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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 23 -  बदहाल तस्वीर : पुलिए के नीचे हो रही अतिक्रमण की भरमार, पानी की समस्या से जूझते रहवासी</title>
                                    <description><![CDATA[पानी की समस्या से लेकर अतिक्रमण, सड़कें टूटने और आवारा कुत्तों के आतंक तक—हर समस्या से जूझ रहा है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-23---a-grim-picture--rampant-encroachment-under-the-bridge--residents-struggling-with-water-problems/article-132032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11113.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 23 की स्थिति आज भी सुधार की राह देख रही है। वार्ड क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर केवल कागजी योजनाएं ही दिखती हैं। वहीं जमीनी स्तर पर हालात बेहद चिंताजनक हैं। पानी की समस्या से लेकर अतिक्रमण, सड़कें टूटने और आवारा कुत्तों के आतंक तक—हर समस्या से जूझ रहा है यह वार्ड। वार्ड वासियों का कहना है विकास के वादे हर चुनाव में सुनते हैं, पर हालत जस के तस बने हुए है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />प्रताप कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, मील वाले बाबा, गोपाल मिल व महावीर कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>स्थानीयों की मांग-आवारा कुत्तों से निजात दिलाएं</strong><br />नियमित सफाई और स्थायी समाधान वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाया जाए, नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए और पेयजल व सड़क समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराएंगे। वार्ड में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शाम ढलते ही गलियों में कुत्तों के झुंड निकल आते हैं, जिससे बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने से कतराते हैं। कई बार कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन निगम की पशु नियंत्रण टीम का कोई असर नहीं दिखता।</p>
<p><strong>पुलिया के नीचे बना अतिक्रमण का केंद्र</strong><br />वार्ड क्षेत्र में आने वाली पुलिया के नीचे लोगों ने चाय की थड़ियां और गुमटियां लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। इस अवैध कब्जे के चलते न केवल यातायात में बाधा आती है बल्कि सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को कई बार इस बारे में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।<br /><strong>- आसिफ, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>बोरिंग का पानी पीने को मजबूर</strong><br />वार्ड की प्रताप कॉलोनी में जलापूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। यहां केवल सुबह 2 घंटे और शाम को 2 घंटे ही पानी आता है, जिससे घरों की जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। वहीं बनाना हाउसिंग बोर्ड समिति में तो हालात और भी खराब हैं। यहां लोग आज भी बोरिंग का पानी पीने को मजबूर हैं। रहवासियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और बिगड़ जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।<br /><strong>- श्यामसुंदर, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सड़कों का नहीं हो रहा मरम्मत कार्य</strong><br />वार्ड में जगह-जगह सड़क खुदाई के बाद उन्हें क्षतिग्रस्त हालत में ही छोड़ दिया जाता है। इससे न केवल आवागमन में दिक्कत होती है बल्कि बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रहवासियों का कहना है कि निगम ठेकेदार खुदाई के बाद मरम्मत कार्य पर ध्यान नहीं देते, जिससे हर बार सड़कें उखड़ जाती हैं।<br /><strong>- शाहिद, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड पार्षद से कई बार सम्पर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नही दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 13:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क किनारे खुले गड्ढों से नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगभग 200 फीट लंबी यह सीसी पुलिया अब पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। पुलिया की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और लोहे की सरिए भी बाहर निकल आए है।  जानकारी अनुसार पुलिया का निर्माण कई वर्ष पहले सीसी स्ट्रक्चर के रूप में किया गया था, लेकिन उस पर बार-बार डामर से पैचवर्क किया जाता रहा। इन अस्थायी मरम्मतों से कुछ समय के लिए राहत तो मिली, लेकिन हर बार कुछ महीनों में सतह फिर से खराब हो गई। अब पुलिया की सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और असमान हो चुकी है।</p>
<p><strong>डिवाइडर और रेलिंग कई जगह गायब : </strong>पुलिया के दोनों ओर लगी पाइपनुमा लोहे की रेलिंग और सीमेंटेड डिवाइडर अब खतरे का कारण बन गए हैं। कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर नदी में गिर चुकी है, जबकि कुछ पाइप गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर अब सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं बची है। सड़क किनारे खुले गड्ढे हैं, जिनसे नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बरसात में बढ़ जाता है खतरा </strong><br />नीचे बहने वाली अंधेरी नदी लगभग 30 से 40 फीट गहरी है। बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से यह खतरा और बढ़ जाता है। पुलिया के किनारों पर रेलिंग नहीं होना किसी भी समय बड़ा हादसा करा सकता है।</p>
<p><strong> जनता की मांग : स्थायी मरम्मत और सुरक्षा रेलिंग जरूरी </strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल डामर पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। पुलिया की सतह को दोबारा मजबूत करना और दोनों ओर नई पाइप रेलिंग व डिवाइडर लगाना आवश्यक है। साथ ही पुलिया पर सड़क लाइट और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>बाल-बाल बची बाइक सवार की जान </strong><br />कुछ दिन पहले तेज बारिश में कस्बे का एक युवक बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में गिर गया था। सौभाग्य से वह तैरना जानता था, जिसने किसी तरह किनारे लगकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। यदि वह तैरना नहीं जानता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>लोगों में रोष, रोजमर्रा की परेशानी </strong><br />रोजाना इस पुलिया से स्कूली बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, आॅटो और सैकड़ों ग्रामीण वाहन गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और टूटी सतह के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यह खतरा और बढ़ जाता है। कवाई निवासी मुरारी सुमन, सत्यनारायण सेन, महेंद्र सुमन और उमर थाना क्षेत्र के भूरालाल मेघवाल ने बताया कि इस पुलिया से प्रतिदिन भारी वाहन, बसें और बच्चों की बाल वाहिनियां गुजरती हैं। नीचे गहरी नदी और ऊपर टूटी हुई सतह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार डामर से मरम्मत हुई, लेकिन हर बार कुछ दिन में फिर उखड़ गई। यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पुलिया की हालत इतनी खराब हो गई है कि रोजाना सफर करने में डर लगता है। ट्रक या बस लेकर निकलते वक्त लगता है। कहीं पहिया किनारे से फिसल न जाए। नीचे गहरी नदी है और रेलिंग भी टूटी पड़ी है। सरकार को जल्द स्थायी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण सेन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। कुछ समय पहले एक युवक बाइक सहित गिर गया था, उसकी जान बाल-बाल बची। अगर जल्दी कार्य नहीं हुआ तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।<br /><strong>- महेंद्र सुमन, कवाई निवासी।</strong></p>
<p>हम लोग रोज इसी पुलिया से गुजरते हैं। छोटे बच्चे और स्कूली बसें भी यहीं से निकलती हैं। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है और रात में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। <br /><strong>- भूरालाल मेघवाल, उमर थाना निवासी।</strong></p>
<p>अंधेरी नदी की पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर की परत उखड़ी है, डिवाइडर टूटे हैं और रेलिंग गायब है। नीचे गहरी नदी है, जिससे हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार मरम्मत हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर खराब हो गई। रात में रोशनी नहीं रहती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन को स्थायी मरम्मत और नई रेलिंग लगवाने की तुरंत जरूरत है। <br /><strong>-  मुरारी सुमन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>अंधेरी नदी पुलिया का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, स्टेट हाईवे छबड़ा। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 16:56:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चीन ने बनाया दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज, इतना मजबूत कि 840 हाथी भी चढ़ जाएं तो कुछ नहीं होगा</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने एक और अजूबा बनाकर तैयार कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/china-created-the-worlds-highest-bridge-so-strong-that-even/article-125022"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(630-x-400-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने एक और अजूबा बनाकर तैयार कर लिया है। गुइझोउ प्रांत की पहाड़ियों के बीच चीन ने दुनिया का सबसे ऊंचा पुल तैयार कर लिया है। नाम है हुआजियांग ग्रैंड कैन्यन ब्रिज। इस पुल ने हाल ही में अपना आखिरी बड़ा टेस्ट पास कर लिया और इंजीनियरों ने इसे सुरक्षित घोषित कर दिया है। सितंबर से आम लोग इस पर सफर कर पाएंगे।</p>
<p><strong>840 हाथियों जितना वजन डालकर टेस्टिंग :</strong></p>
<p>21 से 25 अगस्त के बीच पुल पर लोड टेस्ट किया गया। पुल पूरी तरीके से सेफ है कि नहीं, और ये भारी वजन सह सकता है कि नहीं, इसके लिए 96 बड़े ट्रक पुल पर चढ़ाए गए। हर ट्रक का वजन करीब 35 टन था। यानी लगभग 3360 टन वजन एक साथ पुल पर डाला गया। इसे अगर और आसान भाषा में समझें तो, अगर एक भारतीय हाथी का औसत वजन 4 टन मानें तो करीब 840 हाथियों का वजन डालकर पुल की टेस्टिंग हुई है।</p>
<p>ट्रक अलग-अलग जगह खड़े किए गए ताकि अलग-अलग हालात में पुल की मजबूती जांची जा सके। 400 से ज्यादा सेंसर लगाए गए थे, जो हर छोटी-बड़ी हलचल रिकॉर्ड कर रहे थे।</p>
<p><strong>कितना ऊंचा है ये ब्रिज ?</strong></p>
<p>हुआजियांग ब्रिज को दुनिया का सबसे ऊंचा पुल माना गया है। यह पानी से लेकर पुल के डेक तक 625 मीटर ऊंचा है। इसे समझने के लिए ऐसे मान लीजिए कि यह लगभग 200 मंजिंला इमारत जितना ऊंचा है। पुल का बीच वाला हिस्सा 1,420 मीटर लंबा है और पूरे ब्रिज की लंबाई करीब 2,890 मीटर तक फैली हुई है।</p>
<p><strong>बनाना आसान नहीं था :</strong></p>
<p>इस पुल का निर्माण जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। इंजीनियरों और मजदूरों को इसे बनाते समय कई चुनौतियों से गुजरना पड़ा। कभी पहाड़ की खड़ी ढलानें मुश्किल बनीं, तो कभी तेज हवाओं और मौसम ने काम रोका। इतनी कठिनाइयों के बावजूद प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा कर लिया गया। यही वजह है कि इसे इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>
<p><strong>क्यों खास है गुइझोउ ?</strong></p>
<p>गुइझोउ प्रांत को दुनिया का ब्रिज म्यूजियम कहा जाता है। यहां 30 हजार से ज्यादा पुल बने हैं, जिनमें दुनिया के तीन सबसे ऊंचे ब्रिज भी शामिल हैं। अब हुआजियांग ब्रिज इस लिस्ट में नया ताज पहनाने वाला है। सितंबर में इसका आधिकारिक उद्घाटन होगा और फिर यह दुनिया का सबसे ऊंचा पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 11:53:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे में इंद्रायणी नदी पर बना पुल गिरा : 5 लगों की मौत, 25 से ज्यादा लोगों के बहने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र में पुणे जिले के मावल तालुका स्थित कुंडमाला क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में इंद्रायणी नदी पर बने पुल का आधा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-bridge-over-indrayani-river-falls-in-pune/article-117475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में पुणे जिले के मावल तालुका स्थित कुंडमाला क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में इंद्रायणी नदी पर बने पुल का आधा हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया, जिससे उस वक्त पुल पर खड़े कई लोग नदी में गिर गए। घटना के समय मौके पर भारी भीड़ थी और शुरुआती जानकारी के मुताबिक 20 से 25 लोग लापता हैं और उनके नदी में बहने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>आधिकारिक तौर पर इस घटना में 5 लोगों के मरने की पुष्टि की गयी है, जबकि कई के बहने की आशंका जताई गई है। वहीं रेस्क्यू टीम ने 5 से 6 लोगों को बचाया है। बताया जाता है कि यह दुर्घटना रविवार अपराह्न लगभग 3:40 बजे की है। जब पुल का एक हिस्सा टूटा, तो कुछ लोग नीचे मौजूद पत्थरों पर जा गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। वहीं कई लोग सीधे नदी की तेज धारा में बह गए। नदी में बहाव काफी तेज होने के कारण राहत कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p>ये वही पुल था जिससे कुंडमाला क्षेत्र को पार किया जाता था। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाली तलेगांव दाभाड़े पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों को भी राहत और बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है।</p>
<p>रविवार को छुट्टी होने की वजह से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक कुंडमाला क्षेत्र घूमने आए थे। कुछ लोग उस समय पुल पर खड़े होकर फोटो ले रहे थे और दृश्य का आनंद ले रहे थे, जब पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। यह हादसा अचानक हुआ और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।</p>
<p>स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल की हालत लंबे समय से खराब थी और इसकी शिकायतें प्रशासन तक पहले भी पहुंची थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बीते कुछ दिनों से पुणे और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही थी, जिससे इंद्रायणी नदी का जलस्तर बढ़ गया था और बहाव तेज था। इसी तेज बहाव और पुल की जर्जर हालत ने मिलकर इस हादसे को जन्म दिया। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि फिलहाल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 17:35:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चोर व नशेड़ी लगा रहे सरकारी सम्पत्ति को चपत, बैराज साइड के व्यू कटर को फिर पहुंचाया नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[ चम्बल रिवर फ्रंट बनने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से बैराज के समानांतर पुल पर दोनों तरफ लगाए गए व्यू कटर को एक बार फिर से चोर व नशेड़ियों ने नुकसान पहुंचाना शुरु कर दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thieves-and-drug-addicts-are-looting-government-property/article-117378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/copy-of-news-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल रिवर फ्रंट बनने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से बैराज के समानांतर पुल पर दोनों तरफ लगाए गए व्यू कटर को एक बार फिर से चोर व नशेड़ियों ने नुकसान पहुंचाना शुरु कर दिया है। जिससे बरसात में ये राहगीरों के लिए खतरा बनेंगे।  हालत यह है कि समानांतर पुल पर बैराज से  थर्मल की तरफ जाते समय बैराज की तरफ वाली साइड पर बीच-बीच से व्यू कटर गायब हो रहे हैं। कहीं पर एक हिस्सा तो कहीं दो हिस्से। जैस-जैसे आगे बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे व्यू कटर का अधिक हिस्सा गायब होता जा रहा है। कई जगह पर तो ऐसी स्थिति हो रही कि उसमें से झांकने पर कोई भी वयस्क व्यक्ति भी नीचे गिर सकता है।  व्यू कटर को नुकसान तो नशेड़ी और चोर पहुंचा रहे हैं जिसका नुकसान  खतरे के रूप में आमजन को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही केडीए को आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ रहा है। केडीए की ओर से पूर्व में भी कई बार इस तरह से नुकसान पहुंचाए व्यू कटर को सही कराया जा चुका है। उसके बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। जबकि यह रोड काफी व्यस्त है। दिन के समय ही नहीं रात में भी यहां से ट्रैफिक निकलता रहता है। उसके बावजूद भी चोर बड़ी आसानी से इन व्यू कटर को काटकर ले जा रहे हैं। </p>
<p><strong>शुरुआत में एक दो जगह से ही गायब</strong><br />बैराज साइड पर शुरुआत में एक दो जगह से ही व्यू कटर गायब हुए थे। लेकिन धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। देखते ही देखते कुछ ही दिन में स्थिति यह हो गई कि करीब 7 से 8 जगह ऐसी हैं जहां से व्यू कटर को काटकर व तोड़कर नुकसान पहुंचाया गया है। कई जगह से तो व्यू कटर का कुछ हिस्सा ही चोरी किया गया है जबकि कई जगह पर से तो पूरी शीट ही गायब  की गई है। </p>
<p><strong>पहले भी पहुंचाया था नुकसान</strong><br />रिवर फ्रंट बनने के बाद जब केडीए की ओर से पुल के दोनों तरफ इन व्यू कटर को लगाया गया था। उस समय पहले बरसात के दौरान बैराज से छोड़े जाने वाले पानी को देखने के लिए कुछ लोगों ने इसे नुकसान पहुंचाया था। जिसका फायदा चोर व नशेड़ी उठाने लगे हैं। अभी न तो बरसात का सीजन शुरु हुआ है और बैराज से पानी छोड़ा हुआ है। उससे पहले ही व्यू कटर को काटकर नुकसान पहुंचाया गया है। व्यू कटर गायब होने से जो हिस्सा खुला है  वहां से राह चलते लोग वाहन रोककर बैराज की तरफ झांकते हुए देखे जा सकते है। जिससे कभी भी कोई हादसा होने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>नुकसान पहुंचाने वालों पर हो कार्रवाई </strong><br />लोगों का कहना है कि बार-बार व्यू कटर को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कैथूनीपोल निवासी विजय जोशी का कहना है कि आमजन की सुरक्षा के लिए यह व्यू कटर लगाया गया है। उसे नुकसान पहुंचाने वालों पर केडीए या संबंधित थाने की पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। बार-बार व्यू कटर को नुकसान पहुंचाने से जनता के धन का ही नुकसान हो रहा है।  नांता निवासी राजेन्द्र सक्सेना का कहना है कि  बार-बार बैराज साइड से ही व्यू कटर को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसा कुछ ही समय में हुआ है। पहले केडीए ने इसे सही करवा दिया था। ऐसा करने वालों को पकड़ने के लिए वहां रात के समय गश्त हो या सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। </p>
<p><strong>कई बार करवा चुके सही</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि व्यू कटर लोगों की सुरक्षा के लिए लगाए हैं। लेकिन चोर व नशेड़ी बार-बार बैराज साइड से ही व्यू कटर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है। हर बार सही करवा दिया जाता है। लेकिन फिर से ऐसा किया गया है। इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दी जाएगी। साथ ही उसे सही करवाया जाएगा। जिससे बरसात के सीजन में या बैराज से पानी छोड़ने के दौरान वहां कोई हादसा न हो। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 16:35:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिहार में बाढ़ के पानी के तेज बहाव से पुल ध्वस्त, संपर्क कटा</title>
                                    <description><![CDATA[ पीरपैंती बाजार-बाखरपुर मार्ग पर इस पुल से सभी प्रकार के छोटे वाहनों एवं पैदल यात्रियों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bridge-collapsed-due-to-strong-flow-of-flood-water--demand-to-govt/article-92268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>भागलपुर। बिहार में भागलपुर जिले के बाढ़ग्रस्त पीरपैंती प्रखंड में फिर एक पुल बाढ़ के पानी के तेज बहाव से ध्वस्त हो गया, जिससे किसी तरह की क्षति नहीं हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पथ निर्माण विभाग के पीरपैंती बाजार - बाखरपुर मार्ग पर अवस्थित पुल काफी दिनों से क्षतिग्रस्त था और सुरक्षा के मद्देनजर उक्त मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया था। बाढ़ के पानी के तेज बहाव से उक्त पुल ध्वस्त हो गया है। इस बीच पुल के ध्वस्त होने के कारण कई गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से कट गया है। पीरपैंती बाजार-बाखरपुर मार्ग पर इस पुल से सभी प्रकार के छोटे वाहनों एवं पैदल यात्रियों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों और बैरिकेडिंग कर दी गई है। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के पानी के हटते ही वहां पर नया पुल का निर्माण कराया जाएगा और इसके लिए विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है। उक्त पुल का निर्माण करीब 15 वर्ष पहले ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा कराया गया था। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय परिषद सदस्य बासुकीनाथ यादव ने पीरपैंती प्रखंड में विगत एक सप्ताह के दौरान दो पुलो के ध्वस्त होने की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग राज्य सरकार से की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 12:31:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिहार में अचानक गिरा नहर पर बना पुल </title>
                                    <description><![CDATA[ पुल के ढ़हने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। यह पुल महाराजगंज प्रखंड के पटेढी बाजार और दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ पंचायत को जोड़ता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bridge-built-on-collapses-in-the-bihar%C2%A0/article-82451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6633-copy90.jpg" alt=""></a><br /><p>सीवान। बिहार के सीवान जिले में गंडक नहर पर बना 40 साल पुराना पुल अचानक गिर गया। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत में बना पुल सुबह ध्वस्त हो गया। बताया जा रहा है कि पिलर धंसने की वजह से यह हादसा हुआ। पुल के ढ़हने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। यह पुल महाराजगंज प्रखंड के पटेढी बाजार और दरौंदा प्रखंड के रामगढ़ पंचायत को जोड़ता था।</p>
<p>इस पुल के जरिए हजारों लोग इस पार से उस पार आते-जाते थे। बताया जाता है कि पुल 35-40 साल पुराना था। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पूर्व अररिया जिले में नदी पर 12 करोड़ रुपए की लागत वाला निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढह गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jun 2024 16:01:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में सरकार बदलते ही अटका सूखनी नदी पर पुल का काम</title>
                                    <description><![CDATA[53 करोड़ की लागत से बनना था हाईलेवल पुल, शिलान्यास भी हुआ! लेकिन 3 माह से बंद पड़ा है काम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-work-of-the-bridge-on-the-sukhni-river-got-stuck-as-soon-as-the-government-changed-in-the-state/article-81869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>इटावा । राज्य में सरकार बदलने के साथ ही पिछली सरकार के कार्यकाल में मंजूर हुए जनोपयोगी कार्यों पर ब्रेक लग गया है। पिछली सरकार के दौरान स्टेट हाइवे 70 व स्टेट हाइवे वन ए को जोड़ने के लिए इटावा की सूखनी नदी पर करीब 53 करोड़ की लागत से पुल स्वीकृत हुआ था। जिसका अक्टूबर 2023 में शिलान्यास होकर कार्य प्रारंभ भी हो गया था। लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही पुल निर्माण का कार्य भी बंद हो गया है। जिसको लेकर नगर में लोगों के बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं काम कर रही फर्म ने एक पिलर की खुदाई के बाद कार्य बंद कर अपने सामान समेट लिए हैं। जिसके चलते पिछले 6 माह में इसका निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार इटावा नगर में बारिश के दौरान सूखनी नदी में उफान के चलते स्टेट हाइवे 70 पर आवागमन बाधित हो जाता है। इसके साथ ही वर्तमान पुलिया छोटी होने के कारण आवागमन में दिक्कत के चलते राज्य सरकार ने गत वर्ष बजट में इटावा सूखनी नदी पर 53 करोड़ की लागत का हाईलेवल पुल स्वीकृत किया था। जिसके टेंडर जारी होने के बाद अक्टूबर में शिलान्यास हो गया था। साथ ही संवेदक ने निर्माण शुरू कर दिया था। लेकिन कस्बे के कुछ लोगों ने प्रदेश की नई सरकार के उपमुख्यमंत्री को पुल निर्माण की जरूरत नहीं बताई। जिसके बाद से ही निर्माण कार्य रुक गया है। जिसको लेकर कस्बे में अब पुल निर्माण को लेकर नगर के लोगों में संशय बना हुआ है। हालांकि संवेदक ने बिजली विभाग में राशि जमा करवाकर जो पोल निर्माण में आ रहे थे, उनको शिफ्ट भी करवा दिया है। लेकिन अभी लाइन शिफ्ट नहीं हो पाई है।</p>
<p><strong>काम बंद होना नगर में बना चर्चा का विषय</strong><br />सरकार बदलने के बाद हाईलेवल पुल का बंद होना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों में चर्चा इस बात की है कि इस पुल के निर्माण से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलती। साथ ही बारिश में भी आवागमन बाधित नहीं होता। लेकिन इसकी निर्माण बंद होने और ठेकेदार द्वारा अपने सामान हटाने के बाद लोगों में कई तरह की चर्चा बनी हुई है। नगर वासियों का कहना है कि पुलिया के निर्माण से लोगों को सुविधा मिलेगी। वहीं नगर का सौंदर्यकरण भी बढ़ेगा। साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद मध्यप्रदेश का अधिकांश ट्रैफिक यहां से होकर गुजरेगा।</p>
<p><strong>पुलिया की चौड़ाई कम होने से लगता है जाम</strong><br />वर्तमान पुलिया की चौड़ाई कम होने के कारण दिनभर में कई बार जाम लगता है। जिसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दो भारी वाहन आमने-सामने आने के बाद निकासी में दिक्कत आती है। वहीं चारे के ओवरलोड वाहनों के चलते तो कई बार दो-दो घंटे तक जाम लगा रहता है।</p>
<p><strong>पुरानी पुलिया पर आए दिन होती हैं दुर्घटनाएं</strong><br />इटावा नगर में सूखनी नदी की पुलिया काफी पुरानी होने के कारण गत वर्ष आए बाढ़ के पानी में जगह-जगह से जर्जर हो गई है।  पुलिया की साइडें जगह-जगह से उखड़ी हुई हैं। साथ ही पुलिया की अधिकांश मुड्डियां टूट चकी हैं। ऐसे में जरा सी भी चूक दुर्घटना को अंजाम दे देती है। जर्जर पुलिया के चलते हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह मार्ग स्टेट हाइवे 70 के साथ ही स्टेट हाइवे वन ए को भी जोड़ता है, जो लालसोट मेगाहाइवे व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ता है। इसके चलते इंदौर, उज्जैन का पूरा ट्रैफिक यहां से होकर गुजरता है। ऐसे में भारी वाहनों के गुजरने पर दुर्घटना का भय बना रहता है। </p>
<p><strong>असंतुलित होकर पुलिया से नीचे गिरी पिकअप </strong><br />रविवार को सुबह के समय इस पुलिया पर साइड में लेने के प्रयास में एक पिकअप पुलिया से नीचे गिर कर पलट गई। हालांकि इसमें किसी को कोई चोट नहीं आई। पुलिया के हिस्से क्षतिग्रस्त होने के कारण आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं। साथ ही मुड्डियां टूट जाने के कारण कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। </p>
<p>इटावा नगर में पुल का निर्माण जरूरी है। प्रशासन द्वारा कार्य को जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए। इससे इटावा का विकास होगा। वहीं सूखनी नदी में पानी आने पर आवागमन बाधित नहीं होगा। लोगों को काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>-मुरारी लाल बैरवा, नगरवासी</strong></p>
<p>पुल का निर्माण इटावा के विकास के लिए बेहद जरूरी है। सूखनी नदी पर पुल बनने से नगर का सौन्दर्यकरण बढ़ेगा। वहीं बारिश में इटावा टापू बन जाता है। क्षेत्र के गांवों से संपर्क कट जाता है। कोटा व बारां मार्ग बाधित हो जाता है। इसके बनने से लोगों को बारिश में राहत मिलेगी। <br /><strong>-कैलाश आर्य, पार्षद, न.पा. इटावा</strong></p>
<p> सूखनी नदी पर पुल निर्माण होने से इटावा का विकास होगा। नगर का सौंदर्यकरण बढ़ेगा। साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से इसका जुड़ाव होने से इटावा नगर में आवागमन बढ़ेगा। वर्तमान पुलिया छोटी होने के कारण जाम की समस्या रहती है। आने वाले समय में इस पुलिया की भार वहन क्षमता भी कम रहेगी। पुल निर्माण को लेकर व्यापारियों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पूर्व में ज्ञापन भी दिया था। नदी में पानी आने पर आवागमन भी बाधित नहीं होगा।<br /><strong>-पंकज शर्मा, अध्यक्ष, व्यापार महासंघ, इटावा</strong></p>
<p> नगर में सूखनी नदी पर पुल निर्माण से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। नदी में जब बाढ़ आती है तो लोगों को बहुत परेशानी होती है। पुल बनने से सुविधा मिलेगी। वहीं कोटा व बारां के साथ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट जाता है। वह भी बाधित नहीं होगा। इसके साथ ही इटावा का विकास भी होगा। <br /><strong>-महावीर सुमन, अध्यक्ष, माली समाज, इटावा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br /> पुरानी पुलिया की जल्द ही रिपेयरिंग करवा दी जाएगी। <br /><strong>-मोनू खंगार, कनिष्ठ अभियंता, पीडब्ल्यूडी, इटावा</strong></p>
<p> पुल का शिलान्यास कर कार्य शुरू कर दिया था। बिजली विभाग में राशि जमा कर पोल शिफ्ट करवाए जा रहे हैं। निर्माण में कुछ भूमि खातेदारों की आ रही है। इसको लेकर विभाग को अवगत करा दिया है। उसका समाधान होने के बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा।<br /><strong>-राजपाल सिंह चौधरी, संवेदक </strong></p>
<p> सूखनी नदी पर पुल निर्माण कार्य को लेकर कस्बे वासियों ने उपमुख्यमंत्री को निर्माण में विभिन्न समस्याओं को लेकर अवगत कराया था। इसको लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं पुल स्वीकृत है। बिजली के पोल शिफ्ट करवाए जा रहे हैं। पुलिया में मरम्मत का कार्य जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर करवा दिए जाएंगे। <br /><strong>-नरेश चौधरी, अधिशासी अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, इटावा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 17:45:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कछुआ चाल: हाइलेवल पुल निर्माण 5 साल से अटका  </title>
                                    <description><![CDATA[पुल निर्माण कार्य को शुरू करवाने को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/tortoise-walk--high-level-bridge-construction-stuck-for-5-years/article-79913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/kachua-chaal-highlevell-pool-nirman-5-saal-se-atka...awar,-jhalawar-news-30-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>आवर। कस्बे के निकट बहने वाली दो नदियों के ऊपर बनने वाले हाई लेवल पुल निर्माण कार्य 5 वर्षों से अटका पड़ा है। जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या को देखते हुए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा 27 करोड रुपए की लागत से बनने वाले हाई लेवल पुल निर्माण कार्य को स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ करवा दिया गया। वहीं ठेकेदार ने फास्ट गति से कार्य को करना आरंभ किया। पुल निर्माण में दोनों नदियों के बीच पिलर खड़े कर पिलरों के ऊपर स्लैब डालना शुरू कर दिया गया। क्यासरी नदी में दो पिलर के ऊपर एक स्लैब डाल दिया गया। इस दौरान आतिवृष्टि होने पर नदियों में बने पिलर के ऊपर पानी बह निकला, इससे ठेकेदार रमेश कुमार बंसल ने कार्य को बंद कर दिया गया। जब से लेकर अभी तक ठेकेदार एवं सरकार के बीच पुल निर्माण कार्य को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, इससे यहां रहने वाले आम नागरिकों को आवागमन सहित बारिश के समय मूलभूत सुविधाओं को लेकर भारी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा। पुल निर्माण कार्य को शुरू करवाने को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए। मगर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा कार्य शुरू करवाने को लेकर अपनी जिम्मेदारियां ना निभाकर हर बार उदासीनता ही दिखाई।</p>
<p>पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही के कारण कार्य बंद पड़ा हुआ है। <br /><strong>- संजय जैन, अध्यक्ष नवरत्न परिवार प्रदेश </strong></p>
<p>बारिश के समय मरीजों व प्रसव के लिए महिलाओं को बड़ी परेशानी होती क्योंकि अस्पताल नदी के दूसरी छोर होने से  80 किमी दूर जिला अस्पताल झालावाड़ जाना पड़ता है।<br /><strong>- साजिद </strong><strong>आवर, पूर्व उपसरपंच  </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पूर्व सरकार द्वारा 5 वर्षों से हाई लेवल पुल निर्माण कार्य को लटकाए रखा। भारी बारिश के समय कस्बा टापू में तब्दील हो जाता है। कस्बे का डग- सुकेत मेगा हाइवे से संपर्क कट जाने के कारण व्यापार प्रभावित होता है। पीडब्ल्यूडी विभाग पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाए, इससे आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों से निजात मिले। <br /><strong> -  विमल जैन, सरपंच ग्राम पंचायत आवर</strong></p>
<p>आचार संहिता लगी हुई है शेष कार्य का टेंडर प्रक्रियाधीन है, टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात कार्य करवा दिया जावेगा।  <br /><strong>- हिमांशु दाधीच, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी उपखंड पगारिया </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 May 2024 17:37:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में तेज हवा से ढहा 8 साल से बन रहा पुल</title>
                                    <description><![CDATA[ तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bridge-being-built-for-8-years-collapsed-due-to-strong/article-75763"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/trer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। यह पुल तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के ओडेडु को गार्मिलपल्ली गांव से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। </p>
<p>इस पुल के निर्माण पूरा होने पर मंथनी और परकल तथा भूपालपल्ली और जम्मीकुंटा कस्बों के बीच की दूरी 50 किलोमीटर कम होने की उम्मीद थी। लेकिन 1 किमी लंबा पुल तेज हवा के कारण ही गिर गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 17:57:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में ढहा निर्माणाधीन पुल, टली जनहानि</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने अंतरिम रूप से एक अस्थायी मार्ग का उपयोग करना शुरू कर दिया। घटना रात के दौरान होने से जनहानि टल गयी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bridge-under-construction-collapsed-in-telangana--pospond-loss/article-75722"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/trer-(1)11.png" alt=""></a><br /><p>पेद्दापल्ली। तेलंगाना में पेद्दापल्ली जिले के ओडेडु मुत्तारम मंडल में सोमवार देर रात को एक निर्माणाधीन पुल ढह गया। पुलिस के अनुसार पेद्दापल्ली जिले के ओडेडु और जयशंकर भूपालपल्ली जिले के गार्मिलपल्ली के बीच मनेरू धारा पर बने पुल का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। हालांकि बदलते ठेकेदारों और धन की कमी के कारण निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही थी। </p>
<p>स्थानीय लोगों ने अंतरिम रूप से एक अस्थायी मार्ग का उपयोग करना शुरू कर दिया। घटना रात के दौरान होने से जनहानि टल गयी। घटना की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने मंगलवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का आकलन किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 15:56:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू किया अंडरपास</title>
                                    <description><![CDATA[रेल फाटक बंद होने के बाद पैदल राहगीर रेल पटरियां जान जोखिम में डाल कर पार कर रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/underpass-started-with-half-baked-preparations/article-68736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/adhi-adhoori-tyari-k-sth-shuru-kiye-underpass...chaumhela,-jhalawar-news-31-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला कस्बे के मध्य से गुजर रही दिल्ली-मुंबई रेल लाइन के गेट नंबर 32 पर अंडर पास का काम आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू होने से लोगों के सामने परेशानियां खड़ी हो गई हैं। प्रशासन की उदासीनता व रेलवे की जल्दबाजी के कारण कस्बेवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहे हंै। रेलवे द्वारा रेल लाइन के नीचे अंडर पास के लिए सीमेंट कंक्रीट से बने बॉक्स तो फंसा दिए, लेकिन दो दिन से काम काम बंद है। रेलवे फाटक हटा देने के बाद इस मार्ग पर आवागमन बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। मजबूरन पैदल राहगीर जान जोखिम में डाल कर रेल पटरियां पार कर रहे हैं। चौमहला की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि दिल्ली-मुंबई रेल लाइन कस्बे के मध्य से गुजर रही है। यहीं पर रेलवे फाटक स्थित है। फाटक के एक ओर आधी से अधिक आबादी व मुख्य बाजार स्थित है तो दूसरी ओर आधी से कम आबादी, अस्पताल, बस स्टेंड, तहसील, एसडीएम आफिस, पुलिस थाना, कृषि उपज मंडी, अदालत, मुक्तिधाम स्थित है। बार-बार फाटक बंद रहने से लोगो को परेशानी हो रही थी। बार-बार जाम लगता था। कस्बे वासियों सहित कई संगठनों ने इस फाटक के यहां अंडर पास बनाने की मांग की थी। लेकिन पूरी तैयारियों के साथ काम शुरू नहीं करने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।लोगों ने बताया कि रेल फाटक बंद होने के बाद चौमहला से बाहर जाने व आने का मात्र एक रास्ता ओवर ब्रिज बाईपास मार्ग पर है जो कस्बे से काफी दूर है। इस मार्ग पर विलावली  से ओवर ब्रिज तक डामरीकरण है। लेकिन मल्हारगंज से ओवर ब्रिज तक कच्चा मार्ग है। जिसमें गड्डे हो रहे हैं। जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है तथा काफी धूल उड़ती है। इस मार्ग पर प्रकाश बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। कस्बे से दूर जंगल में बाईपास होने से रात्रि के समय हमेशा दुर्घटना या घटना होने का भय बना रहता है। प्रशासन को सड़क पर डामरीकरण शीघ्र करवाना चाहिए साथ ही सड़क के दोनो ओर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए।</p>
<p><strong>नाले को नहीं किया डायवर्ट</strong><br />रेलवे द्वारा रेल फाटक को बंद कर अंडर ब्रिज के लिए सीमेंट से बने बाक्स लगा दिए। लेकिन पास ही बह रहे नाले को डायवर्ट नही किया जिस कारण नाले के पानी अंडर पास के बाक्स में जमा हो गया है। रेल विभाग द्वारा अप डाउन दोनो लाइनों के नीचे युद्ध स्तर पर काम चला कर अंडर पास के बाक्स लगा दिए तथा ट्रेनों का आवागमन शुरू कर दिया लेकिन दो दिन से काम बंद है जबकि बाक्स के दोनो ओर संपर्क सड़क रास्ता बनाना शेष है।</p>
<p><strong>पटरियां पार कर दूसरी ओर जा रहे हैं पैदल राहगीर</strong><br />रेल फाटक बंद होने के बाद पैदल राहगीर रेल पटरियां जान जोखिम में डाल कर पार कर रहे है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे को यहां एक कर्मचारी को बिठा कर उसको हूटर उपलब्ध करवाना चाहिए। ताकि राहगीरों को वह हूटर के माध्यम से अवगत करा सके।</p>
<p>ओवर ब्रिज से मल्हार गंज तक कच्ची सड़क काफी क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बड़े-बड़े टोल पड़े हैं। जिस कारण दो पहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे हैं। सरकार को शीघ्र सड़क बनानी चाहिए। ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।<br /><strong>- प्रमोद निगम, स्थानीय निवासी</strong></p>
<p> प्रशासन को बाईपास मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि रात्रि के समय वाहन चालकों को असुविधा नहीं हो।<br /><strong>- अशोक मीणा, स्थानीय निवासी</strong></p>
<p>अंडरपास का कार्य जारी है। सभी कार्य व्यवस्थित रूप से होगे। पानी एकत्र हो रहा है, उसे पंप के माध्यम से निकाला जाएगा।<br /><strong>- किरणपाल, सहायक अभियंता, रेलवे, शामगढ़</strong></p>
<p>अंडर पास का कार्य जारी है। अभी केबल शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है।<br /><strong>- पीसी मेहरा, स्टेशन अधीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jan 2024 19:22:34 +0530</pubDate>
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