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                <title>bharat mata ki jai - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>‘भारत माता की जय’ नारा नफरती भाषण नहीं: कर्नाटक उच्च न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[यह फैसला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भाषण की परिभाषा को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bharat-mata-ki-jai-slogan-is-not-hate-speech-karnataka/article-91790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता को रोकने के लिए दंडात्मक प्रावधानों का दुरुपयोग करने की निंदा करते हुए भारत माता की जय नारा लगाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को भी रद्द कर दिया है। कर्नाटक के उल्लाल तालुक के निवासियों पर भारत माता की जय के नारे लगाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने इस नारे को घृणा भाषण या धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त नहीं माना। यह फैसला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले भाषण की परिभाषा को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>यह मामला धारा 153ए का क्लासिक दुरुपयोग </strong><br />न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए का अभूतपूर्व दुरुपयोग है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 153ए के तहत आरोप साबित करने के लिए आवश्यक कोई भी तत्व इस मामले में मौजूद नहीं थे। यह मामला धारा 153ए का क्लासिक दुरुपयोग है, और यह केवल एक प्रतिकार के रूप में दर्ज किया गया था।</p>
<p><strong>यह तो राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है</strong><br />उन्होंने कहा कि ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाना किसी भी तरह से धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा नहीं देता है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा है ,‘भारत माता की जय के नारे की जांच की अनुमति देना यह गलत धारणा को बढ़ावा देने के समान होगा कि ऐसे नारे धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देते हैं।</p>
<p><strong>यह था मामला</strong><br />यह बयान एक महत्वपूर्ण मामले में आया है जहां पांच लोगों पर आरोप था कि उन्होंने भारत माता की जय का नारा लगाया था, जिसे अदालत ने घृणा भाषण या धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त नहीं माना। वरिष्ठ अधिवक्ता एम अरुणा श्याम और अधिवक्ता ई सुयोग हेराले याचिकाकर्ताओं की ओर से जबकि अतिरिक्त राज्य लोक अभियोजक बी एन जगदीश राज्य की ओर से पेश हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 14:31:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>मालवीय नगर में तीन घंटे लेपर्ड की दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[झालाना वन क्षेत्र से निकलकर घुसा आबादी क्षेत्र में, ट्रेंकुलाइज कर घर से बाहर लाने पर लोगों ने भारत माता की जय के लगाए नारे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%98%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%B6%E0%A4%A4/article-3354"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/painthor1.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। झालाना वन क्षेत्र से एक मेल लेपर्ड मालवीय नगर स्थित आबादी क्षेत्र में आ धमका, जिससे स्थानीय निवासियों में हड़कम्प मच गया।  रविवार सुबह 8 बजे मालवीय नगर के सेक्टर-5 और सेक्टर-7 के स्थानीय निवासियों को लेपर्ड की मूवमेंट देखी तो वन विभाग को सूचित किया।  क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे सेक्टर-7 के मकान नम्बर 7/225 से लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया।  इस दौरान डॉ.अशोक तंवर ने लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया।   इसकी पहचान झालाना रिजर्व के मेल लेपर्ड सुल्तान के रूप में हुई है, जिसे रेस्क्यू कर झालाना रेंज ले जाकर स्वाथ्य परीक्षण किया गया।  इससे पहले लेपर्ड मालवीय नगर के सेक्टर-5 के मकान नम्बर 5/04 की छत से होते हुए लॉबी तक पहुंचा।  घर के सदस्यों के शोर मचाने पर लेपर्ड सेक्टर-7 की ओर भागा। इस दौरान मेन रोड पर एक सेलून के गेट का शीशा तोड़ कर पीछे घरों की ओर भागा। गनीमत ये रही कि लेपर्ड ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।<br /> <br /> <strong>एक से दूसरे मकान पर लगाई छलांग</strong><br /> लेपर्ड अमूमन रात के अंधेरे में ही मूवमेंट करते हैं। ऐसा ही नर लेपर्ड सुल्तान के साथ हुआ। जो झालाना लेपर्ड रिजर्व से निकलकर मालवीय नगर की आबादी क्षेत्र की ओर आ गया। इस दौरान सेक्टर-5 के कई घरों की छतों पर मूवमेंट करने के बाद सेक्टर 7 की ओर आया। यहां मकान नम्बर 7/224 खाली प्लाट से मकान नम्बर 7/225 की छत पर चढ़ गया। आगे बढ़ते हुए दो मकानों के बीच गैप में फंस गया। लेपर्ड के मूवमेंट के दौरान कॉलोनी की छतों पर लोगों का हुजूम रहा। <br /> <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 10:47:27 +0530</pubDate>
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