<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/malls/tag-10743" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>malls - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/10743/rss</link>
                <description>malls RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खतरा आसन्न खड़ा, विभाग निद्रा में पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी के बावजूद एक साथ कई लोगों के यहां रहने और वहां आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम तक नहीं होना खतरे के संकेत हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-is-imminent--department-is-in-deep-slumber/article-79771"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/khatra-asan-khada-vibhag-nidra-mein-pada...kota-news-29.05.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  कहते हैं न कि पुलिस और प्रशासन हर बार हादसों के बाद ही चेतता है। उससे पहले हादसा होने की जगहों पर किसी का कोई ध्यान नहीं रहता। गुजरात के राजकोट में गत दिनों गेम जोन में आग लगने से 27 लोगों की मौत का जो दर्दनाक हादसा हुआ। उसी तरह का हादसा कोटा में भी हो सकता है।  शहर के तीन बड़े मॉल में भी गेम जोन बने हुए हैं। डीसीएम रोड स्थित आहलूवालिया मॉल, झालावाडं रोड स्थित पीवीआर और सिटी मॉल में गेम जोन चल रहे हैं। यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग विशेष रूप से बच्चे तरह-तरह के गेम खेलने के लिए आ रहे हैं। गर्मी के सीजन में स्कूलों की छुट्टियां होने से बच्चों की संख्या भी अधिक रहती है। भीषण गर्मी के बावजूद एक साथ कई लोगों के यहां रहने और वहां आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम तक नहीं होना खतरे के संकेत हैं। </p>
<p><strong>भीषण गर्मी में शॉर्ट सर्किट का खतरा</strong><br />शहर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान 48 डिग्री के पार है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत ही नहीं मिल रही है। ऐसे  मॉल व गेम जोन में गर्मी से राहत के लिए एसी लगे हुए हैं। कई बच्चे व लोग तो गर्मी के दिनों में इसलिए भी गमे जोन में जाते हैं जिससे कुछ समय उन्हें एसी में रहने का मौका मिलता है। हालांकि वहां रबड़ और प्लास्टिक का काम भी है। साथ ही एसी में शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना हुआ है। फायर अनुभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में गर्मी के दिनों में अधिकतर आग लगने की घटनाएं शॉर्ट सर्किट से ही हो रही हैं। </p>
<p><strong>नोटिस जारी, 7 दिन में सुधार के निर्देश</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि तीनो मॉल के गेम जोन में कमियां पाई जाने पर तीनों मॉल में गम संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही उन्हें 7 दिन में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं गेम जोन के लिए अलग से फायर एनओसी लेने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि 7 दिन बाद फिर से वहां सभी जगह पर जांच की जाएगी। यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं पाया गया तो सीजिंग तक की जा सकती है।  </p>
<p><strong>फायर टीम ने की जांच तो मिली खामियां</strong><br />राजकोट के गेम जोन में हुई आग लगने की घटना और उसमें 12 बच्चों समेत 27 लोगों की मौत का दर्दनाक हादसा हुआ था। जानकारों के अनुसार आग लगने के बाद वहां से बाहर निकलने की जगह ही नहीं मिली और मात्र 30 सैकंड में आग ने ऐसा तांडव मचाया कि 27 लोगों की जान चली गई। उस हादसे के बाद नगर निगम की फायर टीम ने शहर के तीनों मॉल के गेम जोन की जांच की तो वहां कई खामियां पाई गई।  सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि मॉल में गेम जोन होने से वहां फायर सिस्टम तो लगा हुआ है लेकिन विशेष रूप से गेम जोन में आग बुझाने के जो छोटे सिलेंडर लगे हुए थे वे रिफिल नहीं थे। सिटी मॉल व आहलूवालिया में तो गेम जोन में प्रवेश-निकास की अलग-अलग जगह थी लेकिन पीवीआर में ऐसा नहीं पाया गया।  व्यास ने बताया कि कहीं वायरिंग खुली पड़ी थी। कहीं तारों का गुच्छा बना हुआ था। तार खुले हुए थे। रास्ते में स्क्रेप पड़ा हुआ था। गेम जोन में सुरक्षा के जो इंतजाम होने चाहिए उनमें से अधिकतर में ऐसा नहीं पाया गया। </p>
<p><strong>यही हालत अस्पतालों में</strong><br />शहर के सरकारी व अधिकतर निजी अस्पतालों में भी आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जिससे वहां भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है। गत दिनों भी एक निजी अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना हो चुकी है।  उसके बाद नगर निगम की फायर टीम ने कोटा के अस्पतालों में भी जांच की थी। जहां कई रह की कमियां पाई गई थी।</p>
<p><strong>सुरक्षा के इंतजाम तो होने चाहिए</strong><br /> गेम जोन में कई अच्छे गेम होते हैं। जिन्हें खेलने में आनंद आता है। गेम के लिए जब संचालक अधिक राशि वसूल रहे हैं तो वहां सुरक्षा के इंतजाम भी होने चाहिए। खास तोर पर गर्मी में आग से सुरक्षा की व्यवस्था तो होनी चाहिए। गुजरात के राजकोट का हादसा तो काफी दिल दहला देने वाला था। उसके बाद तो डर ही लगने लगा है। <br /><strong>-शुभांगी शर्मा, दादाबाड़ी</strong></p>
<p>गेम जोन में खेलने के लिह कई बार बच्चे जिद करते हैं। गर्मी की छुट्टी होने से उन्हें वहां लेकर जाना भी पड़ा है। लेकिन आग से सुरक्षा के इंतजाम पर कभी ध्यान नहीं दिया। लेकिन राजकोट की घटना के बाद लगा कि ऐसी जगह पर भी आग से सुरक्षा के इंतजाम तो आयोजकों को करने ही चाहिए। जिससे उस तरह का हादसा कोटा में नहीं हो। <br /><strong>-गिरीराज गौतम, महावीर नगर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />समय-समय पर हॉस्टल, मॉल व अस्पतालों में फायर सिस्टम की जांच की जाती है। कमियां पाई जाने पर नोटिस जारी किए गए हैं। कई निजी अस्पतालों में उनकी क्षमता के हिसाब से जितनी व्यवस्थाएं होनी चाहिए उतनी नहीं पाई गई। जिस पर नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन कुछ समय से चुनावी व्यस्तता के कारण दोबारा से जांच नहीं की गई है। चुनाव बाद फिर से जांच की जाएगी। यदि कमियों में सुधार नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>-राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-is-imminent--department-is-in-deep-slumber/article-79771</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-is-imminent--department-is-in-deep-slumber/article-79771</guid>
                <pubDate>Wed, 29 May 2024 15:58:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/khatra-asan-khada-vibhag-nidra-mein-pada...kota-news-29.05.2024.jpg"                         length="366701"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांवों में बनेंगी मॉडल सड़कें और कचरे से खाद, सामुदायिक शौचालय, महिलाओं के बनाए उत्पाद बिकेंगे मॉल्स में : मीणा</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री का दावा: ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में जल्दी दिखेंगे कई बदलाव, कचरे और ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव कर खाद भी बनाएंगी पंचायतें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF--%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A4%BE/article-3294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/ramesh-meena.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में पिछले एक साल में हुए कार्यों पर नजर डालें तो ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर कई योजनाओं का पैसा खर्च हुआ है। कोरोनाकाल की वजह से नरेगा, राजीविका, वाटरशेड सहित कई योजनाओं में कुछ मद चाहकर भी खर्च नहीं हो पाया। </p>
<p><br />इस राशि से विभाग आगामी दिनों में नए सिरे से खर्च करने का खाका तैयार कर रहा है। पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा ने दावा किया है कि गांवों में जल्दी ही मॉडल सड़कें, शहरी तर्ज पर शौचालय, महिला समूहों के उत्पादों का शहरी मॉल्स में बिकना, ग्रामीण युवाओं को रोजगार, बेहतर जल प्रबंधन नजर आएंगे। <br /><br /><strong>सरकार के तीन साल होने पर पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा से दैनिक नवज्योति ने की खास बातचीत</strong><br />    पिछले एक साल में सरकार की योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में कितना असर रहा और लोगों तक कितना फायदा पहुंचा।<br />जवाब: राज्य सरकार ने कई नीतिगत निर्णय लेकर क्रियान्वयन किया। नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जलग्रहण और भू संरक्षण, शौचालय निर्माण, आवास निर्माण, सड़क, बिजली, पानी आदि में खूब काम कराए। प्रशासन गांव के संग अभियान में चारागाह भूमि पर भी लोगों को पट्टे मिले। कोरोनाकाल में जरूर कुछ काम बाधित हुए, लेकिन विधायकों के फंड से ग्रामीण क्षेत्रों में खूब काम कराए गए। </p>
<p><br />    केन्द्र और राज्य की कई योजनाओं के काम भी अटके रहे, ये कब पूरे होंगे।<br />जवाब: यह सही है कि कोरोना के चलते केन्द्र और राज्य की कई योजनाओं का काम पूरी तरह धरातल पर नहीं हो पाया। कुछ केन्द्रीय योजनाओं का पैसा समय से नहीं मिलने के कारण भी परेशानी हुई। कोरोनाकाल के दौरान वित्तीय प्रबंधन के दौरान कुछ कार्यों की रफ्तार कम हुई तो उन्हें अब गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कम रफ्तार वाले कार्यों पर खुद सजग हैं। </p>
<p><br />    पिछले एक साल में हुए कार्यों में वित्तीय संकट जैसे अडंगों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाएंगे।<br />जवाब: कोरोनाकाल के दौरान कई योजनाओं के मद का पैसा रोका गया था। अब इस पैसे को ढंग से उपयोग के लिए प्लानिंग चल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभागीय अफसर अलग-अलग मदों के पैसे का आंकलन कर रहे हैं। कन्वर्जेंस के माध्यम से यह पैसा अटके कार्यों पर खर्च किया जाएगा। </p>
<p><br />    किस तरह के बदलाव नजर आएंगे और इनके लिए क्या प्लानिंग की जा रही है।<br />जवाब: एमएलए और एमपी लैड स्कीम, वित्त आयोगों की राशि, केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के सभी मदों में खर्च और अवशेष राशि का डाटा तैयार किया जा रहा है। इस पैसे को कन्वर्जेंस माध्यम से खर्च कर गांव में मॉडल सड़कें, गांव के कचरे और ड्रेनेज से खाद बनाने, राजीविका के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को और अधिक रोजगार से जोडने, नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, वाटरशेड, जल जीवन मिशन आदि योजनाओं के अधूरे कार्यो पूरा करेंगे। तैयार प्लान को मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।</p>
<p><br />    शहरी तर्ज पर विकास की बात कही, किस तरह से विकास करेंगे।<br />जवाब: पीडब्ल्यूडी से कन्वर्जेंस के माध्यम से एक दूसरे गांव को जोड़ने के लिए मॉडल सड़कें बनाएंगे। शहरी तर्ज पर सामुदायिक शौचालय बनाएंगे। गांवों में कचरे और ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव कर मेकेनाइज्ड सिस्टम से खाद बनाएंगे। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन महिलाओं के उत्पाद शहरों के बड़े नामी गिरामी मॉल्स में बेचे जाएंगे। वाटर रिसोर्स के कार्यों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि बारिश के पानी को सहेज कर ग्रामीणों को सालभर पानी उपलब्ध हो सके। नरेगा में रोजगार को बढ़ावा देने पर हमारा फोकस और ज्यादा रहेगा। <br /><br />विभाग की प्रमुख उपलब्धियां<br />    राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत हजारों गांव में जल संरक्षण के कार्य।<br />    प्रशासन गांव के संग अभियान में करीब नौ लाख पट्टे वितरित।<br />    पेयजल योजना में 16 हजार से ज्यादा काम।<br />    साढ़े तीन लाखे ज्यादा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी।<br />    78 हजार से ज्यादा शौचालय निर्माण का भुगतान किया।<br />    भूमिहीन परिवारों को 15,716 पट्टे जारी।<br />    25,297 बीपीएल परिवारों को निशुल्क भूखण्ड आवंटन, 16,348 पात्र व्यक्तियों को रियायती दर पर भूखंड मिला।<br />    जलग्रहण क्षेत्रों की 3580 हैक्टेयर बंजर भूमि में पौधारोपण।<br />    कोरोनाकाल में ग्रामीणों के पलायन के चलते 22 जिलों में गरीब कल्याण रोजगार <br />अभियान चलाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF--%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A4%BE/article-3294</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B6%E0%A5%8C%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF--%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82---%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3%E0%A4%BE/article-3294</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Dec 2021 14:22:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/ramesh-meena.jpg"                         length="149612"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        