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                <title>nagaland - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>nagaland RSS Feed</description>
                
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                <title>मणिपुर में भूकंप के मध्यम झटके : रिक्टर पैमाने पर 5.2 रही तीव्रता, एनसीएस ने जारी किया अलर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर के कामजोंग में मंगलवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इसके झटके नागालैंड और मेघालय तक महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 62 किलोमीटर गहराई में था। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी जनहानि या बड़े नुकसान की खबर नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/moderate-tremors-of-earthquake-in-manipur-nagaland-and-meghalaya-intensity/article-151182"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/earthquake-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>इंफाल। मणिपुर में मंगलवार को भूकंप के मध्यम झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गयी। मणिपुर के अलावा नागालैंड और मेघालय में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप आज तड़के 5:50 बजे आया और इसका केंद्र कामजोंग में स्थित था। प्राप्त रिपोर्ट के अनुस भूकम्प से अभी तक किसी प्रकार की जनहानि अथवा नुकसान की कोई खबर नहीं है। इसका असर मणिपुर और पड़ोसी राज्यों जैसे नागालैंड और मेघालय के कुछ हिस्सों में महसूस किया गया।</p>
<p>एनसीएस के अनुसार भूकंप केन्द्र 24.703 उत्तरी अक्षांश और 94.415 पूर्वी देशांतर और जमीनी सतह से 62 किलोमीटर की गहराई पर कामजोंग पर स्थित था।मणिपुर भूकंपीय क्षेत्र वी में स्थित है, जो देश में सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र है, और यहाँ भूकंप का खतरा बना रहता है। भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित होने के कारण, राज्य में अक्सर भूकंप के झटके आते रहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:37:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान में नागालैंड के विद्यार्थियों का सम्मेलन संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[पीयूसीएल के प्रदेश अध्यक्ष भंवर मेघवंशी ने राजस्थान और नागालैंड के इस मिलन को देश की एकता और बहुलतावादी संस्कृति के लिए आशाजनक बताया और कहा कि नागालैंड के स्टूडेण्ट्स के मानवाधिकार राजस्थान में सुरक्षित रहे इसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/conference-of-students-of-nagaland-concluded-in-rajasthan/article-51401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rj-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नागा स्टूडेंट यूनियन राजस्थान का पहला सम्मेलन तक्षशिला ऑडिटोरीयम मानसरोवर में जियोलोज़िकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के निदेशक जॉन कीवी अंगामी के मुख्य आतिथ्य और पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज के प्रदेश अध्यक्ष भंवर मेघवंशी के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर नागालैंड के पर्यटन विभाग की तरफ़ से वहाँ के दर्शनीय स्थलों के बारे के बताया गया। राजस्थान के विभिन्न ज़िलों से यहाँ आए प्रतिभागियों ने नागालैण्ड की प्रत्येक जनजाति के बारे में प्रस्तुतियाँ दी।</p>
<p>इस मौक़े पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। नागामिज गानों के अलावा केसरिया तेरा इश्क़ है पिया जैसे फिल्मी गाने गाए गाए जिस पर लोग जमकर झूमे। सुदूर उत्तर पूर्व के गायकों ने जब हिंदी और वहाँ की भाषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी तो लोग मस्ती से झूम उठे। सुतान, इमरोंग और बेहद पॉप्युलर नागा रैपर मोकोकोज़ा ने बेमिसाल गीत प्रस्तुत किए।</p>
<p>नागालैंड स्टूडेण्ट्स यूनियन राजस्थान के निवर्तमान अध्यक्ष असीम्बे जो आजकल दिसोम द लीडरशिप स्कूल के फेलो भी है उन्होंने संगठन द्वारा कोविड के दौरान किए गए जानकारियाँ प्रदान की। वर्तमान अध्यक्ष चांग वासी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया. महासचिव विसेडेल शोसाहिए ने तीन साल का लेखा-जोखा सामने रखा।</p>
<p>मुख्य अथिति जॉन कीवी अंगामी ने स्टूडेण्ट्स को उच्च शिक्षा के लिए लक्ष्यबद्ध होने के लिए प्रेरित किया और हर प्रकार की सहायता के किए आश्वस्त किया।</p>
<p>पीयूसीएल के प्रदेश अध्यक्ष भंवर मेघवंशी ने नागा विद्यार्थियों का राजस्थान में पधारो म्हारे देश से स्वागत करते हुए कहा कि जिस तरह नागालैंड विविध संस्कृतियों और समृद्ध भौगोलिक स्थलों की जगह है वैसी ही सांस्कृतिक समृद्धि राजस्थान की भी है। यहाँ रेगिस्तान है,अरावली जैसा प्राचीन विराट पहाड़ है और चम्बल जैसी सदानीरा नदियाँ हैं। मेघवंशी ने राजस्थान और नागालैंड के इस मिलन को देश की एकता और बहुलतावादी संस्कृति के लिए आशाजनक बताया और कहा कि नागालैंड के स्टूडेण्ट्स के मानवाधिकार राजस्थान में सुरक्षित रहे इसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>फ़र्स्ट नागा मीट का विषय- “कनेक्टिंग द पास्ट: स्ट्राइविंग थ्रू कल्चरल डायवर्सिटी टूवर्ड्स बिल्डिंग पीस” था। राजस्थान और नागालैंड के मध्य सांस्कृतिक सामाजिक जुड़ाव के इस प्रयास की सभी ने सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2023 15:57:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>नागालैंड के उपमुख्यमंत्री ने की कबीलेवाद का विरोध करने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों से अपनी भाषा को संरक्षित करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे अपने घर में अपनी मातृभाषा में ही बातचीत करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nagaland-deputy-chief-minister-appeals-for-naga-unity/article-26785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/hh1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोहिमा। नागालैंड के उपमुख्यमंत्री यांथुंगो पैटन ने छात्र समुदाय से नगा समाज की बनावट को समाप्त कर रहे आदिवासीवाद और कबीलेवाद का विरोध और निंदा करने की अपील की।</p>
<p>दीमापुर गवर्नमेंट कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित दीमापुर लोथा छात्र संघ के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शनिवार को अपने संबोधन में पैटन ने कहा कि जनजाति या कबीले के आधार पर ब्लॉकों का विभाजन या गठन करना 21वीं सदी के आधुनिक समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कबीला प्रणाली का उपयोग पहले अंतर-विवाह के लिए किया जाता था लेकिन इसका उपयोग विभाजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से लोथा समुदाय से अपील की कि वे कबीलेवाद का प्रचार करने वाले किसी भी व्यक्ति का समर्थन न करें क्योंकि यह नागा समाज के विकास और एकता में एक बाधा है। पैटन ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि शहरी क्षेत्रों में सांस्कृतिक परंपराएं अपना महत्व खो रही है और उन्होंने छात्रों से अपने घर-परिवार में अपनी मातृभाषा में बात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आजकल के युवा नागा मातृभाषाओं में बातचीत करने के बदले नागामीज में ज्यादा बातचीत करते हैं जिससे नागा मातृभाषा खतरे में पड़ गई है। छात्रों से अपनी भाषा को संरक्षित करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे अपने घर में अपनी मातृभाषा में ही बातचीत करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Oct 2022 15:23:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष ने की नागालैंड की घटना पर उचित मुआवजे की मांग : संसद में गृहमंत्री का बयान, शाह ने जताया दुख, SIT से जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[SIT 1 महिने में देगी मामले पर रिपोर्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97---%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%83%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8--%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%96--sit-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-2971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/amit-shah_nagaland.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने लोकसभा में सोमवार को शून्यकाल शुरू होने से पहले नागालैंड की घटना को दुखद करार देते हुए पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा देने और जांच की अपील के साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देने की मांग की।  <br /> <br /> नागालैंड की राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी (एनडीपीपी) के तोखेहो येपथोमी में नागालैंड की घटना पर दु:ख जताते हुए कहा उचित मुआवजा देने की माँग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच की जाय तथा दोषियों को सख्त सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि सशत्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम ( एएफएसपीए) सुरक्षा बालों को आम नागरिकों को मारने का अधिकार नहीं देता है।<br /> <br /> कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा की चार और पांच दिसम्बर को जो घटना हुई है वह नागालैंड और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए काला दिन है। उन्होंने इस घटना की ङ्क्षनदा करते हुए इलाक़े में शांति क़ायम करने की अपील की। वहां जिस प्रकार आम नागरिकों की हत्या की गई वह खुफिया तंत्र की विफलता है। पूर्वोत्तर राज्यों लगातार क़ानून व्यवस्था में गिरावट आ रही है। इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह को सदन में वक्तव्य देना चाहिए।<br /> <br /> द्रमुक नेता टी आर बालू ने कहा कि नागालैंड की घटना को निंदनीय करार देते हुए कहा की इसकी जांच होनी चाहिए था यह सुनिश्चित हो कि ऐसी घटना दोबारा ना हो। तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने नागालैंड ने जो हुआ वह बहुत गम्भीर है। इसने देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने मारे के लोगों के परिजनों को अधिकतम मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> शिव सेना के विनायक रावत ने कहा कि शनिवार को नागालैंड में जिस तरह की घटना हुई है वह बहुत दुखद है। आखिर खुफिया विभाग को ऐसी ग़लत जानकारी कैसे मिली जिससे यह दुखद घटना हुई। उन्होंने पीड़ति के परिवार को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> जदयू के राजीव रंजन ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में जब शांति की पहल की जा रही है ऐसे में इस प्रकार की घटना बहुत दुखद है। गलत पहचान की वजह से आम लोगों के मारे जाने से लोगों में अविश्वास पैदा होगा। इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह को सदन में वक्तव्य देना चाहिए। एनसीपी की सुप्रिया सुले ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सदन में वक्तव्य देने का आग्रह करते हुए प्रत्येक पीड़ति के परिजन को 60 लाख मुआवजा देने की मांग की।<br /> <br /> इसी प्रकार वाईएसआर कांग्रेस के मिथुन रेड्डी, बसपा के रीतेश पाठक, कांग्रेस के प्रद्युत बारदोली, एआईएमआईएम  के असदउद्दीन ओवैसी और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरूद्दीन अजमल ने भी इस घटना को दुखद करार दिया और मुआवजे की मांग की।<br /> <br /> <strong>संसद में नागालैंड फायरिंग के मामले पर गृहमंत्री का  बयान, अमित शाह ने जताया दुख, SIT 1 महिने में देगी मामले पर रिपोर्ट</strong><br /> गृहमंत्री अमित शाह ने नागालैंड में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंंत्रण में बताते हुए सोमावार को इस घटना पर खेद जताया और कहा कि उनकी सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। शाह ने सोमवार को लोकसभा में इस बारे में वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार वहां हालात नियंत्रित कर माहौल को शांत करने का प्रयास कर रही है और इसके लिए वह खुद बराबर राज्य सरकार के संपर्क में हैं। केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर मामलों के वरिष्ठ अधिकारी को घटना स्थल पर भेजा गया है। इसके साथ ही इस घटना की जांच के आदेश दिये गये हैं और एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। घटना के बारे में विस्तृत विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेना को एक वाहन से उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिली थी इसलिए उसके कमांडो संदिग्ध जगह पर पहुंचे और वाहनों की चेङ्क्षकग करने लगे। वहां से गुजर रहे एक वाहन को जब रुकने का इशारा किया गया तो वाहन को रोकने की बजाय चालक उसे भगाने की कोशिश करने लगा।<br /> <br /> उन्होंने कहा कि इस वाहन में उग्रवादियों के होने के संदेह के कारण सुरक्षा बल के जवानों ने वाहन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस वाहन में आठ लोग सवार थे। गोलाबारी की घटना में आठ में से दो लोग घायह हो गये। बाद में वाहन में उग्रवादियों के होने की आशंका गलत पाई गई तो सेना के जवानों ने घायल लोगों को अस्पताल में पहुंचाया और उनका इलाज कराना शुरु किया। गृहमंत्री ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही कुछ स्थानीय लोग वहां एकत्र हो गये और सुरक्षा बल के वाहनों को क्षति पहुंचाने लगे। उन्होंने वहां आगजनी भी की और जवानों पर हमले किये जिसमें कई जवानों घायल हो गये। सुरक्षा बल के जवानों ने अपने बचाव में तथा भीड़ को तितर बितर करने के लिए गोली चलाई जिसमें सात और नागरिकों की मृत्यु हो गई तथा कुछ अन्य घायल हो गये।<br /> <br /> उन्होंने बताया कि राज्य के पुलिस महानिदेशक तथा आयुक्त ने घटना स्थल का दौरा किया। घटना को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कर दी गई। इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल-एसआईटी का गठन किया गया है और उसे एक माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है। शाह ने कहा कि उपरोक्त घटना के बाद रविवार को मोन शहर में असम राइफल के कार्यालय में एक भीड़ ने तोडफ़ोड की और आग लगाई जिसके जवाब में जवानों को गोली चलानी पडी जिसमें एक और व्यक्ति की मृत्यु हो गई तथा एक  अन्य घायल हो गया। गृहमंत्री ने कहा कि सेना ने एक वक्तव्य में इस घटना में निर्दोष नागरिकों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।<br /> <br />  शाह ने कहा कि वह खुद घटना को लेकर प्रदेश सरकार के संपर्क में है और उन्होंने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से बात की है। गृहमंत्रालय ने भी राज्य के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक से बात की है। गृहमंत्रालय ने राज्य के पूर्वोत्तर मामलों के अपर सचिव को कोहिमा भेजा है जहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सामान्य स्थिति बहाल करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नागालैंड की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति तथा सौहार्द बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा ''केंद्र सरकार ने इस घटना पर खेद व्यक्त करती है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।'' इससे पहले सुबह प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों ने यह मामला उठाया और गृहमंत्री से इस संबंध में वक्तव्य देने की मांग की थी।<br /> <br /> <br /> <strong>नागालैंड गोलीबारी की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हुई</strong><br />  नागालैंड में मोन जिले के ओटिंग में शनिवार को हुयी गोलीबारी में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गयी है। ओटिंग में शनिवार की घटना के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुयी है। इस घटना में दो और लोगों की मौत हो गयी, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी भी शामिल है।  रक्षा विभाग ने बताया कि विद्रोहियों के संभावित आंदोलन की विश्वस्त खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया था। नागालैंड में मोन के तिरु में एक विशेष ऑपरेशन चलाने की योजना थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के परिणाम पर खेद है। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस घटना में सुरक्षा बल भी गंभीर रूप से जख्मी हैं जिनमें एक सैनिक की मौत हुयी है। <br /> <br /> इस घटना के बाद गुस्साये लोगों ने मोन शहर में इकट्ठा होकर भीड़ ने असम राइफल्स के शिविर पर हमला कर दिया, जिसमें शिविर के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद असम राइफल्स ने अपनी सुरक्षा के लिये गोलीबारी की, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गयी और कई लोग घायल बताये जा रहे हैं। इस दौरान इलाके में धारा 144 लागू कर दी गयी है। जिला प्रशासन सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। राज्य प्राधिकरण ने एहतियात के तौर पर राज्य में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 06 Dec 2021 18:17:58 +0530</pubDate>
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                <title>नागालैंड में सुरक्षा बलों से मुठभड़ में 10 नागरिकों की मौत, 1 जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[घटना पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A0%E0%A4%AD%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-10-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4--1-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A6/article-2940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/nagalend-sena-abhiyan.jpg" alt=""></a><br /><p>कोहिमा। नागालैंड के ओटिंग गांव में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ऐसे कम से कम 10 नागरिकों की मौत हो गई है, जिन पर एनएससीएन (के) के अंडरग्राउंड कैडर होने का शक था। सुरक्षा बलों के इस अभियान के दौरान एक जवान शहीद हुआ है और 20 अन्य घायल भी हुए हैं। सेना ने घटना की पुष्टि करते हुए रविवार को जारी एक बयान में कहा कि विद्रोहियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी के आधार पर नागालैंड में मोन जिले के तिरु नामक इलाके में एक विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी।<br /> <br /> बयान में कहा गया कि इस घटना और उसके परिणाम पर हमें खेद है। लोगों की जान जाने के इस दुर्भाग्यपूर्ण कारण की गहराई से जांच की जाएगी और कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। सेना ने बताया इस घटना में सुरक्षा बलों को भी गंभीर चोटें आई हैं, और एक जवान शहीद भी हो गया है। यह घटना मोन जिले में तिजित अनुमंडल के लोंगखाओ इलाके में शनिवार की शाम करीब चार बजे की है।<br /> <br /> एक स्थानीय संगठन के अनुसार, इस सुरक्षा अभियान के बाद से कई लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि  तिरू क्षेत्र से एक पिकअप ट्रक में सवार होकर कुछ दिहाड़ी मजदूर कोयला खदान से घर लौट रहे थे और तभी सुरक्षा बलों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया।  सेना के जवानों ने इन पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बल के जवान एनएससीएन (के) कैडरों की तलाशी में जुटे हुए थे। एनएससीएन (के) नागालैंड का एक विद्रोही समूह है, जिसका नेतृत्व युंग आंग द्वारा किया जाता है।<br /> <br /> घटना में कम से कम 10 नागरिकों की मौत होने की बात कही जा रही है। हालांकि, स्थानीय संगठनों ने 14 नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि उन्होंने सेना के जवानों कसे देर रात शवों को ले जाते हुए भी देखा है।<br /> इस बीच, सेना के सूत्रों ने कहा कि वे अभी भी इलाके में मौजूद हैं और एनएससीएन (के) कैडरों की तलाशी में जुटे हैं। घायल जवानों को असम के डिब्रूगढ़ जिले के दिनजान आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान इलाके में तनाव का माहौल है और कई अलग-अलग संगठन नागरिकों की इस तरह से हुई हत्या का विरोध कर रहे हैं। यहां सुरक्षा बलों पर भी हमला बोला गया है और सुरक्षा वाहनों में आग लगा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे हुए हैं और नागरिकों की हत्या की जांच की जा रही  है।<br /> <br /> घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने ट्वीट किया है कि ओटिंग, मोन में नागरिकों की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद निंदनीय है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं। उच्च स्तरीय एसआईटी मामले की जांच करेगी और देश की कानून व्यवस्था के अनुसार न्याय दिलाएगी। सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है।</p>
<p>वहीं इस घटना पर राहुल गांधी ने सवाल उठाएं है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने दुख व्यक्त किया है।</p>]]></content:encoded>
                
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