<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/sick/tag-10345" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>sick - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/10345/rss</link>
                <description>sick RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इधर कचरे का ढेर, उधर डेंगू का कहर </title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों के अलावा स्टूडेंट व दुकानदार सभी गंदगी व कचरे से परेशान हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/here-is-a-pile-of-garbage--there-is-havoc-of-dengue-there/article-56663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/idhr-kachre-ka-dher,-udhr-dengue-ka-keher...kota-news-09-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में दो नगर निगम होने व करीब तीन हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के बावजूद मेन रोड पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेर में मच्छर पनप रहे हैं जो डेंगू का कहर बनकर लोगों को न केवल बीमार कर रहे हैं वरन् जान लेवा तक साबित हो रहे हैं। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में घरों व दुकानों का कचरा सड़क पर नहीं डले। इसके लिए घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। कोटा दक्षिण के सभी 80 वार्ड में दो-दो और कोटा उत्तर के 70 वार्डों में तीन-तीन टिपर लगे हुए हैं। उसके बाद भी हालत इतनी अधिक खराब है विशेष रूप से नए कोटा के कोचिंग क्षेत्र व पॉश कॉलोनी तक में जहां मेन रोड पर ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं।  वर्तमान में डेंगू का सबसे अधिक कहर नए कोटा के तलवंडी व जवाहर नगर क्षेत्र में ही है। उसके बाद भी यहां कचरे की हालत यह है कि समय पर नहीं उठ रहा है। जिससे सड़क किनारे कचरे के ढेर न केवल दुर्गंध फेला रहे हैं वरन् बरसात होने से उनमें पानी भरने पर मच्छर भी पनप रहे हैं। यही मध्छर लोगों को काटकर उन्हें डेंगू पीड़ित बना रहे हैं।  तलवंडी चौराहा जहां पहले उड़िया बस्ती थी उस जगह मेन रोड पर ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। यहां दुकानें व फास्ट फूट समेत खाने-पीने के ठेले भी लगे हुए हैं। जहां बड़ी संख्या में कोचिंग विद्यार्थी व आमजन खाने-पीने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में वे अपने साथ बीमारी भी लेकर जा रहे हैं। इसी तरह से जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर क्षेत्र  जो कि कोचिंग एरिया है। यहां कोचिंग के साथ ही बड़ी संख्या में हॉस्टल बने हुए हैं। उनके बीच में मेन रोड पर कचरे का ठेर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अलावा स्टूडेंट व दुकानदार सभी गंदगी व कचरे से परेशान हैं। </p>
<p><strong>धानमंडी पोस्ट आॅफिस के बाहर भी ढेर</strong><br />वैसे तो शहर में जगह-जगह पर कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। लेकिन सबसे अधिक खराब हालत नई धानमंडी पोस्ट आॅफिस के पास है।  यहां डाकघर के पास ही मेन रोड पर कचरा पाइंट बनाया हुआ है। जिससे वहां दिनभर कचरे का ढेर लगा रहता है। ऐसे में यहां दुकानदारों के साथ ही डाकघर में आने वाले भी बीमारी लेकर जा रहे हैं। इससे कुछ दूरी पर मंडी का कचरा व सब्जी का ढेर लगा हुआ है। जिसके सड़ने से वहां मवेशी तो दिनभर मुंह मारते ही रहते हैं। मच्छर भी लोगों को बीमार कर रहे हैं। </p>
<p><strong>निगम कर्मचारियों का ध्यान ही नहीं</strong><br />तलवंडी की सहवरित पार्षद अमोलक देवी का कहना है कि तलवंडी चौराहे पर कचरा पाइंट बनाया हुआ है। जहां से रोजाना कचरा उठाने के लिए कह रखा है। लेकिन निगम के कर्मचारी ध्यान ही नहीं देते। जिससे समय पर कचरा नहीं उठने से वह बीमारी का घर बन रहा है।  कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में न केवल कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वरन् नालियां तक जाम हैं। जिनका गंदा पानी सड़कों पर आ रहा है। मलेरिया व डेंगू का कहर होने के बाद भी यहां सफाई नहीं हो रही है। जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>सफाई व छिड़काव लगातार जारी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने बताया कि मलेरिया व डेंगू न फेले इसके लिए सभी जगह पर नियमित सफाई के साथ ही एमएलओ का छिड़काव भी किया जा रहा है।  निगम की ओर से बड़ी मशीनों के अलावा हाथ मशीनों से भी फोगिंग करवाई जा रही है। चिकित्सा विभाग व आमजन से शिकायत मिलने पर भी तुरंत सफाई व छिटÞकाव कराया जा रहा है। कचरा पॉइंट होने से वहां कचरा डाला जा रहा है। मेन रोड से कचरा पाइंट ही हटाने का प्रयास किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/here-is-a-pile-of-garbage--there-is-havoc-of-dengue-there/article-56663</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/here-is-a-pile-of-garbage--there-is-havoc-of-dengue-there/article-56663</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Sep 2023 19:04:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/idhr-kachre-ka-dher%2C-udhr-dengue-ka-keher...kota-news-09-09-2023.jpg"                         length="651144"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूषित पानी से दांव पर लगी लोगों की जिंदगानी</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व में अपना घर आश्रम में दूषित पेयजल के कारण कई वृद्धजन अपनी जान गंवा बैठे थे। अब कोचिंग संस्थानों में भी दूषित पानी के कारण छात्र बीमार होने लगे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lives-of-people-at-stake-due-to-contaminated-water/article-26925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/dushit-pani-se-daav-par-lagi-logo-ki-zindagani...kota-news-17.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में दूषित पानी से लोगों के बीमार होने के मामले अब बढ़ने लगे हैं। लगातार दूषित पानी पीने से शरीर कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाता है। शहर में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। पूर्व में अपना घर आश्रम में दूषित पेयजल के कारण कई वृद्धजन अपनी जान गंवा बैठे थे। अब कोचिंग संस्थानों में भी दूषित पानी के कारण छात्र बीमार होने लगे हैं। इन घटनाओं से पुष्टि होती है कि जीवन का पर्याय पानी अब अपने साथ बीमारियां और मौत भी ढोने लगा है।  दूषित जल के सेवन से दर्जनों बीमारियां दस्तक देने लगती हैं। </p>
<p><strong>दूषित पानी यानी बीमारियों का गढ़ </strong><br />शुद्ध जल स्वास्थ्य की बुनियादी आवश्यकता है। सरकार भले ही कुछ भी बातें और दावे करें, लेकिन सभी को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की बात आज तक पूरी नहीं कर पाई है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है वैसे ही पानी की आवश्यकता भी कई गुना बढ़ रही है। दूषित पेयजल के कारण लोग हैजा, टाइफायड, डायरिया, कुपोषण, कैंसर, बाल और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। जानकारी के अभाव में जो लोग इस परिस्थिति का सामना नहीं कर पाते हैं, वे असमय काल-कलवित हो जाते हैं। अब भी शहर में शुद्ध पानी की आपूर्ति पर्याप्त रूप से नहीं हो रही है। इस कारण लम्बे समय तक दूषित पानी का सेवन करने पर लोग बीमार हो जाते हैं। </p>
<p><strong>शुद्ध पानी के दावे हवा-हवाई</strong><br />जलापूर्ति के हिसाब से शहर को दो हिस्सों में बांट रखा है। शहर के आधे से ज्यादा क्षेत्र में अकेलगढ़ स्थित मुख्य जल उत्पादन केन्द्र और शेष हिस्से में सकतपुरा स्थित सब जल उत्पादन केन्द्र से जलापूर्ति की जाती है। जलदाय विभाग की ओर से शहर स्वच्छ जलापूर्ति के दावे किए जाते है, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। शहर में कई स्थानों पर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही है। इनके माध्यम से दूषित पानी की आपूर्ति घरों में होती है। इस कारण लोगों के बीमार होने का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p><strong>टैंकरों का पानी भी कर रहा बीमार</strong><br />शहर के कई क्षेत्रों में अभी पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होती हैं। इस कारण यहां पर टैंकरों के माध्यम से ही पानी का इंतजाम करना पड़ता है। टैंकरों से आने वाले पानी की शुद्धता कोई गारंटी नहीं होती है। कई टैंकर चालक नलकूप व अन्य स्रोतों से पानी भर कर लोगों को सप्लाई करते हैँ। ऐसे में यही पानी लोग को बीमार कर देता है। इन टैंकरों के पानी की शुद्धता की जांच की कोई व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में टैंकर चालक अशुद्ध पानी बेचकर अपना मुनाफा कमा रहे हैं। उन्हें आमजन के स्वास्थ्य कोई चिंता नहीं होती है।</p>
<p><strong>पानी के भंडारण की नहीं लेते सुध</strong><br />शहर में सुबह व शाम को जलापूर्ति की जाती है। ऐसे में कुछ क्षेत्र सालभर पानी का संकट झेलते रहते हैं। इसलिए यहां के निवासियों ने मकानों में पानी का स्टोरेज करने के लिए टैंक बना रखे हैं। इन टैंकों के माध्यम से ही लोग अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करते हैं। टैंकों की समय-समय पर सफाई नहीं होने के कारण इनमें कीटाणु पनप जाते हैं। इससे पानी दूषित हो जाता है। आमजन को दूषित पानी का पता नहीं चल पाता है। लगातार इसके सेवन से लोग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।     </p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br />जल एक सार्वभौमिक विलायक है, इसलिए यह आसानी से प्रदूषित हो जाता है। जल में मुख्यत: आर्सेनिक, फ्लोराइड और नाइट्रेट, औद्योगिक एवं कृषि अपशिष्ट, माइक्रोप्लास्टिक, चिकित्सीय कचरा आदि संदूषक मिले होते हैं। तांबा, शीशा, क्रोमियम और रेडियोधर्मी पदार्थ भी जलस्रोतों के संपर्क में आने पर जल को दूषित कर जानलेवा बना देते हैं। अशोधित पानी में बैक्टीरिया, जीवाणु और परजीवी जैसे जैव-संदूषक भी होते हैं। प्रदूषक जल में इतनी सूक्ष्मता से घुले होते हैं कि ये आंखों से दिखते भी नहीं। हालांकि पानी को गर्म करने पर इस फर्क को साफ देखा जा सकता है। अत: शोधित या गर्म किए बिना ऐसा पानी पीने से बचना चाहिए, अन्यथा बीमार होने और मृत्यु का खतरा दोनों बढ़ जाता है। <br /><strong>- रोनित कुमार, पूर्व कैमिस्ट</strong></p>
<p>शहर के जल उत्पादन केन्द्रों से पानी को पूरी तरह से शुद्ध करने के बाद वितरित किया जाता है। पाइप-लाइन के लीकेज होने पर कर्मचारियों को तुरन्त मौके पर भेजकर ठीक करवा देते हैं। इस दौरान जलापूर्ति बंद कर देते हैं ताकि गंदला पानी नलों में नहीं जा सके। कई बड़े संस्थान स्वयं के नलकूप व अन्य संसाधनों से पानी का इंतजाम करते हैं। इस दौरान उनको की पानी की शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। अधिकांश दूषित पानी के मामले ऐसे ही संस्थानों में सामने आते हैं। <br /><strong>-रवि गुप्ता, सहायक अभियंता जलदाय विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lives-of-people-at-stake-due-to-contaminated-water/article-26925</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lives-of-people-at-stake-due-to-contaminated-water/article-26925</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 15:55:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/dushit-pani-se-daav-par-lagi-logo-ki-zindagani...kota-news-17.10.2022.jpg"                         length="74580"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूषित पानी से एलन कोचिंग के 70 से अधिक छात्र बीमार, एक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[इधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने  41 छात्रों को बीमार बताया है। अन्य छात्र मामूली लक्षण वाले  हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-70-students-of-allen-coaching-sick-due-to/article-26797"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/t-3.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के जवाहर नगर क्षेत्र में दूषित पानी पीने से पिछले 3 दिन में  एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के 70 से अधिक छात्रों की तबीयत खराब हो चुकी है। वहीं एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने  41 छात्रों को बीमार बताया है। अन्य छात्र मामूली लक्षण वाले  हैं।  6 विद्यार्थी अब भी गंभीर हालत में हैं जिनका इलाज जवाहर नगर क्षेत्र के निजी अस्पतालों में चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को 9 जुलाई को जवाहर नगर क्षेत्र में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों के दूषित पानी पीने से बीमार होने की सूचना मिली थी। उसके बाद से क्षेत्र में पानी के सैंपलिंग लेने का कार्य शुरू हुआ। टीम  ने सबसे पहले दूषित पानी सप्लाई करने वाले तीन बोरिंग की जांच की जो एलन कोचिंग सेंटर को टैंकर से पानी सप्लाई करते थे। तीनों बोरिंग के सैंपल पॉजीटिव आने के बाद पीएचडी विभाग ने तीनों बोरिंग को सीज कर दिया है। वहीं एलन में  टैंकरों से पानी सप्लाई करने वालों टैंकर के नमूने लिए हैं। </p>
<p>सीएमएचओं डॉ. जगदीश कुमार सोनी ने बताया कि कलक्टर के निर्देश पर  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग टीम ने जवाहर नगर के सभी हॉस्टल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की।  72 हॉस्टल की पानी सप्लाई व्यवस्था जांची। वहीं करीब 12 हॉस्टल के पानी के नमूने लिए। जांच के दौरान एलन कॅरियर इंस्टीटूयट के 41 विद्यार्थी बीमार मिले। एक छात्र की मौत हो चुकी है। बीमार छात्रों में उल्टी दस्त, बुखार और हेपेटाइसिस ए के लक्षण मिले हैं। इनका इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।<br /> <br /><strong>72 हॉस्टल की जांच 2 बच्चे और मिले बीमार</strong><br />जवाहर नगर क्षेत्र में शनिवार को फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्टलों व कोचिंग सेंटरों की जांच की। जिसमें दो बच्चों में उल्टी दस्त और हेपेटाइसिस के लक्षण मिले हैं। जांच के दौरान 12 जगहों से पानी के सैंपल भी लिए। </p>
<p><strong>एलन कोचिंग के पानी के टैंक कराए साफ, आरो लगाने के लिए किया पाबंद</strong><br />सीएमएचओ हेल्थ डॉ. घनश्याम मीणा ने बताया कि जवाहर नगर के एलन में पानी सप्लाई होने वाले स्त्रोत का टीम ने पता लगाकर उसके सैंपल लिए।  जवाहर नगर क्षेत्र नाले के पास तीन बोरिंग लगे थे। उनका पानी एलन कोचिंग के हॉस्टलों में टैंकर से सप्लाई होता था। एलन के सभी पानी की भंडार करने वाले टैंकों के नूमने लेकर उनकी सप्लाई कराने और पानी उपचारित किया गया। एलन संस्थान को  बच्चों के लिए आरो लगाने और जलदाय विभाग द्वारा सप्लाई पानी का उपयोग करने के लिए पाबंद किया है। एलन कोचिंग संस्थान के निदेशक नवीन माहेश्वरी को इस संबंध में फोन कर व्हाट्सअप मैसेज भी दिया गया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।   <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-70-students-of-allen-coaching-sick-due-to/article-26797</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-70-students-of-allen-coaching-sick-due-to/article-26797</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Oct 2022 16:15:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/t-3.jpg"                         length="30738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहीं रहा चीनू: 7 दिनों से बिमार चल रहे सफ़ेद बाघ की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पिछले 7 दिनो से बीमार चल रहे सफ़ेद बाघ चीनू की रविवार को मृत्यु हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chinu-no-more-the-death-of-a-white-tiger-who-was-sick-for-7-days/article-14014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पिछले 7 दिनो से बीमार चल रहे सफ़ेद बाघ चीनू की रविवार को मृत्यु हो गई है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीमारी के चलते कई दिनो से बाघ ने खाना पीना बंद कर दिया था। चिकित्सकों की ओर से बाघ का ईलाज भी किया जा रहा था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। रविवार को बाघ का  पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल ही बाघ को ओड़िशा के नंदन कानन ज़ू से एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत जयपुर लाया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chinu-no-more-the-death-of-a-white-tiger-who-was-sick-for-7-days/article-14014</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chinu-no-more-the-death-of-a-white-tiger-who-was-sick-for-7-days/article-14014</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 13:00:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/4.jpg"                         length="211238"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफेद बाघ चीनू 6 दिन से बीमार, डाइड लेना छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र सफेद बाघ चीनू इन दिनों बीमार चल रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 6 दिन से उसने डाइट लेना छोड़ दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-white-tiger-sick-to-6-days/article-13930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546562.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र सफेद बाघ चीनू इन दिनों बीमार चल रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 6 दिन से उसने डाइट लेना छोड़ दिया है। उसके ड्रिप लगाई गई। इसके साथ ही ईलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाया गया है।</p>
<p>डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि चीनू डाइट नहीं के रहा है। बाघ का मेडिकल टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट में इसकी किडनी में परेशानी की बात सामने आ रही है। बाघ का इलाज किया जा रहा है। स्टाफ को भी बाघ की देखरेख के लिए लगाया गया है। गौरतलब है कि सफेद बाघ चीनू को पिछले साल ओड़िशा से जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान लाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-white-tiger-sick-to-6-days/article-13930</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-white-tiger-sick-to-6-days/article-13930</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 11:19:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/46546546562.jpg"                         length="156574"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दूषित खानपान बना रहा बीमार, प्रदेश में हर 7 में से एक व्यक्ति बीमार</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया में हर साल 60 करोड़ लोग दूषित खाने की वजह से बीमार होते हैं यानी हर 10 में से एक व्यक्ति जो बीमार होता है वो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दूषित भोजन के सेवन के कारण है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-contaminated-food-is-making-sick-of-peoples/article-11491"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/food-safety-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दुनिया में हर साल 60 करोड़ लोग दूषित खाने की वजह से बीमार होते हैं यानी हर 10 में से एक व्यक्ति जो बीमार होता है वो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दूषित भोजन के सेवन के कारण है। दुनिया में दूषित खानपान के कारण चार लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है, इनमें बच्चे भी शामिल हैं। साफ, सुरक्षित और पौष्टिक खाने के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 2019 में यूनाइटेड नेशंस और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मिलकर वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे की शुरुआत की। भारत में भी करोड़ों लोग दूषित खानपान से ही बीमार होते हैं। राजस्थान की बात करें तो यहां आंकड़ा और भी चौंकाने वाला है। विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश में हर सात में से एक व्यक्ति जो बीमार हो रहा है, वह किसी ना किसी रूप में दूषित खानपान के कारण है। एसएमएस अस्पताल की बात करें तो यहां रोजाना ओपीडी में 10 से 12 हजार मरीज आते हैं, इनमें से 700 से एक हजार ऐसे होते हैं जो दूषित भोजन, पेय पदार्थ या खानपान की वजह से अलग-अलग बीमारी से ग्रसित होते हैं। बच्चों के सबसे बड़े जयपुर के जेकेलोन अस्पताल में भी रोजाना 25 से 30 बच्चे दूषित खानपान का शिकार होकर बीमार होने पर यहां आते हैं।</p>
<p><strong>क्यों और कैसे हो जाते हैं बीमार</strong><br />खाद्य जनित बीमारियां अक्सर दूषित भोजन या पानी के सेवन से होती है। इनसे शरीर में बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या रासायनिक पदार्थ आते हैं जो बीमारी का कारण होते हैं। सड़कों पर खुलेआम थड़ी-ठेलों और दुकानों पर मिल रहे खाद्य और पेय पदार्थो से बीमारियां बढ़ रही हैं। इन जगहों पर स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता और बच्चों के साथ ही व्यस्क भी इनके सेवन से बीमार हो रहे हैं।</p>
<p><strong>बच्चों को हो सकती हैं ये बीमारियां</strong></p>
<p>पांच साल से छोटी उम्र के बच्चों में दूषित खानपान से डायरिया, दस्त, दस्त में खून आना, टायफाइड, हैपेटाइटिस ए, कॉलरा, डिजेन्ट्री सहित अन्य बीमारी हो सकती हैं।</p>
<p><strong>ये अच्छी आदतें अपनाएं</strong><br />- किसी भी चीज के सेवन से पहले हाथ अच्छे से धो लें।<br />- सब्जी, मांस, अनाज को अच्छे से साफ  करके ही ग्रहण करें।<br />- खाना लेने वाले बर्तन को भी अच्छे से धोएं।<br />- हमेशा कच्चे और पके हुए फूड्स को अलग-अलग रखें।<br />- अधपके खाने का सेवन नहीं करना चाहिए। खाने अच्छे से पका कर ही खाए।<br />- खाना पकाते समय साफ  पानी और सही सामग्री का इस्तेमाल करें।  </p>
<p>दूषित खानपान से व्यस्कों के मुकाबले बच्चे बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं। इसलिए हमेशा स्वच्छ और साफ, अच्छे से धुली ही चीजें ही उनको खाने को दें। खुले में बिक रही खाद्य सामग्री के प्रयोग से बचें।<br /><strong>- डॉ. आरके गुप्ता, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, जेकेलोन अस्पताल</strong></p>
<p>व्यक्ति के स्वस्थ शरीर के लिए खानपान महत्व होता है। बीमारियों से बचने के लिए हमेशा साफ और अच्छे से पका भोजन ही खाएं।<br /><strong>- डॉ. श्याम सुंदर, सीनियर फीजिशियन, ईएसआई हॉस्पिटल। </strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-contaminated-food-is-making-sick-of-peoples/article-11491</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-contaminated-food-is-making-sick-of-peoples/article-11491</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 10:25:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/food-safety-copy.jpg"                         length="156900"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी में फूड पॉयजनिंग से 300 बीमार </title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे के निकटवर्ती धुंधला गांव में एक शादी समारोह में भोजन करने के पश्चात ग्रामीणों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद लगभग 300 मरीजों को निजी व सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/pali/pali-300-sick-due-to-food-poisoning-in-marriage/article-9398"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/1-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>सोजत रोड। कस्बे के निकटवर्ती धुंधला गांव में एक शादी समारोह में भोजन करने के पश्चात ग्रामीणों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद लगभग 300 मरीजों को निजी व सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोजत रोड कस्बे के निकटवर्ती धुंधला गांव में एक शादी समारोह में भोजन करने के पश्चात ग्रामीणों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। ग्रामीणों के अनुसार शादी में खाने के बाद लोगों को पेट दर्द व उल्टियां होने लगी।</p>
<p>इसके बाद परिजन मरीजों को लेकर अस्पताल आए। अधिकारियों नें मरीजों के हालात व चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस और चिकित्सा विभाग के आलाधिकारी पहुंचे और हास्पिटल में बैड कम होने पर काफी मरीजों को सोजत चिकित्सालय पहुंचाया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पाली</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/pali/pali-300-sick-due-to-food-poisoning-in-marriage/article-9398</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/pali/pali-300-sick-due-to-food-poisoning-in-marriage/article-9398</guid>
                <pubDate>Mon, 09 May 2022 12:08:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/1-copy1.jpg"                         length="190279"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कसार में गोयल प्रोटीन्स ऑयल प्लांट के प्रदूषण से लोग हो रहे बीमार</title>
                                    <description><![CDATA[कसार में गोयल प्रोटीन्स आॅयल प्लांट से निकलने वाले धुएं से कस्बे में काफी प्रदूषण फैल रहा है। जिस कारण कई लोग बीमारियों के शिकार हो रहे है। साथ ही प्लांट से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी भी नहरों में जाकर मिल कर लोगों की फसलों में जा रहा है व लोगों को नुकसान कर रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-getting-sick-due-to-pollution-of-goyal-protein-oil-plant-in-kasar/article-7609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/654654645.jpg" alt=""></a><br /><p>कसार। कसार में गोयल प्रोटीन्स ऑयल प्लांट से निकलने वाले धुएं से कस्बे में काफी प्रदूषण फैल रहा है। जिस कारण कई लोग बीमारियों के शिकार हो रहे है। गोयल प्रोटीन्स ऑयल प्लांट से रात के समय पूरे कसार कस्बे में धूएं के साथ साथ राख भी उड़कर आती है जिससे भारी वायु प्रदूषण हो रहा है और लोगों गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है। राख लोगों के आवास पर जमने के साथ आस-पास मौजूद लोगों के खेतों की फसल पर भी जम जाती है। साथ ही प्लांट से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी भी नहरों में जाकर मिल कर लोगों की फसलों में जा रहा है व लोगों को नुकसान कर रहा। इसके साथ ही कई जानवर इस गंदे केमिकल युक्त पानी को पीकर मर रहे है। इस पानी से लोगों को घातक बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे है। कस्बों के बीच व्यापारियों ने छोटे छोटे उद्योग से अब बड़े बड़े ऑयल प्लांट चला दिए हैं और एक जगह अब प्लांट मालिकों ने तीन तीन बाईलर चलाना शुरू कर दिया हैं जिस कारण रात के समय पूरे कसार कस्बे में धूएं के साथ साथ राख भी उड़कर आती है जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है। <br /><br />कसार के रहने वाले राकेश परिहा का कहना है ऑयल प्लांट से होने वाले प्रदूषण के कारण आए दिन लोग बीमार हो रहे है। प्लांट से उड़ने वाली राख से लोगों को अस्थमा,श्वास सहित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे है। जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। कालू गुर्जर का कहना है कि ऑयल प्लांट से निकलने वाले केमिलल वाला पानी पीने से हमारे मवेशी मर रहे है। गत वर्ष भी यह केमिकल का पानी पीने से मवेशी तड़फने लगे और आखिरकार मर गए। मवेशियों के मरने का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा। <br /><br />हमारे प्लांट का वेस्ट पानी बाहर नहीं आता है। उस पानी का अंदर ही ट्रीटमेंट किया जाता है। केवल सिवरेज का पानी है जो गटर से बाहर जाता है। केवल सिवरेज का पानी है जो गटर से बाहर जाता है।  प्लांट के आसपास कोई खेतीबाड़ी नहीं हो रही है। जिससे की प्लांट के धूएं से फसल को नुकसान हो। <br /><strong>- ताराचंद गोयल, डायरेक्टर गोयल प्रोटीन्स</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-getting-sick-due-to-pollution-of-goyal-protein-oil-plant-in-kasar/article-7609</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-are-getting-sick-due-to-pollution-of-goyal-protein-oil-plant-in-kasar/article-7609</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 14:54:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/654654645.jpg"                         length="169697"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के रामगंज में मासूम से दुष्कर्म का प्रयास, बीमार मां के लिए दवा लेने गई थी बच्ची, क्लीनिक में कंपाउंडर ने कर दी गंदी हरकत</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंज थाना पुलिस ने 9 साल की बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोप में कंपाउंडर मोहम्मद अजलान को गिरफ्तार किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-attempt-to-rape-an-innocent-in-ramganj--jaipur--the-girl-had-gone-to-take-medicine-for-a-sick-mother--the-compounder-did-a-dirty-act-in-the-clinic--compounder-arrested-for-molesting-girl/article-4529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/51.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ख़बर जयपुर के रामगंज थाना क्षेत्र से है। जहां रामगंज थाना पुलिस ने 9 साल की बालिका के साथ छेड़छाड़ के आरोप में कंपाउंडर मोहम्मद अजलान को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामगंज इलाके में रहकर निजी क्लीनिक चलाता है। रामगंज एसीपी सुनील प्रसाद शर्मा ने बताया कि 2 दिन पहले थाना इलाके में रहने वाली 9 साल की बालिका आरोपी के क्लीनिक पर बीमार मां के लिए दवा लेने गई थी। इस दौरान आरोपी ने बालिका के साथ छेड़छाड़ कर दी। बालिका ने यह बात अपने घर आकर बताई। इसके बाद बालिका के पिता ने रामगंज थाने में रिपोर्ट दी। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी जेल में है, अब पुलिस उसे मुकदमे में गिरफ्तार करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-attempt-to-rape-an-innocent-in-ramganj--jaipur--the-girl-had-gone-to-take-medicine-for-a-sick-mother--the-compounder-did-a-dirty-act-in-the-clinic--compounder-arrested-for-molesting-girl/article-4529</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/an-attempt-to-rape-an-innocent-in-ramganj--jaipur--the-girl-had-gone-to-take-medicine-for-a-sick-mother--the-compounder-did-a-dirty-act-in-the-clinic--compounder-arrested-for-molesting-girl/article-4529</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Feb 2022 15:07:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/51.jpg"                         length="147548"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीमार एवं वृद्ध कैदियों की होगी समय पूर्व रिहाई</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने दी समय से पहले रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/ashok_gehlot_630x4001.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की जेलों में लम्बे समय से सजा भुगत रहे ऐसे बंदियों जिन्होंने सदाचार पूर्वक अपनी अधिकांश सजा भुगत ली है अथवा गंभीर बीमारियों से ग्रसित एवं वृद्ध हैं, उन्हें समय से पहले रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की इस पहल से ऐसे परिवारों को खुशियां मिलेंगी, जिनके परिजन आजीवन कारावास की सजा का अधिकांश हिस्सा भुगत चुके हैं।</p>
<p><br /> प्रस्ताव के अनुसार, आजीवन कारावास से भिन्न अवधि के कारावास की सजा से दण्डित वृद्ध एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित ऐसे कैदियों को समय पूर्व रिहा किया जा सकेगा, जो कैंसर, एड्स, कुष्ठ एवं अन्य गंभीर रोगों से ग्रसित हैं अथवा दृष्टिहीन या विकलांग हैं और अपने दैनिक क्रियाकलापों के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। साथ ही, ऐसे वृद्ध पुरूष, जिनकी आयु 70 वर्ष तथा महिलाएं, जिनकी आयु 65 वर्ष या इससे अधिक है और सजा का एक तिहाई भाग भुगत चुके हैं, उन्हें समय पूर्व रिहाई मिल सकेगी।<br /> <strong><br /> इन श्रेणियों के अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत</strong><br /> दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम-1946 या दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 से भिन्न किसी केन्द्रीय अधिनियम के तहत सजायाफ्ता बंदी, अभ्यस्त अपराधी, साधारण कारावास से दण्डित, जमानत नहीं देने या जुर्माने का भुगतान नहीं करने के कारण कारावास भुगत रहे बंदी, बलात्कार, ऑनर किलिंग, मॉब लिंचिंग, पॉक्सो एक्ट, तेजाब हमले से संबंधित अपराध, आर्म्स एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, पीसीपीएनडीटी एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गौवंश अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम इत्यादि के तहत सजा भुगत रहे बंदियों सहित 28 विभिन्न श्रेणियों के जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों को कोई राहत नहीं मिलेगी।<br /> <br /> <strong>सजा का अधिकांश हिस्सा भुगत चुके बंदियों को भी राहत</strong><br /> आजीवन कारावास से दण्डित ऐसे बंदी जिन्होंने 14 वर्ष की सजा भुगत ली है एवं ढाई वर्ष का परिहार प्राप्त कर लिया है। साथ ही, विगत दो वर्षों में जेल में उनका आचरण संतोषप्रद रहा है और किसी जेल दण्ड से दण्डित नहीं किया गया है। ऐसे बंदियों को भी रिहा किया जा सकेगा। इसके अलावा आजीवन कारावास से भिन्न अवधि की सजा भुगत रहे ऐसे बंदी जिनकी सजा का दो तिहाई भाग पूरा हो गया है और विगत दो वर्ष से आचरण संतोषप्रद रहा है, उन्हें भी समय पूर्व रिहा किया जा सकेगा। साथ ही, ऐसे बंदी जिन्हें न्यायालयों से तीन माह या इससे कम अवधि की सजा से दण्डित किया गया है, उन्हें भी रिहा किया जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3428</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3428</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 13:15:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/ashok_gehlot_630x4001.jpg"                         length="103522"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीमार एवं वृद्ध कैदियों की होगी समय पूर्व रिहाई</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने दी समय से पहले रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/gehlot_10133.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की जेलों में लम्बे समय से सजा भुगत रहे ऐसे बंदियों जिन्होंने सदाचार पूर्वक अपनी अधिकांश सजा भुगत ली है अथवा गंभीर बीमारियों से ग्रसित एवं वृद्ध हैं, उन्हें समय से पहले रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री की इस पहल से ऐसे परिवारों को खुशियां मिलेंगी, जिनके परिजन आजीवन कारावास की सजा का अधिकांश हिस्सा भुगत चुके हैं।</p>
<p><br />प्रस्ताव के अनुसार, आजीवन कारावास से भिन्न अवधि के कारावास की सजा से दण्डित वृद्ध एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित ऐसे कैदियों को समय पूर्व रिहा किया जा सकेगा, जो कैंसर, एड्स, कुष्ठ एवं अन्य गंभीर रोगों से ग्रसित हैं अथवा दृष्टिहीन या विकलांग हैं और अपने दैनिक क्रियाकलापों के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। साथ ही, ऐसे वृद्ध पुरूष, जिनकी आयु 70 वर्ष तथा महिलाएं, जिनकी आयु 65 वर्ष या इससे अधिक है और सजा का एक तिहाई भाग भुगत चुके हैं, उन्हें समय पूर्व रिहाई मिल सकेगी।<br /><strong><br />इन श्रेणियों के अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत</strong><br />दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम-1946 या दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 से भिन्न किसी केन्द्रीय अधिनियम के तहत सजायाफ्ता बंदी, अभ्यस्त अपराधी, साधारण कारावास से दण्डित, जमानत नहीं देने या जुर्माने का भुगतान नहीं करने के कारण कारावास भुगत रहे बंदी, बलात्कार, ऑनर किलिंग, मॉब लिंचिंग, पॉक्सो एक्ट, तेजाब हमले से संबंधित अपराध, आर्म्स एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, पीसीपीएनडीटी एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गौवंश अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम इत्यादि के तहत सजा भुगत रहे बंदियों सहित 28 विभिन्न श्रेणियों के जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों को कोई राहत नहीं मिलेगी।<br /><br /><strong>सजा का अधिकांश हिस्सा भुगत चुके बंदियों को भी राहत</strong><br />आजीवन कारावास से दण्डित ऐसे बंदी जिन्होंने 14 वर्ष की सजा भुगत ली है एवं ढाई वर्ष का परिहार प्राप्त कर लिया है। साथ ही, विगत दो वर्षों में जेल में उनका आचरण संतोषप्रद रहा है और किसी जेल दण्ड से दण्डित नहीं किया गया है। ऐसे बंदियों को भी रिहा किया जा सकेगा। इसके अलावा आजीवन कारावास से भिन्न अवधि की सजा भुगत रहे ऐसे बंदी जिनकी सजा का दो तिहाई भाग पूरा हो गया है और विगत दो वर्ष से आचरण संतोषप्रद रहा है, उन्हें भी समय पूर्व रिहा किया जा सकेगा। साथ ही, ऐसे बंदी जिन्हें न्यायालयों से तीन माह या इससे कम अवधि की सजा से दण्डित किया गया है, उन्हें भी रिहा किया जा सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3427</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-3427</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 13:09:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/gehlot_10133.jpg"                         length="36247"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्सपर्ट्स की राय : ओमिक्रॉन कम घातक, संक्रमण से बहुत कम होंगे बीमार, वैक्सीन जैसी इम्यूनिटी दे सकता है वायरस!</title>
                                    <description><![CDATA[संक्रमण दर ज्यादा इसलिए तीसरी लहर आई तो समयावधि कम रहने की उम्मीद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF---%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95--%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8/article-3005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona-test-5.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। दुनिया में साऊथ अफ्रीका में जन्में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कम घातक होने से अब एक्सपर्ट इसे इम्यूनिटी विकसित करने वाला वैरिएंट साबित होने की उम्मीद जता रहे हैं। वायरस के सुपर माइल्ड होने के चलते ज्यादातर लोगों में इसके संक्रमण से बीमार होने के लक्षण भी नहीं आने का रिसर्च अब तक सामने आया है। प्रदेश के वरिष्ठ मेडिसिन के डॉक्टर मान रहे हैं कि हो सकता है कि इसका संक्रमण शरीर में वैक्सीन जैसा काम करे। चपेट में आने वाले लोग बीमार भी ना हों और वायरस के प्रति इम्यूनिटी भी विकसित हो जाए, जैसा कि कोरोना वैक्सीनेशन के डोज से हो रहा है।  पुराने वायरस के बाद आईसीएमआर के सीरो सर्वे के मुताबिक राजस्थान में 70 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। ओमिक्रॉन संक्रमण बिना शरीर पर खास असर हुए, हर्ड इम्यूनिटी और ज्यादा मजबूत करेगा। वहीं चूंकि इसकी संक्रमण दर दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा वैरिएंट से छह से सात गुना ज्यादा है, ऐसे में तीसरी लहर ओमिक्रॉन से आने की पूरी आशंका है, लेकिन कम समय में ही पहले से ज्यादा लोगों के शरीर में इसके पहुंचने और बीमार ना होने से इसकी समयावधि पहली और दूसरी लहर से कम रहने की आस भी डॉक्टरों को है।<br /> <strong><br /> सीएम हेल्पलाइन 181 पर फोन करें, 10 लोग हैं तो आपके घर टीकाकरण करने आएंगे हैल्थ कर्मी </strong><br />  प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के चलते सरकार ने मुख्यमंत्री हैल्पलाइन 181 पर घर बैठे टीकाकरण की सुविधा गुरुवार से शुरू कर दी है। दस लोग टीकाकरण के लिए एक साथ एकत्रित होने पर चिकित्साकर्मी उनके बताए स्थान पर जाकर टीकाकरण करेगा। हैल्थ कर्मी 24 घंटे में टीकाकरण करने आएगा।  चिकित्सा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने प्रदेशभर के चिकित्सा अधिकारियों को इसके आदेश दिए हैं। हैल्पलाइन पर टीकाकरण के  लिए हैल्थ कर्मी भेजने की मांग करने पर तुरंत उसकी सूचना जिला और ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी। वे टीकाकरण कराने के लिए फोन करने वाले व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर बात करेगा। उनकी जगह और लोगों की संख्या पूछेगा। अगर वह तय समय पर आने में समर्थ होगा तो उसकी भी सूचना टीकाकरण कराने वालों को देगा और नई तारीख और समय बताएगा। इसके साथ ही हैल्पलाइन पर व्यक्ति अपने नजदीक टीकाकरण केन्द्र की जानकारी भी ले सकेगा। <br /> <br /> <strong>चिंता केवल इनकी : उम्रदराज-कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों को पहुंचा सकता है अस्पताल</strong><br /> विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन की अभी तक देखने को मिल रही फितरत के अनुसार संक्रमण से बीमार होकर अस्पताल में गहन चिकित्सा सेवाओं की जरूरत उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी यानी अन्य बीमारियों से पहले से पीड़ित चल रहे लोगों को होगी। चूंकि ऐसे लोगों में नए रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता इसके चलते कम हो जाती है। ऐसे में ओमिक्रॉन उन्हें ज्यादा बीमार कर सकता है। इंफेक्शन लंग्स में भी हो सकता है। अन्य कई साइड् इफेक्ट्स के चलते वे गंभीर बीमार हो सकते हैं। <br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, घातक कम है। जैसा देख रहे हैं कि लोग बीमार भी नहीं हो रहे हैं। इम्यूनिटी और ज्यादा विकसित होने की उम्मीद है। वैक्सीन में जैसे कोरोना के तत्वों को शरीर में डालकर एंटीबॉडी विकसित कर इम्यूनिटी दी जाती है। वैसे ही उम्मीद है कि इसके संक्रमण से वैक्सीन सी इम्यूनिटी आए। हो सकता है आगामी दिनों में महामारी से यह बीमार एंडेमिक यानी सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी ही रह जाए। - <strong>डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सीनियर फिजिशियन एवं सदस्य, सीएम कोविड सलाहकार समिति</strong><br /> <br /> अब तक की स्टड़ी के अनुसार इससे हल्का बुखार या अधिकतर मरीजों में लक्षण ही नहीं आएंगे। लहर आने की आशंका तो है, लेकिन संक्रमण दर ज्यादा होने से पिछली लहरों से कम समयावधि रहने की उम्मीद है। मौतें भी अभी तक नहीं है।<br /> -<strong> डॉ. रमन शर्मा, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> संक्रमण दर ज्यादा है, इसलिए संक्रमण बड़े स्तर पर होगा, लेकिन स्वस्थ्य व्यक्तियों के बीमार होने की आशंका काफी कम है। उम्रदराज या कोर्मोबेडिटी वाले मरीजों की चिंता है। हो सकता है कि उनके लंग्स तक इंफेक्शन पहुंचे और गंभीर बीमार होने से उन्हें चिकित्सा सेवाओं की जरूरत पड़े। - <strong>डॉ. सीएल नवल, सीनियर फिजिशियन, एसएमएस अस्पताल</strong><br /> <br /> <strong>प्रदेश में कोरोना के 24 नए रोगी मिले</strong><br /> प्रदेश में मंगलवार को कोरोना से 24 और लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें जयपुर में 12, उदयपुर, बाड़मेर में 3-3, डूंगरपुर, अजमेर में 2-2, बीकानेर, झुंझुनूं में 1-1 व्यक्ति शामिल हैं। मंगलवार को नए रोगियों से एक ज्यादा यानी 25 संक्रमित रिकवर हुए हैं। ऐसे में एक्टिव केसों की संख्या में बीते दिन के मुकाबले एक कम 220 ही रह गए हैं। इनमें सर्वाधिक जयपुर में 105 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा बीकानेर में 28, अजमेर में 20, उदयपुर में 16, अलवर में 9, बाडमेर में 8, जोधपुर में 7, नागौर में 6, डूंगरपुर में 5, हनुमानगढ़, पाली में 3-3, जैसलमेर, झुंझुनूं, गंगानगर में 2-2, कोटा, भीलवाड़ा, सीकर, दौसा में 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 15 जिलें फिलहाल कोरोना फ्री हैं। मंगलवार को कहीं कोई मौत भी कोरोना से नहीं हुई है। <br /> <br /> <strong>हमारा स्वास्थ्य सामान्य है और कोई लक्षण भी नहीं है, हमें या तो होम क्वारंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर निजी हॉस्पिटल में रखा जाए</strong><br />  कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित साउथ अफ्रीका से आए परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य सामान्य है और उन्हें कोई लक्षण नहीं है। दंपती और उनकी एक बेटी की तो तीन बार रिपोर्ट नेगेटिव भी आ चुकी है, लेकिन बड़ी बेटी (12 वर्षीय) अभी भी पॉजिटिव है। यह जानकारी साउथ अफ्रीका से आए परिवार के मुखिया ने नवज्योति से फोन पर बात करते हुए दी। उन्होंने बताया कि हम ऑमिक्रॉन पॉजिटिव आए जरूर थे, लेकिन हमें आरयूएचएस में भर्ती हुए पांच दिन हो गए हैं और इस दौरान भी हम चारों में किसी को भी कोई लक्षण नहीं है। हमारी रोजाना दिन में दो बार कोरोना की जांच की जा रही है। पिछली दो दिनों की जांचों में मैं, मेरी पत्नी और छोटी बेटी (सात वर्षीय) नेगेटिव आए हैं। बड़ी बेटी फिलहाल पॉजिटिव है, लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं है। जब हमने डॉक्टर्स से होम क्वारेंटाइन करने की बात कही तो डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक सभी सदस्यों के तीन से चार सैंपल लगातार नेगेटिव नहीं आ जाते तब तक घर नहीं भेज सकते। अस्पताल में मिल रहे इलाज के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि हमें एंटिबायोटिक्स दी जा रही है, लेकिन लक्षण नहीं होने के कारण हम उसे नहीं ले रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं से परिवार खुश नहीं है, लेकिन यहां के चिकित्सकों और स्टाफ का अच्छा सहयोग मिल रहा है। खाना भी जयपुर में हमारे मित्र के यहां से भेजा जा रहा है। बस अस्पताल प्रशासन और सरकार से यही गुजारिश है कि हमें जल्द से जल्द होम क्वारेंटाइन कर दिया जाए या किसी होटल या फिर बड़े प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया जाए।<br /> <br /> <strong>ओमिक्रॉन पुराने वैरिएंट को मारने आया है, यह उतना पावरफुल नहीं : खाचरियावास</strong><br /> जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि- यह जो नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है, वह पुराने वाले खतरनाक वैरिएंट को मारने आया है। इसलिए यह कमजोर हो गया। यह मेरे व्यक्तिगत विचार है। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए खाचरियावास ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही। कांग्रेस की 12 दिसंबर को कोरोना के नए वैरिएंट के केस आने के बाद भी हो रही बड़ी रैली को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खाचरियावास ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि ओमिक्रॉन उतना पावरफुल नहीं है, यह पुराने वाले डेल्टा वैरिएंट को मारते हुए कमजोर हो गया है। मेरे एक विदेशी मित्र भी कह रहे थे कि यह वायरस पहले वाले खतरनाक वायरस का असर कम करेगा, ज्यादा तो विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। पहली लहर में मैं खुद कोरोना का शिकार हो चुका हूं, लेकिन दूसरी लहर ज्यादा घातक थी। फिर भी हमें ओमिक्रॉन से डरना होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पालना करना होगा। हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि जिन्दगी चलाना भी  बहुत जरूरी है। कोरोना के बाद लोग भूख से लड़ रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF---%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95--%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8/article-3005</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF---%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%95--%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%87%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8/article-3005</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Dec 2021 12:22:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/corona-test-5.jpg"                         length="252110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        