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                <title>india-russia - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रूस-पाक में जमीनी ट्रेड, सैन्य अभ्यास और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के इंजन की डील</title>
                                    <description><![CDATA[रूस और पाकिस्तान तुर्की में हुई बैठक में सीधी हवाई और जमीनी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। रूस द्वारा जेएफ-17 विमानों के लिए आरडी-93 इंजनों की आपूर्ति और संयुक्त सैन्य अभ्यासों ने भारत की सामरिक चिंताएं बढ़ा दी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-pak-ground-trade-military-exercises-and-deal-for-engines-of/article-143603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pakistan-and-russia.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान और रूस के बेहतर होते संबंधों ने हालिया समय में दुनिया के बड़े हिस्से, खासतौर से भारत का ध्यान खींचा है। दोनों देश बीते हफ्ते तुर्की में हुई एक बैठक में सीधे जमीनी और हवाई संपर्क बनाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों में सहयोग सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। रूस से पाकिस्तान को जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के इंजन सप्लाई लगातार चर्चा में रही है। चीन की मदद से बने पाकिस्तान के इस विमान में रूस का इंजन लगा है। रूस के पाकिस्तान को आरडी-93एमए इंजन सप्लाई करने ने भारत में इस बहस को जन्म दिया है कि क्या उसका पारंपरिक सहयोगी मॉस्को इस्लामाबाद की तरफ जा रहा है। ओआरएफ की रिपोर्ट बताती है कि यह नया नहीं है क्योंकि रूसी मिलिट्री एक्सपर्ट लंबे समय से भारत के अलावा पाकिस्तान को भी हथियार सप्लाई करने पर जोर दे रहे हैं। इसी सोच का असर हालिया संबंधों पर दिखता है। हालांकि रूस को पाकिस्तान पर अभी भी बहुत भरोसा नहीं है।</p>
<p><strong>एसयू-27 देने पर भी किया था विचार</strong></p>
<p>पाकिस्तान और रूस का रक्षा सहयोग 1990 के दशक में भी बढ़ा था, जब मॉस्को ने इस्लामाबाद को एसयू-27 देने का फैसला लिया था। हालांकि, बाद में भारत के एतराज पर यह डील रद्द कर दी गई। मिसाइलें, टैंक, स्टील्थ फ्रिगेट और आर्टिलरी गन खरीदने के पाकिस्तानी प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चले गए। हालिया वर्षों में दोनों में कई समझौते हो गए हैं। हालिया वर्षों में भारत ने रूस के मिलिट्री हार्डवेयर पर अपनी निर्भरता कम की है तो दूसरी ओर मॉस्को ने पाकिस्तान को डिफेंस सप्लाई की तरफ ध्यान दिया है। हालांकि, इसमें इस्लामाबाद की खरीदारी की सीमित क्षमता एक अड़चन है। वहीं पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी की अनिश्चित्ता भी मॉस्को की हथियार डील पर चिंता को गहरा करती रही है।</p>
<p><strong>रूसी इंजन पर निर्भरता</strong></p>
<p>चीन और पाकिस्तान अपने जेट के लिए रूस में बने इंजनों पर निर्भर हैं। आरडी-93 रूसी मिग-29 फाइटर जेट में इस्तेमाल होने वाले आरडी-33 इंजन का एक्सपोर्ट वेरिएंट है। इन इंजन को चीन और पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर के लिए डिजाइन किया गया है। रूस ने 2007 से पाकिस्तान को आरडी-93 इंजन डिलीवर किए हैं। रूस-पाकिस्तान के बीच बातचीत का एक और पहलू जॉइंट मिलिट्री ड्रिल है, जो अब रेगुलर बन गई है। द्रुज्बा काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज का लेटेस्ट एडिशन 15 से 27 सितंबर 2025 तक रूस के सदर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट में हुआ था। ये एक्सरसाइज सितंबर 2016 से दो सालों को छोड़कर रेगुलर तरीके से चल रही है। रूस और पाकिस्तान ने फ्रेमवर्क में नेवी एक्सरसाइज को शामिल किया है। मार्च 2025 में रूस और पाकिस्तान की नेवी ने नॉर्थ अरब सागर में अरेबियन मानसून जॉइंट एक्सरसाइज की थी। इसका मकसद इंटर ऑपरेबिलिटी को बढ़ाना और समुद्री सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए जॉइंट कमिटमेंट दिखाना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से पहले 'ड्यूमा' ने सैन्य रसद समझौते को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी ड्यूमा ने भारत-रूस रसद समर्थन समझौते को मंजूरी दी, जिससे सैन्य कर्मियों, जहाज़ों और विमानों की तैनाती एवं पारस्परिक उपयोग आसान होगा। फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित यह समझौता संयुक्त अभ्यास, मानवीय मिशन और आपदा राहत को सुचारू करेगा। पुतिन की भारत यात्रा से पहले यह बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/duma-approves-military-logistics-agreement-before-russian-president-putins-visit/article-134556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/putin-india-visit.png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूसी संसद के निचले सदन 'ड्यूमा' ने मंगलवार को भारत के साथ एक प्रमुख अंतर-सरकारी समझौते को मंजूरी प्रदान की जिसमें एक-दूसरे के क्षेत्र में सैन्य कर्मियों के साथ-साथ सैन्य जहाजों एवं विमानों को भेजने की प्रक्रिया शामिल है। यह रसद समझौता 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चार दिसंबर से शुरू हो रही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा से पहले रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>फरवरी 2025 में भारतीय राजदूत विनय कुमार और तत्कालीन रूसी उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन द्वारा हस्ताक्षरित रसद समर्थन के पारस्परिक समझौते के माध्यम से दोनों देशों के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय मिशन एवं आपदा राहत कार्यों के लिए सैन्य सुविधाओं, हवाई क्षेत्र एवं बंदरगाहों के पारस्परिक उपयोग की सुविधा प्राप्त होगी है। इससे आर्कटिक जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी परिचालन सुचारू हो सकेगा।</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि, समझौते में, रूस की सैन्य इकाइयों, नौसैनिक जहाजों एवं सैन्य विमानों को भारतीय क्षेत्र में भेजने की प्रक्रियाओं पर रूसी सरकार एवं भारत सरकार के बीच समझौता और भारत की सैन्य इकाइयों, नौसैनिक जहाजों और सैन्य विमानों को रूसी क्षेत्र में भेजने और उनके पारस्परिक सैन्य समर्थन पर 18 फरवरी, 2025 को मास्को में हस्ताक्षरित समझौते की पुष्टि की जाएगी। एक विस्तृत नोट में इस बात पर बल दिया गया है कि, यह समझौता सैनिकों की तैनाती, नौसेना के जहाजों द्वारा बंदरगाहों पर आने-जाने तथा रूसी एवं भारतीय सैन्य विमानों द्वारा हवाई क्षेत्र और हवाई क्षेत्र अवसंरचना के उपयोग को सुविधाजनक बनाएगा।</p>
<p>दस्तावेजों में अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता, आपदा राहत और अन्य संयुक्त गतिविधियों में दोनों देशों की सैन्य संरचनाओं, नौसैनिक जहाजों और सैन्य विमानों के लिए रसद सहायता की व्यवस्था की रूपरेखा भी तैयार की गई है। कैबिनेट ने इस बात पर बल दिया कि इस समझौते के माध्यम से हवाई क्षेत्र का पारस्परिक उपयोग आसान होगा और रूसी तथा भारतीय युद्धपोतों को एक-दूसरे के बंदरगाहों तक पहुंचने में आसानी होगी। कुल मिलाकर यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को काफ़ी मजबूत करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 15:31:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पिछले साल रूस से भारत को तेल की आपूर्ति 22 गुना बढ़ी : नोवाक</title>
                                    <description><![CDATA[अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा  '' भारत को तेल की आपूर्ति पिछले साल 22 गुना बढ़ी है। वहीं चीन और अन्य देशों में भी इसकी आपूर्ति में बढ़ोतरी हुई है"]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russias-oil-supply-to-india-increased-22-times-last-year/article-41067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/alexander_novak_(2019-11-06).jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने मंगलवार को कहा कि रूस से भारत को तेल की आपूर्ति 2022 में 22 गुना बढ़ गयी है।</p>
<p>अलेक्जेंडर नोवाक ने रूसी ऊर्जा मंत्रालय की बैठक में यह जानकारी दी ।</p>
<p>उन्होंने कहा,  '' भारत को तेल की आपूर्ति पिछले साल 22 गुना बढ़ी है। वहीं चीन और अन्य देशों में भी इसकी आपूर्ति में बढ़ोतरी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Mar 2023 17:13:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को रूसी हथियारों से दूर करने के लिए तीन अमेरिकी सीनेटरों का विधायी संशोधन पेश</title>
                                    <description><![CDATA[सीनेट में भारतीय काकस के सह-अध्यक्ष सीनेटर मार्क वार्नर, सीनेटर जैक रीड व जिम इनहोफ ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम में संशोधन को लेकर कहा कि भारत अपनी सीमा पर चीन से गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/three-us-senators-introduced-legislative-amendment-to-wean-india-away-from-russian-weapons/article-25195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q8.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। साझे लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित भारत-अमेरिका की मजबूत रक्षा भागीदारी को हिंद प्रशांत क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के तीन सीनेटरों ने एक विधायी संशोधन पेश किया है। विधेयक में कहा गया है कि यह बाइडन प्रशासन को भारत को रूसी हथियारों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध करता है। सीनेट में भारतीय काकस के सह-अध्यक्ष सीनेटर मार्क वार्नर, सीनेटर जैक रीड व जिम इनहोफ ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम में संशोधन को लेकर कहा कि भारत अपनी सीमा पर चीन से गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। दरअसल, मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ से भारत और चीन के बीच संबंधों में काफी कड़वाहट आ गई है और सीमा पर सैन्य गतिरोध बना हुआ है। <br /><br />संशोधन में कहा गया है कि अमेरिका को भारत की रक्षा जरूरतों का समर्थन करते हुए उसे रूस निर्मित हथियार व रक्षा प्रणाली न खरीदने के लिए प्रेरित करने को अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए। भारत अपनी राष्ट्रीय रक्षा के लिए रूस निर्मित हथियारों पर अधिक निर्भर रहता है। अक्टूबर, 2018 में भारत ने अमेरिकी चेतावनी को दरकिनार करते हुए एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की पांच यूनिट खरीदने के लिए पांच अरब डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Oct 2022 11:10:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-रूस संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अकेले में व्यापक बातचीत के बाद सोमवार को अपने बयान में भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7/article-3036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/modi_putin1.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अकेले में व्यापक बातचीत के बाद सोमवार को अपने बयान में भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और वक्त की कसौटी पर खरा उतरा मित्र बताया। यह बात संभवत: चीनी नेताओं के कान में भी पहुंची होगी, जिन्होंने सालों से भारत से दोस्ती की बातें करते-करते हर वक्त भारत को धोखा दिया और भारत की चिंताओं व दोस्ती की कीमत को नहीं समझा। राष्ट्रपति पुतिन के बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस के संबंधों में कभी बदलाव नहीं हुआ और हमें अपनी दोस्ती पर नाज है। दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी प्रगाढ़ हो रही है। भारत-रूस के प्रतिनिधि मण्डलों की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों के साथ कुल 28 समझौतों पर सहमति बनी। सबसे बड़ा समझौता ऐके-203 असाल्ट राइफलें के निर्माण पर हुआ। उत्तर प्रदेश के अमेटी कस्बे में 6 लाख से ज्यादा अत्याधुनिक ऐके-203 असाल्ट राइफलों के निर्माण का कारखाना स्थापित होगा, जिसमें रूस के सहयोग से संयुक्त निर्माण होगा। इसके अलावा आत्म निर्भरता के क्षेत्र में छोटे व बड़े हथियारों पर आधारित सैन्य सहयोग जारी रहेगा और सैन्य सहयोग की अवधि 2021 से बढ़ाकर 2031 तक बढ़ाने का भी समझौता हुआ। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक सहयोग जारी रखने पर समझौता हुआ। भारत-रूस के बीच शिखर वार्ता चीन को रास नहीं आ रही है। इस शिखर वार्ता में पूर्व चीन द्वारा बड़ी कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं दी जा रही थीं। पुतिन के साथ रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा मंत्री के साथ वार्ता की और वार्ता में सिंह ने चीन का नाम लिए बिना पूर्वी लद्दाख में चल रही सैन्य गतिविधियों का जिक्र किया। रूस के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री ने मुलाकात की और उन्होंने रूस से एस 400 मिसाइलें खरीदे जाने के बारे में कहा कि अमेरिका सहित कोई भी देश भारत की सार्वभौमिकता व अपनी रक्षा की तैयारियों से नहीं रोक सकता। बदलते विश्व के घटनाक्रमों के बीच भारत व रूस की दोस्ती मजबूती से आगे बढ़ रही है। भारत-रूस के बीच काफी पुराने रिश्ते हैं और उनमें उतार-चढ़ाव भी आते रहे हैं, लेकिन रूस भारत का सहयोग करने में कभी पीछे नहीं रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 15:53:57 +0530</pubDate>
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