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                <title>nirmala sitaraman - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>nirmala sitaraman RSS Feed</description>
                
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                <title>जी-सो GST : त्योहार से पहले राहत का तोहफा, अब सिर्फ 5% और 18% के दो स्लैब, 22 सितम्बर से होगा लागू</title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने भाषण में मैंने कहा था कि हम जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने का इरादा रखते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-gift-of-relief-before-the-g-so-gst-festival-will/article-125811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक बुधवार को नई दिल्ली में हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने साफ किया कि अब जीएसटी के सिर्फ दो स्लैब होंगे, जो 5% और 18% होंगे। मतलब अब 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म कर दिया गया है और इनमें शामिल ज्यादातर चीजें सिर्फ मंजूर किए गए दो टैक्स स्लैब के अंदर आ जाएंगी। इसके चलते कई सामान सस्ते हो जाएंंगे। हालांकि, विलासिता और हानिकारिक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब को मंजूरी मिली है, जो 40% का है।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि हमारा फोकस देश के आम आदमी पर है। किसानों से लेकर लेबर तक को ध्यान में रखते हुए स्लैब कम करने को मंजूरी दी गई है और बैठक में शामिल सभी सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने इस फैसले का समर्थन किया। समय की मांग को समझते हुए सभी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने में अपनी पूरी सहमति जताई। ये बदलाव 22 सितम्बर से लागू होंगे।</p>
<p><strong>इन पर अब 0%</strong><br />यूएचटी दूध<br />छेना-पनीर<br />अण्डा<br />ताजा फल<br />ताजा सब्जी<br />पिज्जा<br />ब्रेड<br />रोटी<br />पराठा<br />इंडिविजुअल <br />इंश्योंरेंस पॉलिसी<br />33 जीवन <br />रक्षक दवाइयां<br />मैप, चार्ट, ग्लोब<br />पैंसिल<br />एक्सरसाइज बुक<br />क्रेयॉन</p>
<p><strong>इन पर अब 5%</strong><br />शैंपू<br />साबुन<br />हेयर ऑयल <br />टूथ ब्रश<br />शेविंग क्रीम  <br />नमकीन<br />भुजिया<br />बटर<br />बर्तन<br />बच्चों के फीडिंग बॉटल्स<br />सिलाई मशीन <br />और पार्ट्स <br />पास्ता<br />कॉफी<br />नूडल्स<br />थर्मामीटर<br />ग्लूकोमीटर <br />प्रिजर्व्ड मीट</p>
<p><strong>इन पर अब 18%</strong><br />एसी<br />सीमेंट<br />कार<br />बाइक (300 सीसी या इससे कम)<br />टीवी <br />डिस वॉशिंग मशीन<br />छोटी कार</p>
<p><strong>इन पर अब 40%</strong><br /> सुपर लग्जरी गुड्स<br /> पान मसाला<br /> सिगरेट <br />चबाने वाला तंबाकु<br /> जर्दा<br />एडड शुगर<br />काबार्नेटिड डिंक्स<br />पर्सनल यूज वाले एयरक्रॉफ्ट <br />लग्जरी कार <br />फास्ट फूड </p>
<p><strong>किसानों के लिए भी राहत का ऐलान</strong><br />बैठक में कृषि क्षेत्र में भी राहत दी गई है। ट्रैक्टर टायर और पार्ट्स, ट्रैक्टर, बायो-पेस्टिसाइड्स, माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और ्प्रिरंकलर्स, खेती और वानिकी के लिए मशीनों पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है</p>
<p><strong>ये बड़े बदलाव हमारे नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे</strong><br />स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने भाषण में मैंने कहा था कि हम जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने का इरादा रखते हैं। केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों में बदलाव के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था। मुझे खुशी है कि जीएसटी काउंसिल ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें जीएसटी दरों में कटौती और कई सुधार शामिल हैं। जिनसे आम जनता, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को फायदा होगा। ये बड़े बदलाव हमारे नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे और कारोबार करना आसान करेंगे। <br />-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्रीु</p>
<p><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 13:18:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की आवश्यकता : सरकार ने बढ़ाया रक्षा बजट, रक्षा मंत्रालय के लिए रिकार्ड 6.81 लाख करोड़ का आवंटन</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए रिकार्ड 6,81,210.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-need-to-equip-armed-forces-with-state-of-the/article-102823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(10).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए रिकार्ड 6,81,210.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह आवंटन वित्त वर्ष 2024-25 के बजटीय अनुमान से 9.53 प्रतिशत अधिक है और केंद्रीय बजट का 13.45 प्रतिशत है, जो मंत्रालयों में सबसे अधिक है। इसमें से 1,80,000 करोड़ रुपये यानी कुल आवंटन का 26.43 प्रतिशत रक्षा सेवाओं पर पूंजीगत व्यय पर खर्च किया जाएगा। बजट में सशस्त्र बलों के राजस्व का आवंटन 3,11,732.30 करोड़ रुपये है, जो कुल आवंटन का 45.76 प्रतिशत है। इसमें रक्षा पेंशन का हिस्सा 1,60,795 करोड़ रुपये यानी 23.60 प्रतिशत है और शेष 28,682.97 करोड़ रुपये यानी 4.21 प्रतिशत रक्षा मंत्रालय के तहत नागरिक संगठनों के लिए है। </p>
<p>मंत्रालय ने 2025-26 को 'सुधारों के वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार के संकल्प को और मजबूत करेगा और इसका उद्देश्य आवंटन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया में सरलीकरण करना है। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं, गरीबों, किसानों, महिलाओं और समाज के अन्य सभी वर्गों के विकास को बढ़ावा देगा। मध्यम वर्ग के योगदान को मान्यता देते हुए बजट एक अभूतपूर्व उपहार लेकर आया है।</p>
<p>मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में जहाँ विश्व आधुनिक युद्ध के बदलते प्रतिमान को देख रहा है, भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने और उन्हें तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध-तैयार बल में बदलने की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, रक्षा बलों के पूंजीगत व्यय पर 1,80,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन वित्त वर्ष 2024-25 के बजटीय अनुमान से 4.65 प्रतिशत से अधिक है।  इसमें से 1,48,722.80 करोड़ रुपये पूंजी अधिग्रहण पर खर्च करने की योजना है, जिसे सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण बजट कहा जाता है और शेष 31,277.20 करोड़ रुपये देश भर में अनुसंधान और विकास और अवसंरचनात्मक परिसंपत्तियों के निर्माण पर पूंजीगत व्यय के लिए हैं।</p>
<p>वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान, रक्षा मंत्रालय ने घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और बलों को आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया। तब से, आधुनिकीकरण बजट का एक बड़ा हिस्सा घरेलू उद्योगों से पूंजीगत खरीद के लिए निर्धारित किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में विनिर्माण और तकनीकी विकास के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए, घरेलू हिस्से का एक उल्लेखनीय प्रतिशत घरेलू निजी उद्योगों से अधिग्रहण के लिए निर्धारित किया गया है। तदनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, 1,11,544.83 करोड़ रुपये यानी आधुनिकीकरण बजट का 75 प्रतिशत घरेलू स्रोतों के माध्यम से खरीद के लिए निर्धारित किया गया है और घरेलू हिस्से का 25 प्रतिशत यानी 27,886.21 करोड़ रुपये घरेलू निजी उद्योगों के माध्यम से खरीद के लिए प्रावधान किया गया है।</p>
<p>यह आवंटन आगामी वित्त वर्ष में नियोजित प्रमुख अधिग्रहणों का ध्यान रखेगा और संयुक्तता और एकीकरण पहल को बढ़ावा देगा। निधियों का यह आवंटन रक्षा मंत्रालय की साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स आदि जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उद्यम करने की योजना को और सुविधाजनक बनाएगा। अगले वर्ष में नियोजित कुछ प्रमुख अधिग्रहण जैसे उच्च और मध्यम ऊंचाई के लंबे समय तक चलने वाले रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट, डेक-आधारित एयरक्राफ्ट का चरणबद्ध भुगतान, अगली पीढ़ी की पनडुब्बियों, जहाजों,प्लेटफॉर्मों को इस आवंटन से वित्त पोषित किया जाएगा। रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में पूंजी निवेश का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक और गुणक प्रभाव पड़ता है जो सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देगा और इस देश के युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-need-to-equip-armed-forces-with-state-of-the/article-102823</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 16:55:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम बजट में 36 जीवन रक्षक दवाओं पर आयात शुल्क में छूट, बीसीडी को खत्म करने की घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[सीतारमण ने आम बजट के अपने बजट भाषण में कहा कि 6 जीवन रक्षक दवाओं को पांच प्रतिशत शुल्क की रियायती दर के तहत लाया जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/announcement-to-abolish-bcd-exemption-on-import-duty-on-36/article-102776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में जीवन रक्षक दवाओं को सस्ता बनाने के लिये इस तरह की 36 आयातित दवाओं और उनको बनाने में काम आने वाले बल्क ड्रग्स (बड़ी मात्रा में) पर आधार आयात शुल्क (बीसीडी) को खत्म करने की घोषणा की है। सीतारमण ने आम बजट के अपने बजट भाषण में कहा कि 6 जीवन रक्षक दवाओं को पांच प्रतिशत शुल्क की रियायती दर के तहत लाया जा रहा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि 37 अन्य दवाओं तथा 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों को बीसीडी से मुक्त रखा जाएगा, बशर्तें ये दवाइयां और सहायता कार्यक्रम मरीजों को मुफ्त में उपलब्ध कराये जाते हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 14:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Update : बजट पेश होते ही भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 117.89 अंक गिरकर 80,384.19 अंक पर कारोबार कर रह है जबकि दोपहर में कैपिटल गेन टैक्स के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को 2.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के प्रस्ताव के बाद यह करीब 1200 अंक लुढ़ककर 79,224.32 अंक के निचले स्तर तक आ गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/stock-market-update-stock-market-recovered-after-huge-fall-as/article-85691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/stock-sensex.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में आज चालू वित्त वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में कैपिटल गेन टैक्स के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को 2.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के प्रस्ताव के बाद सेंसेक्स करीब 1200 अंक टूट गया लेकिन कृषि और उपभोक्ता क्षेत्र को समर्थन की घोषणा से बाजार में धीरे-धीरे रिकवरी होने लगी।</p>
<p>बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 117.89 अंक गिरकर 80,384.19 अंक पर कारोबार कर रह है जबकि दोपहर में कैपिटल गेन टैक्स के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को 2.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के प्रस्ताव के बाद यह करीब 1200 अंक लुढ़ककर 79,224.32 अंक के निचले स्तर तक आ गया था।</p>
<p>इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी कारोबार के दौरान 24,074 अंक तक फिसल गया था लेकिन बाद में रिकवरी करता हुआ अभी 25.95 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,483.30 अंक पर कारोबार कर रहा है।</p>
<p>बजट में कृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े शेयरों में 10 प्रतिशत का  उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ प्रतिशत  तक का उछाल आया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 16:42:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2024 : न्यू टैक्स रिजीम में 3 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं, 3 से 7 लाख रुपए की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[ मोदी सरकार 3.0 ने अपना पहला बजट पेश किया है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स को लेकर कई बदलाव किए गए है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/budget-2024-no-tax-up-to-rs-3-lakh-in/article-85636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/nirmala-sitaraman1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोदी सरकार 3.0 ने अपना पहला बजट पेश किया है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स को लेकर कई बदलाव किए गए है। </p>
<p>न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार डायरेक्ट टैक्स में पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणा की है।</p>
<p><strong>नई कर व्यवस्था के तहत, कर दर संरचना को इस प्रकार संशोधित किया जाएगा। </strong></p>
<ol>
<li>0-3 लाख रुपये तक शून्य</li>
<li>3-7 लाख रुपये तक 5%</li>
<li>7- रुपये 10 लाख तक 10%</li>
<li>10-12 लाख तक 15%</li>
<li>12-15 लाख तक 20%</li>
<li>15 लाख रुपये से अधिक पर 30% टैक्स</li>
</ol>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/budget-2024-no-tax-up-to-rs-3-lakh-in/article-85636</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 13:14:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्रीय वित्त मंत्री ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण, कल पेश होगा बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आम बजट के पूर्व देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आर्थिक सर्वे पेश किया। आर्थिक सर्वे के पेश होने के बाद कल लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/union-finance-minister-presented-economic-survey-budget-will-be-presented/article-85490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/nirmala_sitaraman_21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम बजट के पूर्व देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आर्थिक सर्वे पेश किया। आर्थिक सर्वे के पेश होने के बाद कल लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा। </p>
<p><strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में सोमवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:- </strong></p>
<ul>
<li>भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड के असर से उबर चुकी है और इसका विस्तार सुचारु रूप से हो रहा है। </li>
<li>वर्ष 2023-24 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 2019-20 की तुलना में 20 प्रतिशत ऊंचा था, इस तरह की उपलब्धि केवल कुछ ही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दिखी है।</li>
<li>भारत की आर्थिक वृद्धि 2024 -25 और उसके बाद के वर्षों में भी मजबूत बने रहने की संभावना, भूराजनैतिक परिस्थितिओं, वित्तीय बाजारों की स्थिति और जलवायु परिवर्तन के संकट से इन संभावनाओं को खतरा हो सकता है।</li>
<li>वर्ष 2023-24 की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही, 2024-25  में वृद्धि 6.5 से 7.0 रहने की संभावना है।</li>
<li>सरकार की पूंजी व्यय पर बल वैश्विक निवेश के बदौलत सकल पूंजी निर्माण में 2023-24 में नौ  प्रतिशत वास्तविक वृद्धि।</li>
<li>कंपनियों और बैंकों की बैलेंस शीट और मजबूत होगी और निजी निवेश बढ़ेगा।</li>
<li>खाद्य मुद्रा स्फीति दुनिया भर में चिंता का विषय।</li>
<li>मुद्रास्फीति में मुख्यत: वैश्विक संकटों, आपूर्ति मार्ग की बाधाओं और मानसून की मार के कारण तेजी रही।</li>
<li>मुद्रा स्फीति का प्रबंध कुशल प्रशासनिक कदमों और मौद्रिक निति समबन्धी उपायों से किया गया, जिससे 2023-24 में औसत खुदरा मुद्रा स्फीति एक साल पहले के 6.7 प्रतिशत के मुकाबले 5.4 प्रतिशत पर आ गयी।</li>
<li>2024-25 में खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 4.2 प्रतिशत रहने की संभावना है।</li>
<li>2023-24 में विनिर्मित वस्तुओं संबंधी खुदरा मुद्रास्फीति चार साल के न्यूनतम स्तर पर सेवा उत्पादों की मुख्य खुदरा मुद्रास्फीति नौ साल के न्यूनतम स्तर पर रही।</li>
<li>आरबीआई ने मई 2022 से रेपो दर में कुल मिला कर 2.50 अंक की वृद्धि की है।</li>
<li>सार्वजनिक निवेश में विस्तार के बावजूद सरकार का सामान्य राजकोषीय संतुलन मजबूत हुआ, कर प्रक्रियाओं में सुधार, व्यय पर नियंत्रण और डिजिटलीकरण से इसमें मदद मिली है।</li>
<li>2023-24 में वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात वैश्विक मांग में नरमी से प्रभावित रहा लेकिन सेवाओं के निर्यात की मजबूती से कुल मिला कर व्यापार संतुलन की स्थिति संतुलन में रही।</li>
<li>चालु खाते का घाटा (कैड ) 2023-24  में जीडीपी के 0.7 प्रतिशत के बराबर रहा जो एक साल पहले 2.0 प्रतिशत था।</li>
<li>भारतीय बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन 2023-24 में उल्लेखनीय रहा, एनपीए का स्तर कई साल के न्यूनतम स्तर पर सरकार बैंङ्क्षकग प्रणाली की मजबूती के लिये प्रतिबद्ध।</li>
<li>प्राथमिक पूंजी बाजार ने पिछले वित्तीय वर्षों में 10.9 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निर्माण का योगदान किया जो इससे पिछले वित्त वर्ष में सकल निजी और सरकारी पूंजी निर्माण के 29 प्रतिशत के बराबर है।</li>
<li>2023-24 में भारत का विदेशी व्यापार मजबूत रहा, सेवाओं का निर्यात 4.9 प्रतिशत बढ़ कर 341. 1 अरब डॉलर रहा। इसमें आईटी सॉफ्टवेयर सेवाओं एवं अन्य व्यावसायिक सेवाओं का योगदान प्रमुख।</li>
<li>भारत को  2023 में विदेशों में काम करने वालों नागरिकों से  अरब डॉलर की मनीआर्डर पूंजी प्राप्त हुई।</li>
<li>2023-24 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश बढ़ा, विदेशी मुद्रा भण्डार 10 महीने के आयात और 98 प्रतिशत विदेशी ऋण को चुकाने के लिये पर्याप्त।</li>
<li>विदेशी ऋण जीडीपी के 18.7 प्रतिशत।</li>
<li>भारत में जलवायु परिवर्तन से निपटने का काम अभियान के रूप में शुरू किया है, बिजली उत्पादन की क्षमता में 45.4 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित</li>
<li>भारत की ऊर्जा आवश्यकता 2047 तक दो से ढाई प्रतिशत बढऩे की संभावना।</li>
<li>पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम को बच्चों के लिये विश्व का सबसे बड़ा विद्यालय-पूर्व शिक्षा कार्यक्रम बनाने का लक्ष्य।</li>
<li>आयुष्मान भारत कार्यक्रम में 34.7 करोड़ से अधिक कार्ड जारी, 7.37 करोड़ दाखिले इस कार्ड से।</li>
<li>आयुष्मान कार्ड योजना से लोगों को इलाज खर्च में 1.25 लाख करोड़ रुपये की बचत।</li>
<li>देश में मानसिक स्वास्थय की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन रही है।</li>
<li>रोजगार की परिस्थितियों में छह वर्षों में सुधार हुआ है 2022-23 में बेरोजगारी दर घट कर 3.2 प्रतिशत रही।</li>
<li>संगठित क्षेत्र में रोजगार बढ़ा है, कर्मचारी भविष्य निधि योजना में शुद्ध पंजीकरण पिछले पांच वर्षों में दो गुना हुआ।</li>
<li>कृषि क्षेत्र में पिछले पांच वर्ष के दौरान औसत वार्षिक वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत, 2023-24 में वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</li>
<li>2014-15 से 2022-23 के बीच पशुधन के क्षेत्र में साल दर साल 7.38 की दर से वृद्धि मत्स्य पालन क्षेत्र में इस दौरान वृधि दर 8.9 प्रतिशत रही।</li>
<li>औद्योगिक वृद्धि दर 2023-24 में 9.5 प्रतिशत, एक दशक में विनिर्माण क्षेत्र में वार्षिक औसत वृद्धि 5.2 प्रतिशत।</li>
<li>इस्पात का उत्पादन और खपत उच्चतम स्तर पर</li>
<li>2023-24 में कोयला उत्पादन 99. 72 करोड़ टन खपत 1.23 अरब टन से अधिक।</li>
<li>भारत कपड़ों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और कपडा निर्यात के मामले में पांच प्रमुख कपड़ा निर्यात देशों में।</li>
<li>इलेक्ट्रॉनिक सामानों का निर्यात तेजी से बढ़ा है, विश्व बाजार में भारत का हिस्सा 2021-22 में 3.7 प्रतिशत तक रहा।</li>
<li>2022-23 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 8. 22 लाख करोड़ रुपये और निर्यात 1.9 करोड़ रुपये रहा।</li>
<li>पीएलआई योजना से निवेश और उत्पादन बढ़ा।</li>
<li>एमएसएमई उद्यमियों को 6.78 लाख करोड़ रुपये की कुल 91. 76 लाख ऋण गारंटी मंजूर।</li>
<li>पेटेंट आवेदनों की वार्षिक स्वीकृतियों की संख्या 2014-15 से 2023-24 के बीच सात गुना बढ़ी।</li>
<li>2023-24 में 103057 पेटेंट मंजूर किये गये, मार्च 2024 में स्टार्टअप की संख्या 1.25 लाख तक पहुंची, 2016 में संख्या 300 थी।</li>
<li>2023-24 में अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान 55 प्रतिशत रहा और वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहा।</li>
<li>विदेशी कंपनियों द्वारा स्थापित वैश्विक क्षमता केंद्रों की संख्या 2022-23 में 1580  से अधिक हुयी, 2015 में यह संख्या एक हजार थी।</li>
<li>2013-14 से 2023-24 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति औसतन 11. 7 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 34 किलोमीटर।</li>
<li>पांच साल में रेलवे पर पूंजीगत खर्च 77 प्रतिशत बढ़ा।</li>
<li>पिछले वित्त वर्ष में 21 नये हवाई अड्डा टर्मिनल चालू जीससे सालाना 6.2 करोड़ यात्रियों के आवागमन की अतिरिक्त सुविधा बनी।</li>
<li>लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार</li>
<li>उजाला योजना से 48.42 अरब यूनिट बिजली की वार्षिक बचत, कार्बन उत्सर्जन में 393 लाख टन की गिरावट।</li>
<li>स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 10 वर्ष में कुल 8.5 लाख करोड़ का नया निवेश।</li>
<li>2023-24 में 27 शहरों में लगभग 86 किलोमीटर नये रेल मार्ग चालू, 939 किलोमीटर पर काम जारी।</li>
<li>14.89 करोड़ ग्रामीण परिवारों (76.12) प्रतिशत को नल जल सुविधा।</li>
<li>भारत के पास 55 सक्रिय अंतरिक्ष परिसम्पतियाँ जिनमें 18 संचार उपग्रह शामिल।</li>
<li>डिजिटल लॉकर मंच पर उपयोगकर्ताओं की संख्या 26.28 करोड़ रुपये।</li>
<li>खेलो इंडिया में पिछले साल 38 नयी बुनियादी सुविधायें स्वीकृत की गयीं, 58 परियोजनायें पूरी की गयीं। </li>
</ul>
<p>आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में वैश्विक ऊर्जा मूल्य सूचकांक में भारी गिरावट आई, केंद्र सरकार ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जिससे वित्त वर्ष 24 में खुदरा ईंधन मुद्रास्फीति कम रही। इसके अलावा उर्वरक की कीमतें कम होने की संभावना, लेकिन मजबूत मांग और निर्यात प्रतिबंधों के कारण 2015-2019 के स्तर से ऊपर रहेंगी।</p>
<p>चीन से एफडीआई प्रवाह में वृद्धि से भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। क्षेत्र-विशिष्ट फसल रोग, समय से पहले मानसून की बारिश और रसद संबंधी व्यवधानों के कारण टमाटर की कीमतों में वृद्धि हुई। पिछले फसल सीजन के दौरान बारिश के कारण रबी प्याज की गुणवत्ता प्रभावित होने, खरीफ प्याज की बुवाई में देरी, खरीफ उत्पादन पर लंबे समय तक सूखे के कारण और अन्य देशों द्वारा व्यापार संबंधी उपायों के कारण प्याज की कीमतों में उछाल आया।</p>
<p><strong>51 फीसदी स्नातकधारी ही है नौकरी लायक</strong><br />आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में सिर्फ 51 फीसदी स्नातकधारी ही नौकरी लायक है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 14:28:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parliament Budget Session : 22 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा सत्र, 23 जुलाई को होगा बजट पेश</title>
                                    <description><![CDATA[ एनडीए सरकार के गठन के बाद पूर्ण बजट के लिए बजट सत्र की शुरूआत 22 जुलाई से होगी। यह बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/parliament-budget-session-will-run-from-22nd-july-to-12th/article-83879"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/nirmala_sitaraman_21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एनडीए सरकार के गठन के बाद पूर्ण बजट के लिए बजट सत्र की शुरूआत 22 जुलाई से होगी। यह बजट सत्र 22 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू ने जानकारी दी। बजट सत्र के पांचवें दिन 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले नई सरकार के गठन के बाद संसद का विशेष सत्र का आयोजन हुआ था जिसमें राष्ट्रपति का अभिभाषण हुआ था और नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली थी। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव हुआ और लगातार ओम बिड़ला दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बने थे। सदन में नीट परीक्षा को लेकर काफी हंगामा हुआ था। लोकसभा में राहुल गांधी ने बतौर नेता प्रतिपक्ष पहला भाषण दिया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 15:58:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण: सीतारमण</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सरकार नए नवाचारों, निवेशों और नीतिगत सुधारों पर अधिक जोर देगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sitharaman-said-the-role-of-industry-is-important-in-achieving/article-71318"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(11)7.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारतीय उद्योग की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता संग्राम में औपनिवेशिक दबाव के बावजूद उद्योग ने क्षमता का निर्माण किया। अब समय आ गया है कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आर्थिक आजादी हासिल करें और उद्योग जगत इसमें अपनी भूमिका निभाए।</p>
<p>सीतारमण ने यहां फिक्की द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन'फिक्की विकसित भारत 2047 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री का स्पष्ट संकेत है कि भावी पीढ़ियों को एक बेहतर भारत प्रदान करने के लिए विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करना है। सीतारमण ने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने उद्योग जगत को यह भी आश्वासन दिया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए सुधार आगे भी जारी रहेंगे।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सरकार नए नवाचारों, निवेशों और नीतिगत सुधारों पर अधिक जोर देगी। इनमें ईवी, अंतरिक्ष, एआई, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, कृषि मूल्यवर्धन और कृषि दक्षता, पर्यटन, हरित हाइड्रोजन शामिल हैं। उन्होंने कहा ''भारत की लॉजिस्टिक क्षमता को अभी छुआ तक नहीं गया है; हमारे पास इसमें अपार संभावनाएं हैं।"</p>
<p>सीतारमण ने डिजिटल बुनियादी ढांचे की क्षमता पर भी प्रकाश डाला जो भारत को विकसित भारत हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पादन के अन्य कारकों के अलावा, 21वीं सदी एक और कारक लेकर आई है - डिजिटल बुनियादी ढांचा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पूंजीगत व्यय बढ़ाकर अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है और उद्योग से विस्तार करने और दुनिया भर में अधिक से अधिक संयुक्त उद्यमों की तलाश करने का आग्रह किया।"</p>
<p>उन्होंने कहा ''भारतीय उद्योग अब निश्चित रूप से बड़ी तेजी से आगे बढ़ सकता है। हम भारत के इतिहास के उस मोड़ पर हैं जहां सभी अवसर हैं और हमें इसे हासिल है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 20:35:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Interim Budget: टैक्स स्लॉट में कोई छूट नहीं, राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य </title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतारिम बजट में कराधान व्यवस्था को यथावत बनाये रखने की परंपरा का पालन करते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/interim-budget-no-relaxation-in-tax-slots-target-to-limit/article-68869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/fiscal-deficit.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतारिम बजट में कराधान व्यवस्था को यथावत बनाये रखने की परंपरा का पालन करते हुये गुरुवार को वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.1 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, लेकिन उन्होंने 25 हजार करोड़ रुपये की कुछ पूर्व की बकाया कर मांग को माफ करने की घोषणा की जिससे एक करोड़ करदाताओं को लाभ होगा।</p>
<p>सीतारमण ने लोकसभा में अपने छठे बजट भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि की तेजी और राजस्व प्राप्तियों में सुधार से राजकोषीय घाटा का पुनरीक्षित अनुमान 5.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 5.9 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि मैं पहले घोषित अपनी राजकोषीय सुदृढ़ीकरण योजना के अनुसार 2025-26 तक इस घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक सीमित करने के रास्ते पर कायम हूं।</p>
<p>सीतारमण ने बजट भाषण में सरकार के कामों और उसके प्रति मजबूत जनविश्वास को रेखांकित करते हुए कहा कि आम चुनाव के बाद नई सरकार द्वारा जुलाई में पेश किये जाने वाला बजट विकसित भारत का रोडमैप होगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2047 में आजादी के अमृतकाल के पूर्ण होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है।       </p>
<p>उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के व्यय का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस वित्त वर्ष में राजस्व प्राप्तियां 30.30 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो बजट अनुमान से अधिक है। उधारी को छोड़कर सरकार की कुल प्राप्तियां 27.56 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जिसमें कर प्राप्तियां 23.24 लाख करोड़ रुपए होंगे।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में कुल व्यय 47.66 लाख करोड़ रुपये रहने और उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियां 30.80 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में कर प्राप्तियां 26.02 लाख करोड़ रुपये रहने और राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण योजना अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में जारी रखी जायेगी और इसके लिए 1.3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Feb 2024 14:43:03 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीअन्न से बने आटे पर जीएसटी दर शून्य होगी</title>
                                    <description><![CDATA[सीतारमण ने बताया कि शीरे (मोलासेस) पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को ऊायदा होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gst-rate-on-flour-made-from-grains-will-be-zero/article-58990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/nirmala-sitharaman.jpg" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति/नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 52वीं बैठक में श्रीअन्न के उत्पादों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। ऐसा आटा जिसमें श्रीअन्न की मात्रा 70 फीसदी या अधिक होगी और उसे खुले में बेचा जाता है। तो उस पर जीएसटी शून्य करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पांच फीसदी जीएसटी केवल तभी लगेगा। जब श्रीअन्न के आटे को पैक करके बेचा जाएगा। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी परिषद ने एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) पर कर लगाने का अधिकार राज्यों को सौंप दिया है। लेकिन जीएसटी परिषद इस पर कर लगाने का अपनी ओर से निर्णय नहीं कर रही है। हालांकि कर लगाने का अधिकार यहां निहित है। इसलिए राज्यों के हित में यह अधिकार उन्हें ही सौंप दिया गया है।</p>
<p><strong>ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और सदस्यों की उम्र बढ़ाई गई</strong><br />सीतारमण ने कहा कि पिछली दो-तीन बैठकों में ट्रिब्यूनल स्थापित करने पर निर्णय किया गया था। जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। ऐसे में शनिवार को जीएसटी परिषद ने पहले लिए गए निर्णय में कुछ संशोधन करने का निर्णय लिया। अब अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल अधिकतम 70 वर्ष की आयु तक होगा। इससे पहले यह आयु 67 साल थी। अध्यक्ष और सदस्यों के लिए यह क्रमश: 67 और 65 थी। अब नए निर्णय के अनुसार कार्यकाल क्रमश: 70 और 67 वर्ष तक हो सकता है।</p>
<p><strong>शीरे पर जीएसटी 28 से घटाकर पांच फीसदी किया</strong><br />सीतारमण ने बताया कि शीरे (मोलासेस) पर जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को ऊायदा होगा। साथ ही इस निर्णय से उनके बकाया का भुगतान भी तेजी से हो सकेगा। इसके अलावा इससे पशु चारे के निर्माण की लागत में भी कमी आएगी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Oct 2023 10:14:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>Jan Dhan Yojna के 9 साल पर बोली वित्त मंत्री- डिजिटल बदलाव से वित्तीय समावेशन में आयी क्रांति</title>
                                    <description><![CDATA[रधानमंत्री जन धन योजना के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं और अब इस मिशन के तहत 50 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं जिनमें 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/jan-dhan-yojna-revolution-in-financial-inclusion-through-digital-transformation/article-55664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/nirmala-sitharaman.jpg-2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सभी देशवासियों विशेषकर बैंकिंग सेवायें से वंचितों को वित्तीय तंत्र की मुख्य धारा में शामिल करने और वित्तीय समावेशन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गयी प्रधानमंत्री जन धन योजना के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं और अब इस मिशन के तहत 50 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं जिनमें 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से इस योजना की घोषणा की थी और 28 अगस्त 2014 को इसकी शुरूआत की गयी। इस योजना के नौ वर्ष पूर्ण होने के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएमजेडीवाई की अगुवाई में ठोस उपायों के 9 साल के महत्वपूर्ण दौर और डिजिटल बदलाव ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि जन धन खाते खोलकर 50 करोड़ से भी अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाया गया है। इन खातों में से लगभग 55.5 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं, और 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण/अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। इन खातों में कुल जमा राशि बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई है। इसके अलावा, इन खातों के लिए लगभग 34 करोड़ रुपे कार्ड बिना शुल्क के जारी किए गए हैं, जिसके तहत 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समस्त हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के आपसी सहयोग से पीएमजेडीवाई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर कर सामने आई है, जो देश में वित्तीय समावेशन के परिदृश्य को प्रधानमंत्री की पिरकल्पना के अनुरूप पूरी तरह से बदल रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 11:39:53 +0530</pubDate>
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                <title>सीतारमण ने किया मतदान, कहा: विपक्ष को महंगाई पर बात करने का हक नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला  सीतारमण ने महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किये जा रहे हमले को लेकर बुधवार को कहा कि उन्हें सत्ताधारी भगवा पार्टी पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sitharaman-voted-said-the-opposition-has-no-right-to-talk/article-45197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-की-कॉपी-(3).png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किये जा रहे हमले को लेकर बुधवार को कहा कि उन्हें सत्ताधारी भगवा पार्टी पर हमला करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में महंगाई दर छह प्रतिशत से ऊपर थी।</p>
<p>सीतारमण ने यहां जयनगर मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से कहा,'' जब संप्रग सरकार 10 साल सत्ता में थी, तब महंगाई दर छह फीसदी से ऊपर थी। अब छह फीसदी का क्या मतलब है? कोई कह सकता है कि छह फीसदी महंगाई दर सहनीय है, लेकिन संप्रग शासन के दौरान यह छह प्रतिशत से अधिक थी।"</p>
<p>उन्होंने कहा,'' हां, मैं लोगों के साथ हूं, महंगाई दर और नीचे आनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के पास कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्हें उन दरों को देखना चाहिए, जो उनके शासन के दौरान थीं।"</p>
<p>सीतारमण ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार कई कदम उठाए हैं और यह प्रशंसनीय है कि वर्तमान बसवराज बोम्मई सरकार ने राज्य में ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती की।</p>
<p>वित्त मंत्री ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा, क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव प्रचार के दौरान इसे मुख्य मुद्दों में से एक बनाया था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा के हनुमान मंदिर जाने पर सीतारमण ने कहा कि वे चुनावी भक्त हैं, और कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का संकल्प लेना उसके द्वारा उठाए गए सबसे बेवकूफी भरे कदमों में से एक है।</p>
<p>उन्होंने कहा,'' हम हमेशा बजरंग बली जी को प्रणाम करते हैं और हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। लेकिन कांग्रेस के लोग चुनाव के दौरान हनुमान जी के भक्त बन जाते हैं। कर्नाटक हनुमान जी की जन्मभूमि है। मैं सुनी-सुनाई बात नहीं कर रही हूं, यह उनके घोषणापत्र (बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के लिए) में लिखा है।" इससे ज्यादा मूर्खतापूर्ण कदम (कांग्रेस द्वारा उठाया गया) नहीं हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 15:20:34 +0530</pubDate>
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