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                <title>National - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ताइक्वांडो विवादों के घेरे में, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में !</title>
                                    <description><![CDATA[पैरेलल ताइक्वांडो बॉडियों की भरमार, वैध-अवैध फेर के पेच में फसा फेडरेशन विवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/taekwondo-embroiled-in-controversies--players--future-hangs-in-the-balance/article-136124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल छा हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया ताइक्वांडो' (विश्व ताइक्वांडो से मान्यता प्राप्त) और 'ताइक्वांडो फेडरेशन आॅफ इंडिया (टीएफआइ) के बीच चल रही खींचतान ने अब राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन को अपनी चपेट में ले लिया है। इस आंतरिक कलह के कारण स्थानीय स्तर पर खेल का माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ है, तीन से चार समानांतर गुट आमने-सामने खड़े हैं। विवाद की जड़ वर्तमान में किसी के पास भी मान्यता नहीं होना है। चूंकि यह तय नहीं हो पा रहा है कि कौन सी राष्ट्रीय इकाई वैध या अवैध है। समानन्तर में खूब सारी बॉडिया खड़ी है। अभी तक किसी को भी  खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) या वर्ल्ड ताइक्वांडो (डब्ल्यूटी) की मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा नुकसान खिलाड़ियों, खासकर बच्चों के भविष्य को हो रहा है।</p>
<p>राष्ट्रीय महासंघ स्तर पर अदालती मुकदमों के तहत विवादों के संबंध में जल्द ही अदालत द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर राष्ट्रीय ताइक्वांडो महासंघ के एकीकरण का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद, केवल वही राज्य स्तरीय ताइक्वांडो एसोसिएशन, जिन्हें 2019 और 2022 के पिछले चुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त था, 2026 के चुनाव में अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने के हकदार होंगे। बता दें कि कोटा में ताइक्वांडो एसोसिएशन 2017 से खेल अधिनियम 2005 के तहत पंजीकृत है। केवल खेल परिषद और जिला ओलंपिक संघ द्वारा मान्यता प्राप्त ताइक्वांडो संघ है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार पहले आंतरिक विवादों के चलते अलग-अलग गुट बनते चले गए और पैरेलल बॉडियां खड़ी होती चली गईं। इसी कारण न तो यह स्पष्ट है कि देश में कुल कितने क्लब हैं और न ही यह तय हो पा रहा है कि कौन सी संस्था वैध है। राजस्थान की स्थिति और भी उलझी हुई है। यहां अब तक कोई भी ताइक्वांडो स्टेट बॉडी विधिवत रूप से रजिस्टर्ड नहीं है। इसी कारण हर कोई अपना झंडा उठाकर दावा कर रहा है। इंडिया ताइक्वांडो के तहत डब्ल्यूटीए को कुछ वर्ष पूर्व शर्तों के कारण मान्यता दी गई थी, जो 2026 तक वैध बताई जा रही है, लेकिन यह भी अंतिम नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब तक एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय फेडरेशन अस्तित्व में नहीं आती, तब तक किसी भी राज्य या जिला संघ को ओलंपिक या आधिकारिक प्रतियोगिताओं के लिए एफिलिएशन नहीं दिया जा सकता। </p>
<p>वर्तमान में जो भी टूनार्मेंट कराए जा रहे हैं और जो प्रमाणपत्र बांटे जा रहे हैं, वे एक तरह से कानूनी रूप से शून्य हैं। वहीं कोटा के खिलाड़ियों को भी यह बड़ी समस्या सामनो आ रही है कि वे किस एसोसिएशन के तहत प्रशिक्षण लें और किस टूनार्मेंट में भाग लें ताकि उनकी जीत राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हो और खेल कोटे से नौकरी मिल सके। इस मान्यता संकट ने स्थानीय प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने के दरवाजे बंद कर दिए हैं।</p>
<p>सभी गुट एकजुट हों, चुनाव कराए जाएं और एक मजबूत, मान्यता प्राप्त नेशनल बॉडी बने। तभी राज्य संघों का पंजीकरण, क्लबों की वैधता और खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा। फिलहाल ताइक्वांडो प्रशासन में पसरा यह असमंजस बच्चों के सपनों पर भारी पड़ता दिख रहा है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता है तब तक वो स्कूल स्तर के टूनार्मेंट और स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया के टूनार्मेंटों में खिलाकर अपने स्तर सुधार सकते है।<br /><strong>- दशरथसिंह शेखावत, अध्यक्ष, ताइक्वांडो एसोसिएशन आॅफ कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन विवाद जब तक नहीं सुलझेगा तब तक सामानांतर चल रही कोटा ताइक्वांडो में प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाड़ियों का भविष्य में अधर में लटका हुआ है। दूसरी ओर इनसे मिलने वाले सर्टिफिकेट की कोई मान्यता नहीं है, ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वैध ताइक्वांडो एसोसिएशन में ही खिलाए ताकि बच्चों को आगे इनसे लाभ मिल सके।<br /><strong>- अशोक गौतम, कोच, कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन को लेकर अभी कोई विवाद नहीं है। कोर्ट से आए निर्णय के अनुसार टीएफआई मान्य है। 2026 में चुनाव करवाएं जाएंगे, तभी स्थिति साफ हो सकेगी। 2022 में चुनाव हुए थे।<br /><strong>- लक्ष्मण सिंह हाड़ा, जनरल सेक्रेटरी राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 15:16:06 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा के ऐतिहासिक पशु मेले का खत्म हो रहा अस्तित्व, पहले जगह बदलने से फिर लम्पी ने लगाई रोक </title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मेले में इस बार भी पशु मेला लगना मुश्किल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-existence-of-kota-s-historic-cattle-fair-is-coming-to-an-end/article-118595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/458.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण व उत्तर की ओर से इस बार 132 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला तो 22 सितम्बर से आयोजित किया जाएगा। लेकिन इसके साथ ही लगने वाला आकर्षण का केन्द्र पशु मेले का अस्तित्व खत्म होने से उसका लगना मुश्किल है।  नगर निगम की ओर से हर साल दशहरे पर आयोजित होने वाले मेले के दौरान सबसे अधिक आकर्षण का केन्द्र रहता था पशु मेला। इस मेले में शहर ही नहीं दूरदराज से पशु बिकने के लिए आते थे। पशु पालक न केवल पशुओं को बेचने वरन् उन्हें खरीदने वाले भी काफी लोग आते थे। पशु पालकों व किसानों का मेले में आने पर आकर्षण बने। इसके लिए पशु मेला स्थल पर ही निगम की ओर से किसान रंगमंच का आयोजन किया जाता था। जहां किसानों से संबंधित ही सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। जानकारों के अनुसार दशहरा मेले के विजयश्री रंगमंच पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रमों की तरह ही किसान रंगमंच पर भी  काफी भीड़ रहती थी। देर रात तक लोग उन कार्यक्रमों का आनंद लेते थे।  लेकिन अब न तो पशु मेला लग रहा है और न ही किसानों के लिए कार्यक्रम हो रहे है। किसान रंगमंच बनता है और उस पर कार्यक्रम भी होते हैं लेकिन वह किसानों के लिए न होकर स्थानीय व आर्केस्ट्रा पार्टी के कार्यक्रम होने लगे हैं। </p>
<p><strong>निगम को होती थी आय</strong><br />जानकारों के अनुसार पशु मेले का आयोजन नगर निगम की ओर से किया जाता था। इसके लिए अलग से व्यवस्था व अधिकारियों कर्मचारियों की नियुक्ति होती थी। मेले में आने वाले पशु पालकों की पर्ची कटती थी। जिससे निगम को आय भी होती थी। हालांकि यह आय बहुत कम होती थी। वहीं पशुओं के लिए  चारा व भूसे का भी इंतजाम होता था। साथ ही बाहर से आने वाले लोगों के लिए दाल बाटी व देशी खाना बनता था। मेले में अलग ही आकर्षण रहता था। </p>
<p><strong>बंधा धर्मपुरा व देव नारायण में किया था शिफ्ट</strong><br />नगर निगम की ओर से पहले जहां दशहरा मैदान  के भाग पुलिस कंट्रोल रूम के पास ही पशु मेला लगता था। उस मैदान को अभी भी पशु मेला स्थल के नाम से ही जानते हैं। निगम की ओर से इस पशु मेले को पहले तो सीएडी रोड पर ही अतिक्रमण से मुक्त करवाई गई बकरा मंडी की जगह पर संचालित किया गया। लेकिन वहां पशु पालकों की संख्या काफी कम रही। इसके बाद इसे बंधा धर्मपुरा और फिर देव नारायण आवासीय योजना में शिफ्ट किया गया। लेकिन यह मेला वहां भी अपनी पहचान नहीं बना सका। उसके बाद एक बार पशुओं में आए लम्पी रोग को देखते हुए रा’य सरकार पशु पालक विभाग की ओर से पशु मेला लगाने पर रोक लगाई थी। उसके बाद दूसरे साल भी इसी रोग के कारण मेला नहीं लग सका। वहीं अब हालत यह है कि पशु मेला अपना अस्तित्व ही होता जा रहा है। जिससे इस बार भी पशु मेले लगना मुश्किल ही है। </p>
<p><strong>पशुओं से संबंधित सामानों की बिक्री भी हुई कम</strong><br />पशु मेला नहीं लगने  व किसानों के मेले में कम आने से अब पशुओं से संबंधित सामानों की बिक्री भी कम हो गई है। पशु पालक देवलाल गुर्जर का कहना है कि दशहरा मेले का आकर्षण होता था पशु मेला। लेकिन उसे धीरे-धीरे जबरन समाप्त किया  गया है। हालत यह है कि अब पशुओं से संबंधित सामान बेचने वाले कुछ पुराने लोग मेले में आते हैं लेकिन उनकी बिक्री तक कम होने से उनका खर्चा ही नहीं निकल पाता। पहले जेबड़ा, घंटी, दराती व अन्य सजावटी सामान भी खूब बिकते थे।  बंधा धर्मपुरा निवासी पशु पालक रामलाल गुर्जर का कहना है कि दशहरा मेले के साथ पशु मेला तो लगना चाहिए। वह भी दशहरा मेले के आस-पास ही। जिससे लोग मेला घूमने आएं तो पशु मेला भी देख ले। लेकिन देव नारायण या बंधा धर्मपुरा में पशु मेला लगाने का कोई मतलब नहीं है। यहां तो दशहरा मेले के अलावा कभी भी लगाया जा सकता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पशु मेले का आकर्षण धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। लम्पी रोग ने भी इस मेले में पशुओं को आने से रोका तो अब पशु पालकों की रूचि भी कम दिखने लगी है। ऐसे में दशहरा मेले में वही कार्यक्रम व आयोजन किए जा रहे हैं जिनका आकर्षण अधिक है। पशु मेले के आयोजन पर अभी तक कोई निर्णय तो नहीं हुआ है। फिर भी मेला समिति की अगली बैठक में पशु मेले पर चर्चा की जाएगी। समिति जैसा निर्णय करेगी उसके हिसाब से काम किया जाएगा। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, अध्यक्ष मेला उत्सव व आयोजन समिति </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 15:15:44 +0530</pubDate>
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                <title>10 साल के दर्शिल नागर सीनियर तीरंदाजी में दिखाएंगे दम</title>
                                    <description><![CDATA[दर्शील नागर ने महज 7.5 साल की उम्र से ही तीर चलाना शुरू कर दिया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/10-year-old-darshil-nagar-will-show-his-prowess-in-senior-archery/article-91825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कहते हैं कि काबिलियत और प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और पूत के लक्षण पालने में ही दिख जाते हैं। इन्हीं कहावतों के उदाहरण के कोटा के दर्शील नागर जो हैं तो सिर्फ 10 साल के लेकिन खेलेंगे सीनियर प्रतियोगिता में। दर्शील इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर वर्ग में खेल चुके हैं। जिस उम्र में बच्चे मां की गोद से नहीं उतरा करते हैं, उस उम्र में दर्शील तीरंदाजी में राज्य स्तर प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीत चुके हैं। जिसके बाद इस बार फिर से प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जयपुर पहुंच चुके हैं।</p>
<p><strong>साढ़े सात साल की उम्र से चलाना शुरू किया तीर</strong><br />दर्शील नागर ने महज 7.5 साल की उम्र से ही तीर चलाना शुरू कर दिया था। जिसके बाद नियमित अभ्यास कर रहे हैं। दर्शील के पिता वीरेंद्र नागर ने बताया कि दर्शील घर पर अपनी बहन के साथ अकेला रहता था तो मोबाइल और टीवी देखने की आदत पड़ने लग गई थी। जिसके बाद हमने आदत को खत्म करने के लिए इसे अलग अगल खेलों में खेलने के लिए भेजा तो दर्शील ने सबसे ज्यादा रूची तीरंदाजी में दिखाई। जिसके बाद इसे छावनी स्थित श्री पंचमुखी तीरंदाजी अकेडमी में भर्ती करा दिया। जहां लगातार अभ्यास करने के बाद एक साल में ही दर्शील ने राज्य स्तरीय में पदक जीत लिया। दर्शील छोटी सी उम्र में ही आॅलंपिक जाने की इच्छा रखता है और उसके लिए मेहनत भी खूब करता है।</p>
<p><strong>सुबह तीरंदाजी फिर स्कूल  शाम को तीरंदाजी</strong><br />मात्र 10 के दर्शील नागर एक वयस्क खिलाड़ी की तरह अपना रूटीन फॉलो करते हैं। कोच बृजपाल सिंह ने बताया कि दर्शील सुबह 5 बजे ही उठ जाते हैं जिसके बाद वार्म अप और स्ट्रेचिंग कर 7.30 बजे स्कूल की ड्रेस में ही अकेडमी पहुंच जाते हैं। जहां लगभग दो घंटे का अभ्यास करने के बाद दर्शील स्कूल चला जाता है। वहीं स्कूल से दो बजे घर आने के बाद खाना खाकर थोड़ा आराम कर शाम को 4 बजे अकेडमी पहुंच जाता है। जहां 7 बजे तक फिर से अभ्यास करता है। दर्शील के पिता वीरेंद्र नागर ने बताया कि दर्शील तीरंदाजी के लिए इतना प्रतिबद्ध है कि वो ना टीवी देखता है और ना मोबाइल चलता है, साथ ही डाइट का भी खुद से ही ध्यान रखता है और एक समय केवल दलिया और रबड़ी लेता है।</p>
<p><strong>कोटा से ये खिलाड़ी भी लेंगे भाग</strong><br />तीरंदाजी कोच बृजपाल सिंह ने बताया कि राजस्थान आर्चरी एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीरंदाजी टूनार्मेंट में कोटा से इंडियन राउंड में देवरत सिंह जादौन, स्वतंत्र सिंह, मनीष खटीक, सूर्यांशु राजावत, विनय वर्मा, खुशी राठौर तथा रिकवर राउंड में समर सिंह, कार्तिक सुवालका, शिवम गुर्जर, मयंक परिहार एवं कंपाउंड राउंड में दर्शील नागर, अरविंद सैनी के साथ बालिका वर्ग में लहर कछावा, हिमांशी राजावत भाग लेंगे। वहीं लहर कछावा हाड़ौती क्षेत्र की पहली ऐसी प्लेयर हैं जो एक महीने पहले एशियन गेम्स का ट्रायल भी दे चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 16:06:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अनदेखी: चार साल से नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे बदहाल, खामियाजा भुगत रही जनता</title>
                                    <description><![CDATA[स्टेट हाईवे पर अग्रसेन मार्केट की रोड पर निकलना मुश्किल हो रहा है। कस्बे के मुख्य चौराहे से मौठपुर चौराहे तक मेन बाजार में रोड जर्जर हो गई है जिसमें  काफी गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/overlooked--national-highway-and-state-highway-in-bad-condition-for-four-years--people-are-suffering/article-36752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/andekhi--char-saal-se-national-highway-aur-state-highway-badhaal,-khamiyaja-bhugat-rahi-janta...kawai-news-baran..7.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कवाई।  कवाई कस्बे के मुख्य बाजार से गुजर रहा नेशनल हाईवे 90 और छबड़ा-कोटा स्टेट हाईवे चार साल से खस्ताहाल है। सड़कों पर बड़े-बड़े गढ्ढे हो रहे है। इन दोनों रोड का पेचवर्क करना भी जिम्मेदार अधिकारियों ने मुनासिब नहीं समझा है जिसका खामियाजा  आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हर रोज आवाजाही करने वाले दो पहिया वाहन व चार पहिया वाहन चालक खराब रोड से परेशान है। वहीं कस्बे के दुकानदारों और ग्राहकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>कस्बे के मुख्य चौराहे की सड़कें हुई गड्ढों में तब्दील</strong><br /> धनराज सुमन ने बताया कि स्टेट हाईवे पर अग्रसेन मार्केट की रोड पर निकलना मुश्किल हो रहा है। कस्बे के मुख्य चौराहे से मौठपुर चौराहे तक मेन बाजार में रोड जर्जर हो गई है जिसमें  काफी गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं। कुछ समय पहले इन गड्ढों में मिट्टी डलवाई गई थी जो मावठ की बारिश से गड्ढों में पानी भर जाने से कस्बे के मुख्य सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया। जिस पर दर्जनों बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मुख्य बाजार में  मंडी व्यापारी भूपेश मंगल, वार्ड पंच मुरारी सुमन, सत्यनारायण मेहता,   सहित कई कस्बे वासियों ने बताया कि रोड में गहरे गड्ढे होने के कारण बाजार से गुजरने वाले भारी वाहनों के पहियों से गड्ढों में गिट्टी उछल कर दुकानों में गिरते हैं जिससे व्यापारियों और ग्राहकों के जख्मी होने का खतरा बना रहता है। दुकान में भी नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>जर्जर सड़कें बिगाड़ रही सेहत</strong><br />रेस्टोरेंट संचालक पवन बंसल का कहना है कि बदहाल हो चुकी सड़कों से राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण सड़कें वाहनों की दुर्दशा तो कर ही रही हैं, साथ  ही लोगों के शरीर व स्वास्थ्य पर भी बुरा असर कर रहीं हैं। इन बदहाल सड़कों पर मोटरसाइकिल दौड़ाने वालों में कमर दर्द की बीमारी जन्म लेने लगी है।  बड़े-बड़े व गहरे गड्ढों के कारण लोग दुर्घटनाओं का भी शिकार हो रहे हैं।</p>
<p><strong>धूल का गुबार कर रहा सेहत खराब</strong><br />कपड़ा व्यापारी चिंटू सुमन ने बताया कि कस्बे से गुजर रहे नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे की सड़कों की दयनीय हालत है जिसके चलते आए दिन घटनाएं घटित हो रही है। कस्बे की मुख्य मार्गों पर खस्ताहाल सड़कों से गिट्टी निकल आई है।  रोड के गड्ढों में तब्दील हो जाने के कारण दिनभर वाहनों के पीछे धूल के गुबार उड़ते रहते हैं जिससे दुकानदारों और मुख्य चौराहे से गुजरने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा हवा में उड़ रहे धूल के कण राहगीरों व स्थानीय लोगों को अस्थमा, श्वांस की बीमारी कर रहे हैं। वाहनों को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।</p>
<p><strong>जिम्मेदार जानकर भी हो रहे हैं अनजान</strong><br />कस्बे से जिम्मेदार अधिकारी, विधायक और मंत्री इन खराब सड़कों पर आए दिन निकलते है। लेकिन इसे अनदेखा कर देते है। कवाई से बारां जिला मुख्यालय पहुंचने में 45 किलोमीटर का सफर तीन घंटे से ज्यादा समय लगता है जिला मुख्यालय पर जाने के लिए कई रास्ते बदल करके जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है जिससे आमजन को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- धनराज सुमन, कस्बा वासी</strong></p>
<p>मेरी जानकारी में नहीं था आज मुझे पता चला है तो शीघ्र ही ठेकेदार को अवगत करवाकर कस्बे के अंदर नेशनल हाईवे पर हो रहे गड्ढों को शीघ्र ही दुरुस्त करवा देंगे ताकि आमजन को आवाजाही में सुगम रास्ता प्रदान हो। <br /><strong>- चंद्रमोहन बैरवा, एक्सईन पीडब्ल्यूडी एनएच बारां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Feb 2023 14:47:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हम नहीं किसी से कम कुश्ती में दिखा रहे दम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-showing-no-less-than-anyone-in-wrestling/article-21732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/hum-nahi-kisi-se-kum...kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अन्तरराष्टÑीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाकर नाम रोशन किया है। अब तक कोटा के भी कई खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने दम पर धाक कायम कर चुके हैं। इसके चलते इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। समय बदलने के साथ खेल का स्तर भी बदलता चला गया। किसी जमाने में मिट्टी के मैदान में होने वाला यह खेल अब मेट पर पहुंच गया है। गांवों में इस खेल का अभी भी काफी क्रेज हैं। वहां पर मिट्टी के मैदानों में ही इस खेल का आयोजन होता है। शहरों में इसका स्तर बदल गया है। अब यहां मेट पर कुश्ती का आयोजन करवाया जाता है। राष्टÑीय व अन्तरराष्टÑीय प्रतियोगिताएं भी मेट पर ही होती हैं। इस कारण अब जिला स्तर पर भी कुश्ती की तैयारियां मेट पर ही करवाई जाती है। कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर कुश्ती में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट व नेशनल स्तर पर पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी यादवेन्द्र ने 92 किग्रा में नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल कर रखा है। उन्होेंने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को कड़ी स्पर्धा में टक्कर देते हुए यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह नियमित अभ्यास कर गोल्ड की तैयारी में जुटा हुआ है।  पहलवान रविन्द्र कुमार भी नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाकर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं।</p>
<p><strong>सुविधाओं की खल रही कमी</strong><br />कुश्ती का खेल अब मिट्टी से निकलकर मेट यानि गद्दे पर पहुंच गया है। कोटा में मैदान तो है, लेकिन बेहतरीन मेट की कमी खल रही है। शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। इन अखाड़ों में रोजाना करीब सौ से डेढ़ खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में कुश्ती का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यदि बेहतर मेट की व्यवस्था हो जाए तो कोटा के खाते में पदकों की संख्या और जुड़ जाएगी।</p>
<p> कुश्ती में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा कुश्ती में हरियाणा की तरह सिरमौर हो सकता है।<br /><strong>- इन्द्र कुमार दत्ता, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:14:17 +0530</pubDate>
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                <title>7 साल बाद राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा गुजरात </title>
                                    <description><![CDATA[ इस मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन 27 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच किया जाएगा।  ये खेल गुजरात के छह शहरों अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, भावनगर, गांधीनगर और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/gujarat-will-now-host-the-national-games-after-seven-years/article-13957"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/games2.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर। सितंबर माह में भारत के ओलंपिक  कहे जाने वाले राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो रहा है। इन खेलों की मेजबानी गुजरात कर रहा है। इस मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन 27 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच किया जाएगा।  ये खेल गुजरात के छह शहरों अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, भावनगर, गांधीनगर और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे। खेलों का उद्घाटन और समापन समारोह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हो सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने घोषणा करते हुए कहा कि 27 सितम्बर से 10 अक्टूबर के दौरान गुजरात में 36वां राष्ट्रीय खेल महोत्सव आयोजित किया जाएगा। राज्य में राष्ट्रीय खेल महोत्सव के सफल आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>
<p>34 खेलों में 7 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे</p>
<p>इस खेल महोत्सव में एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबाल, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, जूडो, खो-खो, कुश्ती, कबड्डी, मलखम तथा योगासन जैसे इनडोर और आउटडोर खेलों सहित 34 खेल प्रतियोगिताओं में देश भर के 7 हजार से अधिक खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की संभावना हैं। </p>
<p>आखिरी बार केरल में हुए थे राष्ट्रीय खेल</p>
<p>राष्ट्रीय खेल महोत्सव आखिरी बार वर्ष 2015 में केरल में आयोजित किया गया था। कोरोना की महामारी सहित विभिन्न कारणो से इन खेलों को अभी तक स्थगित किया जा रहा था। भूपेंद्र पटेल ने सात साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित होने वाले 36वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ के सामने प्रस्ताव रखा था, जिसे आईओए ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।</p>
<p> </p>
<p>गोवा ने छोड़ी मेजबानी</p>
<p>पहले इन खेलों का आयोजन गोवा में होना था लेकिन गोवा सरकार ने 2020 में पहले कोरोना का हवाला देकर खेलों का आयोजन कराने से हाथ खींच लिए। फिर इसे दिसंबर माह में कराने की बात की। ऐसे में गोवा से गेम्स की मेजबानी वापस ले ली गई है।</p>
<p>1924 में लाहौर में हुए थे पहले राष्ट्रीय खेल</p>
<p>यह नेशनल गेम्स का 36वां संस्करण होगा। गेम्स 98 साल का हो गया हैं, लेकिन यह कभी निरंतर नहीं रहे। पहली बार इन गेम्स का आयोजन 1924 में लाहौर (आज पाकिस्तान की राजधानी) में हुआ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 13:29:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पारुल चौधरी ने तोड़ा 3000 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[लॉस एंजिलस। भारतीय महिला ट्रैक एथलीट पारुल चौधरी ने रविवार को यूए सनसेट टूर की 3000 मीटर प्रतियोगिता में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/parul-chaudhary-broke-the-national-record-of-3000-meters/article-13554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/coll.jpg" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिलस। भारतीय महिला ट्रैक एथलीट पारुल चौधरी ने रविवार को यूए सनसेट टूर की 3000 मीटर प्रतियोगिता में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।<br /><br /><strong> लोगनाथन का छह साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा</strong><br />चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर प्रतिस्पर्धा में 8:57.19 के समय के साथ सुरिया लोगनाथन का छह साल पुराना 9:04.5 का रिकॉर्ड तोड़ा।  वह दौड़ के शुरुआती हिस्से में पांचवें स्थान पर थीं लेकिन अंतिम दो लैप में उन्होंने रफ्तार बढ़ाते हुए पोडियम पर तीसरा स्थान हासिल किया।  चौधरी इसके बाद अमेरिका के ओरेगन में 15 जुलाई से शुरू होने वाली 2022 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 3000 मीटर स्टीपलचेज में प्रतिस्पर्धा करती नजर आएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 12:36:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 'राजनीतिक प्रस्ताव' पारित, 'वंशवाद, जातिवाद, तुष्टीकरण खत्म करेगी भाजपा'</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश में सांप्रदायिकता और नकारात्मकता की राजनीति को समाप्त करके सुशासन एवं विकास की राजनीति स्थापित करने के लिए परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण को समाप्त करने की आज आवश्यकता बताईं और कहा कि ऐसा करने पर देश की हर समस्या खत्म हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/political-resolution-passed-in-bjp-s-national-executive--bjp-will-end-dynasty--casteism--appeasement/article-13529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bjp-adhiveshion.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश में सांप्रदायिकता और नकारात्मकता की राजनीति को समाप्त करके सुशासन एवं विकास की राजनीति स्थापित करने के लिए परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण को समाप्त करने की आज आवश्यकता बताईं और कहा कि ऐसा करने पर देश की हर समस्या खत्म हो जाएगी।</p>
<p>भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रविवार को पारित 'राजनीतिक प्रस्ताव' में यह बात कही गईं। गृह मंत्री अमित शाह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई एवं असम के मुख्यमंत्री हेमंतविश्व शर्मा ने इसका अनुमोदन किया। प्रस्ताव में गुजरात दंगों को लेकर उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी सराहना की गयी और कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 20 साल से लग रहे आरोपों को भगवान शंकर के विषपान के समान सहन किया और आज तक हर जांच में सोने की तरह चमकते हुए बेदाग निकल कर आये हैं।<br /><br />असम के मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आयोजन स्थल पर संवाददाताओं को राजनीतिक प्रस्ताव एवं गृह मंत्री श्री शाह के भाषण की जानकारी देते हुए कहा कि शाह ने गुजरात दंगों के ऊपर जो उच्चतम न्यायालय का फैसला आया है उसे ऐतिहासिक फैसला कहा है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है,  मोदी पर जो भी आरोप लगाया गया, अदालत ने उसे पूरा झूठा करार दिया, इसे राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ने संविधान का पालन करते हुए पूरे बीस साल तक बिना कुछ कहे चुपचाप आरोपों और एसआईटी की जांच का सामना किया। <br /><br />शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री ने विपक्ष के लिए कहा कि आज विपक्ष बिखरा हुआ है, कांग्रेस में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए उसके ही सदस्य लड़ाई कर रहे हैं, गांधी परिवार डर के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं कर रहा है। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस को 'मोदी फोबिया' हो गया है, कांग्रेस देशहित के हर निर्णय का विरोध करने लगी है। कांग्रेस पूरी तरह से हताशा और निराशा है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक का विरोध, अनुच्छेद 370 खत्म करने का विरोध, जीएसटी का विरोध, आयुष्मान भारत का विरोध, वैक्सीन और वैक्सीनेशन का विरोध, सीएए का विरोध, राम मंदिर का विरोध, ऐसे ही हर विषय में कांग्रेस केवल विरोध ही विरोध करते जा रही है।<br /><br />उन्होंने कहा कि शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन काल में दो राष्ट्रपति के चुनाव का अवसर आया। भाजपा ने एक बार दलित को और दूसरी बार एक महिला आदिवासी को चुना जो जमीन से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बाहरी और आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है। रक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाया है। उन्होंने अग्निपथ योजना की भी सराहना की जो सेना को आधुनिक एवं अधिक दक्ष बनाएगी। देश में तीन हजार से अधिक रक्षा उपकरणों एवं साजोसामान के आयात पर रोक लगाने से मेक इन इंडिया को बल मिला है। <br /><br />शर्मा ने कहा कि असम एवं पूर्वोत्तर में भाजपा का गढ़ बन गया है। पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, तमिलनाडु में भी भाजपा चमत्कार होगा और वहां भी भाजपा आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 30 से 40 वर्ष तक भाजपा देश में सत्ता में रहने वाली है और उसी के प्रयास से भारत विश्वगुरू बनेगा। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में भारत स्वास्थ्य ढांचे के क्षेत्र में विश्व के शीर्ष पांच देशों में से एक होगा। देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व नेता बन रहा है। पर्यावरण, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा आदि मुद्दों पर दुनिया मोदी की बात सुन रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि शाह ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तीन प्रमुख अंग हैं -सभी नाम-अनाम आजादी के सिपाहियों का सम्मान होना, सभी सरकारों को अपने कार्यों का लेखा जनता के सामने रखना तथा आजादी के अमृत काल में हम सबका सामूहिक संकल्प कि भारत फिर से विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित हो।<br />उन्होंने कहा कि विपक्ष भले ही हमारा मखौल उड़ाये लेकिन जनता का समर्थन हमें मिल रहा है। राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने के बारे में भी बात की और उनकी संघर्ष यात्रा को देश के सामने प्रमुखता से लाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कई मर्तबा अपनी बात एवं सुझाव कार्यकारिणी के समक्ष रखे।<br /><br /> देश के विभिन्न भागों में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं खासकर उदयपुर में दर्जी कन्हैया कुमार की जिहादियों द्वारा हत्या किये जाने को लेकर पार्टी के रुख के बारे में मीडिया के सवालों के जवाब में  शर्मा ने कहा कि भाजपा मानती है कि देश में सांप्रदायिकता की राजनीति का खात्मा तुष्टीकरण समाप्त करके हो सकता है। कार्यकारिणी में तेलंगाना के बारे में एक सवाल पर  शर्मा ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई ने तेलंगाना समेत दक्षिण भारत के राज्यों में राजनीति पर चर्चा की और बहुत जल्दी तेलंगाना तमिलनाडु में कोई चमत्कार देखने को मिलेगा और भाजपा वहां सत्ता में आएगी।</p>
<p>पूर्वोत्तर के विवादों को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के पहले पूर्वोत्तर के सभी विभाजनकारी मुद्दों एवं विवादों का समाधान करेंगे। दो साल के पहले पूर्वोत्तर की सारी समस्याएं सुलझ जाएंगीं और भाजपा असम समेत पूर्वोत्तर में लंबे समय तक शासन में रहने वाली है।  राजनीतिक प्रस्ताव के मूल तत्व के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि भाजपा मानती है कि सांप्रदायिकता और नकारात्मकता की राजनीति देश में सभी समस्याओं की जड़ है। देश में सुशासन एवं विकास की राजनीति स्थापित करने के लिए परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण को समाप्त करने की आवश्यकता और ऐसा करने पर देश की हर समस्या खत्म हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Jul 2022 18:25:18 +0530</pubDate>
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                <title>एक करोड के अधिक की साईबर ठगी करने वाला विदेशी नागरिक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। मुहाना थाना पुलिस ने रविवार को एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। अब तक वारदात में संलिप्त मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। इनके कब्जे से आधा दर्जन स्वेप मशीन दो दर्जन एटीम व डेबिट कार्ड एवं दो दर्जन फर्जी बिल बुक जब्त किए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/foreign-national-arrested-for-committing-cyber-fraud-of-more-than-one-crore/article-13068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/83.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुहाना थाना पुलिस ने रविवार को एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। अब तक वारदात में संलिप्त मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। इनके कब्जे से आधा दर्जन स्वेप मशीन दो दर्जन एटीम व डेबिट कार्ड एवं दो दर्जन फर्जी बिल बुक जब्त किए है।</p>
<p>डीसीपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि साईबर अपराधियों ने आमजन को विदेशी सामान सस्ते दामों पर बैचने के नाम पर सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से झांसे में लेकर ठगी की वारदातें आये दिन लगातार होती रहती है। इन अपराध में सक्रिय अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिये एव वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एक टीम का गठन किया। टीम ने चेन अली दियारा पुत्र अली दियारा, वेस्ट अफ्रिका से हाल ही में  बंगाली कॉलोनी सन्त नगर बुरारी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूर्व में दो आरोपी सौरभ चौहान व कमल लोहट उर्फ अन्नू को गिरफ्तार कर चुकी है। अली दियारा को प्रोडक्शन वारण्ट पर गिरफ्तार किया गया।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />परिवादी हरदयाल ने प्रकरण दर्ज करवाया कि 20 मई 2021 को साईबर ठग ने स्वय को एलिका निवासी रोमानिया किंमडॉम होना बताकर और स्वय का मोबाईल का व्यवसाय होना बता कर परिवादी को महंगा विदेश मोबाईल सस्ते दाम में बैचने का झांसा देकर और फर्जी बिल परिवादी को वॉटसएप करके एयरपोर्ट से डिलेवरी लेने हेतु कस्टम ड्युटी जमा करवाने के नाम पर 25,500 रूपये खाते में जमा करवा लिये और बाद में डिलीवर किये जाने वाले पार्सल में विदेशी करेंसी होने का झांसा देकर ऑनलाईन ठगी की वारदात की। <br /><br /><strong>तरीका वारदात:</strong><br />आरोपी सोशल मीडिया एप के माध्यम से चेटिंग कर लोगों से सम्पर्क कर विदेशी महिला होना बताकर विदेश में स्वयं का व्यवसाय होना बताकर ऑनलाईन खरीदारी करने वालों के साथ ठगी करते है। फर्जी सिम से लोगों को कॉल कर इम्पोर्टेड गिफ्ट एवं विदेशी पार्सल एयरपोर्ट से लेने के लिये कस्टम ड्युटी जमा करवाने के नाम पर अलग अलग फर्जी बैंक खातों में रूपये जमा करवाकर ठगी को अंजाम देते है। आरोपी ठगी गई राशी खाते में जमा होते ही तुरत ही अलग अलग फर्म से खरीदरी दिखाकर फर्म के खाते में राशि ट्रांसफर करते। फर्म के खाते से कुछ राशी फर्म मालिक को कमीशन के रूप में देकर नकद प्राप्त कर लेते है।<br /><br /><strong>अहम तथ्य:</strong><br />आरोपी बेन अली दियारा वर्ष 2017 में पर्यटन वीजा एवं वर्ष 2021 में व्यवसाय वीजा पर देश में आया था, तभी से वह लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। आरोपी सौरभ चौहान पुत्र सुनील कुमार,  निवासी  ओम विहार फेज 2 A उत्तम नगर, थाना उत्तम नगर जिला पश्चिम, नई दिल्ली हाल मकान नम्बर 41 सैकण्ड फ्लोर टी ब्लॉक, गली नम्बर 8 उत्तम नगर, धाना उत्तम नगर, नई दिल्ली हाल तिलक नगर, थाना तिलक नगर जिला पश्चिम, नई दिल्ली एवं कमान लोहट उर्फ अन्नू पुत्र राजेश लोहट, काली माता मन्दिर के पास, थाना-नेताजी सुभाष पैलेस नई दिल्ली पूर्व में गिरफ्तार हो चुके है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपीयों के कब्जे से आधा दर्जन स्वेप मशीन, दो दर्जन एटीम व डेविट कार्ड एवं दो दर्जन फर्जी बिल बुक जम की थी। आरोपी से तफतीश पर नाला साफरा मुम्बई में उगी की वारदात करना प्रकाश में आया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 18:10:55 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रीय महिला फुटबाल में राजस्थान को 27 साल बाद मिली जीत</title>
                                    <description><![CDATA[गुवाहाटी (असम) में खेली जा रही राष्ट्रीय जूनियर अंडर-17 महिला फुटबाल चैंपियनशिप में शुक्रवार को राजस्थान ने जम्मू-कश्मीर को 2-0 से पराजित कर दिया। राजस्थान की किसी भी महिला टीम की 1995 के बाद किसी राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता में यह पहली जीत है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/rajasthan-won-the-national-women-s-football-after-27-years/article-12980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qq11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> गुवाहाटी (असम) में खेली जा रही राष्ट्रीय जूनियर अंडर-17 महिला फुटबाल चैंपियनशिप में शुक्रवार को राजस्थान ने जम्मू-कश्मीर को 2-0 से पराजित कर दिया। राजस्थान की किसी भी महिला टीम की 1995 के बाद किसी राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता में यह पहली जीत है। वर्षा से प्रभावित रहे टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में बंगाल के हाथों 0-8 से मिली करारी हार से उबरते हुए राजस्थान की खिलाड़ियों ने आज बेहतरीन खेल खेला। राजस्थान ने शुरुआत से ही प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाए रखा और हाफ टाइम तक दोनों टीमों गोल शून्य बराबरी पर थीं। हाफ टाइम के बाद राजस्थान ने विपक्षी टीम पर जोरदार हमले बोले और दीक्षा कुमारी ने 58वें मिनट में शानदार गोल दाग राजस्थान को 1-0 से बढ़त दिला दी। इसके आठ मिनट बाद 66वें मिनट खुशी चंदेल ने एक और गोल ठोक जम्मू-कश्मीर के हौसले पस्त कर दिए। राजस्थान टीम का अगला मुकाबला 26 जून को तमिलनाडु से होगा।</p>
<p><strong>महिला फुटबाल में स्वर्णिम इतिहास रहा है राजस्थान का</strong><br />देश की महिला फुटबाल में 80 और 90 के दशक में राजस्थान का इतिहास स्वर्णिम रहा है। 1987 से 1997 के बीच दस साल तक राष्ट्रीय फुटबाल में राजस्थान की महिला खिलाड़ियों का दबदबा रहा। इस दौरान राजस्थान ने सब जूनियर नेशनल में छह बार खिताब पर कब्जा किया, वहीं चार बार राजस्थान की टीम जूनियर वर्ग में चैंपियन बनी।</p>
<p><strong>राजस्थान की फुटबाल में मशहूर रहीं कोटा की सोलंकी सिस्टर्स</strong><br />अस्सी और नब्बे के दशक में देश की फुटबाल में राजस्थान के कोटा की सोलंकी सिस्टर्स ने काफी नाम कमाया। हिमांशु, मीनू और लक्की सोलंकी ने भारतीय टीम का भी प्रतिनिधित्व किया, वहीं सबसे छोटी बहन लवली सोलंकी भारतीय टीम के कैंप तक पहुंची। अब राजस्थान खेल परिषद की फुटबाल कोच मीनू सोलंकी ने  1997 में एशियन महिला फुटबाल चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया। वहीं जर्मनी, थाईलैंड, यूएई और नेपाल में मैत्री मैच खेले। हिमांशु और लक्की 1990 में डेनमार्क में हुए दाना कप में खेलीं। इनके अलावा जोधपुर की गीता चौधरी भी दाना कप में खेली भारतीय टीम में शामिल थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 12:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेशनल हेराल्ड मामला:  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से 4 दौर में 40 घंटे दागे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता को मंगलवार को फिर से पेश होने के लिए बुलाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-herald-case-40-hours-of-questions-fired-in-4/article-12682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cm2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता को मंगलवार को फिर से पेश होने के लिए बुलाया है। यह पांचवीं बार होगा। जब राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में कथित रूप से मनी लॉड्रिंग के मामले में पूछताछ की जाएगी। अब तक राहुल गांधी से 40 घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछताछ कर चुकी है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सर गंगाराम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। जहां वह बीती 12 जून से कोविड संक्रमण के बाद पैदा हुई शारीरिक परेशानियों के कारण भर्ती थीं। उन्हें भी ईडी ने 23 जून को पेश होने के लिए नोटिस भेजा हुआ है।<br /><strong>दफ्तर तक साथ गई प्रियंका</strong><br />इससे पहले सोमवार को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे राहुल गांधी ईडी दफ्तर पहुंचे थे। जहां उनके साथ बहन प्रियंका गांधी भी दफ्तर तक उनके साथ गर्इं। राहुल गांधी से दिन में साढ़े तीन बजे तक पूछताछ की गई। बाद में दूसरे दौर में उनसे चार घंटे से ज्यादा समय तक फिर से पूछताछ की गई। <br /><strong>यह पूछे सवाल!</strong><br />माना जा रहा है कि इस दौरान राहुल गांधी से ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ की स्थापना, ‘नेशनल हेराल्ड’ के संचालन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस द्वारा दिए गए कर्ज एवं मीडिया संस्था के भीतर धन के हस्तांतरण से जुड़े सवाल पूछे गए गए। राहुल गांधी से उनके देश एवं विदेश में निजी बैंक खातों एवं संपत्ति के बारे में भी जानकारी ली गई है।<br /><strong>विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह</strong><br />कांग्रेस की ओर से सोमवार को राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ और सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में सत्याग्रह किया गया। जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस ने नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।<br /><strong>हम भाजपा मुख्यालय में घुसे तो कैसा लगेगा : गहलोत</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्याग्रह में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी दफ्तर में दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन घुसकर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से बदसलूकी करने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजस्थान समेत कई राज्यों में भाजपा के विरोधी दलों की सरकारें हैं। यदि हमने भी वही काम किया। जो दिल्ली में पुलिस द्वारा हमारे साथ हुआ है, तो कैसा लगेगा। हम शांतिपूर्वक सत्याग्रह कर रहे हैं और सरकार दमन पर उतारु है। पुलिस दुर्व्यवहार कर रही है। ऐसा कभी नहीं हुआ है कि पुलिस कांग्रेस दफ्तर में घुस जाए। यह तानाशाही रवैया है। यह विचारधारा की लड़ाई है। पार्टी कार्यकर्ताओं को डरने या घबराने की जरुरत नहीं है। हम संघर्ष करेंगे।</p>
<p>इंदिरा गांधी के जमाने में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने ऐसे ही संघर्ष किया था। राहुल गांधी इतना परेशान करने के बाद भी न झुके हैं और न डरे हैं। सरकार को बस इसी बात से परेशानी हो रही है। सरकार कितना भी प्रयास कर ले। कांग्रेस उसके खिलाफ जनता के हित के मुद्दों को उठाती रहेगी। क्या एक अखबार चलाना गुनाह है। पांचजन्य और आॅर्गेनाइजर जैसे अखबारों को भी तो यह सरकार मदद करती होगी। तो कांग्रेस ने ऐसा क्या बुरा कर दिया? सेना की अग्निपथ योजना को लेकर गहलोत ने कहा कि सरकार अभी भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है। लोकतंत्र में सबसे संवाद करके ही आगे बढ़ा जाता है। इससे युवाओं में रोष और आक्रोश व्याप्त है और वह सड़कों पर उतरा हुआ है। सरकार को उनकी बात सुनकर उसका समाधान करना चाहिए। <br /><strong>युवाओं के सपनों से धोखा किया : पायलट</strong><br />पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि इस सरकार ने युवाओं के सपनों के साथ धोखा किया है। अग्निपथ योजना से युवाओं को लाभ नहीं होगा। बल्कि वह 24 साल की आयु में रिटायर होने के बाद क्या करेंगे। इसका समाधान सरकार नहीं बता पा रही है। अच्छा होता संसद में इस बारे में विस्तार से चर्चा की जाती और फिर इस योजना को लाया जाता। पायलट ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। लेकिन वह ऐसा कर नहीं पाएगी। क्योंकि इस सरकार ने किसानों, नौजवानों और मध्यम वर्ग पर करारी चोट की है। आज वही लोग सरकार के सामने खड़े हैं। ऐसे में कांग्रेस भी उनके साथ है। पायलट ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं। यह लोग धु्रवीकरण करवाकर चुनाव जीतते हैं।</p>
<p><strong>राहुल की छवि धूमिल करने के लिए सूचनाएं लीक: माकन</strong><br />इससे पहले सोमवार सुबह पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि ईडी की पूछताछ के दौरान चयनित सूचनाएं राहुल गांधी की छवि को धूमिल करने के लिए लीक की गर्इं। इससे अच्छा है कि पूछताछ के दौरान ईडी कैमरा आॅन रखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 11:54:45 +0530</pubDate>
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                <title>पावो नुर्मी खेलों में नीरज ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, जीता रजत पदक</title>
                                    <description><![CDATA[तुरकू। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को पावो नुर्मी खेलों में रजत पदक जीतते हुए जैवलीन थ्रो का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। नीरज ने 89.3 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पिछले साल मार्च में आयोजित इंडियन ग्रां प्री में बनाया अपना 88.07 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/new-national-record-of-pavo-nurmi-games-neeraj-won-silver-medal/article-12321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/neeraj-chopra.jpg" alt=""></a><br /><p>तुरकू। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को पावो नुर्मी खेलों में रजत पदक जीतते हुए जैवलीन थ्रो का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। नीरज ने 89.3 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पिछले साल मार्च में आयोजित इंडियन ग्रां प्री में बनाया अपना 88.07 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा।  यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होने के साथ-साथ इस वर्ष का अब तक का पांचवां सर्वश्रेष्ठ थ्रो है। फिनलैंड के ओलिवर हेलेंडर ने 89.83 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।</p>
<p>ग्रेनाडा के मौजूदा विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स ने 86.60 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। पिछले साल अगस्त में हुए टोक्यो ओलंपिक के बाद नीरज पहली बार किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे थे।  24 वर्षीय नीरज ने 86.92 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की और दूसरे प्रयास में 89.30 मीटर की दूरी पर भाला फेंका, जो उनके ओलंपिक प्रदर्शन (87.58) से भी बेहतर था। नीरज अब तुरकू के बाद कुओरटाने खेलों में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वह डायमंड लीग के स्टॉकहोम लेग के लिए स्वीडन जाएंगे। पावो नुर्मी खेल विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर का एक स्वर्ण आयोजन है। यह डायमंड लीग के बाहर सबसे बड़ी ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में से एक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 12:44:14 +0530</pubDate>
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