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                <title>संविधान प्रदत्त अधिकारों को छीन रही भाजपा : भाजपा का गुलाम बनने के लिए नहीं ली थी अंग्रेजों से आजादी, केजरीवाल ने कहा- हर भारतीय को खुद की सरकार चुनने का अधिकार </title>
                                    <description><![CDATA[ हर सच्चे देशभक्त को लद्दाख के लोगों का साथ देना चाहिए। हमने अंग्रेजों से इसलिए आजादी थोड़ी ली थी कि जनता अंग्रेजों की बजाय भाजपा की गुलाम बन जाए?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-bjp-which-is-snatching-the-rights-provided-by-the/article-127881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(4)14.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) पर संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज लदाख की लड़ाई, कल पूरे देश की लड़ाई बन सकती है। केजरीवाल ने कहा कि आज लद्दाख में जो हो रहा है, वो बेहद चिंताजनक है। हर सच्चे देशभक्त को लद्दाख के लोगों का साथ देना चाहिए। हमने अंग्रेजों से इसलिए आजादी थोड़ी ली थी कि जनता अंग्रेजों की बजाय भाजपा की गुलाम बन जाए?</p>
<p>उन्होंने कहा कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने लोकतंत्र के लिए अपना बलिदान दिया था, ताकि हर भारतीय को अपनी खुद की सरकार चुनने का अधिकार मिले। लेकिन आज भाजपा  सत्ता के नशे में चूर होकर एक के बाद एक राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश बना रही है, संविधान द्वारा दिए गए अधिकार छीन रही है। आप नेता ने कहा कि लदाख के लोग क्या माँग रहे हैं? वो केवल अपनी वोट का अधिकार, सरकार चुनने का अधिकार माँग रहे हैं। लेकिन भाजपा उनकी आवाज दबा रही है। बार-बार वादा कर के भी उन्हें वोट का अधिकार नहीं दे रही।</p>
<p>लोकतंत्र जनता की आवाज है और जब सरकार वही आवाज दबाने लगे, तो जनता का ये कर्तव्य है कि वह और बुलंद आवाज में बोले। आज लद्दाख की लड़ाई, कल पूरे देश की लड़ाई बन सकती है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में हिंसक प्रदर्शन हुआ।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 17:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>बर्बरता की हदें : नूपुर का समर्थन करने पर टेलर का गला काटा, दरिन्दे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/the-extent-of-vandalism--taylor-s-throat-was-slit-for-supporting-nupur--the-poor-arrested/article-13184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kanhya-lal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उदयपुर।</strong> शहर के मध्य भूतमहल के पास मालदास स्ट्रीट के निकट टेलरिंग का काम करने वाले अधेड़ की दो हमलावरों ने धारदार हथियार से गला रेत कर इसलिए हत्या कर दी कि उसने नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट डाली थी। घटना के दौरान हमलावरों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धमकी दी। इसके बाद हिंदू संगठनों का आक्रोश भड़क उठा। पुलिस एवं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शहर में इंटरनेट बंद कर दिया। जबकि सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।</p>
<p>पुलिस ने दोनों हमलावरों को राजसमंद जिले के भीम के निकट से गिरफ्तार कर लिया। मृतक के परिवार वालों ने सरकार से 50 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की मांग की है। उधर दिल्ली से एनआईए की पांच सदस्यीय टीम आरोपियों से पूछताछ के लिए उदयपुर के लिए  रवाना हो गई। देर रात संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए सभी लोगों से आग्रह करेंगे। कुछ लोगों से कलेक्टर ने भी बात की है। आश्रित परिवार के बच्चे को भी यूआईटी में नौकरी दी जाएगी। इधर, प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों से शव का उठा लिया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जांच के लिए एसआईटी गठित</strong></span><br />राज्य सरकार ने उदयपुर घटना की जांच की लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, जिसमें एसओजी, एडीजी अशोक राठौड़, एटीएस आईजी प्रफुल्ल कुमार एवं एक एसपी और एडिशनल एसपी होंगे।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>छह दिन बाद खोली थी दुकान</strong> </span><br />मृतक कन्हैयालाल गोर्वधन विलास इलाके का रहने वाला था। उसके 2 बेटे यश (19) और तरुण (17) हैं। 10 दिन पहले उसने भाजपा से निकाली गई प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसके बाद से समुदाय विशेष के लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 6 दिनों से उसने अपनी दुकान भी नहीं खोली थी। उसने धमकियां देने वालों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे थोड़े दिन संभलकर रहने को कहा, लेकिन आरोपियों की धरपकड़ में गंभीरता नहीं दिखाई। वारदात के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात</strong></span><br />शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है। खेरवाड़ा से पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को बुलाया गया है। शहर के 5 इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए हैं। लोग मौके पर प्रदर्शन करने भी पहुंचे हैं। एसपी मनोज चौधरी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस से झड़प</strong></span><br />हाथीपोल चौराहे पर कुछ युवाओं और पुलिस की झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा का एक कार्यकर्ता घायल हो गया है। शांति बहाल करने के लिए पुलिस ने चप्पे-चप्पे को छावनी में तब्दील कर दिया है। दूसरी ओर, संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने मंगलवार शाम को उदयपुर जिले में 24 घंटे तक इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>बाइक पर सवार होकर आए आरोपी</strong></span><br />पुलिस ने बताया कि कन्हैयालाल तेली (50) पुत्र रूपलाल साहू की भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बाइक सवार 2 युवक आए। कपड़े का नाप देने का बहाना बनाकर दुकान में घुसे। कन्हैयालाल एक युवक का नाप ले रहा था तभी दूसरे ने धारदार हथियार से उसका गला काट डाला। इससे कन्हैयालाल निढाल होकर दुकान के बाहर सड़क पर आ गिरा। वहीं दुकान में काम कर रहा एक अन्य युवक ईश्वर पर भी हमलावरों ने वार किया। इससे उसके पीठ और सिर पर चोट आई। एसपी मनोज कुमार और कलेक्टर ताराचंद मीणा सहित अन्य थानों का जाप्ता, आरएसी बटालियन और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता पहुंचा।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त</strong></span><br />प्रभारी एडीजी मुख्यालय रेंज पर रहेंगे मौजूद। महानिदेशक पुलिस मोहन लाल लाठर ने सभी पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। रेंज के प्रभारी एडीजी को रेंज मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। जयपुर कमिश्नरेट इलाके में आरएसी की आठ कम्पनी और लाइन से दो हजार पुलिसकर्मियों का अलग से जाब्ता तैनात किया गया है। फील्ड में सभी अधिकारियों व कर्र्मचारियों को गश्त करने के लिए पाबंद किया गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लाम्बा खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>घटना में लिप्त अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा : गहलोत</strong> </span><br />इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी<strong>।</strong> मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस प्रशासन को उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या मामले की जांच और अपराधियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द्र व शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी चाहे किसी भी धर्म, जाति या वर्ग से हो, उनके खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने उदयपुर घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। इस केस की जांच ऑफिसर स्कीम के तहत होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से मामले को लेकर वीडियो शेयर नहीं करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गहलोत ने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं से पूरे देश में चिंता और तनाव का माहौल बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देश को संबोधित कर शांति और सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की जानी चाहिए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>मुख्य सचिव ने हाईलेवल मीटिंग के बाद लिया निर्णय वीडियो वायरल करने पर होगी सख्त कार्रवाई</strong></span><br />उदयपुर की घटना के बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आगामी 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है और प्रदेश में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। घटना का वीडियो वायरल करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने मंगलवार शाम हाईलेवल मीटिंग लेने के बाद संभागीय आयुक्तों, कलक्टरों और पुलिस आईजी को प्रदेशभर में विशेष सतर्कता और चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इंटेलीजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। उदयपुर में जरूरत अनुसार कर्फ्यू लगाने के निर्देशों के साथ सभी प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों को रेंज में भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>इंसान की हिफाजत करना सबका फर्ज : खालिद उस्मानी</strong></span><br />उदयपुर में हुई घटना पर जयपुर शहर के चीफ काजी सहित कई मुस्लिम संगठनों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश के चीफ काजी खालिद उस्मानी ने कहा है कि जिन्होंने भी ये घिनौना कृत्य किया है, हम उनका बायकॉट करते हैं। वे मुसलमान कहलाने के लायक नहीं हैं। इस्लाम का पैगाम है कि अल्लाह के बंदे सब एक-दूसरे से मोहब्बत करें। इंसानियत सबसे बड़ी चीज है और इसकी हिफाजत करना हमारा फर्ज है। जमाअते इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मुहम्मद नाजिमुद्दीन और मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन के कन्वीनर अब्दुल सलाम जौहर ने भी आमजन से शांति बनाने रखने की अपील की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पुलिस अफसर लगातार मॉनिटरिंग करें</strong></span><br />सभी संभागीय आयुक्तों को निर्देश हैं कि उदयपुर घटना के वीडियो मोबाइल और अन्य माध्यमों से वायरल करने पर सख्ती से रोक लगाएं। वायरल करने वाले लोगों पर कानूनी दायरे में सख्त कार्रवाई करें। एसीएस गृह अभय कुमार ने कहा कि सभी जिलों में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर रखी जाए।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>राज्यपाल ने शांति की अपील की</strong></span><br />राज्यपाल कलराज मिश्र ने उदयपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। उन्होंने आमजन से शांति, संयम और सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सरकार की विफलता : भाजपा</strong></span><br />घटना सरकार का फैल्योर है। मैंने सीएम, डीजीपी, एसपी से बात की है। पीड़ित परिवार को मुआवजा, नौकरी दी जाए। कल उदयपुर बंद करेंगे। मैं अभी उदयपुर रवाना हो रहा हूं। <strong>-गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p>घटना कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण नीति का परिणाम है। यह हमला समग्र हिन्दू समाज पर है। पीएम नरेन्द्र मोदी तक पर हमला करने की बात कही गई है। मामले की जांच की जाए, इनके तार निश्चित रुप से आतंकवादियों से जुड़े हैं। हत्यारे वीडियो जारी कर पूरी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। देखना यह है कि सीएम राजधर्म कैसे निभाते हैं। <strong>-सतीश पूनियां, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।</strong></p>
<p>कन्हैयालाल की निर्मम हत्या से साफ है कि अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं कि वे पीएम को लेकर भी हिंसक बयान दे रहे हैं। प्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद व हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घटना के पीछे जिनका हाथ है, उन्हें भी सरकार बेनकाब कर गिरफ्तार करे। <strong>-वसुन्धरा राजे, पूर्व सीएम</strong></p>
<p>घटना प्रदेश में जंगलराज का जीता-जागता प्रमाण है। राजस्थान के लोगों में गुस्सा है। अपराधियों के सिमी, पीएफआई या इस्लामिक संगठनों से संबंध से इनकार नहीं कर सकते हैं। सरकार की तुष्टिकरण नीति के कारण सरेआम लोगों का गला काटा जा रहा है।<strong>-राजेन्द्र राठौड, उपनेता प्रतिपक्ष</strong></p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें</strong></span><br />उदयपुर में युवक की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। राजस्थान सरकार अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और उन्हें सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाज में घृणा और क्रूरता का कोई स्थान नहीं है। सभी पक्ष शांति और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। <strong>-गोविन्द सिंह डोटासरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष</strong></p>
<p>उदयपुर में युवक की निर्मम और दिल दहलानी वाली हत्या की घटना अत्यंद दुखद और निदंनीय है। इसकी भर्त्सना करता हूं। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। सभी से अपील करता हूं कि शांति और भाईचारा बनाए रखें। <strong>-सचिन पायलट, पूर्व डिप्टी सीएम</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 11:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कबीर ने हर उस वर्जना को तोड़ दिया, जिसने समाज को कूपमंडूक बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[ यह हैरानी जनक जानकारी है कि कबीर ने मुस्लिम और हिन्दू कट्टरपंथियों पर ऐसे समय हमला किया जब देश में इस्लामिस्ट मुहम्मद शाह, शाह आलम, बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी और इब्राहिम लोदी का शासन था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kabir-broke-every-taboo--which-made-the-society-cowardly/article-12092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/dasfdaas.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> यह हैरानी जनक जानकारी है कि कबीर ने मुस्लिम और हिन्दू कट्टरपंथियों पर ऐसे समय हमला किया जब देश में इस्लामिस्ट मुहम्मद शाह, शाह आलम, बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी और इब्राहिम लोदी का शासन था। यह जान लेना जरूरी है कि बाबर और अकबर से बहुत पहले कबीर हो चुके थे और उस समय कट्टरता भी ज्यादा थी।</p>
<p><strong>"भक्ति आंदोलन के अग्रणी कवि। निर्गुण परंपरा के संत। सल्तनत काल में, जब सिर कलम कर दिए जाते थे, तब कबीर ने कहा था ‘कांकर पाथर जोरि के मस्जिद ली चिनाय, ता चढ़ि मुल्ला बांग दे, क्या बहरा हुआ खुदाय।’ कबीर ने हिन्दुओं की कुरीतियों पर भी निशाने साधा : ‘पाथर पूजे हरि मिले तो मैं पूजूं पहाड़; घर की चाकी कोई ना पूजे, जाको पीस खाय संसार" </strong></p>
<p><strong>"कबीर को मृत्यु नजदीक लगी तो उन्होंने उस मिथक को तोड़ने का काम किया जिसमें माना जाता था कि किसी की मृत्य ‘काशी’ में हो  तो स्वर्ग मिलता है और मृत्यु ‘मगहर’ में हो तो नरक। इसी मिथक को तोड़ने के   लिए कबीर काशी से आकर मगहर में रहे और वहीं देहमुक्त हुए।"</strong></p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>साधो, देखो जग बौराना</strong></span><br />साधो, देखो जग बौराना।<br />सांची कहौ तो मारन धावै झूंठे जग पतियाना।<br />हिंदू कहत है राम हमारा मुसलमान रहमाना।<br />आपस में दोउ लड़े मरतु हैं मरम कोई नहिं जाना।<br />बहुत मिले मोहिं नेमी धर्मी प्रात करैं असनाना।<br />आतम छोड़ि पषानैं पूजैं तिनका थोथा ज्ञाना।<br />आसन मारि डिंभ धरि बैठे मन में बहुत गुमाना।<br />पीपर.पाथर पूजन लागे तीरथ.बर्न भुलाना।<br />माला पहिरे टोपी पहिरे छाप.तिलक अनुमाना।<br />साखी सब्दै गावत भूले आतम ख़बर न जाना।<br />घर घर मंत्र जो देत फिरत हैं माया के अभिमाना।<br />गुरुवा सहित सिष्य सब बूड़े अंतकाल पछिताना।<br />बहुतक देखे पीर औलिया पढ़ैं किताब कुराना।<br />करैं मुरीद कबर बतलावैं उनहूं ख़ुदा न जाना।<br />हिंदु की दया मेहर तुरकन की दोनों घर से भागी।<br />वह करै जिबह वां झटका मारै आग दोऊ घर लागी।<br />या बिधि हं सत चलत हैं हमको आप कहावैं स्याना।<br />कहैं कबीर सुनो भाई साधो, इनमें कौन दिवाना॥<br /><br />"देखो दुनिया पागल हो गई है। सच्ची बात कहो तो मारने को दौड़ते हैं लेकिन झूठ पर सबका विश्वास है। हिंदू राम का नाम लेता है और मुसलमान रहमान का और दोनों लड़ते-मरते हैं लेकिन सच्चाई से कोई भी परिचित नहीं। प्रात:काल स्रान करते हैं और आत्मा को छोड़कर पत्थर की पूजा करते हैं। उनका ज्ञान झूठा है। मैंने पीर और औलिया बहुत देखे हैं जो किताब और कुरान पढ़ते रहते हैं। वह कब्र दिखाकर लोगों को मुरीद बनाते हैं। जहिर है कि उन्होंने खुदा को नहीं पहचाना है। हिंदू की दया और मुसलमानों की मुहब्बत दोनों उनके घरों से निकल गई हैं। एक जानवर को ज़िबह करता है और दूसरा झटका करता है लेकिन आग दोनों के घर में लगी है। इस तरह वह हम पर तो हँसते हैं और खुद सियाने कहलाते हैं। कबीर कहते हैं, ‘साधु’ तुम ही बताओ इन दोनों में कौन दिवाना है।"</p>
<table style="width:700px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:698px;height:41px;" colspan="2"><strong>                                                         किन शासको के समय गूंजी कबीक की निर्भीक वाणी<span style="background-color:#ff0000;"><br /></span></strong></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:334.65px;height:41px;">मुहम्मद शाह    </td>
<td style="width:363.35px;height:41px;">1434-1445</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:334.65px;height:41px;">शाह आलम  </td>
<td style="width:363.35px;height:41px;"> 1445-1451</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:334.65px;height:41px;">बहलोल लोदी  </td>
<td style="width:363.35px;height:41px;"> 1451-1489</td>
</tr>
<tr style="height:41.3333px;">
<td style="width:334.65px;height:41.3333px;">सिकंदर लोदी </td>
<td style="width:363.35px;height:41.3333px;">  1489-1547</td>
</tr>
<tr style="height:41.3333px;">
<td style="width:334.65px;height:41.3333px;">इब्राहिम लोदी  </td>
<td style="width:363.35px;height:41.3333px;"> 1517-1526</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>    <br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kabir-broke-every-taboo--which-made-the-society-cowardly/article-12092</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 14:23:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने किस देश को दी चेतावनी... जानने के लिए पढ़े यह खबर </title>
                                    <description><![CDATA[जेलेंस्की ने एक वीडियों संदेश में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शनिवार को कहा कि यह बिना देरी किए बात करने का समय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/to-which-country-did-ukraine-s-president-zelensky-warn-----many-generations-of-russia-will-not-be-able-to-recover-from-the-loss--zelensky/article-6373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/zelensky.jpg" alt=""></a><br /><p><br />कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को  कहा कि रूस को अपनी  गलतियों की वजह से हुए नुकसान को कम करने का एकमात्र रास्ता है कि वह बातचीत करें, वर्ना उसे  ऐसा नुकसान होगा कि इसका दुष्परिणाम  उसकी कई पीढिय़ों को भुगतना पड़ेगा। जेलेंस्की ने एक वीडियों संदेश में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शनिवार को कहा कि यह बिना देरी किए बात करने का समय है। जेलेंस्की ने  कहा कि मैं चाहता हूं कि अभी हर कोई मेरी बात सुने, विशेषकर लोग  मुझे मॉस्को में सुनें। यह मिलने का समय है, यह बात करने का समय है, यह यूक्रेन के लिए क्षेत्रीय अखंडता और न्याय बहाल करने का समय है, नहीं तो रूस को इस तरह के नुकसान का सामना करना पड़ेगा कि कई पीढिय़ों पर उसका असर होगा।<br /><br />उन्होंने कहा कि रूस के साथ शांति पर बातचीत हो, हमारे लिए सुरक्षा पर बात हो, यूक्रेन के लिए सार्थक, निष्पक्ष और बिना देरी किए बातचीत हो। रूस के पास अपनी गलतियों की वजह से नुकसान को कम करने का एकमात्र मौका है ,वह बातचीत करे। वर्ना उसे  ऐसा नुकसान होगा कि कई पीढिय़ां उबर नही पायेंगी। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में सात मानवीय गलियारे हैं, जिनमें से छह सूमी में और एक डोनेट्स्क में है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि अभी तक 9,000 से अधिक लोग बंदरगाह शहर मारियुपोल को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। रूस ने कई शहरों को मानवीय सहायता की आपूर्ति को रोक रखा है। यह पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति है।<br /><br />उन्होंने मारियुपोल में थिएटर पर हुए हमले के बारे में कहा कि उनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। लेकिन अभी मृतकों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। द गार्जियन ने राष्ट्रपति के हवाले से कहा कि रूसी सेना देश के कई इलाकों में मौजूद है, लेकिन खार्किव क्षेत्र में विशेष रूप से इजयिम के निकट भीषण लड़ाई जारी है। उन्होंने कहा कि वह स्विट्जरलैंड, इटली, इजराइल और जापान सहित विश्व नेताओं से यूक्रेन में शांति का आह्वान करने की अपील करना जारी रखेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Mar 2022 13:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानिए किन-किन देशों में भी देखने को मिलती है होली की धूम</title>
                                    <description><![CDATA[ होली की शुरुआत बेशक भारत से हुई हो, लेकिन अब विदेशों में भी इस त्योहार की रौनक देखने को मिलती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/know-in-which-countries-also-holi-is-celebrated/article-6314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/holi_5.jpg" alt=""></a><br /><p> होली की शुरुआत बेशक भारत से हुई हो, लेकिन अब विदेशों में भी इस त्योहार की रौनक देखने को मिलती है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को भारत के होली का त्योहार मनाया जाता है। जो इस साल 18 मार्च को है ,लेकिन इसकी धूम कई हफ्तों पहले से ही शुरू हो जाती है। ब्रज में तो रंगों के अलावा फूलों और लड्डूओं की होली भी खेली जाती है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। होली का त्योहार एक.दूसरे के साथ रंग-अबीर खेलकर मनाया जाता है। इस त्योहार की रौनक का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत ही नहीं, बल्कि बाहरी देशों में भी इस धूमधाम के साथ मनाया जाता है।</p>
<p><br /><span style="color:#3366ff;"><strong>    नेपाल</strong></span> : भारत में मनाए जाने वाले ज्यादातर त्योहारों की रौनक नेपाल में भी देखने को मिलती है। होली को यहां फागु पुन्हि कहा जाता है। जिसकी शुरुआत महल में एक बांस का स्तंभ गाड़कर से की होती थी। ये पूरे सप्ताहभर चलता था। पहाड़ी इलाकों में होली भारत की होली से एक दिन पहले मनती है, जबकि तराई की होली भारत के साथ और बिल्कुल भारत जैसी ही मनाई जाती है।</p>
<p><br />    <span style="color:#008080;"><strong>म्यांमार</strong></span> : म्यांमार में होली से मिलता-जुलता फेस्टिवल मेकांग मनाया जाता है। कहीं-कहीं इसे थिंगयान भी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे पर पानी की बौछार करते हैं और माना जाता है कि इससे सारे पाप धुल जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से पानी के अलावा रंगों से भी होली खेली जा रही है।</p>
<p><br />    <span style="color:#ff6600;"><strong>मॉरिशस</strong></span> : समुद्री तटों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मॉरिशस में होली की शुरूआत बसंत पंचमी से ही हो जाती है और पूरे महीने चलती है। और तो और यहां होलिका दहन भी किया जाता है। इस समय यहां आने वाले पर्यटक भी होली के उत्सव का हिस्सा बनते हैं।</p>
<p><br />    <strong>अफ्रीका</strong> : अफ्रीकी देशों में होलिका दहन जैसी परंपरा है जिसे ओमेना बोंगा कहते हैं। जिसमें आग जलाकर अन्न देवता का स्मरण  किया जाता है और रातभर लोग इस आग के चारों ओर लोग नाचते.गाते हैं।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>थाईलैंड</strong></span> : थाईलैंड में होली के त्योहार को सांग्क्रान कहते हैं। इस दिन लोग बौद्ध मठों में जाकर वहां से भिक्षुओं से आशीर्वाद लेते हैं और एक-दूसरे पर इत्र वाला पानी डालते हैं।-</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/know-in-which-countries-also-holi-is-celebrated/article-6314</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 14:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएमआईई की रिपोर्ट : प्रदेश में कुल 65 लाख बेरोजगार, इनमें 20.67 लाख बेरोजगार  ग्रेजुएट भी</title>
                                    <description><![CDATA[ कोरोनाकाल के बाद भी राजस्थान में बेरोजगारों की संख्या में बहुत ज्यादा सुधार नहीं दिखा है। हालात यह है कि प्रदेश में 65 लाख लोग बेरोजगार हैं, इनमें 20.67 लाख ग्रेजुएट युवा भी शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cmie-report--total-65-lakh-unemployed-in-the-state--out-of-which-20-67-lakh-unemployed-graduates-are-also--rajasthan-s-unemployment-rate-is-18-95-percent--haryana-s-23-4/article-5474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/berojgari.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोरोनाकाल के बाद भी राजस्थान में बेरोजगारों की संख्या में बहुत ज्यादा सुधार नहीं दिखा है। हालात यह है कि प्रदेश में 65 लाख लोग बेरोजगार हैं, इनमें 20.67 लाख ग्रेजुएट युवा भी शामिल हैं। फिलहाल राजस्थान में बेरोजगारी दर 18.95 प्रतिशत है, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में यह 23.4 प्रतिशत है। संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी की जारी रिपोर्ट में जनवरी 2022 तक देश में औसत बेरोजगारी दर 6.57 प्रतिशत रही। पिछले कुछ महीनों में यह दर सात से नौ प्रतिशत तक थी। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर तेलगांना-0.7%, गुजरात-1.2%, मेघालय-1.5% और ओडिशा-1.8% है। उच्च बेरोजगारी दर वाले राज्यों में हरियाणा 23.4% के साथ टॉप पर है। राजस्थान-18.95%, त्रिपुरा-17.1%, जम्मू कश्मीर-17.1% तथा दिल्ली-14.1% है।<br /><br /><strong>सरकारी रिकॉर्ड में बेरोजगारी के ये हालात</strong><br />राज्य में 16.54 लाख बेरोजगारों के नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज हैं। इनमें से 13.64 लाख ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। 6.11 लाख बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना में बेरोजगारी भत्ता हासिल करने के लिए आवेदन किया। सरकार ने 4.02 लाख युवाओं को जनवरी तक भत्ता दिया। निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए सरकार ने 7,623 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी और 31,525 को इंटरशिप दी।</p>
<p><br /><strong>पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा बेरोजगार</strong><br />प्रदेश में पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा बेरोजगार हैं। रिपोर्ट के अनुसार दिसम्बर 2021 तक राजस्थान में महिलाओं की बेरोजगारी दर-74.2% तथा पुरुषों की 20.7% दर रही। जम्मू कश्मीर(82.8 प्रतिशत) के बाद राजस्थान में ही सबसे ज्यादा महिला बेरोजगारी दर है। जबकि देश में दिसम्बर 2021 तक महिला बेरोजगारी दर 12.8% तथा पुरुषों की दर 6.7% रही। <br />वहीं दिसम्बर 2021 तक ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं 88% तथा शहरी क्षेत्रों में 68.4 % बेरोजगार थीं। ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी के पीछे सामाजिक, सुरक्षा, दूरस्थ इलाकों में नौकरी के लिए आवेदन की कमी, निजी क्षेत्र में जाने से हिचक, स्वरोजगार के लिए घरेलू बंदिशें जैसे कारण हैं। पुरुषों में महंगे पढ़ाई खर्च से पीछे हटने, सरकारी क्षेत्र को ज्यादा तवज्जो देने, प्राइवेट सेक्टर में सलेक्टिव क्षेत्रों को ही चुनने जैसे कारण हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Mar 2022 15:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों के लिए कौनसा मास्क है सही</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना से पहले वाली लाइफ में वापस लौटने के लिए सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है ऐसे में छोटों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना भी आपका काम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/which-mask-is-right-for-children/article-4523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/mask_new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोरोना संक्रमितों की संख्या में गिरावट के बाद से स्कूलों के खुलने लगे हैं। कोरोना से पहले वाली लाइफ में वापस लौटने के लिए सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है ऐसे में छोटों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना भी आपका काम है। विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार जब बच्चे फिजिकली स्कूलों में जाना शुरू करते हैं तो बच्चों के मास्क को अपग्रेड करना और भी ज्यादा जरूरी  हो जाता है क्योंकि वे अचानक जर्म्स और कई तरह के पैथोजन्स और माइक्रोब्स के संपर्क में आ जाते हैं। स्कूलों  फिर से शुरू हो गए हैं तो ऐसे में बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करने के बारे में भी बताया जाना चाहिए। बच्चे पिछले दो सालों से घरों के अंदर वातावरण में बंद थे, जिससे उनके कोरोना वायरस के संपर्क में आने की संभावना काफी कम हो गई है। लेकिन जो हमने नहीं सोचा होगा वह यह है कि इस आइसोलेशन ने उनकी नेचुरल इम्यूनिटी को कम कर दिया है और एंटीबॉडी और उन्हें रोगाणुओं के संपर्क में कमी के कारण अन्य बीमारियों के लिए जयादा संवेदनशील बना दिया अब स्कूल फिर से खुलने के साथ, हमारे बच्चे क्लास में वापस जाएंगे, जो कीटाणुओं के लिए प्रजनन स्थल हैं,खासकर वेंटिलेशन की कमी के कारण। </p>
<p><strong><br />क्या है एक्सपर्ट की राय</strong><br /> मास्क बच्चों के लिए सबसे अच्छे हैं क्योंकि ये कोविड के साथ-साथ अन्य वायरस के खिलाफ भी बहुत इफेक्टिव हैं।  एक अध्ययन द्वारा इस दावे की पुष्टि की गई है, जिसमें कहा गया है कि अच्छी तरह से फिट होने वाले मास्क कोरोना से संक्रमण के जोखिम को 0.1 प्रतिशत तक कम कर देते हैं। बच्चों के लिए मास्क जो अच्छी तरह से फिट, सांस लेने योग्य, दोबारा इस्तेमाल किए और धोए जा सकते हैं।</p>
<p><br /><strong>कैसे चुनें सही मास्क </strong><br />एन95 मास्क जो हाई वायरल फिल्ट्रेशन  और पार्टिकुलेट फिल्ट्रेशन देते हैं, मास्क पहनने वालों में कॉन्फिडेंस पैदा करते हैं। इसी के साथ आरामदायक मास्क यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे सांस ले सकें, मास्क खरीदने से पहले हमेशा रेलिवेंट टेस्ट रिपोर्ट और सर्टिफिकेशन मांगे ताकि आप अपने बच्चों को कॉन्फिडेंस और मन की शांति के साथ स्कूल भेज सकें।</p>
<p><br /><strong>सर्जिकल या कपड़े का  </strong><br />एक्सपर्ट की मानें तो 3.प्लाई और सर्जिकल मास्क के मामले में इन मास्क के अंदर रखा पोलिमर को फिल्टर के रूप में काम करता है, जो माइक्रोब्स को मास्क में एंटर करने या बाहर निकलने से रोकता है। हालांकि 3.प्लाई और सर्जिकल मास्क के किनारे आपकी नाक या मुंह के चारों ओर सील नहीं बनाते हैं, जिससे सांस लेने पर वायरस और एरोसोल आपके एयर पैसेज में एंटर कर जाते हैं। इसके अलावा ये मास्क किसी भी तरह की सुरक्षा देने के लिए प्रमाणित नहीं हैं।</p>
<p><br /><strong>कपड़े के मास्क में </strong><br />ढीले बने हुए कपड़े के मास्क कम से कम सुरक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि वे श्वास पर कोई प्रोटेक्शन नहीं करते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि कपड़े के मास्क की फिल्ट्रेशन एफिशियंसी कम होती है।</p>
<p><br /><strong>8 घंटे में खत्म क्षमता </strong><br />एन95 मेडिकल या डिस्पोजेबल मास्क के मामले में इन मास्क पर इलेक्ट्रोस्टेटिक चार्ज 8 घंटे के अंदर खत्म हो जाता है, जिसके बाद मास्क अपनी फिल्ट्रेशन कैपिसिटी खो देते हैं। यह मास्क केवल स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Feb 2022 12:23:16 +0530</pubDate>
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                <title>जानें राज-काज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[सूबे की ब्यूरोक्रेसी की नजरें 31 जनवरी पर टिकी हैं। इस दिन ब्यूरोक्रेसी को नया मुखिया जो मिलेगा। ब्यूरोक्रेसी में चर्चा नए मुखिया को लेकर कम, लेकिन इस समय वाले मुखिया को लेकर ज्यादा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/61e51d742d482/article-4027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/rajkaj.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नजरें 31 की तरफ</strong><br /> सूबे की ब्यूरोक्रेसी की नजरें 31 जनवरी पर टिकी हैं। इस दिन ब्यूरोक्रेसी को नया मुखिया जो मिलेगा। ब्यूरोक्रेसी में चर्चा नए मुखिया को लेकर कम, लेकिन इस समय वाले मुखिया को लेकर ज्यादा है। हर कोई लंच केबिनों में बतियाता है कि पाली वाले आर्य साहब को जो भी नई जिम्मेदारी मिलेगी, उससे राज में रोल ज्यादा ही रहेगा। भाई साहब की फितरत भी भीड़भाड़ में रहने की है, जो राज भी उनकी इस वर्किंग स्टाइल को सतोलते हुए सीएमओ में ही ठिकाना देने का मानस बना चुका है। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि निरंजनजी को पब्लिक ग्रीवंस को सुनकर उनका निराकरण का जिम्मा मिलने के चांस कुछ ज्यादा ही है।</p>
<p><br /> <strong>माथापच्ची सूची बनाने की</strong><br /> आजकल राज का काज करने वाले भाई लोग एक सूची बनाने में जुटे हैं। लेकिन सूची में तीन-चार से ज्यादा नाम नहीं जुड़ पा रहे। काज निपटाने वाले लंच क्लब में इस सूची पर रोज कवायद कर रहे हैं। सूची भी छोटे-मोटों की नहीं, बल्कि राज करने वाले बेदाग और साफ छवि वाले लोगों की है। केवल 30 लोगों की सूची में से दस को छांटना भी मुश्किल हो रहा है। अब तो वे दूसरे वर्गों की मदद भी ले रहे हैं। हर आने वालों से पूछ रहे हैं कि ऐसे दस मंत्रियों के नाम बताओ, जिनकी बेदाग और साफ छवि है।</p>
<p><br /> <strong>वर्कर्स का दुखड़ा</strong><br /> इन दिनों दोनों तरफ वर्कर्स की कोई पूछ नहीं है। उनकी कोई सुनने वाला भी नहीं है, सो अपनी मन की बात चाय की दुकानों पर एक दूसरे को कह कर संतोष लेते हैं। इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वालों के दफ्तर तो दु:खड़ा रोने का अंदाज ही कुछ अलग है। वर्कर बोलने लगे हैं कि राज में तो पूछ है नहीं, हमारे तो केवल पुण्यतिथि और जयंतियों के मौके पर फूल चढ़ाने तक सीमित कर दिया। गुजरे जमाने में सरकार के आने पर वर्कर्स का रैळा आता था, अब तो केवल फोटो खिंचवाने वाले चंद चेहरे ही नजर आते हैं। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में भगवा के ठिकाने में भी दास्तान कुछ इसी तरह की है।</p>
<p><br /> <strong>याद बीते दिनों की </strong><br /> आजकल खाकी वालों पर शनि की दशा कुछ ज्यादा ही है। शनि के दोष से कभी चौराहे पर तो कभी गली में पिट रहे हैं। और तो और चूड़ियों वाली तक हाथ पैर चला जाती है। बेचारे खाकी वाले भी क्या करे, उनको अपने ऊपर वालों पर भरोसा नहीं है, कब इंक्वायरी बिठा दे। सो पिटने में ही अपनी भलाई समझते हैं। करे भी तो क्या पुलिस का इकबाल जो खत्म हो गया। अब टाइगर और लॉयन तक दहाड़ मारना भूल गए। पीटर और गामाज के बारे में सोचना तो बेईमानी होगी। विक्टर की मजबूरी जगजाहिर है। उनके काम में खलल की किसी में दम नजर नहीं आ रहा। अब तो खाकी वाले भाई लोग ऊपर वालों से प्रार्थना कर रहे हैं कि कोई उनके बीते दिन लौटा दे ताकि खाकी का इकबाल कायम रहे।</p>
<p><br /> <strong>चर्चा में सियासत</strong><br /> सियासत तो सियासत ही होती है, इसे किए बिना कई भाई लोगों की पार भी तो नहीं पड़ती है। कई नेता तो ऐसे हैं कि उनकी बिना किसी मुद्दे के भी सियासत करना उनकी मजबूरी बन जाती है। सियासत करने के मामले में भगवा वालों के साथ ही हाथ वाले भाई लोग भी कम नहीं हैं। सिर्फ वे मौका तलाशने में रात-दिन गुजार देते हैं। अब देखो ना मत्स्य क्षेत्र में एक घटना को लेकर इतनी सियासत हो गई कि नेताओं को खुद समझ नहीं आ रहा कि आखिर माजरा क्या है। वो तो भला हो खाकी वाली कप्तान का, जिसने अपना मुंह खोल दिया, जिससे कइयों के सपनों पर पानी फिर गया, वरना तैयारी तो सूबे को बंद कराने तक की थी। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में चटकारे लेकर बतियाते हैं कि बेचारे नेताओं का कोई कसूर नहीं है, ठाले बैठने पर पब्लिक उनको नेता भी तो नहीं मानती है।</p>
<p><br /> <strong>एक जुमला यह भी</strong><br /> सूबे में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि कोरोना को लेकर है। यह जुमला हर गली-चौराहों पर पब्लिक की जुबान आ गया है। जुमला है कि कोरोना सूबे के राज के लिए लाइफ लाइन बन गया है। जब भी दिल्ली से जोधपुर वाले भाई साहब पर कोई प्रेशर आता है, कोरोना लाइफ लाइन बन कर आए बिना नहीं रहता।<br />  </p>
<p><strong>        एल. एल. शर्मा<br /> </strong></p>
<p><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 17 Jan 2022 14:33:53 +0530</pubDate>
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                <title>जानें राज-काज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[तीखे तेवर मैडम के]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3902"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/rajkal1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तीखे तेवर मैडम के</strong><br />जब से दिल्ली वाली मैडम के तेवर तीखे हुए हैं, तब से हाथ वाले कई भाइयों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई हैं। इस कड़ाके की ठण्ड में भी भाई लोगों के पसीने आ रहे हैं। खासतौर से उनके, जिन्होंने इधर-उधर हाथ पैर मारे हैं। दस जनपथ की चिट्ठी मिलने के बाद रोजाना भगवान के प्रसाद चढ़ाने वालों की लाइनें लंबी होने लगी हैं। चिट्ठी भी ऐसी वैसी नहीं, बल्कि बड़ी टेढ़ी है। उसमें लिखे एक एक अक्षर के मायने हैं। कुर्सी को जागीर नहीं समझे वाली लाइन तो बोल्ड में है। अब उन एक दर्जन रत्नों की हालत पतली है, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को अपने पास फटकने तक नहीं दिया। भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे पांचों रत्न तो अब भाई साहब के भरोसे है।</p>
<p><strong><br />मैडम क्यों बिफरी</strong><br />राजधानी की एक महापौर मंच से क्या बिफरी, कइयों की चूलें हिल गई। चूलें भी उनकी हिलीं, जो पहली महिला की मंडली में शामिल हैं। खुलेआम राज की कमी को गिनाने में मैडम ने कोई कंजूसी नहीं की। सीएमओ को मिली सच्चाई की राज का काज करने वालों में चर्चा जोरों पर है। मोदियों के चौक और मिश्र राजाजी के रास्ता में बनी कोठियों को लेकर अचानक बिफरने के पीछे का माजरा समझ में आया तो सिविल लाइन्स भाईसाहब की भी चिंता बढ़ गई। लाखों के इस खेल से कोटा वाले भाईसाहब ने पल्ला झाड़ लिया, तो जोधपुर वाले साहब को बीच में आना पड़ा। </p>
<p><br /><strong>साफगोई गोविन्दजी की</strong><br />हाथ वाले गोविन्दजी भाईसाहब की साफगोई से राज के साथ काज करने वालों की भी नींद उड़ गई है। पीसीसी चीफ के कुर्सी संभालने के बाद भाईसाहब बिना लाग लपेट की बातों को लेकर पहले भी कई बार सुर्खियों में आ चुके हैं। मगर इस बार की साफगोई राज के भी गले नहीं उतर रही। अब उनको कौन समझाए कि 2013 के दंश के झेल चुके गोविन्द जी भाईसाहब ने वो कहा, जो उनके पास अपने ही लोगों का फीड बैक है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि डोटासरा साहब की साफगोई कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए स्वच्छ राजनीति का प्रतीक भी है।</p>
<p><br /><strong>भाग्य तीसरे मोर्चे का</strong><br />पड़ोसी सूबे में चुनाव जंग की हुंकार यहां तक सुनाई देने लगी है। तीसरे मोर्चे के बातें करने वाली छकड़ी की नजर भी यूपी चुनाव पर टिकी है। छकड़ी का तर्क है कि मरु प्रदेश में तीसरा मोर्चे का भाग्य अखिलेश के रिजल्ट पर टिका है, तब तक सोचना भी बेकार है। छकड़ी को चिन्ता सता रही है कि अगर मुलायम वाले अखिलेश ने हाथ वालों से हाथ मिला लिया, तो सारे किए धरे पर पानी फिर जाएगा। दो हफ्ते से छकड़ी रात दिन यूपी जंग में ही डूबी हुई है।</p>
<p><br /><strong>दो पाटन के बीच</strong><br />इन दिनों दारू वाले महकमे के साहब लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ा हुआ है। उनके चेहरों पर चिन्ता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं। राज का काज करने वाले लंच केबिन में बतियाते हैं कि राज की दो तरह की नीतियों में वे में घनचक्करी बने हुए हैं। एक मद्य निषेध नीति है, जो सुरा प्रमियों पर लगाम लगाती है। दूसरी आबकारी नीति है, जो सुरा बिक्री को बढ़ावा दे रही है। और तो और एक कमाया, पांच का नुकसान अलग से है। स्टेट इनकम का दुरुपयोग भी थमने का नाम नहीं ले रहा, सो बेचारे टारगेट पूरा करने के लिए भी जाड़ों के मौसम में पसीने बहा रहे हैं। </p>
<p><br /><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />राज का काज करने वालों में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा मोटा नहीं, बल्कि बड़े साहबों का अचानक दिल्ली प्रेम से जुड़ा है। सूबे के दो दर्जन से ज्यादा बड़े साहबों को दिल्ली से प्रेम हो गया। वे दिल्ली के लिए हाथ पैर भी मारने के साथ जोड़ तोड़ भी बिठा रहे हैं। हमने भी पता लगाया तो माजरा समझ में आया कि कई बड़े साहब किसी न किसी बहाने अभी से मैडम से नजदीकियां बनाने के जुगाड़ में हैं। इसके लिए दिल्ली सबसे बढ़िया जगह है। अभी डेपुटेशन करा कर दिल्ली में बैठो और डेढ़ साल तक मेल मुलाकात करो। बाद में डेढ़ साल बाद वापस आकर मनमाफिक कुर्सी के मजे लो।</p>
<p>        </p>
<p><strong>                एल.एल. शर्मा<br />    (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 10 Jan 2022 11:06:36 +0530</pubDate>
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                <title>जानें राज-काज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[राजकाज से जाने प्रदेश की अंदर की बातें........]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-3751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/rajkal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चर्चा बड़बोले रत्नों की</strong><br /> सूबे इन दिनों राज के बड़बोले रत्नों की चर्चा जोरों पर है। रत्नों का भी कोई सानी नहीं, कब और किस समय तथा कौनसे स्थान पर अपना मुंह खोले दे, पता नहीं है। उनका बोलने का अंदाज भी निराला है, कई बार तो राज की मौजूदगी में एक-दूसरे को नीचा दिखाए बिना नहीं रहते। अब देखो ना कई रत्न तो खुद को बैलगाड़ी वालों से भी ज्यादा समझ कर गलतफहमी पालते हैं, जिन्होंने इस बार तो राज को भी ब्लेकमेल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राज का काज करने वाले भी लंच केबिनों में बतियाते हैं कि कई बार तो राज करने वाले भी अपने इन बड़बोले रत्नों की वजह से परेशानी में पड़े बिना नहीं रहते। अब ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले इन रत्नों को कौन समझाए कि यह पब्लिक है, सब जानती है।</p>
<p><strong><br /> बहाने राजनीति के</strong><br /> सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर बहानों की राजनीति काफी चर्चा में हैं। चर्चा है कि राजनीति के कई बहाने होते हैं, इसमें जो माहिर होता है, वह घाटे से सौ कोस दूर रहता है। दोस्त और दुश्मन को बदलने के लिए कोई न कोई बहाना होता है। अब देखो ना, जो दशरथ फूटी आंख नहीं सुहाता था, उसकी आड़ में सत्ता के लिए अटल के बहाने संघ से नजदीकियां बढ़ने लगी थी। अब 13 साल तक अटलजी को भूल चुके भाई लोग फिर हैप्पी बर्थ डे की राग अलाप रहे हैं।</p>
<p><strong><br /> शेखावाटी में नई तलाश</strong><br /> भगवा भाई लोगों की नजर अब शेखावाटी के तीन जिलों पर टिकी है। मैडम के झुंझनूं में पगफेरे  के बाद से नए समीकरण की जोरों से तलाश है। गुजरे जमाने में छाया की तरह साथ रहने वाले बन्नाजी के साथ कई छुटभयै भी अब साइड में होते नजर आ रहे हैं। मैडम की इस यात्रा के भी भाई लोग अपने अपने हिसाब से मायने निकाल रहे हैं। भाई लोगों के साथ दिल्ली वालों के भी समझ में आ गया कि गुटबाजी कभी खत्म होने वाली नहीं है, सो अपने हिसाब से ही राजनीति करने में भलाई है।</p>
<p><br /> <strong>तलाश पेशेवरों की</strong><br /> इतिहास गवाह है कि कोई भी राज पेशेवरों और बुद्धिजीवियों के बिना नहीं चल सकता। अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे राज को किस रास्ते पर चलाते हैं। उनसे राय लेने का भी राज का अलग ही अंदाज होता है। यह राज भी मीडिया, वन, पर्यावरण, खान और उद्योग के क्षेत्रों में प्रबुद्ध और विशेषज्ञों की तलाश में जुटा है। अब जिन लोगों को यह जिम्मा सौंपा है, वो समझ नहीं पा रहे हैं कि राज को किस लाइन के लोगों की जरूरत है।</p>
<p><strong><br /> चर्चा एनआरआईज की</strong><br /> आजकल सूबे में दोनों तरफ की राजनीति को लेकर चिंतन मंथन हो रहा है। एनआरआईज को लेकर चिंतकों में बहस जोरों पर है। हाथ वालों ने अपने पहले राज में राजस्थानियों को बुलाकर जो प्रस्ताव बनाए थे, उनको भगवा वालों ने किनारे कर दिया था, तो रिसर्जेंट के नाम पर 169000 करोड़ के आए प्रस्तावों को भुला कर हाथ वालों ने चक्रवर्ती ब्याज समेत बदला ले लिया था। अब इस पर दोनों तरफ से बोलती बंद है। चिंतकों में बहस इस बात की है कि आखिर कब तक एनआरआईज के साथ मजाक चलती रहेगी।</p>
<p><strong><br /> एक जुमला यह भी</strong><br /> नए साल में पिंकसिटी में होने वाली समिट की चर्चा जोरों पर है। राज के साथ काज करने वाले भी मेहमानों की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इसके लिए मीनू और वेन्यू बार बदल रहे हैं। बड़ी चौपड़ पर चर्चा है कि राज को भव्यता नहीं, बल्कि दिव्यता दिखाने की आवश्यता है। 22 को शनि महाराज का दिन है, सो लालबत्ती के हर चौराहे पर चार-चार शनि के सेवकों की फौज के सामने सब तैयारियां फीकी हैं।</p>
<p><strong>     एल. एल. शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 03 Jan 2022 13:14:32 +0530</pubDate>
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                <title>राजकाज</title>
                                    <description><![CDATA[जानें राज-काज में क्या है खास]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-3562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rajkal2.jpg" alt=""></a><br /><p>गानों के मायने</p>
<p>    जब से छोटे पायलट ने 51 साल पुरानी राजकपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर का गाना गाया है, जबसे हाथ वाले कई भाई लोग इसके मायने निकालने में रात-दिन एक कर रहे हैं। छोटे साहब ने भी यह गाना यॅूं ही नहीं गाया, बल्कि सोच समझकर गाया है। इसके लिए उनको कई महीनों से मौके की तलाश थी। अब देखो ना इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर आने वाला हर वर्कर इस गाने के तार सियासी संकट से जोडेÞ बिना नहीं रहता। अब इन भाई लोगों को कौन समझाए कि यह तो 51 सदाबहार गाना है, इसे कोई भी गा सकता है। जब साहब इस गाने को गा रहे थे, तो उसी से एक फर्लांग दूर हाथ वाले कुछ भाई लोगों की मौजूदगी में एक नेताजी उसी फिल्म के गाने के बोल जाने कहां गए वो दिन गुनगुना रहे थे।</p>
<p>बदले-बदले से साहब<br />     ब्यूरोक्रेसी में एक बड़े साहब की अचानक बदली बॉडी लेंग्वेज को देखकर कइयों का माथा ठनका हुआ है। सचिवालय में हर कोई आने वाला अफसर भी इस बदली बॉडी लेंग्वेज की चर्चा किए बिना नहीं रहते। तुला राशि वाले साहब भी इलाहाबाद से ताल्लुकात रखते हैं और सीनियरटी में टॉप हैं। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि राज करने वालों ने 16 महीने पहले हुई चूक को ठीक करने के मानस को भांप कर कुछ साहब लोग इसे बाहर तक फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। जब से यह चर्चा आठ नंबर से निकल सचिवालय के गलियारों तक पहुंची है, तब से साहब की बॉडी लेंग्वेज बदली-बदली सी नजर आने लगी है। चर्चा तो यहां तक है कि राज ने भी साहब को आठ महीने अपनी मुराद पूरी करने पक्का आश्वासन दे दिया है, लेकिन तीन मोहतरमाओं के फेर में खुलकर नहीं बोल पा रहे हैं।</p>
<p><br /> यह पब्लिक है, सब जानती है<br />     खादी वालों का कोई सानी नहीं है। हर बात को अपने हिसाब से लेते हैं, चाहे वह पब्लिक के फायदे की हो या नुकसान की। अब देखो ना गुजरे संडे को पिंकसिटी में बन्नाओं ने एकजुटता तो अपने समाज के लिए दिखाई थी, लेकिन दोनों दलों के नेता अपने-अपने हिसाब से मायने निकालने में जुट गए हैं। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि मारवाड़ से ताल्लुकात रखने वाले एक भगवाधारी नेता ने तो दिन में ही कुर्सी के सपने देखना शुरू कर दिया। शेखावाटी की धरा में पैदा हुए हाथ वाले नेता उनसे भी एक कदम आगे निकले और खुद को बड़ा नेता मानने में कोई कंजूसी नहीं की। अब इन दोनों तरफ के नेताओं को कौन समझाए कि यह पब्लिक है, सब जानती है, अंदर क्या है, बाहर क्या है, सब पहचानती है।</p>
<p><br /> मंत्री का हिन्दी प्रेम<br />     राज में सबसे बुजुर्ग रत्न के हिन्दी प्रेम के आगे काज करने वाले भी बेबस हैं। फोरेस्ट डवलपमेंट के मामले में काज करने वालों ने अंग्रेजी में नोट क्या लिखा, शामत मोल ले ली। हिन्दी प्रेमी मंत्री की जोरदार लताड़ के आगे सबकी सिटीपिटी गुम हो गई। बाद में हिन्दी में नोट तैयार कर बताने पर 73 साल के बाबा के तेवर थोडेÞ बहुत ढीले पडेÞ। असलियत जानने वाले नुमाइंदे बाहर आकर अपनी हंसी को नहीं रोक पाते।</p>
<p><br /> मुंह खोलने से नींद उड़ी<br />     जोधपुर वाले भाईसाहब ने करप्शन को लेकर अपना मुंह क्या खोल दिया, राज का काज करने वालों की नींद उड़ गई। नींद उड़ना भी लाजमी है, चूंकि मामले का ताल्लुक धन से है। लंच केबिन में चर्चा है कि जोधपुर वाले अशोक जी का इशारा कहीं उन रिचेस्ट ब्यूरोक्रेट्स की तरफ तो नहीं है, जो कई सालों से हिट लिस्ट में हैं। लेकिन ब्यूरोक्रेसी के सामने सब बौने हैं, कायदे कानून वहीं बनते, सो गली भी वहीं निकलती है। एडल्ट बच्चों की आड़ में मंत्रियों के तरह वो भी बच निकलने में पीछे नही रहेंगे।</p>
<p><br /> उल्टा-पुल्टा<br />     इन दिनों पीसीसी चीफ ने भारती भवन वालों की नींद उड़ा रखी है। उड़े भी क्यू नहीं, किसान पुत्र होने के बाजजूद लक्ष्मणगढ़ वाले डोटासरा साहब ने भाई साहबों की तर्ज पर कैडर को फॉलो कर हाथ वाली पार्टी में जान फूंकने में लगे हैं। कुंभ राशि वाले साहब की इस नई शुरुआत से हाथ वालों को फायदा मिलने के गणित में उलझे भारती भवन वालों के चेहरों पर चिंता की लकीरें इस बात को लेकर है कि किसान पुत्र होकर भी कैडरबेस कार्यकर्ता तैयार करने के पीछे कोई न कोई राज तो है ही।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 27 Dec 2021 12:51:28 +0530</pubDate>
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                <title>जानें राज-काज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[जानिए प्रदेश की वो खबरें जो सुर्खियों से गायब हो जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-2958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rajkal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चर्चा में फिर बड़े साहब</strong><br />सूबे की ब्यूरोक्रेसी में बड़े साहब एक बार फिर चर्चा में है। चर्चा का सब्जेक्ट भी छोटी-मोटी नहीं बल्कि अजयमेरु में स्थित अफसरों का सलेक्शन करने वाली बड़ी कुर्सी से ताल्लुकात रखता है, जो अभी 29 जनवरी तक टेम्परेरी भरी गई है। कुर्सी को टेम्परेरी भरने के बाद बड़ी चौपड़ से सचिवालय तक चर्चा है कि जोधपुर वाले अशोकजी भाई साहब ने सोच समझ कर इस कुर्सी को वृश्चिक राशि वाले साहब के लिए टेम्परेरी रखा है, जो चार जनवरी को षष्ठीपूर्ति कर रहे हैं। वैसे तो पाली की धरती से ताल्लुकात रखने वाले साहब भी तकदीर के धनी हैं, अब तक उनकी हर मुराद पूरी हुई है। उनकी कुंभ राशि वाली अर्द्धांगनि पहले से ही अजयमेरु में आसीन हैं, जो अपने साहब के लिए कुर्सी छोड़ने में एक पल भी नहीं गवारा नहीं करेंगी। </p>
<p><strong><br />पीछा नहीं छोड़ रहा बगावत का भूत</strong><br />हाथ वाले कुछ भाई लोग राज में कुर्सी मिलने के बाद भी परेशान हैं। परेशानी का कारण और कोई नहीं, बल्कि बगावत का भूत है, जो सारे टोने-टोटके करने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा। डेढ़ साल से झेल रहे इस भूत का इलाज लालकिले वाले नगरी में बड़े देवरे से भी कराया गया, मगर भूत है कि पीछा छोड़ने का नाम ही ले रहा। अब देखो ना जब हाथ वाले भाई लोग एक जाजम पर बैठते हैं, तो बगावत का भूत जाग जाता है, और उनकी जुबान पर आ जाता है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि दूसरों पर मूठ छोड़ने के लिए बुलाए स्याणै कभी उल्टे भी पड़ जाते हैं। जब सामने वाले पर चिरमी, आलपिन और भभूत का असर नहीं पड़ता है, तो बुलाने वाले पर ही स्याणपत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। डेढ़ साल पहले लगा बगावत का यह भूत भी भाई लोगों पर पूरे दो साल असर दिखाए बिना नहीं रहेगा।</p>
<p><strong><br />हिसाब रेस ए वेटिंग सीएम का</strong><br />पिछले तीन साल से ठाले बैठे भगवा वाले भाई लोग भी खुद को बिजी रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। और तो और अपनी पार्टी के वेटिंग सीएम को लेकर जोड़-बाकी और गुणा-भाग करने में ही खुद को इतना व्यस्त कर लिया कि घर वालों के भी सगे नहीं हैं। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा के ठिकाने पर आने वाले विजिटर्स को भी अपनी गणित के हिसाब से समझाने की कोशिश किए बिना नहीं रहते। अब उनकी गणित की मानें तो दो महीने पहले तक कुर्सी की दौड़ में आगे चल रहे दोनों बन्ना पीछे हो गए और अब एक महिला सांसद और आमेर वाले भाईसाहब रेस में हैं। लेकिन इनके भी दौड़ से आउट होने के बाद में क्या होगा, उसे जानते तो सब हैं, मगर अनजान डर की वजह से चुप रहने में ही अपनी भलाई समझते हैं। अब समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी हैं।</p>
<p><strong><br />कुछ तो गड़बड़ है</strong><br />हाथ वाले भाई लोग भी बड़े अजीब हैं। कब क्या कर बैठें, उनको भी पता नहीं रहता। लग जाए तो तीर वरना तुक्का तो है ही। अब देखो ना भाई लोगों ने 16 महीने तक दो-दो हाथ करने के बाद हाथ तो मिला लिए, मगर बीच में गैप रखे बिना नहीं रहे। गैप भी ऐसा कि मन में आए जब हाथ खींचने में जोर नहीं आए। इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वालों के ठिकाने पर खुचरफुसर है कि टूटे दिलों को जोड़ना इतना आसान नहीं है, जितना ऊपरवाले सोच रहे हैं। रस्सी जल गई, मगर बल नहीं निकला, तभी तो जुबानी जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही। और तो और किसी न किसी बहाने अड़ंगा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हाथ वाले भाई लोगों में सब कुछ ठीक नहीं है, कुछ तो गड़बड़ है।</p>
<p><br /><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />पिंकसिटी में शनि की रात से एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि कॉमनमैन को टच करने को लेकर है। कॉमनमैन को टच करने की कला हर किसी को नहीं आती। अब देखो ना, शनि की रात को भगवा वाली मैडम ने गुलाबीनगरी में चांदपोल वाले हनुमानजी के ढोक देने के बाद जो कॉमनमैन को टच किया, उसको लेकर धुरविरोधी भी तारीफ किए बिना नहीं रहे। चाहे मैडम की इस कला से उनकी रातों की नींद और दिन का चैन ही उड़ रहा हो।</p>
<p>  <strong>    एल. एल. शर्मा<br />(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 06 Dec 2021 12:34:36 +0530</pubDate>
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