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                <title>टोल बचाने की जुगत: सुकेत में भारी वाहनों का दबाव बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल हाईवे 52 पर भारी वाहनों की लगी रहती है कतारें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trick-to-save-toll--pressure-of-heavy-vehicles-increases-in-suket/article-75156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(7)12.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। सुकेत में नेशनल हाईवे 52 पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से हर पल क्षेत्रवासियों पर भारी वाहनों से मौत का खतरा बना रहता है। दरअसल बीर मंडी, नया गांव में टोल नाका है। भारी वाहनों के ड्राइवर  टोल बचाने के चक्कर में सुकेत में व्यस्ततम नेशनल हाईवे 52 की मुख्य सड़क से होकर निकलते है। ऐसे में भारी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। यहीं नहीं रविवार को हालत ओर खराब हो जाती है। रविवार को सुकेत में  हाट बाजार लगता है लेकिन भारी वाहनों की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाती है। हालात इतने खराब है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। </p>
<p><strong>आए दिन होते है हादसे</strong><br />जानकारी के अनुसार सुकेत कस्बे के मुख्य मार्ग से बड़े वाहनों की आवाजाही से आए दिन सड़क दुर्घटना हो जाती है। जिससे कई लोग की जान जा चुकी है। कई लोगों के अंग के क्षत-विक्षत होने से विकलांग हो चुके है। गत सप्ताह ही एक ट्रक पलट गया था।  जिला प्रशासन द्वारा इस समस्या का निदान नहीं करने से लोगों में रोष है। कई बार सीएलजी बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया पर इस समस्या पर प्रशासन का कोई ध्यान नही है। </p>
<p><strong>एक किमी मार्ग पर रहता है वाहनों का दबाव</strong><br />होकर सुकेत में बीर मंडी, नया गांव में टोल नाके पर अपने वाहनों का टोल टैक्स देने से बचाने के लिए भारी वाहनों को सुकेत कस्बे के मुख्य रोड नेशनल हाईवे 52 से होकर निकलते है। सुकेत कस्बे में भारी वाहनों के आने के कारण कस्बे में एक किमी की सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। कस्बे की मुख्य रोड से होते हुए ये वाहन रामगंजमंडी और नेशनल हाइवे 12 से होकर निकल जाते है। </p>
<p><strong>नो एंट्री मार्ग घोषित करने की मांग कर चुके है ग्रामीण</strong><br />वकार अहमद ने बताया कि सीएलजी बैठक में कही बार इस मामले पर वार्तालाप हुई। जिला कलक्टर को नो एंट्री मार्ग घोषित करने के लिए पत्रावली भेज रखी है। </p>
<p>दीपक खटीक का कहना है कि टोल बचाने के कारण भारी वाहन कस्बे में प्रवेश करते है। जिससे आमजन को काफ ी समस्या होती है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जब तक एनएच 52 राष्टीय राजमार्ग को नो एंट्री मार्ग घोषित नहीं हो जाता। तब तक किसी वाहन को नहीं रोका जा सकता। इसके लिए जिला कलक्टर को पत्रावली भेज रखी है। रविवार को हाट के दिन ट्रैफि क व्यवस्था पूर्ण रूप से इस मार्ग पर बन्द रहती है।<br /><strong>- रघुवीर सिंह, थानाधिकारी सुकेत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Apr 2024 17:47:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिल के मरीजों का सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में हमें अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है, क्योंकि ठंडे मौसम में हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-risk-of-heart-attack-increases-in-winter-for-heart/article-64117"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/heart-attack.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों में हमें अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है, क्योंकि ठंडे मौसम में हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं। गिरते तापमान में हमारे हाथों एवं पैरों की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे हमारा रक्तचाप (बीपी) बढ़ता है। ऐसे में अक्सर बीपी के मरीजों को दवा की डोज बढ़ानी पड़ती है, लेकिन आमतौर पर मरीज डॉक्टर को नहीं दिखाकर उन्हीं दवाओं को लेते रहते हैं जो गलत है। सिकुड़ी हुई नसों में खून का संचार बनाए रखने के लिए हृदय को अतिरिक्त काम करना पड़ता है। ऐसे में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। जिन मरीजों का दिल कमजोर है, उनको हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, खांसी, बुखार एवं अन्य संक्रमण भी हार्ट की समस्याओं को बढ़ाते हैं। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल कुमार गुप्ता ने बताया कि ठंड के इस मौसम में हृदय रोगियों के साथ-साथ आमजन को भी हार्ट की बीमारियों से बचने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।</p>
<p><strong>तनाव ना लें, योगा और ध्यान को अपनाएं<br /></strong>डॉ. गुप्ता ने बताया कि तनाव हार्ट का सबसे बड़ा दुश्मन है। जीवन शैली में तनाव कम रखने के लिए योगा और ध्यान करें। संगीत, नृत्य, चित्रकारी, लेखन आदि शौक बनाए रखें। रोजमर्रा का काम करते समय तनाव नहीं लें। अपने बीपी व शुगर की जांच नियमित करवाएं। यदि आपको बीपी, शुगर, हार्ट अटैक आदि की दवाएं चल रही है तो उनको नियमित रूप से लें। कोलेस्ट्रोल की मात्रा अक्सर सर्दियों में बढ़ जाती है, इसलिए अपनी खून की जांच अवश्य कराएं व डॉक्टर से सलाह लें। सीने में दर्द, जलन, भारीपन, सांस फूलना, चक्कर या बेहोशी आना, धड़कन बढ़ना आदि हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।</p>
<p><strong>दिल के रोगों से ऐसे बचें</strong><br />खाने में घी, तेल एवं नमक की मात्रा कम रखें। फल, सब्जी और सलाद का सेवन ज्यादा करें। नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें और शराब व सिगरेट, बीड़ी और तम्बाकू का सेवन नहीं करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 10:04:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सर्दी का असर बढ़ा, चूरू में रात सबसे सर्द</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश के अनेक हिस्सों में तापमान में गिरावट आने से सर्दी का असर बढ़ गया है।  माउण्ट आबू में रात का तापमान माइनस एक से प्लस 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश के अनेक हिस्सों में तापमान में गिरावट आने से सर्दी का असर बढ़ गया है।  माउण्ट आबू में रात का तापमान माइनस एक से प्लस 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। फतेहपुर शेखावाटी में रात का तापमान 5.1 डिग्री दर्ज हुआ, इससे लोग सर्दी से परेशान रहे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 3-4 दिन में उत्तरी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। इससे कई शहरों में तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट की संभावना है। शेखावाटी अंचल में सर्दी का अधिक असर बना हुआ है। चूरू में बीती रात का तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ, जो चूरू में इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। उत्तरी हवाओं के चलने से राज्य के अनेक हिस्सों में गलन बढ़ी है। </p>
<p>आने वाले दिनों में सर्दी का अधिक असर होगा। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 25.8 और रात का तापमान 11.8 डिग्री दर्ज हुआ। सर्दी का असर बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी है, अलसुबह उठने वाले लोग अब थोड़ी देरी से बिस्तर छोड़ने लगे हैं। </p>
<p><strong>इन हिस्सों में सर्दी का अधिक रहा असर</strong><br />प्रदेश के फतेहपुर शेखावाटी 5.1, सिरोही 9.3, संगरिया 7.4, चूरू 7, सीकर 6.8, पिलानी 7.8, अलवर 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। </p>
<p><strong>सर्दी के असर से खेतों में गिरेगा पाला</strong><br />प्रदेश में धीरे-धीरे सर्दी अपना असर दिखा रही है। आने वाले दिनों में रात के तापमान के चार डिग्री से नीचे जाने के साथ ही खेतों में पाला गिरेगा, इससे रबी की फसल और सब्जियों पर विपरीत असर होगा। सब्जियां खराब हो जाएगी। राज्य सरकार ने इस बार रबी की बुवाई का लक्ष्य 117 लाख हैक्टेयर रखा है, जिसमें से अभी तक प्रदेश में 1.16 लाख हैक्टेयर में रबी की बुवाई हुई है। राज्य में करीब 82.56 प्रतिशत रबी की बुवाई हुई है। आने वाले दिनों में गेहूं की बुवाई में तेजी आएगी, गेहूं की बुवाई राज्य में 82.56 प्रतिशत ही हो पाई है। प्रगतिशील किसान नन्दकिशोर चौधरी ने बताया कि तेज सर्दी में ही गेहूं और जौ की बुवाई होती है, लेकिन तेज सर्दी में रबी की फसल और सब्जी में पाला गिर जाता है, इससे फसल को काफी नुकसान पहुंचता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/effect-of-winter-increases-night-is-coldest-in-churu/article-63671</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Dec 2023 14:02:14 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंदर चौड़े रास्ते लेकिन बाहर लग सकता है जाम </title>
                                    <description><![CDATA[रिवर फ्रंट शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या दो से तीन गुना अधिक बढ़ने पर ट्रैफिक जाम लोगों के लिए कष्ट दायक हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wide-roads-inside-but-there-may-be-jam-outside/article-49366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/sheher-me-avedh-roop-s-sanchalit-ho-rhe-rooftop-restraunt...kota-news-19-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।<strong> दृश्य 1 -</strong> एलिवेटेड पुलिया से गढ़ पैलेस के सामने जाने वाला रास्ता इतना अधिक संकरा है वहां से दोनों तरफ के वाहन आने पर सामान्य दिनों में ही ट्रैफिक जाम हो रहा है। रिवर फ्रंट शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या बढ़ने पर हालात और बुरे हो जाएंगे। यही स्थिति गढ़ पैलेस के सामने से रिवर फ्रंट के रास्ते बोट के बालाजी की तरफ के हैं। </p>
<p><strong>दृश्य 2 -</strong> नयापुरा स्थित विवेकानंद सर्किल से बस स्टैंड की तरफ ढलान और चम्बल की बड़ी पुलिया पर सामान्य दिन हो या कोई बड़ी परीक्षा अक्सर ट्रैफिक जाम के हालात से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। ऐसे में रिवर फ्रंट चालू होने पर यहां से वाहनों का आवागमन अधिक होने से स्थानीय लोग ही नहीं बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। </p>
<p><strong>दृश्य 3 -</strong> नदी पार थर्मल कॉलोनी के सामने हालाकि सड़क चौड़ी कर दी गई है। लेकिन जिस जगह से रिवर फ्रंट का प्रवेश द्वार बनाया गया है। वहां एक सर्किल बनाकर रास्ते को संकरा कर दिया गया। जिससे इस रास्ते से रिवर फ्रंट जाने वाले लोगों को  उसके आनंद से पहले ट्रैफिक जाम की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। </p>
<p> शहर में तैयार हो रहे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट का अगले महीने उद्घाटन होने वाला है। उसके बाद उसे देखने के लिए शहर वासी ही नहीं देश-विदेश से पर्यटकों के आने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन हालत यह है कि रिवर फ्रंट पर जाने के लिए बनाए गए तीनों प्रवेश द्वारों की तरफ जाने वाले रास्ते इतने अधिक संकरे हैं कि वहां वर्तमान में सामान्य दिनों में ही ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे है। रिवर फ्रंट शुरू होने के बाद लोगों व वाहनों की संख्या बढ़ने पर यह हालात और बिगड़ने वाले हैं। इससे निपटने के लिए अभी तक जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने कोई पुख्ता इंÞतजाम व व्यवस्था नहीं की है। जिससे उस समय प्रशासन व पुलिस को तो मशक्कत करनी ही पड़ेगी रिवर फ्रंट घूमने जाने वालों को परेशानी से गुजरना पड़ेगा। सामान्य दिनों में शहर में इन स्थानों से रोजाना छोटे-बड़े हजारों वाहन निकल रहे हैं। रिवर फ्रंट शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या दो से तीन गुना अधिक बढ़ने पर ट्रैफिक जाम लोगों के लिए कष्ट दायक हो सकता है।</p>
<p><strong>यह है वर्तमान स्थिति</strong><br />नयापुरा चौराहे से बस स्टैंड वाले ढलान पर रोडवेज व निजी बसों के खड़े रहने व आॅटो स्टैंड होने से वहां से वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां  नयापुरा की तरफ से बस स्टैंड व बूंदी रोड जाने वाले ट्रैफिक के साथ ही बूंदी रोड व नदी पार से आने वाले वाहनों से ट्रैफिक जाम रहता है। यहां ट्रैफिक पुलिस के जवान भी नहीं है। वहीं कोटा बैराज की तरफ जाने से पहले एलिवेटेड रोड के पास हो या गढ़ पैलेस के सामने भी यही स्थिति है। यहां टिपटा, कैथूनीपोल से किशोरपुरा जाने और किशोरपुरा से पुराने शहर की तरफ जाने वाले वाहनों के कारण सामान्य दिनों में ही लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है।  गढ़ पैलेस के पास सांई बाबा का मंदिर होने से यहां शाम के समय दर्शन करने वालों की भीड़ अधिक रहती है। साथ ही यहां दुकानें व बड़े-बड़े मकान बने होने से आने और जाने दोनों तरफ के रास्ते संकरे हंै। </p>
<p><strong>तीनों प्रवेश द्वार के अंदर चौड़ा रास्ता</strong><br />नगर विकास न्यास द्वारा चम्बल नदी के दोनों किनारों पर कोटा बैराज से नयापुरा स्थित रियासतकालीन पुलिया तक करीब 6 किमी. एरिया में रिवर फ्रंट का निर्माण किया गया है। इतने बड़े एरिया में बने रिवर फ्रंट को देखने आने वाले लोगों  को परेशानी नहीं हो इसे ध्यान में रखते हुए न्यास ने प्रवेश की तीन जगह से व्यवस्था की। जिससे एक जगह पर न तो भीड़ जुट सके और न ही लोगों को परेशानी हो। इसके लिए कोटा बैराज की तरफ बोट के बालाजी साइड पर, नयापुरा में विवेकानंद सर्किल से बस स्टैंड की तरफ और नदी पार सकतपुरा में थर्मल कॉलोनी गेट से प्रवेश की व्यवस्था की है। तीनों जगह पर विशाल प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। उन प्रवेश द्वारों के अंदर जाने के बाद तो सड़क चौड़ी की गई है। जिससे वहां वाहनों के आने पर अधिक परेशानी नहीं होगी। लेकिन वहां भी एक साथ चार पहिया व अन्य बड़े वाहनों के आने पर जाम के हालात बन जाएंगे। वहीं उन प्रवेश द्वार में प्रवेश करने से पहले की परेशानी अधिक कष्ट दायक होने वाली है।  </p>
<p><strong>दशहरा मेला व बरसात के समय अधिक परेशानी</strong><br />कोटा बैराज की तरफ जाने वाले रास्ते पर सबसे अधिक परेशानी दशहरा मेले के दौरान होने वाली है। उस समय यहां सामान्य से अधिक ट्रैफिक रहता है। वहीं बरसात के मौसम में बैराज के गेट देखने और रिवर फ्रंट देखने वालों की संख्या अधिक बढ़ने से उस समय भी यहां परेशानी अधिक हो सकती है। </p>
<p><strong>तीन दिन कैबिनेट बैठक के दौरान भी होगी समस्या</strong><br />रिवरफ्रंट का उद्घाटन होने से पहले कोटा में तीन दिन तक कैबिनेट की बैठक होगी। जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, मुख्य सचिव से लेकर सभी आला अधिकारी भी यहां रहेंगे। उस समय भी रिवर फ्रंट पर लोगों का आवामन अधिक रहने से जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। </p>
<p><strong>शहर कहता है</strong><br />रिवर फ्रंट जिस तरह का पर्यटन स्थल बना है। उसे देखने के लिए शहर के लोग तो जाएंगे ही। बाहर से भी पर्यटक आएंगे। ऐसे में रिवर फ्रंट जाने वाले रास्ते को सुगम व चौड़ा बनाना होगा। प्रशासन को उद्घाटन से पहले ही लोगों को परेशानी से बचाने के इंतजाम करने होंगे। <br /><strong>- के.पी. सिंह, दादाबाड़ी</strong></p>
<p>रिवर फ्रंट को देखने का अभी से लोगों में काफी क्रेज बना हुआ है। अगले महीने उद्घाटन होने के साथही बरसात का मौसम भी शुरू हो जाएगा। नदी का किनारा होने से उस समय इसका आकर्षण बढ़ने से देखने वालों की संख्या अधिक रहेगी। ऐसे में रिवर फ्रंट पर जाने के रास्ते तो तो बना दिए लेकिन उन्हें सुगम भी बनाना होगा। जिससे उस समय लोगों को परेशानी नहीं हो। <br /><strong>- राजेन्द्र कुमार, महावीर नगर</strong></p>
<p>दशहरा मेला और बरसात के समय किशोरपुरा से लेकर पुराने शहर में काफी भीड़ रही है। उस समय लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। रिवर फ्रंट शुरू होने के बाद उधर जाने के संकरे रास्ते से ट्रैफिक जाम की समस्या अधिक होगी। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को मिलकर पहले से ही रास्ते से अतिक्रमण हटाने चाहिए। रास्ता क्लीयर करना होगा। <br /><strong>- अबरार हुसैन, किशोरपुरा</strong></p>
<p>रिवर फ्रंट जाने में लोगों को परेशाानी नहीं हो और जाम नहीं लगे। इसके लिए ही तीन स्थानों से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। जहां तक प्रवेश रास्तों के संकरे होने का सवाल है। </p>
<p> फ्रंट शुरू होने से पहले उन रास्तों के अवरोध हटाने व रास्तों को चौड़ा करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही वहांÞ ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात करने पड़ेंगे तो किए जाएंगे। प्रयास रहेगा कि जाम के हालात नहीं बने और लोगों को परेशानी नहीं हो। इस संबंध में न्यास अधिकारियों व प्रशासन के साथ मिलकर चर्चा की जाएगी। <br /><strong>- कालूराम वर्मा, उप अधीक्षक यातायात </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2023 16:15:48 +0530</pubDate>
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                <title>इधर क्रिकेट का बढ़ रहा क्रेज, उधर खेलों के साथ हो रहा खेल </title>
                                    <description><![CDATA[गांव-गांव,गली-गली से क्रिकेटरों की पौध को पेड़ बनाने के लिए कोटा का जेके पवेलियन अंतरराष्टÑीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हुआ है। इस क्रिकेट स्टेडियम से खेलकर सैंकड़ों खिलाड़ियों ने राष्टÑीय, अंतरराष्टÑीय स्तर पर पहचान बनाई है।  वहीं इस खेल मैदान से एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ियों का रणजी में चयन हो चुका है। लेकिन पिछले पांच वर्षों से क्रिकेट के इस खेल के साथ ही खेल खेला जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-increasing-craze-of-cricket-here--the-game-being-played-with-sports/article-14267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/idhar-cricket-ka-badh-raha-craze.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश के लिए क्रिकेट खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है। कुछ का ये सपना पूरा तो कुछ का अधूरा रह जाता है। वजह है सुविधाओं का अभाव और आर्थिक स्थिति के संकट से गुजरना। शायद इसी कमी को पूरा करने और गांव-गांव , गली-गली से क्रिकेटरों की पौध को पेड़ बनाने के लिए कोटा का जेके पवेलियन अंतर्राष्टÑीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हुआ है। इस क्रिकेट स्टेडियम से खेलकर सैंकड़ों खिलाड़ियों ने राष्टÑीय, अंतर्राष्टÑीय स्तर पर पहचान बनाई है और कोटा का नाम देशभर में रोशन किया है। शाम होते ही इस खेल मैदान में क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों के खिलाड़ी भी खेलते हुए दिखाई देते है। वर्तमान में इस खेल मैदान पर 200 के करीब खिलाड़ी क्रिकेट का अभ्यास करते है। कोटा के लोगों को इस खेल मैदान में रजवाड़ा क्रिकेट लीग, आरसीएल जैसे अनेक क्रिकेट मुकाबलों के चौके-छक्के देखने को मिलते है। वहीं इस खेल मैदान से एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ियों का रणजी में चयन हो चुका है। लेकिन पिछले पांच वर्षों से क्रिकेट के इस खेल के साथ ही खेल खेला जा रहा है। इस मैदान में अब बल्लेबाजों के चौके-छक्के देखने को बहुत कम देखने को मिलते है। इसे क्रिकेट के खिलाड़ियों में निराशा है। <br /><br /><strong>इन खिलाड़ियों ने खेली रणजी</strong><br />कोटा के खिलाड़ी दिव्य प्रताप, नरेश नामा, अमर सिंह नेगी, दलीप चावला,सुभाशुं विजय, संजय भारती, भारत भूषण ने रणजी में खेलकर कोटा का नाम प्रदेश में ही नहीं देश-विदेश में रोशन किया है। इसके साथ ही इस कड़ी में नए खिलाड़ी परिषेक जांगिड़, विनोद, गर्वित भारद्वाज मोंटी सहित अनेक खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर पर खेलकर अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। <br /><br /><strong>डिसेबल्ड क्रिकेटर का हुआ सपना पुरा</strong><br />कोटा से डिसेबल्ड क्रिकेट खिलाड़ी नरेन्द्र कुमार शर्मा का भी देश की जर्सी पहनकर खेलने का सपना पुरा हुआ है। नरेन्द्र 16 साल की उम्र से सचिन तेंदुलकर , सौरभ गांगुली, राहुल द्रविड़ को आदर्श मानकर सामान्य क्रिकेट खेलने लगे। साल 2018 में उन्होंने डिसेबल्ड क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसके बाद बतौर कप्तान राजस्थान डिसेबल्ड क्रिकेट टीम में खेले और अब भारतीय क्रिकेट टीम पिछले ही साल चयन हो गया। <br /><br /><strong>शहर में10 से ज्यादा क्रिकेट अकेडमी</strong> <br />रणजी प्लेयर दिव्य प्रताप के अनुसार कोटा में 10 से ज्यादा क्रिकेट अकेडमी है। इन क्रिकेट अकेडमियों में 300 से ज्यादा क्रिकेट के खिलाड़ी है। जो रोजाना अभ्यास करते है। लेकिन खिलाड़ियों को खेलने के लिए कोई प्लेटफार्म नहीं मिल रहा। लम्बे समय से मैदान में कोई भी क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित नहीं करवाई गई। जिसकी वजह से क्रिकेट के खिलाडियों में मायूसी है।<br /><br /><strong>नए क्लब जुडंÞे तो बने बात</strong> <br /> कोटा में क्रिकेट के पुराने क्लब है, जो निष्क्रिय हो चुके हैं। इन क्लबों के पास अब खेलने के लिए अच्छे खिलाड़ी नहीं है। क्रिकेट में अब नए क्लब जुड़ने चाहिए।  नए क्लबों का अधिक से अधिक जुड़ना जरूरी है। क्रिकेट की और न तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन ध्यान देती है और ना ही राजस्थान क्रिकेट अकेडमी।<br /><strong>- दिव्य प्रताप, रणजी प्लेयर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 14:57:39 +0530</pubDate>
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                <title>बड़ों को प्रणाम करने से बढ़ता है आयु और बल</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। संस्कृत अकादमी में विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय संस्कार-संस्कृति शिविर के तीसरे और अन्तिम दिन स्वतन्त्रता आन्दोलन और युवा तथा मीडिया, सोशल मीडिया और युवा विषय पर जाने माने पत्रकार और लेखक यशवन्त व्यास, जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने अपने विचार रखे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/saluting-elders-increases-life-and-strength/article-13070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/103.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संस्कृत अकादमी में विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय संस्कार-संस्कृति शिविर के तीसरे और अन्तिम दिन स्वतन्त्रता आन्दोलन और युवा तथा मीडिया, सोशल मीडिया और युवा विषय पर जाने माने पत्रकार और लेखक यशवन्त व्यास, जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने अपने विचार रखे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला थे। ये आयोजन झालाना स्थित अकादमी संकुल में  आज़ादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान ललित कला अकादमी, राजस्थान सिंधी अकादमी एवं करुणा संस्थान के संयुक्त तत्त्वावधान में किया जा रहा है। तीन दिवसीय समारोह में चित्रकला प्रतियोगिता, रामायण आधारित प्रश्नमाला और महाभारत आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। समापन पर तीनों प्रतियोगिताओं के विजेताओं को डॉ. बी.डी. कल्ला ने प्रमाण पत्र वितरित किए।<br /> <br /><strong>बड़ों को प्रणाम करने से बढ़ता है आयु और बल- डॉ. बी.डी. कल्ला</strong><br />डॉ. बी.डी. कल्ला ने अपने उद्बोधन में बड़ों को प्रणाम किए जाने की महत्ता पर रोशनी डालते हुए कहा कि जो अपने से बड़ों को प्रणाम करता है उससे उसकी आयु और बल स्वतः ही बढ़ जाते हैं। अगर हम अपने जीवन में आचार्य देव भव, पित्र देवो भव और मात्र देवो भव का भाव जगा लें तो हमारे जीवन की अनेक कठिनाईयां स्वतः ही समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा इनसान के जीवन में सत्य ही सबसे बड़ा धर्म है। मोबाइल के अनावश्यक बढ़ते दुरूप्योग के के प्रति उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि मोबाइल के अनावश्यक इस्तेमाल से बच्चे कई तरह की विकारों और बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को 12वीं कक्षा तक मोबाइल नहीं देने की सलाह दी। कल्ला ने कहा कि इसके बाद बच्चा स्वतः ही परिपक्व हो जाएगा और मोबाइल का सही इस्तेमाल करने का अभ्यस्त हो जाएगा।</p>
<p><br /><strong>इंटरनेट के जरिए ज़िंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है - यशवन्त व्यास</strong><br />इस मौके पर अपने उद्बोधन में यशवन्त व्यास ने कहा कि इंटरनेट का सही इस्तेमाल सीखें क्योंकि इंटरनेट ऐसी चीज है जिसके जरिए ज़िंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लिखना चाहिए जो असरकारक और सत्य हो। ऐसा लिखें जिसमें संशोधन की गुंजाइश नहीं हो। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के युवाओं के हौसले ही से दुनिया आगे बढ़ रही है। इससे पूर्व सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने स्वतंत्रता आन्दोलन में देश के युवाओं के योगदान पर सारगर्भित और जानकारी से परिपूर्ण उद्बोधन दिया। उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद भगत सिंह, चंदेशेखर आजाद सहित अनेक युवाओं के योगदान को रेखांकित किया।<br /> <br /><strong>चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता</strong><br />सारिका राणा, विनायक घोचक, सीमा मण्डल, रोसी जयकुमार और राज पारीक।<br />रामायण आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिता -आयुष ढोकवाल, पिंकी कुमारी बैरवा, कार्तिकेय शर्मा, ईशान झाला , रोशनी बलाई।<br />महाभारत आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिता -संयुक्ता पापड़ीवाल, नेहा महावर, अनूप जाटव, सम्यक जैन और भार्गवी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 18:25:34 +0530</pubDate>
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                <title>जंतर-मंतर पर योग: हमारी आत्मिक शक्ति में वृद्धि करता है योग</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पुरातत्व विभाग की ओर से जंतर-मंतर पर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस पर संबोधन को सुनने के बाद सभी ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/yoga-at-jantar-mantar-yoga-increases-our-spiritual-power/article-12706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sdfgsd.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पुरातत्व विभाग की ओर से जंतर-मंतर पर योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस पर संबोधन को सुनने के बाद सभी ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।<br /><br />कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री अर्जुन मेघवाल ने योग के महत्व को बताते हुए कहा की योग में हम आसन, प्राणायाम, व ध्यान को सम्मिलित करते है योग हमारी आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है। मानवता के लिए योग इस वर्ष की थीम को ध्यान में रखकर दुनियाभर में लोग योगाभ्यास, ध्यान, प्राणायाम इत्यादि कर रहे हैं और भारत के लिए गर्व का विषय है कि पूरी दुनिया उसे देखकर स्वस्थ रहने के लिए संकल्पित हो रही है।<br /><br />बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि योग को दुनिया के सामने लाने में भारत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।बार्डर एरियाज में देखिए 50 डिग्री तापमान में भी हमारे जवान योग करके खुद को फिट रख रहे हैं। उनकी ड्यूटी के समय में भी योग को जोड़ दिया गया है जिससे जवान जो ड्यूटी करते है वह तनावमुक्त रहकर दुश्मन पर पैनी नजर रख सके।<br /><br />संस्थान के कुलपति प्रोफ़ेसर संजीव शर्मा ने बताया की आठवें अंन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम की श्रृंखला में जयपुर में पिछले 100 दिनो से कुछ ना कुछ स्वास्थ्य वर्धक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस शृंखला  में 2 मई को जलमहल पर, 17 जून को हवामहल पर योग प्रदर्शन किया गया। 18 जून  को जवाहर सर्कल पर योग प्रोटकॉल का अभ्यास करवाया गया और दिनांक 20 जून को योग जागरूकता रैली व जुम्बा डान्स पर्फ़ोर्मन्स जैसे अनेक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवाओं और शहरवासियों ने भाग लेकर योग के महत्व को जाना है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य जन-जन में यह संदेश पहुंचना है की योग हमारे शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य एवं दीर्घ निरोग आयु के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। <br /><br />कार्यक्रम में बीएसएफ के अधिकारियों, जवानों, पुरातत्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ साथ सीआरपीएफ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के शिक्षकों , छात्र, कर्मचारी, एपेक्स विश्वविद्यालय के छात्र, प्रतिनिधि,  नेहरू युवा केंद्र, अन्य सामाजिक संगठनों एवं आमजन ने मिलकर योगाभ्यास किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:57:03 +0530</pubDate>
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                <title>डिमांड बढ़ने पर महंगी बिजली लेना शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी की तपन से बिजली उपभोक्ताओं के भी पसीने छूटेंगे। मांग बढ़ने से बिजली कम्पनियां महंगी बिजली खरीदकर उपलब्ध कराएगी। यह अतिरिक्त भार आगामी दिनों में फ्यूल सरचार्ज लगाकर वसूला जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/start-taking-expensive-electricity-when-demand-increases/article-7988"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/electricity--copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गर्मी की तपन से बिजली उपभोक्ताओं के भी पसीने छूटेंगे। मांग बढ़ने से बिजली कम्पनियां महंगी बिजली खरीदकर उपलब्ध कराएगी। यह अतिरिक्त भार आगामी दिनों में फ्यूल सरचार्ज लगाकर वसूला जाएगा। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम ने शॉर्ट टर्म टेंडरिंग को मंजूरी देकर महंगी बिजली खरीदने की कवायद तेज कर दी है। तीनों डिस्कॉम में मार्च से अगस्त तक शॉर्ट टर्म टेंडर के जरिए महंगी बिजली खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निगम ने 800-800 मेगावाट बिजली की मांग को देखते हुए 11.15 रुपए प्रति यूनिट तक की दर में खरीदने की मंजूरी दी है। अलग टेंडर में एक मई से 31 मई तक 200 मेगावाट बिजली दस रुपए प्रति यूनिट और सौ मेगावाट बिजली 11 रुपए प्रति यूनिट रेट पर खरीदी जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में एक मार्च से 31 अगस्त तक हर महीने के हिसाब से अलग-अलग टेंडर खोलकर बिजली खरीद की जाएगी। गर्मी में ज्यादा खरीद रेट होने का हवाला देते हुए निगम ने महंगी बिजली खरीद की मंजूरी दी है, जबकि इससे पहले फरवरी में 150 मेगावाट बिजली 5.34 रुपए से लेकर 6.75 रुपए प्रति यूनिट रेट से खरीद हुई।</p>
<p><strong>शॉर्ट टर्म टेंडर में हर महीने अलग दर</strong><br />ऊर्जा विकास निगम ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम के लिए बिडिंग कराई है। डिमांड को देखते हुए बिजली खरीद टेंडर जल्दी मंजूर किए जाएंगे और खरीद दर भी ज्यादा होगी। मार्च से अगस्त तक बिजली खरीद के लिए अलग अलग शॉर्ट टर्म टेंडर भी करवाए हैं। एक मार्च से 31 मार्च तक 540 मेगावाट बिजली, एक मई से 31 मई तक 490 मेगावाट, एक जून से 30 जून तक 490 मेगावाट बिजली 6.23 रुपए से 9.49 रुपए प्रति यूनिट दर से खरीदने की दर मंजूर की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Apr 2022 12:05:40 +0530</pubDate>
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                <title>सर्द मौसम ने बढ़ाया हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में सिकुड़ जाती है रक्त वाहिकाएं, विशेषज्ञों की राय, बचाव ही है उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-3694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/heart-n-stroke.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों को केवल सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल, इन्फेक्शन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसी मौसम में स्ट्रोक और हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी बहुत तेजी से बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग और पहले से स्ट्रोक एवं हृदय रोग की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है। सर्दियों में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से यह समस्याएं पैदा होती है।  नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पृथ्वी गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में ओपीडी में स्ट्रोक से सम्बंधित समस्याओं का आंकड़ा तकरीबन 10 से 15 फीसदी बढ़ जाता है। आमतौर पर स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं। एक नस का बंद होना और दूसरा नस का फटना यानि ब्रेन हेमरेज। इसकी मुख्य वजह है कि सर्दियों में रक्त वाहिकाएं संकुचन तो करती ही हैं साथ ही व्यक्ति के सर्दी के संपर्क में आने पर बीपी शूट आउट करता है, जिसके कारण हेमरेज का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।<br /> <br /> <strong>स्ट्रोक से ऐसे बचें</strong><br />     दिन में कम से कम आधा घंटा धूप सेकें, शारीरिक व्यायाम करें ताकि रक्त वाहिकाओं का संकुचन कुछ कम हो। <br />     स्ट्रोक के मरीज अपना बीपी नियमित रूप से चेक करते रहें।<br />     शुगर को भी नियंत्रण में रखें।<br /> <br /> <strong>सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव होने से बढ़ता है हार्ट का खतरा</strong><br /> नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल पटोदिया ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने के साथ हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव हो जाता है जो शरीर का तामपान बढ़ा देता है। इस प्रक्रिया का मूल काम शरीर का सर्दी से बचाव करना होता है, लेकिन इसके साथ बीपी और हार्ट रेट बढ़ जाते हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। <br /> <br /> <strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />     बीपी को नियंत्रण में रखने की कोशिश <br />     डाइट और सक्रिय जीवनशैली का ध्यान रखें।<br />     सर्दी से बचें और नियमित व्यायाम करें। पहले से हार्टअटैक की समस्या से जूझ चुके लोग अपना विशेष ध्यान रखें, जरूरी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 15:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>सर्दी में 35 % तक बढ़ जाते हैं स्ट्रॉक</title>
                                    <description><![CDATA[अल्कोहल, धूम्रपान, जंकफूड के कारण 40 से कम उम्र के लोग भी हो रहे स्ट्रोक से पीड़ित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-35---%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AC%E0%A5%9D-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%95/article-3501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/stroke.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी वैसे-वैसे आमजन को बीमारियां जकड़ना शुरू कर देंगी। कड़ाके की ठंड बुजुर्गों के लिए घातक होती है। इस मौसम में खासतौर पर 60 साल से अधिक की आयु वाले लोगों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। वहीं मोटापा, शुगर और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी स्ट्रोक का खतरा रहता है। सर्दियों में स्ट्रोक से होने वाली मौतों के मामले 25 से 35 फीसदी तक बढ़ जाते हैं। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि सर्दी में शरीर के तापमान में कमी और विटामिन-डी के स्तर में कमी और रक्त के गाढ़ेपन में वृद्धि स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा देती है। वहीं ठंडी तेज हवा शरीर के तापमान को और कम कर देती है। इस कारण ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। खून की धमनियों में सिकुड़न या क्लॉटिंग  से मस्तिष्क में खून का प्रवाह बाधित होने पर स्ट्रोक पड़ता है, जबकि मस्तिष्क के भीतर खून की धमनियां फटने पर ब्रेन हैमरेज होता है।<br /> <br /> <strong>30 फीसदी युवाओं में स्ट्रोक</strong><br /> डॉ. सिंह ने बताया कि युवाओं में बढ़ते अल्कोहल, धूम्रपान, जंकफूड के चलन के कारण आज बुजुर्गों के साथ युवा भी स्ट्रोक की चपेट में आने लगे हैं। स्ट्रोक के कुल पीड़ितों में 30 फीसदी युवा हैं, जिनकी उम्र 40 से कम है। साल दर साल यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इन युवाओं में 80 फीसदी पुरुष हैं।<br /> <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>ऐसे बचें</strong></span></span><br /> जहां तक हो सके गुनगुना पानी पीएं। सुबह जल्दी सैर या मॉर्निंग वॉक करें। ठंड से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से खासतौर से सिर को ढांक कर रखें। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल व मधुमेह के मरीज नियमित दवा खाएं और इन्हें कंट्रोल में रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Dec 2021 15:09:50 +0530</pubDate>
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