था। इसके बाद हेरिटेज के संरक्षण को सहेजने के लिए हेरिटेज नगर निगम जयपुर ने कार्यों का आकलन किया था। इसके तहत नगर नियोजन विभाग की ओर से स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान का प्रारूप तैयार किया गया है। इस प्लान को उच्च स्तर पर परीक्षण के बाद लागू किया जा सकता है।<br /><br />क्या है स्पेशल एरिया का प्लान<br /> इस प्लान को लागू करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण का गठन करने के साथ ही उसकी पूरी जिम्मेदारी प्राधिकरण को सौंपी जानी चाहिए। विरासत संरक्षण के लिहाज से अलग से नेशनल लेवल का संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए। आधुनिकतम तकनीक के साथ किस तरह विरासत को सहेजा जा सकता है, इस पर शोध होना चाहिए। विरासत संरक्षण में प्रशिक्षण और कैपिसिटी बिल्डिंग का काम इस संस्थान के माध्यम से किया जाना और परकोटा क्षेत्र में बिजली व पेयजल की आपूर्ति, सड़क, ड्रेनेज, सीवर व सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 11:14:02 +0530</pubDate>
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                <title>ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए केंद्र ने बनाई रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य टेस्टिंग में इजाफा करें ताकि पहचान हो सके और केसों का मैनेजमेंट भी किया जा सके, बताए छह सूत्रीय उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF/article-2865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona_new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने बचाव के लिए प्लान तैयार करने को मंथन शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए सभी राज्यों को छह सूत्रीय उपाय का पालन करने को कहा है। मोदी सरकार का कहना है कि यदि इन नियमों का पालन किया गया तो फिर ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में पता चल सकेगा और उससे निपटना भी आसान होगा। भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे टेस्टिंग में इजाफा करें ताकि डिटेक्शन हो सके और केसों का मैनेजमेंट भी किया जा सके। ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए राज्य सरकारों से हुई बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कंटेनमेंट जोन तैयार करने, सर्विलांस, टेस्टिंग में इजाफे, हॉटस्पॉट की निगरानी, वैक्सीनेशन के कवरेज में इजाफा और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह वैरिएंट आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट्स को चकमा दे सकता है, ऐसे में लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उल्लेखनीय है कि अब तक देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है।</p>
<p><br /> <strong>देश में ओमिक्रॉन वैरियंट का कोई मामला नहीं: केन्द्र </strong>: केन्द्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल देश में ओमिक्रॉन वैरियंट का कोई मामला कहीं भी सामने नहीं आया है। लेकिन सरकार पूरी तरह से सजग एवं सतर्क है और कोरोना वायरस के इस नए स्वरूप को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान इसकी जानकारी दी।  <br /> <br /> <strong>बूस्टर डोज देने की भी तैयारी </strong><br /> कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए मोदी सरकार अब देश में कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज देने की तैयारी कर रही है। दक्षिण अफ्रीका के बाद कई देशों में मिले ओमिक्रॉन वैरिेएंट ने चिंता बढ़ा रखी है। इसी वजह से ऐसा कहा जा रहा है कि अब इस वैरिएंट को देखते हुए सरकार वैक्सीन की बूस्टर डोज देने का जल्द ऐलान कर सकती है। <br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>नई गाइडलाइंस आज से लागू : अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को देनी होगी 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री </strong></span></span></span><br />  कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ की चिंताओं के बीच मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए गाइडलाइंस जारी किए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक अब एयर सुविधा पोर्टल पर मौजूद सेल्फ डेक्लेरेशन फॉर्म में सभी इंटरनेशनल पैसेंजर्स को फ्लाइट बोर्ड करने से पहले अपनी 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री बतानी होगी। गाइडलाइंस में कहा गया है कि ‘एट रिस्क’ या जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के इंतजार करने के लिए अलग जगह तैयार करने की बात कही है। मोदी सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने साथ कोरोना निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर आनी होगी।</p>
<p><br /> <strong>‘एट रिस्क’ में ये देश शामिल </strong>: केंद्र सरकार ने एट रिस्क में जिन देशों को शामिल किया है, उनमें ब्रिटेन समेत सभी यूरोपीय ...देश, इजराइल, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर और हांगकांग शामिल है। गाइडलाइंस में कहा गया है कि एट रिस्क देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए देश के हर एयरपोर्ट पर अलग एरिया बनाया जाएगा, जहां वे आरटी-पीसीआर टेस्ट के रिजल्ट के लिए इंतजार करेंगे। साथ ही सभी एयरपोर्ट्स पर अतिरिक्त आरटी-पीसीआर फेसिलिटी भी तैयार की जाएंगी। वहीं एयरलाइंस को फ्लाइट के करीब पांच फीसदी यात्रियों की जांच के लिए उचित प्रक्रिया लागू करनी चाहिए।<br /> <br /> <strong>चार जिलों में कोरोना के 15 नए रोगी मिले, 193 एक्टिव केस</strong><br />  जयपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामले हर रोज कम-ज्यादा आ रहे है। मंगलवार को चार जिलों में 15 नए रोगी मिले हैं। इसके साथ ही एक्टिव केसों की संख्या भी बढ़कर 193 तक पहुंच गई है। सर्वाधिक नए मामले जयपुर में 11, उदयपुर में दो और अजमेर एवं बीकानेर में एक-एक सामने आया है। वहीं जयपुर में सर्वाधिक एक्टिव केस है, जिनकी संख्या 108 है। जबकि अजमेर में 23, बीकानेर में 15, अलवर में 12, नागौर एवं उदयपुर में आठ-आठ, जैसलमेर में पांच, जोधपुर में चार, बाड़मेर में तीन, दौसा, पाली और राजसमंद में दो-दो और हनुमानगढ़ में एक है।</p>
<p><br /> <strong>6.83 करोड़ लोगों का हुआ वैक्सीनेशन</strong> : चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 6 करोड़ 83 लाख 17 हजार 277 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें से 4 करोड़ 35 लाख 711 को पहला और 2 करोड़ 48 लाख 16 हजार 566 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। मंगलवार को राज्य में कुल तीन लाख 31 हजार 198 को वैक्सीन की डोज लगी। इसमें 57 हजार 699 को पहली और दो लाख 73 हजार 499 को दूसरी डोज लगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 13:33:45 +0530</pubDate>
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