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                <title>ताइवान मुद्दे पर चीन की अमेरिका को चेतावनी, जिनपिंग ने कहा-गलत रणनीति दोनों देशों को &quot;संघर्ष&quot; की ओर धकेल सकती है</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान पर गलत रणनीति "संघर्ष" भड़का सकती है। ट्रंप ने शी को "मित्र" बताकर शानदार भविष्य की उम्मीद जताई। चीन ने "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" से बचकर प्रतिद्वंद्विता के बजाय साझेदारी और रणनीतिक स्थिरता पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-warning-to-america-on-taiwan-issue-jinping-said/article-153850"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china5.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि ताइवान मुद्दे पर किसी भी प्रकार की गलत रणनीति दोनों देशों को "संघर्ष" की ओर धकेल सकती है। गुरुवार को महाशक्ति शिखर सम्मेलन के तहत हुई बैठक में ट्रंप ने शी जिनपिंग को "महान नेता" और "मित्र" बताते हुए कहा कि दोनों देशों का "भविष्य शानदार" होगा। शी जिनपिंग ने औपचारिक स्वागत समारोह के बीच अपेक्षाकृत सख्त लहजे में यह भी कहा कि दोनों देशों को "प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार" होना चाहिए। उन्होंने शुरुआत में ही ताइवान मुद्दे को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण विषय बताया।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार शी जिनपिंग ने कहा, "ताइवान प्रश्न चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि इसे गलत तरीके से संभाला गया, तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध अत्यंत खतरनाक स्थिति में चले जाएंगे।" रिपोर्ट के अनुसार, करीब सवा दो घंटे तक चली प्रारंभिक वार्ता के बाद व्हाइट हाउस के जारी आधिकारिक विवरण में ताइवान का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इससे संकेत मिला कि दोनों नेता इस मुद्दे पर किसी ठोस सहमति तक नहीं पहुंच सके। ट्रंप की यह यात्रा लगभग एक दशक बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। भव्य स्वागत समारोह के बावजूद व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव अब भी दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।</p>
<p>शी जिनपिंग ने ट्रंप का स्वागत ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में रेड कार्पेट, सैन्य बैंड, तोपों की सलामी और स्कूली बच्चों के स्वागत नारों के साथ किया। ट्रंप ने समारोह के दौरान कहा, "चीन और अमेरिका के संबंध पहले से कहीं बेहतर होने जा रहे हैं।" इसके विपरीत शी जिनपिंग ने प्राचीन यूनानी राजनीतिक सिद्धांत "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" का उल्लेख करते हुए कहा कि उभरती शक्ति और स्थापित शक्ति के बीच प्रतिस्पर्धा युद्ध का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा, "क्या चीन और अमेरिका तथाकथित 'थ्यूसीडिडेस ट्रैप' से ऊपर उठकर महाशक्तियों के संबंधों का नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं? सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है, जबकि टकराव दोनों को नुकसान पहुंचाता है।"</p>
<p>वर्ष 2017 में ट्रंप की पिछली चीन यात्रा के बाद से दोनों देश व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और कई वैश्विक मुद्दों पर लगातार मतभेदों में उलझे रहे हैं। ताइवान लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है। अमेरिका "वन चाइना" नीति के तहत केवल बीजिंग को मान्यता देता है, लेकिन अमेरिकी कानून के अनुसार वह ताइवान को आत्मरक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता। हाल के वर्षों में उसने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है। शी की टिप्पणियों के बाद ताइपे ने प्रतिक्रिया देते हुए चीन को क्षेत्रीय शांति के लिए "एकमात्र खतरा" बताया और कहा कि अमेरिका ने ताइवान के प्रति अपने "स्पष्ट और दृढ़ समर्थन" की बार-बार पुष्टि की है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं की वार्ता अब तक सकारात्मक माहौल में हुई है। ट्रंप ने शी जिनपिंग को "मित्र" बताया और दोनों नेताओं ने "रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंध" स्थापित करने पर सहमति जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:47:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>स्वास्थ्य कार्मिकों से योजना के सफल क्रियान्वयन में भागीदार बनने का आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों से किया संवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--medical-minister-parsadi-lal-meena-called-upon-the-health-workers-to-be-partners-in-the-successful-implementation-of-the-scheme/article-8246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/parsadi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों से संवाद किया । उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में जब 'मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना' का आगाज हुआ था, तब लोगों को इसके सफल होने पर आशंकाएं थी। चिकित्सा कार्मिकों के सहयोग से यह योजना आज देश भर के लिए मिसाल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना का अभी ट्रायल चल रहा है, चिकित्सा कार्मिक यदि पूरे मनोयोग से सहयोग करेंगे तो प्रदेश एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में इबारत गढ़ेगा। </p>
<p>चिकित्सा मंत्री  परसादी लाल मीणा ने कहा कि 'मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान' योजना प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी योजना है। उन्होंने प्रदेश के सभी स्वास्थ्य कार्मिकों, मेडिकल, पैरामेडिकल व संबंधित कार्मिकों को योजना के सफल क्रियान्वयन में भागीदार बनने का आह्वान किया।</p>
<p><br /> मीणा ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों में आईपीडी, ओपीडी की दवाएं और जांचें निशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित की जाए। आईपीडी में भर्ती मरीज के लिए बेड साइड ऐसा सिस्टम विकसित करें ताकि उन्हें दवा की पर्ची ही ना दी जाए। ओपीडी में आने वाले मरीज को भी संस्थान में उपलब्ध दवाई ही लिखी जाए। उन्होंने कहा कि दवाएं उपलब्ध ना होने पर वैकल्पिक दवा लिखकर जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है।<br /><br />मेडिकल शिक्षा प्रमुख शासन सचिव  वैभव गालरिया ने कहा कि अप्रैल माह तक प्रदेश में ट्रायल चल रहा है। 1 मई से प्रदेशभर में योजना विधिवत शुरू हो जाएगी। ऐसे में चिकित्सक आमजन को योजना के अनुरूप चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एसेंशियल ड्रग लिस्ट के अलावा दवाओं की जरूरत होने पर अधिकारीगण आरएमएससीएल या नियमनुसार रेट कांटेक्ट कर दवा खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से भी आवश्यकतानुसार दवाओं को क्रय किया जा सकता है।</p>
<p><br />वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर व अन्य मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से इस महत्वाकांक्षी योजना पर बनाई कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस अवसर पर एसएमएस अस्पताल के डॉ अमरजीत सिंह मेहता ने योजना के तहत किए जा रहे कार्यों को भी पीपीटी के माध्यम से बताया। उन्होंने योजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किए जाने के लिए भी आश्वस्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 18:18:07 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का आमंत्रण : PM मोदी का बयान, ''भारत विश्व स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए भागीदारों के साथ काम करने के लिए तैयार''</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति बाइडेन के आमंत्रण पर लोकतंत्र के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए खुश हूँ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61b312284e114/article-3050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/modi2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के आमंत्रण पर लोकतंत्र के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये खुश हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में विश्व स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए भागीदारों के साथ काम करने के लिए तैयार है। मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को टैग करते हुये ट्वीट किया कि राष्ट्रपति बाइडेन के आमंत्रण पर लोकतंत्र के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए खुश हूँ। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत बहुपक्षीय मंचों सहित विश्व स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिये अपने भागीदारों के साथ काम करने के लिये तैयार है।</p>
<p>गुरुवार को सम्मेलन के प्रथम सत्र में शामिल होने के लिये कई प्रमुख विश्व नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी को भी आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति बाइडेन इसकी मेजबानी कर रहे हैं। इसे दोनों राष्ट्रों के बीच एक बेहतर संबंध के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन में 12 चुनिंदा देश हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के सिद्धांतों को वैश्विक शासन का भी मार्गदर्शन करना चाहिए और लोकतंत्र को सकारात्मक या नकारात्मक रूप से प्रभावित करने की प्रौद्योगिकी की क्षमता को देखते हुए तकनीकी कंपनियों को खुले और लोकतांत्रिक समाजों को संरक्षित करने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक देशों को अपने संविधानों में निहित मूल्यों को पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Dec 2021 14:41:07 +0530</pubDate>
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