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                <title>families - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आर्थिक संकट में तेजी से बिक रही गरीबों की जमीनें</title>
                                    <description><![CDATA[ जागरूकता की कमी से बढ़ रहा भूमिहीनता का खतरा, स्थाई रूप से पटवारी की नियुक्ति की मांग 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/lands-of-the-poor-being-sold-rapidly-amidst-economic-crisis/article-148170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)4.png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। अरनेठा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की जमीनों के तेजी से बिकने के मामले सामने आ रहे हैं। आर्थिक तंगी, बढ़ते कर्ज, जागरूकता की कमी और बिचौलियों के झांसे में आकर कई लोग अपनी पैतृक जमीन कम दामों में बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इससे उनका भविष्य असुरक्षित होने के साथ सामाजिक और आर्थिक असमानता भी बढ़ रही है।</p>
<p>ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में परिवार भूमिहीन हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जमीन बेचने से पहले दस्तावेज, रजिस्ट्री और सरकारी नियमों की पूरी जानकारी अवश्य लें। बिचौलियों से सावधानी बरतते हुए बाजार दर की जानकारी लेकर ही सौदा तय करें।</p>
<p>ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि आर्थिक संकट की स्थिति में जमीन बेचने के बजाय सरकारी योजनाओं, ऋण और अनुदान का सहारा लिया जाए तथा किसी भी बड़े निर्णय से पहले अनुभवी व्यक्तियों, वकीलों या राजस्व अधिकारियों से परामर्श किया जाए।<br />साथ ही ग्रामीणों ने मांग की कि पिछले दो वर्षों से अतिरिक्त प्रभार पर चल रहे अरनेठा पटवार मंडल में स्थाई रूप से पटवारी चंद्रशेखर नागर की नियुक्ति की जाए, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू हो सकें।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />किसानों पर कर्ज का दबाव लगातार बढ रहा है। पिछले एक वर्ष से करीब 60-70 किसानों की जमीनें बिक चुके है। <br /><strong>-चन्द्रशेखर नागर, पटवारी, पटवार मंडल, अरनेठा। </strong></p>
<p>इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, और प्रयास किए जाएंगे कि किसानों को जमींने कम से कम बिके। <br /><strong>-रामकिशोर मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर, बूंदी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 18:09:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन : राजस्थान में 60 लाख परिवारों को अब भी पानी का इंतजार, मार्च 2024 तक 100% कनेक्शन का था लक्ष्य  </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) की धीमी रफ्तार ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/water-life-mission-60-lakh-families-in-rajasthan-still-a/article-111327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/jal-jeevan-mission-jjm.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) की धीमी रफ्तार ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिशन के तहत अभी तक राज्य के 60 लाख परिवारों तक पीने का पानी नहीं पहुंच पाया है। प्रदेश में सिर्फ 56% काम ही पूरा हो सका है, जबकि मार्च 2024 तक 100% कनेक्शन का लक्ष्य था। घोटालों और इंजीनियरों की लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों की ढाणियां अब भी नल कनेक्शन के इंतजार में हैं। इस देरी का असर जल जीवन मिशन की राष्ट्रीय रैंकिंग पर भी पड़ा है, जहां राजस्थान 31वें स्थान पर है।</p>
<p>राज्य में कुल 1.07 करोड़ परिवारों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक 45% घरों में कनेक्शन नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने मिशन की अवधि तीन साल बढ़ा दी है, लेकिन तपती गर्मी में पानी की कमी से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:23:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एकल परिवारों में बढ़ती संवादहीनता खतरनाक</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रत्येक व्यक्ति पारिवारिक शांति के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है लेकिन त्याग की भावना के अभाव में व्यक्ति स्वयं को द्वन्द्वों के बीच महसूस करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/increasing-lack-of-communication-in-nuclear-families-is-dangerous/article-54299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/630-400-size-की-कॉपी-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>भारतीय परिवार परम्परा में संयुक्त परिवार का अपना विशिष्ट महत्व रहा है। लेकिन अब यह परम्परा धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर है। एकल परिवारों का चलन व्यक्ति ने अपनी सुख, शांति व आनन्द के लिए किया था, लेकिन वर्तमान दौर में एकल परिवारों में बहुत सी अन्य अनेक समस्याओं के साथ वाणी व व्यवहार की समस्या भी बहुतायत सामने आ रही है। सोशल मीडिया के दौर में परिवार के सभी सदस्य आभासी दुनिया में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। यही वजह है कि व्यक्ति अकेला रहना पंसद करता है। न किसी से बातचीत न किसी का साथ, यह प्रवृत्ति परिवारों में खतरनाक रूप से उभर रही है। आज परिवारों में गिने-चुने चार सदस्य होने के बावजूद भी आपसी संवाद बन्द प्राय: सा है। एक-दूसरे से बात करना तो दूर नजदीक बैठना भी स्वप्न जैसा हो गया है। ऐसे में बढ़ती संवादहीनता परिवार व समाज के लिए घातक है। अगर कोई बातचीत करना भी चाहे तो मधुर जवाब के बजाए कड़वा, बेढंगा व आत्मा को झकझोरने वाला जवाब ही मिलता है। अब चिंतनीय पहलू यह है कि आखिर हमारी परिवार संस्कृति किधर जा रही है।<br /><br />आज परिवारों में आपस में मधुरता तो दूर की बात है प्राय: बातचीत भी दूभर हो गई है। जरूरी है कि परिवार की एकता एवं सफलता में वार्तालाप का असर पड़ता है। सही मायने में यही परिवार को स्वर्ग बनाने का राज भी है। सही संतुलित, मृदु बातचीत से परिवार में खुशियों की बहार लाई जा सकती है। परिवार में बडों के प्रति आदर एवं छोटो के प्रति स्रेह का आधार तत्व वार्तालाप ही है। वार्तालाप को मधुर बनाकर ही सामने वाले व्यक्ति का दिल जीता जा सकता है। जब बातचीत में मधुरता व संतुलन होता है तो जीवन को सुखमय मार्ग पर गतिशील किया जा सकता है। परिवार में भावी पीढ़ी पर वार्तालाप का बहुत बड़ा असर पड़ता है। हम परिवार में किस तरह से बातचीत करते हैं, यही संस्कार हमारी पीढ़ी में समाहित हो जाते हैं। बड़े-बुजूर्गों के प्रति जैसा व्यवहार हम परिवार में करते हैं, यह परम्परा बन जाती है। आने वाली पीढ़ी हमारे आचरण एवं व्यवहार से बहुत कुछ सीख जाती है। इसलिए परिवार में वार्तालाप का बहुत महत्व है, जिसके माध्यम से परिवार का एकसूत्रता में बांध सकते हैं।<br /> <br />जिस व्यक्ति ने जीवन में स्रेहयुक्त भाव को जीने का प्रयास किया है उसने वशीकरण सूत्र को प्राप्त कर लिया है। विनम्र भाषा के दो बोल से व्यक्ति प्रभावित ही नहीं होता बल्कि आकर्षित भी होता है। विन्रमता से आपूरित जीवन संयम का पर्याय है। स्रेहयुक्त भावना के साथ व्यक्ति का व्यवहार किसी को भी अपनी और आकर्षित करने में सक्षम है। यह सही मायने में विशुद्ध भावनाएं है जिसका प्रसार ही सामने वाले के रोम-रोम को प्रभावित कर लेता है। लेकिन जहां वासना और स्वार्थ होता है वह भाव अंतरमन को कभी नहीं छू सकता है। यह वो वशीकरण मंत्र है जिसके बल पर बड़े से बड़े विरोधी को जीता जा सकता है।<br /><br />प्रत्येक व्यक्ति पारिवारिक शांति के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है लेकिन त्याग की भावना के अभाव में व्यक्ति स्वयं को द्वन्द्वों के बीच महसूस करता है। संयुक्त परिवारों का बिखराव, पारिवारिक शांति को गौण कर रहा है। वहीं आंतरिक बिखराब से व्यक्ति आध्यात्मिक शक्तियों से दूर होता जा रहा है। स्वार्थ में सिमटे व्यक्ति के लिए आत्मिक शांति संभव नहीं है। आज बिखर रहे परिवारों की मुख्य वजह त्याग भावना का अभाव ही है। त्याग आध्यात्मिक मूल्य है। त्याग से ही आध्यात्मिक शांति का रास्ता खोजा जा सकता है। जहां त्याग नहीं है, वहां शांति की सोच निरर्थक साबित होती है। आचार्य भिक्षु की यह छोटी सी बात ‘त्याग धर्म-भोग अधर्म’ त्याग की चेतना का सूत्र मानी जा सकती है। यही सूत्र परिवार के लिए शांति का सेतु बन सकती है। आज यह आवश्कता है कि प्रत्येक व्यक्ति त्याग की क्षमता का विकास करे।<br />परिवार में सांमजस्य के लिए सबसे बड़ा सूत्र है क्षमा और कृतज्ञता। इससे ही रिश्तों में पूर्णता लाई जा सकती है। आजकल परिवारों में क्षमा व कृतज्ञता दोनों ही भावों का अभाव देखने को मिल रहा है। फलस्वरूप व्यक्ति का उत्साह अधूरा रहता है, जबकि हम किसी छोटे-बडेÞ के प्रति क्षमा व कृतज्ञता का भाव दर्शाकर उसके उत्साह को द्विगुणित कर सकते हैं। वर्तमान दौर में बढ़ रहे आपा-धापी के दौर में क्षमा का अपना विशिष्ट महत्व है। परिवार में इस तत्व को अपना कर बहुत सी समस्याओं से निजात पायी जा सकती है वहीं कृतज्ञता का प्रकटीकरण परिवार में उत्साह का असीम स्रोत बन सकता है। सही मायने में परिवारों में आपसी सामंजस्य साथ बातचीत का सिलसिला प्रारम्भ करना होगा, तभी परिवारों में बढ़ते आंतरिक द्वंद्व से मुक्ति पाई जा सकती है।<br /><br />-डॉ. वीरेन्द्र भाटी मंगल<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 11:05:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा अध्यक्ष ने कोरोना पीड़ित परिवारों के साथ मनाया रक्षाबंधन </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कोरोना पीड़ित परिवारों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। कोरोना पीड़ित परिवारों की महिलाओं व बेटियों ने लोकसभा अध्यक्ष को तिलक लगाया और रक्षा सूत्र बांधा ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lok-sabha-speaker-celebrate-raksha-bandhan-with-the-families-of-corona-victims/article-18900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/27.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कोरोना पीड़ित परिवारों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। कोरोना पीड़ित परिवारों की महिलाओं व बेटियों ने लोकसभा अध्यक्ष को तिलक लगाया और रक्षा सूत्र बांधा । लोकसभा अध्यक्ष ने सभी को उनके सुखद भविष्य और सुरक्षा का वादा किया । चंबल गार्डन रोड स्थित लोकसभा कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कोरोना पीड़ित परिवार और उनकी महिलाएं राखियां लेकर पहुंचे । जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक-एक कर सभी से रक्षा सूत्र बंधवाया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने कहा कि उनके भाई ने उन्हें याद रखा यह उनके लिए बड़ी बात है । गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले साल भी कोरोना पीड़ित परिवारों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया था । यह दूसरी बार है जब उन्होंने इस तरह से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया है ।राखी बांधने के दौरान कई परिवारों ने लोकसभा अध्यक्ष को उनकी समस्याओं से भी अवगत कराया ।इस पर उन्होंने उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया । गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तीन दिवसीय कोटा बूंदी संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर गुरुवार शाम को कोटा पहुंचे थे। रक्षाबंधन कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने कैंप कार्यालय में ही आमजन से मुलाकात की और बड़ी संख्या में लोगों की समस्याएं सुनी और उनके समाधान का प्रयास किया । भारी बरसात के बावजूद कोटा शहर, ग्रामीण क्षेत्र और बूंदी से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे । उन्होंने दोपहर बाद तिरंगा यात्रा को रवाना किया भाजपा की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा को सीएडी चौराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Aug 2022 17:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुम्हार परिवारों पर रोजी रोटी का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[करवर क्षैत्र में  मिट्टी व ईंधन की कमी के चलते लागत ज्यादा आने लगी है और मुनाफा बहुत कम होता जा रहा है जिससे कुम्हार के घर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/livelihood-crisis-on-potter-families/article-6579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/012.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर।  क्षैत्र में  मिट्टी व ईंधन की कमी के चलते लागत ज्यादा आने लगी है और मुनाफा बहुत कम होता जा रहा है जिससे कुम्हार के घर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए पारंपरिक धंधे को छोड़कर अन्य धंधों की ओर युवा वर्ग रुख करने लगा है। एक समय  करवर के 66 कुम्हार के परिवार मिट्टी के बर्तन तैयार करते थे लेकिन अब महज 6 परिवार ही यह काम कर रहे है।  इन परिवारों को मिट्टी भी दूर-दूर से लानी पड़ती है। क्षेत्र में कुम्हारों का मटका व्यवसाय ठप होने से उन्हें रोजी रोटी और घर परिवार की आजीविका का संचालन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>मिट्टी के बर्तनों की जगह स्टील और एल्युमिनियम के बर्तनों ने ले ली</strong><br />एक-दो  दशक पूर्व मिट्टी के बर्तनों का क्रेज बहुत ज्यादा हुआ करता था। हर घर में गर्मी के  समय में ठंडे पानी के लिए मिट्टी से बने मटके,मटकियां,घडे देखे जाते थे। और ग्रामीण इलाकों में तो लोग खाना पकाने ओर खाना परोसने के लिए मिट्टी से बने बर्तनों का ही उपयोग किया करते थे। लेकिन बदलते समय के साथ- साथ यह व्यवसाय लुप्त होने के कगार पर हैं। मौजूदा समय में रसोई में  स्टील और एलुमिनियम के बर्तनों में खाना पकाया व खाया जाने लगा है। जिसके चलते इंसान को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आधुनिक व आर्थिक युग के दौर  में धीरे-धीरे मिट्टी के बर्तनों का चलन कम होने से इस उद्योग धंधे पर मंदी के बादल छाने लगे है। पहले घर -घर में मिट्टी से बने हुए मटकों का ही उपयोग होता था। लेकिन अब इनकी जगह वाटर कूलर और फ्रिज ने अपनी जगह बना ली , जिसके चलते रोजगार में भी कमी आई है। आज भी यह व्यवसाय आर्थिक तंगी से जूझ रहा हैं और धीरे -धीरे मिट्टी के बर्तन बनाने का मोह भंग होता जा रहा है। <br /><br />अब मिट्टी व ईधन की कमी के चलते लागत ज्यादा आने लगी है और मुनाफा बहुत कम होता जा रहा है जिससे घर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए पारंपरिक धंधे को छोड़कर अन्य धंधों की ओर युवा वर्ग रुख करने लगा है। - <strong>पप्पू लाल कुम्हार, कारीगर</strong><br /><br />धीरे -धीरे मिट्टी के बर्तनों की खरीद कम होने से परंपरा लुप्त होती जा रही है और युवा पीढ़ी मिट्टी के बर्तन बनाने से मुंह मोड रही है, क्योंकि इसमे अच्छा मुनाफा नहीं मिल रहा और अन्य काम की ओर युवा वर्ग रुख करने लगा है।  - <strong>सोजी लाल कुम्हार,कारीगर</strong><br /><br />मिट्टी कला से जुड़े हुए उद्योगों के लिए सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है साथ ही  एनजीओ भी हुनर हाट बाजार लगाकर इनको प्रमोट करते रहते हैं। सरकार भी ऐसे उद्योगों पर काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है।<br /><strong>-डूंगर राम गेदर,उपाध्यक्ष  शिल्प एवं माटी कला बोर्ड राजस्थान सरकार</strong><br /><br />एक दशक पूर्व मिट्टी से जुड़े हुए व्यवसायियों को मिट्टी व र्इंधन आसानी से उपलब्ध हो जाती थी लेकिन अब मिट्टी व र्इंधन की बहुत ज्यादा समस्या होने से  हैं यह सीजनेबल व्यवसाय हो गया है।<br /><strong>- कजोड़ी लाल प्रजापत,राष्ट्रीय कुम्हार महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष</strong><br /><br />मिट्टी से बने हुए बर्तनों में खाना बनाने व  खाना परोसने से आयरन , फास्फोरस ,कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा पाई जाती है जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है। मिट्टी के बर्तनों में होने वाले छोटे-छोटे छिद्र आग  और नमी को बराबर सकुर्लेट  करते हैं जिससे खाने के पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं।<br /><strong>-डॉ  दिनेश कुमार शर्मा,  वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी इंद्रगढ़</strong><br /><br /> मिट्टी से बर्तन बनाने वाले व्यवसाइयों को अपना उद्योग आगे बढ़ाने के लिए  राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 3 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है ऐसे  लोग मेले या हाट बाजार में जाते हैं तो आने जाने का स्लीपर कोच का किराया भी सरकार वहन करती हैं। वहां जो इनको दुकानें आवंटित की जाती है  जिसका किराया 50% खुद को वाहन करना होता है बाकी का राजस्थान सरकार वहन करती हैं।<br /><strong>-चंद्रमोहन गुप्ता, महाप्रबंधक , जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 14:53:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>खाप पंचायत ने दी प्रेम विवाह करने की सजा </title>
                                    <description><![CDATA[हमलावरों के पक्ष में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/-in-kherwada-area-of-%E2%80%8B%E2%80%8Budaipur-district--the-couple-and-their-families-who-got-married-in-love-were-not-only-beaten-up-fiercely-by-the-khap-panchayat--but-the-pregnant-woman-was-also-not-spared/article-6455"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/khap-panchayat.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में प्रेम विवाह करने वाले दंपती एवं उसके परिजनों को खाप पंचायत ने न केवल जमकर पीटा, बल्कि गर्भवती महिला को भी नहीं बक्शा। साथ ही प्रेम विवाह करने वाली युवती के परिजनों को समाज से बाहर करने का फरमान भी सुनाया। यह घटनाक्रम थाने पहुंचने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।  खेरवाड़ा कस्बे में होली पर प्रेम विवाह करने वाला दम्पती नन्ही बेटी को ‘ढूंढाने’ के लिए होलिका दहन स्थल पर पहुंचा तो समाज के पंचों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने दंपती सहित उनके परिजनों के साथ मारपीट की। <br />उन्होंने गर्भवती महिला के साथ भी जमकर मारपीट की और उसके पेट पर लात-घूंसे चलाए।</p>
<p><br />भोई समाज की खाप पंचायत ने इससे पूर्व गत वर्ष दो परिवारों को समाज से बहिष्कृत कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार की ओर से खेरवाड़ा थाने में नामजद प्रकरण दर्ज हुआ लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता दीपिका पत्नी हितेश भोई की रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने एक साल पहले लव मैरिज की थी, जो समाज के पंचों को नागवार गुजरी। उन्होंने दोनों परिवार को समाज से आजीवन बहिष्कृत कर दिया और समाज के किसी भी व्यक्ति को संबंध नहीं रखने की बात कही। इसके चलते समाज के किसी भी मांगलिक समारोह या मौत कार्यक्रम में न तो ये परिवार शामिल हो पाते हैं और ना ही किसी समाजजन को आमंत्रित कर सकते हैं। होली पर ढूंढाने से खफा समाज के कुछ लोग घर पर आए और उन्होंने गाली गलौज करने के बाद परिवार वालों के साथ मारपीट शुरू कर दी। दीपिका ने बताया कि उसकी गर्भवती ननद से भी मारपीट की। महिलाओं के कपड़े फाड़कर उनका नग्नावस्था में गांव में जुलूस निकालने की बात कही।<br /><br />हमलावरों के पक्ष में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी  <br />पीड़ित पक्ष ने हमलावरों के घर पहुंचते ही पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची, किन्तु किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पीड़िता की नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो किसी गिरफ्तारी की है और ना ही पीड़ितों का मेडिकल करवाया। दूसरी तरफ हमलावरों की पैरवी करने के लिए समाज अध्यक्ष कालूलाल राठौड़ सहित दो दर्जन लोग थाने पहुंच गए और मामला दर्ज नहीं करने की बात कहते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 13:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>बेडमिंटन खेलते बच्चे उलझे, परिवार आमने सामने</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के निकटवर्ती गांगाणा पाल रोड पर एक सोसायटी के बच्चों में खेलने की बात को लेकर विवाद हो गया। बच्चें आपस में उलझे तो उनके परिवार के लोग भी आमने सामने हो गए। सोसायटी में झगड़ा बढऩे पर बात थाने तक पहुंच गई। एक परिवार की तरफ से रात को बोरानाडा थाने में इस बारे में शिकायत दी गई। पुलिस के अनुसार शिकायत को जांज में रखा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/children-play-badminton--families-face-to-face/article-6019"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/marpit.png" alt=""></a><br /><p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">जोधपुर। शहर के निकटवर्ती गांगाणा पाल रोड पर एक सोसायटी के बच्चों में खेलने की बात को लेकर विवाद हो गया। बच्चें आपस में उलझे तो उनके परिवार के लोग भी आमने सामने हो गए। सोसायटी में झगड़ा बढऩे पर बात थाने तक पहुंच गई। एक परिवार की तरफ से रात को बोरानाडा थाने में इस बारे में शिकायत दी गई। पुलिस के अनुसार शिकायत को जांज में रखा गया है। </span><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;">जानकरी के अनुसार रात को बोरानाडा पुलिस थाना क्षेत्र में पाल रोड गांगाणा में अरिहंत अदिता में रहने वाले कुछ बच्चें बेडमिंटन खेल रहे थे। तब तीन चार बच्चों में बेडमिंटन खेलने को लेकर विवाद हो गया। इस पर बच्चा घर जाकर अपने मा पिता को बुला लाया। इससे वहां गहमागहमी हो गई। आरोप है कि बच्चें के पिता ने दो तीन बच्चों के साथ मारपीट कर डाली और एक बच्चे का गला तक दबाने लग गया। इस घटना से सोसायटी हंगामा हो गया। बाद में पीडि़त एक व्यक्ति की तरफ से बोरानाडा थाने में सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ मारपीट करने की शिकायत दी गई। पुलिस के अनुसार इसे जांच में रखा गया है। यह शिकायत देवेंद्र यादव की तरफ से दी गई है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 16:14:16 +0530</pubDate>
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                <title> मौजूदा सरकार ने दी प्रदेश के 10 लाख ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[जेजेएम के आरम्भ से अब तक हर दिन औसतन 1200 परिवारों को मिला 'हर घर जल' कनेक्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-10-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B--%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%B2--%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-3049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/phed-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौजूदा सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक प्रदेश में 10 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सौगात दे दी है। प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को घर बैठे नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की यह महत्वाकांक्षी योजना अगस्त 2019 में आरम्भ हुई थी, उस समय राजस्थान के एक करोड़ एक लाख 44 हजार 997 ग्रामीण परिवारों में से केवल 11 लाख 74 हजार 131 परिवारों तक ही 'हर घर जल' कनेक्शन की पहुंच थी, लेकिन अब राजस्थान में जेजेएम के तहत 10 लाख एक हजार 546 ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन दिए जा चुके है, इस प्रकार प्रदेश के 21 लाख 75 हजार से अधिक परिवारों को अपने घर पर नल से पेयजल आपूर्ति की सेवाएं मिल रही हैं।<br /><br /><strong>निर्धारित लक्ष्य के लिए युद्ध स्तर पर कार्य</strong><br />जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में जेजेएम के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं को गति देते हुए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 तक जिन परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन से जोड़ा जाना है, उनकी सभी स्वीकृतियों का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। इनकी तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रियाओं को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।<br /><br /><strong>जेजेएम में अब तक रोजाना 1200 नए परिवारों को कनेक्शन</strong><br />डॉ. जोशी ने बताया कि पेयजल प्रबंधन के लिहाज से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, मरूस्थल बाहुल्य क्षेत्र और बहुत कम मात्रा में भूजल की उपलब्धता जैसी चुनौतियों के बीच वर्तमान सरकार ने प्रदेश के गांव-ढ़ाणियों को जेजेएम के तहत 'हर घर जल' कनेक्शन की सुविधा देने के लिए दूरगामी सोच के साथ कार्य किया है। जल जीवन मिशन की घोषणा से लेकर अब तक प्रतिदिन औसतन 1200 नए परिवारों को घर बैठे स्वचछ पेयजल आपूर्ति से जोड़ते हुए राजस्थान में 10 लाख एक हजार 546 परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आगामी करीब सवा दो साल की अवधि में प्रदेश के शेष ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन देने पर पूरी तरह फोकस करते हुए 'मिशन मोड' में कार्य किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को और कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए गए हैं।<br /><strong><br />32 हजार 709 गांवों में करीब 80 लाख 'हर घर जल' कनेक्शन स्वीकृत</strong><br />जलदाय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2021 में फरवरी माह से अब तक औसतन हर माह राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की एक बैठक आयोजित की गई है। इस दौरान आयोजित 11 बैठकों के बाद वर्तमान में प्रदेश के 32 हजार 709 गांवों के लिए 123 वृहद पेयजल और 8361 मल्टी एवं सिंगल विलेज परियोजनाओं सहित कुल 8484 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में 80 लाख के करीब 'हर घर जल' कनेक्शन की स्वीकृतियां उपलब्ध है, जिन पर 53 हजार 979 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी माह एसएलएसएससी की एक और बैठक प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के शेष बचे कार्यों को मंजूरी दी जाएगी।<br /><br /><strong>23 लाख 47 हजार 'हर घर जल' कनेक्शन के कार्यादेश जारी</strong><br />डॉ. जोशी ने बताया कि प्रदेश में इस साल 30 लाख ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन देने के लक्ष्य की तुलना में अब तक विभाग द्वारा स्वीकृत ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में 9523 गांवों में 23 लाख 47 हजार 301 'हर घर जल' कनेक्शन के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 10 Dec 2021 14:09:01 +0530</pubDate>
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