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                <title>jhalana - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jhalana RSS Feed</description>
                
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                <title>भीषण गर्मी में वन्यजीवों को राहत: झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ में रोज ट्यूबवेल से भर रहे जलस्रोत; वन्यजीव गणना की तैयारियां भी तेज </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में वन्यजीवों के लिए विशेष जल प्रबंधन किया गया है। भीषण गर्मी के बीच 40 से अधिक वाटर प्वाइंट्स को रोजाना ट्यूबवेल से भरा जा रहा है। वन विभाग ने अगले महीने होने वाली वन्यजीव गणना के लिए भी इन जलस्रोतों पर निगरानी तेज कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-to-wildlife-in-the-scorching-heat-water-sources-are/article-151485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jhalana.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। तेज गर्मी के बीच वन विभाग ने जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। झालाना लेपर्ड रिजर्व, आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड, हायना, नीलगाय सहित कई प्रजातियों के लिए बनाए गए वाटर प्वाइंट्स इन दिनों जीवनरेखा बने हुए हैं। वन विभाग की टीम रोजाना ट्यूबवेल के जरिए इन जलस्रोतों को भर रही है, ताकि भीषण गर्मी में वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। जानकारी के अनुसार झालाना के तीन जोन में करीब 17, आमागढ़ में 11 और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में 7 से 8 वाटर प्वाइंट्स बनाए गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जल स्रोतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे वन्यजीवों की आवाजाही भी इन क्षेत्रों में बनी रहती है और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है। वहीं, अगले महीने प्रस्तावित वन्यजीव गणना को लेकर भी विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वाटर प्वाइंट्स के आसपास गतिविधियों पर नजर रखकर आंकड़े जुटाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे वन्यजीवों की सटीक संख्या और स्थिति का आकलन किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:51:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ड्राइवर आफ ट्रैक ले गया जिप्सी, पर्यटकों की जान आई हलक में </title>
                                    <description><![CDATA[ हुआ यूं कि पर्यटकों को लेपर्ड दिखाने की चाह में जिप्सी ड्राइवर रोस्टर में लगी 23 नम्बर गाड़ी को जोन दो में पैंथर झोपिया का नाला की ओर आफ ट्रैक पर ले गया। जहां गाड़ी फंस गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gypsy-tourist-killed-by-driver-off-track/article-46347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/jhaklalana.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झालाना लेपर्ड रिजर्व में सोमवार को सुबह की सफारी के दौरान एकबारगी पर्यटकों की जान हलक में आ गई। हुआ यूं कि पर्यटकों को लेपर्ड दिखाने की चाह में जिप्सी ड्राइवर रोस्टर में लगी 23 नम्बर गाड़ी को जोन दो में पैंथर झोपिया का नाला की ओर आफ ट्रैक पर ले गया। जहां गाड़ी फंस गई। ऐसे में पर्यटकों को दूसरी गाड़ी में बैठाकर वहां से रवाना किया। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने जिप्सी के ड्राइवर को एक सप्ताह के लिए बैन कर मामले से इतिश्री कर ली। इससे पहले अन्य मामलों में देखा गया कि चालक पर एक हफ्ते के बैन के साथ ही गाड़ी के रोस्टर भी काटे गए, लेकिन इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों की नरमी देखी गई। इस बीच वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पैंथर झोपिया का नाला की ओर आफ ट्रैक ले जाई गई जिप्सी वन विभाग के एक अधिकारी के करीबी की बताई जा रही है। इसलिए कार्रवाई में नरमी बरती गई। </p>
<p>झालाना लेपर्ड रिजर्व में जिप्सी को आफ ट्रैक ले जाने पर ड्राइवर पर एक सप्ताह का बैन लगाया गया है।<br /><strong>-कपिल चन्द्रवाल, डीसीएफ  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 May 2023 10:24:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हर लेपर्ड की जानकारी से अपडेट है झालाना का वर्ल्ड क्लास इंटरप्रिटेशन सेंटर</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग के अनुसार यहां बघेरों की संख्या 40 से अधिक बताई गई है। कहा जाए तो जयपुर शहर के बीचों-बीच बसा जंगल पर्यटकों को अपनी ओर खिंचता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jhalanas-world-class-interpretation-center-is-updated-with-information-about/article-43432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(19).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झालाना लेपर्ड रिजर्व बघेरों की साइटिंग के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फेमस हो गया है। वन विभाग के अनुसार यहां बघेरों की संख्या 40 से अधिक बताई गई है। कहा जाए तो जयपुर शहर के बीचों-बीच बसा जंगल पर्यटकों को अपनी ओर खिंचता है। लेपर्ड सफारी के बाद यहां बना इंटर प्रिटेशन सेंटर भी पर्यटकों को कई जानकारी देता है। यहां मुंह में अंडा दबाए बघेरे की फोटो देखने के साथ ही बघेरे और जरख को आमने-सामने की फोटो देख पर्यटक दांतों तले अंगुलियां दबा लेते हैं। दूसरी ओर बघेरों की आपसी लड़ाई की भी फोटोज पर्यटकों को आकर्षित करती है। </p>
<p><strong>इन्होंने कहा वर्ल्ड क्लास  </strong><br />कई सेलिब्रिटीज झालाना लेपर्ड सफारी कर चुके हैं, जिनमें फराह खान, रणदीप हुड्डा, रवीना टंडन, संजय दत्त, रितेश देशमुख, जेनेलिया, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर, बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। इन्होंने सफारी के बाद जब इंटर प्रिटेशन सेंटर देखा तो इसे वर्ल्ड क्लास बताया। अपनी विजिट के दौरान रणदीप हुड्डा ने तो इतना कहा था कि इस तरह का इंटर प्रिटेशन सेंटर मैंने आज तक नहीं देखा। वहीं पूर्व मास्टर ब्लॉस्टर सचिन भी इसकी तारीफ कर चुके हैं। </p>
<p>वर्ल्ड क्लास इंटरप्रिटेशन सेंटर को बनाने में पूर्व वनमंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, पूर्व हॉफ अनिल गोयल एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। </p>
<p>इंटरप्रिटेशन सेंटर में लेपर्ड, हाईना सहित विभिन्न वन्यजीवों की फ़ोटोज़ देखने को मिलती है। जिन्हें वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधिकारियों ने क्लिक की हैं। इनमे आईएफ़एस अधिकारी अरिजित बैनर्जी, सुदर्शन शर्मा, जनेश्वर चौधरी एवं अन्य अधिकारियों सहित राजस्थान  स्टेट वाइल्ड लाइफ़ बोर्ड सदस्य सुनील मेहता के क्लिक किए गए फ़ोटोज़ शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 12:39:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आमागढ़ क्या खास: सैलानियों की पसंद तारा, सृष्टि से ज्यादा जलेबी और राणा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में पर्यटक किले, महल, संग्रहालयों और स्मारकों के बाद अब सैलानी वाइल्ड लाइफ की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं। शहर में झालाना लेपर्ड सफारी के बाद अब आमागढ़ लेपर्ड सफारी शुरू हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--lion--jhalana-lepoard-reserve-is-the-first-choice-of-tourists-more-than-elephant-rides--giving-evidence-from-the-data-received-from-the-forest-department/article-10337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/tiger1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में पर्यटक किले, महल, संग्रहालयों और स्मारकों के बाद अब सैलानी वाइल्ड लाइफ की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं। शहर में झालाना लेपर्ड सफारी के बाद अब आमागढ़ लेपर्ड सफारी शुरू हो गई है।इससे पहले आमेर महल में हाथी सवारी करने के साथ ही नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लॉयन सफारी में सैलानी प्योर एशियाटिक लॉयन देखने आते हैं। यह जानकर हैरानी होगी कि पर्यटकों में हाथी सवारी और लॉयन सफारी से ज्यादा लेपर्ड सफारी का क्रेज है। कहा जाए तो शेर से ज्यादा सैलानी झालाना लेपर्ड रिजर्व में बघेरे देखने में ज्यादा रूचि ले रहे हैं। वन विभाग से मिले आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं। <br /><br /><strong>आमागढ़ में पहले दिन 3 जिप्सियों में आए 18 सैलानी</strong></p>
<p>शेर से ज्यादा बघेरे देखने में दिलचस्पी  वन विभाग के अनुसार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लॉयन सफारी में सैलानी प्योर एशियाटिक शेरनी तारा, सृष्टि और शेर त्रिपुर को निहारते हैं, लेकिन झालाना लेपर्ड सफारी आकर बघेरा राणा, बहादुर, फ्लोरा, नथवाली, मिसेज खान, गजल, जलेबी सहित अन्य बघेरे देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। दूसरी ओर आमेर महल में हाथी स्टैण्ड से संचालित होने वाली हाथी सवारी के प्रति भी सैलानियों में उत्साह कम है। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यहां सवारी में संख्या बढ़ सकती है।</p>
<table style="width:655px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:653px;" colspan="2"><strong>आंकड़े अप्रैल 2021 से मार्च, 2022 तक</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:177.2px;">झालाना लेपर्ड रिजर्व : </td>
<td style="width:475.8px;">35,130 सैलानी आए</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:177.2px;">लॉयन सफारी : </td>
<td style="width:475.8px;">14,321 सैलानी आए</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:177.2px;" colspan="2">आमेर महल हाथी सवारी में 4780 राउंड में 9 हजार से अधिक पर्यटक आए।</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<p>इस समय झालाना लेपर्ड रिजर्व फुल चल रही है। सैलानियों में लेपर्ड देखने का क्रेज देखा जा रहा है। -<strong>अजय चित्तौड़ा, उप वन संरक्षक (वन्यजीव), चिड़ियाघर जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 15:47:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मालवीय नगर में तीन घंटे लेपर्ड की दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[झालाना वन क्षेत्र से निकलकर घुसा आबादी क्षेत्र में, ट्रेंकुलाइज कर घर से बाहर लाने पर लोगों ने भारत माता की जय के लगाए नारे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%98%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%B6%E0%A4%A4/article-3354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/painthor1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। झालाना वन क्षेत्र से एक मेल लेपर्ड मालवीय नगर स्थित आबादी क्षेत्र में आ धमका, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कम्प मच गया।  रविवार सुबह 8 बजे मालवीय नगर के सेक्टर-5 और सेक्टर-7 के स्थानीय निवासियों को लेपर्ड की मूवमेंट देखी तो वन विभाग को सूचित किया।  क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे सेक्टर-7 के मकान नम्बर 7/225 से लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया।  इस दौरान डॉ.अशोक तंवर ने लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया।   इसकी पहचान झालाना रिजर्व के मेल लेपर्ड सुल्तान के रूप में हुई है, जिसे रेस्क्यू कर झालाना रेंज ले जाकर स्वाथ्य परीक्षण किया गया।  इससे पहले लेपर्ड मालवीय नगर के सेक्टर-5 के मकान नम्बर 5/04 की छत से होते हुए लॉबी तक पहुंचा।  घर के सदस्यों के शोर मचाने पर लेपर्ड सेक्टर-7 की ओर भागा। इस दौरान मेन रोड पर एक सेलून के गेट का शीशा तोड़ कर पीछे घरों की ओर भागा। गनीमत ये रही कि लेपर्ड ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।<br /> <br /> <strong>एक से दूसरे मकान पर लगाई छलांग</strong><br /> लेपर्ड अमूमन रात के अंधेरे में ही मूवमेंट करते हैं। ऐसा ही नर लेपर्ड सुल्तान के साथ हुआ। जो झालाना लेपर्ड रिजर्व से निकलकर मालवीय नगर की आबादी क्षेत्र की ओर आ गया। इस दौरान सेक्टर-5 के कई घरों की छतों पर मूवमेंट करने के बाद सेक्टर 7 की ओर आया। यहां मकान नम्बर 7/224 खाली प्लाट से मकान नम्बर 7/225 की छत पर चढ़ गया। आगे बढ़ते हुए दो मकानों के बीच गैप में फंस गया। लेपर्ड के मूवमेंट के दौरान कॉलोनी की छतों पर लोगों का हुजूम रहा। <br /> <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 10:47:27 +0530</pubDate>
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                <title>झालाना प्रदेश का पहला जंगल, जहां लेपर्ड को दिए नाम</title>
                                    <description><![CDATA[सबसे पहले मादा लेपर्ड को नाम दिया था आरती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2--%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE/article-2910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/painthor-2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में 19.78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला झालाना जंगल लेपर्ड साइटिंग के लिए विख्यात है। घनी आबादी क्षेत्र के समीप बसे इस जंगल में करीब 44 लेपर्ड रहते हैं। इसकी बदौलत जंगल ने कम समय में प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में लेपर्ड साइटिंग के लिए पहचान बना ली है। खासबात ये है कि यहां रहने वाले लेपर्ड्स को नथवाली, मिसेज खान, फ्लोरा, जलेबी, एलके फिमेल सहित अन्य नामों से पहचाना जाता है। ये नाम वन विभाग ने नहीं बल्कि वन्यजीव प्रेमियों ने उन्हें दिए हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि लेपर्ड्स को नाम उनके शरीर के निशान, आवास और खूबसूरती देखकर दिए जाते हैं। इससे पहले प्रदेश के टाइगर रिजर्व और बायोलॉजिकल पार्कों में टाइगर, लॉयन, भालू और लेपर्ड्स को नाम दिए जाते हैं, लेकिन अब लेपर्ड रिजर्व में भी लेपर्ड्स को नामों से पुकारा जाता है। प्रदेश में ऐसा कोई दूसरा जंगल नहीं है, जहां लेपर्ड्स के नाम रखे गए हैं।  <br /><strong><br />मंदिर में आरती के समय रहता था मूवमेंट, सबसे पहला नाम बिग फुट </strong><br />झालाना लेपर्ड रिजर्व में सबसे पहले मादा लेपर्ड को उसकी आइडेंटिफिकेशन के जरिए नाम दिया था। वन्यजीव प्रेमी धीरज कपूर ने बताया कि एक मादा लेपर्ड का मूवमेंट रिजर्व के आसपास बने मंदिर में आरती के समय होता था। ऐसे में मादा लेपर्ड का नाम आरती रखा। वहीं मेल लेपर्ड में सबसे पहला नाम बिग फुट रखा गया था। मादा लेपर्ड आरती की मृत्यु हो गई तो वहीं बिग फुट अब दिखाई नहीं देता। इसके अतिरिक्त जिन मेल और फिमेल लेपर्ड्स को नाम दिए गए हैं, उनकी फोटो नाम सहित लेपर्ड रिजर्व के इंटरप्रिटेशन सेंटर में देखने को मिलती है। <br /><br /><strong><br />ऐसे दिए जाते हैं नाम </strong><br />    नथवाली : एम मादा लेपर्ड के नाम पर नथनुमा निशान होने से उसे वन्यजीव प्रेमियों ने नथवाली नाम दिया। <br />    एलके फिमेल : जंगल में बने लाला कुंड पर रहने वाले एक मादा लेपर्ड को एलके फिमेल नाम <br />दिया गया। <br />    मिसेज खान : ये लेपर्ड जंगल में खान क्षेत्र में रहती है, ऐसे में उसे मिसेज खान नाम दिया गया। <br />    फ्लोरा : इस मादा लेपर्ड के सिर पर फूल जैसा निशान है, ऐसे में इसे फ्लोरा नाम दिया गया। <br />    जलेबी : सिर पर जलेबी जैसा निशान था। <br /><br /><strong>13 शावक रिकॉर्डेड</strong><br />    19.78 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है झालाना वन क्षेत्र। <br />    यहां 44 लेपर्ड्स की संख्या है। <br />    रोजाना 100 से अधिक पर्यटक आते हैं सफारी करने<br />    शनिवार और रविवार को बुकिंग मिलना मुश्किल<br />    झालाना में 17 एडल्ट लेपर्ड हैं, इनमें 12 फिमेल और 5 मेल लेपर्ड हैं।<br />    14 सब एडल्ट हैं, इनमें 6 फिमेल और 8  मेल लेपर्ड, जबकि 13 शावक रिकॉर्डेड हैं। <br /><br />झालाना वन क्षेत्र में लेपर्ड्स को उनके अनुकूल वातावरण मिल रहा है। वन्यजीव प्रेमियों ने लेपर्ड्स को उनके शारीरिक पहचान के आधार पर दिए हैं। यहां लेपर्ड्स की संख्या करीब 44 है। -<strong>जनेश्वर चौधरी, रेंजर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 16:12:34 +0530</pubDate>
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