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                <title>बर्बरता की हदें : नूपुर का समर्थन करने पर टेलर का गला काटा, दरिन्दे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/the-extent-of-vandalism--taylor-s-throat-was-slit-for-supporting-nupur--the-poor-arrested/article-13184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kanhya-lal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उदयपुर।</strong> शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। इसके बाद हिंदू संगठनों का आक्रोश भड़क उठा। पुलिस एवं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शहर में इंटरनेट बंद कर दिया। जबकि सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।</p>
<p>पुलिस ने दोनों हमलावरों को राजसमंद जिले के भीम के निकट से गिरफ्तार कर लिया। मृतक के परिवार वालों ने सरकार से 50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की मांग की है। उधर दिल्ली से एनआईए की पांच सदस्यीय टीम आरोपियों से पूछताछ के लिए उदयपुर के लिए  रवाना हो गई। देर रात संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए सभी लोगों से आग्रह करेंगे। कुछ लोगों से कलेक्टर ने भी बात की है। आश्रित परिवार के बच्चे को भी यूआईटी में नौकरी दी जाएगी। इधर, प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों से शव का उठा लिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जांच के लिए एसआईटी गठित</strong></span><br />राज्य सरकार ने उदयपुर घटना की जांच की लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, जिसमें एसओजी, एडीजी अशोक राठौड़, एटीएस आईजी प्रफुल्ल कुमार एवं एक एसपी और एडिशनल एसपी होंगे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>छह दिन बाद खोली थी दुकान</strong> </span><br />मृतक कन्हैयालाल गोर्वधन विलास इलाके का रहने वाला था। उसके 2 बेटे यश (19) और तरुण (17) हैं। 10 दिन पहले उसने भाजपा से निकाली गई प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसके बाद से समुदाय विशेष के लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 6 दिनों से उसने अपनी दुकान भी नहीं खोली थी। उसने धमकियां देने वालों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे थोड़े दिन संभलकर रहने को कहा, लेकिन आरोपियों की धरपकड़ में गंभीरता नहीं दिखाई। वारदात के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात</strong></span><br />शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है। खेरवाड़ा से पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को बुलाया गया है। शहर के 5 इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए हैं। लोग मौके पर प्रदर्शन करने भी पहुंचे हैं। एसपी मनोज चौधरी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस से झड़प</strong></span><br />हाथीपोल चौराहे पर कुछ युवाओं और पुलिस की झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा का एक कार्यकर्ता घायल हो गया है। शांति बहाल करने के लिए पुलिस ने चप्पे-चप्पे को छावनी में तब्दील कर दिया है। दूसरी ओर, संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने मंगलवार शाम को उदयपुर जिले में 24 घंटे तक इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>बाइक पर सवार होकर आए आरोपी</strong></span><br />पुलिस ने बताया कि कन्हैयालाल तेली (50) पुत्र रूपलाल साहू की भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बाइक सवार 2 युवक आए। कपड़े का नाप देने का बहाना बनाकर दुकान में घुसे। कन्हैयालाल एक युवक का नाप ले रहा था तभी दूसरे ने धारदार हथियार से उसका गला काट डाला। इससे कन्हैयालाल निढाल होकर दुकान के बाहर सड़क पर आ गिरा। वहीं दुकान में काम कर रहा एक अन्य युवक ईश्वर पर भी हमलावरों ने वार किया। इससे उसके पीठ और सिर पर चोट आई। एसपी मनोज कुमार और कलेक्टर ताराचंद मीणा सहित अन्य थानों का जाप्ता, आरएसी बटालियन और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता पहुंचा।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त</strong></span><br />प्रभारी एडीजी मुख्यालय रेंज पर रहेंगे मौजूद। महानिदेशक पुलिस मोहन लाल लाठर ने सभी पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। रेंज के प्रभारी एडीजी को रेंज मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। जयपुर कमिश्नरेट इलाके में आरएसी की आठ कम्पनी और लाइन से दो हजार पुलिसकर्मियों का अलग से जाब्ता तैनात किया गया है। फील्ड में सभी अधिकारियों व कर्र्मचारियों को गश्त करने के लिए पाबंद किया गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लाम्बा खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>घटना में लिप्त अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा : गहलोत</strong> </span><br />इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी<strong>।</strong> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस प्रशासन को उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या मामले की जांच और अपराधियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द्र व शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी चाहे किसी भी धर्म, जाति या वर्ग से हो, उनके खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने उदयपुर घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से मामले को लेकर वीडियो शेयर नहीं करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गहलोत ने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं से पूरे देश में चिंता और तनाव का माहौल बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश को संबोधित कर शांति और सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की जानी चाहिए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>मुख्य सचिव ने हाईलेवल मीटिंग के बाद लिया निर्णय वीडियो वायरल करने पर होगी सख्त कार्रवाई</strong></span><br />उदयपुर की घटना के बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आगामी 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है और प्रदेश में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। घटना का वीडियो वायरल करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने मंगलवार शाम हाईलेवल मीटिंग लेने के बाद संभागीय आयुक्तों, कलक्टरों और पुलिस आईजी को प्रदेशभर में विशेष सतर्कता और चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इंटेलीजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। उदयपुर में जरूरत अनुसार कर्फ्यू लगाने के निर्देशों के साथ सभी प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों को रेंज में भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>इंसान की हिफाजत करना सबका फर्ज : खालिद उस्मानी</strong></span><br />उदयपुर में हुई घटना पर जयपुर शहर के चीफ काजी सहित कई मुस्लिम संगठनों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश के चीफ काजी खालिद उस्मानी ने कहा है कि जिन्होंने भी ये घिनौना कृत्य किया है, हम उनका बायकॉट करते हैं। वे मुसलमान कहलाने के लायक नहीं हैं। इस्लाम का पैगाम है कि अल्लाह के बंदे सब एक-दूसरे से मोहब्बत करें। इंसानियत सबसे बड़ी चीज है और इसकी हिफाजत करना हमारा फर्ज है। जमाअते इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मुहम्मद नाजिमुद्दीन और मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन के कन्वीनर अब्दुल सलाम जौहर ने भी आमजन से शांति बनाने रखने की अपील की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस अफसर लगातार मॉनिटरिंग करें</strong></span><br />सभी संभागीय आयुक्तों को निर्देश हैं कि उदयपुर घटना के वीडियो मोबाइल और अन्य माध्यमों से वायरल करने पर सख्ती से रोक लगाएं। वायरल करने वाले लोगों पर कानूनी दायरे में सख्त कार्रवाई करें। एसीएस गृह अभय कुमार ने कहा कि सभी जिलों में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर रखी जाए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>राज्यपाल ने शांति की अपील की</strong></span><br />राज्यपाल कलराज मिश्र ने उदयपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। उन्होंने आमजन से शांति, संयम और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सरकार की विफलता : भाजपा</strong></span><br />घटना सरकार का फैल्योर है। मैंने सीएम, डीजीपी, एसपी से बात की है। पीड़ित परिवार को मुआवजा, नौकरी दी जाए। कल उदयपुर बंद करेंगे। मैं अभी उदयपुर रवाना हो रहा हूं। <strong>-गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p>घटना कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण नीति का परिणाम है। यह हमला समग्र हिन्दू समाज पर है। पीएम नरेन्द्र मोदी तक पर हमला करने की बात कही गई है। मामले की जांच की जाए, इनके तार निश्चित रुप से आतंकवादियों से जुड़े हैं। हत्यारे वीडियो जारी कर पूरी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। देखना यह है कि सीएम राजधर्म कैसे निभाते हैं। <strong>-सतीश पूनियां, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।</strong></p>
<p>कन्हैयालाल की निर्मम हत्या से साफ है कि अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं कि वे पीएम को लेकर भी हिंसक बयान दे रहे हैं। प्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद व हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना के पीछे जिनका हाथ है, उन्हें भी सरकार बेनकाब कर गिरफ्तार करे। <strong>-वसुन्धरा राजे, पूर्व सीएम</strong></p>
<p>घटना प्रदेश में जंगलराज का जीता-जागता प्रमाण है। राजस्थान के लोगों में गुस्सा है। अपराधियों के सिमी, पीएफआई या इस्लामिक संगठनों से संबंध से इनकार नहीं कर सकते हैं। सरकार की तुष्टिकरण नीति के कारण सरेआम लोगों का गला काटा जा रहा है।<strong>-राजेन्द्र राठौड, उपनेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें</strong></span><br />उदयपुर में युवक की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। राजस्थान सरकार अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और उन्हें सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाज में घृणा और क्रूरता का कोई स्थान नहीं है। सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। <strong>-गोविन्द सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष</strong></p>
<p>उदयपुर में युवक की निर्मम और दिल दहलानी वाली हत्या की घटना अत्यंद दुखद और निदंनीय है। इसकी भर्त्सना करता हूं। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। सभी से अपील करता हूं कि शांति और भाईचारा बनाए रखें। <strong>-सचिन पायलट, पूर्व डिप्टी सीएम</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 11:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> सतीश पुनिया - जेपी नड्डा की मुलाकात: पीएफआई जैसे संगठनों को बताया दहशतगर्दी फैलाने वाला</title>
                                    <description><![CDATA[सतीश पुनिया ने पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और उन्हें राजस्थान के करौली शहर में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की घटना के संबंध में जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/jaipur--satish-punia---jp-nadda-meeting--organizations-like-pfi-trying-to-spread-terror-in-rajasthan--bjp/article-7351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/satish-poonia2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP ) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के नेतृत्व की राजस्थान सरकार के संरक्षण में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( PFI) जैसा चरमपंथी संगठन राज्य में दहशतगर्दी फैलाने की कोशिश कर रहा है। राजस्थान भाजपा इकाई के अध्यक्ष सतीश पुनिया ने सोमवार को यहां पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और उन्हें राजस्थान के करौली शहर में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की घटना के संबंध में जानकारी दी।<br /><br /> पुनिया ने कहा कि राजस्थान जैसे शांतिपूर्ण राज्य में जब जब कांग्रेस की सरकार आती है तब-तब प्रदेश में अमन चैन का माहौल बिगड़ जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संरक्षण में पहले प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया  (सिमी)  की गतिविधियां चलती थीं लेकिन अब उसका स्थान पीएफआई ने ले लिया है।<br /><br />पुनिया ने आरोप लगाया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह राज्य की कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करे लेकिन वह पीएफआई जैसी देहशगर्द संगठन को संरक्षण देने में लगे हैं, इसलिए पीएफआई के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बिगड़ती कानून -व्यवस्था को देखते हुए गहलोत को जिनके पास गृह मंत्रालय का विभाग भी है,को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।<br /><br />उल्लेखनीय है कि राजस्थान के करौली में बीते शनिवार को हिन्दू नववर्ष के मौके पर आयोजित एक जुलूस के दौरान पथराव हो गया और टकराव की स्थिति पैदा हो गयी। इस टकराव ने साम्प्रदायिक हिंसा का  रूप ले लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 16:51:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुरानी पेंशन योजना के आभार के दिन जारी: CM गहलोत का विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आभार जताया</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री की इस बजट घोषणा से कर्मचारी उत्साहित नजर आए और खुशी उनके चेहरे से झलक रही थी।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/representatives-of-various-employee-organizations-expressed-gratitude-to-chief-minister-ashok-gehlot--unprecedented-welcome-across-the-state-for-the-announcement-of-re-implementation-of-old-pension-scheme/article-5071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/gehlot2_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2022-23 के राज्य बजट में 1 जनवरी 2004 एवं इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा का प्रदेश भर के कर्मचारियों की ओर से अभूतपूर्व स्वागत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार को आए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मालाएं और साफा पहनाकर गहलोत का अभिनन्दन किया और उनका भविष्य सुरक्षित करने के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री की इस बजट घोषणा से कर्मचारी उत्साहित नजर आए और खुशी उनके चेहरे से झलक रही थी।  </p>
<p><br />प्रदेश भर से आए कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि 1 जनवरी 2004 एवं उसके बाद नियुक्त कार्मिकों की व्यथा को पहली बार गहलोत सरकार ने समझा और एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा कर लाखों कर्मचारियों एवं उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित किया। राजस्थान से इस दिशा में अभूतपूर्व पहल हुई है। इसका सकारात्मक संदेश पूरे देश भर में गया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में एक नए उत्साह का संचार हुआ है क्योंकि एनपीएस लागू होने के बाद से ही उनमें भविष्य के प्रति काफी चिंता व्याप्त थी।</p>
<p><br />कर्मचारी संगठनों ने बजट में निगम, बोर्ड, उपक्रम, स्वायत्तशाषी संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों के वंचित कार्मिकों को सातवें वेतनमान का लाभ देने, वर्ष 2017 के आदेश के कारण उत्पन्न हुई एसीपी संबंधी विसंगति दूर करने, पदोन्नति के लिए कैडर पुनर्गठन एवं पदों की संख्या बढ़ाने जैसी अन्य घोषणाओं का भी जमकर स्वागत किया। </p>
<p>     <br />संस्कृत महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने संघ की अध्यक्ष प्रो. शालिनी सक्सेना के नेतृत्व में वैदिक स्वस्ति वाचन के साथ माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। संस्कृत महाविद्यालय शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने एवं उन्हें यूजीसी पे बैण्ड-4 का लाभ देने के लिए संघ ने गहलोत का आभार जताया।</p>
<p><br />पैरालिम्पिक खिलाड़ी सुन्दर सिंह गुर्जर, पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघ (एनटीटी) के प्रतिनिधिमंडल, प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फैड़रेशन, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तू), पुस्तकालय संघ राजस्थान, पशु चिकित्सा संघ, नरेगा कार्मिक संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों-कर्मचारियों एवं अन्य प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री का मालाएं पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। विप्र महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने विप्र बोर्ड के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Feb 2022 16:23:22 +0530</pubDate>
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                <title>पूर्व पेंशन योजना के लिए कर्मचारी संगठनों ने व्यक्त किया मुख्यमंत्री का आभार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान से इस दिशा में अभूतपूर्व  पहल हुई है। इससे केन्द्र एवं अन्य राज्य सरकारों पर भी कर्मचारी कल्याण के उद्देश्य से पूर्व पेंशन योजना को पुन: लागू करने का दबाव बनेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/employees-organizations-expressed-their-gratitude-to-chief-minister-ashok-gehlot-for-the-former-pension-scheme/article-5047"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/gehlot_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े राज्य कर्मचारियों ने मुलाकात कर राज्य बजट में पूर्व पेंशन योजना सहित अन्य घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया। प्रदेशभर से आए इन कार्मिकों ने कहा कि एक जनवरी 2004 से नियुक्त कार्मिकों के लिए एनपीएस के स्थान पर पूर्व पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा से लाखों राज्य कर्मचारी एवं उनके परिजन बेहद खुश हैं। यह ऐतिहासिक निर्णय लेकर मुख्यमंत्री ने उनके भविष्य को सुरक्षित किया है। राजस्थान से इस दिशा में अभूतपूर्व  पहल हुई है। इससे केन्द्र एवं अन्य राज्य सरकारों पर भी कर्मचारी कल्याण के उद्देश्य से पूर्व पेंशन योजना को पुन: लागू करने का दबाव बनेगा। इन फैसलों से कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिला है, इससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन और बेहतर तरीके से करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्मिकों ने मालाएं एवं साफा पहनाकर गहलोत का अभिनन्दन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चेयरमेन धर्मेन्द्र राठौड़ एवं विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संघों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित थे।</p>
<p><br />चिरंजीवी योजना में कोक्लियर इंप्लांट भी शामिल: सीएम<br />मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कोक्लियर इंप्लांट दिवस पर ट्वीट कर कहा कि बजट में मुख्यमंत्री चिरंजीवी बीमा योजना में बीमा राशि को बढ़ाकर दस लाख करने की घोषणा की है। साथ ही चिरंजीवी योजना में कई गंभीर बीमारियों से जुडेÞ इंप्लांट एवं ट्रांसप्लांट के साथ ही कोक्लियर इंप्लांट को भी शामिल किया जाएगा। इससे हजारों बच्चों को बिना किसी खर्च के नया जीवन मिल सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Feb 2022 13:07:45 +0530</pubDate>
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                <title>एक लाख से अधिक संस्थाएं रजिस्टर्ड, इनकी अपडेट जानकारी से विभाग भी है अनजान</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत पंजीकरण के बाद कानूनी कार्रवाई का विभाग के पास भी नहीं अधिकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61d7dd3d0411f/article-3851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/sahkarita-vibhag.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत होने वाली संस्थाओं की संख्या तो एक लाख के पार हैं, लेकिन इन संस्थाओं की कार्यशैली और मौजूदा अपडेट जानकारी रजिस्ट्रेशन करने वाले महकमे के पास भी नहीं है। कानून में जांच से लेकर रजिस्ट्रेशन रद्द करने के अधिकार नहीं होने के कारण सहकारिता विभाग ने भी इन संस्थाओं की तरफ देखना तो दूर, इनके बारे में किसी तरह की जानकारी भी अपडेट नहीं की है। साथ ही रजिस्टर्ड संस्थाओं की स्वयं की कोई वेबसाइट भी नहीं है ताकि आमजन एनजीओ के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। दरअसल, राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1958 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली स्वयं सेवी संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इस रजिस्ट्रेशन की वर्ष 2017 तक ऑफलाइन प्रक्रिया थी, लेकिन 2017 के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई। ऑफलाइन रजिस्टर्ड संस्थाओं के दस्तावेज आज भी रद्दी के ढेर के बराबर है, उनका डिजिटलाइजेशन करने की कई बार योजना बनी, लेकिन परिणाम ना के बराबर रहे। वहीं दूसरी ओर 2017 के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन वाली संस्थाओं की जानकारी जरुर अपडेट मिल जाती है। इसमें भी जो संस्थाएं मृत प्राय: हो चुकी है, उनके बारे में विभाग के स्तर पर भी जानकारी जुटाना मुश्किल है। अर्थात जो संस्थाएं जिन उदेश्यों के लिए बनी उन संस्थाओं में अगर नियमित कार्यकलाप हो रहे है तो जरूर अपडेट जानकारी मिल जाती है, लेकिन जिनका कोई अपडेट नहीं है, उनके बारे में किसी तरह की जानकारी मिलना संभव नहीं है। विभाग में करीब एक लाख से अधिक संस्थाएं रजिस्टर्ड है, लेकिन इसमें से 70 फीसदी संस्थाएं अकेले जयपुर शहर में रजिस्टर्ड हुई है।<br /> <br /> <strong>मिलते-जुलते नामों पर रोक</strong><br /> संस्थाओं के नामकरण में कई तरह की आपत्तियों के बाद विभाग स्तर पर तय किया गया कि राष्ट्रीय सरकारी व अर्द्धसरकारी संस्थाओं से मिलते-जुलते नाम नहीं रखे जा सकेंगे। अर्थात राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग की आपत्ति पर संस्थाओं के नाम में इससे मिलते जुलते शब्दों का उपयोग नहीं नहीं तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पोषित संस्थाओं से मिलते जुलते नाम का उपयोग नहीं करने के संबंध में रजिस्ट्रार की ओर से आदेश जारी कर 2010 में रोक लगाई गई।</p>
<p><br /> शिकायतों की जांच पर लगाई रोक : संस्थाओं के क्रियाकलापों के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर उनकी जांच के संबंध में रजिस्ट्रार की ओर से 19 नवंबर, 2020 को जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया अधिनियम में जांच करने अथवा इस क्रम में किसी प्रकार की शास्ति आरोपित करने का किसी प्रकार का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियिम में पंजीकृत संस्थाओं के क्रियाकलापों में हस्तक्षेप से दूर रहने के निर्देश दिए गए।</p>
<p><br /> <strong>पुरानी संस्थाओं के संबंध में व्यवस्था:</strong><br /> अधिनियम के अन्तर्गत पूर्व में पंजीकृत समस्त संस्थाओं के लिए व्यवस्था की गई है कि धारा 12 एवं धारा 12क के अन्तर्गत सभी प्रकार के संशोधन संबंधी आवेदन ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे तथा धारा 19 के अन्तर्गत रजिस्ट्रार संस्थाएं से दस्तावेजों की प्रतियां प्राप्त करने एवं प्रमाणित प्रति जारी करने संबंधी कार्रवाई ही ऑनलाइन ही की जाएगी।</p>
<p><br /> <strong>ऑडिट की प्रक्रिया भी अधूरी:</strong><br /> विभाग की ओर से पंजीकृत सभी संस्थाओं की आॅडिट की प्रक्रिया को शत प्रतिशत करने के दावे किए गए, लेकिन यह प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर पा रही है। इसे लेकर भी संस्थाओं में कई तरह की फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती हैं। विभाग इसके लिए अपने ऑडिटर्स से ही काम को पूरा करवाने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><strong><br /> ट्रस्ट केवल देवस्थान में रजिस्टर्ड:</strong><br /> वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट के नाम से संस्था का रजिस्ट्रेशन देवस्थान विभाग में होता है। इसमें संस्था के नाम के साथ ट्रस्ट और प्रन्यास शब्द उपयोग होता है, जबकि ट्रेड से संबंधित संस्थाएं श्रम व कंपनी एक्ट से संबंधित कंपनी रजिस्ट्रार के यहां संस्था का रजिस्ट्रेशन होता है। इनकी संख्या भी हजारों के पार है। <br /> <br /> सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियिम के तहत जो ऑफलाइन संस्थाएं रजिस्टर्ड हुई हैं, उनके दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्टर्ड संस्थाओं के बारे में पूरी जानकारी संबंधित कार्यालय में मिल जाती है। अब नए सिरे से इन संस्थाओं को लेकर कानूनी प्रावधान किए जाने पर विचार किया जा रहा है। -<strong>विवेकानंद यादव, ज्वाइंट रजिस्ट्रार (नियम) सहकारिता विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jan 2022 12:42:50 +0530</pubDate>
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                <title>किसान आंदोलन का फैसला  4 दिसंबर को</title>
                                    <description><![CDATA[ किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-2871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rakesh-tiket.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। किसानों की मांग को लेकर पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि छोटी मोटी बैठकें चलती रहती है लेकिन आज कोई बैठक नहीं है। टिकैत ने कहा कि किसान संगठनों की बैठक चार दिसंबर को होनी है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगों का सामाधान नहीं होता, यह आंदोलन चलता रहेगा। किसान नेता ने कहा, ''सरकार को आम सहमति से रास्ता निकालना चाहिये, किसानों से बातचीत करनी चाहिये।</p>
<p>मंगलवार को यूनियन नेताओं की तरफ से एक संकेत दिया गया कि उनकी एक बैठक बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर होगी, जिसमें 40 से अधिक किसान संगठन भाग लेंगे। <br /><br /> टिकैत ने बुधवार सुबह कहा, ''ऐसी कोई बैठक नहीं है, छोटी-मोटी बैठकें होती रहती हैं।'' मंगलवार को संगठनों की तरफ से यह बात सामने आयी कि सरकार ने पंजाब के एक किसान नेता से एमएसपी और अन्य मुद्दों पर सरकार की ओर से बनायी जाने वाली विशेषज्ञों की समिति में किसानों की ओर से पांच नाम भेजें।<br /><br /> किसान यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से प्रस्तावित समिति पर उनके सामने अभी कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है। समिति का स्वरूप क्या होगा, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उनका यह भी कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव आएगा तो उस पर विचार करेंगे।<br /><br />संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता डॉ. दर्शन पाल ने कल कहा था कि आगामी चार दिसंबर को होने वाली किसान संगठनों की बैठक में समिति में किसानों के नाम भेजे जाने पर विचार किया जायेगा और आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। <br /><br />गौरतलब है कि तीन नये कृषि कानूनों को रद्द किये जाने की मांग को लेकर किसानों ने पिछले साल 26 नवंबर को आंदोलन किया था और इस साल 26 जनवरी को उनके दिल्ली मार्च आंदोलने के दौरान बड़े पैमाने पर राजधानी में हिंसा हुई थी। <br /><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को गुरू पर्व के दिन राष्ट्र के नाम संबोधन में इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी और संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को लोकसभा और राज्यसभा में इन कानूनों को वापस लेने का विधेयक पारित करा लिया गया। प्रधानमंत्री ने एमएसपी और फसल विवधिकरण और ऐसे अन्य मुद्दों पर एक समिति बनाने की घोषणा की है। <br /><br /> किसान नेता एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलने के दौरान मृत किसानोंं के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, बिजली बिल की माफी  और अन्य मामलों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 16:08:01 +0530</pubDate>
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