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                <title>सरकारी स्कूलों में घटा नामांकन, इस बार 11 हजार बच्चों ने नहीं लिया एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई का खर्च आसमान छू रहा है। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने में ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/enrollment-decreased-in-government-schools--this-time-11-thousand-children-did-not-take-admission/article-60107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sarkari-school-mein-ghata-namankan,-es-baar-11-hajar-bachchon-ne-nahi-liya-admission-...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा विभाग के अथक प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूलों में नामांकन तेजी से घट रहा है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 11 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने एडमिशन नहीं लिया। जबकि, वर्तमान में साढ़े तीन महीने चले प्रवेशोत्सव में कोटा जिले के 1 हजार से अधिक स्कूलों में 18 हजार विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया। जबकि, सरकार हर स्तर पर क्वालिटी एजुकेशन देने के साथ ड्रेस से कॉपी-किताबें तक मुफत दे रही है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई का खर्च आसमान छू रहा है। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने में ज्यादा रूचि दिखा रहे हैं। इससे सरकारी शिक्षण व्यवस्था पर कई सवाल उठते हैं, आखिर, महंगाई के दौर में इतनी सुविधाएं मिलने के बावजूद नामांकन में कमी क्यों हो रही।</p>
<p><strong>पिछले साल 1.63 लाख थी बच्चों की संख्या</strong><br />कोटा जिले में 1 हजार 56 सरकारी विद्यालय है। इनमें से कई स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं भी संचालित हैं। शिक्षा सत्र 2022-23 में नर्सरी से 12वीं तक कुल 1 लाख 63 हजार 411 विद्यार्थियों का नामांकन था। जिसमें बालकों की संख्या 77 हजार 235 तथा बालिकाएं 86 हजार 175 थी। वहीं, 10वीं-12वीं बोर्ड कक्षाओं की बात करें तो कुल 25 हजार 138 विद्यार्थी थे, जिनकी संख्या वर्तमान में कम हो गई।</p>
<p><strong>इस वर्ष 11 हजार से ज्यादा की गिरावट</strong><br />राजकीय विद्यालयों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 11 हजार 439 विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है। सत्र 2023-24 में नर्सरी से 12वीं तक के कुल स्टूडेंट्स की संख्या 1 लाख 51 हजार 918 है। जबकि, गत वर्ष 1 लाख 63 हजार 411  था। इतना ही नहीं, पिछले साल की अपेक्षा इस बार बोर्ड कक्षाओं में भी 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है। </p>
<p><strong>10वीं-12वीं बोर्ड कक्षाओं में भी घटी संख्या</strong><br />सरकारी स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं में भी इस बार विद्यार्थियों की संख्या में 3 हजार 370 की गिरावट आई है। सत्र 2022-23 में  कक्षा 10वीं-12वीं में 25 हजार 138 विद्यार्थी थे, जिनमें 10वीं में बालकों की संख्या 5 हजार 708 व बालिकाएं 6 हजार 592 थी। इसी तरह 12वीं में छात्र 5 हजार 861 तथा छात्राओं का नामांकन 6 हजार 977 था। वहीं, सत्र 2023-24 में दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 21 हजार 768 विद्यार्थी ही रह गए। इसमें 10वीं में बालकों की संख्या 5 हजार 211 तथा बालिकाएं 6 हजार 563 हैं। वहीं, 12वीं बोर्ड में छात्र 4 हजार 394 तथा छात्राओं की संख्या 5 हजार 800 ही रह गई। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />संजय नगर उड़िया बस्ती निवासी छात्र तुफेल अहमद, विभोर मेहरा का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की चुनाव सहित अन्य कार्यों में ड्यूटी लगी रहती है, जिसकी वजह से वे कक्षाएं नहीं ले पाते। समय पर सिलेबस पूरा नहीं होने से रिजल्ट प्रभावित होता है। इसलिए हमने निजी स्कूल में कक्षा 10वीं एडमिशन लिया है। वहीं, 11वीं की छात्रा फिरदौस खान, संतोष कुमारी, अल्का मेहरा का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंटर बनने से स्कूल संचालित नहीं होता। वहीं, शिक्षकों की कमी होने से क्लास नहीं लग पाती। ऐसे में अगले वर्ष 12वीं बोर्ड की बेहतर तैयारी हो सके, इसके लिए प्राइवेट स्कूल में दाखिला लिया है। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभिभावक</strong><br />बजरंग नगर निवासी ज्ञानदेव नामा का कहना है, सरकारी स्कूल में बच्चों की रिपोर्ट कार्ड पर ठीक से फोकस नहीं किया जाता। जबकि, शिक्षक वेल क्वालिफाइड हैं। लेकिन वे भी कई कामों में उलझे रहते हैं, जिससे बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते। ग्रामीण पुलिस लाइन निवासी भूपेंद्र सिंह कहते हैं, 8वीं पास करने के बाद बेटे का प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाया है, क्योंकि  स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं करवाई जाती। अंगे्रजी की कॉपियों में गलत स्पेलिंग को भी कई बार जांच देते हैं। आगे बोर्ड कक्षा है, इसलिए पास के ही निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं।</p>
<p>नामांकन में कमी के एक नहीं कई कारण हो सकते हैं। सरकारी स्कूलों के प्रति वही पुरानी मानसिकता भी बड़ा कारण है।  सरकार क्वालिटी एजुकेशन देने का पूरा प्रयास कर रही है। लेवल-1 व लेवल-2 के शिक्षकों की भर्ती की है। जहां शिक्षकों की कमी है वहां ई-कंटेंट के जरिए पढ़ाया जा रहा है। स्मार्ट क्लास व कम्प्यूटर लैब सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे में अगले वर्ष नामांकन में वृद्धि देखने को मिलेगी।<br /><strong>- तेज कंवर, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा कोटा संभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 19:12:11 +0530</pubDate>
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                <title>राज. पुलिस की नई पहल: SMS के जरिए मिलेगी परिवादी को FIR की प्रति </title>
                                    <description><![CDATA[ अब एफआईआर पर ईसाइन अनिवार्य कर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--news--new-initiative-of-rajasthan-police--complainant-will-get-copy-of-fir-through-sms/article-7487"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/fir.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस ने परिवादियों की सुविधा के लिए एक और नवाचार किया है। इस नवाचार के तहत पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने वाले परिवादियों को एसएमएस के माध्यम से घर बैठे ही एफआईआर की प्रति उपलब्ध हो सकेगी।</p>
<p><br />महानिरीक्षक पुलिस एससीआरबी  शरत कविराज ने बताया कि एसएमएस के माध्यम से एफआईआर दर्ज होने की सूचना देने के संबंध में पूर्व में ही सुविधा सृजित की गई थी। अब इस सुविधा का विस्तार करते हुए एक लिंक और जोड़ा गया है ।  इस जोड़े गए लिंक के माध्यम से परिवादी ईसाइन की हुई एफआईआर की प्रति प्राप्त कर सकेंगे। अब  एफआईआर पर ईसाइन अनिवार्य कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 15:53:05 +0530</pubDate>
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                <title>‘हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान’ का सर्टिफिकेट ‘लापता’!</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य पुरातत्व विभाग ने एएसआई से कई बार पत्र के जरिए मांगी सर्टिफिकेट की प्रति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E2%80%98%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%91%E0%A4%AB-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E2%80%98%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E2%80%99/article-3392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/24.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। यूनेस्कों ने साल, 2013 में प्रदेश के 6 फोर्ट्स को वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की लिस्ट में शामिल किया था। ‘हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान’ के तहत राजस्थान के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के दो एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के 4 फोर्ट्स को चयनित किया गया था। इनमें आमेर महल (पुरातत्व विभाग), गागरौन फोर्ट (पुरातत्व विभाग), कुंभलगढ़ फोर्ट (एएसआई), चित्तौड़गढ़ फोर्ट (एएसआई), जैसलमेर फोर्ट (एएसआई) और रणथम्भौर फोर्ट (एएसआई) शामिल हैं। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने कई बार दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखकर हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान के सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध करवाने की बात कही, लेकिन दिल्ली स्थित एएसआई मुख्यालय से पुरातत्व विभाग को कोई जवाब नहीं दिया गया है।</p>
<p><br /> दैनिक नवज्योति संवाददाता ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के जयपुर सर्किल और जोधपुर सर्किल के अधिकारियों से हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान के सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध होने की बात पूछी तो कमाल की बात ये है कि दोनों सर्किलों के पास भी सर्टिफिकेट की प्रति नहीं है। जबकि विभाग के ही अधिकारियों का कहना था कि सर्टिफिकेट की प्रति सर्किलों के पास भी होनी चाहिए थी। <br /> <br /> गागरौन फोर्ट हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान की सूची में शामिल है। लेकिन हमारे पास यूनेस्को की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट के प्रति तक नहीं है। इसकी प्रति प्राप्त करने के लिए कई बार निदेशालय स्तर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के दिल्ली स्थित मुख्यालय को निदेशालय स्तर से पत्र लिखा गया है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। - <strong>उमराव सिंह, वृत अधीक्षक, कोटा वृत कोटा</strong><br /> <br /> सर्टिफिकेट की प्रति प्राप्त करने के लिए कई बार पत्र लिखे गए हैं। साथ ही निदेशालय स्तर पर एएसआई के दिल्ली मुख्यालय को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक सर्टिफिकेट की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है। - <strong>डॉ. पंकज धरेन्द्र, अधीक्षक, आमेर महल<br /> </strong><br /> जयपुर सर्किल में रणथम्भौर दुर्ग आता है। ये भी साल, 2013 में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट्स की हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान की सूची में शामिल हुआ था। उस सर्टिफिकेट की प्रति हमारे पास नहीं है। दिल्ली स्थित एएसआई मुख्यालय से ही इस संबंध में जानकारी मिल सकती है। -<strong>डॉ. प्रवीण सिंह, अधीक्षण पुरातत्वविद्, जयपुर सर्किल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग<br /> </strong><br /> यूनेस्को की ओर से हिल फोर्ट्स ऑफ राजस्थान में शामिल किले-महलों के सर्टिफिकेट की प्रति हमारे पास नहीं है। रिकॉर्ड चैक करके बता पाउंगा। -<strong>डॉ. बिरी सिंह, अधीक्षण पुरातत्वविद्, जोधपुर सर्किल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग</strong></p>
<p><strong><br /> 4 बार पत्र लिखे, जवाब एक का नहीं मिला</strong><br /> राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सर्टिफिकेट की प्रति भिजवाने के लिए एएसआई को करीब 4 बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन विभाग ने एक पत्र का भी जवाब नहीं भेजा है। पुरातत्व विभाग के तत्कालीन निदेशक प्रकाश चन्द शर्मा ने सितम्बर, 2021 में भी पत्र भेजा था। अधिकारियों के अनुसार यूनेस्को की ओर से जारी सिक्स हिल्स आॅफ फोर्ट की सूची में पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले आमेर महल और गागरौन फोर्ट भी चयनित हुए थे, तो कम से कम यूनेस्को की ओर से दिए गए सर्टिफिकेट की प्रति विभाग के पास होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Dec 2021 12:25:46 +0530</pubDate>
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