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                <title>चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक नया महत्वपूर्ण बदलाव, जापान ने विकसित किया कृत्रिम बैंगनी रक्त</title>
                                    <description><![CDATA[जापान ने सार्वभौमिक कृत्रिम रक्त विकसित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-developed-a-new-significant-change-in-the-world-of/article-120834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/ggh.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान ने सार्वभौमिक कृत्रिम रक्त विकसित किया है, जो सभी रक्त प्रकारों के लिए असरदायक है, जो कि विषाणु-मुक्त है, तथा लंबे समय तक टिकता है; यह चिकित्सा विज्ञान में एक महत्वपूर्ण बदलाव की मिसाल है।</p>
<p>हमेशा से दुनिया भर में रक्त की कमी के कारण अनगिनत मौतें होती आई हैं, लेकिन जापान द्वारा कृत्रिम रक्त विकसित करने में मिली सफलता एक संभावित क्रांतिकारी समाधान प्रस्तुत करती है।</p>
<p>हीमोग्लोबिन वेसिकल्स (HbVs) नामक यह कृत्रिम रक्त है जो कि बैंगनी रंग का होता है और इसमें अद्भुत गुण होते हैं। अपनी हीमोग्लोबिन-आधारित संरचना के कारण, यह पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाकर असली रक्त की तरह काम करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 16:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मौसम की मार से बड़े अस्पतालों के ब्लड बैंकों में चल रही रक्त की कमी </title>
                                    <description><![CDATA[एमबीएस अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में 564 यूनिट और मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में 340 यूनिट रक्त संग्रतिह है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-a-shortage-of-blood-in-the-blood-banks-of-big-hospitals-due-to-weather/article-90144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मानसून सीजन के चलते कोटा शहर के दोनों बड़े अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी चल रही है। इस सीजन में डेंगू, मलेरिया, स्क्रबटायफस और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने से अस्पतालों में रक्त की खपत भी बढ़ गई है। दोनों ही अस्पतालों में हर रोजाना 200 से 250 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एमबीएस अस्पताल स्थिति दोनों ब्लड बैंकों की क्षमता करीब 2500 हजार यूनिट है जिसमें से ब्लड बैंकों के पास अभी करीब 900 यूनिट ब्लड मौजूद है। एमबीएस अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में 564 यूनिट और मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में 340 यूनिट रक्त संग्रतिह है।</p>
<p><strong> बारिश के कारण हो रही रक्त की कमी</strong><br />संभा के दोनों सबसे बड़े अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। वर्तमान में मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर रोज 300 से 400 मरीज आ रहे हैं। साथ ही दोनों अस्पतालों की ओपीडी हर दिन 4 हजार से ज्यादा हो रही है। ऐसे में मरीजों की संख्या ज्यादा होने से भर्ती भी ज्यादा संख्या में करना पड़ रहा है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में ज्यादा संख्या डेंगू और स्क्रबटायफस के मरीजों की आ रही है। गौरतलब है कि डेंगू के दौरान मरीज को रक्त और एसडीपी की आवश्यकता अधिक होती है। ऐसे में रक्त की खपत बढ़ गई है, वहीं बारिश के मौसम के चलते बड़े रक्तदान शिविर नहीं लग पा रहे हैं। जिससे ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया भी धीमी हो गई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से शिविर लगाकर रक्त की कमी को पूरा किया जा रहा है।</p>
<p><strong>थैलिसीमिया में रोज 20 से 30 यूनिट आवश्यकता </strong><br />अस्पतालों में रक्त की सबसे ज्यादा खपत प्रसव, आॅपरेशन, एक्सीडेंट केस और थैलिसीमिया के मरीजों के लिए होती है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एमबीएस अस्पताल दोनों के आपातकालीन में हर दिन करीब 30 से 40 छोटी बड़ी सर्जरी होती हैं। ऐसे में यहां भी एक आॅपरेशन के लिए कम से कम एक यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। वहीं दोनों अस्पतालों में करीब 30 से 40 यूनिट रक्त थैलिसीमिया के मरीजों के लिए आवश्यक होता है। </p>
<p><strong>नेगेटिव ब्लड डोनर मिलने पर ही उपलब्ध</strong><br />अस्पतालों ब्लड बैंकों में पॉजिटिव ग्रुप के ब्लड फिर भी आसानी से मिल जा रहे हैं। लेकिन नेगेटिव ब्लड के लिए लोगों को इधर उधर भटकना पड़ रहा है। दरअसल ब्लड बैंक में पॉजिटिव ब्लड का डोनेशन पर्याप्त मात्र में मिल जाता है लेकिन नेगेटिव ब्लड ग्रुप के डोनर उपलब्ध नहीं होने के कारण रिप्लेसमेंट में ही ब्लड दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ओ नेगेटिव की 2-3 यूनिट और एबी नेगेटिव की 2 यूनिट हैं वहीं एमबीएस ब्लड बैंक में ओ नेगेटिव की 3-4 यूनिट और एबी नेगेटिव की भी इतनी ही यूनिट बची हुई हैं। </p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br /> मुझे ब्लड कैंसर है ऐसे में शनिवार को ओ नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी। जिसके लिए मैं मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया तो वहां रिप्लेसमेंट में ही ब्लड मिल रहा था। डोनर नहीं मिलने से एमबीएस स्थित ब्लड बैंक आए तो यहां भी वही स्थिति थी। जिसके बाद जैसे तैसे डोनर मिलने के बाद शाम को 8 बजे करीब डोनेशन होने के बाद ब्लड मिल पाया।<br /><strong>- हीरालाल जांगिड़, खटकड़, बूंदी</strong></p>
<p>हमारे एक रिश्तदार अस्थि रोग विभाग में भर्ती थे। उनकी सर्जरी के लिए 2 यूनिट रक्त की आवश्यकता थी। ऐसे में रक्त के लिए इधर उधर भटकते रहे। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से डोनर मिलने पर रक्तदान हुआ और ब्लड मिला।<br /><strong>- परवानी बानो, विज्ञान नगर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ब्लड बैंक में स्थिति कंट्रोल में नेगेटिव ब्लड के लिए डोनर नहीं होने से जरूर समस्या आ जाती है। एसडीपी भी मरीजों को तुरंत उपलब्ध करा दी जाती है और आरडीपी की भी ब्लड बैंक में 76 यूनिट मौजूद हैं। संग्रहण बढ़ाने के लिए लगातार शिविर लगाने का कार्य कर रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong></p>
<p>मौसम के चलते ब्लड बैंक में रक्त की थोड़ी कमी चल रही है, हालांकि अभी स्थिति को काबू में हैं। रक्त का संग्रहण बढ़ाने के लिए लगातार लोगों को प्रोत्सहित कर रहे हैं और शिविर लगा रहे हैं। साथ ही नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले रक्तदाताओं को लगातार संपर्क में रखा जा रहा है।<br /><strong>- डॉ. अशुतोष शर्मा, अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 16:47:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विश्व रक्तदाता दिवस: स्वैच्छिक रक्तदान से पूरी हो सकती है रक्त की कमी रक्तदान में पिछड़े सरकारी ब्लड बैंक, प्राइवेट आगे</title>
                                    <description><![CDATA[ कोई भी रक्तदाता हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। बशर्ते कि उसका वजन 45 किलो से ज्यादा हो और हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-blood-donor-day-blood-shortage-can-be-fulfilled-by/article-81502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी जरूरत के मुताबिक रक्तदान का अभाव है। इसकी बड़ी वजह है स्वैच्छिक रक्तदान की कमी। ऐसे में आज भी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है। वर्ष 2022-23 के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में रक्तदान शिविरों केमाध्यम से होने वाले कुल स्वैच्छिक रक्तदान का करीब 80 प्रतिशत निजी क्षेत्र में है, जबकि सरकारी क्षेत्र में मात्र 20 प्रतिशत है। यानी सरकारी क्षेत्र में रक्त की जरूरत वाले लोगों को निजी क्षेत्र पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां उन्हें ज्यादा पैसा देना पड़ता है। </p>
<p><strong>सरकारी क्षेत्र में रक्तदान की कमी का बड़ा कारण</strong><br />सरकारी क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान की कमी का बड़ा कारण सरकारों की ओर से नेशनल ब्लड पॉलिसी के नियमों के विपरीत जाकर स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस देना है। नेशनल ब्लड पॉलिसी 2018 में उल्लेख है कि कोई भी सरकार अब नए स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को लाइसेंस नहीं देंगी। इसका उद्देश्य यही था कि सरकारी क्षेत्र के ब्लड बैंकों को नियमित रक्तदाता रक्तदान करता रहे।  </p>
<p><strong>ब्लड बैंकों का लेखा जोखा</strong><br />वर्तमान में राजस्थान में लगभग 214 ब्लड बैंक हैं। यहां करीब 63 सरकारी एवं 151 प्राइवेट ब्लड बैंक हैं। जयपुर में 51 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 8 सरकारी एवं 43 गैर सरकारी क्षेत्र में हैं। राजस्थान में वर्ष 2022-23 में छह लाख 65 हजार 315 यूनिट रक्तदान हुआ है। जयपुर में अकेले एक लाख 62 हजार 70 यूनिट रक्तदान हुआ है। </p>
<p><strong>रक्तदान कब और कौन कर सकता है</strong><br />कोई भी रक्तदाता हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। बशर्ते कि उसका वजन 45 किलो से ज्यादा हो और हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो।  </p>
<p><strong>कौन नहीं कर सकते रक्तदान</strong></p>
<ul>
<li>खसरा, चिकन पॉक्स, शिंगल्स जैसी बीमारियों के लिए टीका लेने वाले व्यक्ति कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।  </li>
<li>जिनका वजन 45 किलो से कम और शरीर में कम खून या कम हीमोग्लोबिन वाले लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए।</li>
<li>अल्कोहल लेने के बाद।</li>
<li>ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों एवं ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।</li>
<li>18 साल से छोटे और 65 साल से अधिक उम्र के लोग और डायबिटीज, बीपी, थायरॉइड के मरीज।</li>
</ul>
<p><strong>ब्लड डोनेट करने के फायदे</strong></p>
<ul>
<li>ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।</li>
<li>दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।</li>
<li>ब्लड डोनेशन के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है, जिससे शरीर चुस्त-दुरूस्त बना रहता है। </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 11:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बी पॉजीटिव ग्रुप की महिला मरीज को चढ़ा दिया ए पॉजीटिव ब्लड</title>
                                    <description><![CDATA[आपरेशन के बाद पता चला कि सीता देवी को बी पॉजीटिव के बजाय ए पॉजीटिव ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया जिसके बाद आपरेशन थिएटर में हड़कंप मच गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/a-positive-blood-was-given-to-a-female-patient-of/article-48872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(29)2.png" alt=""></a><br /><p>मदनगंज-किशनगढ़। राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में एक महिला मरीज के आपरेशन के दौरान उसे अन्य ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया। मरीज की 5 दिन से हालत गंभीर है जिसे आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन मामले पर पर्दा डालने में जुटा है।</p>
<p>छोटा लांबा निवासी विश्राम लाल ने नवज्योति को बताया कि राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में उसकी पत्नी सीता देवी का बच्चेदानी का आपरेशन कराया। आपरेशन से पूर्व चिकित्सकों ने बी पॉजीटिव ब्लड लाने के लिए कहा। उसने ब्लड बैंक से लाकर डॉक्टर को सौंप दिया। आपरेशन के बाद पता चला कि सीता देवी को बी पॉजीटिव के बजाय ए पॉजीटिव ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया जिसके बाद आपरेशन थिएटर में हड़कंप मच गया। </p>
<p><strong>इतने दिन आईसीयू में रखने पर हुई चिंता</strong>: महिला के पति ने बताया कि उसे पुख्ता जानकारी मिली है और उसके पास सबूत भी है कि उसकी पत्नी को गलत ब्लड चढ़ाया गया है। इतने दिन तक आईसीयू में रखने पर उसका शक और गहरा गया है। डॉक्टर कोई पुख्ता जवाब नहीं दे रहे हैं। </p>
<p>दो सीतादेवी के चलते हुई गड़बड़: विश्राम ने बताया कि उसकी पत्नी के अलावा एक ओर सीता नामक महिला अस्पताल में भर्ती थी। जब छुट्टी देने का समय आया और कार्ड सामने आया तब गलत रक्त चढ़ाए जाने का खुलासा हुआ। </p>
<p>दो सीता नाम की मरीज थी। उसे लेकर स्टाफ को समझा रहे थे कि कहीं गलत ग्रुप नहीं चढ़ जाए। बाकी ऐसा कुछ नहीं हुआ है। ऐसा होता तो मरीज की मृत्यु हो सकती थी। <br /><strong>डॉ. राजकुमार जैन, पीीएमओ</strong></p>
<p><strong>गलत ब्लड चढ़ाने के नुकसान</strong><br />चिकित्सकों के अनुसार किसी व्यक्ति को जब दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ाया जाता है तो व्यक्ति गम्भीर रूप से बीमार हो सकता है। किडनियां फेल हो सकती हैं और कुछ समय बाद पूरी तरह से काम करना बंद कर सकती हैं। पेशाब में रक्त, फ्लू जैसी समस्याएं, शॉक लगना और मृत्यु होने जैसे गम्भीर परिणाम दिखायी पड़ सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2023 11:16:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> चार दिन के नवजात की ब्लड एक्सचेंज कर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार उप जिला अस्पताल पर इस प्रक्रिया से 4 दिन के शिशु का उपचार  किया गया है। शिशु अब स्वस्थ्य है, उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/blood-exchange-of-a-four-day-old-newborn-saved-his-life/article-47054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/p-4.png" alt=""></a><br /><p>बानसूर। अलवर जिले के बानसूर कस्बा स्थित उप जिला अस्पताल में पहली बार एक 4 दिन के नवजात का डॉक्टरों की टीम ने ब्लड एक्सचेंज कर नया जीवनदान दिया है। शिशु को पीलिया बढ जानें से डॉक्टरों की टीम ने खून बदलकर शिशु को नया जीवनदान दिया। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डा. अनिल कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया पहले मेडिकल कॉलेज में होती थीं। पहली बार उप जिला अस्पताल पर इस प्रक्रिया से 4 दिन के शिशु का उपचार  किया गया है। शिशु अब स्वस्थ्य है, उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शिशु को पीलिया ज्यादा मात्रा में होने पर उसे फोटोथैरपी में रखा गया, लेकिन शिशु का बिल्कबीन लेवल काफी बढ़ गया था। शिशु के माता का बल्ड ग्रुप 0 नेगेटिव और बच्चे का ए पॉजिटिव  था। अत: लगातार हिमोलाइसिस होने के से बच्चे का बिल्कबीन कम नहीं हुआ, बच्चे का खून बदलना पड़ा। इस प्रक्रिया को एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन कहते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 11:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लैब में तैयार खून : दुर्लभ रक्त वाले लोगों के लिए साबित हो सकता है वरदान</title>
                                    <description><![CDATA[वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह परीक्षण सफल होता है तो जिन रोगियों को नियमित रक्त की आवश्यकता होती है, उन्हें कम रक्त की आवश्यकता होगी। अब तक दो लोगों को लैब में तैयार की गया खून चढ़ाया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/lab-generated-blood-can-be-a-boon-for-some-people-with/article-28974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/lab-2.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन में पहली बार लैब में तैयार किया गया खून लोगों को चढ़ाया गया। यह खून क्लिनिकल ट्रायल के तौर पर चढ़ाया गया। वैज्ञानिको का कहना है, कि अगर यह प्रयोग सुरक्षित और प्रभावी रहता है, तो तमाम तरह की रक्त से जुड़ी समस्याओं का सामाधान हो सकता है। वैज्ञानिको ने लैब में इस खून को बनाने के लिए ब्लड डोनर्स की मूल कोशिकाएं(स्टेम सेल्स) को इस्तेमाल में लिया। </p>
<p>सिकल सेल जैसे विकार और दुर्लभ रक्त प्रकार वाले कुछ लोगों के लिए खून मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में लैब में तैयार किया गया खून उनके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। कैंब्रिज विश्वविद्यालय और एनएचएस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट के प्रोफेसर व मुख्य अन्वेषक सेड्रिक घेवार्ट का कहना है, कि हमें आशा है कि लैब में तैयार की गई रक्त कोशिकाएं ब्लड डोनर्स से आने वाली कोशिकाओं की तुलना में अधिक समय तक रहेंगी। </p>
<p>वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह परीक्षण सफल होता है, तो जिन रोगियों को नियमित रक्त की आवश्यकता होती है, उन्हें कम रक्त की आवश्यकता होगी। अब तक दो लोगों को लैब में तैयार की गया खून चढ़ाया गया है। इसकी निगरानी की जा रही है, और बल्ड डोनर्स की रक्त कोशिकाओं के साथ लैब में तैयार रक्त कोशिकाओं का तुलनात्मक अध्ययन जारी है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Nov 2022 15:55:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्लभ ग्रुप का रक्तदान करके महिला की जान बचाने वाला कांस्टेबल सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[ चूरू। अपनी ड्यूटी के दौरान अनजान महिला के लिए दुर्लभ गु्रप का रक्तदान करने वाले चूरू तहसील के गांव ढाढरिया चारणान निवासी पुलिस के जवान किशनलाल को सिरोही एसपी ने सम्मानित कर हौसला अफजाई की है। किशनलाल के सम्मानित होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बधाईयां दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/constable-honored-for-saving-woman-s-life-by-donating-blood-of-rare-group/article-12424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qqqq1.jpg" alt=""></a><br /><p> चूरू। अपनी ड्यूटी के दौरान अनजान महिला के लिए दुर्लभ गु्रप का रक्तदान करने वाले चूरू तहसील के गांव ढाढरिया चारणान निवासी पुलिस के जवान किशनलाल को सिरोही एसपी ने सम्मानित कर हौसला अफजाई की है। किशनलाल के सम्मानित होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बधाईयां दी है। वहीं सिपाही किशनलाल ने बताया कि जिला अस्पताल सिरोही के पास ड्यूटी के दौरान एक अपरिचित व्यक्ति ने अपने परिवार की एक महिला को आॅपरेशन के बाद ब्लड गु्रप 0 नेगेटिव के खून की आवश्यकता बताते हुए ब्लड के लिए अपील की जिस पर महिला की जान को बचाने के लिए ड्यूटी के दौरान ही किशनलाल ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट किया। बाद में महिला का इलाज होने पर जिला अस्पताल सिरोही से छुट्टी भी मिल गई। इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव को जानकारी मिली तो उन्होंने सिपाही किशनलाल को अपने कार्यालय में बुलाकर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और कहां कि पूरे पुलिस परिवार को आप पर गर्व है की आपने अपनी ड्यूटी के दौरान खाखी के कर्तव्य को निभाते हुए एक अनजान महिला की जान बचाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में 76 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान, इससे अधिक की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-76-percent-blood-donation-in-state/article-12074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/blood-donar-day-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी। वर्तमान में राजस्थान में 198 ब्लड बैंक हैं, जिनमें सात केंद्र सरकार द्वारा संचालित हैं। यहां करीब 52 सरकारी एवं 135 गैर सरकारी ब्लड बैंक हैं। जयपुर में लगभग 52 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 12 सरकारी और 40 गैर सरकारी हैं। राजस्थान में स्वैच्छिक रक्तदान 76 प्रतिशत है। इस तरह से प्रदेश और देश में 24 वें स्थान पर है। राजस्थान में प्रतिवर्ष लगभग दस लाख यूनिट रक्तदान होता है। जयपुर में करीब तीन लाख यूनिट रक्तदान प्रतिवर्ष होता है। जयपुर के स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक में करीब 50 हजार यूनिट रक्तदान होता है। राजस्थान में प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा ब्लड डोनेशन कैम्प होते हैं। इनमें जयपुर में 1600 और करीब 600 कैम्प स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक कराता है, जो जयपुर का लगभग 38 प्रतिशत है।</p>
<p><strong>रक्तदान कब, कैसे और कौन कर सकता है</strong><br />एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। वह 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो और वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा हो। हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं हो।</p>
<p><strong>इन हालातों में नहीं कर सकते ब्लड डोनेट</strong><br />- खसरा, चिकनपॉक्स, शिंगल्स बीमारियों के टीके लेने वाले व्यक्ति को कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।<br />- अल्कोहल लेने के बाद।<br />- ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों, ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।</p>
<p><strong>ब्लड ग्रुप और विशेषता</strong><br />- ओ ब्लड ग्रुप वाले को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है, क्योंकि इस ब्लड गु्रप वाले लोग हर ब्लड गु्रप के पॉजिटिव आरएच वाले व्यक्ति को अपना खून दे सकते हैं। ओ पॉजिटिव वाले लोग केवल ओ नेगेटिव व्यक्ति से ही ब्लड रिसीव कर सकते हैं। <br />- ए नेगेटिव ब्लड ग्रुप के लोग यूनिवर्सल रेसिपिएंट्स होते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी दूसरे गु्रप का ब्लड दिया जा सकता है। हालांकि ये केवल एबी पॉजिटिव ग्रुप को ही रक्तदान कर सकते हैं।<br />- बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप का व्यक्ति बी पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव को अपना खून दे सकता है।<br />- बी नेगेटिव ब्लड गु्रप के लोग का खून बी नेगेटिव, बी पॉजिटिव, एबी नेगेटिव और एबी पॉजिटिव को दिया जाता है। <br />- एबी पॉजिटिव ब्लड सामान ग्रुप के ही व्यक्ति को दिया जा सकता है। <br />- ग्रुप के व्यक्ति का रक्त एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को दिया जा सकता है।</p>
<p>आवश्यकता के अनुपात में अभी भी रक्त की बहुत कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत सौ फीसदी हो ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को आसानी से रक्त मिल सके। <br /><strong>- डॉ. एसएस अग्रवाल, चेयरमैन, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक गु्रप </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-76-percent-blood-donation-in-state/article-12074</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 10:37:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी बढ़ी तो ब्लड बैंक में आई ब्लड की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वैच्छिक रक्तदान में प्रदेश में अव्वल रहने वाले कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड की कमी हो रही है। ब्लड बैंक में अपनी क्षमता का 10 फीसदी भी ब्लड नहीं है। एमबीएस ब्लड बैंक में रोजाना 70 से 80 यूनिट रक्त दिया जा रहा है। इस तरह  औसत 2 से ढाई हजार यूनिट की खपत हर महीने हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/when-the-heat-increased--there-was-a-shortage-of-blood-in-the-blood-bank/article-9468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/blood-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  स्वैच्छिक रक्तदान में प्रदेश में अव्वल रहने वाले कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में इन दिनों ब्लड की कमी हो रही है। ब्लड बैंक में अपनी क्षमता का 10 फीसदी भी ब्लड नहीं है। कोटा में जहां सबसे अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन होता रहा है। शहर में रक्त की कमी नहीं रही है। लेकिन इन दिनों गर्मी बढ़ने के साथ ही रक्तदान करने वालों में भी कमी आई है। जिससे निजी अस्पतालों की तुलना में एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त क्षमता की तुलना में काफी कम है। संभाग का सबसे बड़ा ब्लड बैंक होने से इसकी क्षमता करीब 5 हजार यूनिट रक्त संग्रहण करने की है। लेकिन ब्ल बैंक में एक बार में करीब दो हजार यूनिट तक ही रक्त संग्रह किया जाता है। वह भी 40 दिन तक ही रखा जा सकता है। उसके बाद वह रक्त काम में नहीं लिया जाता। हालत यह है कि वर्तमान में ब्लड बैंक में मात्र 500 से 600 यूनिट ही रक्त है। <br /><br /><strong>रोजाना 70 से 80 यूनिट की खपत</strong><br />एमबीएस ब्लड बैंक में  सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी रक्त दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस ब्लड बैंक से रोजाना 70 से 80 यूनिट रक्त रोजाना दिया जा रहा है। इस तरह से औसत 2 से ढाई हजार यूनिट की खपत हर महीने हो रहेी है। ब्लड बैंक कर्मचारियों के अनुसार ब्लड के बदले ब्लड देने से कमी नहीं आती है। जितनी खपत हो रही है उतना ब्लड तो आ भी रहा है। लेकिन स्टोरेज के लिए ब्लड उतना नहीं है जितना होना चाहिए। <br /><br /><strong>रावतभाटा में कैम्प कर लाए 250 यूनिट</strong><br />ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर करने के लिए हाल ही में रावतभाटा जिले के एक गांव में शिविर लगाया गया था। वहां से करीब 250 यूनिट रक्त संग्रह कर लाए हैं। <br /><br /><strong>निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों से शुल्क</strong><br />ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को ब्लड की जरूरत होने पर ब्लड बैंक से ब्लड देने का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। सिर्फ ब्लड के बदले बलड लेते हैं। जबकि निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों से 1250 रुपए शुल्क लिया जाता है। वहीं कम्पोनेंट के 400 रुपए लेते हैं। <br /><br /><strong>कर्मचारियों की कमी</strong><br />जानकारों ने बताया कि ब्लड बैंक में कर्मचारियों की काफी कमी है। जितना स्टाफ होना चाहिए उससे आधे भी कर्मचारी नहीं है।  ब्लड बैंक 24 घंटे चालू रहता है। ऐसे में एक-एक कर्मचारी को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। यदि कहीं कैम्प में जाना पड़ जाए तो स्टाफ वहां जाने पर पीछे से ब्लड बैंक में कर्मचारी कम होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><br /><strong>गर्मी में पानी भी गर्म</strong><br />ब्लड बैंक के बाहर की तरफ एक निजी संस्था द्वारा जल मंदिर बनवाया हुआ है। लेकिन हालत यह है कि उस जल मंदिर में आरओ व फिल्टर का पानीे नहीं आकर सीेधे टंकी का गर्म पानी आ रहा है। जिससे वहां आने वाले लोगों को पीने का गर्म पानी मिल रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि लोगों की सुविधा को देखते हुए टीनशेड  में तीन मटके रखवाए थे। जिनमें से दो किसी ने फोड़ दिए। एक ही मटका बचा है। लोग अधिक आने से पानी बार-बार भरना पड़ता है। जिससे वह भी ठंडा नहीं हो पाता। <br /><br /><strong>मई जून में कम मिलता है रक्त</strong> <br />गर्मी में स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले कम आते हैं। जिससे हर साल मई जून में रक्त अपेक्षाकृत कम मिलता है। ब्लड बैंक की क्षमता 5 हजार यूनिट की है। लेकिन एक बार में 2 हजार से अधिक रक्त संग्रह नहीं करते। 40 दिन के बाद ब्लड काम  में नहीं आता। ऐसे में प्रयास रहता है कि समय पर रक्त का उपयोग किया जा सके। वर्तमान में करीब 500 से 600 यूनिट रक्त है। लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं। <br /><strong>-डॉ. एच.एल. मीणा, प्रभारी, एमबीएस ब्लड बैंक </strong><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 14:44:09 +0530</pubDate>
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                <title>महंगाई के खिलाफ युवा कांग्रेस का हल्ला बोल, जयपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ की जमकर नारेबाजी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--youth-congress-s-attack-against-inflation--protest-at-jaipur-collectorate--demand-to-reduce-inflation-from-the-central-government-by-signing-with-blood/article-7003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cong.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस के अग्रिम संगठन युवा कांग्रेस ने  केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बढ़ती महंगाई के विरोध में आज डोपप्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से आज जयपुर कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर विरोध किया गया युवा कांग्रेस कार्यकर्ता तकरीबन 1 घंटे तक केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेट्रोल डीजल की कीमत कम करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने खून से हस्ताक्षर करके महंगाई कम करने की मांग केंद्र सरकार से की है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से लिखे एक लाख पत्र भेज कर महंगाई कम करने की मांग लगातार की जाएगी। प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव दुष्यंत चूडावत ने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर 4 राज्यों के मतदाताओं को ठगते हुए चार राज्यों में जीत दर्ज कर ली और उसके बाद फिर से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ा दिए। 4 राज्यों के मतदाता अब पश्चाताप कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि  केंद्र सरकार को जल्द से जल्द पेट्रोल डीजल रसोई गैस की कीमतें कम करके जनता को राहत देनी चाहिए।अगर केंद्र सरकार ने पेट्रोल- डीजल की कीमतें कम नहीं की तो युवा कांग्रेस कार्यकर्ता आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 14:49:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अलवर में एक और निर्भया  ये काम इंसानों का नहीं हैवानों का है, दरिंदगी की हदें पार, 15 साल की मूक-बधिर बालिका से गैंगरेप कर फेंका, सड़क पर खून से लथपथ कराहती रही</title>
                                    <description><![CDATA[महिला कांग्रेस - भाजपा ने भी बनाई जांच समिति ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88--%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0--15-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE--%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%A5%E0%A4%AA%E0%A4%A5-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80/article-3967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/gangrape.jpg" alt=""></a><br /><p> अलवर। शहर में तिजारा फाटक पुलिया पर मंगलवार रात लहूलुहान हालत में मिली एक मूक-बधिर बालिका के साथ हुई दरिंदगी ने एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड की तरह झकझोर कर रख दिया। अज्ञात दरिंदों ने मंगलवार की रात करीब 8 बजे बालिका के साथ हैवानियत के बाद उसे शहर की तिजारा फाटक पुलिया पर पटक दिया था। बालिका खून से लथपथ अर्द्ध बेहोशी की हालत में काफी देर सड़क पर पड़ी कराहती रही। </p>
<p><br />पुलिस ने बालिका को सरकारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। पहचान के बाद बालिका के माता-पिता सामान्य अस्पताल पहुंचे। खून अधिक बह जाने के कारण चिकित्सकों ने बालिका को दो यूनिट ब्लड चढ़ाया। इसके बाद बालिका की गंभीर अवस्था को देखते हुए एक यूनिट एक्स्ट्रा ब्लड के साथ रात को ही जयपुर के लिए रैफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार दरिंदों द्वारा पीड़िता से रेप के बाद किसी नुकीली चीज से उसके प्राइवेट पार्ट पर बेरहमी से चोट पहुंचाई गई थी। इस कारण लगातार खून बह रहा था। अब बालिका का जयपुर के जेके लोन अस्पताल के आईसीयू सर्जिकल वार्ड में इलाज चल रहा है। पुलिस अब दरिंदों की तलाश में सरगर्मी से जुटी हुई है। <br /><br /><strong>दोपहर से गायब थी बच्ची</strong><br />घटना के बाद पीड़िता की पहचान नहीं हुई थी। देर रात पीड़िता की पहचान हो पाई। जब परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर रात को ही प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। बच्ची दोपहर से घर से गायब थी। शाम तक घर नही पहुंचने पर परिजनों ने आसपास बच्ची को तलाश किया। लेकिन बच्ची नहीं मिली। जिसके बाद कंट्रोल रूम की सूचना से परिजनों को जानकारी मिल पाई।<br /><br /><strong>न चीख पाई और न ही कुछ बता पा रही</strong><br />जब बालिका से दरिंदगी हुई तो वह चीख भी नहीं पाई क्योंकि वह बोल नहीं पाती। अब भी कुछ कह नहीं पा रही है ना इशारे से कुछ समझा पा रही है।<br /><br /><strong>जयपुर से आईजी श्रोत्रीय पहुंचे, एसआईटी गठित </strong><br />मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के आईजी संजय श्रोत्रीय अलवर पहुंचे। इसके अलावा जयपुर से स्पेशल  एफएसएल टीम भी अलवर पहुंची है। इधर अलवर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम( एसआईटी) गठित की है। जयपुर रेंज के आईजी संजय श्रोत्रीय ने बताया कि मामला गंभीर है और गंभीरता को देखते हुए इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।  सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस : इसके अलावा शहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है। यह भी जांच का विषय है कि बालिका अपने गांव से यहां तक कैसे पहुंची। सभी कड़ियों को जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश है कि इस मामले में ऐसा संज्ञान लिया जाए कि अपराधियों में टेरर पैदा हो।<br /><strong><br />पुलिस की आमजन से अपील</strong><br />एसपी ने बताया कि पुलिस की आमजन से अपील है कि यदि किसी व्यक्ति ने पीड़िता को कही आता-जाता देखा हो या पुलिया पर कौन लोग फेंककर गए थे। इस तरह की कोई भी जानकारी हो तो कृपया वह तुरन्त पुलिस को सूचित करें ताकि पुलिस द्वारा दरिंदों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।<br /><br /><strong>आधा दर्जन मंत्री पहुंचे अस्पताल</strong><br />पीड़िता का हाल जानने के लिए प्रदेश के कई मंत्री जेकेलोन अस्पताल पहुंचे। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मंत्री टीकाराम जूली, मंत्री शकुंतला रावत और बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने पीड़िता की स्थिति का जायजा लिया। वहीं पीड़िता से मिलने के लिए एडीजी सिविल राइट्स स्मिता श्रीवास्तव, डीसीपी ईस्ट प्रहलाद कृष्णिया, जयपुर रेंज आईजी संजय श्रोत्रिय सहित कई पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। <br /><br /><strong>तत्काल साढ़े तीन लाख की मदद</strong><br />मूकबधिर नाबालिग पीड़िता को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री टीकाराम जूली ने सरकार की दो योजनाओं के माध्यम से तत्काल साढ़े तीन लाख रुपए की मदद देने के आदेश जारी किए है। पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत पांच लाख की राशि जिसमें 2.50 लाख तुरन्त मिलेंगे और एक लाख रुपए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत मिलेंगे। राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि आयोग एक टीचर को नियुक्त करेगा जो बालिका के ठीक होने पर उससे संवाद कर उसकी बात समझेगा। उल्लेखनीय है कि अलवर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक पुलिया पर यह बालिका गंभीर अवस्था में मिली थी। अज्ञात आरोपी दुष्कर्म के बाद इसे पुलिया पर फेंक गए। <br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br />प्रदेश में तीन साल में दुष्कर्म</strong></span></span><br />प्रदेश में यदि दुष्कर्म के मामले की बात की जाए तो वर्ष 2019 में 5997, वर्ष 2020 में 5310 और 2021 में 6337 मामले दुष्कर्म के दर्ज हुए। <br /><br /><strong>चिकित्सा मंत्री ने दिए निर्देश : बालिका का पूरा इलाज होगा नि:शुल्क <br />आठ डॉक्टर्स ने ढाई घंटे तक की जटिल सर्जरी<br />ब्लीडिंग रोकने के बाद बनाया पेट के रास्ते से मल निकालने का रास्ता<br />मलद्वार में था काफी बड़ा और गहरा घाव, काफी मात्रा में बह गया खून, तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया</strong><br /> जयपुर। अलवर में दुष्कर्म के बाद सड़क पर गंभीर हालत में मिली मूकबधिर नाबालिग 15 वर्षीय पीड़िता की बुधवार को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में करीब ढाई घंटे तक आठ डॉक्टर्स की टीम ने जटिल सर्जरी की। इनमें पिडियाट्रिक सर्जन, गायनिक, प्लास्टिक, गेस्ट्रो सर्जन, एनेस्थिसिया सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर्स शामिल रहे। आॅपरेशन सफल रहा है और फिलहाल बालिका की हालत स्थिर बनी हुई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के साथ हद से ज्यादा दरिंदगी की गई है। अंदरूनी हिस्सों में और खासकर मलद्वार की जगह काफी बड़ा और गहरा घाव था, जिसमें से खून काफी मात्रा में बह रहा था। इसे देखकर प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता कि कोई रॉड या नुकीली वस्तु काम में ली गई है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती बालिका के अस्पताल में आते ही उसकी ब्लीडिंग को रोकना था और उसके बाद सर्जरी कर पेट से एक रास्ता बनाया गया, जिससे मल निकल सके और इंफेक्शन ना हो। इसके बाद घाव को रिपेयर किया गया। इस दौरान बालिका को तीन यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। सर्जरी सफल रही है और फिलहाल उसको चिकित्सकों की गहन निगरानी में सर्जिकल आईसीयू में रखा गया है। पीड़िता को पूरी तरह से ठीक होने में अभी कई महीनों का समय लगेगा और भविष्य में उसके कुछ और ऑपरेशंस भी करने पड़ सकते हैं। </p>
<p>अस्पताल प्रशासन पीड़िता की पूरी देखरेख कर रहा है और बालिका खतरे से बाहर है। बालिका का संपूर्ण उपचार नि:शुल्क करने और परिजनों के रहने व खाने पीने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। -<strong>परसादी लाल मीणा, चिकित्सा मंत्री</strong><br /><br /><strong>महिला कांग्रेस ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई</strong><br />मूक बधिर नाबालिग से बलात्कार मामले में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेहाना रियाज ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी जेके लोन अस्पताल जाकर पीड़िता और परिजनों की हरसंभव मदद करेगी। कमेटी में अधिवक्ता और महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सारिका सिंह, अधिवक्ता और महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री दीप्ति शर्मा, महामंत्री रूबी खान और जयपुर हेरिटेज महिला कांग्रेस अध्यक्ष रानी लुबना को शामिल किया गया है।     <br /><br /><strong>भाजपा ने भी बनाई जांच समिति </strong><br />भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर, सांसद जसकौर मीणा, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, विधायक रामलाल शर्मा की चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। सभी अलवर जाकर मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करेंगे। साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br />एक साल में मासूमों के साथ दरिंदगी</strong></span></span><br />जयपुर के कोटखावदा में नौ वर्षीय<br />झुंझुनूं के पिलानी में पांच साल<br />नागौर के पांदुकलां में सात साल<br />सवाई माधोपुर में 16 साल<br />अजमेर के पुष्कर में 11 माह <br />झुंझुनूं के नवलगढ़ में ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jan 2022 11:04:25 +0530</pubDate>
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                <title>सर्द मौसम ने बढ़ाया हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में सिकुड़ जाती है रक्त वाहिकाएं, विशेषज्ञों की राय, बचाव ही है उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-3694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/heart-n-stroke.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों को केवल सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल, इन्फेक्शन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसी मौसम में स्ट्रोक और हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी बहुत तेजी से बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग और पहले से स्ट्रोक एवं हृदय रोग की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है। सर्दियों में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से यह समस्याएं पैदा होती है।  नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पृथ्वी गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में ओपीडी में स्ट्रोक से सम्बंधित समस्याओं का आंकड़ा तकरीबन 10 से 15 फीसदी बढ़ जाता है। आमतौर पर स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं। एक नस का बंद होना और दूसरा नस का फटना यानि ब्रेन हेमरेज। इसकी मुख्य वजह है कि सर्दियों में रक्त वाहिकाएं संकुचन तो करती ही हैं साथ ही व्यक्ति के सर्दी के संपर्क में आने पर बीपी शूट आउट करता है, जिसके कारण हेमरेज का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।<br /> <br /> <strong>स्ट्रोक से ऐसे बचें</strong><br />     दिन में कम से कम आधा घंटा धूप सेकें, शारीरिक व्यायाम करें ताकि रक्त वाहिकाओं का संकुचन कुछ कम हो। <br />     स्ट्रोक के मरीज अपना बीपी नियमित रूप से चेक करते रहें।<br />     शुगर को भी नियंत्रण में रखें।<br /> <br /> <strong>सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव होने से बढ़ता है हार्ट का खतरा</strong><br /> नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल पटोदिया ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने के साथ हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव हो जाता है जो शरीर का तामपान बढ़ा देता है। इस प्रक्रिया का मूल काम शरीर का सर्दी से बचाव करना होता है, लेकिन इसके साथ बीपी और हार्ट रेट बढ़ जाते हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। <br /> <br /> <strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />     बीपी को नियंत्रण में रखने की कोशिश <br />     डाइट और सक्रिय जीवनशैली का ध्यान रखें।<br />     सर्दी से बचें और नियमित व्यायाम करें। पहले से हार्टअटैक की समस्या से जूझ चुके लोग अपना विशेष ध्यान रखें, जरूरी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 15:05:43 +0530</pubDate>
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