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                <title>जस शो 2026 को मिला वैश्विक गौरव, हीरा उद्योग के दिग्गज मावजीभाई पटेल होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित JAS शो 2026 को इस बार वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। ₹20,000 करोड़ से अधिक के डायमंड एक्सपोर्ट वाले 'किरण जेम्स' के संस्थापक मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन से भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jas-show-2026-gets-global-glory-diamond-industry-veteran-mavjibhai/article-155420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित देश के प्रतिष्ठित जेम्स एवं ज्वेलरी व्यापारिक आयोजन JAS शो 2026 को इस वर्ष वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। आयोजन समिति ने घोषणा की है कि विश्व के अग्रणी डायमंड उद्योगपति एवं किरण जेम्स के संस्थापक-चेयरमैन मावजीभाई पटेल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला एवं जस शो कन्वीनर अशोक माहेश्वरी ने बताया कि मावजीभाई पटेल की उपस्थिति से आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व की अग्रणी पॉलिश्ड डायमंड कंपनियों में शामिल Kiran Gems के संस्थापक इस आयोजन से जुड़ रहे हैं।</p>
<p>बताया गया कि किरण जेम्स का वार्षिक डायमंड एक्सपोर्ट 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक है तथा कंपनी ने 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़कर उद्योग जगत में विकास और विश्वास का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 1985 में स्थापित कंपनी आज रफ डायमंड प्रोसेसिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव अजय गोधा ने कहा कि मावजीभाई पटेल केवल सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि भारतीय हीरा उद्योग की प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं। अपने दूरदर्शी नेतृत्व, मेहनत और नैतिक व्यापारिक मूल्यों के बल पर उन्होंने भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर में एल. गोपाल ज्वेलर्स प्रा.लि. के नए शोरूम का हुआ उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सी-स्कीम में प्रतिष्ठित ब्रांड एल.गोपाल ज्वेलर्स के नए शोरूम का भव्य उद्घाटन हुआ। फाउंडर जगमोहन सोनी के अनुसार, यह शोरूम ग्राहकों को उत्कृष्ट गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ गोल्ड, डायमंड, कुंदन और ब्राइडल ज्वेलरी का एक्सक्लूसिव कलेक्शन देगा। उद्घाटन के मौके पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर्स भी पेश किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-showroom-of-l-gopal-jewelers-pvt-inaugurated-in-jaipur/article-155425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर के प्रतिष्ठित ज्वेलरी ब्रांड एल.गोपाल ज्वेलर्स प्रा.लि. (ए यूनिट आॅफ  जगमोहन सोनी) के नए शोरूम का उद्घाटन गुरुवार को जयपुर के सी-स्कीम स्थित लक्ष्मी पथ, अशोक मार्ग पर हुआ। उद्घाटन समारोह में शहर के कई गणमान्य अतिथि, उद्योग जगत से जुडेÞ लोग एवं बड़ी संख्या में ग्राहक उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान के फाउंडर जगमोहन सोनी ने बताया कि एल.गोपाल ज्वेलर्स हमेशा से ग्राहकों को उत्कृष्ट गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं विश्वास के साथ श्रेष्ठ आभूषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जयपुर में नए शोरूम की शुरुआत ग्राहकों को आधुनिक डिजाइन एवं पारंपरिक कारीगरी का शानदार संगम उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि नए शोरूम में ग्राहकों को गोल्ड, डायमंड, कुंदन, पोलकी एवं ब्राइडल ज्वेलरी का एक्सक्लूसिव और आकर्षक कलेक्शन देखने को मिलेगा। उद्घाटन अवसर पर ग्राहकों के लिए विशेष आॅफर्स और नई डिजाइनों की शृंखला भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में शोरूम की भव्य सजावट एवं राजस्थानी संस्कृति से प्रेरित इंटीरियर आकर्षण का केंद्र रहे। अतिथियों ने नए शोरूम की आधुनिक सुविधाओं और शानदार कलेक्शन की सराहना की। एल.गोपाल ज्वेलर्स परिवार ने जयपुरवासियों से मिले स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बेहतर सेवाएं देने का विश्वास जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस में मिला 340 कैरेट का हीरा : अब तक का सबसे बड़ा हीरा, बाजार के दामों के लिए भी है खास </title>
                                    <description><![CDATA[रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में वी. ग्रिब भंडार से 340 कैरेट का दुर्लभ उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है, जो आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में शामिल है। गवर्नर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की के अनुसार यह हीरा आकार, गुणवत्ता और मूल्य में खास है। इसका विकास एजीडी डायमंड्स द्वारा किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/340-carat-diamond-found-in-russia-is-the-biggest-diamond/article-129625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में एक भंडार से 340 कैरेट का एक उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है। स्थानीय गर्वनर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की ने यह जानकारी दी। त्सिबुल्स्की ने कहा कि यह हीरा आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में से एक है और यह स्थानीय वी. ग्रिब भंडार के औद्योगिक विकास के दौरान मिला। यह अब तक का सबसे बड़ा हीरा है।</p>
<p>गवर्नर के अनुसार, यह रत्न न केवल अपने असाधारण आकार के लिए, बल्कि अपनी गुणवत्ता और बाजार के दामों के लिए भी खास है। उन्होंने कहा- ऐसे सभी प्राकृतिक हीरों की तादाद दो प्रतिशत से अधिक नहीं हैं।</p>
<p>वी. ग्रिब भंडार का विकास रूसी हीरा खनन कंपनी एजीडी डायमंड्स द्वारा किया गया है। रूस मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश है, जबकि इसका आर्कान्जेस्क क्षेत्र देश का एक प्रमुख हीरा खनन क्षेत्र है।</p>
<p>कोहिनूर हीरा करीब 190 कैरेट का था पर बाद में तराशे जाने के बाद इसका कैरेट कम होता चला गया। दुनिया का सबसे अधिक कैरेट के हीरों में कलिनन ( 3106 कैरेट)  और सर्जियो (3167 कैरेट) को  माना जाता है। कैरेट का रत्नों में उनके वजन से और सोने में शुद्धता से होता है। वजन में देखें तो एक कैरेट का वजन 200 मिलीग्राम होता है। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 12:33:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रफ डायमंड जेमस्टोन सोर्सिंग शो के 10 वें संस्करण का हुआ उ‌द्घाघटन </title>
                                    <description><![CDATA[ जीजेईपीसी के सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित जीजेईपीसी प्रतिनिधियों और अन्य व्यापार सदस्यों द्वारा सीमा शुल्क अधिकारियों स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/10th-edition-of-rough-diamond-gemstone-sourcing-show-inaugurated%C2%A0/article-88908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6633-copy54.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा आयोजित इंडिया रफ जेमस्टोन्स सोर्सिंग शो 2024 (आईआरजीएसएस) के 10वें संस्करण का उ‌द्घाटन  जयपुर में सीमा शुल्क के अतिरिक्त आयुक्त  नीरज दुबे ने किया। जयपुर में प्रमुख उ‌द्योग प्रतिनिधियों के साथ  के.एम. मीना, सहायक सीमा शुल्क आयुक्त, एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (एसीसी), जयपुर ने भी उपस्थिति दर्ज की। यह शो 5वीं मंजिल, मॉल 21, भगवान दास रोड, सी-स्कीम, जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। उ‌द्घाटन समारोह में जीजेईपीसी के क्षेत्रीय अध्यक्ष  निर्मल बरडिया; बी. एन. गुप्ता, संयोजक, एसएफटी/एसएस/सीएफजे पैनल;  विजय केडिया,  रामबाबू गुप्ता,  डी पी खंडेलवाल, क्षेत्रीय और रंगीन रत्न समिति, जीजेईपीसी के सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित जीजेईपीसी प्रतिनिधियों और अन्य व्यापार सदस्यों द्वारा सीमा शुल्क अधिकारियों स्वागत किया।</p>
<p>शो के बारे में बोलते हुए, जीजेईपीसी के अध्यक्ष, विपुल शाह ने कहा, "इंडिया रफ जेमस्टोन्स सोर्सिंग शो के 10वें संस्करण को देखना संतुष्टिदायक है, यह एक मील का पत्थर है जो एक पहल की सफलता का प्रतीक है जिसे हमने यह सुनिश्चित करने के लिए COVID-19 महामारी के दौरान जयपुर में हमारे रंगीन रत्न निर्माताओं को कच्चे रत्नों की निर्बाध आपूर्ति के लिए शुरू किया गया था। मैं एक्जीबिटर्स को उनके निरंतर समर्थन के लिए वास्तव में आभारी हूं। यह आयोजन जयपुर रंगीन रत्न क्षेत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है।</p>
<p>यह प्रदर्शनी 14 सितंबर 2024 तक आयोजित, इसमें जेमफील्ड्स की सहायक कंपनी केजम माइनिंग लिमिटेड, जाम्बिया द्वारा प्रदर्शित कच्चे पन्ने की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। केजम माइनिंग में उत्पाद एवं बिक्री के सहायक निदेशक  एटियेन मारविलेट उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे और आईआरजीएसएस की पूरी अवधि के दौरान भारत में रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 17:40:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बोत्सवाना में मिला दुनिया का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा शानदार हीरा</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया का सबसे बड़ा हीरा है। कलिनन 120 साल पहले दक्षिण अफ्रीका में खोजा गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gaborone-the-world-second-largest-brilliant-diamond-ever-found-in-botswana/article-88348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/6633-copy34.jpg" alt=""></a><br /><p>गैबोरोन। अफ्रीकी देश बोत्सवाना में 2,492 कैरेट का एक बड़ा और शानदार हीरा मिला है। ये अब तक दुनिया में खोजा गया दूसरा सबसे बड़ा हीरा है। कनाडा की माइनिंग कंपनी लुकारा डायमंड कॉर्प द्वारा संचालित बोत्सवाना की कारोवे खदान में ये हीरा मिला है। इस हीरे का अभी तक पूरी तरह से मूल्यांकन नहीं किया गया है, ऐसे में इसकी गुणवत्ता पर सटीकता के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि ये दुनिया में खोजा गया दूसरा सबसे बड़ा हीरा है और यह 3,106 कैरेट के कलिनन हीरे से बहुत छोटा नहीं है, जो दुनिया का सबसे बड़ा हीरा है। कलिनन 120 साल पहले दक्षिण अफ्रीका में खोजा गया था।</p>
<p>एक रिपोर्ट के मुताबिक, कारोवे की खदान बड़े हीरों के लिए प्रसिद्ध रही है। 2015 में लुकारा कंपनी को इस खदान से 1,109 कैरेट का लेसेडी ला रोना मिला था, जो उस समय दूसरा सबसे बड़ा था। ये हीरा 53 मिलियन डॉलर में बिका था। इस खदान से 813 कैरेट का हीरा भी मिल चुका है, जो रेकॉर्ड 63 मिलियन डॉलर में बिका। ये दोनों हीरे टाइप-2ए थे, जो सबसे बेशकीमती हीरे है।</p>
<p><strong>कंपनी के लिए ये हीरा बड़ी सफलता</strong><br />कंपनी को मिला हीरा भले कम गुणवत्ता का हो लेकिन इतना बड़ा पत्थर बरामद करना भी लुकारा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। लुकारा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम लैम्ब ने बयान में कहा कि इतने बड़े, उच्च गुणवत्ता वाले हीरे को बरकरार रखने की क्षमता हीरे की वसूली के लिए हमारे दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दर्शाती है। खदान में कीमती हीरे, हीरों की पहचान करने के लिए एक्स-रे तकनीक का उपयोग करके यह खोज की गई। इससे पता चलता है कि कारोवे का संयंत्र विशाल रत्नों को बिना तोड़े संसाधित और पहचान सकता है, क्योंकि सैकड़ों टन चट्टान तोड़कर कीमती हीरे निकालना एक चुनौती होता है। लुकारा की यह खोज हीरे की कीमतों में गिरावट के बीच हुई है। कुछ समय से ये उद्योग कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। अब तक खोजा गया सबसे बड़ा हीरा कलिनन है, जो 1905 में दक्षिण अफ्रीका में प्रिटोरिया के पास मिला था। इसे कई पॉलिश किए गए रत्नों में काटा गया था। इसमें से दो सबसे बड़े हीरे- अफ्रीका का ग्रेट स्टार और अफ्रीका का छोटा सितारा- ब्रिटेन के क्राउन ज्वेल्स में जड़े हुए हैं। कलिनन जैसा कई दूसरा हीरा दोबारा नहीं मिल सका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 10:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक बार फिर सुर्खियों में बेशकीमती हीरा कोहिनूर </title>
                                    <description><![CDATA[ कोहिनूर उनके ताज में सुशोभित है और क्रिस्टल पैलेस में प्रदर्शनी के लिए रखा हुआ है। इसकी कीमत सुनकर भी सिवाय आश्चर्य के कुछ नहीं होता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/discussion-in-diamond/article-22849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/p-6-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>एक बार फिर दुनिया का बेशकीमती हीरा कोहिनूर जिसे सामंतक मणी भी कहते है, सुर्खियों में है। यह अकेला ऐसा हीरा है, जिसकी अब तक सबसे ज्यादा सुर्खियां दिखी। अभी कोहिनूर ब्रिटेन में फिर चर्चाओं में है। कोहिनूर उनके ताज में सुशोभित है और क्रिस्टल पैलेस में प्रदर्शनी के लिए रखा हुआ है। इसकी कीमत सुनकर भी सिवाय आश्चर्य के कुछ नहीं होता। अभी अनुमानत: कोहिनूर की कीमत 1.5 लाख करोड़ रुपये है। हकीकत यह है कि ना तो कभी बेचा गया सो खरीदे जाने का सवाल ही नहीं उठता। हमेशा तोहफे या जीतकर ही तमाम हुक्मरानों के पास आता और जाता रहा। उपलब्ध और ज्ञात तथ्यों से पता चलता है कि कोहिनूर का इतिहास लगभग 5 हजार वर्ष पुराना है, संभव है कि और भी ज्यादा हो। मूल रूप से कोहिनूर आंध्र प्रदेश के गोलकोंडा से निकलने के बाद 793 कैरेट का था और दुनिया का सबसे बड़ा हीरा था। ब्रिटेन पहुंचने के बाद और चमक की खातिर तराशा गया, जिससे 105.6 कैरेट का रहकर 21.6 ग्राम वजन का है। सबसे पहले 12वीं शताब्दी में काकतीय साम्राज्य के पास था, जहां वारंगल के एक मंदिर में हिंदू देवता की आंख के तौर पर मंदिर की शोभा बढ़ाता रहा। हीरे का सबसे पहला उल्लेख 1304 के आसपास  मिलता है। पहली बार कोहिनूर लूटने में खिलजी के सेनापति मलिक काफूर का नाम आता है, जिसने 1310 में लूटकर खिलजी को भेंट किया। उसके बाद कभी लूटकर तो कभी उपहारों के जरिए हुक्मरानों की शोभा बढ़ाता रहा। इस खूबसूरत और बेशकीमती कोहिनूर को जो भी देखता उसका दिल इसी पर आ जाता। इसी कोहिनूर की वजह से कई शासकों की सल्तनत तहस-नहस हो गई और हत्याएं भी हुईं। इसलिए इसे श्रापित भी कहा गया, यह चर्चा 13वीं सदी से चली आ रही है।</p>
<p>मुगल शासक बाबर ने बाबरनामा में हीरे को स्वयं का बताते हुए सुल्तान इब्राहिम लोधी की भेंट बताया। बाबर के वंशज, हुमायूं तथा औरंगजेब ने इस अमूल्य हीरे की सौगात सुल्तान महमद औरंगजेब को दी, जो बेहद निडर एवं कुशल शासक था, उसने अपनी बहादुरी से कई प्रदेश हथियाये। 1739 में फारसी शासक नादिर भारत आया और महमद की सल्तनत पर कब्जा कर उसके राज्य की धरोहरों को अपने अधीन  किया, जिसमें कोहिनूर भी था। कोहिनूर नाम उसी का दिया है। उसके कब्जे में कोहिनूर कई साल रहा। 1747 में उसकी हत्या के बाद हीरा जनरल अहमद शाह दुर्रानी के पास पहुंचा। 1813 में वापस भारत आ गया। ब्रिटिश सरकार ने लाहौर की संधि लागू करते हुए कोहिनूर को ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया को देने सौंपने की बात कही। इस तरह कोहिनूर लंबी यात्रा करते हुए ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने खजाने में रख लिया और अंतत: 1850 में इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया को दे दिया गया, तभी से राजपरिवार के अधीन है। अभी हाल ही में लंदन टावर में सुरक्षित रखा है।आजादी के बाद 1947 से भारत की कोहिनूर वापसी की तमाम कोशिशें हुई। 1953 में महारानी एलीजाबेथ द्वितीय के राजतिलक के समय भी कोहिनूर वापसी की मांग को ब्रिटेन की सरकार ने नकार दिया। इधर 1976 में पाकिस्तान ने भी इस पर दावा किया। इतिहास की दुहाई दे अफगानिस्तान ने भी दावा किया कि कोहिनूर वहीं से भारत गया फिर ब्रिटेन। इसलिए पहला हक अफगानिस्तान का है। ईरान ने भी कोहिनूर पर दावा किया, लेकिन ब्रिटेन ने अस्वीकार कर दिया। भारत ने तो यहां तक कहा कि ब्रिटेन ने अनैतिक रूप से प्राप्त किया है। 2013 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरून के भारतीय दौरे पर उन्होंने कोहिनूर को लौटाने से इंकार कर दिया। 2016 में स्टेनली जॉन लुईस जो स्टेशन रोड पर ढ़ाबा चलाते है। उनका दावा भी खूब चर्चाओं में रहा। </p>
<p><strong>- ऋतुपर्ण दवे </strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/discussion-in-diamond/article-22849</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 10:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग में जीता रजत पदक</title>
                                    <description><![CDATA[ओलंपिक चैम्पियन भारत के नीरज चोपड़ा ने गुरूवार को प्रतिष्ठित डायमंड लीग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए रजत पदक जीता। हालांकि वह काफी करीब से 90 मीटर दूर भाला फेंकने से चूक गए। लेकिन उन्हें भरोसा है कि वह इस साल इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/neeraj-chopra-won-silver-medal-in-diamond-league/article-13426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/sop-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम।</strong> ओलंपिक चैम्पियन भारत के नीरज चोपड़ा ने गुरूवार को प्रतिष्ठित डायमंड लीग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए रजत पदक जीता। हालांकि वह काफी करीब से 90 मीटर दूर भाला फेंकने से चूक गए। लेकिन उन्हें भरोसा है कि वह इस साल इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।  भारतीय सेना के सूबेदार नीरज पहली बार डायमंड लीग शीर्ष तीन में जगह बनाने में सफल रहे। 24 साल के एथलीट ने पहले ही प्रयास में 89.94 मीटर दूर भाला फेंका जिससे वह महज छह सेंटीमीटर से 90 मीटर से चूक गए। इस दौरान उन्होंने अपने 89.30 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया जो उन्होंने 14 जून को फिनलैंड के तुर्कु में पावो नुर्मी खेलों में दूसरे स्थान पर रहकर बनाया था। नीरज के अन्य थ्रो 84.37 मी, 87.46 मी, 84.77 मी, 86.67 मी और 86.84 मी के रहे। चोपड़ा ने रजत पदक जीतने के बाद ‘जेएसडब्ल्यू स्पोटर्््स’ से कहा कि पहला थ्रो काफी अच्छा था, मुझे अच्छा लग रहा है। ऐसा नहीं था कि पहले थ्रो में ही करना है। 90 मीटर के काफी करीब था और लग रहा था कि कर दूंगा, पर अपना सर्वश्रेष्ठ किया तो अच्छा लग रहा है।</p>
<p><strong>ग्रेनाडा के एंडरसन ने जीता गोल्ड</strong><br />विश्व चैम्पियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 90.31 मीटर की दूरी से स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी तीसरे प्रयास में हासिल की। चोपड़ा ने कहा कि मैं अब 90 मीटर के करीब हूं और इस साल मैं ऐसा कर सकता हूं। चोपड़ा अगस्त 2018 में ज्यूरिख में डायमंड लीग मीट में चौथे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा की निगाहें 15 से 24 जुलाई तक अमेरिका के यूजीन में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगी हुई हैं। विश्व चैम्पियनशिप में भारत का सिर्फ एक ही पदक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 11:41:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>7.5 करोड़ रुपए के डायमंड चोरी </title>
                                    <description><![CDATA[सिंधी कैंप थाने में एक लॉजिस्टिक फर्म के मैनेजर ने 7 करोड़ 50 लाख रुपए के डायमंड चोरी का मामला दर्ज कराया है। मैनेजर ने 4 आरोपियों के खिलाफ मामला जानकारी दर्ज कराया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-diamond-theft-of-7-carore/article-8585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/da-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिंधी कैंप इलाके में एक कुरियर के कंपनी के यहां काम करने वाले पांच कर्मचारियों द्वारा 7.5 करोड़ रुपए कीमत के जवाहारात लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। इतनी बड़ी चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमें हलचल मच गई। इस संबंंध में कुरियर कंपनी अम्बे लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर काल्बा देवी मुम्बई निवासी धर्मेद्र पांडे ने रविवार को सिंधी कैंप थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उनकी कंपनी ने 5 साल पहले गोपाल जी का रास्ता में ऑफिस संचालित किया था। जहां मैनेजर धर्मेद्र के अधीन पांच कर्मचारी बड़ी झोपड़ी सीतोड़ सवाई माधोपुर निवासी विकास कुमार गुर्जर, सुरेन्द्र कुमार गुर्जर, देहरी सवाई माधोपुर निवासी हरि ओम गुर्जर, सलारपुर सवाई माधोपुर निवासी देव नारायण व सीताराम काम कर रहे थे। कर्मचारियों के रहने के लिए सिंधी कैंप इलाके में स्टेशन रोड स्थित हाथी बाबू का बाग में किराये के मकान ले रखा है। जहां पर ये सभी लोग रह रहे थे। 20 अप्रैल को धर्मेद्र छुट्टी चले गए थे।</p>
<p><br />इस दौरान 23 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे विकास कुमार गुर्जर व हरिओम गुर्जर एयरपोर्ट पर माल लेने के लिए वैन व मोबाइल ना ले जाकर बाइक से चले गए। जहां से 10:30 बजे माल लेकर मैनेजर को फोन कर दिया। उसके बाद दोनों गोपाल जी का रास्ता स्थित ऑफिस पहुंचना था, लेकिन वहां नही जाकर ये लोग हाथी बाबू का बाग स्थित मकान पर गए। जहां पर पार्सल खोलकर जवाहारात निकालकर सभी बदमाश फरार हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-diamond-theft-of-7-carore/article-8585</link>
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                <pubDate>Mon, 25 Apr 2022 16:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> डायमण्ड कारोबार पर संकट के बादल मंडराए</title>
                                    <description><![CDATA[ युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो राजस्थान के जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री के डायमण्ड सेक्टर को भी धक्का लगेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/business-news--clouds-of-crisis-hover-over-the-diamond-business--the-war-between-russia-and-ukraine-has-hit-the-jam-and-jewelery-industry/article-7783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/diamond-.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रूस और यूक्रेन के युद्ध के कारण डायमण्ड की खरड की आवक थम गई। युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ तो राजस्थान के जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री के डायमण्ड सेक्टर को भी धक्का लगेगा। पिछले साल राजस्थान से जैम एंड ज्वैलरी का निर्यात 6,618.37 करोड़ था, जो कि गत साल से 67.36 फीसदी अधिक था। इसमें सिंथेटिक स्टोन के बाद सबसे बड़ी हिस्सेदारी कट एंड पॉलिश्ड डायमण्ड की थी। वर्ष 2021 में एक्सपोर्ट 183.64 करोड़ था, जो कि 2022 में 320.33 करोड़ का रहा। 74.44 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। <br /><br /><strong>राजस्थान के निर्यातक देश</strong><br />अमेरिका, हांगकांग, यूके, थाइलैण्ड, दुबई, जर्मनी, इटली, जापान, स्पेन।<br /><br /><strong>डायमण्ड के अलावा असर नहीं</strong><br />हीरे की खरड़ के आयात में रुकावट है। अन्य जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री सामान्य है। फिलहाल विलायती मांग में इजाफा है। निर्यात बाजार में इंडियन ज्वैलरी की मांग है। -<strong> रामशरण गुप्ता, अध्यक्ष, जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन</strong><br /><br /><strong>डीजीएफटी को लिखा पत्र</strong><br />हीरे की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन पिछले कई माह से फिर से कीमत सामान्य होने लगी थी। युद्ध के हालात नहीं सुधरे तो हीरा और डायमण्ड ज्वैलरी की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी। रूस के लिए जैम एंड ज्वैलरी के पार्सल नई दिल्ली से एयरलाइंस कंपनियां बिना कारण बताए लौटा रही है। विदेश व्यापार विभाग को एसोसिएशन ने मांग पत्र लिखा है। एयरलाइंस कंपनियों की ओर से रूस के लिए पार्सल सुविधा जल्द शुरू करवाई जाए। <strong>- गौरव जैन, अध्यक्ष सीतापुरा जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन</strong></p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="4"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td><br />कमोडिटी कैटगिरी   </td>
<td>2021   </td>
<td>2022   </td>
<td>ग्रोथ रेट (%)</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रीसियस/सेमी प्रीसियस स्टोंस   </td>
<td>123.53   </td>
<td>168.12   </td>
<td>36.10</td>
</tr>
<tr>
<td>सिल्वर आर्टिकल्स   </td>
<td>13   </td>
<td>15.02   </td>
<td>15.54</td>
</tr>
<tr>
<td>कर्लड जैमस्टोंस अनवर्कड   </td>
<td>33.42   </td>
<td>55.90   </td>
<td>67.24</td>
</tr>
<tr>
<td>कलर्ड जैमस्टोंस वर्कड   </td>
<td>1270.74   </td>
<td>2075.16  </td>
<td>63.30</td>
</tr>
<tr>
<td>कट एंड पॉलिश्ड डायमंड्स   </td>
<td>183.64   </td>
<td>320.33   </td>
<td>74.44</td>
</tr>
<tr>
<td> गोल्ड ज्वैलरी    </td>
<td> 861.64    </td>
<td> 1759.32    </td>
<td> 104.18</td>
</tr>
<tr>
<td> इमीटेशन ज्वैलरी    </td>
<td> 127.94    </td>
<td> 205.31    </td>
<td> 60.48</td>
</tr>
<tr>
<td> लैब ग्रोन डायमंड्स, अनवर्कड    </td>
<td> 12.08    </td>
<td> 17.57    </td>
<td> 45.44</td>
</tr>
<tr>
<td>लैब ग्रोन डायमंड्स, वर्कड    </td>
<td>21.60    </td>
<td>23.64    </td>
<td>9.14</td>
</tr>
<tr>
<td>सिल्वर ज्वैलरी    </td>
<td>1294.21    </td>
<td>1968.61    </td>
<td>52.11</td>
</tr>
<tr>
<td>सिंथेटिक स्टोंस वर्कड    </td>
<td>3.99    </td>
<td>10.13     </td>
<td>154.05</td>
</tr>
<tr>
<td>कुल    </td>
<td>3954.63    </td>
<td>6618.37     </td>
<td>67.36</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;" colspan="4"><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>(आंकड़े करोड़ रुपए में है)</strong></span></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 12:26:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>राजपूतनीति की हुंकार</title>
                                    <description><![CDATA[क्षत्रिय युवक संघ का हीरक जयंती समारोह : गुलाबीनगर की धरा पर छा गया केसरिया रंग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-3452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/harik-jayanti.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में बुधवार को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना के 75 साल पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह था, जिसमें देशभर के राजपूतों का जनसैलाब उमड़ा। इसमें क्षत्रिय ही नहीं क्षत्राणियां भी जुटी। पहली बार किसी कार्यक्रम में आने के लिए पूरी ट्रेन भी बुक कराई गई। जैसलमेर से 24 कोच की ट्रेन भरकर समारोह में हिस्सा लेने आई। राजपूत समाज ने यहां अनुशासन-एकजुटता का संदेश तो दिया, लेकिन समाज की राजनीति में पिछड़ने और राजनीतिक नेतृत्व में आई कमी की बैचेनी भी मंच पर एक साथ दिखे राजनेताओं और समाज की आवाज को बुलंद करने में लगे लोगों के अप्रत्यक्ष संबोधन में दिखी। हालांकि मंच से सभी वर्गों को साथ लेकर आगे चलने को लेकर बात की गई। लेकिन राजनीतिक दलों को राजपूत समाज की ताकत और उन्हें कमत्तर नहीं आंकने का एक बैनर तले आने का एहसास कराने का संदेश भी साफतौर पर गया है।</p>
<p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;">क्षत्रिय युवक संघ की हीरक जयंती में देशभर से आए क्षत्रिय-क्षत्राणियां, जैसलमेर से पूरी ट्रेन भरकर आई<br /> राजनीति में पिछड़ने की बैचेनी दिखी, तेवर-ताकत का एहसास और एकजुटता-अनुशासन से आगे बढ़ने का दिया संदेश  </span></span></span></p>
<p>भवानी निकेतन में बुधवार को हुए क्षत्रिय युवक संघ के हीरक जयंती समारोह में संरक्षक भगवान सिंह रोलसाहबसर ने कहा कि तनसिंहजी को जो पीड़ा हुई वह प्राणी मात्र के कल्याण के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे संरक्षक का दायित्व दिया है, लेकिन हमारा संरक्षक ईश्वर है। यह भरा हुआ विशाल प्रांगण ऐसे लग रहा है कि जैसे केसरिया सागर की तरह से लहरा रहा है।  क्षत्रिय युवक संघ की पहचान राजपूत समाज में अनुशासन की रही है। वहीं कार्यक्रम में दिखा भी। समारोह में पुरूष केसरिया बाना, सफेद शर्ट और काली पेंट पहनकर आए। वहीं महिलाएं राजपूती परम्परागत पीली साड़ियां, लहंगे पहनकर आई। बड़ी संख्या के चलते समारोह स्थल केसरिया और पीले रंग में रंगा दिखा। हेलिकॉप्टर से समारोह में फूलों की बारिश भी की गई।</p>
<p><strong>केसरिया-पीले रंग के वस्त्रों में रंगा दिखा समारोह स्थल</strong><br /> कार्यक्रम की कमान क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक भगवान सिंह रोलसाहबसर, संघ प्रमुख लक्ष्मण सिंह, महावीर सिंह सरवड़ी के हाथ थीं। उनके नेतृत्व में प्रदेश के हर दल के राजपूत नेता जुटे। इनमें केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, प्रदेश सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर सिंह भाटी, पूर्व मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, गजेन्द्र सिंह खींवसर, नरपत सिंह राजवी, राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर, विहिप के नरपत सिंह शेखावत, भंवर सिंह पलाड़ा सहित कई विधायक, पूर्व विधायक, राजपूत नेता थे। सीएम अशोक गहलोत, पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे के शुभकामना संदेश भी पहुंचे। इसके अलावा समाज के इतर अन्य मंत्री महेश जोशी, सांसद रामचरण बोहरा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया सहित कई बड़े नेता भी कार्यक्रम में आए। <br /> <strong><br /> ड्रोन कैमरे से समारोह की शूटिंग </strong><br /> समारोह का लाइव क्षत्रिय युवक संघ के फेसबुक पेज और यूटयूब पर भी समाज के लोगों ने देखा। ड्रोन कैमरे से समारोह की शूटिंग हुई। लोगों ने केसरिया साफे पहनकर अपने परिवारों के साथ सेल्फी ली। इसके साथ ही परिसर के बाहर लोगों ने अपने-अपने घरों और लो फ्लोर बस पर बनाए गए कॉरिडोर के ऊपर से समारोह को देखा। इस दौरान परिसर के बाहर यातायात को मौजूद पुलिस के अधिकारियों ने कंट्रोल किया।<br /> <br /> हम केवल और केवल संगठन के लिए, क्षत्रिय जाति के कल्याण-उत्थान के लिए, तनसिंहजी के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हुए आगे बढ़े। संघ के पूर्वजों के संस्कारों को फिर से स्थापित करें। तनसिंह जी का मार्ग समाज में नई चेतना जागरण का काम करेगा। - <strong>गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री</strong><br /> <br /> आज देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में राजा का जनमत पेटी से होता है। समाज में पहले राजनीतिक चेतना नहीं थी, लेकिन अब समाज जाग रहा है। लोकतंत्र के लिए राजपूतों ने अपनी रियासतें त्याग दी थी। जब मैं एक साजिश के तहत जेल गया था तो संघ और प्रताप फाउंडेशन मेरे साथ खड़ा था। एकजुटता-अनुशासन सफलता के मंत्र हैं।- <strong>राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष </strong><br /> <br /> क्षत्रिय वही कहलाता है जो दलित, पिछड़े को बचाने के लिए लड़ने-मरने की ताकत रखता हो, जो भेदभाव नहीं करता हो। केन्द्र ईडब्ल्यूएस आरक्षण में आठ लाख की गारंटी खत्म करें। संघ हर गरीब के कल्याण-उत्थान का संदेश देता है। - प्रताप सिंह खाचरियावास, खाद्य मंत्री, राजस्थान <br /> <br /> संघ ने समाज को जोड़ा है। समाज के मुद्दों पर सरकार से सार्थक संवाद करता है। आरक्षण जैसे अहम मुद्दें पर संघ ने समाज के लिए राजनीतिक पार्टियों से प्रभावी और संवैधानिक संवाद किया है। - <strong>धर्मेन्द राठौड़, वरिष्ठ नेता, कांग्रेस </strong><br /> <br /> <strong>सीकर रोड पर रही जाम की स्थिति</strong><br /> हीरक जयंती समारोह के दौरान सीकर रोड, चौमूं पुलिया, झोटवाड़ा रोड, खातीपुरा रोड, कालवाड़ रोड, मुरलीपुरा सहित आसपास के इलाके में जाम की स्थित रही। समारोह में प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस और समारोह प्रबंधन समिति ने पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। प्रबंधन समिति की तरफ  से लगे वॉलंटियर ने चिन्हित प्वाइंट पर तैनात रहकर बाहर से आने वाले लोगों को रास्ता समझाकर समारोह तक पहुंचाया। इस कारण किसी भी जगह पर जाम लंबा नहीं चला। यातायात के भारी दबाव के कारण ही इन मार्गों पर वाहनों की गति धीमी होने से हल्का जाम रहा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Dec 2021 11:03:56 +0530</pubDate>
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