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                <title>सीएम योगी का ममता बनर्जी पर तीखा हमला: कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से नहीं कर सकता खिलवाड़, 4 मई को राज्य में लहराएगा भाजपा का “भगवा ध्वज”</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए दावा किया कि 4 मई को बंगाल में भगवा ध्वज लहराएगा। उन्होंने 'बुआ-भतीजा' की राजनीति पर कटाक्ष किया और यूपी मॉडल का उदाहरण देते हुए कानून-व्यवस्था और विकास का वादा किया। योगी ने युवाओं से 'सोनार बांग्ला' बनाने के लिए डबल इंजन सरकार चुनने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-yogis-sharp-attack-on-mamata-banerjee-no-one-can/article-151339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mamata-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोलकाता के जोरासांको में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने पर राज्य में भाजपा का “भगवा ध्वज” लहराएगा। सभा में बड़ी संख्या में समर्थक “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में भाजपा करीब 80 प्रतिशत सीटें जीतने जा रही है और राज्य में परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि “कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता” और जनता को अपने वोट का सही इस्तेमाल करने की अपील की। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है।” साथ ही इशारों में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्हें “बुआ-भतीजा” बताते हुए कहा कि वे राज्य के अस्तित्व को कमजोर कर रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने जोरासांको स्थित रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां जहां गुरुदेव और भारत माता की तस्वीरें होनी चाहिए थीं, वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जबरन ममता बनर्जी की तस्वीर लगा दी, जो बंगाल की अस्मिता का अपमान है। सीएम योगी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कभी रोजगार के लिए देशभर के लोग बंगाल आते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उनके अनुसार, बीते वर्षों में हजारों उद्योग और एमएसएमई इकाइयां बंद हो चुकी हैं और लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं।</p>
<p>अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के “कानून-व्यवस्था मॉडल” का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अराजकता थी, लेकिन अब राज्य “नो कर्फ्यू, नो दंगा” की स्थिति में है और धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने जोरासांको से विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” ही विकास और विरासत दोनों को सुरक्षित रख सकती है और बंगाल को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का समय आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:40:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संघ के 100 वर्ष में छवि और हकीकत के बीच रहा अंतर, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : नितिन गडकरी</title>
                                    <description><![CDATA[नितिन गडकरी ने फिल्म 'शतक: संघ के 100 वर्ष' का समर्थन करते हुए इसे आरएसएस की विचारधारा समझने का माध्यम बताया। यह फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-gap-between-image-and-reality-in-the-100-years/article-143607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/nitin-gadkari.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को राष्ट्र निर्माण और मूल्यों पर आधारित विकास पर अपने विशेष ध्यान के लिए जाना जाता है। हाल ही में जारी एक वीडियो के जरिए उन्होंने फिल्म शतक: संघ के 100 वर्ष देखने की अपील की है। उनके अनुसार इस फिल्म को देखकर लोग संघ को सही तरीके से समझ पाएंगे। नितिन गडकरी ने कहा, एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे कई बार लगता है कि संघ की छवि और असलियत के बीच अंतर रहा है। </p>
<p>लोगों की धारणा और जमीन की सच्चाई अलग रही है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे संघ की विचारधारा को समझें, उसके त्याग, समर्पण और देशभक्ति की भावना को जानें। आदिवासी क्षेत्रों में सेवा, सहकारी संस्थाओं और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में संघ ने बड़ा काम किया है। लाखों स्वयंसेवकों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने आगे कहा, देश के विकास में संघ का बड़ा योगदान है। हमें देश के इतिहास के इस महत्वपूर्ण शतक के सफर को मिलकर मनाना चाहिए, संघ को समझना चाहिए और उसकी विचारधारा को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। मैं सभी से निवेदन करता हूं कि यह फिल्म जरूर देखें। </p>
<p><strong>हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया में अग्रणी बनाना</strong></p>
<p>संघ के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा, पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने लाखों युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना जगाई है। मुझे गर्व है कि मैं भी उन स्वयंसेवकों में से एक हूं जिन्हें यह प्रेरणा मिली है। अभी बहुत काम बाकी है और हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया में अग्रणी बनाना है। सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक हर क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाना है। गडकरी ने यह भी कहा, हम दलितों, वंचितों और गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। </p>
<p>हिंदुत्व न तो जातिवादी है और न ही सांप्रदायिक। यह किसी एक धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। सभी धर्मों के लोग भारतीय हो सकते हैं। भारतीय पहचान हमारी संस्कृति, इतिहास और परंपरा से जुड़ी है। यही प्रेरणा हमें संघ से मिली है। शतक फिल्म संघ की विचारधारा, उससे जुड़ी गलतफहमियों, उसके सामाजिक कार्यों और पिछले 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। हाल ही में जारी किए गए इसके ट्रेलर को लेकर लोगों में काफी चर्चा है। यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>NCERT की किताबों में हुआ बदलाव : बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे और हिंदुत्व के विषय हटाए</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे और अल्पसंख्यकों जैसे संवेदनशील विषयों को हटा दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/changes-in-ncert-books-topics-on-babri-masjid-gujarat-riots/article-74574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/ncert.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे और अल्पसंख्यकों जैसे संवेदनशील विषयों को हटा दिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक किए संशोधनों के नवीनतम सेट में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस, गुजरात दंगों में मुसलमानों की हत्या और हिंदुत्व के संदर्भ को हटाने और मणिपुर के भारत में विलय के संदर्भ में बदलाव करना शामिल है। एनसीईआरटी की पाठ्यक्रम मसौदा समिति के तैयार किए गए परिवर्तनों का विवरण देने वाले एक दस्तावेज के अनुसार, राम जन्मभूमि आंदोलन के संदर्भों को राजनीति में नवीनतम विकास के अनुसार बदल दिया गया है। इसे बदलकर 2002 में गुजरात में गोधरा के बाद हुए दंगों के दौरान 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे कर दिया गया है। बदलाव के पीछे एनसीईआरटी का तर्क है, किसी भी दंगे में सभी समुदायों के लोगों को नुकसान होता है। यह सिर्फ एक समुदाय नहीं हो सकता है।</p>
<p><strong>नवीनतम स्थिति से पूरी तरह मेल खाता है</strong><br />बदलाव के पीछे एनसीईआरटी का तर्क यह है कि जो बदलाव लाया गया है वह जम्मू-कश्मीर के संबंध में भारत सरकार की नवीनतम स्थिति से पूरी तरह मेल खाता है। मणिपुर पर, पहले की पाठ्यपुस्तक में कहा गया था, भारत सरकार मणिपुर की लोकप्रिय निर्वाचित विधान सभा से परामर्श किए बिना, सितंबर 1949 में विलय समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए महाराजा पर दबाव डालने में सफल रही। इससे मणिपुर में बहुत गुस्सा और आक्रोश पैदा हुआ, जिसके परिणाम जिसका अहसास अभी भी किया जा रहा है। बदले हुए संस्करण में कहा गया है, भारत सरकार सितंबर 1949 में महाराजा को विलय समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मनाने में सफल रही। अध्याय 8, भारतीय राजनीति में हालिया घटनाक्रम में अयोध्या विध्वंस का संदर्भ हटा दिया गया है।</p>
<p><strong>इसे इस प्रकार बदल दिया गया</strong><br />चौथा, अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर पर सदियों पुराने कानूनी और राजनीतिक विवाद ने भारत की राजनीति को प्रभावित करना शुरू कर दिया, जिसने विभिन्न राजनीतिक परिवर्तनों को जन्म दिया। राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन, केंद्रीय मुद्दा बन गया, जिसने दिशा बदल दी धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर चर्चा की परिणति सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के फैसले (9 नवंबर, 2019 को घोषित) के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के रूप में हुई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Apr 2024 12:19:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अजमेर की सड़कों पर हिंदुत्व का सैलाब  </title>
                                    <description><![CDATA[सकल हिंदू समाज ने निकाला ऐतिहासिक शांति मार्च, कलेक्ट्रेट पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर कलक्टर को सौंपा राष्टÑपति के नाम ज्ञापन

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/hindutva-floods-the-streets-of-ajmer/article-13071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kota1.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। हिन्दू सनातन संस्कृति के सम्मान एवं हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में रविवार को संत महात्माओं की अगुवाई में सकल हिंदू समाज द्वारा ऐतिहासिक शांति मार्च निकाला गया। मार्च में अपार जनसमूह उमड़ा। नसीराबाद रोड स्थित परशुराम मंदिर से जिलाधीश कार्यालय तक निकाले गए इस मार्च में विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए। मार्च के कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बाद में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। शहर के व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद को पूर्ण समर्थन दिया। इधर, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए थे। </p>
<p><strong>जोश व जुनून से लबरेज दिखे लोग </strong></p>
<p>शांति मार्च में लोग जोश व जुनून से लबरेज दिखाई दिए। सुबह से ही शांति मार्च में शामिल होने के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। काफी तादाद में लोग हाथों में तिरंगा लेकर तथा सिर पर केसरिया रंग का साफा बांधकर शामिल हुए। शांति मार्च परशुराम मंदिर, लोको ग्राउण्ड के पास (अजन्ता पुलिया के पास) से प्रारम्भ होकर बाटा तिराहा, केसरगंज गोल चक्कर, पड़ाव, कंवडसपुरा, मदार गेट चैराहा, गांधी भवन, कचहरी रोड, स्वामी कॉम्पलेक्स चौराहा, सूचना केन्द्र होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचा। शांति मार्च का शहर में विभिन्न व्यापारिक व सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। अजमेर शहर के सनातन धर्म से जुड़े संत महात्माओं ने इस विशाल हिन्दू मार्च की अगुवाई की। जिसमें नृसिंह मंदिर महन्त श्याम सुन्दर देवाचार्य, श्री शांतानन्द उदासीन आश्रम के महन्त हनुमानराम, मनोहर उदासीन आश्रम के महन्त रूवरूप दास, अनादी धाम की स्वामी अनादी सरस्वती, स्वामी बालकनाथ, महन्त सीताराम मंदिर, निर्मल आश्रम के महन्त लक्ष्मीनारायण, ईश्वरदास उदासीन के सन्त अर्जुनदास सहित हिन्दू समाज के अनेक अलग-अलग जाति बिरादरी के पदाधिकारी शामिल थे। मार्च में कालीचरण खण्डेलवाल, सुनील दत्त जैन, डॉ. विष्णु चौधरी, विमल गर्ग, शिखर चन्द सिंघी, डॉ. अशोक मेघवाल, शिवरतन वैष्णव, सुदामा शर्मा, प्रभु लोंगानी, गिरधारी लाल मंगल, सुरज नारायण लखोटिया, भोलानाथ आचार्य, नरेश मुद्गल, उमेश गर्ग सहित अनेक समाज के पदाधिकारियों ने भाग लिया।</p>
<p><strong>ज्ञापन में आपत्ति दर्ज कराई </strong></p>
<p>संत महात्माओं और हिन्दू समाज के लोगों ने बाद में जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि भारत वर्ष की सनातन संस्कृति को खण्डित करने के षडयन्त्रों, हिन्दू देवी देवताओं का अपमान एवं उन पर अभद्र टिप्पणीयां, सुनियोजित आगजनी व पथराव, धार्मिक उन्माद तथा हिन्दू बेटी नुपुर शर्मा को दी जा रही धमकियों का सकल हिन्दू समाज विरोध करता है। हम सर्व हिन्दू समाज के लोग विशाल जूलुस एवं ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हैं कि कट्टरवाद, जेहाद फैलाने व हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने, पत्थरबाजी, आगजनी कर भय उत्पन्न करने तथा नुपुर शर्मा व उसके परिवार को धमकियां देने वाले कट्टरवादियों व जेहादियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए जिससे हिन्दू समाज की भावनाओं से हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सके एवं देश में शान्ति, सुरक्षा व सद्भाव का वातावरण बन सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 12:02:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हिंदुत्व वादियों के लिए धर्म एक राजनीतिक हथियार, हमारे लिए सत्य का रास्ता: राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[बाड़ा पदमपुरा में कांग्रेस के तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े राहुल गांधी ने कहा कि हमारी लक्ष्मण रेखा सत्य है, जहां सत्य होगा वहां हम दिखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61cad9718d6bc/article-3602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/rahul_gandhi_2_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर हिंदू बनाम हिंदुत्व का मुद्दा छेड़ते हुए कहा कि हिंदू सत्य के रास्ते पर चलता है और हिंदुत्ववादी धर्म को राजनीतिक हथियार बनाते हैं।</p>
<p><br /> बाड़ा पदमपुरा में कांग्रेस के तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े राहुल गांधी ने कहा कि हमारी लक्ष्मण रेखा सत्य है, जहां सत्य होगा वहां हम दिखेंगे। आज समाज में नफरत और डर फैलाया जा रहा है। सच्चाई को दबाया जा रहा है हम इस नफरत और डर से बिल्कुल नहीं डरकर मुकाबला करेंगे। हमें लोगों को नोटबंदी जीएसटी कृषि कानून की कड़वी सच्चाई को लोगों को बताना होगा इसके लिए कांग्रेस में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित होने जरूरी हैं। हम जिसे हिंदू धर्म और मुस्लिम धर्म करते हैं वह सत्य को ढूंढने का रास्ता है। वही हिंदुत्व वादियों के लिए धर्म रास्ता नहीं है। वह धर्म को राजनीतिक हथियार में बदल देते हैं। हिंदुत्व वादियों को सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है। हम धर्म का उपयोग केवल सच के रास्ते पर चलने के लिए करते हैं। सभी लोगों और कार्यकर्ताओं को यह समझने और समझाने की जरूरत है।</p>
<p><br /> प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने संदेश में सत्य और अहिंसा का विश्लेषण किया है। धर्म हमारे लिए सत्य का रास्ता है। राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी, सीमा विवाद, रोजगार आदि मुद्दों पर बात की है। आज देश में धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है जो लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने समारोह में कहा कि राहुल गांधी ने सत्य की राह पर चलने का जो संदेश दिया है उसे कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर तक पहुंचाएंगे आज हम इस शिविर में संकल्प लेते हैं कि 2024 में मोदी सरकार को देश से उखाड़ फेंकेंगे। समापन समारोह में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Dec 2021 16:32:14 +0530</pubDate>
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                <title>हिंदू बनाम हिंदुत्व के मर्म को समझने की जरूरत, कार्यकर्ता देश के हालातों पर चिंतन करें: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर कांग्रेस के 137 वें स्थापना दिवस समारोह की धूम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/61cab91079190/article-3585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/pcc1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नए मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर कांग्रेस के 137 वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर गहलोत ने कांग्रेस के इतिहास और नेताओं के बलिदान को बताते हुए हिंदू बनाम हिंदुत्व का राग फिर छेड़ा। भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए गहलोत ने कहां के देश गलत दिशा में जा रहा है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के स्थापना दिवस पर पूरे देश के अंदर कार्यकर्ताओं में एक संकल्प लेने का वक्त है कि जो चुनौतियां हमारे सामने हैं, कांग्रेस का त्याग-कुर्बानी- बलिदान कोई भूल नहीं सकते। चाहे कितनी ताकतें कितना ही जोर लगा लें,कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर लें, ऐसी बात करने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे।</p>
<p><strong><br /> कांग्रेस तो हर दिल के अंदर है:</strong><br /> गहलोत ने कहा कि कांग्रेस तो हर घर में, हर दिल के अंदर है,देश के अंदर है, क्योंकि सबको मालूम है कि जो आजादी की जंग लड़ी गई थी, उसमें कितने लोग शहीद हुए थे, कितने लोग फांसी के फंदे पर चढ़े थे, कितने लोगों ने लाठियां-गोलियां खाईं और कितने लोग जेलों में बंद रहे। गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद सब लोगों ने जिस रूप में जेलों में रहकर देशवासियों को एक संदेश दिया। उसका परिणाम रहा कि आखिर में अंग्रेजों को यंहा से जाना पड़ा।</p>
<p><strong><br /> भाजपा की लफाबाजी को लोग समझते हैं:</strong><br /> संविधान अंबेडकर साहब के सानिध्य में बना। आज दुःख होता है कि देश के अंदर उस संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोकतंत्र खतरे के अंदर है, संविधान खतरे के अंदर है, सारी संस्थाएं बर्बाद हो रही हैं, पूरा देश चिंतित है, आज के वक्त में हमें एक नया संकल्प लेना है कि किस रूप में हम अपनी पार्टी की नीतियां, कांग्रेस के कार्यक्रम और कांग्रेस के सिद्धांत, जिसने 70 साल में इस देश को कहां से कहां पहुंचा दिया, जब आजादी मिली हमें तो क्या थे हम लोग, न पानी, न बिजली, न शिक्षा, न स्वास्थ्य, न सड़कें, न नौकरियां थीं, आज सबकुछ देश के अंदर है, फिर भी सुनना पड़ता है हम लोगों को कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया? तो ये जो लफ्बाजी होती रहती है, लोग इन बातों को सब समझते हैं।</p>
<p><br /> <strong>देश का भविष्य कार्यकर्ताओं पर निर्भर:,</strong><br /> आज प्रतिवर्ष की भांति हम कांग्रेस स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर मैं कहना चाहूंगा कार्यकर्ताओं को भी कि कल का भविष्य देश का आप पर निर्भऱ है। हम चाहेंगे कि आप लोग मजबूती के साथ में आज जो हालात देश में हैं, उसका चिंतन करें, मनन करें, एकजुट रहें और मजबूती के साथ में आम जनता का साथ दें, उनकी समस्याएं, उनकी पीड़ाएं, उनके सुख-दुःख में भागीदार बनें और जो मुद्दे हैं देश के सामने, चाहे महंगाई का हो, चाहे बेरोजगारी का हो, चाहे सांप्रदायिकता का हो, उसका मुकाबला करने के लिए भी एकजुट रहें, ये देश हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन सबका है और सबने मिलकर आजादी की जंग लड़ी थी। अब जो ये धर्म के नाम पर जो ये बंटवारा करने का प्रयास कर रहे हैं, मैं समझता हूं कि इनकी पोल खुलती जा रही है।</p>
<p><br /> <strong>हिंदू बनाम हिंदुत्व के मर्म को समझने की जरूरत:</strong><br /> अभी राहुल गांधी ने जो बहस छेड़ी है हिंदू वर्सेज हिंदुत्व की, उसके मर्म को समझने की आवश्यकता है, उनका मर्म यही था कि एक तरफ तो हिंदू है, जिसके महान संस्कार-संस्कृति-परंपराएं सदियों से हैं, जिसके भाव ऐसे हैं कि प्रेम का, भाईचारे का, मोहब्बत का है और वो ताकतें जो हिंदुत्व के नाम पर राजनीति कर रही हैं, उनका हिंदू बनना भी स्यूडो है, जिस प्रकार से अभी साधु-संतों ने जो भाषा काम में ली है हरिद्वार में और रायपुर के अंदर, वो शर्मनाक भाषा है। साधु-संतों का हम सब सम्मान करते हैं, उनका जो भगवा वस्त्र है वो अपने आपमें त्याग का, संस्कार का संदेश देता है। उन साधु-संतों में से कुछ लोगों ने जो कुछ वाणी निकाली है, वो शर्मनाक थी, निंदनीय थी, जितनी निंदा करें, उतनी कम है उनकी और मैं समझता हूं कि एक साधु-संत ने तो खड़े होकर श्यामसुंदर दास ने तो वहीं पर कह दिया कि मैं इस धर्म संसद से अलग होता हूं, उसके मायने क्या हुए? तो आप समझ सकते हैं कि देश बड़े अजीब दौर से गुजर रहा है, ऐसे वक्त में कांग्रेस संगठन की, उसकी विचारधारा की, उसकी नीतियों की, उसके कार्यक्रमों की और ज्यादा जरूरत है देश को, ये मेरा मानना है।</p>
<p><br /> <strong> महात्मा गांधी के लिए बोले शब्द निंदनीय:</strong><br /> धर्म संसद में महात्मा गांधी के लिए बोले शब्दों की निंदा करते हुए गहलोत ने कहा कि जितनी निंदा करें उतनी कम है। महात्मा गांधी जिनको अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस उनके जन्मदिवस को लेकर मना रही है, पूरी दुनिया मना रही है। उस महापुरुष के लिए साधु संतों ने जिस प्रकार के लफ्ज़ काम में लिए, निंदनीय है। ये देश को किस दिशा में ले जाना चाह रहे हैं। जो माहौल देश में है, उस माहौल के अनुरूप ये लोग अपनी वाणी को सामने ला रहे है। देश किस दिशा में जा रहा है, उसको हमें समझना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Dec 2021 14:03:15 +0530</pubDate>
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