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                <title>farmers protest - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>farmers protest RSS Feed</description>
                
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                <title>किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा, न्यूनतम समर्थन मूल्य की सार्थकता के लिए संपूर्ण खरीद अपरिहार्य </title>
                                    <description><![CDATA[किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने सीएसीपी (CACP) की बैठक में एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून की पुरजोर मांग। केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कानूनी बाध्यता और किसान हितैषी आयात-निर्यात नीति अनिवार्य ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/national-president-of-kisan-mahapanchayat-rampal-jat-said-that-complete/article-144448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)29.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की सार्थकता तब ही है जब उसकी प्राप्ति की सुनिश्चितता हो, और यह तभी संभव है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्राप्ति के लिए खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाये। इसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा गठित समिति के उपसमूह ने 21 अप्रैल 2023 को अनुशंसा कर दी थी, जिसे भी 3 वर्ष का समय पूरा होने वाला है किंतु सरकार ने अभी तक इस पर सार्थक कार्यवाही नहीं की। </p>
<p>इसी प्रकार सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य को गारंटीड मूल्य वर्ष 1968 से घोषित किया हुआ है, इसके बाद भी संसद में अनेकों बार सरकार ने इसको दोहराया है, इतना ही नहीं तो संसद में घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों में अपनी उपज बेचने के लिए विवश नहीं होने देने का आश्वासन दिया हुआ है। </p>
<p>भारत सरकार व्यापारिक समझौते के अंतर्गत भारत के बाजार अमेरिका को उपलब्ध कराने के लिए आतुर है, उस प्रकार की कार्यवाही देश के किसानो को उनकी उपजो का लाभकारी मूल्य दिलाने की कार्यवाही नहीं कर रही है। इसीलिए आज निर्यात नीति के केंद्र में किसान हित नहीं रहता है। यह स्थिति तो तब है जब कृषि लागत एवं मूल्य आयोग में अनेकों बार खरीद की गारंटी का कानून बनाने, खरीद की सुनिश्चितता करने तथा आयात निर्यात नीति किसने के हितों के अनुकूल बनाने के संबंध में अनुशंसाएं की हुई है। </p>
<p>पिछले 60 वर्षों में आयोग द्वारा की गई किसान हितेषी अनुशंसाओ की पालना नहीं करने की समीक्षा को सार्वजनिक करने का आग्रह किया है। ये विचार आज की बैठक में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट द्वारा रखे गए हैं। किसान संगठनों के साथ संवाद हेतु भारत सरकार की संस्था कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा आयोजित बैठक में में रखें गये। बैठक की अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर विजय पाल शर्मा ने की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 17:37:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहुल-खड़गे ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को बताया तानाशाही, कहा-पार्टी युवा निडर साथियों के साथ मजबूती से खड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[नेता राहुल गांधी ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदर्शन करने के आरोप में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को तानाशाही करार दिया। शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर। प्रदर्शन हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार। कांग्रेस के बब्बर शेर साथियों पर गर्व है। सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए उदय भानु चिब की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-kharge-termed-the-arrest-of-youth-congress-workers-as-dictatorship/article-144418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान यहां भारतमंडपम में विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को तानाशाही करार देते हुए मंगलवार को कहा कि पार्टी युवा निडर साथियों के साथ मजबूती से खड़ी है।</p>
<p>राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने समझौतावादी केंद्र सरकार के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है। अमेरिका के साथ हुए व्यापार संझौते में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और कपड़ा उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा। इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और युवा संगठन के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है।</p>
<p>उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है। डरो मत-सच और संविधान हमारे साथ हैं। उन्होंने दोहराया कि शांतिपूर्ण विरोध भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और इसे दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। गिरफ्तार युवाओं ने कोई गलत काम नहीं किया है और संविधान उन्हें न्याय देगा</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत मंडपम में विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए मंगलवार को केंद्र सरकार पर सीधा हमला किया और कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता नहीं बल्कि सत्तापक्ष खुद डरपोक हैं जो संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से भी डरते हैं।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर किसानों का नुकसान किया है और उसके खिलाफ जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें डराने के लिए गिरफ्तार किया जाता है लेकिन कांग्रेस डरने वाली नहीं है।</p>
<p>खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं और देश का माहौल इतना खराब हो चुका है जिसके कारण लोगों में भारी रोष है। राष्ट्रपति ट्रंप के सामने उन्होंने घुटने टेक दिए। नाक रगड़कर उनकी सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा हो गया। जो काम हमारे किसानों की भलाई और मदद के लिए किया जाना चाहिए था, उसकी बजाय किसानों का नुकसान करने की बातचीत की गई। इससे यह भी साफ़ हो गया है कि लोग समझते थे कि केंद्र सरकार देश के हित में ट्रंप से बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और हमें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी जी कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने आगे लिखा,कांग्रेस डरने वाली नहीं है और न ही डरपोक है। केंद्र सरकार खुद डरपोक हैं। डर के कारण वे संसद में आकर अपनी नीतियों का बचाव भी नहीं कर पाते। इसलिए वे हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, हमारे युवाओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं, हमारे युवा नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह नहीं चलेगा। मैं इसकी निंदा करता हूँ। हमारे देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, हम करेंगे। हम लड़ते रहेंगे और देश को गिरवी रखने वाले लोगों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 15:07:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसानों को कंटीले तारों से रोकने की बजाय उनसे बात करें मोदी : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[खरगे ने कहा कि दिल्ली की सत्ता में बैठे क्रूर और अहंकारी सत्ताधारियों से हमारे सवाल-क्या देश के अन्नदाता न्याय मांगने दिल्ली नहीं आ सकते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-congress-should-talk-to-farmers-instead-of-stopping-them/article-69986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kharge-5.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों को सड़क पर किलेबंदी कर और कंटीले तार लगाकर रोकने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली आ रहे  किसानों को बंदूक की बल पर और तानाशाही करके रोका नहीं जाना चाहिए बल्कि उनकी मांगों पर विचार किया जाना चाहिए और खुद मोदी को उनसे बात करनी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा ''कंटीले तार, ड्रोन से आंसू गैस, कीलें और बंदूकें सबका है इंतजाम, तानाशाही मोदी सरकार ने किसानों की आवाज पर जो लगानी है लगाम। याद है ना आंदोलनजीवी व परजीवी कहकर किया था बदनाम और 750 किसानों की ली थी जान। दस सालों में मोदी सरकार ने देश के अन्नदाताओं से किए गए अपने तीन वादे तोड़े हैं — 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी, स्वामीनाथन रिपोर्ट के मुताबिक़ इनपुट कॉस्ट के साथ 50 प्रतिशत एमएसपी लागू करना और एमएसपी को क़ानूनी दर्जा देना।"</p>
<p>इस बीच कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब भी इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल को किसानों के खिलाफ क्रूरता, बर्बरता, दमन और दंशकाल के रूप में जाना जाएगा। किसानों की आवाज को दबाने के लिए भाजपा सरकार ने देश की राजधानी दिल्ली को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है, जैसे किसी दुश्मन ने दिल्ली की सत्ता पर हमला बोल दिया हो। दिल्ली के चारों तरफ, खासतौर से हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर पर मंजर क्या है।</p>
<p>उन्होंने किसानों को रुक जाने को लेकर सरकार से सवाल किया और कहा ''दिल्ली की सत्ता में बैठे क्रूर और अहंकारी सत्ताधारियों से हमारे सवाल-क्या देश के अन्नदाता न्याय मांगने दिल्ली नहीं आ सकते। क्या सरकार मानती है कि किसान दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं। देश के अन्नदाता प्रधानमंत्री और देश की सरकार से न्याय न मांगे, तो कहां जाएं। जब किसान आंदोलन पूरी तरह शांतिप्रिय है तो फिर किसान की राह में कीलें और कंटीली तारें क्यों। मोदी सरकार ने 18 जुलाई, 2022 को तीन काले कानून वापस लेने के बाद किसानों से एमएसपी के लिए कानून बनाने का वादा किया था। किसान मोदी सरकार से इस वादे की गारंटी क्यों न मांगे। क्या सरकार को देश की मिट्टी का दर्द और आत्महत्या करते अन्नदाताओं की वेदना सुनाई नहीं देती।"</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा ''कांग्रेस किसानों के न्याय की मांग का समर्थन करती है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे और राहुल गांधी जी भी किसान न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री जी खुद किसानों से बात करें और उन्हें न्याय दें।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Feb 2024 14:55:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>मूंगफली की खरीद में गफलत के विरोध में उतरे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[मंडी सचिव अमर चंद सैनी ने बताया कि किसान और दलाल की और से करवाए जाने वाले सौदे में किसान को माल के पूरे वजन का दाम मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-protest-against-mistakes-in-purchasing-peanuts/article-59397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/groundnut.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो नवज्योति, जयपुर। राजधानी कृषि उपज मंडी, कूकर खेड़ा में गुरुवार को मंडी व्यापारी, दलाल, आडतियो और किसान के बीच जमकर तू तू मैं मैं हुई। तकरार इतनी बड़ गई की किसानों ने मंडी का मुख्य द्वार बंद कर दिया। एकबारगी मंडी में अफरा तफरी का माहौल बन गया। गुरुवार को मूंगफली ऑक्शन के दौरान मंडी दलाल किसान में उलझन हो गई। दलाल ने कहा माल के कुल वजन में तीन सौ ग्राम मुंगफली अधिक देनी होगी। मूंगफली में नमी अधिक है। इस बात पर किसान भड़क गए। इस दौरान कृषि उपज मंडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आपसी बातचीत के बाद करीब दो घंटे के बंद के बाद सुलह हुई। अब फिर से माल का ऑक्शन शुरू हो गया है। <br /><br />मंडी सचिव अमर चंद सैनी ने बताया कि किसान और दलाल की और से करवाए जाने वाले सौदे में किसान को माल के पूरे वजन का दाम मिलेगा। अतरिक्त माल नहीं देगा किसान। माल के वजन में किसी तरह की कटौती नहीं होगी। मंडी में फिलहाल पांच से सात हज़ार बोरी की आवक हो रही है। भाव पांच से सात हज़ार रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं। मुंगफली का एमएसपी 6750 रुपए प्रति क्विंटल है। जयपुर की मंडी में कालवाड़, पचार, बेगस, जहोता, रामपुर और जयसिंह पुरा के किसान मुंगफली ला रहे हैं। भाव और एसएसपी पिछले साल से अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Oct 2023 17:06:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर किसानों का प्रदर्शन, संगठनों के बीच दरार </title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने किसानों को सभा करने की अनुमति दी थी, लेकिन कृषि कानूनों का विरोध करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) में शामिल कुछ संगठनों के नेताओं ने कहा कि उन्हें जहां रोका जाएगा, वह वहीं प्रदर्शन शुरू कर देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/farmers-protest-over-unemployment-issues-rift-between-union/article-20032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/ke-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की सुनिश्चित व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर किसान संगठनों का ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर जमावड़ा शुरू हो गया था, लेकिन इस आयोजन को लेकर संगठनों के बीच दरार दिखने लगी है। दिल्ली पुलिस ने किसानों को सभा करने की अनुमति दी थी, लेकिन कृषि कानूनों का विरोध करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) में शामिल कुछ संगठनों के नेताओं ने कहा कि उन्हें जहां रोका जाएगा, वह वहीं प्रदर्शन शुरू कर देंगे।</p>
<p><strong>चढ़ूनी गुट के किसान ही पहुंचे</strong><br />महापंचायत में पंजाब के भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के किसान जंतर-मंतर पर पहुंचे। चढ़ूनी गुट संयुक्त किसान मोर्चे से पहले ही खफा हो चुका है और 31 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चे की भारत बंद मुहिम में शामिल नहीं हुआ था। चढ़ूनी गुट पंजाब विधानसभा चुनाव में भी अपना हाथ आजमा चुका है, हालांकि उसे निराशा ही हाथ लगी।</p>
<p><strong>जाम में फंसे रहे लोग</strong><br />इस बीच, किसान महापंचायत में भाग लेने के लिए गाड़ी-घोड़े के साथ प्रवेश कर रहे किसानों के कारण सिंघु बार्डर, गाजीपुर बार्डर के अलावा करनाल रोड, नरेला, समयपुर बादली और लिबासपुर से सटे रास्तों पर जाम देखा गया। जाम के कारण कई मार्गों पर लोग घंटों फंसे रहे।</p>
<p><strong>संगठनों के बीच दिखी दरार</strong><br />संगठनों के बीच दरार का संकेत देने वाले एक घटनाक्रम में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने ट्विटर पर बयान में कहा कि एसकेएम का जंतर-मंतर पर आज से आयोजित किसान महापंचायत से कोई लेना-देना नहीं है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राकेश टिकैत धड़े ने किसान महापंचायत से अपने को अलग रखने का एलान पहले ही किया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Aug 2022 10:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का चक्का जाम </title>
                                    <description><![CDATA[शहीद स्मारक पर सीपीआई, सीपीएम, महिला संगठनों  सहित अन्य जन जनवादी संगठनों की ओर से कार्यकर्ताओं ने एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-protest-about-demands/article-17087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/465465465186.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और अन्य लंबित मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देश में चक्का जाम किया गया। शहीद स्मारक पर सीपीआई, सीपीएम, महिला संगठनों  सहित अन्य जन जनवादी संगठनों की ओर से कार्यकर्ताओं ने एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। सीपीआई के वरिष्ठ नेता सरदार तारा सिंह, निशा सिद्धू, माकपा के पूर्व सचिव वासुदेव, सुमित्रा चोपड़ा, निशा शर्मा सहित बड़ी संख्या में आए लोगों ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एमएसपी पर खरीद के कानून नहीं बनने से किसानों को अपने उत्पाद को कम कीमतों दामों पर बेचने को विवश होना पड़ रहा है।</p>
<p>सवाई सिंह ने कहा कि पहले तो एनडीए सरकार ने 3 खेती के कानून बनाकर किसानों के खेती- किसानी को ही समाप्त  करने की चेष्टा की। इसके बाद में किसानों ने लंबा संघर्ष किया और तीनों कानूनों को वापस ले लिया, लेकिन अभी तक उनका कुछ सकारात्मक परिणाम नहीं आया है। महिला नेता निशा शर्मा ने कहा कि उत्पादों के किसान को सही कीमत मिले। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Jul 2022 16:02:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे किसान</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रबी और खरीफ की फसल की खरीद की मांग को लेकर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में किसान विधानसभा घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनको आगे नहीं बढ़ने दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-should-buy-at-support-price-of-crop--says-rampal/article-6907"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ramlal-jat-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रबी और खरीफ की फसल की खरीद की मांग को लेकर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में किसान विधानसभा घेराव करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनको आगे नहीं बढ़ने दिया। जाट ने बताया कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करनी चाहिए, जिससे किसान को उसकी उपज का वास्तविक लाभ मिल सके।</p>
<p>यह समय खेतों में कटाई का है, लेकिन किसान जयपुर आकर प्रदर्शन कर रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी दोगनी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है। किसान निरंतर कर्ज में डूबता जा रहा है।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 16:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केंद्र सरकार के बजट के विरोध में साम्यवादी संगठनों ने किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार की ओर से लाए गए बजट में किसान, युवा और महिला वर्ग की उपेक्षा के विरोध में साम्यवादी संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-protest-against-budget-of-center-govt/article-4969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/46546546546578.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए बजट में किसान, युवा और महिला वर्ग की उपेक्षा के विरोध में साम्यवादी संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र, अखिल भारतीय किसान सभा और आखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के आह्वान पर देश में केन्द्रीय बजट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदेश में केन्द्रीय बजट, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। मजदूर, किसान, महिला छात्र और युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।</p>
<p>इसके अलावा ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में भी विरोध-प्रदर्शन किया गया। माकपा के सचिव डॉ. माधव  ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा और किसान कलक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 12:57:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रदर्शन स्थल से वापस लौट रहे है किसान</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शन स्थल से वापस लौट रहे है। किसानों के लौटने के साथ ही इस विरोध-प्रदर्शन का अंत हो जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8-%E0%A4%B2%E0%A5%8C%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-3064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/4654654654652.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शन स्थल से वापस लौट रहे है। किसानों के लौटने के साथ ही इस विरोध-प्रदर्शन का अंत हो जाएगा। किसानों ने लौटने से पहले सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमा पर विजय मार्च निकाला। किसानों को लौटने से पहले अपने तंबू तोड़ते और क्षेत्र की सफाई करते हुए देखा गया।</p>
<p>इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने गाजीपुर सीमा पर कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ समय और लगेगा। वह स्वंय भी कुछ समय बाद लौट जाएंगे। किसानों के जाने के बाद बैरिकेड्स हटा दिए जाएंगे और सड़कों को ट्रैफिक के लिए साफ कर दिया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर सरकारी अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ को शामिल कर एक समिति गठित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान समूहों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Dec 2021 13:09:46 +0530</pubDate>
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