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                <title>owners - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जर्जर भवनों को मालिक खुद तोड़ दे, वरना निगम करेगा कार्रवाई</title>
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                        <![CDATA[पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/owners-must-demolish-the-dilapidated-buildings-themselves--or-the-corporation-will-take-action/article-144943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से शहर में जर्जर भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनमें उन्हें खुद तोड को कहा है। उनके ऐसा नहीं करने पर निगम कार्रवाई करेगा।नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में भवन पुराने व जर्जर हैं। जिनका नगर निगम की ओर से सर्वे कराया गया है। विशेष रूप से पुराने शहर में अनंत चतुर्दशी मार्ग व हैरिटेज वॉक मार्ग में ऐसे भवन अधिक हैं। उन भवनों पर लाल निशान तो लगाए हुए हैं। साथ ही अब निगम की ओर से सभी को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में हैं जर्जर भवन</strong><br />निगम अधिकारियों के अनुसार पुराने शहर में सबसे अधिक जर्जर भवन सूरजपोल, मोखापाड़ा, पाटनपोल और रामपुरा क्षेत्र में हैं। हालांकि बरसात के समय झालावाड़ जिले के पिपलोदी में हुए स्कूल भवन की छत हादसे में बच्चों की मौत के बाद सभी सरकारी व निजी जर्जर भवनों का सर्वे कराया गया था। लेकिन उसके बाद उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>..तो निगम वसूलेगा खर्चा</strong><br />आयुक्त ने बताया कि उन नोटिसों में भवन मालिकों से कहा गया है कि वे स्वयं उन्हें अपने स्तर पर हटा लें। यदि निर्धारित समय में वे ऐसा नहीं करते हैं तो निगम उन भवनों को ध्वस्त करेगा। उसका पूरा खर्चा हजार्ना भवन मालिकों से वसूल किया जाएगा।</p>
<p><strong>हादसों की आशंका अधिक</strong><br />आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से हर साल अनंत चतुर्दशी से पहले जर्जर भवनों का सर्वे कर उन पर लाल निशान लगाए जाते हैं। लेकिन उसके बाद भी उन भवनों को अभी तक नहीं तोड़ा गया है। जिससे अनंत चतुर्दशी व अन्य आयोजनों के दौरान भीड़ के उन मकानों पर चढ?े से हादसों की आशंका बनी रहती है।ऐसे में पहले से ही कार्यवाई की जाएगी तो हादसे व अनहोनी को टाला जा सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 16:00:52 +0530</pubDate>
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                <title>अब भूखंड मालिकों को होंगे नोटिस जारी </title>
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                        <![CDATA[ खाली पड़े भूखंडों पर फैली गंदगी से परेशान थे मोहल्लेवासी ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/now-notices-will-be-issued-to-the-plot-owners/article-125246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)72.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से खाली पड़े भूखंड कचरा फैंकने का अड्डा बन चुके हैं। इससे उठने वाली दुर्गंध और मच्छर व अन्य जहरीले जीव-जंतु बीमारियों का खतरा हर समय मंडराता रहता है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि जहां सरकार और प्रशासन स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हैं, वहीं कई जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी ही भूखंडों में गंदगी का कारण बने हैं। कई भूखंड सरकारी कर्मचारियों के नाम हैं, जो उन्हें खरीद तो लेते हैं, पर रख-रखाव या सफाई पर ध्यान नहीं देते। सूत्रों के अनुसार ये भूखंड भविष्य में दुगना-तिगुना दाम मिलने की आशा में खाली रखे जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्राम पंचायत ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भूखंड मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाई थी समस्या </strong><br />कवाई कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से खाली पड़े भूखंडों में कचरा फैंकने से होने वाली समस्या को लेकर नवज्योति ने 19 जुलाई को खबर को निजी भूखंड बीमारियों का बन रहे ठिकाना शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर यह हुआ कि ग्राम पंचायत प्रशासन हरकत में आया और अब ग्राम पंचायत ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भूखंड मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। जिससे अब मौहल्लेवासियों को गदंगी और बीमारियों से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए कस्बेवासियों और मोहल्लेवासियों ने नवज्योति का आभार जताया है। </p>
<p>जिन भूखंडों में गंदगी पाई गई है, उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें निर्धारित समय में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय पर सफाई नहीं कराई गई तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>-  रामप्रताप सिंह, विकास अधिकारी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 15:50:51 +0530</pubDate>
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                <title>एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण रोकने को लेकर बैठक : प्रतिबंधित वाहन रोकेंगे, मालिकों के मोबाइल पर जाएंगे मैसेज</title>
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                        <![CDATA[आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की बेहतरी के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालना की प्रगति रिपोर्ट ली। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/messages-will-be-stopped-on-the-mobiles-of-the-owners/article-123082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शासन सचिवालय में एनसीआर क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबन्धन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में प्रदूषण रोकने को लेकर बैठक हुई। जिसमें मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित आला अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पंत ने निर्देश दिए हैं कि एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए सख्ती हो। वाहन मालिको और चालको को मोबाइल मैसेज भेज कर एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंध होने की जानकारी दें। साथ ही नेशनल हाईवे पर साइन बोर्ड लगाए जाएं, जिससे राजधानी से जाने वाले वाहन दूसरे मार्ग से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचे। प्रतिबंधित ऑटो रिक्शा और अन्य डीजल वाहनों पर निगरानी रखी जाए। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की बेहतरी के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के पालना की प्रगति रिपोर्ट ली। </p>
<p>उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य और सतत विकास से जुड़ा गंभीर विषय है। जैव सामग्री जलाने से उत्पन्न प्रदूषण पर नियंत्रण कार्य की सराहना भी की। बैठक में निर्माण कार्यों से होने वाले धूल प्रदूषण, कैमरा इंस्टालेशन, ई-कॉमर्स व डिलीवरी सेवा प्रदाताओं की ओर से प्रतिबंधित वाहनों के उपयोग को रोकने, डीजल आॅटो रिक्शा को स्क्रैप करने, सीएएक्यूएमएस स्थापित करने, हरियालो राजस्थान की प्रगति पर भी चर्चा हुई। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 11:21:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेवानिवृत्त प्रोफेसर के पक्ष में विधिक परामर्श, फिर भी धरना - 41 डिग्री तापमान में 8 घंटे तपाया</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[उदयपुर सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. अनिल कोठारी ने बुधवार को 41 डिग्री से अधिक तापमान में 8 घंटे धरना दिया, उसके बाद उन्हें पेंशन जारी की गई। दरअसल, प्रो. कोठारी के पेंशन को लेकर सुविवि प्रबंधन ने विधिक परामर्श लेने का निर्णय लिया था।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/administration-battered-city-stricken-in-front-of-owners-of-breakdown-vehicles/article-11020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww1.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. अनिल कोठारी ने बुधवार को 41 डिग्री से अधिक तापमान में 8 घंटे धरना दिया, उसके बाद उन्हें पेंशन जारी की गई। दरअसल, प्रो. कोठारी के पेंशन को लेकर सुविवि प्रबंधन ने विधिक परामर्श लेने का निर्णय लिया था। यह परामर्श प्रो. कोठारी के पक्ष में गया लेकिन कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह की अनुपस्थिति और कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीके सिंह के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला होने से प्रो. कोठारी की पेंशन जारी करने से मना कर दिया गया। ऐसे में प्रो. कोठारी ने प्रशासनिक भवन के बाहर तपती धूप में धरना दिया। ऐसे में सुविवि प्रबंधन ने कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह से संपर्क साधा तो पहले तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया, उसके बाद उनके पुत्र से संपर्क कर बात की गई तो उन्होंने 45 मिनट में आदेश जारी करने की बात कही, लेकिन आदेश जारी नहीं किए। उसके बाद शाम 6.15 बजे यह आदेश जारी किए गए। जिसके बाद प्रो. कोठारी ने धरना समाप्त किया।<br /><br /><strong>न ऑनलाइन स्वीकृति दी और न मौखिक</strong><br />बता दें, कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह ने दस दिवसीय अवकाश लेने से पहले राजभवन को लिखे पत्र में कहा गया कि कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीके सिंह सारी जिम्मेदारी देखेंगे, लेकिन विशेष मामलों में खुद कुलपति अमेरिका सिंह आॅनलाइन या मौखिक स्वीकृति देंगे। लेकिन प्रो. कोठारी के मामले में ऐसा नहीं हुआ। प्रो. कोठारी को आठ घंटे धूप में तपने के बाद मेल से स्वीकृति जारी की गई। ऐसे में धूप में धरने पर बैठे प्रो. कोठारी की तबियत भी खराब हो गई। इस बीच रजिस्ट्रार सीआर देवासी ने प्रो. कोठारी से समझाइश के काफी असफल प्रयास किए। रजिस्ट्रार ने इस संबंध में मुख्य सचिव, राजभवन और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मामले की सूचना दे दी है।  वहीं, पूर्व केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष निखिलराज सिंह भी प्रो. कोठारी के समर्थन में उनके साथ धरने पर बैठे।<br /><br /><strong>यह है मामला</strong><br />प्रो. अनिल कोठारी की इसी साल सेवानिवृत्ति के बाद से ही इनके पेंशन परिलाभ जारी नहीं किए गए। ऐसे में प्रो. कोठारी ने कुछ दिनों पूर्व बेमियादी अनशन की चेतावनी दी थी, लेकिन उससे पहले कुलपति प्रो. सिंह के निर्देश पर उनके द्वारा नियुक्त कार्यवाहक कुलपति ने बातचीत कर मामला टालकर आश्वासन दिया कि विधिक परामर्श लेने के बाद पेंशन जारी कर दी जाएगी। ऐसे में विधिक परामर्श लिया गया, तो प्रो. कोठारी के पक्ष में निर्णय गया। प्रो. कोठारी ने इसकी सूचना पर सुविवि प्रबंधन से संपर्क साधा तो उन्हें यह कहकर स्पष्ट मना कर दिया कि जब तक कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह के आदेश प्राप्त नहीं होते हैं तब तक पेंशन जारी नहीं की जा सकती है। ऐसे में प्रो. कोठारी ने इस नियम का विरोध करते हुए प्रशासनिक भवन के बाहर धूप में धरना दिया।</p>
<p><br /><strong>इनका कहना है..</strong><br />सेवानिवृत्त प्रो. कोठारी की पेंशन को लेकर विधिक परामर्श लिया गया था, जो उनके पक्ष में आया। कार्यवाहक कुलपति द्वारा इसे विशेष मामले में रखते हुए अधिकार से बाहर होना बताया। कुलपति प्रो. सिंह ने बुधवार शाम 6.15 बजे मेल कर आदेश जारी किए। धूप में अकेले धरने पर बैठे प्रो. कोठारी से समझाइश भी की लेकिन वे नहीं माने। -<strong>सीआर देवासी, रजिस्ट्रार, सुविवि</strong></p>
<p> </p>
<p><br /> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 13:17:57 +0530</pubDate>
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                <title> ब्रेकडाउन वाहनों के मालिकों के आगे प्रशासन पस्त-शहर त्रस्त</title>
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                        <![CDATA[शहर के विभिन्न वीआईपी और सामान्य मार्गों के किनारे पड़े ब्रेकडाउन वाहन सभी के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/udaipur-news-administration-battered-city-stricken-in-front-of-owners-of-breakdown-vehicles/article-8522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/car.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। शहर के विभिन्न वीआईपी और सामान्य मार्गों के किनारे पड़े ब्रेकडाउन वाहन सभी के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। प्रशासन इन वाहनों के मालिकों के आगे पस्त हो चुके हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व जिला प्रशासन और नगर निगम की पहल पर इन ब्रेकडाउन वाहन मालिकों को नोटिस देकर पंद्रह दिनों में इन वाहनों को हटाने के लिए पाबंद किया था, लेकिन ये नोटिस हवा हो गए। </p>
<p><br />प्रशासन की सख्ती के बावजूद शहर में कहीं से भी ब्रेकडाउन वाहन नहीं हटाए गए है। परिवहन विभाग और ट्रेफिक पुलिसकर्मी रोज यातायात समस्या से जूझते हैं, लेकिन उन्हें यातायात में बाधक बन रहे ये वाहन नजर नहीं आते हैं। इनमें से कई ब्रेकडाउन वाहन समाज कंटकों के अड्डे बन चुके हैं तो कई सार्वजनिक सुविधा का रूप ले चुके हैं। साथ ही इन वाहनों से आमजन परेशान हो रहा है। सड़कों पर किनारे पड़े इन वाहनों की आड़ में अतिक्रमण भी पनप रहे हैं। यह मुद्दा लम्बे समय से यातायात प्रबंधन समिति की बैठकों में चर्चा का विषय रहा है, लेकिन इस संबंध में हुए फैसलों पर अमल नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। <br /><br /><strong>नेता प्रतिपक्ष ने दिए थे निर्देश</strong><br />ब्रेकडाउन वाहनों को शहर से बाहर करने के खुद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने नगर निगम को निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि जो ब्रेकडाउन वाहन सड़क किनारे पड़े हैं, उनके मालिकों को नोटिस थमाओ और पंद्रह दिन के बाद इन वाहनों को परिवहन विभाग के साथ मिल कर जब्त किया जाए। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन समाप्त करने की कार्रवाई करे और नगर निगम इन वाहनों को कबाड में बेच दे। इस निर्देश पर निगम ने वाहन मालिकों को नोटिस तो थमा दिए, लेकिन आज दिन तक ये वाहन जब्त नहीं हो पाए हैं। <br /><br /><strong>बार बार लगता है जाम</strong><br />इन वाहनों के बेतरतीब सड़कों पर पड़े रहने के कारण बार बार जाम की स्थितियां बनती है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि इन ब्रेकडाउन वाहनों के कारण दोनों तरफ का ट्रेफिक जाम हो जाता है, ऐसे में इतना भी स्थान नहीं रहता है कि दोपहिया वाहन भी निकल जाए। इन जाम में कई बार बाल वाहिनियां और एंबुलेंस भी फंस जाती है। जो घंटों बाहर नहीं निकल पाती है। विशेष रूप से जब शहर में कोई बड़ी परीक्षा का आयोजन हो या पर्यटक सीजन हो तो यह ब्रेकडाउन वाहन सबसे बड़े ब्रेकरसाबित हो जाते हैं।</p>
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                                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 16:52:49 +0530</pubDate>
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                <title>पहली बार डॉग शो में विजिटर्स भी बन सकेंगे डॉग ऑनर्स</title>
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                        <![CDATA[दो साल बाद आयोजित हो रहा डॉग शो]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61b1b7593e595/article-3032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/whatsapp-image-2021-12-09-at-09.54.18.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश में पहली बार अनोखा डॉग शो जयपुर में आयोजित होने जा रहा है जहां शो में आने वाले विजिटर्स भी डॉग ओनर बनकर वापस लौटेंगे। आगामी 12 दिसंबर को शहर के दशहरा मैदान पर आयोजित होने वाले जयपुर डॉग शो में पहली बार डॉग एडॉप्शन कैंप भी होगा जिसमें डॉग्स की अनोखी ब्रीड्स देखने के लिए आने वाले विजिटर्स भी इंडी पपीज फ्री गोद ले सकेंगे।<br /> <br /> <strong>दो साल बाद आयोजित हो रहा डॉग शो </strong><br /> कैनल क्लब ऑफ इंडिया के राजस्थान सेक्रेटरी और शो के ऑर्गनाइजर वीरेन शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल में डॉग शो आयोजित नही किया जा सका। अब दो साल बाद डॉग शो हो रहा है जिसमें पार्टीसिपेट करने के लिए हमारे पास देशभर से काफी एंट्रीज आई हैं। इस दौरान कोविड से जुड़े सभी प्रोटोकोल्स का पालन किया जाएगा। <br /> <br /> डॉग शो को केसीआई आधिकारिक जज लखनऊ के केके त्रिवेदी व बेंगलुरु के टी. प्रीथम जज करेंगे जो डॉग्स की ब्रीड, रखरखाव, बिहेवियर के आधार पर चैम्पियन डॉग का चुनाव करेंगे। शो में राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, असम, कर्नाटक सहित कई स्टेट्स से डॉग्स आ रहे हैं। शो में अपने टाइटल को सेव करने के लिए चैंपियन डॉग्स और दूसरे डॉग्स उस टाइटल को जीतने के लिए पूरा जोर लगाने वाले हैं। डॉग ऑनर के लिए पोस्टर मेकिंग, फेस पेंटिंग जैसी एक्टिविटज होंगी। डॉग शो सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित किया जाएगा। विजेता डॉग की घोषणा ऑन द स्पॉट की जाएगी। <br /> <strong><br /> ऑन द स्पॉट करवा सकेंगे केसीआई रजिस्ट्रेशन</strong><br /> डॉग शो में डॉग ओनर्स ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी करवा सकेंगे। वीरेन शर्मा ने बताया कि डॉग शो में सिर्फ केसीआई से रजिस्टर्ड डॉग्स ही पार्टीसिपेट कर सकते हैं इसीलिए शो के दौरान डॉग्स के लिए ऑन द स्पॉट कैनल क्लब ऑफ इंडिया का रजिस्ट्रेशन भी कराया जा सकेगा जोकि अनिवार्य है। कैनल क्लब के रजिस्ट्रेशन में डॉग को खास तरह की माइक्रोचिप लगाई जाती है जिससे डॉग को एक रजिस्ट्रेशन नंबर और सर्टिफिकेट मिलेगा। इसके अलावा डॉग के गुम हो जाने पर उसकी लाइव ट्रेसिंग भी की जा सकेगी।</p>]]>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 14:25:07 +0530</pubDate>
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