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                <title>परीक्षा पर चर्चा-2026: पीएम मोदी ने कहा, परीक्षा में सफलता की गारंटी आत्मविश्वास होता है, हड़बड़ी नहीं </title>
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                        <![CDATA[पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा में छात्रों से कहा कि तनाव नहीं, लक्ष्य, धैर्य, आत्मविश्वास और सपने पर ध्यान दें, हड़बड़ी छोड़ समझदारी से पढ़ें, निरंतर मेहनत।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/discussion-on-examination-2026-pm-modi-said-that-the-guarantee-of/article-142131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि छात्रों को परीक्षा के लिए तनाव पालने और ज्यादा नंबर लाने की होड़ की सोच पर ध्यान देने की बजाय जीवन के लक्ष्य की कसौटी पर खुद को कसते हुए निरंतर और धैर्य तथा आत्मविश्वास के साथ काम करते रहने की जरूरत पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने आवास पर 'परीक्षा पर चर्चा' को लेकर देश की विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों से संवाद के कार्यक्रम में बच्चों से बात करते हुए कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं मानना है और उसे आसानी से लेते हुए अपनी पढ़ाई करनी है। उन्होंने पुराने पेपर देखकर तैयारी करने को पुरानी बीमारी बताया और कहा कि नए दौर ने इसका कोई औचित्य नहीं है। यह एक तरह की बीमारी है इसलिए सहज रूप से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारी करनी चाहिए और परीक्षा को तनाव की वजह या बोझ नहीं बनाना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी से एक बच्चे ने सवाल किया कि जीवन में सपना पलना जरूरी है, पीएम मोदी ने कहा कि सपना ना देखना जीवन के साथ सबसे बड़ा अपराध है। सपने से ही लक्ष्य बनते हैं और उससे शक्ति के साथ जीवन मे आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। कठिन से कठिन सपने को पाने के लिए अनुकूल मेहनत कर ही उसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खुद का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महापुरुषों की जीवनियां पढऩी चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी परीक्षा के लिए आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास तभी आता है जब सच्चे मन से अपने विषय को अपने लक्ष्य के अनुसार पढ़ते हैं। उनका कहना था कि परीक्षा के समय हड़बड़ी नहीं करनी होती है क्योंकि हड़बड़ी से सब कुछ गड़बड़ हो जाता है इसलिए हड़बड़ी के बजाय आत्मविश्वास और पूरी समझ के साथ ध्यान लगाकर अपने विषय के प्रश्नपत्र को हल करना है। हड़बड़ी के कारण कई बार जो सवाल आते हैं वे भी गड़बड़ा जाते हैं जितनी भी मेहनत की होती है वह सब कुछ बेकार हो जाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय नहीं है कि जब कहा जाता था कि सफलता उन्हीं को मिलती है जिनके पास सारी सुविधा होती है लेकिन अब हालात बदल गए है। गरीब से गरीब घर के बच्चे भी सर्वोत्तम अंकों के साथ परीक्षा पास कर रहे हैं। उन्होंने इसकी वजह स्वतंत्र सोच और सुविधा अनुसार पढ़ाई करने को बताया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से कहा कि हर चीज का एक पैटर्न होता है और अनुभव के आधार पर उसे बदला जा सकता है। उनका कहना था कि परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम उन्होंने जिस पैटर्न पर पहले शुरू किया था उसमें अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे बदलाव उंन्होने लाया है। इसी तरह से हर बच्चे को अनुभव के आधार पर अपने कार्यों में बदलाव लाना चाहिए।</p>
<p>बच्चों से संवाद करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों से परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्य में उन्होंने यह कार्यक्रम किए हैं और उन्हें लगता है की और कार्यक्रम अन्य राज्यों में भी किए जाने चाहिए।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 12:00:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>पराक्रम दिवस: पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय भावना को किया याद</title>
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                        <![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराक्रम दिवस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निडर नेतृत्व, अदम्य साहस और देशभक्ति को याद किया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-valor-day-pm-modi-paid-tribute-to-netaji-subhash/article-140569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराक्रम दिवस पर शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस और भारत की राष्ट्रीय भावना पर उनके स्थायी प्रभाव को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक्स पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि नेताजी निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे और उनके आदर्श पीढिय़ों को प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, हम उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और देश के लिए उनके बेमिसाल योगदान को याद करते हैं। उन्होंने कहा, नेताजी निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति के प्रतीक थे। उनके आदर्श पीढिय़ों को एक मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>पीएम मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन पर नेताजी बोस के व्यक्तिगत प्रभाव पर भी बात की और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के एक महत्वपूर्ण क्षण को याद किया। उन्होंने कहा कि नेताजी ने उन्हें बहुत प्रेरित किया था और 23 जनवरी, 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना के लॉन्च का जिक्र किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, यह कार्यक्रम हरिपुरा से लॉन्च किया गया था, जो नेताजी बोस के जीवन में ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। उन्होंने कहा, ई-ग्राम विश्वग्राम योजना गुजरात के आईटी परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से एक अग्रणी योजना थी। उन्होंने कहा कि हरिपुरा से उनका एक विशेष भावनात्मक जुड़ाव था। उन्होंने कहा, मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकला जिस पर नेताजी बोस चले थे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पराक्रम दिवस हर साल 23 जनवरी को भारत के सबसे प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक और भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 11:56:17 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>एसबीआई लाइफ की पहल: उदयन एनजीओ की बच्चियों ने महिला क्रिकेट टीम से की मुलाकात</title>
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                        <![CDATA[विशाखापत्तनम में एसबीआई लाइफ ने उदयन एनजीओ की पांच लड़कियों के लिए 'मीट एंड ग्रीट' आयोजित किया। बच्चियों ने हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा जैसे सितारों से मिलकर अपने सपनों को नई उड़ान दी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sbi-life-and-bcci-provided-a-memorable-opportunity-to-five/article-138467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bhopal.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। वित्तीय सुरक्षा से इतर सपनों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, भारत के सबसे भरोसेमंद जीवन बीमाकर्ताओं में से एक और बीसीसीआई के आधिकारिक भागीदार, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने कोलकाता के ‘उदयन एनजीओ’ की पाँच युवा लड़कियों के लिए एक विशेष ‘मीट एंड ग्रीट’ का आयोजन किया। एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम, विशाखापत्तनम में आयोजित इस कार्यक्रम ने इन बच्चियों को राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों के साथ आमने-सामने बातचीत करने का एक दुर्लभ और प्रेरणादायक अवसर प्रदान किया।</p>
<p>उदयन एनजीओ की इन पाँच लड़कियों- सुपर्णा महतो (9), एंजेल बाउरी (10), रोशनी कर्मकार (10), मिनाती बास्के (10) और अनुराधा मांडी (11) ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कुछ सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ियों, जिनमें हरमनप्रीत कौर, स्नेह राणा, शेफाली वर्मा और हरलीन देओल शामिल थीं, के साथ एक यादगार दिन बिताया। एसबीआई लाइफ और बीसीसीआई द्वारा सुलभ कराए गए इस मंच पर इन बच्चियों ने दिग्गज क्रिकेटरों के साथ प्रैक्टिस नेट्स में भी कदम रखा। हँसी-मजाक, उत्साह और विश्व चैंपियनों के साथ हुई आत्मीय बातचीत ने इस दिन को वास्तव में यादगार बना दिया, जिससे लड़कियों के मन पर एक अमिट छाप पड़ी और उन्हें साहस व आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों को पाने की प्रेरणा मिली।</p>
<p>एसबीआई लाइफ का निरंतर चलने वाला कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम वंचित बच्चों की शिक्षा, समग्र विकास और उनके सपनों का समर्थन करके उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है। राष्ट्रीय खेल आइकन से मिलने का अवसर देकर, इस पहल का उद्देश्य बच्चियों में आत्मविश्वास पैदा करना, उनकी आकांक्षाओं को व्यापक बनाना और इस विश्वास को मजबूत करना है कि कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता।</p>
<p>एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर रवींद्र शर्मा ने कहा, “एसबीआई लाइफ में हमारा मानना है कि वास्तविक सशक्तिकरण केवल वित्तीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, यह सपनों को संजोने, आत्मविश्वास बढ़ाने और साहस को प्रेरित करने के बारे में है। हमें गर्व है कि हम एक ऐसा अनुभव दे सके जिसे ये लड़कियाँ जीवन भर अपने साथ रखेंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ यह मुलाकात उन्हें रोल मॉडल्स के साथ जुड़ने, अपनी आकांक्षाओं को जीवंत होते देखने और इस संदेश को अपनाने का मौका देती है कि वे निडर होकर सपने देख सकती हैं।”</p>
<p>उदयन के निदेशक के.एल. जॉर्ज ने कहा, “एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस उदयन के बच्चों के लिए लंबे समय से समर्थक रहा है। इस तरह के अवसर बच्चे के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार देने में शक्तिशाली भूमिका निभाते हैं। यह मुलाकात हमारी लड़कियों को उन प्रेरणादायक रोल मॉडल्स और अनुभवों से रूबरू कराती है, जो अन्यथा उनकी पहुँच से बाहर होते। हम एसबीआई लाइफ के इस विचारशील सहयोग के लिए आभारी हैं।“</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:32:00 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यपाल ने बधाई देते हुए दूसरों को भी प्रेरणा लेने का किया आह्वान, सिविल सर्विसेज परीक्षा में 91 वीं रैंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग मनु गर्ग ने की मुलाकात </title>
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                        <![CDATA[राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से बुधवार को राजभवन में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में देशभर में 91 वीं रैंक हासिल करने वाले दृष्टिबाधित मनु गर्ग ने मुलाकात की]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governor-congratulated-others-and-called-for-taking-inspiration-to-others/article-114917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news41.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से बुधवार को राजभवन में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में देशभर में 91 वीं रैंक हासिल करने वाले दृष्टिबाधित मनु गर्ग ने मुलाकात की। राज्यपाल ने मनु गर्ग की सराहना की तथा उनसे सभी को प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि 8वीं कक्षा से ही नेत्र बाधित होने के बावजूद सिविल सर्विसेज परीक्षा में मनु गर्ग ने टॉप 100 में जगह बनाई है। मनु को ब्रेल लिपि नहीं आती परन्तु वह टेक्नो फ्रेंडली है। तकनीक का सहारा लेकर आम छात्र की तरह उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर यह सफलता पाई है। </p>
<p>राज्यपाल ने उनकी सफलता पर कहा कि, यदि हौसले हो और चुनौतियों से मुकाबला करने की इच्छा शक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। मनु दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा है। बागडे ने मनु को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने उनके परिजनों को भी बधाई देते हुए उनके सहयोग की भी सराहना की।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 18:48:24 +0530</pubDate>
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                <title>राघव जुयाल ने अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ को बताया अपना गुरु </title>
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                        <![CDATA[बॉलीवुड अभिनेता राघव जुयाल ने अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ को अपना गुरु बताया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/raghav-juyal-told-anil-kapoor-and-jackie-shroff-their-guru%C2%A0/article-104932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)59.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता राघव जुयाल ने अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ को अपना गुरु बताया है। राघव जुयाल अपनी आकर्षक ऊर्जा, सहज हास्य और  अभिनय के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने एक बार फिर दिखाया है कि क्यों वे इंडस्ट्री में सबसे ज़मीनी और उभरती प्रतिभाओं में से एक हैं। हाल ही में ‘किल’ के लिए बेस्ट एक्टर इन ए नेगेटिव रोल के लिए आइफा नामांकन पाने वाले राघव ने इंस्टाग्राम पर दो दिग्गज अभिनेताओं-अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ के साथ एक दिल को छू लेने वाला पल साझा किया और उन्हें अपना गुरु बताया।</p>
<p>अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और डॉ. संदेश मायेकर के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए राघव ने आभार व्यक्त करते हुए लिखा, मेरे गुरु, मैं हमेशा एक छात्र ही रहूंगा, बचपन से लेकर अब तक और हमेशा उनसे सीखता रहूंगा। यह पोस्ट राघव के अपने वरिष्ठों के प्रति गहरे सम्मान और निरंतर सीखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>एक डांस सनसनी के रूप में अपने शुरुआती दिनों से लेकर एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में खुद के लिए जगह बनाने तक, राघव की यात्रा प्रेरणादायक से कम नहीं रही है। अलग-अलग भूमिकाओं में सहजता से ढलने की उनकी क्षमता, चाहे वह ‘किल’ जैसी एक्शन से भरपूर थ्रिलर हो या हल्की-फुल्की परियोजनाएँ, एक कलाकार के रूप में उनकी योग्यता को साबित करती हैं। उद्योग जगत के दिग्गजों के मार्गदर्शन और लगातार बढ़ते प्रशंसक आधार के साथ, राघव जुयाल निसंदेह एक रोमांचक पथ पर हैं, जो आगे और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का वादा करता है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 14:50:44 +0530</pubDate>
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                <title>लड़कियों को आत्मविश्वास देती हैं कोटा की ये बुलेट रानियां</title>
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                        <![CDATA[शहर में भी कई युवतियां और महिलाएं बेफिक्री से बुलेट चलाती हैं और नवज्योति ने उन्हीं में से कुछ महिलाओं और युवतियों से बात की।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/these-bullet-queens-of-kota-give-self-confidence-to-girls/article-62456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/ldkiyo-ko-atmvishwas-deti-h-yeh-kota-ki-bullet-raniya...kota-news-20-11-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना लौहा मनवा रहीं हैं।  शिक्षा से लेकर सेना तक में महिलाएं हर कार्य को बड़ी आसानी से कर रही हैं। इसी क्रम में महिलाएं बाइक को भी पुरूषों की तरह बड़ी आसानी से चला रही है। बुलेट चलाने से जहां इन युवतियों का आत्म विश्वास छलकता है। यह युवतियां इस कार्य से अन्य लड़कियों को भी कॉन्फििडेंस देती हैं। इन्हें सड़कों पर निर्विघन बुलेट चलाते देख उन्हें भी इससे प्रेरणा मिलती है। स्प्लेण्डर हो या बुलेट कोई भी बाइक इन  युवतियोंं के हाथों में आते ही बिल्कुल साइकिल जैसी हो जाती हैं। इनकों चलाते वक्त ये जरा भी ना डरती हैं ना हिचकिचाती हैं। शहर में भी कई युवतियां और महिलाएं बेफिक्री से बुलेट चलाती हैं और नवज्योति ने उन्हीं में से कुछ महिलाओं और युवतियों से बात की।</p>
<p><strong>बॉक्सिंग के साथ बाइक भी</strong><br />कोटा का राष्टÑीय और अंतरराष्टÑीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली कोटा निवासी बॉक्सर अरुणधती चौधरी बॉक्सिंग की रिंग में पंच और अपनी योग्यता प्रदर्शन करने के साथ रोड पर बाइक भी बड़ी निपुणता के साथ चलाती हैं। अरुणधती कोटा की महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। अरुणधती कहती हैं की उन्हें बाइक चलाने का बचपन से शौक था और उनके पापा भी इसमें उनका साथ देते हैं। बुलट गाड़ी चलाना उन्हें एक स्वाभीमानता महसूस कराता है और बॉक्सिंग करने के साथ में उनका गाड़ी चलाने के प्रति डर भी खत्म हो गया। अरुणधती चौधरी बुंदी के तालेड़ा की रहने वाली हैं और उन्हें बॉक्सिंग की प्रैक्टिस के लिए कोटा स्थित स्टेडियम में आना पड़ता था लेकिन साधन नहीं होने के कारण आने जाने में परेशानी होती थी तो उन्होंने इसके जवाब में बाइक चलाना सीखने की ठान ली और रोज बाइक से कोटा आने जाने लगी। अरुणधती चौधरी अभी सेना में हवलदार पद पर सेवारत हैं और देश की सेवा कर रही हैं।</p>
<p><strong>बाइक से ही पहुंचाती हैं दूध</strong><br />सड़कों पर आपने पुरूषों को दूध को पहुंचाते हुए तो देखा ही होगा। जो अपनी बाइकों पर एक चार चार चरे बांधकर बड़ी आसानी से गाड़ी चला लेते हैं। कोटा में कुछ ऐसा ही कारनामा करती हैं नयागांव निवासी मीतू गुर्जर जो हर रोज शहर के कई इलाकों में दूध की डिलेवरी करती हैं। मीतू गुर्जर पिछले कई सालों से अपनी बाईक पर दूध के चरे बांध कर दूध की सप्लाई कर रहीं हैं। मीतू बाईक पर दूध की सप्लाई के करने के साथ में बुलट गाड़ी को भी बड़ी आसानी से चला लेती हैं। मीतू का कहना है कि महिलाएं पुरूषों से कम नहीं हैं और उन्हें भी खुदको कभी कम नहीं आकना चाहिए वो जो चाहें वो कोशिश करे तो आसानी से कर सकती हैं। मीतू कहती है कि शुरूआत में उन्हें भ्ज्ञी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा परिवार के सहयोग से वो किसी की परवाह नहीं करती हैं। इसके साथ ही मीतू जूडो और कराटे भी जानती हैं जिसकी ट्रैनिंग वो छोटे बच्चों को भी देती हैं। </p>
<p><strong>स्कूटी की जगह बाइक पसंद</strong><br />शहर के संजय गांधी नगर निवासी विजयलक्ष्मी स्कूटी से ज्यादा बाइक चलाना पसंद करती हैं। विजय लक्ष्मी जब से स्कूटी चलाना सीखा तब से बाइक चला रहीं हैं। उन्हें बाइक चलाते हुए करीब 8 साल हो गए हैं और वो बिना किसी झिझक के बाइक चलाती हैं। विजय लक्ष्मी वैसे तो छात्रा ही हैं लेकिन इनके बाइक चलाने के किस्से पूरे संजय नगर में प्रसिद्ध हैं। विजय लक्ष्मी कहती हैं कि उन्हें स्कुटी से ज्यादा बाइक पसंद है और बाइक चलाने में ज्यादा गर्व महसूस होता है। विजयलक्ष्मी बाइक चलाने के साथ में डांस की भी शौकीन हैं और बच्चों को भी डांस करना सिखाती हैं। इसके अलावा विजयलक्ष्मी ब्युटी पार्लर भी चलाती हैं। विजयलक्ष्मी का कहना है कि बाइक चलाना उनका शौक है और बाइक में भी बुलट चलाना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है क्योंकि बुलट चलाना उन्हें एक आत्मविश्वास दिलाता है कि वो किसी से कम नहीं।</p>
<p><strong>ट्रैनिंग ग्राउंड आने की परेशानी के कारण सीखी अब शौक बना</strong><br />बालिता की महक शर्मा अंतरराष्टÑीय बॉक्सर हैं और कई मुकाबलों में जीत दर्ज कर चुकी हैं। महक रोज गांव से बाइक चलाकर ट्रैनिंग ग्राउंड तक बाइक चलाकर आती हैं। महक को बाइक चलाते हुए 4 साल हो गए हैं और अब बाइक चलाना उनका शौक बन गया है। महक नोर्मल बाइक तो चला ही लेती हैं,साथ में बुलट भी बड़ी आसानी से चलाती हैं। महक कई बार शहर के अंदर बुलट से ही ट्रैनिंग ग्राउण्ड पर आती हैं। महक का कहना है कि पहले मजबूरी में बाइक चलाना सीखा था लेकिन अब शौक बन चुका है, साथ ही बुलट चलाना ज्यादा पसंद है और अधिकतर समय बुलट ही चलाती हैं। बुलट चलाना एक आत्मश्विास की भावना जगाता है और कुछ नया करने को प्रेरित करता है। बाइक मेंटिनेंस भी महक खुद ही करती हैं उसे धोना, छोटी मोटी खराबी को ठीक करना मीक खुद ही करती हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Nov 2023 17:46:11 +0530</pubDate>
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                <title>पहले कैंसर पर जीत की हासिल अब दूसरों के लिए बने प्रेरणा</title>
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                        <![CDATA[एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/first-victory-over-cancer-has-now-become-an-inspiration-for/article-11446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/caner-servivors-day.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। इस बीमारी से लड़ रहे अन्य लोगों को उम्मीद देने देने के लिए हर साल जून के पहले रविवार को नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे मनाया जाता है। इस बार नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे पर शहर के कैंसर विशेषज्ञों से बात की और उनके अनुभव जाने।</p>
<p><strong>पहला केस</strong></p>
<p>सीनियर कंसल्टेंट एडल्ट एवं पीडियाट्रिक मेडिकल आॅन्कोलॉजिस्ट एंड हेमेटो आॅन्कोलॉजिस्ट डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि अलवर निवासी 15 वर्षीय किशोर ने ब्लड कैंसर को हराया है। उसे एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर था। इसमें प्रति एक हजार में से एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार होता है। यहां फोर्टिस में उस किशोर का दो सालों तक इलाज चला। वह इलाज के लिए भी मानसिक रूप से तैयार नहीं था, लेकिन उसके परिजनों ने उसे रास्ता दिखाया, जिससे वह तेजी से स्वास्थ्य होने लगा। अब वह पिछले तीन साल से पूरी तरह स्वस्थ है।</p>
<p><strong>दूसरा केस</strong></p>
<p>दूसरे मामले के बारे में डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि एक नवविवाहिता को शादी के कुछ समय बाद ही स्तन कैंसर हो गया। इससे उसका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ। महिला ने कैंसर को हरा दिया, क्योंकि उसके कैंसर का निदान शुरुआती चरण में ही हो गया। अब इस मरीज को हार्मोनल थैरेपी दी जा रही है, जिससे वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएगी।</p>]]>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 14:50:39 +0530</pubDate>
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                <title>हैप्पी मदर्स डे: बेटियों की जुबानी- मां विश्वास है, मां लड़ने की ताकत है और मां जीत की प्रेरणा है</title>
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                        <![CDATA[ यह कहना है जयपुर में खेली जा रही राष्ट्रीय अमेच्योर शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई बेटियों का। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--happy-mother-s-day--daughter-s-words---mother-is-faith--mother-is-the-strength-to-fight-and-mother-is-the-inspiration-to-win/article-9335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/16.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मां सिर्फ ममता, वात्सल्य और त्याग की मूरत ही नहीं बल्कि एक विश्वास है, लड़ने की ताकत है और जीत की प्रेरणा है। यह कहना है जयपुर में खेली जा रही राष्ट्रीय अमेच्योर शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई बेटियों का। प्रतियोगिता में आठ दौर की समाप्ति के बाद ये बेटियां इस मुकाम पर हैं कि रविवार को मदर्स डे के दिन अपनी मां को जीत का तोहफा दे सकती हैं। दिल्ली से अपनी मां रीना गुप्ता के साथ आई प्रीशिता गुप्ता अंडर-11 की नेशनल चैंपियन और दिल्ली की स्टेट चैंपियन हैं और यहां अंडर-1700 रेटिंग वर्ग में खिताब की प्रबल दावेदार बनी हैं। अंडर-12 की नेशनल चैंपियन गाजियाबाद (उप्र) की सुरभि गुप्ता भी अंडर-2000 रेटिंग वर्ग में जीत की मजबूत दावेदार हैं और मां उर्मिला गुप्ता को जीत का तोहफा देंगी। गुड़वांग (हरियाणा) से मां विभूति अग्रवाल को साथ आई इश्वी अग्रवाल अंडर-2300 रेटिंग वर्ग में पहली बार राष्ट्रीय खिताब के करीब पहुंच गई हैं। बड़ौदा की प्रियंका शाह प्रतियोगिता में अपनी बेटी श्रेया शाह को लेकर आई हैं। देशभर में कहीं भी प्रतियोगिता हो, प्रियंका बेटी के साथ ही रहती हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 13:22:11 +0530</pubDate>
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                <title>देखिये नर्स के रूप में 800 डिलीवरी करवाने वाली पुलिस इंस्पेक्टर की कहानी </title>
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                        <![CDATA[भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की बहन होने का गौरव रखने के बाद भी शुरुआती दौर में संविदा के आधार पर नर्स के रूप में काम करके 800 डिलीवरी करवाने वाली पुलिस इंस्पेक्टर किरण गोदारा ने खुद यह सपने में भी नही सोचा था कि इस काम के आगे भी बडी ऊंचाई है लेकिन उनके मन में यह हौसला था कि सेवा का काम करना है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/watch-the-story-of-a-police-inspector-who-got-800-deliveries-as-a-nurse/article-5731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/jd.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर | भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की बहन होने का गौरव रखने के बाद भी शुरुआती दौर में संविदा के आधार पर नर्स के रूप में काम करके 800 डिलीवरी करवाने वाली पुलिस इंस्पेक्टर किरण गोदारा ने खुद यह सपने में भी नही सोचा था कि इस काम के आगे भी बडी ऊंचाई है लेकिन उनके मन में यह हौसला था कि सेवा का काम करना है। इसलिए उन्होने  जननी सुरक्षा योजना के तहत बहन और बेटियों की सेवा करने के साथ-साथ पुलिस अधिकारी बनकर कानून और शांति व्यवस्था बनाने जैसे दायित्व को निभाने की ठान ली थी और उन्होने पुलिस सब इंस्पेक्टर की परीक्षा दी उसके बाद जिस किसी भी थाने में रही वहां अपने काम का जबरदस्त प्रभाव छोडा है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 18:39:34 +0530</pubDate>
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                <title>प्रेरणा के स्रोत कप्तान साहब</title>
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                        <![CDATA[कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी की जयंती पर विशेष...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61bd792c33909/article-3313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/15.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>‘‘कप्तान साहब’’ </strong></span></span></span><br /> के नाम से प्रसिद्ध दुर्गाप्रसाद जी चौधरी की गिनती भारत के उन महान सपूतों में की जाती है, जो जीवन पर्यन्त अन्याय और अत्याचार के खिलाफ रहे।<br /> <br /> देश को आजादी मिलने से पहले जहां उनकी लड़ाई ब्रिटिश साम्राज्य और देश की सामन्तशाही के खिलाफ रही, वहीं आजादी के बाद वे देश में  सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक मूल्यों के लिए अंतिम सांस तक संघर्षरत रहे। वर्ष 1936 में संस्थापित अपने समाचार पत्र ‘‘दैनिक नवज्योति’’ का भी कप्तान साहब ने अपने राजनीतिक, सामाजिक उद्देश्यों की प्राप्ति में बखूबी इस्तेमाल किया।  - <strong>अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री</strong><br /> <br /> र्गाप्रसादजी की प्रारम्भिक शिक्षा दीक्षा नीमकाथाना, जयपुर-सांभर, रामगढ़ शेखावाटी और कानपुर में हुई। मात्र 13 वर्ष की आयु में वह महात्मा गांधी के आह्वान पर अपनी पढ़ाई छोड़ ‘‘जनसहयोग आन्दोलन’’ में ऐसे कूदे कि सामाजिक और राजनीतिक कार्य उनसे जीवन पर्यन्त छोड़ते न बने, स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के कारण दुर्गाप्रसाद जी को अनेक बार जेल जाना पड़ा। वर्ष 1930 से 1947 के दौरान कांग्रेस सेवादल द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण ही वे कप्तान के रूप में मशहूर हुए। कप्तान साहब ने ‘‘बिजौलिया सत्याग्रह’’ में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उन दिनों राजस्थान में किसानों पर दोहरे अत्याचार थे। जहां एक और उन्हें ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी झेलनी पड़ती थी, वहीं दूसरी और राज्य में सामंती प्रथा के चलते उनका जीवन अन्याय और अत्याचारों से भरपूर था उन्हें क्रूर अमानवीय यातनाओं को सहते रहने के बावजूद भारी कर चुकाने पड़ते थे। 20वीं सदी के दूसरे और तीसरे दशक के बीच विजयसिंह पथिक, मानिक लाल वर्मा, साधु सीताराम और प्रेमचन्द भील के नेतृत्व में किसानों की ओर  से एक प्रभावी आन्दोलन चलाया गया। बिजौलिया सत्याग्रह के नाम से जाने, जाने वाला इस ऐतिहासिक आन्दोलन की उपलब्धि मात्र यह नहीं थी कि किसान अपनी तत्कालीन समस्याओं से निजात पा गए, बल्कि किसानों द्वारा इस आन्दोलन को चलाए जाने के कारण उनमें समझ बढ़ी और अपने ऊपर विश्वास पैदा हुआ, जिसने उन्हें अपना महत्व समझाते हुए समाज और देश की मुख्य धारा में ला खड़ा किया।</p>
<p><strong>अभिवादन ग्रंथ स्वतंत्रता संग्राम एवं पत्रकारिता के कीर्ति पुरुष,कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी से साभार</strong></p>]]>
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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 12:21:43 +0530</pubDate>
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