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                <title>illegally - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सांप मारने को लाठी पीट  रहे, वह भी आधी अधूरी</title>
                                    <description><![CDATA[ एक बार फिर नोटिस देकर की इतिश्री-हादसों के कुछ दिन तक ही नजर आती है अधिकारियों की सक्रियता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/they-re-using-sticks-to-kill-a-snake--and-that-too-is-half-hearted/article-144681"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।<strong> केस एक :</strong> जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंद्र विहार में एक तीन मंजिला रेस्टोरेंट के ढहने से दो लोगों की मौत के बाद नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण कुछ दिन तक तो सक्रिय नजर आया। अवैध निर्माण के नोटिस भी दिए गए। लेकिन उसके बाद केडीए ने तो किसी के भी खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई तक नहीं की। जबकि निगम ने की चार अवैध निर्माण भवनों को सीज करने के बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं की।</p>
<p><strong>केस दो : </strong>रेस्टोरेंट हादसे के बाद नगर निगम का फायर अनुभाग भी सक्रिय हुआ। फायर टीम ने नए कोटा शहर के कोचिंग इलाकों में तीन से चार दिन तक तो अभियान चलाकर करीब डेढ़ सौ से अधिक नोटिस जारी किए। लेकिन उसके बाद उन नोटिसों की पालना हुई या नहीं। किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>स्कूल हादसे के बाद भी चेते थे अधिकारी:</strong> इसी तरह बरसात के समय में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में एक सरकारी स्कूल की छत ढहने से कई बच्चों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद सरकार व प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आया। आनन-फानन में सभी जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया गया। उनमें बच्चों को बैठने से रोका गया। सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों के लिए बजट भी पारित कर दिया। लेकिन हुआ कुछ भी नहीं। अभी तक भी किसी स्कूल की मरम्मत तक नहीं हुई है। ये तो उदाहरण मात्र हैं उस स्थिति को बताने के लिए जो कुछ दिन पहले शहर में उत्पन्न हुई थी। हालत यह है कि हर बार किसी भी तरह का बड़ा हादसा होने के बाद प्रशासन उस समय या कुछ दिन तक तो सक्रिय नजर आता है लेकिन उसके बाद फिर वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति हो जाती है।</p>
<p><strong>केडीए ने दिए सौ से अधिक नोटिस</strong><br />रेस्टोरेंट हादसा होने के बाद जांच में पता चला कि जो रेस्टोरेंट ध्वस्त हुआ था उसका निर्माण अवैध था। उसके पास के अन्य 5 भवन भी अवैध निर्माण की बुनियाद पर खड़े हुए थे। उसे देखते हुए कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से नए कोटा शहर के कोचिंग एरिया जवाहर नगर, इंद्र विहार, तलवंडी, महावीर नगर, के अलावा कुन्हाड़ी लैंड मार्क और बोरखेड़ा स्थित नयानोहरा समेत कई जगह पर बहुमंजिला इमारतों को अवैध निर्माण मानते हुए नोटिस जारी किए। जानकारी के अनुसार करीब 100 से 125 नोटिस जारी किए। लेकिन उन नोटिसों को देने के बाद उन पर आगे क्या कार्रवाई की गई। इस बारे में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार ही नहीं है।</p>
<p><strong>अग्नि सुरक्षा नहीं होने पर दिए नोटिस</strong><br />इसी तरह नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से हॉस्टलों व रेस्टोरेंट समेत अन्य बहुमंजिला उमारतों में आग से सुरक्षा की जांच की गई। उनमें से कहीं फायर सिस्टम नहीं था तो कहीं कार्यशील अवस्था में नहीं थे। कहीं आग से सुरक्षा के नाम पर मात्र दिखावे के छोटे उपकरण रखे हुए थे। ऐसे में नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से अभियान चलाकर करीब 150 से अधिक नोटिस दिए गए। उन नोटिसों के बाद उनकी पालना हुई या नहीं। भवन मालिकों ने फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए या नहीं। इसकी कोई जानकारी अभी तक नहीं है।</p>
<p><strong>फिर किसी हादसे का इंतजार</strong><br />शहर में किसी तरह का हादसा होने के कुछ दिन बाद तक तो सभी विभाग व जिला प्रशासन सक्रिय रहता है। फिर चाहे संभागीय आयुक्त हो या जिला कलक्टर। सभी ने बैठकें लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं हो। इसके लिए जो भी संभव हो कार्रवाई की जाए। अधिकारियों के निर्देश के बाद संबंधित विभाग हरकत में आए और कुछ दिन तक ऐसा लगा मानो अब शहर में ऐसी कार्रवाई होगी जिससे अवैध निर्माण व अतिक्रमण करने वालों को सबक मिलेगा। जबकि ऐसा लगता है कि प्रशासन व संबंधित विभाग फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही सख्त कार्रवाई होगी।</p>
<p><strong>17 दिन हुए हादसे को</strong><br />दिल्ली स्पाइसी रेस्टोरेंट को ध्वस्त हुए 17 दिन का समय हो गया है। 8 फरवरी की रात को हुए हादसे में एक कोचिंग छात्र व एक युवक की मौत हो गई थी। जबकि एक महिला के मलबे में दबने से उनका पैर इतना जख्मी हो गया था कि उसे काटना ही पड़ा। विभागीय व भवन मालिकों की लापरवाही का खामियाया बेगुनाहों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />इंद्र विहार में जिस रेस्टोरेंट का अवैध निर्माण था। उस समेत आस-पास के 5 भवनों को नोटिस दिया गया था। जिनमें से एक जर्जर भवन के मालिक ने तो स्वयं ही उसे ढहा दिया था। जबकि अन्य 4 को सीज कर दिया है। वहीं फायर के नोटिसों की पालना करवाई जाएगी। पालना नहीं करने वालों के खिलाफ निर्धारित समय के बाद कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त, नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 14:24:55 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर कब मिलेगी अवैध पार्किंग से निजात</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में हर दिन किसी ना किसी इलाके से इन वाहनों के कारण छोटे मोटे हादसे होते रहते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/when-will-we-get-rid-of-illegal-parking/article-91982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(14).png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर में सड़कों को ट्रैफिक सिग्नल से तो मुक्ति मिल गई है, लेकिन सड़कों पर होने वाले जाम से अभी तक मुक्ति नहीं मिल पाई है। शहर की लगभग हर सड़क पर रोजना हजारों वाहन अवैध रूप से खड़े रहते हैं। जिसके चलते शहर की सबसे व्यस्तम और प्रमुख सड़कें भी जाम के बोझ तले दबी रहती हैं। वहीं रात के समय तो सह स्थिति अधिक खराब हो जाती है, जहां कई मीटर लंबा जाम लग जाता है। इतना ही नहीं लोग तो इतने बेखौफ हो चुके हैं कि पार्किंग निषेद्ध के बोर्ड के नीचे ही वाहन खड़ा कर देते हैं। </p>
<p><strong>सबसे ज्यादा जाम छावनी, पुरानी सब्जीमंडी और एयरोड्राम में</strong><br />शहर की लगभग हर सड़क पर अवैध रूप से वाहन खड़े रहते हैं, जिसमें लोगों के पैदल चलने वाली फुटपाथ तक शामिल है। शहर के सबसे व्यस्तम इलाके छावनी, पुरानी सब्जीमंडी और एयरोड्राम सर्कल पर अवैध पार्किंग की हालत इतनी बदतर है कि लोग वाहनों को आड़े तिरछे जैसे जगह मिलती है खड़े कर देते हैं। जबकि इन मार्गों से हर दिन हजारों वाहनों का निकलना होता है जहां छोटी सी गलती से बड़ा जाम लग जाता है। पुरानी सब्जीमंडी इलाके में लोग वाहनों को सड़क के बीच में खड़ा कर जाते हैं जो सड़क की चौड़ाई को कम कर देता है।</p>
<p><strong>हर दिन होती हैं दुर्घटनाएं, फिर भी वही हालात</strong><br />शहर में हर दिन किसी ना किसी इलाके से इन वाहनों के कारण छोटे मोटे हादसे होते रहते हैं। कई बार इनके चलते बड़े हादसे भी हो जाते हैं। लेकिन इन वाहनों का अवैध रूप से खड़ा होना नहीं रुक पा रहा है। वहीं यातायात पुलिस की ओर से इन वाहनों के विरूद्ध कारवाई की जाती है लेकिन सख्त एक्शन नहीं होने के कारण वाहन मालिकों का हौसला बढ़ता जा रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अवैध पार्किंग वालों के खिलाफ लगातार कारवाई की जा रही है, हर दिन सैंकड़ों वाहनों के चालान बनाए जाते हैं। जहां भी अवैध पार्किंग हो रही है वहां अभियान चलाकर कारवाई करेंगे।<br /><strong>-पूरण सिंह मीणा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, कोटा</strong></p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />शहर में जगह जगह अवैध पार्किंग होने लगी है जो पिछले कुछ सालों में बढ़ने लगी है। इसके कारण वाहनों के आवागमन में काफी परेशानी होती है। कई बार तो सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है।<br /><strong>-सुरेश शर्मा, आर के पुरम</strong></p>
<p>सबसे ज्यादा अवैध पार्किंग एयरोड्राम, छावनी और पुरानी सब्जीमंडी में होता है, जहां आॅटो, कार वाले अपने वाहनों को यूं ही खुला छोड़ जाते हैं या खड़े कर देते हैं। जिससे जाम तो लगता ही है कई बाद दुर्घटना भी हो जाती है।<br /><strong>-शशि शेखर, छावनी</strong></p>
<p>यातायात पुलिस को सड़कों पर होने वाली अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता लानी चाहिए। क्योंकि इनसे सड़कों की चौड़ाई भी कम होती है, और आवाजाही में भी समस्या होती है। सिग्नल फ्री शहर होने के बावजूद इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।<br /><strong>-विजय सामरिया, रायपुरा</strong></p>
<p>लोगों में सिविक समझ की बहुत कमी है, जहां जगह दिखती है वहीं वाहन खड़ा कर देते हैं। यातायात पुलिस को इसके लिए सख्त कदम उठाने चाहिए तभी इसका समाधान निकल सकता है।<br /><strong>-सतीश कुमार, नयापुरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 15:48:14 +0530</pubDate>
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                <title>राज्य पशु की तस्करी: अवैध रूप से ट्रक में 17 ऊंट ले जा रहा चालक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। मालपुरा गेट पुलिस ने शनिवार को गश्त के दौरान अवैध रूप से ट्रक में 17 ऊंट ले जा रहे चालक जकरिया पुत्र महबूब खान फिरोजपुर गुड़गांव हरियाणा को गिरफ्तार कर ट्रक जब्त कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-animal-smuggling-driver-arrested-for-illegally-carrying-17-camels-in-truck/article-13091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ut.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मालपुरा गेट पुलिस ने शनिवार को गश्त के दौरान अवैध रूप से ट्रक में 17 ऊंट ले जा रहे चालक जकरिया पुत्र महबूब खान फिरोजपुर गुड़गांव हरियाणा को गिरफ्तार कर ट्रक जब्त कर लिया। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।  थानाप्रभारी रायसल सिंह ने बताया कि रात साढ़े 11 बजे एएसआई हरिकेश थाने की टीम के साथ इलाके में गश्त के लिए निकले थे। साढ़े बारह बजे सूचना मिली कि भारत पेट्रोलियम पम्प टोंक रोड सांगानेर पर एक ट्रक खड़ा है, जिसमें ऊंट हैं। टीम ने दबिश दी और जांच की तो ट्रक में 17 ऊंट थे, इनमें छह नर और 11 मादा थी। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कबूल किया कि वह इन ऊंटों को टोंक से लेकर आ रहा है और लुहारू हरियाणा पहुंचाने थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 14:08:37 +0530</pubDate>
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                <title>अवैध रूप से बनाए 30 फ्लैट जेडीए ने किए सील</title>
                                    <description><![CDATA[सीकर रोड कुकर खेड़ा में अवैध रूप से बनाई गई 30 फ्लैटों को सील कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%A7-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AA-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F-30-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B2/article-2875"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने बुधवार को सीकर रोड कुकर खेड़ा में अवैध रूप से बनाई गई 30 फ्लैटों को सील कर दिया। मुख्य प्रवर्तन अधिकारी रघुवीर सैनी ने बताया कि जोन- 6 क्षेत्राधिकार में भूखण्ड स.  एम एस-19 कूकरखेडा़, सीकर रोड़ पर करीब 960 वर्ग गज क्षेत्रफल में  जेडीए से बिना उपविभाजन करवाए व  बिना अनुमति एवं स्वीकृति के अवैध रूप से चार मंजिला बिल्डिंग का पश्चिमी एवं पूर्वी भाग में दो चार मंज़िला अवैध टावर खड़े कर 32 अवैध फ्लैटों का निर्माण कर लिया सूचना आने पर नोटिस जारी कर आगे अवैध निर्माण हटान के निर्देश दिए थे लेकिन निर्माणकर्ता निर्माण जारी रखा और मामला कोर्ट में चला गया । अब न्यायालय के स्टे ऑर्डर के कारण दो फ्लेट्स को छोड़कर शेष सभी 30 अवैध फ्लेट्स के सीलिंग की कार्रवाई की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 16:44:30 +0530</pubDate>
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