<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/sweden/tag-10740" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>sweden - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/10740/rss</link>
                <description>sweden RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्वीडन के बाद ओस्लो पहुंचे पीएम मोदी: भारतीय समुदाय ने किया स्वागत, बोले-द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन की सफल यात्रा पूरी कर अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे पड़ाव, नॉर्वे के लिए रवाना हो गए हैं। प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने बताया कि स्वीडन दौरा बेहद सार्थक रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने और अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-sweden-pm-modi-reached-oslo-welcomed-by-the-indian/article-154257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi-niderland1.png" alt=""></a><br /><p>गोथेनबर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वीडन की दो दिन की यात्रा संपन्न होने के बाद पांच देशों की अपनी यात्रा के चौथे पड़ाव के लिए सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो रवाना हो गए। प्रस्थान से पहले पीएम मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा बेहद सार्थक रही और इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, "स्वीडन की मेरी यात्रा कई महत्वपूर्ण परिणामों से चिह्नित रही, जो भारत-स्वीडन संबंधों को नई गति प्रदान करेंगे। </p>
<p>हमारे संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 तथा भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलियारे की शुरुआत करने से लेकर, अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तक, चर्चाएँ अत्यंत फलदायी रहीं। मैं स्वीडन की जनता, स्वीडन सरकार और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन का उनके स्नेह और मित्रता के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।" उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी 15 मई को पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/after-sweden-pm-modi-reached-oslo-welcomed-by-the-indian/article-154257</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/after-sweden-pm-modi-reached-oslo-welcomed-by-the-indian/article-154257</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:33:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/modi-niderland1.png"                         length="490208"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज ने स्वीडन को मिले विशेष दूत का दर्जा किया रद्द </title>
                                    <description><![CDATA[कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्वीडन के विदेश मंत्री टोबियास बिलस्ट्रॉम ने स्टॉकहोम में कुरान पर हाल ही में हुए हमले पर खेद व्यक्त किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/organization-of-islamic-countries-revokes-sweden-s-special-envoy-status/article-52679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>स्टॉकहोम।  इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज (ओआईसी) ने स्वीडन को मिले विशेष दूत का दर्जा रद्द करने का फैसला किया है। यह फैसला दो जुलाई को हुई मीटिंग में की गई सिफारिशों के आधार पर किया गया है।<br /><br />रविवार को इसका औपचारिक ऐलान किया गया है। स्वीडन में पिछले काफी समय से पवित्र कुरान को लेकर विरोध हो रहा है। ओआईसी ने कुरान के अपमान को बर्दाश्त के बाहर बताया है। स्वीडन में पिछले दिनों कुरान के साथ-साथ इराक के झंडे को जलाया गया था।</p>
<p>ओआईसी महासचिव हिसैन इब्राहिम ताहा से सिफारिश की गई थी कि वह सामान्य सचिवालय को किसी भी देश से जोड़ने वाले आधिकारिक दर्जे की समीक्षा करें। उनसे कहा गया था कि जिस देश में पवित्र कुरान या अन्य इस्लामी मूल्यों और प्रतीकों की प्रतियों का अपमान होता है, उसका विशेष दूत का दर्जा निलंबित करने पर विचार करना चाहिए। महासचिव ने स्वीडन के विदेश मंत्री टोबियास बिलस्ट्रॉम को लिखी एक चिट्ठी में इस फैसले की जानकारी दे दी है। महासचिव ने इस्लाम की पवित्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में कुछ सदस्य देशों की तरफ से उठाए गए कदमों का भी स्वागत किया। <br /><br />ताहा ने सभी सदस्य देशों से पवित्र कुरान और इस्लामी प्रतीकों की पवित्रता का सम्मान करने के लिए कहा है। साथ ही इनके बार-बार दुरुपयोग की मंजूरी देने वाले स्वीडिश अधिकारियों की भी निंदा की है।<br /><br />अभिव्यक्ति की आजादी का बहाना! : महासचिव ताहा ने ओआईसी देशों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बहाने ऐसे अपमानजनक कृत्यों को न होने देने की अपील की है। उनका मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विशेष कर्तव्य और जिम्मेदारियां शामिल होते हैं। स्वीडन के अधिकारियों ने 28 जून को स्टॉकहोम में एक मस्जिद के सामने कुरान की एक प्रति फाड़ने और जलाने की मंजूरी दी थी। इसके बाद 30 जून को प्रदर्शनकारियों ने मध्य बगदाद में भारी किलेबंदी वाले ग्रीन जोन के ठीक बाहर स्वीडिश दूतावास पर धावा बोल दिया था।</p>
<p>28 जून की घटना को अंजाम देने वाले शख्स ने फिर से प्रदर्शन के लिए स्वीडिश पुलिस से अनुमति मांगी है। उसने एक और कुरान जलाने की योजना बनाई।<br /><br /><strong>स्वीडन के विदेश मंत्री ने मांगी माफी</strong><br />दूसरी ओर कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्वीडन के विदेश मंत्री टोबियास बिलस्ट्रॉम ने स्टॉकहोम में कुरान पर हाल ही में हुए हमले पर खेद व्यक्त किया है। अपने लेबनानी समकक्ष अब्दुल्ला बौ हबीब के साथ एक फोन कॉल के दौरान, बिलस्ट्रॉम ने रविवार को कुरान के अपमान और इस्लामी मान्यताओं और प्रतीकों के अपमान पर स्वीडन की ओर से खेद व्यक्त किया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार बौ हबीब ने इसका स्वागत किया और स्वीडन को बढ़ती नफरत और इस्लामोफोबिया की भावनाओं को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/organization-of-islamic-countries-revokes-sweden-s-special-envoy-status/article-52679</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/organization-of-islamic-countries-revokes-sweden-s-special-envoy-status/article-52679</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Jul 2023 12:00:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/news-%285%292.png"                         length="514807"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिनलैंड, स्वीडन को नाटो की मंजूरी में देरी से गठबंधन की विश्वसनीयता को नुकसान: फिनलैंड</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की और हंगरी ने अभी तक औपचारिक रूप से दोनों देशों के विलय का समर्थन नहीं किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/delay-in-nato-approval-to-finland-damages-alliances-credibility/article-38696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>हेलंसिकी। फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन ने यहां कहा कि फिनलैंड और स्वीडन को उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता की दावेदारी के अनुमोदन में देरी से गठबंधन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है।  </p>
<p>यहां दौर पर पहुंचे नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सुश्री मारिन ने मंगलवार को कहा, ''हम (फिनलैंड और स्वीडन) पहले से ही नाटो के सदस्य बनने की उम्मीद कर चुके है।"<br /><br />उन्होंने कहा ''फिनलैंड और स्वीडन सभी मानदंडों को पूरा करते हैं जैसा कि उल्लेख किया गया है, और हम अभी तक इंतजार कर रहे हैं। निश्चित रूप से, यह नाटो की खुले दरवाजे की नीति पर दबाव डालता है; यह नाटो की विश्वसनीयता पर असर डालता है।"</p>
<p>फिनलैंड और स्वीडन ने संयुक्त रूप से पिछले साल मई में नाटो सदस्यता के लिए अपनी आवेदन प्रस्तुत किया था।अब तक नाटो के 30 मौजूदा सदस्यों में से 28 ने आवेदनों की पुष्टि की है। तुर्की और हंगरी ने अभी तक औपचारिक रूप से दोनों देशों के विलय का समर्थन नहीं किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://dainiknavajyoti.com/delay-in-nato-approval-to-finland-damages-alliances-credibility/article-38696</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/delay-in-nato-approval-to-finland-damages-alliances-credibility/article-38696</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Mar 2023 13:28:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-03/site-photo-size-%285%29.jpg"                         length="141423"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वीडन में मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ कुरान को जलाया, दंगे भड़के, तीन लोग घायल</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/koran--the-holy-book-of-muslims--was-burnt-in-sweden--riots-broke-out--three-people-were-injured/article-8092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sweden.jpg" alt=""></a><br /><p>स्टॉकहोम। स्वीडन में अति दक्षिणपंथी अप्रवासी विरोधी समूह की ओर से  मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ कुरान को  जलाये जाने के बाद दंगे भड़क उठे हैं। पुलिस ने रविवार को दंगाइयों को चेतावनी देने के लिए गोलियां चलायीं, जिसमें तीन लोग घायल हो गये।<br /><br />स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि करीब 150 लोगों की भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। करीब 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्ट्रैम कुर्स या हार्ड लाइन आंदोलन का नेतृत्व करने वाले डेनमार्क मूल के स्वीडन के चरमपंथी रासमस पलुदान ने कहा कि उन्होंने इस्लाम के सबसे पवित्र ग्रंथ को जला दिया है और ऐसा दोबारा भी करेंगे।<br /><br />नेता ने रविवार को नोरकोपिंग में एक और रैली आयोजित करने की धमकी दी थी, जिसके बाद दूसरे पक्ष के प्रदर्शनकारी भी वहां एकत्रित हो गये। स्थानीय पुलिस ने बताया कि हमले की चपेट में आने और दंगाइयों के तीन लोगों को निशाना बनाने के बाद उन्होंने चेतावनी देने के लिए गोलियां चलायीं। अति दक्षिणपंथी समूह ने स्टॉकहोम के उपनगरों और ङ्क्षलकोङ्क्षपग और नॉरकोङ्क्षपग शहरों समेत जहां भी कार्यक्रमों की योजना बनायी थी, वहां गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को ङ्क्षहसा में कम से कम 16 पुलिस अधिकारियों के घायल होने और कई पुलिस वाहनों को नष्ट किये जाने की सूचना मिली थी।<br /><br />स्वीडन के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख एंडर्स थॉर्नबर्ग ने शनिवार को एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस अधिकारियों की जान जाने को लेकर कोई चिंता नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी हिंसक दंगे देखे हैं। लेकिन यह कुछ और ही है। स्वीडन के दक्षिणी क्षेत्र लैंडस्क्रोना में कुछ प्रदर्शनकारियों ने कारों, टायरों और कचरे के डिब्बों में आग लगा दी, जबकि अन्य ने यातायात को बाधित करने के लिए अवरोध खड़ा कर दिया। इसी तरह के प्रदर्शन देश के तीसरे सबसे बड़े शहर माल्मो में भी हुए, जिसमें एक सिटी बस और अन्य सामानों को आग के हवाले कर दिया गया।<br /><br />गौरतलब है कि डेनमार्क के वकील पलुदान ने 2017 में स्ट्रैम कुर्स या हार्ड लाइन की स्थापना की, जो अब अपने प्रवासर विरोधी और इस्लाम विरोधी एजेंडे के लिए जाना जाता है। उन्हें डेनमार्क में नस्लवाद सहित विभिन्न अपराधों के लिए 2020 में एक महीने की जेल की सजा हुई थी। उन्होंने फ्रांस और बेल्जियम सहित अन्य यूरोपीय देशों में भी कुरान को जलाने की योजना बनाने की कोशिश की थी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/koran--the-holy-book-of-muslims--was-burnt-in-sweden--riots-broke-out--three-people-were-injured/article-8092</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/koran--the-holy-book-of-muslims--was-burnt-in-sweden--riots-broke-out--three-people-were-injured/article-8092</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 18:31:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/sweden.jpg"                         length="32699"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यूजियम में बसा जापान, अरब, स्वीडन सहित अन्य देशों की गुड़ियाओं का संसार</title>
                                    <description><![CDATA[एक साल से अधिक समय गुजरा, म्यूजियम अभी तक बंद, ताले में कैद 600 से अधिक ‘गुड़िया’]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/doll-museum-photo.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। त्रिमूर्ति सर्किल स्थित राजकीय सेठ आनन्दीलाल पोद्दार बधिक उ.मा.विद्यालय परिसर स्थित डॉल म्यूजियम में जापान, अरब, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, अफगानिस्तान, ईरान, अमेरिका, ब्रिटेन सहित अन्य देशों से लाई गई डॉल्स हैं। इनके जरिए विजिटर्स को हमारे देश के अलग-अलग राज्यों सहित अन्य देशों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलती है, लेकिन ये सभी डॉल्स करीब एक साल से ताले में बंद हैं। कोरोना काल में स्कूल के साथ ही ऐहतियात के तौर पर इसे भी बंद किया था, परंतु अभी तक इसे पुन: पर्यटकों के अवलोकनार्थ नहीं खोला गया है। इसके पीछे एक कारण फॉल सीलिंग गिरना भी बताया जा रहा है। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के मौसम में म्यूजियम की छत की फॉल सीलिंग गिर गई थी। यहां 650 से अधिक डॉल्स हैं। इसके अतिरिक्त इसमें स्पाइडर मैन, डॉर्थ मॉल, बैटमैन, हल्क, हान, सोलो जैसी गुड़िया भी हैं। वहीं इसमें जापान की मशहूर गुड़िया हिना मास्तुराई डॉल भी है।<br /> <br /> बरसात के समय डॉल म्यूजियम की छत की फॉल सीलिंग गिर गई थी, ऐहतियातन इसे बंद कर दिया था। दो-तीन दिन में पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।<br /> -<strong>भरत जोशी, प्रिंसिपल, राजकीय सेठ आनन्दी लाल पोद्दार बधिर उ.मा.विद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61bc3e1854b86/article-3291</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Dec 2021 14:03:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/doll-museum-photo.jpg"                         length="166200"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        