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                <title>खतरनाक हैं जहरीले हो रहे बादल</title>
                                    <description><![CDATA[बादलों को पीने योग्य पानी के लिए सबसे उपयुक्त स्रोत माना जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/clouds-becoming-poisonous-are-dangerous/article-131787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>बादलों को पीने योग्य पानी के लिए सबसे उपयुक्त स्रोत माना जाता है। यही वह अहम वजह है कि वर्षा जल के संचय पर सर्वाधिक बल दिया जाता है ताकि उससे भूजल भरण हो सके और उससे प्राणी मात्र के पीने के पानी के साथ साथ उसकी दैनिक उपयोग की दूसरी जरूरतें भी पूरी की जा सकें, लेकिन अब उसी वर्षा के जल की शुद्धता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अभी तक हमारे वायुमंडल और खान-पान की वस्तुओं में कीटनाशकों की मौजूदगी चर्चा का विषय थी, जिससे जीवमात्र के लिए खतरा पैदा हो गया था। हालिया अध्ययनों ने यह साबित कर दिया है कि वायुमंडलीय ऐयरोसोल, हवा में मौजूद छोटे-छोटे कणों में भी कीटनाशक पाये गये हैं। ये ट्रोपोस्फेयर में भी पाये गये हैं। यह पृथ्वी के वायुमंडल की पहली परत है, जो धरती की सतह से एक से दो किलोमीटर की ऊंचाई से शुरू होती है। अब तो नये-नये अध्ययनों में यह खुलासा हो रहा है कि अब बादल भी जहरीली धातुओं, प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक सहित कीटनाशकों से भरे पड़े हैं।</p>
<p><strong>वैज्ञानिकों की चिंता :</strong></p>
<p>बादलों में इनकी मौजूदगी खतरनाक संकेत तो हैं ही, इसने वैज्ञानिकों की चिंता और बढ़ा दी है कि बादलों में मौजूद ये जहरीले तत्व और कीटनाशक बारिश की बूंदों के साथ हरेक चीज पर बरस रहे हैं और उसे प्रदूषित कर रहे हैं, ये मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। इसका खुलासा फ्रांस और इटली के वैज्ञानिकों के संयुक्त अध्ययन और कोलकता स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के अध्ययन में हुआ है। गौरतलब है कि 1990 के दशक में भी बारिश के पानी में कीटनाशकों की मौजूदगी का अध्ययन किया गया था, जिसमें जर्मन वैज्ञानिक फ्रांस ट्राटनर की टीम को बादलों में मौजूद अट्राजाइन हर्बीसाइड का पता लगा था, लेकिन तब उसमें उनको इनकी मात्रा का पता नहीं चल सका था। बाद में इस रसायन जो मक्का के खेतों में इस्तेमाल किया जाता था, पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालिया अध्ययन में बादलों और बारिश के पानी के नमूनों में 32 प्रकार के कीटनाशकों की मौजूदगी मिली है।</p>
<p><strong>कीटनाशकों की मौजूदगी :</strong></p>
<p>खासियत यह है कि इस अध्ययन में जिन कीटनाशकों की मौजूदगी मिली, उन पर योरोप में पिछले एक दशक से प्रतिबंध लगा हुआ है। अध्ययन के अनुसार ये बादल 10 से 50 माइक्रोमीटर आकार की बूंदों से बनते हैं। बादल कैमिकल रियेक्टर का काम करते हैं। सूर्य की किरणों से मिलकर बादलों में फोटो कैमिकल प्रतिक्रिया होती है। इसके चलते कीटनाशकों का स्वरूप बदल जाता है। बारिश के पानी के एक तिहाई नमूनों में कीटनाशकों की मात्रा पीने के पानी के लिए निर्धारित मानक से ज्यादा पायी गयी है। अध्ययकर्ता फ्रांस के क्लोरमाट ओवेंगे यूनिवर्सिटी के रसायनशास्त्री एंजोलेका बियान्को का कहना है कि इस मुद्दे पर अभी और अध्ययन किए जाने की जरूरत है, ताकि नयी जानकारियां सामने आ सकें। साथ ही कीटनाशकों का इस्तेमाल कम किये जाने हेतु जागरूकता बढ़ाने की भी बेहद जरूरत है। यह भी कटु सत्य है कि बादलों में अरबों टन पानी होता है, जो धरती पर बरसता है। जहां तक कीटनाशकों का सवाल है, वह हरेक जगह वह चाहे नदी हो, झील हो या भूजल हो, बारिश का पानी हो या फिर खान-पान की वस्तु हो, में पाये जाते हैं।</p>
<p><strong>हिमालय के बादलों में :</strong></p>
<p>अब तो अध्ययनों में कीटनाशकों के एक नये ठिकाने का भी पता चला है। वायुमंडल की गतिशीलता की वजह से प्रदूषण से संपर्क में न रहने वाली जगह, जैसे धु्रवीय क्षेत्रों में भी अब कीटनाशकों की पहुंच हो गयी है। जहां तक हिमालय के बादलों का सवाल है, कोलकाता के भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक देश के पश्चिमी घाट और हिमालय के बादलों में कैडमियम, क्रोमियम, तांबा और जस्ता समेत करीब 12 जहरीली धातुएं पायी गयी हैं। बादल प्रदूषित निचले इलाकों से जहरीली धातुओं को चुपचाप लेकर पृथ्वी के सबसे ऊंचे और नाजुक पारिस्थितिकीय तंत्र तक पहुंचा रहे हैं। पश्चिमी घाट की तुलना में पूर्वी हिमालय के बादलों में प्रदूषण का स्तर डेढ गुणा ज्यादा था। इसके पीछे सिंधु-गंगा के मैदान से होने वाला औद्योगिक और शहरी प्रदूषण का योगदान सर्वाधिक है। इन इलाकों से निकलने वाले कैडमियम, कापर और जिंक जैसी धातुओं का भार 40 से 60 फीसदी बढ़ गया है। बादलों के विश्लेषण में सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम पाये गये हैं। महाबलेश्वर के बादलों में इनकी मौजूदगी औसतन 4.1 मिलीग्राम प्रति लीटर थी, जबकि दार्जिलिंग के बादलों में इनकी मौजूदगी 2 मिलीग्राम प्रति लीटर थी।</p>
<p><strong>क्रोमियम की मात्रा :</strong></p>
<p>इस बारे मेंअध्ययन कर्ता सनत कुमार दास का कहना है कि पश्चिमी घाट के महाबलेश्वर और पूर्वी हिमालय के दार्जिलिंग के बादलों के नमूनों में क्रोमियम की मात्रा अधिक पायी गयी है, जिससे कैंसरकारी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ गया है। अध्ययन के यह निष्कर्ष पूर्वोत्तर इलाके के लिए काफी अहम हैं। यहां के लोग अधिकांशत अक्सर सिंचाई या दूसरे दैनिक कामों के लिए बादलों के पानी का ही इस्तेमाल करते हैं। इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि इन धातुओं के लम्बे समय तक संपर्क में रहने से मिट्टी, फसलों और मानव शरीर में जमाव हो सकता है। इससे बीमारियों का खतरा लम्बे समय तक बना रहता है। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह कि इन अध्ययनों से पर्यावरण प्रदूषण के प्रति सामूहिक जागरूकता में बढोतरी तो हुयी है, लेकिन इनके खतरों को नजरंदाज करना मानव जीवन के अस्तित्व के लिए भयावह चुनौती होगी। इसके लिए सतर्कता और बचाव के उपाय अभी से करने होंगे। अन्यथा इसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p><strong>-ज्ञानेन्द्र रावत</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 12:24:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में कई जिलों में हुई मानसून की बारिश, आज भी कई जिलों में बरसेंगे मेघ</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालाकि राजधानी जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मानसून आने में अभी दो से तीन दिनों का समय लग सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालाकि राजधानी जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मानसून आने में अभी दो से तीन दिनों का समय लग सकता है। मौसम केन्द्र जयपुर ने बुधवार को राजस्थान के सभी जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में सीकर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालोर, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, धौलपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सवाई माधोपुर शहर में 25MM, खंडार में 45MM, दौसा के महुवा में 26, सीकर के रींगस में 53MM, अलवर के थानागाजी में 25MM बारिश हुई।</p>
<p>इधर, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में भी मंगलवार देर शाम को कई जगह तेज बारिश हुई। जोधपुर, पाली के भी कुछ स्थानों पर बारिश के बाद लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली।</p>
<p><strong>कहां, कब होगी बारिश<br /></strong>मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने आज राजस्थान के सभी 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। 27 जून को बीकानेर और गंगानगर जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। 27 जून को बारां, झालावाड़ के एरिया में पानी गिरने की संभावना है। 28 जून को बारां, झालावाड़, कोटा और बूंदी में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। जोधपुर, बाड़मेर, जालोर और जैसलमेर जिलों को छोड़कर शेष जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 29 जून को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली और अलवर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 14:04:53 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज गर्मी के बीच कई जगह शाम को छाए बादल</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि 28 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश हो सकती है। इस सिस्टम से इन एरिया में कुछ जगह ओले भी गिर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amidst-the-intense-heat-clouds-covered-many-places-in-the/article-73772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/weather.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में पड़ रही तेज गर्मी के बीच एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि 28 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश हो सकती है। इस सिस्टम से इन एरिया में कुछ जगह ओले भी गिर सकते हैं। इस सिस्टम का प्रभाव भरतपुर, जयपुर संभाग के जिलों में रहेगा, जबकि शेष अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। इससे पहले राज्य में हल्के बादल रहेंगे और तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं होगा। वहीं मंगलवार को भी शाम होते-होते राजधानी जयपुर सहित कई इलाकों में हल्के बादल छाए रहे। फलौदी में मंगलवार को सबसे ज्यादा 41.2 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बाड़मेर में 40.5 और जैसलमेर में 40.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में तेज गर्मी के बीच दिन का तापमान 37 डिग्री और बीती रात न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम केन्द्र जयपुर से जारी फोर कास्ट के मुताबिक 28 मार्च को अलवर, भरतपुर, झुंझुनूं में बारिश का येलो अलर्ट है। इन जिलों में बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। इन जिलों के अलावा दौसा, सीकर के एरिया में भी हल्के बादल छा सकते हैं। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p>वहीं 29-30 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग एवं शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Mar 2024 09:50:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादलों का डेरा, एक व्यक्ति बहा </title>
                                    <description><![CDATA[सर्वाधिक बारिश माउंट आबू सिरोही में दर्ज की गई। कोटा बैराज का एक फीट तक गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/clouds-in-most-parts-of-the--one-person-shed/article-15410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/monsoon-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादलों का डेरा है। पिछले 24 घंटों में सिरोही, अजमेर, डूंगरपुर, राजसमंद व झुंझुनू में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। सिरोही जिले में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज हुई है। सर्वाधिक बारिश माउंट आबू सिरोही में दर्ज की गई। कोटा बैराज का एक फीट तक गेट खोलकर पानी की निकासी की गई।</p>
<p>जल निकासी के बाद बैराज का जलस्तर कम होकर 852 फीट रहा। जवाहरसागर में जलविद्युत उत्पादन रोके जाने से पानी की आवक भी बंद हो गई। चित्तौड़गढ़ के भदेसर वागन नदी के तेज बहाव में एक व्यक्ति बह गया। अभी निम्बाहेड़ा और भदेसर क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के चलते नदी उफान पर है। जयपुर में आसमान में छाए हुए बादल है, लेकिन उमस से लोग परेशान है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Jul 2022 14:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>मेघों ने छेड़ी सरगम गर्मी से मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ करौली जिले में रिमझिम वर्षा की जो सरगम मेघों ने छेडी तो एक तरफ तेज गर्मी से लोंगों को राहत मिली वहीं मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि इसे मानसून की पूर्व की वर्षा माना जा रहा हेै]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/karauli/---clouds--brought--relief---scorching-heat/article-12637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qq9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>करौली।</strong> करौली जिले में रिमझिम वर्षा की जो सरगम मेघों ने छेडी तो एक तरफ तेज गर्मी से लोंगों को राहत मिली वहीं मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि इसे मानसून की पूर्व की वर्षा माना जा रहा हेै किन्तु वीती रात से आज दोपहर तक लगातार रिझिम रिमझिम वारिस होती रहने से करौली में लोंगों का कहना था कि बर्षा का दौर शुरू हो गया है। मौसम के वदलाव से सवसे अधिक खुशी किसानों को हुई है और आज वहुत सी जगह किसानों को अपने खेतों में वुवाई का विचार वनाते भी देखा गया। यदि ऐसी झमाझम बर्षा जिला करौली और डांग क्षेत्र में कुछ और हो जाती है तो निश्चित ही डांग क्षेत्र में हरियाली तो बढेगी ही संवत भी अच्छा ही होने की उम्मीद प्रवल होगी। इस वर्षात के वाद करौली जिले सूखे पडे बांध, नदी तालाबों में भी पानी की मामूली आवक शुरू हुई है। बर्षा से उम्मीद की जा रही है कि करौली के निकट से वहने वाली भद्रावती नदी में ऐसी ही बर्षा हुई तो जल्दी ही पानी हिलोरें लेने लग सकता है। डांग क्षेत्र के दुर्गम स्थलों एवं पहाडियों में बर्षा की शुरूआत हो जाने के बाद उम्मीद वनी है कि हरियाली बढने लगेगी है। साथ ही अब गैर मुमकिन नालों एवं मनमाने तरीके से बढ रही कॉलोनियों में बर्षा का पानी रूक जाने के कारण अतिक्रमणों की पोल खुलने लगी है। करौली शहर की सीमा से लगते भद्रावती नदी के हिस्से से वर्ष भर मे डाला कुडा कचरा व मल वहकर नहीं जायेगा और नदी में प्रदूषण कम नहीं होगा। लोग भद्रावती की खुदाई एवं साफ सफाई की बात कर रहे थे और जो लोग भद्रावती नदी बचाओ के हिमायती बनते हैं उन्हें बर्षा से पूर्व ऐसे प्रयास करने चाहिए थे कि भद्रावती नदी के ऊपरी भागों में ग्रामीण क्षेत्र में जो रूकावटें पानी आने में हैं उन्हें हटाया जावे तो बर्षा का पानी भद्रावती नदी में तेजी से आवेगा तो साफ सफाई तो पानी की ठेल से ही हो सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>करौली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 14:37:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> डायमण्ड कारोबार पर संकट के बादल मंडराए</title>
                                    <description><![CDATA[ युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो राजस्थान के जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री के डायमण्ड सेक्टर को भी धक्का लगेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/business-news--clouds-of-crisis-hover-over-the-diamond-business--the-war-between-russia-and-ukraine-has-hit-the-jam-and-jewelery-industry/article-7783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/diamond-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रूस और यूक्रेन के युद्ध के कारण डायमण्ड की खरड की आवक थम गई। युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो राजस्थान के जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री के डायमण्ड सेक्टर को भी धक्का लगेगा। पिछले साल राजस्थान से जैम एंड ज्वैलरी का निर्यात 6,618.37 करोड़ था, जो कि गत साल से 67.36 फीसदी अधिक था। इसमें सिंथेटिक स्टोन के बाद सबसे बड़ी हिस्सेदारी कट एंड पॉलिश्ड डायमण्ड की थी। वर्ष 2021 में एक्सपोर्ट 183.64 करोड़ था, जो कि 2022 में 320.33 करोड़ का रहा। 74.44 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। <br /><br /><strong>राजस्थान के निर्यातक देश</strong><br />अमेरिका, हांगकांग, यूके, थाइलैण्ड, दुबई, जर्मनी, इटली, जापान, स्पेन।<br /><br /><strong>डायमण्ड के अलावा असर नहीं</strong><br />हीरे की खरड़ के आयात में रुकावट है। अन्य जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री सामान्य है। फिलहाल विलायती मांग में इजाफा है। निर्यात बाजार में इंडियन ज्वैलरी की मांग है। -<strong> रामशरण गुप्ता, अध्यक्ष, जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन</strong><br /><br /><strong>डीजीएफटी को लिखा पत्र</strong><br />हीरे की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन पिछले कई माह से फिर से कीमत सामान्य होने लगी थी। युद्ध के हालात नहीं सुधरे तो हीरा और डायमण्ड ज्वैलरी की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी। रूस के लिए जैम एंड ज्वैलरी के पार्सल नई दिल्ली से एयरलाइंस कंपनियां बिना कारण बताए लौटा रही है। विदेश व्यापार विभाग को एसोसिएशन ने मांग पत्र लिखा है। एयरलाइंस कंपनियों की ओर से रूस के लिए पार्सल सुविधा जल्द शुरू करवाई जाए। <strong>- गौरव जैन, अध्यक्ष सीतापुरा जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन</strong></p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="4"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td><br />कमोडिटी कैटगिरी   </td>
<td>2021   </td>
<td>2022   </td>
<td>ग्रोथ रेट (%)</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रीसियस/सेमी प्रीसियस स्टोंस   </td>
<td>123.53   </td>
<td>168.12   </td>
<td>36.10</td>
</tr>
<tr>
<td>सिल्वर आर्टिकल्स   </td>
<td>13   </td>
<td>15.02   </td>
<td>15.54</td>
</tr>
<tr>
<td>कर्लड जैमस्टोंस अनवर्कड   </td>
<td>33.42   </td>
<td>55.90   </td>
<td>67.24</td>
</tr>
<tr>
<td>कलर्ड जैमस्टोंस वर्कड   </td>
<td>1270.74   </td>
<td>2075.16  </td>
<td>63.30</td>
</tr>
<tr>
<td>कट एंड पॉलिश्ड डायमंड्स   </td>
<td>183.64   </td>
<td>320.33   </td>
<td>74.44</td>
</tr>
<tr>
<td> गोल्ड ज्वैलरी    </td>
<td> 861.64    </td>
<td> 1759.32    </td>
<td> 104.18</td>
</tr>
<tr>
<td> इमीटेशन ज्वैलरी    </td>
<td> 127.94    </td>
<td> 205.31    </td>
<td> 60.48</td>
</tr>
<tr>
<td> लैब ग्रोन डायमंड्स, अनवर्कड    </td>
<td> 12.08    </td>
<td> 17.57    </td>
<td> 45.44</td>
</tr>
<tr>
<td>लैब ग्रोन डायमंड्स, वर्कड    </td>
<td>21.60    </td>
<td>23.64    </td>
<td>9.14</td>
</tr>
<tr>
<td>सिल्वर ज्वैलरी    </td>
<td>1294.21    </td>
<td>1968.61    </td>
<td>52.11</td>
</tr>
<tr>
<td>सिंथेटिक स्टोंस वर्कड    </td>
<td>3.99    </td>
<td>10.13     </td>
<td>154.05</td>
</tr>
<tr>
<td>कुल    </td>
<td>3954.63    </td>
<td>6618.37     </td>
<td>67.36</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="4"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>(आंकड़े करोड़ रुपए में है)</strong></span></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/business-news--clouds-of-crisis-hover-over-the-diamond-business--the-war-between-russia-and-ukraine-has-hit-the-jam-and-jewelery-industry/article-7783</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 12:26:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरएएस मुख्य परीक्षा पर संकट के बादल: राजस्थान विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मनाया जश्न, कोर्ट के फैसले का किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[आरएएस मेंस परीक्षा पर संकट के बादल मंडरा गए है। (RPSC) आरपीएससी की ओर से आयोजित हो रही परीक्षा में प्री आरएएस परीक्षा को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है, साथ ही संशोधित रिजल्ट निकालने के आदेश दिए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/clouds-of-crisis-on-ras-mains--candidates-sitting-on-dharna-in-rajasthan-university-celebrated--welcomed-the-decision-of-the-court/article-4819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ras-2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आरएएस (RAS) मामले को लेकर 12 फरवरी से  धरना दे विद्यार्थियों ने जश्न मनाया और भारतीय संविधान के जयकारे लगाएं। अभ्यार्थियों ने कहा कि सरकार ने हमारी मांग की तरफ ध्यान नहीं दिया लेकिन कोर्ट ने हमारी तरफ ध्यान दिया है। छात्र अभिषेक ने बताया कि हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं और अब कोर्ट के आदेश अनुसार परीक्षा तिथियों में बदलाव होना तय है। ऐसे में अब कोई डर नहीं है।</p>
<p>छात्रा अनीता विश्नोई ने कहा कि यह हमारे संघर्ष की जीत है, हम धरने के साथ ही अनशन पर बैठे थे और सरकार से मांग कर रहे थे कि आरएएस मुख्य परीक्षा के सिलेबस में बदलाव के अनुसार परीक्षा की तिथियों में कम से कम 3 महिने का समय दिया जाए लेकिन सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही थी ऐसे में अब जाकर कोर्ट के निर्देश पर आरएएस प्री का परिणाम संशोधित होगा तो परीक्षाएं भी बाद में आयोजित होगी।</p>
<p>उल्लेखनिय है कि आरएएस मेंस परीक्षा पर संकट के बादल मंडरा गए है। (RPSC) आरपीएससी की ओर से आयोजित हो रही परीक्षा में प्री आरएएस परीक्षा को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है, साथ ही संशोधित रिजल्ट निकालने के आदेश दिए है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि, अंकित शर्मा और अन्य की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें लगभग 12 प्रश्नों को लेकर विवाद था, रिजल्ट पर कमेटी का गठन किया गया था, कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने पांच प्रश्नों को विषय विशेषज्ञ कमेटी को भेजा है। साथ ही एक प्रश्न का उत्तर नंबर वन माना। ऐसे में होईकोर्ट ने प्री को रिजल्ट को रद्द करते हुए, संशोधित रिजल्ट के आदेश दिए है। उधर, हाईकोर्ट के निर्णय से मेंस परीक्षा पर संकट के बादल है। हालांकि आरपीएससी की ओर से अंतिम निर्णय आना बाकी है, लेकिन इस बीच आरएएस मुख्य परीक्षा को आगे बढाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, आरएएस प्री एग्जाम 27 अक्टूबर 2021 को हुई थी, जिसका रिजल्ट 19 नवंबर 2021 का आया था, जिसमें 6.50 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के बाद 20102 अभ्यर्थियों को मेंस के लिए पास किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/clouds-of-crisis-on-ras-mains--candidates-sitting-on-dharna-in-rajasthan-university-celebrated--welcomed-the-decision-of-the-court/article-4819</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/clouds-of-crisis-on-ras-mains--candidates-sitting-on-dharna-in-rajasthan-university-celebrated--welcomed-the-decision-of-the-court/article-4819</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 14:40:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस की रैली से हटे संकट के बादल : कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[ सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश राजेश मूथा की जनहित याचिका पर दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B2---%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C/article-2963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/cong_hc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाइकोर्ट ने कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित रैली के आयोजन के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। सीजे अकील कुरैशी और जस्टिस उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश राजेश मूथा की जनहित याचिका पर दिए। </p>
<p><br />याचिका में कहा गया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से आगामी 12 दिसंबर को महंगाई हटाओ रैली का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कांग्रेस पार्टी के आला नेताओं सहित देशभर से करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। याचिका में कहा गया कि कोरोना का नया वेरिएंट कई देशों में आ चुका है। यह पुराने वेरियंट से कई गुणा घातक और फैलने वाला है। याचिका में कहा गया कि रैलियों के आयोजन से कोरोना बढ़ने की पूरी संभावना है। कोरोना के नए वेरिएंट मिलने के चलते इसकी तीसरी लहर आने की भी संभावना हो गई है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा रैली का आयोजन लोगों की जान कीमत पर किया जा रहा है और यह रैली लोगों के जीवन के लिए खतरा साबित हो सकती है। याचिका में गुहार की गई है की रैलियों के आयोजन पर रोक लगाई जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B2---%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C/article-2963</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Dec 2021 15:04:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>सियासी रैलियों से हटे संकट के बादल : भाजपा और कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के खिलाफ जनहित याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और विनोद भारवानी की खंडपीठ ने यह आदेश पूनम चंद भंडारी की जनहित याचिका पर दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B2---%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AB-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C/article-2912"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/cong_hc_bjp-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाइकोर्ट ने भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित रैलियों के आयोजन के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और विनोद भारवानी की खंडपीठ ने यह आदेश पूनम चंद भंडारी की जनहित याचिका पर दिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा की रैलियां आयोजित करने में कौनसे कानून की अवहेलना है। इसके अलावा याचिकाकर्ता कैसे अनुमान लगा सकता है की रैलियों में कितने लोग आएंगे।</p>
<p><br /> याचिका में कहा गया कि भाजपा की ओर से 5 दिसंबर को रैली प्रस्तावित है। वहीं कांग्रेस पार्टी की ओर से आगामी 12 दिसंबर को महंगाई हटाओ रैली का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कांग्रेस पार्टी के आला नेताओं सहित देशभर से करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। याचिका में कहा गया कि कोरोना का नया वेरिएंट कई देशों में आ चुका है। यह पुराने वेरियंट से कई गुणा घातक और फैलने वाला है। याचिका में कहा गया कि रैलियों के आयोजन से कोरोना बढ़ने की पूरी संभावना है। कोरोना के नए वेरिएंट मिलने के चलते इसकी तीसरी लहर आने की भी संभावना हो गई है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा रैली का आयोजन लोगों की जान कीमत पर किया जा रहा है और यह रैलियां लोगों के जीवन के लिए खतरा साबित हो सकती है। याचिका में गुहार की गई है की रैलियों के आयोजन पर रोक लगाई जाए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 17:21:15 +0530</pubDate>
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                <title>आसमान में छाए रहे काले बादल, कई इलाकों में हल्की-हल्की बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[तापमान में भी गिरावट दर्ज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B2--%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6/article-2882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/mavath.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में पश्चिमी विक्षोभ से राजधानी जयपुर सहित आसपास के नगरों में हल्की बारिश दर्ज की गई। गुरूवार को राज्य के जोधपुर,कोटा, जयपुर,उदयपुर व अजमेर संभाग के जिलों में मेघ गर्जन एवं अकाशीय बिजली के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा  एवं उदयपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा भी होने की संभावना है। बात करे जयपुर की तो जयपुर में सुबह से ठिठुरन का दौर जारी है, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शहर में सर्द हवाओं का दौर जारी है।</p>
<p> 3 दिसंबर 2021 को पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।  4 दिसंबर 2021 को एक बार पुनः राज्य में मौसम शुष्क होने की संभावना है| मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कृषि मंडियों व खेतों में खुले आसमान में रखे अनाज को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर भंडारण करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Dec 2021 12:48:13 +0530</pubDate>
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