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                <title>dismissal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हेक्सावेयर को बड़ी राहत, अमेरिकी संघीय अदालत ने नैटसॉफ्ट के पेटेंट दावों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी संघीय अदालत ने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे को खारिज कर दिया है। नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा कंपनी के 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफॉर्म्स को दी गई चुनौती को कोर्ट ने निराधार माना। हेक्सावेयर के सीईओ ने कहा कि उन्हें अपने नवाचार और इंजीनियरों की मेहनत पर पूरा भरोसा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-relief-to-hexaware-us-federal-court-rejects-natsofts-patent/article-156774"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hexaware.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। वैश्विक आईटी कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के खिलाफ पेटेंट के एक मामले को अमेरिका की एक संघीय अदालत ने खारिज कर दिया है। हेक्सावेयर ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के इलिनॉय प्रांत के उत्तरी जिले की जिला अदालत ने गत 09 जून को नैटसॉफ्ट कॉर्पोरेशन और उसकी संबद्ध कंपनी अपड्राफ्ट द्वारा हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज इंक के खिलाफ दायर मुकदमे के सभी दावों को खारिज कर दिया है। इनमें नौ पेटेंटों से संबंधित दावे भी शामिल थे।</p>
<p>हेक्सावेयर ने अपने 'अमेज', 'टेनसाई' और 'रैपिडएक्स' प्लेटफ़ॉर्मों में उपयोग की गयी तकनीकों के लिए अमेरिकी पेटेंट प्राप्त किये हैं। साथ ही टेनसाई से संबंधित एक अतिरिक्त अमेरिकी पेटेंट को भी हाल ही में स्वीकृति मिली है तथा उसके जल्द जारी होने की उम्मीद है। इन पेटेंटों को नैटसॉफ्ट ने अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने पाया कि जिन पेटेंटों का दावा किया गया था, वे किसी विशिष्ट और ठोस आविष्कार की बजाय व्यापक और अमूर्त विचारों का दावा करते हैं, इसलिए वे अमेरिकी कानून के तहत पेटेंट संरक्षण के योग्य नहीं हैं। चूंकि संघीय पेटेंट दावों को खारिज कर दिया गया, इसलिए अदालत ने संबंधित राज्य-स्तरीय दावों पर अधिकार क्षेत्र बनाये रखने से भी इनकार कर दिया और उन्हें भी खारिज कर दिया।</p>
<p>नैटसॉफ्ट को संशोधित शिकायत दाखिल करने के लिए समय दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो अदालत अंतिम निर्णय जारी करने की संभावना रखती है। हेक्सावेयर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी को पहले दिन से ही अपने पक्ष में फैसला आने का पूरा विश्वास था। ये प्लेटफ़ॉर्म कंपनी के अपने अनुसंधान और उसके इंजीनियरों के वर्षों के निवेश का परिणाम हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:27:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वज्र प्रहार: एक आरएएस सहित 20 की गई नौकरी ; 332 निलंबित 17 की पेंशन बंद, भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ  मिशन जीरो टोलरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक आरएएस सहित 20 भ्रष्ट अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने 332 कार्मिकों को निलंबित किया और 17 सेवानिवृत्त अधिकारियों की आजीवन पेंशन रोकी है। कुल 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति देकर 577 मामलों की जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharmas-thunderbolt-20-jobs-including-one/article-155573"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक एक आरएएस अधिकारी सहित 20 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है जबकि 332 अधिकारियों और कार्मिकों को निलंबित किया गया है। 17 कार्मिकों की पेंशन बंद की गई है तथा 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी कर भ्रष्टाचार के आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के 577 मामलों की जांच जारी है। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के प्रहार से इन अधिकारियों की गई नौकरी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री के प्रहार के बाद सेवा से हटाए गए अधिकारियों में आरएएस नरसिंह, उपनिदेशक डॉ. पीआर खींची, सहायक आचार्य डॉ, सुनील व्यास, तकनीकी शिक्षा की प्रवक्ता प्रियंका दिवाकर और कृषि अधिकारी शीना लुकोश शामिल हैं। वहीं व्याख्याता अमृत लाल मीणा, सहायक आचार्य वैजयंती मीणा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार, खनिज अभियंता अनिल खिमेसरा और लेखा सेवा के नरेंद्र तंवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह एवं पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक संजय पांडे को सेवा से हटाया गया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन विकास अधिकारी सुवाणा भीलवाड़ा भरत प्रकाश मेघवाल, तत्कालीन कृषि उप निदेशक झुंझुनूं राजेश कुमार नैनावत, तत्कालीन सहायक आयुक्त भरतपुर वित्त कर महावीर सिंह आसीवाल, तीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम मोहन सिंह चौहान सीएचसी बिछीवाड़ा डूंगरपुर, डॉ. मुरलीधर शर्मा सीएचसी रामगढ़ पचवारा दौसा और डॉ. मनोहर लाल सीएचसी रामगढ़ अलवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। पीएचईडी की अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती और हरिसिंह मीना तत्कालीन एपीपीए एसीजेएम-4 कोटा को एसीबी कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद नौकरी से हटाया गया है।</p>
<p><strong>सेवानिवृत्ति के बाद भी कार्रवाई </strong></p>
<p>सरकार ने 17 अधिकारियों को भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मामलों में आजीवन शत-प्रतिशत पेंशन रोक कर दण्डित किया है। उन्होंने आरएएस फतेह राय सोनी, पीटीआई फूलाराम फगेड़िया, अतिरिक्त निदेशक खान राकेश हीरात और आरपीएस ओमप्रकाश चंदोलिया की आजीवन पूरी पेंशन एवं चिकित्सा अधिकारी डा. निधि मेहरोत्रा की पूर्ण पेंशन एवं ग्रेच्युटी आजीवन रोककर दंडित किया है। आजीवन पेंशन रोकने वाले अधिकारियों में बनवारी लाल मीणा, आरएएसए उप सचिव नगर विकास न्यास अलवर, चिकित्सा विभाग के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक चंद गगरानी, डॉ. शिवनारायण यादव, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सीएचसी नीमराणा अलवर देवेन्द्र सिंह ढिल्लो, आरएएसए उप सचिव यूआईटी अलवर मनोहर लाल सिसोदिया, बीडीओ कपासन तत्कालीन कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कोठारी सीएचसी मांडलगढ भीलवाड़ा, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, चिकित्साधिकारी गंगरार-चित्तौडगढ़, नृसिंह रेबारी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रतापगढ़, सुरेश माथुर, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी जैसलमेर, महेन्द्र सिंह आरपीएस वृत्ताधिकारी सवाई माधोपुर, डॉ. लक्ष्मण दत्त शर्मा चिकित्साधिकारी निवाई टोंक, डॉ. अविनाश कुमार शर्मा सहायक निदेशक पशुधन विकास बांसवाड़ा, देशराज नूनिया, अधिशासी अभियंता आईजीएनपी मोहनगढ़ जैसलमेर शामिल हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अशोक कुमार शर्मा की 3 वार्षिक वेतन वृद्धियां वापस ली गई हैं। </p>
<p><strong>अभियोजन के बाद गिरी गाज </strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा 577 प्रकरणों में जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसी प्रकार अखिल भारतीय सेवा के 9 प्रकरणों की जांच जारी है। उन्होंने रिश्वत, ट्रैप, पद का दुरूपयोग, आय से अधिक संपत्ति प्रकरणों के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 09:10:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में विद्युत संकट से हाहाकार, 24 घंटे बिजली देने का दावा निकला जुमला : सुप्रिया श्रीनेत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सोशल मीडिया चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश में भीषण बिजली कटौती पर योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच 75 जिलों में जनता त्रस्त है और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। कांग्रेस ने 24 घंटे बिजली देने में विफल जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-power-crisis-in-uttar-pradesh-the-claim-of/article-154841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विद्युत कटौती से हाहाकार मचा हुआ है और जनता घोर संकट का सामना कर रही है। कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली कटौती से विकराल स्थिति उत्पन्न हो गयी है। जनता तकलीफें झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि देश के 50 सबसे गर्म शहरों में से 26 शहर उत्तर प्रदेश के हैं, लेकिन भीषण गर्मी के बीच लोगों को 24 घंटे में केवल सात-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ से लेकर बलिया तक लोग बिजली संकट से परेशान हैं और कई जगहों पर लोग रात में घरों से निकलकर सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ तक में घंटों बिजली गुल रहने से अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक्स-रे और स्कैन जैसी सुविधाएं ठप पड़ गयी हैं। कानपुर देहात के मेडिकल कॉलेज के छात्रों को देर रात तक बिजली नहीं मिलने के कारण धरने पर बैठना पड़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बिजली संकट का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, क्योंकि मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान सभी इस समस्या से परेशान हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, तो प्रशासन उनकी समस्याएं सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों को मुकदमे की धमकी दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, “रामराज्य लाने की बात बाद में कीजिए, पहले लोगों को इस भीषण गर्मी और बिजली संकट से राहत दिलाइए।” कांग्रेस ने राज्य सरकार से बिजली व्यवस्था तुरंत सुधारने और ‘24 घंटे बिजली’ के दावों के लिए जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:45:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बार-बार पेपर लीक पर जवाब दें केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्री को तुरंत करें बर्खास्त : राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार हो रहे नीट पेपर लीक मामलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से 'परीक्षा पे चर्चा' पर चुप्पी तोड़ने का आग्रह करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही इन विफलताओं से देश के छात्रों का भरोसा टूट रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-should-respond-to-repeated-paper-leaks-rahul-gandhi/article-154148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर हैरानी जताई और कहा कि इसके लिए उन्हें तत्काल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करना चाहिए। राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर बार-बार लीक होने की घटना से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने इस पर आगे लिखा कहा "2024 में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था लेकिन परीक्षा रद्द नहीं की गई, मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई गई और एक समिति बनाई गई। अब 2026 का भी पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द करनी पड़ी, मंत्री ने फिर भी इस्तीफा नहीं दिया, सीबीआई जांच कर रही है और एक अन्य समिति बनाए जाने की बात हो रही है।"</p>
<p>राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "देश कुछ सवाल पूछ रहा है, जवाब दो। बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। इस 'परीक्षा पे चर्चा' पर आप चुप क्यों हैं। बार-बार विफल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।" कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हो रहा है तथा केंद्र सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:39:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राशन डीलर्स से अफसर की मिलीभगत गरीबों का 63 लाख का गेंहू डकार गए, सचिव की जांच में और ज्यादा मिला गेंहू गबन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में 63 लाख रुपये के गेहूं गबन मामले में प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में खैरथल-तिजारा के आठ डीलर्स के साथ मिलकर 2,338 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी उजागर हुई। सरकार आरोपी अधिकारी और डीलर्स से पूरी राशि की वसूली करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/officers-collusion-with-ration-dealers-wheat-worth-rs-63-lakh/article-151515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rasan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मिलने वाले गेंहू का आठ राशन डीलर्स के साथ मिलकर 63 लाख के 2,338 क्विंटल गेंहू का गबन करने के आरोप में खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार ने खैरथल-तिजारा की ईओ (प्रवर्तन अधिकारी) रहीं रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त किया है। खींची को अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की जांच में दोषी पाए जाने पर पहले दंड के रूप में एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश 14 अगस्त 2025 को किया गया था, लेकिन खुद को निर्दोष बताते हुए रेखा ने इसकी सुनवाई अपील 27 फरवरी 2026 को सचिव अम्बरीश कुमार के यहां कर दी। उन्होंने सुनवाई के बाद तथ्यों की जांच में दोष को अत्यंत गंभीर मानते हुए वेतन वृद्धि को नाकाफी माना और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया।  </p>
<p>मामले की शिकायत किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने सीएमओ में की थी। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त ने जांच में छह दुकानों पर 1842.26 क्विंटल गेंहू का गबन माना, लेकिन जब सचिव स्तर पर मामले की गहन जांच हुई तो रेखा के 2 साल 6 माह के कार्यकाल में आठ डीलर्स के यहां अनियमितताएं और गबन हुए गेंहू की मात्रा 2338 क्विंटल मिली। </p>
<p><strong>रेखा से 15.75 लाख और डीलर्स से 47.25 की वसूली भी होगी </strong></p>
<p>27 रुपए प्रति किलोग्राम गेंहू का मूल्य तय कर गबन हुए 63 लाख रुपए के सरकारी गेंहू की कीमत अब रेखा खींची और डीलर्स से वसूली जाएगी। रेखा से 25 फीसदी यानी 15.75 लाख और दोषी डीलर्स से 47.25 लाख रुपए की वसूली तीन माह में होगी। खींची के प्रोबीडेन्ट फंड, जीपीएफ या पेंशन फंड से राशि ली जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:38:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>हिमाचल प्रदेश में एक्शन : नशीले पदार्थों की तस्करी में 2 पुलिसकर्मी संलिप्त, बर्खास्तगी के आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में संलिप्तता के आरोप में 2 पुलिस कांस्टेबल संदीप कुमार और जुगल किशोर को बर्खास्त कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/orders-for-dismissal-of-2-policemen-involved-in-smuggling-action/article-111238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/2567rtrer3.png" alt=""></a><br /><p>शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में संलिप्तता के आरोप में 2 पुलिस कांस्टेबल संदीप कुमार और जुगल किशोर को बर्खास्त कर दिया है। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी के अनुसार राज्य के इतिहास में शायद यह पहली बार है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की गई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए। शिमला पुलिस में तैनात दोनों कांस्टेबलों को कथित संलिप्तता सामने आने के बाद शुरू में कैंथू पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद आरोपियों को जवाब देने का अवसर देते हुए औपचारिक नोटिस दिए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनके जवाबों की समीक्षा की और उन्हें असंतोषजनक पाया, जिसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्देश दिया गया।</p>
<p>जांच में पता चला कि दोनों कांस्टेबलों के सिंडिकेट से संबंध थे, जो इस क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात नशीले पदार्थ को तस्करी गिरोह है। इस कदम को व्यापक रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सरकार की ओर से एक सख्त संदेश और सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के प्रति इसकी शून्य-सहिष्णुता नीति का प्रतिङ्क्षबब माना जा रहा है। यह आंतरिक जवाबदेही और अनुशासन की ओर प्रशासनिक ध्यान में बदलाव का भी संकेत देता है।</p>
<p>पुलिस ने कहा कि व्यापक कार्रवाई में शिमला जिले में 24 सरकारी कर्मचारियों को चिट्टा नामक सिंथेटिक नशीले पदार्थ  की तस्करी में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में स्वास्थ्य, शिक्षा, वन और राजस्व जैसे विभागों के अधिकारी शामिल हैं - जिनमें डॉक्टर, शिक्षक, तहसील कल्याण अधिकारी, वन रक्षक और पटवारी शामिल हैं। राज्य सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 60 सरकारी कर्मचारी ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। दो कांस्टेबलों की बर्खास्तगी के बाद, अन्य आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 16:08:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>संसद भवन से विजय चौक तक विपक्ष का मार्च, टेनी को बर्खास्त करने और राज्य सभा के सदस्यों का निलम्बन रद्द करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[निलम्बित सदस्य शीतकालीन सत्र के आरंभ में निलम्बित किये जाने के बाद से ही संसद भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%AF-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%95-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A--%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97/article-3402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/march.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस, द्रमुक, शिव सेना सहित प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी मामले में गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने तथा राज्य सभा के सदस्यों का निलम्बन रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को संसद भवन से विजय चौक तक मार्च किया। इन दलों के नेताओं ने पिछले सप्ताह भी संसद भवन से विजय चौक तक मार्च निकाला था। निलम्बित सदस्य शीतकालीन सत्र के आरंभ में निलम्बित किये जाने के बाद से ही संसद भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लखीमपुर खीरी नरसंहार में शहीद किसानों के परिजनों को न्याय दिलाने की उनकी जंग जारी है। विपक्ष के मार्च का नेतृत्व कर रही कांग्रेस का कहना है कि हमारी मांग स्पष्ट है,..प्रधानमंत्री को अपने प्रिय गृह राज्य मंत्री को पद से बर्खास्त करना ही होगा।</p>
<p><br /> इससे पहले विपक्ष के सदस्यों ने सुबह राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े के कक्ष में बैठक की जिसमें राज्य सभा सदस्यों के निलंबन को रद्द करने, लखीमपुर खीरी मुद्दे पर गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग और शेष सत्र के लिए दोनों सदनों में कामकाज के समग्र संचालन पर की रणनीति पर विचार किया गया। <br /> <br /> <strong>अजय मिश्रा को हटाना ही पड़ेगा: राहुल</strong><br /> कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि लखीमपुर खीरी में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र 'टेनी' के पुत्र की जीप से किसानों को कुचला गया है, इसलिए सरकार को इस बारे में देश की जनता को जवाब देना होगा और केंद्रीय मंत्री को हटाना पड़ेगा। गांधी ने मंगलवार को संसद भवन से विजय चौक तक विपक्ष के मार्च के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दल लखीमपुर खीरी के मामले को बार-बार उठा रहे हैं। तथ्यों के आधार पर स्पष्ट है कि मंत्री पुत्र ने किसानों को मारा है और मंत्री की जीप के नीचे उनको कुचला गया है। इस बारे में जांच दल की रिपोर्ट आई है और रिपोर्ट से साफ है कि एक साजिश के तहत किसानों को जीप से कुचलने का काम हुआ है।<br /> <br /> उन्होंने मीडिया पर भी अपना काम सही तरीके से नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि मीडिया ध्यान बदलने का प्रयास करता हैं। आज न मीडिया अपना काम कर रहा है और न ही सरकार अपना काम कर रही है। सच्चाई यह है कि ङ्क्षहदुस्तान के एक मंत्री के पुत्र ने किसानों को जीप के नीचे कुचलने का काम किया है। प्रधानमंत्री एक तरफ किसानों से माफी मांगते हैं और दूसरी तरफ 'हत्यारे' मंत्री को अपने मंत्रिमंडल में बनाये रखे हैं। देश की जनता के साथ जो किया जा रहा है, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Dec 2021 15:56:00 +0530</pubDate>
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