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                <title>credit card - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>इंडिगो ने एक्सिस बैंक के साथ मिलकर को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने की घोषणा की, ग्राहकों को मिलेगा लॉयल्टी प्रोग्राम इंडिगो ब्लूचिप का भी लाभ</title>
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                        <![CDATA[इंडिगो और एक्सिस बैंक ने 'इंडिगो ब्लूचिप' लॉयल्टी प्रोग्राम के तहत दो को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पेश किए हैं। ये कार्ड हवाई टिकट बुकिंग और रोजमर्रा के खर्चों पर शानदार रिवॉर्ड पॉइंट्स और लाउंज एक्सेस प्रदान करते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indigo-announces-the-launch-of-co-branded-credit-card-in-collaboration/article-143717"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/axix-and-indigo-credit-card.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। निजी विमानन सेवा कंपनी इंडिगो ने एक्सिस बैंक के साथ दो को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पेश करने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों की साझा प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इंडिगो एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड और इंडिगो एक्सिस बैंक प्रीमियम क्रेडिट कार्ड रुपे और वीजा नेटवर्क पर उपलब्ध हैं। ग्राहकों को इंडिगो के लॉयल्टी प्रोग्राम इंडिगो ब्लूचिप का भी लाभ मिलेगा।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि ग्राहक रोजमर्रा की खरीदारी और यात्रा से संबंधित लेनदेन पर सुविधाजनक और बिना किसी झंझट के रिवॉर्ड प्वाइंट अर्जित कर सकेंगे। इंडिगो की उड़ानों के टिकट बुक कराने और संबंधित खर्चों पर अधिक रिवॉर्ड मिलते हैं। ग्राहकों को शुरुआती और नवीनीकरणीय लाभ, माइलस्टोन रिवॉड्र्स तथा लाइफस्टाइल विशेषाधिकारों का एक व्यापक पैकेज भी मिलेगा जिसमें लाउंज एक्सेस, एंटरटेंमेंट के ऑफर, डाइनिंग पर छूट और कार्ड वेरिएंट के अनुसार विदेशी मुद्रा विनिमय में लाभ शामिल है।</p>
<p>इंडिगो एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड की कीमत 799 रुपये रखी गयी है और यह खुदरा ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जबकि समृद्ध ग्राहकों को ध्यान में रखकर इंडिगो एक्सिस बैंक प्रीमियम क्रेडिट कार्ड की कीमत पांच हजार रुपये तय की गयी है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:36:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड पाइंट मिलने और बिल माफ होने का झांसा देकर दोस्त से दगा, 88 लाख का गबन</title>
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                        <![CDATA[दोस्त ने कार्ड का बिल माफ करवाने और राशि लौटाने की बात कहकर युवक के क्रेडिट कार्ड से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/embezzlement-of-rs-88-lakh-from-a-friend-on-the/article-91480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/credit-card.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। शहर के नाडी मोहल्ला मदेरणा कॉलोनी में रहने वाले एक युवक को उसके दोस्त ने क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट्स के बहाने झांसे में लिया। दोस्त ने कार्ड का बिल माफ करवाने और राशि लौटाने की बात कहकर युवक के क्रेडिट कार्ड से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित ने अदालत की शरण लेकर अब उदयमंदिर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।</p>
<p>मदेरणा कॉलोनी, नाडी मोहल्ला निवासी विशाल सिंह पुत्र जय सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। इसमें बताया गया है कि गौरव खींवसरा पुत्र सुरेंद्रराज जैन निवासी ब्लू टाउन, रेस्टोरेंट, के.एन. कॉलेज के सामने, रातानाडा, गुरजोत सिंह सरदार निवासी रातानाडा और रोनित बेंदा निवासी सारण नगर ने मिलकर उसके साथ छलपूर्वक गबन किया।</p>
<p>परिवादी के अनुसार, उसने इंडसइंड बैंक से एक क्रेडिट कार्ड लिया था, जिसका वह पिछले तीन-चार साल से लगातार उपयोग कर रहा था और समय पर भुगतान कर रहा था। जुलाई 2023 के पहले सप्ताह में परिवादी के मित्र गौरव जैन, जो ब्लू टाउन नामक रेस्टोरेंट का मालिक है, से मुलाकात हुई। इस दौरान गौरव ने उसे गुरजोत सिंह सरदार से फोन पर बात करवाई और बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड में रिवॉर्ड पॉइंट्स हैं, जिनसे उसका बिल जमा किया जा सकता है। ये पॉइंट्स रोनित बेंदा, जो सारण नगर, जोधपुर में रहता है, दिलवा सकता है।</p>
<p>आरोपियों के झांसे में आकर परिवादी ने अपना क्रेडिट कार्ड और फोन की सिम उन्हें सौंप दी। गौरव ने वादा किया कि दो-चार दिन में वह क्रेडिट कार्ड और सिम वापस कर देगा, लेकिन इसके बाद वह टालमटोल करने लगे। परिवादी को झांसा दिया गया कि उसके क्रेडिट कार्ड का 1,29,000 रुपये का बिल माफ हो जाएगा और उसे रिवॉर्ड पॉइंट्स से और भी पैसा मिलेगा।</p>
<p>आरोपियों ने उसका क्रेडिट कार्ड और सिम वापस नहीं किया। बाद में परिवादी ने नया सिम और कार्ड ले लिया। जब उसने इंडसइंड बैंक से अपने क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट और बिल प्राप्त किया, तो यह देखकर वह स्तब्ध रह गया। आरोपियों ने उसके क्रेडिट कार्ड का लगातार दुरुपयोग किया और उसकी क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1,29,000 रुपये होते हुए भी आरोपियों ने 88,98,925 रुपये का गबन कर लिया। इसके बाद से आरोपियों ने परिवादी से बातचीत बंद कर दी और उसके बार-बार मांगने पर भी क्रेडिट कार्ड और सिम वापस नहीं किया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 20:00:58 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>क्रेडिट कार्ड : रिवार्ड का खजाना या कर्ज का भार</title>
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                        <![CDATA[ भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 2023 में क्रेडिट कार्ड बकाया 2022 की तुलना में 29.6 फीसदी बढ़ा हैं। 27 जनवरी 2023 तक क्रेडिट कार्ड बकाया एक लाख 86 हजार 783 करोड़ था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/credit-cards--a-treasure-trove-of-rewards-or-a-load-of-debt/article-49600"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(12)10.png" alt=""></a><br /><p>शाहदरा दिल्ली के जगतपुरी इलाके के 35 वर्षीय सुरेश कुमार के पास अलग-अलग बैंकों के कई क्रेडिट कार्ड थे। इनका उन पर 8 लाख रुपये का कर्ज था। अपने क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान करने में असमर्थ होने के कारण उन्होंने 2019 में एक इमारत की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। </p>
<p><strong>कर्ज का बढ़ता जाल</strong><br />भारत में ऋण एक बढ़ती चिंता का विषय बनता जा रहा है। अपने महंगे शौक और सीमित आय के कारण भारत के युवा अपनी जीवन शैली की जरूरतें पूरी करने के लिए तेजी से ऋण पर निर्भर हो रहे हैं। ख़ासकर युवा भारतीय अपने शौक को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड या लेजीपे, पेटीएम पोस्टपेड, मोबिक्विक ज़िप, सिंपल पे, स्लाइस, ओला पोस्टपेड जैसे ‘अभी खरीदें-बाद में भुगतान करें’ ऋण एप्लीकेशन या ईएमआई विकल्प का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। अपने ऊपर ऋण का भार बढ़ा रहे हैं। <br /><br />भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 2023 में क्रेडिट कार्ड बकाया 2022 की तुलना में 29.6 फीसदी बढ़ा हैं। 27 जनवरी 2023 तक क्रेडिट कार्ड बकाया एक लाख 86 हजार 783 करोड़ था। वहीं 2022 में यही आंकड़ा एक लाख 44 हजार 162 करोड़ था। 2022 में क्रेडिट कार्ड बकाया 2021 की तुलना में 9.3 प्रतिशत बढ़ा था।</p>
<p><strong>डिजिटल पेमेंट का बढ़ता चलन</strong><br />पिछले कुछ सालों में भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन काफ़ी बढ़ा है। आज भारत के हर गांव, क़स्बे, नगर, शहर में हम अपने फ़ोन या अपने डेबिट, क्रेडिट कार्ड से आसानी से भुगतान कर सकते हैं। इनमें भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग लोग बहुत कर रहे हैं। प्रोफेशनल सर्विस कम्पनी PWC (प्राइस वॉटर हाउस कूपर्स) की 'डिकोडिंग इंडिया क्रेडिट कार्ड मार्किट' रिपोर्ट के अनुसार भारत में क्रेडिट कार्ड उद्योग में पिछले पाँच वर्षों में 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है। मार्च 2022 में जहां क्रेडिट कार्ड की संख्या 730 लाख थी, वहीं मार्च 2023 में यह संख्या बढ़कर 920 लाख से ज्यादा हो गयी है।<br /><br />जहाँ पहले क्रेडिट कार्ड सिर्फ़ चुनिंदा या नौकरी पेशा व्यक्ति के पास ही होता था, वहीं आज क्रेडिट कार्ड व अन्य क्रेडिट एप्लीकेशन अधिकतर लोगों के पास उपलब्ध हैं। इन क्रेडिट एप्लीकेशन का उपयोग करने के लिए न कोई जॉब स्लिप चाहिए और न ही आपको कोई जमीन, एफडी या अपनी कोई संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती हैं। क्रेडिट कार्ड ‘अनसिक्योर्ड लोन’ की श्रेणी में आता है।</p>
<p><strong>अमेरिकी संस्कृति अपना रहे भारतीय </strong><br />अमेरिका में क्रेडिट कार्ड वाले व्यक्ति को प्रतिष्ठित और कुछ अलग नज़र से ही देखा जाता है। व्यापारिक पत्रिका फोर्बेस के अनुसार 2021 में 84 प्रतिशत अमेरिकी वयस्कों के पास क्रेडिट कार्ड था। अमेरिकी उपभोक्ता क्रेडिट रिपोर्टिंग एजेंसी ट्रांसयूनियन के अनुसार 2022 की चौथी तिमाही तक अमेरिका में क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 1660 लाख थी। <br /><br />जहां भारत में लोग क्रेडिट कार्ड के उपयोग के कारण आत्महत्याओं व डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं, वहीं अमेरिका में एक व्यक्ति अपनी सूझ-बुझ की बदौलत करोड़पति बन गया। व्यापार और आर्थिक नीतियों के अंतरराष्ट्रीय दैनिक अख़बार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कोस्टाटीन अनीकेव नाम के एक शख्स ने अपने क्रेडिट कार्ड से 2 करोड़ की कमाई की है। कार्ड का पेमेंट करने पर बैंक की ओर से रिवॉर्ड प्वाइंट मिलते हैं। इन रिवॉर्ड प्वाइंट के बदले ग्राहकों को रुपये मिल जाते हैं। इसी से उन्होंने इतनी बड़ी रकम की कमाई की है।</p>
<p><strong>कैसे लालच देती हैं क्रेडिट कार्ड कम्पनियाँ</strong><br />क्रेडिट कार्ड के अनेक फायदे हैं। इसके लालच में आकर लोग अपना कार्ड बनवा लेते हैं। उसका धड़ल्ले से उपयोग करने में लग जाते हैं। क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि उस पेमेंट को ग्रेस पीरियड (लगभग 40 दिन) में बिना ब्याज के लौटाया जा सकता है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड पर कई तरह के ऑफर और डिस्काउंट भी मिलते हैं। कुछ क्रेडिट कार्ड ‘एयरपोर्ट लाउन्ज एक्सेस’ जैसी सुविधाएं भी देते हैं। इस सुविधा से वीसा क्रेडिट कार्ड होल्डर केवल 2 रूपये में और मास्टर क्रेडिट कार्ड होल्डर 25 रूपये में सभी सुविधाएं ले सकते हैं। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर रिवार्ड प्वाइंट मिलते हैं। इन रिवार्ड प्वाइंट को आप कैश या शॉपिंग वाउचर में बदल सकते हैं। आजकल तो क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने पर भी कैशबैक मिलता है। क्रीड, पेटीएम, मोबिक्विक, चेक आदि एप्लीकेशन क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान पर कैशबैक व रिवार्ड प्वाइंट देती हैं। <br /><br />इन सब सुविधाओं के लालच में आकर व्यक्ति अपना कार्ड बनवा लेता है और इसका धड़ल्ले से उपयोग करने लग जाता हैं। अगर उसने क्रेडिट कार्ड चलाने में सावधानी नहीं बरती और भुगतान नियमित नहीं किया तो वह उसके जाल में फँसता चला जाता है। </p>
<p><strong>माइलस्टोन पूरा करने और वार्षिक शुल्क माफ़ करवाने के चक्कर में ग्राहक करने लगता है बेमतलब खर्च </strong><br />बाजार में अलग-अलग प्रकार के कई बैंकों के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं। अलग-अलग बैंकों का वार्षिक शुल्क उन पर मिलने वाली सुविधाओं के अनुसार अलग-अलग होता है। कुछ क्रेडिट कार्ड लाइफटाइम फ्री भी होते हैं। इनका कोई वार्षिक शुल्क नहीं होता है। वहीं कुछ बैंक कार्ड का वार्षिक शुल्क माफ़ करने के लिए एक निर्धारित लिमिट तय कर देते हैं। यदि ग्राहक साल भर में उस लिमिट (एक निश्चित राशि) तक खर्च कर लेता है, तो उनका वार्षिक शुल्क माफ़ हो जाता है। इसके अलावा कुछ कार्ड एक माइलस्टोन से अधिक खर्च करने पर अतिरिक्त रिवार्ड प्वाइंट व कैशबैक देते हैं। अपना वार्षिक शुल्क माफ़ करवाने के चक्कर में और अतिरिक्त रिवार्ड प्वाइंट पाने के चक्कर में व्यक्ति बेमतलब खर्च करने लग जाता है और अपने ऊपर फालतू कर्ज चढ़ा लेता है।<br /><br />इन सब के अलावा भी व्यक्ति कार्ड का उपयोग जबरदस्ती करने लग जाता है। यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते या जेब में पैसे नहीं है या एक निश्चित राशि ही है तो वह व्यक्ति उस राशि के हिसाब से ही अपना खर्च करता है। दूसरी ओर, क्रेडिट कार्ड की रहने की स्थिति में व्यक्ति बैंक खाते और जेब में पैसे नहीं होने पर यह सोच कर खर्च करता जाता  है कि बाद में जब पैसे आएंगे तो उसे चुका देंगे। इससे वह खुद अपने ऊपर कर्ज का भार बढ़ा लेता है। इसके अलावा कार्ड स्वाइप मशीन (पॉइंट ऑफ़ सेल मशीन) हर जगह उपलब्ध नहीं होती है। यह मशीन ज्यादातर  महंगे व बड़े स्टोर पर ही होती है। कार्ड का उपयोग करने के चक्कर में व्यक्ति सस्ती चीज भी महंगे स्टोर से खरीद लेता है और जबरदस्ती अपना कर्ज बढ़ा लेता है।</p>
<p><strong>सूझ-बूझ से करें क्रेडिट कार्ड का उपयोग </strong><br />क्रेडिट कार्ड मीठे जहर जैसे है। यह शुरू में तो हमें बहुत अच्छा लगता है लेकिन धीरे-धीरे इससे हम पर बेमतलब का कर्ज बढ़ता चला जाता है। क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि पर बैंक चक्रवृद्धि ब्याज लगाते हैं। इससे एक छोटी धनराशि भी कुछ ही महीनों में बढ़कर बहुत बड़ी हो जाती है। इसलिए कार्ड का पूरा बिल जमा करने की कोशिश करें और फालतू ब्याज देने से बचें। जहाँ तक हो सके लाइफटाइम फ्री कार्ड का ही उपयोग करे। इससे हम पर उनका जबरदस्ती उपयोग करने का कोई दबाव न हो। कार्ड का उपयोग अपनी सूझ-बुझ से करें। इसका बेमतलब उपयोग न करें। फालतू खर्च से बचें।<br /><br />-प्रद्युम्न सिंह शेखावत</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 18:10:29 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>विदेशों में क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर 20 प्रतिशत टैक्स</title>
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                        <![CDATA[अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से विदेश में किया गया खर्च अब एलआरएस के दायरें में आएगा। इसमें टीसीएस लगेगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/20-percent-tax-on-credit-card-usage-abroad/article-45891"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/credit-card.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश के बाहर (विदेशों में) क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर सोर्स पर 20 प्रतिशत टैक्स कलेक्शन लगाने का फैसला किया है। आरबीआई से सुझाव लेने के बाद यह फैसला लिया गया है। नियम में बदलाव की जानकारी सरकार ने नोटिफिकेशन के जरिए दी है। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से विदेश में किया गया खर्च अब एलआरएस के दायरें में आएगा। इसमें टीसीएस लगेगा। </p>
<p>सरकार के इस फैसले पर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की है। बिजनेसमैन और काम के सिलसिले में विदेश जाने वाले लोगों का कहना है कि सरकार को टीसीएस नहीं बढ़ाना चाहिए, क्योकिं इससे बिजनेस ट्रिप्स प्रभावित होंगी। खासकर वह ट्रिप्स जिनका खर्चा कंपनी उठाती है। लोगों ने कहा कि 20 प्रतिशत टीसीएस बहुत ज्यादा है, सरकार को तुरंत यह कदम वापस लेना चाहिए। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 18 May 2023 14:23:03 +0530</pubDate>
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                <title>अब UPI से लिंक होगा रुपे क्रेडिट कार्ड</title>
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                        <![CDATA[यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से भुगतान को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए अब यूपीआई से रुपे क्रेडिट कार्ड को भी लिंक किया जा सकेगा। रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से विकासात्मक और नियामक नीतियों पर जारी बयान में कहा गया है कि पहुंच और उपयोग को और मजबूत बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोडऩे की अनुमति देने का प्रस्ताव है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/now-rupay-credit-card-will-be-linked-with-upi/article-11659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rupay.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मुंबई</span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">।</span></strong> </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से भुगतान को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए अब यूपीआई से रुपे क्रेडिट कार्ड को भी लिंक किया जा सकेगा। रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से विकासात्मक और नियामक नीतियों पर जारी बयान में कहा गया है कि पहुंच और उपयोग को और मजबूत बनाने के लिए क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोडऩे की अनुमति देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में रुपे क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिेंक किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों को भुगतान करने में अधिक अवसर और सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। आवश्यक सिस्टम का विकास कार्य पूरा होने के बाद ग्राहकों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। आरबीआई ने कहा कि देश में यूपीआई भुगतान का सर्वाधिक समावेशी माध्यम बन गया है। वर्तमान में </span>26<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> करोड़ से अधिक यूजर और पांच करोड़ कारोबारी यूपीआई प्लेटफॉर्म पर जुड़े हुए हैं। केवल मई </span>2022<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> में यूपीआई के माध्यम से </span>10.40<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> लाख करोड़ रुपये की राशि के </span>594.63<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> करोड़ लेनदेन किये गये हैं। वर्तमान में यूपीआई यूजर के डेबिट कार्ड के माध्यम से बचत एवं चालू खातों को  लिंक कर लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">केंद्रीय बैंक ने कहा कि अब पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना में अन्य बातों के साथ-साथ सब्सिडी राशि में वृद्धि करके और सब्सिडी दावा प्रक्रिया को सरल बनाकर संशोधन करने का प्रस्ताव है। इससे लक्षित क्षेत्रों में पेमेंट एक्सेप्टेंस बुनियादी ढांचे का विस्तार करने एवं तेजी में और वृद्धि होने की उम्मीद है।</span></p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 16:36:43 +0530</pubDate>
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                <title>इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना ऋण दस्तावेजों पर मिलेगी स्टाम्प ड्यूटी से छूट</title>
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                        <![CDATA[मुख्यमंत्री ने योजना के तहत स्वीकृत किए जाने वाले 50 हजार रुपए तक के ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की मंजूरी दी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA-%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9B%E0%A5%82%E0%A4%9F/article-3472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/gehlot6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए पात्र व्यक्तियों के पक्ष में चिन्हित बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा 31 मार्च 2022 तक किए जाने वाले ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट प्रदान करने का संवेदनशील निर्णय किया है। <br /> <br /> कोरोना महामारी के कारण आजीविका के संकट से प्रभावित होने वाले स्ट्रीट वेंडर्स तथा सर्विस सेक्टर के युवाओं एवं बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए 50 हजार रूपए तक का ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की गई है। योजना का लक्ष्य गली-मोहल्ले में फेरी चलाने वालों, रिक्शाचालक, कुम्हार, दर्जी, धोबी, हेयर ड्रेसर, मिस्त्री, पेंटर आदि का काम कर गुजर  बसर करने वालों तथा बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार के लिए बिना किसी गारंटी के माइक्रो-क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने योजना के तहत स्वीकृत किए जाने वाले 50 हजार रुपए तक के ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की मंजूरी दी है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Dec 2021 15:12:29 +0530</pubDate>
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