<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/concerns/tag-10960" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>concerns - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/10960/rss</link>
                <description>concerns RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों का पक्षधर: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-favors-bilateral-relations-based-on-respect-for-each-others/article-81072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके बधाई संदेश के लिए धन्यवाद दिया और साथ ही कहा कि भारत आपसी समझ तथा एक-दूसरे की चिंताओं के सम्मान के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।</p>
<p>मोदी ने कनाडा की ओर से खालिस्तान समर्थक तत्वों को बढ़ावा देने के संदर्भ में उक्त बातें कहीं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लगातार तीसरी बार देश का नेतृत्व संभालने के बाद एक्स पर कहा कि बधाई संदेश के लिए ट्रूडो को धन्यवाद। भारत आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान के आधार पर कनाडा के साथ काम करने को उत्सुक है।</p>
<p>मोदी कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो के एक बधाई संदेश का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित हमारे देशों के लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा उनकी (भारत की) सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।</p>
<p>भारत ने राजनीतिक लाभ को खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए कनाडा को बार-बार चेतावनी दी है।</p>
<p>मई में तत्कालीन विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि कनाडा अपने घरेलू राजनीतिक हितों को साधने के लिए खालिस्तान समर्थक तत्वों को समर्थन देता है और इसके कारण भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं, और चेतावनी दी थी कि 'ऐसे लोगों को जो अपराधी हैं को आश्रय देना कनाडा के लिए ही नुकसान दायक होगा। </p>
<p>महाराष्ट्र के नासिक में एक कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी बाहरी देश में हिंसा की वकालत करने, अलगाववाद या आतंकवाद का समर्थन करने की स्वतंत्रता नहीं हो सकती है लेकिन खालिस्तानियों का एक समूह है जिसने कनाडा में दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है - अभी नहीं, वे वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। कनाडा की राजनीति में ये तत्व वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा हैं, और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज मैं एक तथ्य बताऊंगा कि इन लोगों की गतिविधियों के कारण हमारे द्विपक्षीय संबंध खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनयिकों को खालिस्तानी तत्वों द्वारा धमकियों का सामना करना पड़ता है और एक बार राजनयिक के घर पर भी धुआं बम फेंका गया था।</p>
<p>डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि जिसने भी भारत के खिलाफ अलगाववाद का समर्थन किया उसे कनाडा में 'आश्रय' दिया गया।</p>
<p>डॉ. जयशंकर की यह टिप्पणी तब आई है जब पिछले साल कनाडा में अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया था।</p>
<p>निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की 'संभावित' संलिप्तता के पिछले साल सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया। भारत ने हालांकि उक्त आरोपों को खारिज कर दिया है।</p>
<p>गत आठ जून को वैंकूवर में भारत के वाणिज्य दूतावास के सामने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके गोलियों से छलनी शरीर के पुतलों तथा उनकी हत्या करने वाले सिख अंगरक्षकों के पुतले के साथ खालिस्तानी अलगाववादियों के इकठ्‌ठा होने की तस्वीरें सामने आने पर कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि कनाडा में हिंसा को बढ़ावा देना कभी भी स्वीकार्य नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-favors-bilateral-relations-based-on-respect-for-each-others/article-81072</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-favors-bilateral-relations-based-on-respect-for-each-others/article-81072</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 16:52:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/modi.png"                         length="488678"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में कोरोना के 2,830 नए मामले: चीन की आर्थिक राजधानी में लगे लॉकडाउन ने बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[शंघाई में नई कोविड लहर के कारण सात और लोगों की मौत हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/2-830-new-cases-of-corona-in-china---lockdown-in-the-financial-capital-of-china-raised-concerns/article-8325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/lokdaun.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की जन्मस्थली चीन में इस संक्रमण के 2,830  नए मामले दर्ज किए गए हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने गुरुवार को बताया कि देश में बुधवार को कोविड-19 के 2,830 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 2,634 में सामने आए हैं।<br /><br />ग्लोबल सप्लाई चेन पर हो रहा असर<br />चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में कोरोना ने एक बार फिर पैर पसार लिए हैं। ऐसे में पूरी दुनिया में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। शंघाई में पिछले एक महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है। जहां सड़कों से ट्रैफिक नदारद है, वहीं दूसरी तरफ  पूर्वी चीन सागर में ट्रैफिक जाम लगा हुआ है। <br /><br /><strong>7 लोगों की मौत</strong><br />शंघाई में नई कोविड लहर के कारण सात और लोगों की मौत हो गई है। इस तरह दो दिन में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। चीन में संक्रमण से अब तक 4,648 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 21,400 नए मामले सामने आए। इनमें अधिकतर मामले शंघाई में दर्ज हुए। 24 घंटे में स्थानीय स्तर पर संक्रमण के 3,297 नए मामले सामने में आए। जिसमें से 3,084 नए मरीज शंघाई में मिले।<br /><br /><strong>सुस्त होगी देश की आर्थिक रफ्तार</strong><br />समुद्र में लगे इस ट्रैफिक जाम से ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ रहा है। क्योंकि शंघाई का बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है। वहीं शंघाई चीन के साथ दुनिया के अन्य देशों के आर्थिक कारोबार के लिए भी काफी महत्व रखता है। चीन के इलेक्ट्रिक कार मार्कर एक्सपेंग ने कहा कि अगर शंघाई और आसपास के इलाकों में सप्लायर्स फिर से काम शुरू नहीं कर सकते हैं तो वाहन निर्माताओं को अगले महीने प्रोडक्शन रोकना पड़ेगा।<br /><br /><strong>बंदरगाह में खड़े दिख रहे जहाज</strong> <br />लॉकडाउन के चलते पूरे शंघाई में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इसका सबसे बुरा असर शंघाई बंदरगाह पर देखने को मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज खड़े होने के कारण ट्रैफिक जाम लग गया है। बंदरगाह से कई किलोमीटर दूर समुद्र में भी जहाज खडेÞ नजर आ रहे हैं। माल उतारने और चढ़ाने की इजाजत न होने के कारण जहाज के कू्र भी समुद्र में फंसे हुए हैं। कई जहाजों पर तो खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की चीजों की भी कमी होने लगी है। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों में शंघाई बंदरगाह पर जहाजों की उपस्थिति को दिखाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/2-830-new-cases-of-corona-in-china---lockdown-in-the-financial-capital-of-china-raised-concerns/article-8325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/2-830-new-cases-of-corona-in-china---lockdown-in-the-financial-capital-of-china-raised-concerns/article-8325</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 18:23:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/lokdaun.jpg"                         length="75146"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोविशील्ड वैक्सीन दूसरे डोज के बाद सिर्फ तीन महीने ही प्रभावी</title>
                                    <description><![CDATA[ताजा स्टडी ने बढ़ाई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80/article-3423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/covidshild.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। कोविशील्ड वैक्सीन के प्रभाव को लेकर की गई ताजा स्टडी ने भारत समेत कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी है। प्रसिद्ध सांइस जर्नल द लांसेट में प्रकाशित एक स्टडी में दावा किया है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड वैक्सीन की दो खुराक लेने के तीन महीने बाद इससे मिलने वाली सुरक्षा घट जाती है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को ही भारत में कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है। भारत समेत कई देशों के लिए इस वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करती है। स्टडी में बताया गया है कि ब्राजील और स्कॉटलैंड से मिले डेटा के आधार पर निकाले गए रिजल्ट से पता चलता है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवा चुके लोगों को गंभीर रोग से बचाने के लिए बूस्टर खुराक की जरूरत है। शोधकतार्ओं ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके स्कॉटलैंड में 20 लाख लोगों और ब्राजील में 4.2 करोड़ लोगों से जुड़े आंकड़े का विश्लेषण किया।</p>
<p><strong><br /> अस्पताल में भर्ती होने और मौत की गुंजाइश पांच गुनी ज्यादा</strong><br /> शोधकतार्ओं ने बताया कि स्कॉटलैंड में दूसरी डोज लेने के दो हफ्ते बाद की तुलना में करीब पांच महीने बाद शरीर में मौजूद एंटीवायरस की जांच पड़ताल की। जिसके बाद उन्हें पता चला कि दोनों डोज लेने के करीब पांच महीने बाद कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती होने या मौत होने की गुंजाइश पांच गुना बढ़ गई। उन्होंने यह भी बताया कि वैक्सीन की क्षमता में पहली बार कमी दोनों डोज लगने के करीब तीन महीने बाद दिखाई दी। ऐसी स्थिति में दूसरी खुराक लेने के दो हफ्तों की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने और मौत का खतरा भी दोगुना पाया गया। स्कॉटलैंड और ब्राजील के शोधकतार्ओं ने पाया कि दूसरी खुराक के बाद महज चार महीने पर अस्पताल में भर्ती होने की संभावना और मौत का खतरा तीन गुना बढ़ गया। अध्ययनकतार्ओं के मुताबिक, इसका मतलब है कि प्रभाव क्षमता में कमी टीके का प्रभाव घटने और वायरस के स्वरूपों के प्रभाव के चलते आई।</p>
<p><strong><br /> वैक्सीन की ताकत कम होने से वैज्ञानिक भी परेशान</strong><br /> यूनिवसिर्टी ऑफ एडिनबर्ग,यूके के प्रोफेसर अजीज शेख ने कहा कि महामारी से लड़ने में टीका एक महत्वपूर्ण उपाय है, लेकिन उसकी प्रभाव क्षमता का कम होना चिंता का विषय है। शेख ने कहा कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका टीके की प्रभाव क्षमता कम पड़ने की शुरूआत होने का पता लगने से सरकारों के लिए बूस्टर खुराक का कार्यक्रम तैयार करना संभव होगा, जिससे अधिकतम सुरक्षा बरकरार रखना सुनिश्चित हो पाएगा। स्टडी कर रही टीम ने स्कॉटलैंड और ब्राजील के बीच आंकड़ों की तुलना भी की क्योंकि दोनों देशों में दो खुराक के बीच 12 हफ्ते का एक समान अंतराल है। हालांकि, अध्ययन अवधि के दौरान दोनों देशों में कोरोना वायरस का प्रबल स्वरूप अलग-अलग था। स्कॉटलैंड में डेल्टा जबकि ब्राजील में गामा स्वरूप था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80/article-3423</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AB-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%80/article-3423</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Dec 2021 12:15:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/covidshild.jpg"                         length="73535"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        