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                <title>vladimir putin - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>vladimir putin RSS Feed</description>
                
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                <title>BRICS में दिखी एकजुटता: मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मौजूदगी में मिडिल ईस्ट पर साझा रुख, आतंकवाद और टैरिफ पर भी जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'फैमिली फोटो' में हिस्सा लिया। सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और व्यापारिक प्रतिबंधों पर चिंता व्यक्त की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/unity-seen-in-brics-in-the-presence-of-modi-putin-jinping-common/article-165521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/brics-summit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत सदस्य देशों के नेताओं ने फैमिली फोटो में हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवादों के समाधान की अपील की। </p>
<p>भारत की कूटनीतिक पहल के बाद BRICS देशों ने नई दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूर किया। इसमें आतंकवाद के सभी रूपों, आतंकवाद की फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई गई। घोषणा में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी निंदा की गई। इसके अलावा सदस्य देशों ने एकतरफा टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों पर चिंता जताते हुए WTO आधारित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। सम्मेलन में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:01:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान में 2027 में पुतिन के दौरे की उम्मीद, एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले इस्लामाबाद आ सकते हैं रूसी राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[रूस में पाकिस्तान के राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने कहा कि इस्लामाबाद 2027 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा की उम्मीद कर रहा है। पाकिस्तान 2026-27 के लिए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता संभाल रहा है और वह चाहता है कि पुतिन का दौरा 2027 में आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/putins-visit-to-pakistan-expected-in-2027-russian-president-may/article-165184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)32.png" alt=""></a><br /><p>व्लादिवोस्तोक। रूस में पाकिस्तान के राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने स्पुतनिक को बताया कि पाकिस्तान 2027 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा की उम्मीद कर रहा है।</p>
<p>पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) के दौरान एक राजनयिक ने बताया कि इस्लामाबाद चाहता है कि पुतिन का पाकिस्तान दौरा 2027 में पाकिस्तान में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो।</p>
<p>किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर 2026-27 के लिए एससीओ की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता संभाली। अध्यक्ष के तौर पर, पाकिस्तान इस्लामाबाद में 2027 एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 16:26:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने पर दिया जोर, जेलेंस्की ने प्रस्ताव का स्वागत किया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए तीनों देशों की त्रिपक्षीय वार्ता फिर से शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत के बाद कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की। जेलेंस्की ने सुरक्षा व आर्थिक गारंटी के साथ प्रस्ताव का स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-insisted-on-resuming-trilateral-talks-to-end-russia-ukraine-war/article-164946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/ja.png" alt=""></a><br /><p>कीव। अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत यूक्रेन और रूस के साथ त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने पर जोर दिया है। अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ इस मसले पर महत्वपूर्ण बातचीत की। यह बैठक विटकॉफ और कुशनर की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बातचीत के एक दिन बाद हुई। कुशनर ने कहा कि छह महीने पहले हुए त्रिपक्षीय वार्ता प्रारूप को फिर शुरू करना बातचीत को आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका को मॉस्को और कीव से अलग-अलग बात करने के बजाय तीनों पक्ष सीधे संवाद कर सकेंगे।</p>
<p>जेलेंस्की ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यूक्रेन यूरोपीय देशों को शामिल कर व्यापक वार्ता के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि तीन दौर की "बहुत महत्वपूर्ण" बातचीत हो चुकी है और आने वाले समय में यूक्रेन, यूरोप और अमेरिका की फिर बैठक होगी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सर्दियों को लेकर अपनी चिंताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युद्ध जारी रहने की स्थिति में यूक्रेन को वायु रक्षा, ऊर्जा क्षेत्र में सहायता और बड़ी मात्रा में अमेरिकी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक गारंटी भी जरूरी है ताकि वह युद्ध के बाद पुनर्निर्माण कर सके।</p>
<p>जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध के बाद भी यूक्रेन की सेना मजबूत रहनी चाहिए और सुरक्षा गारंटियां इतनी स्पष्ट एवं मजबूत होनी चाहिए कि रूस के किसी संभावित भविष्य के हमले को रोका जा सके। क्षेत्रीय मुद्दा अभी भी बातचीत की सबसे कठिन समस्याओं में बना हुआ है। श्री जेलेंस्की ने कहा कि क्षेत्रीय विवाद जैसे जटिल मुद्दों का समाधान केवल दोनों देशों के नेताओं के स्तर पर ही संभव है। इस बीच, यूक्रेन रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका से नए प्रतिबंधों का भी समर्थन चाहता है। कीव ने अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के प्रयासों पर भरोसा जताया है और अमेरिकी सीनेट में नये प्रतिबंध पैकेज पर मतदान की उम्मीद की है। यूक्रेनी अधिकारियों ने सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के उस आकलन का भी उल्लेख किया कि प्रतिबंध पैकेज के पारित होने की अच्छी संभावना है।</p>
<p>विटकॉफ ने पुतिन के साथ अपनी हालिया बैठक को "उपयोगी और ठोस" बताते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क बनाए रखना शांति समझौते के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह समाधान को लेकर आशावादी हैं। इससे पहले शनिवार को विटकॉफ और कुशनर ने क्रेमलिन में पुतिन के साथ करीब तीन घंटे बातचीत की थी। क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव ने इसे "उपयोगी" बताते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा की गंभीर तैयारी की थी और लड़ाई जल्द समाप्त करने के लिए संभावित रास्तों पर कई सुझाव रखे। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और रूस ने कूटनीतिक प्रक्रिया के अगले चरण के लिए ठोस योजनाओं पर भी चर्चा की है, जिनकी घोषणा आने वाले सप्ताहों में की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:03:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तुर्की ने रूस-यूक्रेन शांति वार्ता फिर इस्तांबुल में शुरू कराने की पहल की, पश्चिमी देशों से समर्थन देने की अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में शांति वार्ता फिर से शुरू करने का समर्थन किया है। अंकारा ने कहा कि सीधी बातचीत से युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की राह आसान हो सकती है। तुर्की ने पश्चिमी देशों से इस पहल का समर्थन करने का आग्रह किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/turkey-took-the-initiative-to-restart-russia-ukraine-peace-talks-in/article-164925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्की को उम्मीद है कि रूस-यूक्रेन वार्ता प्रक्रिया को फिर से इस्तांबुल लाया जा सकता है और उसका मानना है कि पश्चिमी देशों को इस पहल का समर्थन करना चाहिए। यह जानकारी तुर्की सरकार के सूत्र ने स्पुतनिक को दी। रूस और यूक्रेन के बीच 2025 में इस्तांबुल में सीधी बातचीत के तीन दौर हुए। इसके परिणामस्वरूप कैदियों का आदान-प्रदान हुआ। इसके अलावा, रूस ने मारे गए यूक्रेनी सैनिकों के शव यूक्रेन को सौंपे गए। दोनों पक्षों ने संघर्ष के समाधान पर मसौदा ज्ञापन का भी आदान-प्रदान किया।</p>
<p>सूत्रों ने कहा, "तुर्की रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में वार्ता फिर से शुरू करने का समर्थन करता है। हमारा मानना है कि लगातार प्रत्यक्ष संवाद युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रगति के लिए परिस्थितियां पैदा कर सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि पश्चिमी देश भी इस रुख का समर्थन करें, क्योंकि व्यापक अंतरराष्ट्रीय मदद के बिना, कोई चिरस्थायी नतीजा प्राप्त करना काफ़ी मुश्किल होगा।"</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, तुर्की नेतृत्व इस्तांबुल को एक स्थापित वार्ता मंच के रूप में देखता है, जहाँ रूस और यूक्रेन के पक्षों को सीधे बातचीत करने का अनुभव है। सूत्र ने जोर देकर कहा कि अंकारा दोनों पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है और वार्ताकारों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने में मदद करने के लिए तैयार है।</p>
<p>सूत्र ने कहा, "हमारा मानना है कि बातचीत जारी रहनी चाहिए। हम इसके लिए इस्तांबुल की जगह उपलब्ध कराने और ज़रूरी मदद देने को तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अब यह बहुत ज़रूरी है कि वे सिर्फ़ शांति की अपील करने से आगे बढ़कर ऐसे व्यावहारिक कदमों का समर्थन करें जिनसे दोनों पक्ष बातचीत की ओर बढ़ सकें।"</p>
<p>गौरतलब है कि जून के आखिर में सरकार के नुमाइंदों के साथ हुई एक बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस, 2022 में इस्तांबुल में हुए समझौतों के आधार पर यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है। रूस ने जमीनी हकीकत के आधार पर यूक्रेन के साथ शांति बातचीत के लिए अपनी तैयारी पर निरंतर जोर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:01:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पुतिन से मिले ट्रंप के विशेष दूत विटकॉफ और कुशनर, रूस-अमेरिका ने यूक्रेन शांति वार्ता के अगले कदमों पर की चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को स्थित क्रेमलिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की। तीन घंटे से अधिक चली इस वार्ता में यूक्रेन शांति प्रक्रिया के भावी कदमों पर चर्चा हुई। रूस ने संघर्ष के मूल कारणों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-special-envoy-witkoff-and-kushner-meet-putin-russia-us-discuss/article-164818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump-and-putin.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की। इस दौरान रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने यूक्रेन शांति वार्ता के अगले कदमों पर चर्चा की। पुतिन ने शनिवार को क्रेमलिन में हुई इस मुलाकात के दौरान यूक्रेन शांति वार्ता में आगे के कदमों पर चर्चा की। इस चर्चा में रूस की ओर से क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) किरिल दिमित्रिएव ने बातचीत में हिस्सा लिया। दिमित्रिएव अन्य देशों के साथ निवेश और आर्थिक सहयोग के लिए पुतिन के विशेष प्रतिनिधि भी हैं। बातचीत के दौरान, रूसी राष्ट्रपति ने स्थिति को मुश्किल बताया और यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए अमेरिकी पक्ष के प्रयासों का ज़िक्र किया। उशाकोव ने संवाददाताओं से कहा कि पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के सभी मूल कारणों को हल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष ने बातचीत के दौरान विशेष सैन्य अभियान के दौरान बन रही स्थिति का स्पष्ट और विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "रूसी पक्ष ने युद्ध क्षेत्र में रूसी सेना की वास्तविक बढ़त का उल्लेख किया , अपने लक्ष्यों को हासिल करने का भरोसा जताया और निश्चित रूप से, संघर्ष के सभी मूल कारणों का समाधान करने की जरूरत पर जोर दिया ।" रूस लगातार यूक्रेन पर नाजी नेताओं के पुनर्वास और महिमामंडन का आरोप लगाता रहा है। रूस के अनुसार, कई पश्चिमी राजनेताओं ने भी इस मुद्दे की अनदेखी की है। उशाकोव ने संवाददाताओं से कहा, "इस बात पर सहमति बनी है कि दोनों देशों (रूस और अमेरिका) के राष्ट्रपति व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखेंगे और विटकॉफ तथा कुशनर के स्तर पर भी बातचीत जारी रहेगी।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत को एस-400 की आपूर्ति पर पुतिन-मोदी ने की संक्षिप्त चर्चा, रूस ने कहा- कोई खास बातचीत नहीं हुई</title>
                                    <description><![CDATA[बिश्केक में आयोजित बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत को एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति पर संक्षेप में बातचीत हुई। रूसी अधिकारियों के अनुसार, 2018 में हुए 5.43 अरब डॉलर के समझौते के तहत शेष प्रणालियों की आपूर्ति पर आगे विस्तृत विचार किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/putin-modi-briefly-discussed-the-supply-of-s-400-to-india-russia/article-164435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/modi-and-putin.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बिश्केक में बातचीत के दौरान भारत को रूसी एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति के मुद्दे पर संक्षेप में चर्चा हुई। रुस की सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए संघीय सेवा के प्रमुख दिमित्री शुगाएव ने यह जानकारी दी। जब शुगाएव से पूछा गया कि क्या नेताओं ने एस-400 की आपूर्ति का मुद्दा उठाया था, तो उन्होंने कहा, "बस संक्षेप में। कोई खास चर्चा नहीं हुई।"</p>
<p>उन्होंने बताया कि इन प्रणाली की आपूर्ति की योजना है और इस पर विस्तार से विचार करने की ज़रूरत है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2018 में रूस और भारत ने कुल 5.43 अरब डॉलर की कीमत वाले पांच एस-400 वाय रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए पहले अनुबंध पर हस्ताक्षर किये थे। पहली तीन यूनिट 2021 और 2023 के बीच आपूर्ति की गईं, जबकि बाकी दो के 2026 और 2027 में आने की उम्मीद है। मार्च 2026 में भारत ने नए एस-400 प्रणाली खरीदने को मंज़ूरी दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 11:20:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अगर जेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार हों तो रूस उनकी मेजबानी के लिए तैयार, शिखर वार्ता के लिए पूर्व समझौतों की शर्त : क्रेमलिन</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार हैं, तो रूस मास्को में उनकी मेजबानी करने को उत्सुक है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने पुष्टि की कि यह प्रस्ताव अब भी लागू है, हालांकि इसके लिए जटिल वार्ताओं के जरिए समझौते तैयार करने होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/if-zelensky-is-ready-for-talks-russia-is-ready-to/article-164336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अगर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की बातचीत चाहते हैं, तो रूस यहां उनकी मेजबानी करने को तैयार है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने यह जानकारी दी। पेस्कोव ने मीडिया से बात करते हुए याद दिलाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि अगर जेलेंस्की बातचीत चाहते हैं, तो वह मास्को आ सकते हैं। रूसी नेता के प्रेस सचिव ने पुष्टि की कि यह प्रस्ताव अब भी बरकरार है।</p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या मास्को में बैठक का प्रस्ताव अब भी बरकरार है, तो उन्होंने कहा, "हां, कुछ भी नहीं बदला है।" पेस्कोव ने कहा, "लेकिन जहां तक शिखर वार्ता का सवाल है, इसके लिए केवल कुछ समझौतों को अंतिम रूप देना जरूरी है। हालांकि, इन समझौतों को स्वयं बहुत जटिल वार्ताओं के माध्यम से तैयार किया जाना आवश्यक है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 11:22:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किर्गिस्तान में मोदी-पेजेशकियान की पहली आमने-सामने बैठक: युद्ध के बीच ईरान के साथ भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, होर्मुज नाकेबंदी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, होर्मुज क्षेत्र में ईरान की नाकेबंदी और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई। मोदी ने आर्मेनियाई प्रधानमंत्री से भी द्विपक्षीय बातचीत की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-pezeshkians-first-face-to-face-meeting-in-kyrgyzstan-indias-diplomatic-activity-increased/article-164299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/kirgistan.png" alt=""></a><br /><p>बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। फरवरी में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने बैठक बताई जा रही है। बैठक के एजेंडे की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज क्षेत्र में ईरान की नाकेबंदी से जुड़े घटनाक्रम को देखते हुए इन मुद्दों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। ईरानी दूतावास ने भी दोनों नेताओं की मुलाकात और बातचीत की पुष्टि की है।</p>
<p>बिश्केक रवाना होने से पहले पेजेशकियान ने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत और दृढ़ता से देगा। उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए देशों के बीच सहयोग को जरूरी बताया। मोदी ने सम्मेलन के दौरान आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, फार्मा, विज्ञान-तकनीक, शिक्षा और संस्कृति में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पश्चिम एशिया समेत वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसके अलावा वह किर्गिस्तान में विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:49:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन-रूस युद्ध: पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन संकट की बात, यूक्रेन के हमलों का बड़ा असर</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार किया कि यूक्रेन के लगातार हमलों से रूस के तेल ढांचे पर असर पड़ा है और कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी बनी हुई है। सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-shaken-by-ukraines-drone-attack-putin-said-struggling/article-158401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/putin.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार स्वीकार किया है कि यूक्रेन द्वारा तेल अवसंरचना पर लगातार किए जा रहे हमलों के कारण देश को "कुछ हद तक ईंधन की कमी" का सामना करना पड़ रहा है और सरकार ईंधन उत्पादन बढ़ाने तथा तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। पुतिन ने रविवार को अधिकारियों के साथ ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक में कहा कि देश "कठिन दौर" से गुजर रहा है, लेकिन सरकार अपनी सभी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगी। इस बीच यूक्रेन ने दक्षिणी रूस की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर फिर हमला किया। क्षेत्रीय गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव के अनुसार, गिरते मलबे की चपेट में आकर स्लाव्यान्स्क में एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा निकटवर्ती गांव में एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।</p>
<p>करीब 40 लाख टन कच्चे तेल का वार्षिक प्रसंस्करण करने वाली यह रिफाइनरी दक्षिणी रूस की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल है और काला सागर के बंदरगाहों के जरिए निर्यात होने वाले फ्यूल ऑयल, नैफ्था और समुद्री ईंधन का प्रमुख स्रोत है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन की सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर यारोस्लाव क्षेत्र स्थित एक अन्य रूसी रिफाइनरी पर भी रात के समय हमला किया गया। हालांकि रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ताजा हमलों के बाद श्री पुतिन ने तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने और ईंधन उत्पादन में वृद्धि करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि रूस की रक्षा उद्योग जल्द ही वायु रक्षा प्रणालियों का उत्पादन बढ़ाएगी ताकि यूक्रेनी हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर नहीं है और अस्थायी ईंधन कमी को दूर करने के लिए रूस अधिक ईंधन आयात करेगा तथा क्षतिग्रस्त तेल प्रतिष्ठानों की मरम्मत का कार्य तेज करेगा। पुतिन ने विशेष रूप से क्रीमिया में ईंधन की कमी को शीघ्र दूर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि काला सागर प्रायद्वीप में थल और समुद्री मार्ग से ईंधन की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी और उन्हें विश्वास है कि यह लक्ष्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यूक्रेन के तेल रिफाइनरियों पर हमलों को रूसी समाज में विभाजन पैदा करने और रूस को अग्रिम मोर्चे पर अपनी सैन्य प्रगति रोकने के लिए मजबूर करने का प्रयास बताया।</p>
<p>पुतिन ने कहा, "हम उन्हें यह मौका नहीं देंगे। हमारी अवसंरचना पर किये गये हमलों का अग्रिम मोर्चे की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।" रूसी राष्ट्रपति ने पहली बार यह भी खुलासा किया कि यूक्रेन ने दोनों देशों के बीच अग्रिम मोर्चे से दूर गहरे क्षेत्रों पर हमले रोकने का प्रस्ताव दिया था। पुतिन ने दावा किया कि कीव ने यह प्रस्ताव इसलिए दिया क्योंकि रूस की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता अधिक प्रभावी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने 2022 में रूस द्वारा एकतरफा विलय किये गये डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया तक ही सक्रिय लड़ाई सीमित रखने का भी प्रस्ताव दिया था। श्री पुतिन ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि यह यूक्रेनी सेना को अन्य क्षेत्रों से अपने सैनिक हटाकर इन चार क्षेत्रों में केंद्रित करने की रणनीतिक चाल थी और रूस इस तरह की किसी व्यवस्था से सहमत नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 18:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने की पुतिन से मुलाकात : एकजुटता और समर्थन का वादा, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। अराघची ने क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच रूस द्वारा दिए गए कूटनीतिक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को गहरा करने और चुनौतीपूर्ण समय में एकजुटता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-araghchi-met-putin-promised-solidarity-and-diplomatic/article-151911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की और एकजुटता दिखाने और कूटनीति समर्थन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। अराघची ने सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन से यह मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर कहा, "इस इलाके में बड़े उतार-चढ़ाव के बीच रूस के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करके खुशी हो रही है।</p>
<p>हाल की घटनाओं ने हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और मजबूती को दिखाया है। जैसे-जैसे हमारा रिश्ता बढ़ रहा है, हम एकजुटता के लिए शुक्रगुजार हैं और कूटनीति के लिए रूस के समर्थन का स्वागत करते हैं।" उन्होंने पुतिन और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 12:34:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रूस-अमेरिका संबंध सबसे निचले स्तर पर: यह स्थिति बेहद खराब, पैनकिन ने कहा-दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हुई सीधी बातचीत काफी सार्थक रही</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर पैनकिन ने कहा कि अमेरिका के साथ संबंध वर्तमान में अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। एंकरेज शिखर सम्मेलन के सार्थक होने के बावजूद, ट्रंप प्रशासन की नीतियों में अत्यधिक अनिश्चितता सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा सकारात्मक रही, लेकिन भविष्य अब भी अस्पष्ट है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-america-relations-are-at-their-lowest-level-this-situation-is/article-151401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/alexander-pankin.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। रूस के उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर पैनकिन ने कहा कि उनके देश और अमेरिका के बीच संबंध इस समय अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। पैनकिन ने संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर कहा, "ये (संबंध) सबसे निचले स्तर पर हैं। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि हमारे अधिकारी ऐसा मानते हैं... और यह स्थिति बेहद खराब है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि एंकरेज में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हुई सीधी बातचीत काफी सार्थक रही। पैनकिन ने कहा, "हमारे राष्ट्रपतियों के बीच हुई सीधी बातचीत काफी सार्थक रही। लेकिन एंकरेज में शायद सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वहां कोई निश्चितता नहीं है। आप सुबह कुछ और सुनते हैं, शाम को ठीक उसके विपरीत कुछ और, या फिर अगले दिन कोई ऐसा कदम उठाया जाता है जो उन दोनों बातों के बिल्कुल उलट होता है। इसलिए, इस तरह की अत्यधिक अनिश्चितता ही सबसे बड़ी समस्या है।"</p>
<p>गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अगस्त, 2025 को अलास्का में बातचीत की थी। यह बैठक एंकरेज स्थित एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन सैन्य अड्डे पर हुई थी। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बैठक को सकारात्मक बताया। पुतिन ने बैठक के बाद कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान संभव है और उन्होंने इस मुद्दे के दीर्घकालिक समाधान में रूस की गहरी रुचि पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 12:05:03 +0530</pubDate>
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                <title>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फिर दोहराई ईरान के साथ करीबी संबंधों की बात, कहा-इस कठिन दौर में एक वफ़ादार दोस्त और भरोसेमंद साथी है रूस</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नवरोज़ पर ईरान को रूस का सबसे भरोसेमंद साथी बताया है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच दोनों देशों में ड्रोन तकनीक और सैटेलाइट इंटेलिजेंस पर रणनीतिक सहयोग गहरा रहा है। पुतिन का यह संदेश पश्चिमी प्रतिबंधों के खिलाफ रूस-ईरान की मजबूत सैन्य और कूटनीतिक साझेदारी का एक शक्तिशाली संकेत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-president-vladimir-putin-once-again-reiterated-the-need-for/article-147422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/russia2.png" alt=""></a><br /><p>माॅस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और रूस के करीबी संबंधों की फिर से पुष्टि की है। पुतिन ने नवरोज़ (फ़ारसी नव वर्ष) के अवसर पर रूस को इस कठिन दौर में ईरान का एक वफ़ादार दोस्त और भरोसेमंद साथी बताया। उन्होंने ईरानी लोगों के लिए कामना की कि उन्हें इन कठिन परीक्षाओं का गरिमा के साथ सामना करने की शक्ति मिले।</p>
<p>पुतिन का यह संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान को संबोधित था। क्रेमलिन ने बताया कि ईरानी नेतृत्व को ये बधाई संदेश नवरोज़ समारोहों के हिस्से के तौर पर भेजे गए थे, जो ईरानी नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह बयान ऐसे समय में पुतिन का यह बतान रूस और तेहरान के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है। हाल की रिपोर्टों से पता चला है कि दोनों देशों के बीच सैन्य और खुफिया सहयोग बढ़ रहा है। बदलते भू-राजनीतिक तनावों के बीच पुतिन के इस संदेश को दोनों देशों के बीच निरंतर राजनीतिक और रणनीतिक तालमेल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी आधुनिक रणनीतियों में मदद कर रहा है और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना के ठिकानों और उनकी गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है। कहा जा रहा है कि इस खुफिया जानकारी में रूस के निगरानी तंत्रों से मिली सैटेलाइट तस्वीरें भी शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच सहयोग के स्तर में विस्तार का संकेत है। हाल के वर्षों में रूस और ईरान के संबंध और मज़बूत हुए हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान ईरान ने रूस को ड्रोन की आपूर्ति की थी। वहीं रूस ने ईरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:56:28 +0530</pubDate>
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