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                <title>cooperation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जयशंकर की कूटनीतिक दौड़ शुरू: मंगोलिया-दक्षिण कोरिया दौरे पर करेंगे अहम वार्ता, जेजू फोरम में देंगे संबोधन</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सोमवार से मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वह मंगोलियाई नेतृत्व और समकक्ष बी. बटसेत्सेग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद, वह दक्षिण कोरिया में विदेश मंत्री चो ह्यून से वार्ता करेंगे और गुरुवार को प्रतिष्ठित 'जेजू फोरम' को संबोधित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-minister-jaishankar-leaves-on-four-day-visit-to-mongolia-and/article-157703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-jaishankar11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सोमवार से मंगोलिया और दक्षिण कोरिया की चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री मंगलवार तक मंगोलिया की यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री मंगोलिया के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे तथा अपने समकक्ष विदेश मंत्री बी. बटसेत्सेग के साथ चर्चा करेंगे।</p>
<p>इसके बाद वह बुधवार को दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे। दी दिन की यात्रा यात्रा के दौरान विदेश मंत्री कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ चर्चा करेंगे। वह गुरुवार को जेजू में शांति और समृद्धि के लिए जेजू फोरम में मुख्य वक्तव्य भी देंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:38:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विकसित भारत का विज़न: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी का आह्वान, राज्यों के सहयोग और महिला सशक्तिकरण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं संचालन परिषद बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने 'विकसित भारत' के विज़न के लिए राज्यों से सहयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीति आयोग केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग के मंच के तौर पर अहम भूमिका निभाते हुए राज्यों को 'विकसित भारत' के विज़न के लिए मिलकर काम करने के लिए सशक्त बना सकता है। पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां नीति आयोग की संचालन परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है लेकिन भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' के विज़न को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।" राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी विकास और निर्यात के अवसर बढेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये समझौते हमारे एमएसएमई के लिए भी एक बड़ा अवसर साथ लाते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के मुख्य स्तंभ के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेती, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं बहुत योगदान दे रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महिलाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए राज्यों को उनकी शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने की भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात: नवीन ने किया लामिछाने का गर्मजोशी से स्वागत, शासन मॉडल और जनसम्पर्क जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल की सत्तारूढ़ आरएसपी के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने भाजपा मुख्यालय में नितिन नवीन से मुलाकात की। पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए लामिछाने दोनों दलों के बीच संगठनात्मक कार्यप्रणाली और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं। वे पीएम मोदी और विदेश मंत्री से भी मुलाकात कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nepalese-delegation-met-bjp-president-naveen-warmly-welcomed-lamichhane-issues/article-155754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nepal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। यहां के दीनदयाल मार्ग पर स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर श्री नवीन ने श्री लामिछाने का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया। उनके सम्मान में वहां नृत्य और वाद्य संगीत आयोजित किया गया था। आरएसपी के नेता श्री लामीछाने के सम्मन में राजधानी में रह रहे नेपाली समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।</p>
<p>लामिछाने पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। उनके साथ नेपाली संसद के कई अन्य नेता और प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा और आरएसपी के बीच संवाद स्थापित करना, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और जन-केंद्रित राजनीतिक पहुंच पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही नेपाली प्रतिनिधिमंडल लोकतांत्रिक व्यवस्था, शासन मॉडल और जनसम्पर्क जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।</p>
<p>लामीछाने ने इस मुलाकात में भाजपा अध्यक्ष को कुछ सांस्कृतिक उपहार भेट किये। इन औपचारिकताओं के बाद दोनों पक्षों की बैठक हुई। भाजपा के पदाधिकारियों के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए परस्पर सहयोग बढ़ाने के बारे में बातचीत की। भाजपा ने उम्मीद जतायी है कि इस मुलाकात से दोनों राजनीतिक दलों के बीच सार्थक संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लामिछान के नेतृत्व में आया प्रतिनिधनमंडल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकता है। उल्लेखनीय है कि नवीन ने 26 मई को भाजपा को जानिए पहल के तहत 12 देशों के राजनयिक मिशनों के प्रमुखों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का उदेश्य विदेशी मिशनों के साथ संवाद तंत्र को मजबूत करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 16:53:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: बीएसएफ को सौंपी 142.79 एकड़ जमीन, संवेदनशील इलाकों में घुसपैठ की गतिविधियों पर लगेगी लगाम </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन सौंपी है। उत्तर और दक्षिण बंगाल के नौ जिलों में फैली इस भूमि का उपयोग नई सीमा चौकियों और बाड़बंदी निर्माण के लिए होगा। इससे बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी रोकने में मदद मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-west-bengal-government-14279-acres-of-land/article-155239"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को राज्य के कई जिलों में सीमा चौकियों और कांटेदार तार की बाड़ के निर्माण के लिए 142.79 एकड़ जमीन सौंपी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक पोस्ट के माध्यम से भूमि हस्तांतरण का विवरण साझा करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के अनुसार, बीएसएफ अवसंरचना के तेजी से निर्माण और सीमा पर परिचालन तत्परता में सुधार के लिए उत्तर और दक्षिण बंगाल के नौ जिलों में यह जमीन उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से केंद्रीय बल को बांग्लादेश से सटे संवेदनशील इलाकों में घुसपैठ, सीमा पार अपराध और तस्करी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को तेज करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री द्वारा जारी विवरण के अनुसार राज्य सरकार ने कूच बिहार में 22.925 एकड़ और उसके बाद जलपाईगुड़ी में 35.165 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंप दी है।</p>
<p>इसके अलावा दार्जिलिंग में 8.815 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 2.84 एकड़ और दक्षिण दिनाजपुर में 20.1701 एकड़ जमीन भी बीएसएफ को सौंपी गई है। दक्षिण बंगाल के जिलों में मालदा में 10.90 एकड़, मुर्शिदाबाद में 38.805 एकड़, नादिया में 0.55 एकड़ और उत्तर 24 परगना में 2.6 एकड़ जमीन बीएसएफ को हस्तांतरित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन का मुख्य रूप से उपयोग नई सीमा चौकियों के निर्माण और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में कांटेदार तार की बाड़ के विस्तार के लिए किया जाएगा।</p>
<p>मजबूत बुनियादी ढांचे से जिला प्रशासन और बीएसएफ के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है, साथ ही सीमा पर चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो पाएगी। कई वर्षों से, विभिन्न सीमावर्ती जिलों में बाड़बंदी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों के कारण देरी हो रही थी। कई स्थानों पर, स्थानीय विरोध और निवासियों की आपत्तियों ने सुरक्षा परियोजनाओं के लिए भूमि की पहचान और अधिग्रहण की प्रक्रिया को धीमा कर दिया था।</p>
<p>हालांकि, राज्य प्रशासन ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में जिला अधिकारियों को भूमि की पहचान और हस्तांतरण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। नबन्ना ने जिला प्रशासनों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सीमावर्ती बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित लंबित भूमि मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। पिछले सप्ताह, मुख्यमंत्री ने नबन्ना सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू की। इस नवीनतम हस्तांतरण को सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लंबे समय से लंबित सुरक्षा अवसंरचना परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:21:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली में क्वाड देशों की महाबैठक: 26 मई को जुटेंगे 4 देशों के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की मेजबानी में 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तोशिमित्सु मोतेगी भारत आएंगे। बैठक में मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर रणनीतिक चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-meeting-of-quad-will-be-held-on-26th-may/article-154642"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/quad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बहुप्रतीक्षित बैठक आगामी 26 मई को यहां होगी, जिसमें शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे।</p>
<p>वक्तव्य में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर पेनी वोंग, मोतेगी तथा रुबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि सभी सदस्य देश मुक्त और खुले हिन्द-प्रशांत के लिए क्वाड की परिकल्पना के अनुरूप पिछले वर्ष एक जुलाई को वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सदस्य मौजूदा क्वाड पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे, तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और अन्य पारस्परिक महत्व के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचार करेंगे। यात्रा के दौरान, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों तथा अमेरिका के विदेश मंत्री के विदेश मंत्री डॉ जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट करने की भी संभावना है। इस बीच, भारत में अमेरिका के दूतावास ने कहां है कि अमेरिका स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए एकजुटता के साथ खड़ा है। दूतावास ने कहा है कि रबियो की भारत यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।</p>
<p>दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए साथ खड़े हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देने से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने तक विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत की आगामी यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है।" उल्लेखनीय है कि क्वॉड की बैठक पिछले काफी समय से टलती आ रही थी। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इटली में मोदी का खास अंदाज: मेलोनी को गिफ्ट की 'मेलोडी' टॉफी, देखें वीडियो</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे पर पहुंचे, जहां उनका गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत हुआ। पीएम मोदी आज समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी से रणनीतिक मुद्दों पर वार्ता करेंगे। इस बीच, पीएम मोदी द्वारा मेलोनी को खास 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modis-special-style-in-italy-melody-gifted-toffee-to-meloni/article-154431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-and-melodi.png" alt=""></a><br /><p>रोम। पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। वहीं, पीएम मोदी ने मेलोनी को खास 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट की। तोहफा मिलने पर मेलोनी ने मोदी को धन्यावाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा Thank you for the gift । </p>
<p></p><video style="width:363px;height:644px;" src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi.mp4" controls=""></video>
<p>पीएम मोदी का द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,''इटली के रोम पहुँचा। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूँगा तथा उनके साथ चर्चा करूँगा। यह यात्रा भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी, इसमें विशेष रूप से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी। मैं खाद्य और कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करूँगा और बहुपक्षवाद तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करूँगा।''</p>
<p>मेलोनी ने मंगलवार रात प्रधानमंत्री के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें विपक्षीय वार्ता का उत्सुकता से इंतजार है। उन्होंने कहा,''रोम पहुँचने पर रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद प्रतिष्ठित कोलोसियम का भ्रमण किया। हमने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। आज होने वाली हमारी वार्ताओं की प्रतीक्षा है, जहाँ हम भारत-इटली मैत्री को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा आगे बढ़ाएँगे।'' इटली की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी देर शाम स्वदेश रवाना हो जाएंगे। वह 15 मई को पांच देशों की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:00:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इटली पहुंचे पीएम मोदी: मिला गार्ड ऑफ ऑनर, जॉर्जिया मेलोनी से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। पीएम मोदी आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे और रणनीतिक कार्य योजना (2025-2029) की समीक्षा पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-reached-italy-received-guard-of-honor-will-hold/article-154424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi10.png" alt=""></a><br /><p>रोम। पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई।</p>
<p>पीएम मोदी का द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,''इटली के रोम पहुँचा। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूँगा तथा उनके साथ चर्चा करूँगा। यह यात्रा भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी, इसमें विशेष रूप से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी। मैं खाद्य और कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करूँगा और बहुपक्षवाद तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करूँगा।''</p>
<p>मेलोनी ने मंगलवार रात प्रधानमंत्री के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें विपक्षीय वार्ता का उत्सुकता से इंतजार है। उन्होंने कहा,''रोम पहुँचने पर रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद प्रतिष्ठित कोलोसियम का भ्रमण किया। हमने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। आज होने वाली हमारी वार्ताओं की प्रतीक्षा है, जहाँ हम भारत-इटली मैत्री को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा आगे बढ़ाएँगे।'' इटली की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी देर शाम स्वदेश रवाना हो जाएंगे। वह 15 मई को पांच देशों की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 12:27:45 +0530</pubDate>
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                <title>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वियतनाम-कोरिया दौरा: द्विपक्षीय सहभागिता के दायरे का होगा विस्तार, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों पर चर्चा संभव </title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करना, रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना है। वह दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/defense-minister-rajnath-singhs-visit-to-vietnam-korea-will-expand-the/article-154197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करने, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करने तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना हुए। रक्षा मंत्रालय ने आज बताया कि राजनाथ सिंह 18 से 19 मई तक वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जिसके बाद वह 19 से 21 मई तक दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे। राजनाथ सिंह ने दोनों देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले सोशल मीडिया में एक पोस्ट में दोनों एशियाई देशों की यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया ताकि द्विपक्षीय सहभागिता के दायरे का और विस्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस दौरान मुख्य ध्यान रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करने, रक्षा औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करने तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर होगा, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>रक्षा मंत्री की वियतनाम यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है, जिसे पांच से सात मई तक वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित किया गया था। राजनाथ सिंह वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी के लिए 2030 तक के संयुक्त दृष्टि वक्तव्य पर रक्षा मंत्री की 2022 की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। यह दृष्टि वक्तव्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित करता है। दोनों लोकतांत्रिक देशों की क्षेत्र में शांति और समृद्धि में समान रुचि है।</p>
<p>राजनाथ सिंह की यह यात्रा 19 मई को वियतनाम के पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती के अवसर के साथ भी मेल खाती है। रक्षा मंत्री हो ची मिन्ह समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और सम्मान प्रकट करेंगे। दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मंत्रीगण दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय सहभागिता को और मजबूत करने के लिए नई पहलों पर विचार करेंगे। वे साझा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।</p>
<p>रक्षा मंत्री रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के मंत्री ली योंग-चोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। कोरियाई युद्ध में भारत का योगदान इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है, जो वैश्विक शांति और स्थिरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिभाषित होता है। भारत द्वारा इस युद्ध का समर्थन करने का निर्णय भारतीय सेना की 60 पैराशूट फील्ड एम्बुलेंस इकाई को तैनात करके युद्ध में मानवीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया था। तीन वर्षों से अधिक समय तक सेवा देते हुए इस इकाई ने दो लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया और लगभग 2,500 शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं संपन्न कीं, साथ ही अनेक नागरिकों का भी उपचार किया। भारत का दूसरा प्रमुख योगदान तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग की अध्यक्षता था, जो संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रस्ताव था और जिसे बहुमत से स्वीकार किया गया। इसके अनुसार भारत की संरक्षक सेना, भारतीय सेना की 5,230 सैनिकों वाली टुकड़ी ने युद्धोत्तर चरण में लगभग 2,000 युद्धबंदियों की शांतिपूर्ण वापसी सुनिश्चित की।</p>
<p>शहीद सैनिकों को सम्मान देने के लिए 21 मई को देशभक्त एवं पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री क्वोन ओह-यूल के साथ भारतीय युद्ध स्मारक का संयुक्त उद्घाटन प्रस्तावित है। भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' और कोरिया की 'हिंद-प्रशांत रणनीति' के बीच स्वाभाविक सामंजस्य तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा मूल्यों ने दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय खोला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 13:10:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी का स्वीडन दौरान: भारत-स्वीडन के संबंध रणनीतिक साझेदारी में बदले, मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टरसन के बीच द्विपक्षीय वार्ता में संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" स्तर पर ले जाने का निर्णय हुआ। पीएम मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार' से सम्मानित किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/during-pm-modis-visit-to-sweden-india-sweden-relations-transformed-into/article-154193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi6.png" alt=""></a><br /><p>गोथेनबर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता को बेहद सार्थक बताते हुए कहा है कि परस्पर बढते सहयोग को देखते हुए दोनों देशों ने संबंधों को रणनीति साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय किया है। मोदी ने उन्हेंं स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किये जाने को भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान करार दिया। पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन की दो दिन की यात्रा पर गये श्री मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद रविवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ," प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ अत्यंत उत्कृष्ट वार्तालाप हुए। यह भी अत्यंत प्रसन्नता की बात रही कि युवराज्ञी विक्टोरिया ने भी बैठक में भाग लिया। उन्होंने स्वीडन के महाराज और महारानी की ओर से शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। उनके प्रति मेरा आभार।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत और स्वीडन के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन के सिद्धांतों और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर आधारित हैं। सभी क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को देखते हुए, हमने अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान व्यापार, रक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी।</p>
<p>यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयन से मुलाकात पर पीएम मोदी ने कहा,"गोथेनबर्ग में आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई, अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन। भारत-यूरोप संबंधों की प्रबल संभावनाओं पर, विशेषकर भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में, मैं आपसे पूर्णतः सहमत हूं।" स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किये जाने पर उन्होंने कहा," मुझे अभी ऑर्डर ऑफ द नॉर्थ स्टार से सम्मानित किया गया है। यह केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए भी सम्मान है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्वीडन में हमारे उन सभी मित्रों को भी श्रद्धांजलि है जिन्होंने भारत और स्वीडन के संबंधों को सुदृढ़ किया और एक मजबूत आधार तैयार किया। हमारी दोनों राष्ट्रों के बीच मित्रता निरंतर प्रगाढ़ होती रहे। पीएम मोदी को एक विशेष समारोह में, स्वीडन की युवराज्ञी विक्टोरिया ने 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया, जो स्वीडन के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जिसकी स्थापना 18वीं शताब्दी में हुई थी। यह सम्मान स्वीडन द्वारा विदेशी शासनाध्यक्षों को असाधारण लोकसेवा और स्वीडन के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने में योगदान के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।</p>
<p>स्टरसन और मोदी ने नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को रेखांकित करते हुए विशेष स्मारक उपहारों का आदान-प्रदान किया। क्रिस्टरसन द्वारा दिए गए उपहार में एक बॉक्स शामिल था, जिसमें गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा हस्तलिखित दो नीति-वचनों (एपिग्राम) की प्रतिकृतियां, एक संक्षिप्त व्याख्यात्मक लेख और वर्ष 1921 में उप्साला विश्वविद्यालय की यात्रा के दौरान ली गई गुरुदेव टैगोर की एक तस्वीर थी। हाल ही में स्वीडिश राष्ट्रीय अभिलेखागार में खोजे गए ये मूल दस्तावेज, गुरुदेव टैगोर द्वारा वर्ष 1921 और 1926 में अपनी स्वीडन यात्राओं के दौरान तैयार किए गए थे।</p>
<p>मोदी ने क्रिस्टरसन को रवींद्रनाथ टैगोर की संकलित रचनाओं का एक संग्रह भेंट किया, साथ ही शांतिनिकेतन का विशेष रूप से हस्तनिर्मित एक बैग भी प्रदान किया, जिस पर वे रूपांकन (मोटिफ्स) अंकित हैं जिन्हें गुरुदेव ने स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए चुना था।प्रधानमंत्री ने गोथेनबर्ग में उद्योग के लिए यूरोपीय गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित किया। क्रिस्टरसन, वान डेर लेयेन, यूरोप के वरिष्ठ उद्योग जगत की हस्तियों तथा प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वोल्वो समूह द्वारा आयोजित इस संवाद में भाग लिया। पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक सामंजस्य को रेखांकित किया और लगातार जटिल तथा अनिश्चित होते वैश्विक परिवेश में विश्वसनीय साझेदारियों के महत्व को उजागर किया। उन्होंंने स्वीडन की कंपनियों से भारत में महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान किया। पीएम मोदी स्वीडन से यात्रा के चौथे पड़ाव में नावें जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 11:25:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी नीदरलैंड दौरा: भारत-नीदरलैंड ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जताई सहमति, कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड्स के पीएम रोब जेटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" स्तर पर ले जाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता हुई। व्यापार, रक्षा, एआई और हरित ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-netherlands-india-netherlands-agreed-to-strengthen-mutual-relations/article-154149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटेन के साथ आधिकारिक वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। साझा मूल्यों और आपसी विश्वास के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बढ़ते सामंजस्य और सहयोग को देखते हुए, नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी सामरिक साझेदारी रोडमैप अपनाने पर भी सहमति व्यक्त की। बढ़ते व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी पर ध्यान देते हुए, नेताओं ने कहा कि भारत की विकास गाथा द्वारा प्रस्तुत अवसर डच कंपनियों के लिए बेहतर व्यावसायिक संभावनाएं प्रदान करते हैं।</p>
<p>दोनों नेताओं ने निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। जल, कृषि और स्वास्थ्य] में सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने बड़े पैमाने की जल परियोजनाओं पर सहयोग के माध्यम से 'जल पर रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक सुदृढ़ करने पर करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान, डिजिटल स्वास्थ्य, कृषि और खाद्य सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया।</p>
<p>पीएम मोदी और जेटेन ने बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (भारत-ईयू एफटीए) की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस पर जल्द हस्ताक्षर करने और इसे लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगा।</p>
<p>दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने दोनों देशों के युवाओं की भागीदारी वाले शामिल हैकाथॉन आयोजित करने को भी प्रोत्साहित किया। नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताते हुए, उन्होंने एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए हरित हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, हरित शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। दोनों प्रधानमंत्रियों ने 'मोबिलिटी पार्टनरशिप' (प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी) और उच्च शिक्षा में सहयोग को मजबूत करने के लिए की गई नयी पहलों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस संबंध में, उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुए समझौते पर विशेष रूप से उल्लेख किया।</p>
<p>दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 11वीं शताब्दी की चोल कालीन ताम्रपत्रों की वापसी में सहायता करने के लिए डच सरकार का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में, दोनों नेताओं ने लीडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) के बीच सहयोग का भी स्वागत किया, जो इन ऐतिहासिक कलाकृतियों के ज्ञान को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। आधिकारिक वार्ता के बाद, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, व्यापार, मोबिलिटी, जल, कृषि और स्वास्थ्य,शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में 14 समझौता ज्ञापनों(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जेटेन को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। भारत और नीदरलैंड्स के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग पर आधारित मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:09:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चीनी विदेश मंत्रालय का दावा: मतभेदों को दूर कर अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने को तैयार, वैश्विक शांति और विकास के मुद्दों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजing यात्रा से पहले चीन ने समानता और आपसी सम्मान के आधार पर सहयोग का हाथ बढ़ाया है। दोनों नेता दुर्लभ खनिज (Rare Earth) निर्यात और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा करेंगे। हालांकि, चीन ने ताइवान हथियार बिक्री और जिमी लाई मामले को अपना आंतरिक मुद्दा बताते हुए कड़ा रुख बरकरार रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-foreign-ministry-claims-ready-to-overcome-differences-and-increase/article-153708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china3.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजकीय यात्रा से पहले बुधवार को कहा कि वह समानता, आपसी सम्मान और साझा लाभ के आधार पर अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को दूर करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि चीन 'परिवर्तनशील और अस्थिर दुनिया' में अधिक स्थिरता और निश्चितता लाने के लिए अमेरिका के साथ काम करने का इच्छुक है। गुओ ने कहा, "चीन समानता, सम्मान और आपसी लाभ की भावना के साथ सहयोग का विस्तार करने और मतभेदों को प्रबंधित करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।" प्रवक्ता ने कहा कि चीन ट्रंप की यात्रा का स्वागत करता है, जिसके दौरान दोनों देशों के नेता चीन-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ वैश्विक शांति और विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर 'गहन विचारों का आदान-प्रदान' करेंगे।</p>
<p>नेताओं के बीच आगामी बैठक के दौरान चीन और अमेरिका द्वारा दुर्लभ मृदा पदार्थ (रेयर अर्थ मैटेरियल) के चीनी निर्यात पर प्रतिबंधों को कम करने वाले एक अस्थायी समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने की उम्मीद है। हालांकि, इस संभावित विस्तार के बावजूद, चीन अभी भी कुछ प्रमुख सामग्रियों के निर्यात को सीमित कर रहा है जो रक्षा और उच्च-तकनीकी विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। गुओ ने ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का कड़ा विरोध करते हुए दोहराया कि इस मुद्दे पर चीन का रुख 'स्थिर और स्पष्ट' बना हुआ है।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रंप द्वारा बातचीत के दौरान मुद्दा उठाए जाने पर चीन हांगकांग के मीडिया उद्यमी जिमी लाई की रिहाई पर विचार करेगा, गुओ ने इस सुझाव को खारिज कर दिया और मामले को चीन का आंतरिक मामला बताया। गुओ ने कहा, "लाई ची-यिंग हांगकांग को हिला देने वाले दंगों के पीछे मुख्य साजिशकर्ता और अपराधी हैं।" उन्होंने कहा कि चीनी सरकार कानून के अनुसार मामले को संभालने में हांगकांग के न्यायिक अधिकारियों का दृढ़ता से समर्थन करती है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप की चीन यात्रा बुधवार से शुरू होकर 15 मई तक जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:23:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सहकारिता विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[सहकारिता सचिव डॉ. समित शर्मा ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का औचक निरीक्षण कर जनसुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। शर्मा ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी जवाब के बजाय व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि सहकारिता तंत्र पर आमजन का भरोसा मजबूत हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-secretary-of-cooperative-department-inspected-rajasthan-sampark-helpline/article-153462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का निरीक्षण कर विभाग से संबंधित प्रकरणों एवं शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने हेल्पलाइन के माध्यम से परिवादियों से संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं और तत्काल निस्तारण करवाया। शासन सचिव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध एवं तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध करवाया जाए। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिक जवाब देने की बजाय समस्याओं का व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन का सहकारिता तंत्र पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिकायत समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:45:51 +0530</pubDate>
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