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                <title>fail - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>888 में से 229 सैंपल फेल, 10.75 लाख का वसूला जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए  अब तक 55 मामलों में निर्णय आ चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/229-out-of-888-samples-fail--fines-worth-10-75-lakh-collected/article-150920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ व्यापक कार्यवाही देखने को मिली । जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक की 15 माह की अवधि में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़े चौकाने वाले हैं। इस दौरान विभाग ने कुल 888 नमूने संग्रहित किए, जिनमें से 229 सैंपल फेल पाए गए। मिलावटखोरी के इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने अब तक 10 लाख <br />75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।</p>
<p><strong>दूध और घी-तेल के नमूनों पर रहा फोकस</strong><br />खाद्य विभाग की टीम ने इस अवधि में सबसे ज्यादा शिकंजा डेयरी उत्पादों और तेल-घी के कारोबारियों पर कसा। आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने दूध के 54 और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों के 203 नमूने लिए। वहीं, मिलावट की आशंका को देखते हुए घी व तेल के 194 सैंपल भरे गए। इसके अतिरिक्त अन्य मिठाइयों के 37 तथा 400 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री अमानक पाई गई, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।</p>
<p><strong>न्यायिक प्रक्रिया में तेजी, 55 में फैसला</strong><br />नमूनों के फेल आने के बाद विभाग ने केवल नोटिस तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि 155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए। विभागीय सक्रियता का ही परिणाम है कि अब तक 55 मामलों में निर्णय भी आ चुका है, जिसमें दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावट करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।</p>
<p><strong>25 प्रतिशत से अधिक सेम्पल को मिला चैलेन्ज</strong><br />कुल लिए गए नमूनों में से लगभग 25.7% नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसको लेकर विभाग की कार्यवाहियों पर मिलावट के विरुद्ध सक्रियता की आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र नागर का कहना है कि सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। पूरी टीम मौके पर जाती है। अनुभव व तकनीकी टीम के द्वारा संस्तुति के बाद ही सेम्पल लिया जाता है।</p>
<p><strong>67% में अदालती कार्यवाही</strong><br />भेजे गये खाद्य पदार्थो के सेम्पल की बात करें तो यहां फेल हुए 229 नमूनों में से 155 मामलों को तुरंत न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। जाेकि अभी विचारधीन है। ऐसे में विभाग द्वारा कार्यवाहियों के बाद न्यायालय में मामले की चुनौतियाें को लेकर किये गये प्रयासों में भी तेजी देखनें में आयी है। ऐसे में की गयी कार्यवाहियों की बात करें तो अदालत के द्वारा निर्णित मामलों के आधार पर देखा जाए तो औसतन 19,545 का जुर्माना प्रति उल्लंघनकर्ता लगाया गया।</p>
<p><strong>सघन जांच अभियान रहेगा जारी</strong><br />खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले गर्मी के दिनों में भी घी, तेल और दूध से बनी मिठाइयों की सैंपलिंग का दायरा और बढ़ाये जाने की बात कही जा रही है। डॉ. नागर ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिये विभाग की कार्यवाहियां जारी रहेंगी।</p>
<p>सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। कार्यवाही करने के दौरान पूरी सर्तकता से कागजी कार्यवाही करवायी जाती है। हमारी विधि टीम भी कार्यवाहियों के लिये तैयारी करती है।<br /><strong>-डॉ. नरेन्द्र नागर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:21:47 +0530</pubDate>
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                <title>भीषण गर्मी के आगे फेल बिजली तंत्र, दिन में कटौती से लोग परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से उपभोक्ता खासे परेशान हुए। जयपुर डिस्कॉम के कॉल सेंटर पर उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के पास भी लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/electricity-system-fails-due-to-extreme-heat-people-upset-due-cut/article-79435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/electricity-61.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी के आगे बिजली तंत्र भी फेल नजर आ रहा है। तीनों डिस्कॉम के कई जीएसएस बार-बार फेल होने से शहरी क्षेत्रों में भी दिन में कटौती हो रही है। लोग बिजली ऑफिस में फोन कर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। जयपुर में एक बार फिर आरवीपीएनल का सिस्टम फाल्ट हुआ। </p>
<p>फुलेरा 220 केवी लाइन ट्रीप होने से 132 केवी सिरसी जीएसएस बंद हुआ। सिरसी बिंदायका समेत आसपास के बड़े इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित रही। भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से उपभोक्ता खासे परेशान हुए। जयपुर डिस्कॉम के कॉल सेंटर पर उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के पास भी लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 18:34:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रायल में फेल रही सीएनजी किट लगी बसें</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान रोडवेज ने भी सीएनजी किट लगी बस संचालित करने की योजना बनाई थी, जो ट्रायल में ही फेल हो गई। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बारां डिपो की एक बस में कंपनी ने सीएनजी किट लगाकर ट्रायल किया था, जो फेल रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-cng-buses-fail-in-trial/article-13851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546548.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान रोडवेज ने भी सीएनजी किट लगी बस संचालित करने की योजना बनाई थी, जो ट्रायल में ही फेल हो गई। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बारां डिपो की एक बस में कंपनी ने सीएनजी किट लगाकर ट्रायल किया था, जो फेल रही। अब दुबारा ट्रायल के लिए जयपुर डिपो से बस संचालित की जा रही है, जिसका भी परिणाम अभी सही नहीं आ रहा। बारां डिपो की एक पुरानी एक बस में इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड कंपनी (आईजीएल) ने अपने खर्चे पर सीएनजी किट लगाकर ट्रायल के लिए संचालित किया था, जो सफल नहीं हुआ। अब यही कंपनी जयपुर डिपो की एक बस में किट लगाकर दुबारा से ट्रायल कर रही है। इस बस को जयपुर-दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>पॉल्युशन कम हो सकेगा</strong><br />सीएनजी बस चलने से पॉल्युशन कम हो सकेगा। सीएनजी 73.40 रुपए प्रति किलो है, जबकि डीजल-93.72 रुपए प्रति लीटर है। डीजल से बस का एवरेज 4-5 किलोमीटर प्रतिलीटर का है। सीएनजी का एवरेज 6 का आएगा। इस कंपनी का जयपुर में कोई पंप नहीं होने के चलते रोडवेज की सीएनजी बस बावल (हरियाणा) में ही गैस भरवाती है।</p>
<p><strong>सीएनजी किट लगाया</strong> <br />देश के कई राज्यों में सीएनजी बस चल रही है। यह सीएनजी बसें सिटी-सिटी में ही संचालित हो सकती है, जबकि रोडवेज इसे इंटरसिटी संचालित कर रहा है। इसके साथ ही पुरानी बस में इंजन बदलकर सीएनजी किट लगाया जा रहा है। इसलिए भी इसका रिजल्ट सही नहीं आ रहा। रोडवेज की ओर से बोर्ड बैठक में 50 सीएनजी व 50 इलेक्ट्रिक बस खरीदने के प्रस्ताव को पास किया था, जिस पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो रही। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 10:26:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली चोरी के मामलों में वसूली करने में विभाग फेल, भार आम उपभोक्ता पर</title>
                                    <description><![CDATA[विद्युत विभाग पूरे जिले भर में चोरी के मामलों में आरोपियों से वसूली और कार्रवाई में लगातार पीछे रहता चल रहा है, यही वह सबसे बड़ा कारण है जिसके चलते झालावाड़ जिले में चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/department-fails-to-recover-in-cases-of-electricity-theft--the-burden-is-on-the-common-consumer/article-13221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bijli-chori-ke-maamlo.jpg" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। विद्युत विभाग पूरे जिले भर में चोरी के मामलों में आरोपियों से वसूली और कार्रवाई में लगातार पीछे रहता चल रहा है, यही वह सबसे बड़ा कारण है जिसके चलते झालावाड़ जिले में चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। विद्युत विभाग के अधिकारी और विजिलेंस टीमें कहने को तो साल भर फील्ड में विद्युत चोरी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करती रहती है, किंतु अधिकांश मामलों में ना तो वसूली हो पाती है ना ही नियमानुसार एफआईआर की कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों के मन से विद्युत विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाहियों का डर निकल चुका है और लोग खुलेआम बिजली की चोरी कर रहे हैं, जिसके चलते विद्युत विभाग की छीजत लगातार बढ़ती जा रही है और आम उपभोक्ता बोझ के तले पिसता जा रहा है।<br /><br /><strong>छीजत में अव्वल है झालावाड़ जिला</strong><br />कहा जाता है कि जयपुर डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले कुल 17 जिलों में से झालावाड़ जिला छीजत में अव्वल है, यहां पर विभाग के आंकड़े खुद 20%  छीजत की बात स्वीकार करते हैं, लेकिन विद्युत विभाग के सूत्र बताते हैं कि झालावाड़ जिले के कुछ क्षेत्रों में छीजत 45 से 50% तक भी है जिसको रोकने में महकमा बिल्कुल नाकाम साबित हो रहा है। विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 झालावाड़ जिले में 20. 17% छीजत थी। 2020-21 मई छीजत का प्रतिशत 20.04 रहा जबकि वर्ष 2021-22 की बात करें तो छीजत घटकर 18.62% तक पहुंची है।<br /><br /><strong>चोरी के मामलों में वसूली और एफआईआर में विभाग फेल</strong><br />विद्युत चोरी के मामले में आरोपियों से पैनल्टी वसूली तथा वसूली नहीं होने पर एफआईआर को लेकर विभाग का प्रदर्शन जरा भी ठीक नहीं है। आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो विभाग पूरी तरह से फेल नजर आता है। पिछले 3 सालों में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही पर यदि नजर डालें तो लगभग 20% मामलों में ही विभाग वसूली कर पाया है, वही इतने ही मामलों में एफआईआर दर्ज करवाए जाने की कार्यवाही हुई है, जबकि विभागीय निदेर्शों के अनुसार ऐसे सभी मामले जिनमें वसूली नहीं हो पाती है इनमें एफआईआर करवाए जाने का प्रावधान है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़ से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 के दौरान विद्युत विभाग की विभिन्न टीमों ने जिले में कुल 2195 चोरी के मामले पकड़े, जिनमें से 180 मामलों में ही आरोपियों से वसूली हो पाई, जबकि 879 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसी प्रकार से वर्ष 2020-21 के दौरान विद्युत विभाग ने कुल 3541 चोरी के मामले पकड़े, जिनमें से 1357 मामलों में वसूली हो पाई तथा 1058 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसी तरह से वर्ष 2021-22 के दौरान विद्युत विभाग ने चोरी के कुल 1765 से मामले पकड़े, 488 मामलों में वसूली हुई जबकि 264 में एफ आई आर दर्ज करवाई गई। इसी प्रकार से यदि पिछले 3 वर्ष के कुल आंकड़ों की बात करें तो उनमें विद्युत विभाग में कुल 7501 मामले चोरी के पकड़े, जिनमें से 2025 में वसूली हो पाई, जबकि 2201 मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई, शेष 3275 चोरी में पकड़े जाने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। यानी अब तक कुल चोरी के मामलों में से आधे मामलों में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है, जो सीधे तौर पर विद्युत विभाग की उदासीनता को दशार्ता है तथा यही वह आंकड़े हैं जो चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के हौसलों को बुलंद करते हैं।<br /><br /><strong>एक्सपर्ट व्यू: चोरी रुकेतो मिले उच्च क्वालिटीकी बिजली</strong><br />जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़ के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल का कहना है कि छीजत कम होने और चोरी रुकने से आर्थिक फायदा उपभोक्ताओं को कितना हो सकता है यह ऊपर के स्तर से तय होगा। किंतु यह बात निश्चित तौर पर कही जा सकती है कि उपभोक्ता को अच्छी क्वालिटी की विद्युत आपूर्ति मिल पाएगी जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा। अग्रवाल ने बताया कि अभी जहां पर जितने लोड के कनेक्शन है वहां उतनी ही क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाता है, लेकिन वहां आंकड़े डालने वाले लोड को बढ़ा देते हैं और ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं, जिससे नियमित उपभोक्ताओं को पूरा वोल्टेज नहीं मिल पाता है ना ही उन्हें अच्छी क्वालिटी की बिजली मिल पाती है। अग्रवाल ने कहा कि यदि चोरी रुक जाएगी और सभी उपभोक्ता विद्युत कनेक्शन लेकर बिजली जलाएंगे तो विद्युत विभाग के पास विद्युत भार की भी पूरी गणना होगी, उसी के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाए जा सकेंगे ताकि उपभोक्ताओं को बिजली अच्छी तरह मिल सके और बार-बार होने वाली तकनीकी परेशानियों से छुटकारा मिल पाए।<br /><br /> विद्युत चोरी रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिन मामलों में वसूली नहीं हो पाई है उन में एफआईआर करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। चोरी और छीजत कम होने से उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा, बेहतर क्वालिटी की बिजली मिल पाएगी जिससे आर्थिक रूप से भी कहीं ना कहीं फायदा जरूर मिलेगा।<br /><strong> एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 15:44:33 +0530</pubDate>
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                <title>यूपी में कल खुलेगा 403 सीटों पर किस्मत का पिटारा, क्या एग्जिट पोल के आकड़े होंगे सच या एक बार फिर होंगे फेल</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव के लिये मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी राज्यों के चुनाव की मतगणना एक साथ 10 मार्च को सुबह आठ बजे से शुरु होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/the-box-of-luck-will-open-in-up-tomorrow-for-403-seats--will-the-exit-polls-prove-to-be-true-or-will-the-exit-polls-fail-once-again/article-5799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/up1.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बात यूपी चुनावों की करें तो  उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान सात चरण में 403 सीटों के लिये हुए मतदान का परिणाम उजागर होने का इंतजार कल 10 मार्च को मतगणना के साथ ही पूरा हो जायेगा। सात मार्च को सातवें और अंतिम चरण का मतदान होने के बाद चुनाव आयोग ने 10 मार्च को मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली हैं।  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव के लिये मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी राज्यों के चुनाव की मतगणना एक साथ 10 मार्च को सुबह आठ बजे से शुरु होगी। उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 39.67 प्रतिशत मत हासिल कर 312 सीटें जीत कर इतिहास बनाया था। वहीं, सपा को 47 सीटों से संतोष करना पड़ा था और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 19 एवं कांग्रेस को सिर्फ सात सीटें मिल सकी थी। 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में ऊंट किस करवट बैठता है देशभर में इस बात की चर्चा जोरों पर है।</p>
<p>बता दे कि उत्तर प्रदेश में मतदान की प्रक्रिया सबसे लंबी चली। पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिये निर्वाचन आयोग ने आठ जनवरी को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से 07 मार्च तक सात चरण में मतदान हुआ। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में लगभग 60.16 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 2017 में 61.11 प्रतिशत मतदान हुआ था।    </p>
<p>पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर 10 फरवरी को 62.43 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ही नौ जिलों की 55 सीटों पर 14 फरवरी को हुए मतदान में 64.66 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद 20 फरवरी को तीसरे चरण में बुंदेलखंड और कानपुर संभाग के 16 जिलों की 59 सीटों पर 62.28 प्रतिशत, चौथे चरण में 23 फरवरी को अवध और प्रयाग क्षेत्र के नौ जिलों की 59 सीटों पर 62.76 प्रतिशत, पांचवें चरण में 27 फरवरी को 12 जिलों की 61 सीटों पर 58.35 प्रतिशत, छठे चरण में 03 मार्च को पूर्वांचल के 10 जिलों की 57 सीटों पर 56.43 प्रतिशत और सातवें एवं अंतिम चरण में 07 मार्च को पूर्वांचल के ही वाराणसी सहित नौ जिलों की 54 सीटों पर 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ।</p>
<p> उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मतगणना की तैयारियों के बारे में बताया कि राज्य के सभी जिलों में 10 मार्च को मतगणना के मद्देनजर मतगणना स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। इसके लिये केंद्रीय पुलिस बल की 250 कंपनी और 61 कंपनी पीएसी की तैनात की गयी है। इनमें से सुरक्षा बलों की 36 कंपनी ईवीएम की सुरक्षा में तैनात रहेंगी और 214 कम्पनी मतगणना केन्द्रों पर कानून व्यवस्था की निगरानी में तैनात रहेंगी। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना में धांधली की कोशिशों का आरोप लगाते हुए ईवीएम की रखवाली के लिए 81 जिला प्रभारी नियुक्त किये हैं।    </p>
<p>गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 39.67 प्रतिशत मत हासिल कर 312 सीटें जीत कर इतिहास बनाया था। वहीं, सपा को 47 सीटों से संतोष करना पड़ा था और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 19 एवं कांग्रेस को सिर्फ सात सीटें मिल सकी थी।</p>
<p>इस चुनाव में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है उनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री तथा सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा योगी सरकार के तमाम मंत्री शामिल हैं। योगी गोरखपुर सदर सीट से और अखिलेश मैनपुरी की करहल सीट से चुनाव मैदान में है। योगी को गोरखपुर सदर सीट पर सपा की सुभावती शुक्ला चुनौती दे रही हैं जबकि करहल में केन्द्रीय मंत्री एसपी ङ्क्षसह बघेल बतौर भाजपा उम्मीदवार अखिलेश के सामने चुनाव मैदान में हैं। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही देवरिया की पथरदेवा सीट, परिवहन मंत्री अनिल राजभर शिवपुर सीट से और ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर ङ्क्षसह पटेल मडि़हान सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। इनके अलावा सपा के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान रामपुर सदर सीट से और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम खान रामपुर जिले की स्वार सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। एक अन्य बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी मऊ सीट से सुभासपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 17:46:43 +0530</pubDate>
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                <title>नीट पीजी काउंसलिंग में देरी का मामला : रेजीडेंट्स डॉक्टरों का रहेगा कार्य बहिष्कार, वार्ता विफल</title>
                                    <description><![CDATA[विभागीय अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई बातचीत, मरीजों की जान पर बन गया है संकट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE---%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%A1%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2/article-2979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/outdor_hospital.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। नीट पीजी काउंसलिंग में देरी सहित अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर्स ने अब और भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रेजीडेंट्स ने अब जयपुर सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में सोमवार रात आठ बजे के बाद सभी तरह की सेवाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया है। इससे पहले रेजीडेंट्स ने इमरजेंसी सेवाओं को कार्य बहिष्कार से मुक्त रखा था।</p>
<p><br /> वहीं रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की सोमवार शाम को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवांगी स्वर्णकार, अजमेर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता हुई। वार्ता में जयपुर एसोसिएशन आॅफ रेजीडेंट डॉक्टर्स के प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमित यादव ने बताया कि वार्ता में सभी आठ मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन लिखित में समझौता नहीं होने से बात नहीं बनी। ऐसे में एसोसिएशन ने सोमवार रात आठ बजे से इमरजेंसी सहित सभी तरह की सेवाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। डॉ. यादव ने बताया कि जब तक हमारी मांगों पर लिखित में समझौता नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। <br /> <br /> <strong>अब मरीजों की और बढ़ेगी परेशानी</strong><br /> पिछले आठ दिनों से लगातार हड़ताल के कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। वहीं अब मरीजों की परेशानी और बढ़ जाएगी। इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित होने से गंभीर मरीजों को भी एसएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इलाज मिलने में परेशानी होगी। वहीं रेजीडेंट्स के कार्य बहिष्कार से एसएमएस अस्पताल की ओपीडी सेवाओं का हाल बेहाल है। मुट्ठी भर सीनियर डॉक्टर्स के भरोसे मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। आॅपरेशन लगातार टाले जा रहे हैं। अब लेबर रूम और आईसीयू में भी कार्य बहिष्कार से गंभीर मरीजों की जान पर भी संकट पैदा हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार को भी रेजीडेंट्स के साथ वार्ता कर समस्या का हल निकालना होगा नहीं तो मौसमी बीमारियों और कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच मरीजों की जान पर बनी रहेगी। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Dec 2021 12:49:41 +0530</pubDate>
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