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                <title>smuggling - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>smuggling RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में एनसीबी की बड़ी कार्रवाई : 349 किलोहाई ग्रेड कोकीन जब्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 1,745 करोड़ की कीमत</title>
                                    <description><![CDATA[एनसीबी ने 349 किलोग्राम हाई ग्रेड कोकीन जब्त कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़। बरामद खेप की कीमत करीब 1,745 करोड़ रुपए आंकी, हाल की सबसे बड़ी जब्तियों में शामिल। कार्रवाई वैश्विक तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की ओर इशारा करती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-ncb-in-mumbai-349-kilos-of-high/article-152341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुंबई। महाराष्ट्र में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शुक्रवार को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुंबई में 349 किलोग्राम हाई ग्रेड की कोकीन जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 1,745 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस भारी बरामदगी को हाल के समय में कोकीन की सबसे बड़ी जब्ती में से एक माना जा रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यह कार्रवाई भारत की वित्तीय राजधानी के माध्यम से संचालित होने वाले एक सुनियोजित वैश्विक तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है। इस जब्ती ने आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के संचालन के पैमाने को लेकर नई चिंताएं कर दी हैं। मामले की जांच जारी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:07:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’: ड्रग्स माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई, 281 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन स्वीप" के तहत 157 टीमों के साथ दबिश देकर 281 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस मेगा कार्रवाई में भारी मात्रा में स्मैक, गांजा और नकदी बरामद की गई। एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में कार्रवाई कर पुलिस ने नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर शहर में कानून का खौफ पैदा कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/operation-clean-sweep-in-jaipur-major-action-against-drugs-mafia/article-146417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaip.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 281 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान एनडीपीएस एक्ट, स्थानीय अधिनियमों और अन्य मामलों में कई प्रकरण दर्ज किए गए। यह कार्रवाई सचिन मित्तल (पुलिस आयुक्त, जयपुर) के मार्गदर्शन और विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशन्स) ओमप्रकाश के निर्देशन में की गई। पूरे अभियान की निगरानी पुलिस उपायुक्त (अपराध) अभिजीत सिंह द्वारा की गई।</p>
<p><strong>157 टीमों ने एक साथ दी दबिश</strong></p>
<p>12 मार्च 2026 को जयपुर शहर के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जिलों में 157 पुलिस टीमों ने चिन्हित स्थानों पर एक साथ दबिश दी। अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास और अन्य संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।<br />अभियान में हुई प्रमुख कार्रवाई<br />कुल गिरफ्तार आरोपी: 281<br />एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार: 65<br />अन्य अधिनियमों में गिरफ्तार: 40<br />स्थायी वारंटी / इनामी अपराधी: 16<br />धारा 170 बीएनएसएस में गिरफ्तार: 159<br />इसके अलावा स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत 101 नए मामले दर्ज कर 106 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।<br />ड्रग्स और नकदी भी बरामद<br />अभियान के दौरान सीएसटी टीम ने एनडीपीएस एक्ट के 14 प्रकरण दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से<br />11.85 ग्राम स्मैक<br />36 किलो 6 ग्राम गांजा<br />11,350 रुपये की बिक्री राशि बरामद की गई।<br />इसके अलावा आबकारी अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध देशी शराब भी बरामद की गई।</p>
<p><strong>पुलिस का संदेश</strong></p>
<p>जयपुर पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और ड्रग्स तस्करों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस प्रकार के विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे और अपराधियों में कानून का भय कायम रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/operation-clean-sweep-in-jaipur-major-action-against-drugs-mafia/article-146417</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 17:21:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के सबसे बड़े ड्रग लॉडर्स, जो अमेरिका से भी नहीं हुए कंट्रोल: पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक, दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं ड्रग लॉर्ड? </title>
                                    <description><![CDATA[मेक्सिको के कुख्यात माफिया 'एल मेंचो' के खात्मे ने वैश्विक ड्रग नेटवर्क को हिला दिया है। पाब्लो एस्कोबार से लेकर एल चापो तक, इन ड्रग लॉर्ड्स ने अरबों डॉलर के अवैध साम्राज्य खड़े किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/worlds-biggest-drug-lords-who-could-not-be-controlled-even/article-144350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-60-px)-(4).png" alt=""></a><br /><div>जयपुर । दुनिया भर में ड्रग माफिया का नेटवर्क दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कोलंबिया से मेक्सिको और अमेरिका तक फैले इन गिरोहों ने अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से अरबों डॉलर की काली कमाई की। कई बार इनकी ताकत इतनी बढ़ गई कि सरकारों और यहां तक कि महाशक्ति अमेरिका को भी सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग माफिया एल मेंचो को वहां की सिक्योरिटी फोर्स ने मौत के घाट उतार दिया है।  ऐसे में इस कार्रवाई ने सबका ध्यान खींचा है। एल मेंचो अकेला ड्रग माफिया नहीं है जो इतनी सुर्खियां बटोर रहा। हम बताने जा रहे दुनिया के टॉप ड्रग लॉर्ड्स के बारे में, जिन्होंने अपने कारनामों में चर्चा बटोरीं।</div>
<div> </div>
<div><strong>ड्रग लॉर्ड कौन होता है</strong></div>
<div> </div>
<div>सबसे पहले जानिए ड्रग लॉर्ड क्या होते हैं। ऐसा बॉस होता है जो ड्रग तस्करी नेटवर्क, संगठन का प्रभारी होता है। जब स्वतंत्र ड्रग लॉडर््स का एक समूह अपने मुनाफे को बढ़ाने और अवैध ड्रग व्यापार पर हावी होने के लिए एक दूसरे के साथ मिलीभगत करता है, तो वे एक संगठन बनाते हैं जिसे ड्रग कार्टेल कहा जाता है। </div>
<div> </div>
<div><strong>अवैध ड्रग व्यापार की प्रक्रिया आमतौर पर 4 चरणों में चलती है</strong></div>
<div> </div>
<div>उत्पादन: अफीम, कोका पौधे या सिंथेटिक लैब्स में निर्माण।</div>
<div>तस्करी: सीमा पार गुप्त मार्गों, समुद्री रास्तों, हवाई कार्गो या सुरंगों के जरिए सप्लाई।</div>
<div>वितरण नेटवर्क: स्थानीय गिरोहों और गैंग के माध्यम से थोक और खुदरा बिक्री।</div>
<div>मनी लॉन्ड्रिंग: अवैध कमाई को वैध व्यवसायों में निवेश कर सफेद धन में बदलना।</div>
<div> </div>
<div><strong>पाब्लो एक्सोबार </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: मेडेलिन कार्टेल</div>
<div>समयकाल: 1970-1993</div>
<div>खासियत: 1980 के दशक में दुनिया की लगभग 80% कोकीन सप्लाई पर नियंत्रण।</div>
<div>संपत्ति: अनुमानित 25-30 अरब डॉलर।</div>
<div>रणनीति: राजनेताओं को रिश्वत, विरोधियों की हत्या, बम धमाके।</div>
<div>अंत: 2 दिसंबर 1993 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।</div>
<div> </div>
<div>पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर 1949 में हुआ था। 1989 में, फोर्ब्स पत्रिका ने एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर आदमी घोषित किया। इसकी अनुमानित निजी संपत्ति 30 अरब अमेरिकी डॉलर थी। 1986 में, उसने कोलंबियाई राजनीति में एंट्री का प्रयास किया। </div>
<div> </div>
<div><strong>एल चापो </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: सिनालोआ कार्टेल</div>
<div>जन्म: 1957</div>
<div>खासियत: सुरंगों और समुद्री मार्गों से ड्रग तस्करी।</div>
<div>जेल ब्रेक: 2001 और 2015 में हाई-सिक्योरिटी जेल से फरार।</div>
<div>समय काल : 1988 के बाद का समय </div>
<div> </div>
<div>सबसे पहले बात दुनिया के सबसे खतरनाक शातिर ड्रग माफिया की, जिसने जेल में रहकर अपनी दहशत फैलाई। जोआक्किन आर्किवाल्डो एल चापो जिसे दुनिया ड्रग लॉर्ड के नाम से जानती है। मेक्सिको के प्रांत सिनालोआ में 4 अप्रैल 1957 को एल चापो का जन्म हुआ। पिता गांजे और अफीम की खेती करते थे, यानी पैदा होने के साथ ही ड्रग से इसका नाता था। एल चापो भी अपने पिता के साथ खेती में काम करता। </div>
<div> </div>
<div><strong>ड्रग डीलर अमाडो कैरिलो</strong></div>
<div> </div>
<div>जन्म : 1956 में</div>
<div>उपनाम: लॉर्ड ऑफ द स्काईज</div>
<div>कार्टेल: जुआरेज कार्टेल</div>
<div>खासियत: जेट विमानों से कोकीन तस्करी।</div>
<div>संपत्ति: 20-25 अरब डॉलर अनुमानित।</div>
<div>अंत: 1997 में प्लास्टिक सर्जरी के दौरान मौत।</div>
<div> </div>
<div>उसने ड्रग कारोबार से 25 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की। उसे आसमान का स्वामी कहा जाता था क्योंकि वह कोलंबियाई कोकीन को मेक्सिको के विभिन्न हवाई अड्डों तक पहुंचाने के लिए जेट विमानों का इस्तेमाल करता था। </div>
<div> </div>
<div><strong>ओसिएल काडेर्नास गुइलेन </strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: गल्फ कार्टेल</div>
<div>खास कदम: लॉस जेटास नामक सशस्त्र विंग का गठन।</div>
<div>गिरफ्तारी: 2003, बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित।</div>
<div>प्रभाव: कार्टेल को अर्धसैनिक ताकत में बदला।</div>
<div> </div>
<div>ओसिएल काडेर्नास गुइलेन का जन्म 18 मई 1967 में हुआ। वह भी मैक्सिको का बड़ा ड्रग लॉर्ड बना। गुइलेन ने मैक्सिकन सेना की विशेष फोर्स यूनिट के कुछ सदस्यों को अपने साथ मिलाकर कार्टेल की सशस्त्र शाखा का गठन किया। 1999 में, गुइलेन और गल्फ कार्टेल के बंदूकधारियों ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा संभाला। इसी के बाद इस कार्टेल पर एक्शन शुरू हुआ। </div>
<div> </div>
<div><strong>जॉर्ज अल्बर्टो रोड्रिगेज</strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: कैली कार्टेल</div>
<div>खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।</div>
<div>मौत: 2022 में जेल में।</div>
<div> </div>
<div>जन्म अर्जेंटीना में हुआ था और वह प्यूर्टो रिको और कोलंबिया मूल का था। वह कैली कार्टेल के एक भंग हो चुके सीक्रेट गैंग, 400 आपराधिक संगठन का मुखिया था। 12 साल की उम्र में वो ड्रग्स के धंधे में उतरा। 14 साल की उम्र में उसने घर छोड़ दिया, छह साल के भीतर ही रोड्रिगेज ने कोलंबिया से अमेरिका के लगभग हर राज्य में ड्रग्स की तस्करी करके 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति जमा कर ली थी। उसे 6 जुलाई, 1990 को फ्लोरिडा के टल्लाहस्सी में गिरफ्तार किया गया। </div>
<div> </div>
<div><strong>मेक्सिको</strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (उखठॠ)</div>
<div>खासियत: फेंटेनिल और सिंथेटिक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क।</div>
<div>ताकत: अत्याधुनिक हथियारों से लैस गिरोह।</div>
<div>स्थिति: लंबे समय तक अमेरिका की मोस्ट वांटेड सूची में।</div>
<div> </div>
<div><strong>कोलंबिया</strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: कैली कार्टेल</div>
<div>खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।</div>
<div>गिरफ्तारी: 1995, बाद में अमेरिका भेजा गया।</div>
<div>मौत: 2022 में जेल में।</div>
<div> </div>
<div><strong>कोलंबिया/अमेरिका</strong></div>
<div> </div>
<div>उपनाम: कोकीन गॉडमदर</div>
<div>नेटवर्क: मियामी ड्रग युद्धों में सक्रिय।</div>
<div>खासियत: महिला ड्रग डॉन के रूप में बदनाम।</div>
<div>अंत: 2012 में हत्या।</div>
<div> </div>
<div><strong>अमेरिका</strong></div>
<div> </div>
<div>खासियत: वियतनाम युद्ध के दौरान गोल्डन ट्रायंगल से हेरोइन आयात।</div>
<div>रणनीति: बिचौलियों को हटाकर सीधे सप्लाई।</div>
<div>सजा: 1976 में गिरफ्तार, बाद में सजा कम हुई।</div>
<div> </div>
<div><strong>मेक्सिको</strong></div>
<div> </div>
<div>कार्टेल: ग्वाडालाजारा कार्टेल</div>
<div>मामला: अमेरिकी ऊएअ एजेंट की हत्या में शामिल।</div>
<div>गिरफ्तारी: 1985, 2013 में रिहा, फिर 2022 में दोबारा गिरफ्तार।</div>
<div> </div>
<div><strong>म्यामार/थाईलैंड</strong></div>
<div> </div>
<div>क्षेत्र: गोल्डन ट्रायंगल</div>
<div>खासियत: 1970-80 के दशक में दुनिया की बड़ी अफीम सप्लाई।</div>
<div>स्थिति: 1996 में आत्मसमर्पण, 2007 में मृत्यु।</div>
<div> </div>
<div><strong>भारत के लिए क्या सबक ?</strong></div>
<div> </div>
<div>ड्रग्स का अवैध व्यापार सिर्फ लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं है। एशिया में गोल्डन क्रेसेंट (अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार-लाओस-थाईलैंड) भी बड़े स्रोत रहे हैं। भारत में भी सीमावर्ती राज्यों में तस्करी के मामले सामने आते हैं। एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय होने से चुनौती बड़ी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 11:27:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एएनटीएफ का शिकंजा: ऑपरेशन तनिकलील चलाकर एमडी ड्रग्स तस्कर सहित अन्य चार बड़े तस्करों को दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[एएनटीएफ ने राजस्थान में बड़े ऑपरेशन चलाकर एमडी किंग सहित कई तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने भारी मात्रा में डोडा-चूरा, अफीम, हेरोइन और अवैध हथियार बरामद कर नशे का नेटवर्क तोड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/antfs-crackdown-operation-tanikliel-led-to-the-arrest-of-md/article-143224"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(3)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एएनटीएफ लगातार राज्य में नशे की जड़ों को उखाड़ रहा है। एक ओर जहां ऑपरेशन तनिकलील चलाकर जालोर से 25 हजार रुपए के भगोड़े एमडी किंग को दबोचा वहीं पाली राजसमंद सीमा पर तस्करों से हुई मुठभेड़ के बाद 75 लाख का डोडा चूरे समेत हथियार कारतूस बरामद किए। गंगानगर में लगातार तीन दिनों से हेरोइन तस्करों पर कार्रवाई कर करीब 70 लाख की हेरोइन सहित तस्कर को गिरफ्तार किया। एटीएस व एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में लगातार सात कार्रवाई की हैं। </p>
<p><strong>पहली कार्रवाई: 506 किलो डोडा-चूरा और हथियार बरामद</strong></p>
<p>पाली टीम ने अवैध मादक पदार्थ तस्कर दिनेश उर्फ  नैनाराम निवासी सरनाड़ा की ढाणी कांकेलाव जोधपुर को गिरफ्तार कर 506 किलो अवैध डोडा-चूरा, एक पिस्टल, मैगजीन मय तीन जिंदा कारतूस व बारहबोर गन के 13 जिन्दा कारतूस और स्कार्पियो समेत 10 अलग-अलग नम्बरों की नम्बर प्लेट जब्त की। टीम का पीछा करने पर तस्करों की गाड़ी पंक्चर हो गई, लेकिन फिर भी वे नहीं रुके। टीम ने पीछा कर दबोच लिया। </p>
<p><strong>दूसरी कार्रवाई: धोरीमन्ना से 25 हजार का इनामी दबोचा </strong></p>
<p>एएनटीएफ ने ऑपरेशन तनिकलील चलाकर दो साल से फरार तस्कर कमलेश (22) निवासी फागलिया बाखासर बाड़मेर को गिरफ्तार कर लिया। कमलेश पर बाड़मेर पुलिस अधीक्षक से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। आरोपी साथी अपराधियों की जेल से रिहाई होने की खुशी में पार्टी में शामिल होने धोरीमन्ना आया था। पार्टी करने के बाद धोरीमन्ना में एक पैट्रोल पम्प पर अपने साथियों के साथ स्कापियों गाड़ी में डीजल भराने आया था। टीम ने उसे दबोच लिया।</p>
<p><strong>तीसरी कार्रवाई: अफीम सप्लायर को पकड़ा</strong></p>
<p>एएनटीएफ को सूचना मिली कि रीको एरिया बाड़मेर में एक व्यक्ति अवैध मादक पर्दाथ अफीम की छोटी-छोटी पूड़िया बनाकर मजदूर वर्ग व अन्य लोगों को सप्लाई करता है। इस पर टीम ने सादा वस्त्रों में दबिश देकर बाबूलाल (49) निवासी सेडवा हाल बीदासर रोड़ बाड़मेर को दबोचा। उससे 1 किलो 286 ग्राम अफीम का दूध व 334 ग्राम निर्मित अफीम बरामद किया गया। आरोपी 7वीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी करता है। </p>
<p><strong>चौथी कार्रवाई: तस्कर से 102.12 ग्राम हेरोइन बरामद</strong></p>
<p>एएनटीएफ को सूचना मिली कि एक तस्कर पंजाब से राजस्थान अवैध मादक पदार्थ ला रहा है। टीम ने रेलवे स्टेशन के पास बने सिंचाई विभाग के खण्डरों की तरफ  जाते हुए तस्कर हर्ष सोनी (21) निवासी रायसिंहनगर गंगानगर को दबोचकर उसके कब्जे से 102.12 ग्राम हेरोइन बरामद कर ली। </p>
<p><strong>पांचवी कार्रवाई: अफीम सप्लाई करने आया तस्कर गिरफ्तार</strong></p>
<p>एएनटीएफ को सूचना मिली कि भारतमाला हाईवे पर सांगाणा टोल के पास एक होटल में अवैध मादक पदार्थ अफीम के तस्कर सप्लाई देने के लिए आने वाले हैं। टीम ने दबिश देकर पवन मुड़ेल (25) निवासी पीपाड़ शहर, चेतन (20) निवासी सायला जालोर, अभिषेक (20) निवासी पीपाड़ शहर जोधपुर और राजूराम (21) निवासी बागौड़ा जालोर को गिरफ्तार कर 04.211 किलोे अफीम का दूध बरामद करने के साथ ही दो गाड़ी जब्त कर लीं। </p>
<p><strong>छठवीं कार्रवाई: एक महिला सहित दो तस्कर पकड़े </strong></p>
<p>एएनटीएफ को सूचना मिली कि एक कार से एक महिला व दो व्यक्ति तस्करी करने आ रहे हैं। इस सूचना पर टीम ने दबिश देकर राणोबाई (38) निवासी अनूपगढ़ श्रीगंगानगर, सोनीराम उर्फ  सोनू (26) निवासी रावला श्रीगंगानगर, राजकुमार (24) निवासी नई मण्डी श्रीगंगानगर, को पकड़कर 96 ग्राम हेरोइन बरामद कर ली। </p>
<p><strong>सातवीं कार्रवाई: 115 ग्राम हेरोइन बरामद</strong></p>
<p>एएनटीएफ को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध पंजाब से हेरोइन लेने गए हैं। इस सूचना पर टीम ने दबिश देकर गुरप्रीत सिंह (21), दिलप्रीत सिंह उर्फ  डीके (20), अनिल कुमार (28) निवासी रावला मंडी और रवि कुमार (29) निवासी जवाहर नगर श्रीगंगानगर को गिरफ्तार कर 115 ग्राम हेरोइन बरामद कर ली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:26:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तुर्की में एक टन से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त, 144 तस्कर गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की में 10 दिन चले अभियानों में पुलिस ने 1.24 टन नशीले पदार्थ, 18.3 लाख गोलियां जब्त कर 144 तस्करों को हिरासत में लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/more-than-one-ton-of-drugs-seized-in-t%C3%BCrkiye-144/article-142522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(23).png" alt=""></a><br /><p>इस्तांबुल। तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने सोमवार को घोषणा की कि तुर्की पुलिस ने पिछले 10 दिनों में देश भर में चलाये गये अभियानों में 1.24 टन नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले 144 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।</p>
<p>येरलिकाया ने एक्स पर एक बयान में कहा कि इन छापों के दौरान पुलिस ने 18.3 लाख नशे की गोलियां भी जब्त कीं। मंत्री ने बताया कि 24 प्रांतों में चलाए गये इन अभियानों का समन्वय मुख्य सरकारी वकीलों और एंटी-नारकोटिक्स इकाइयों ने किया था। </p>
<p>तुर्की ने हाल के वर्षों में ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। यूरोप और एशिया के बीच इसकी रणनीतिक स्थिति, साथ ही व्यस्त सीमा क्रॉसिंग और सीमा शुल्क के दरवाजों के कारण यह तस्करों के लिए एक प्रमुख रास्ता बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:49:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तरबूजों की आड़ में 100 बक्सों में मिले 18000 जिलेटिन स्टिक और 4800 डेटोनेटर, विस्फोटकों की तस्करी से केरल में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[केरल पुलिस ने तरबूज की आड़ में तस्करी हो रहे 18 हजार जिलेटिन स्टिक और 4,800 डेटोनेटर बरामद किए, मिनी लॉरी चालक तमिलनाडु का गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stir-in-kerala-due-to-smuggling-of-18000-gelatin-sticks/article-142118"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>पलक्कड़। केरल की पलक्कड़ साउथ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद की है। इसे एक मिनी लॉरी में तरबूज की आड़ में तस्करी कर ले जाया जा रहा था। यह कार्रवाई बुधवार रात करीब 9 बजे पलक्कड़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के पास याक्कारा सर्विस रोड पर की गई। इस मामले में पुलिस ने लॉरी चालक सेंथिल कुमार को हिरासत में लिया है। जो कि तमिलनाडु का रहने वाला बताया जा रहा है।</p>
<p>कहां की कार्रवाई: पुलिस के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई साउथ इंस्पेक्टर विपिन कुमार को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक मिनी लॉरी को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और आगे बढ़ने लगा। इसके बाद पुलिस ने लॉरी का पीछा किया और आखिरकार सर्विस रोड पर उसे घेरकर रोक लिया।</p>
<p><strong>तरबूज की आड़ में तस्करी</strong></p>
<p>जब पुलिस ने लॉरी की तलाशी ली तो सभी हैरान रह गए। तरबूजों से भरी दिखने वाली लॉरी के नीचे 100 से ज्यादा बॉक्स छिपाए गए थे, जिनमें करीब 18 हजार जिलेटिन स्टिक और 4,800 डेटोनेटर रखे हुए थे। पुलिस का कहना है कि ये बेहद खतरनाक और महंगे विस्फोटक हैं। इनका इस्तेमाल आमतौर पर खदानों और पत्थर तोड़ने के काम में किया जाता है। सुरक्षा को देखते हुए मौके पर बम स्क्वॉड को भी बुलाया गया ताकि विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके।</p>
<p><strong>तमिलनाडु का रहने वाला है चालक</strong></p>
<p>शुरूआती पूछताछ में चालक सेंथिल कुमार ने बताया कि यह विस्फोटक तमिलनाडु के धारापुरम इलाके के थुप्पूर से लाया जा रहा था और इन्हें केरल के त्रिशूर जिले तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, पुलिस को शक है कि इसके पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है। इसी वजह से चालक से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये विस्फोटक किसके लिए और किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे।</p>
<p><strong>पहले भी पकड़े जा चुके हैं विस्फोटक</strong></p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल भी पलक्कड़ और कोयंबटूर पुलिस ने मिलकर तमिलनाडु से केरल लाए जा रहे 40 हजार से ज्यादा जिलेटिन स्टिक और करीब 5,000 डेटोनेटर जब्त किए थे। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:29:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोचीन हवाई अड्डे पर दो करोड़ रुपये का मेथाक्वालोन जब्त, दोहा की महिला गिरफ्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[कोच्चि एयरपोर्ट पर जांच के दौरान 3.98 किलो मेथाक्वालोन बरामद हुआ। दोहा से आई महिला यात्री को सीमा शुल्क ने हिरासत में लेकर जांच शुरू की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/methaqualone-worth-rs-2-crore-seized-at-cochin-airport-doha/article-140912"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)5.png" alt=""></a><br /><p>कोच्चि। केरल के कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार शाम घरेलू टर्मिनल पर सामान की नियमित जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया। इस मामले में शामिल दोहा की महिला यात्री को फिलहाल सीमा शुल्क ने हिरासत में लिया है और उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।</p>
<p>यह घटना तब घटी जब सीआईएएल के इनलाइन स्क्रीनिंग कर्मी ने चेक-इन किए गए बैग में संदिग्ध सामग्री देखी। विस्तृत जांच से पता चला कि प्रतिबंधित सामान को पंजीकृत सामान में बड़ी चालाकी से छिपाया गया था। टर्मिनल के चौथे स्तर पर की गई गहन जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने सामान में छिपे दो पैकेट बरामद किए।</p>
<p>संदिग्ध सामग्री का पता चलने के बाद, ड्यूटी मैनेजर ने तुरंत सीमा शुल्क अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद, महिला यात्री को जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान एवं अन्य सामान सहित आगे की जांच तथा कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों को सौंप दिया गया।</p>
<p>यात्री दोहा से कोच्चि पहुंची थी और बाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 1828 से दिल्ली जाने के लिए घरेलू टर्मिनल गई थी। सीमा शुल्क अधिकारियों ने कहा कि जब्त पदार्थ की पहचान मेथाक्वालोन के रूप में हुई है जिसका वजन 3.98 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रतिबंधित पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। प्रतिबंधित सामग्री के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 11:14:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मणिपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी, तीन ड्रग तस्करों के साथ एक उग्रवादी गिरफ्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में सुरक्षा बलों ने जांच चौकी पर वाहन रोककर तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। 5.89 किलो नशीली गोलियां और वाहन जब्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-for-security-forces-in-manipur-one-militant-arrested/article-139268"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/manipur1.png" alt=""></a><br /><p>इंफाल। सुरक्षा बलों ने रविवार को मणिपुर के तेंगनौपाल-पीएस, तेंगनौपाल जिले में एक 'जांच चौकी' पर एक गाड़ी को रोककर तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सोमवार को बताया कि तीनों की पहचान जेम्स बाइट, हाटनेइकिम बाइट (50) और डेविड टी माटे के रूप में हुई है।</p>
<p>जेम्स और हाटनेइकिम तेंगनौपाल जिला निवासी हैं, जबकि डेविड चुराचांदपुर जिले का निवासी है। उनके पास से लगभग 5.89 किलोग्राम वब्ल्यूवाई टैबलेट और एक चार पहिया वाहन जब्त किया गया। रविवार को एक अन्य घटना में सुरक्षा बलों ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर एक उग्रवादी समूह का सदस्य था और जिसकी पहचान इंफाल पूर्वी जिले के निवासी के रूप में हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 12:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>वेनेजुएला को चारों ओर से घेर रही अमेरिकी सेना : 8 युद्धपोतों पर 4500 सैनिक तैनात, ड्रग तस्करी रोकने का नाम दे रहा अमेरिका </title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ बढ़ते तनाव के बीच कैरिबियन के दक्षिणी इलाके में अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती कर रहे हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-is-giving-the-name-of-stopping-drug-smuggling-4500/article-127665"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news25.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ बढ़ते तनाव के बीच कैरिबियन के दक्षिणी इलाके में अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती कर रहे हैं। इसमें एफ-35 स्टील्थ जेट और अन्य हथियार शामिल हैं। अमेरिका इसे ड्रग तस्करी रोकने का नाम दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यह हमले की तैयारी जैसा लगता है।</p>
<p><strong>वर्तमान ताकत क्या है?</strong><br />अभी 8 युद्धपोतों पर 4500 सैनिक तैनात हैं। ये वेनेजुएला पर आक्रमण के लिए कम हैं। ये जहाज ड्रग तस्करी वाले देशों पर हमला नहीं कर सकते, ये ताकतें पूर्वी पैसिफिक में नहीं हैं, जहां मुख्य ड्रग रोकथाम होती है।</p>
<p><strong>गुप्त विशेष बलों की तैनाती</strong><br />एलीट स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट्स की गुप्त तैनाती से लगता है कि वेनेजुएला के अंदर हमले या कमांडो छापे हो सकते हैं। अमेरिका ने दक्षिणी कमांड क्षेत्र में चौथा गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर भेजा है। कल यूएसएस स्टॉकडेल पनामा पहुंचा। अब क्षेत्र में कम से कम 10 अमेरिकी नौसेना के जहाज हैं, जो  पूरी दुनिया में तैनात अमेरिकी जहाजों का 13% है।</p>
<p><strong>लॉजिस्टिक्स और समर्थन</strong><br />पुर्तगाल रिको और यूएस वर्जिन आइलैंड्स पर लॉजिस्टिक हब बढ़े हैं। ईंधन स्टेशन, हथियार भंडार और कमांड सेंटर सक्रिय हैं। ये लंबे ऑपरेशन चलाने में मदद करेंगे।</p>
<p><strong>कानूनी आधार</strong><br />जुलाई में राष्ट्रपति ट्रंप ने गुप्त आदेश पर हस्ताक्षर किए। ये लैटिन अमेरिका में नार्को-टेररिस्ट नेटवर्क पर बल प्रयोग की मंजूरी देते हैं। अगर कोई सरकार इनकी मदद करे, तो सीमा पार हमला हो सकता है। वेनेजुएला के राज्य-संबंधित कार्टेल निशाने पर हैं।</p>
<p><strong>क्या-क्या भेजा गया?</strong><br /><strong>हवाई ताकत:</strong> 10 एफ-35ए लाइटनिंग 11 स्टेल्थ फाइटर जेट पुर्तगाल रिको में। ये निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और हमले के लिए हैं। </p>
<p><strong>नौसेना की ताकत:</strong> तीन आर्लेघ बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर - यूएसएस जेसन डनहम, यूएसएस ग्रेवली और यूएसएस सैम्पसन। हर में 90 से ज्यादा वर्टिकल लॉन्च सेल हैं, जो टोमाहॉक क्रूज मिसाइल, एयर डिफेंस और एंटी-सबमरीन हथियार छोड़ सकते हैं। </p>
<p><strong>एम्फीबियस ग्रुप:</strong> एलडब्ल्युओ जिमा एम्फीबियस रेडी ग्रुप में यूएसएस एलडब्ल्यूओ, यूएसएस सैन एंटोनियो और यूएसएस फोर्ट लॉडरडेल। इनमें 4500 नाविक और मरीन (22वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट) हैं।</p>
<p><strong>अन्य जहाज:</strong> यूएसएस लेक एरी क्रूजर, मिनियापोलिस-सेंट पॉल लिटोरल कॉम्बैट शिप और एक न्यूक्लियर सबमरीन। ये समुद्र के नीचे नियंत्रण और जासूसी के लिए हैं।</p>
<p><strong>निगरानी: </strong>पी-8 पोसाईडन विमान और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन कार्टेल इलाकों पर नजर रख रहे हैं। ये हमलों के लिए लक्ष्य चुनने में मदद करते हैं।</p>
<p><strong>विशेष बल: </strong>स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस के गुप्त दस्ते जहाजों और फॉरवर्ड जगहों पर तैनात है। ये कार्टेल कमांड की मदद पर छापे मार सकते हैं।</p>
<p><strong>संभावित लक्ष्य</strong><br />अगर आदेश मिले, तो पहले वेनेजुएला के एयर डिफेंस, रडार (ला ओरचिला, बार्सिलोना, सुक्रे) और नौसेना ठिकाने (पारिया प्रायद्वीप) नष्ट होंगे। फिर कार्टेल लॉजिस्टिक्स, गुप्त एयरस्ट्रिप और कम्युनिकेशन नोड को नष्ट किया जाएगा।</p>
<p><strong>क्या आगे होगा?</strong><br />अभी युद्ध की घोषणा नहीं हुई, लेकिन कैरिबियन में स्थिति पुराने अमेरिकी अभियानों जैसी है। नौसेना, हवाई ताकत, लैंडिंग फोर्स और स्पेशल यूनिट्स मिलकर तेज हमला कर सकती हैं। यह मादुरो सरकार के खिलाफ रणनीतिक बदलाव दिखाता है। भविष्य में कार्टेल पर सीमित हमला हो सकता है या राजनीतिक स्ट्राइक। अमेरिका के पास अब वेनेजुएला के चारों तरफ हमले की पूरी तैयारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:44:55 +0530</pubDate>
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                <title>40 हजार का इनामी बदमाश पकड़ा : अवैध मादक पदार्थ तस्करी व आर्म्स एक्ट के मामले में एक साल से था वांछित, नीमच, मंदसौर, इंदौर में काट रहा था फरारी </title>
                                    <description><![CDATA[एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई कर 40 हजार का इनामी बदमाश पकड़ा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/40-thousand-prize-crooks-caught-illegal-drug-smuggling-and-arms/article-107334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई कर बाड़मेर जिले के थाना गुड़ामालानी में एनडीपीएस एवं आर्म्स एक्ट के मामले में करीब 1 साल से फरार चल रहे 40 हजार रुपए के इनामी बदमाश बाबूलाल धाकड़ पुत्र प्रेमचंद (34) निवासी गांव हरिपुरा थाना बेंगू जिला चित्तौड़गढ़ को चित्तौड़गढ़-कोटा हाईवे पर काटुन्दा मोड़ के पास घेराबंदी कर पकड़ लिया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एमएन ने बताया कि शातिर बदमाश बाबूलाल धाकड़ को रात को चित्तौड़गढ़ के बेंगू थाने की कस्टडी में रख दस्तयाबी के बारे में थाना गुड़ामालानी पुलिस को सूचित कर दिया गया है। बुधवार सुबह बेंगू थाने से गुड़ामालानी पुलिस आरोपी को अपने मामले में साथ ले गई है।आरोपी मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, इंदौर में फरारी काट रहा था, जिसके होली पर गांव आने की एजीटीएफ टीम को सूचना मिली थी।  </p>
<p>एडीजी एमएन ने बताया कि वांछित बदमाशों, गैंगस्टर्स एवं आपराधिक गिरोह के सदस्यों के बारे में आसूचना संकलन एवं उनकी धर पकड़ के लिए उप महानिरीक्षक पुलिस योगेश यादव एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन एवं इंस्पेक्टर फूलचंद टेलर के नेतृत्व में एएसआई शैलेंद्र शर्मा, हेड कांस्टेबल मदनलाल, अरुण कुमार, कांस्टेबल बृजेश कुमार एवं श्रवण कुमार को उदयपुर रेंज की और रवाना किया गया था।</p>
<p><strong>होली पर गांव आने की मिली थी सूचना</strong><br />एमएन ने बताया कि इसी दौरान टीम के सदस्य एएसआई शैलेंद्र शर्मा व कांस्टेबल बृजेश कुमार को सूचना मिली कि बाड़मेर के गुड़ामालानी थाने में एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित 40 हजार का इनामी बाबूलाल धाकड़ मध्य प्रदेश में फरारी काट रहा है, जो होली के त्योहार पर अपने गांव हरिपुरा थाना बेंगू आएगा। सूचना की पुष्टि के बाद मंगलवार को एजीटीएफ ने बेंगू से 7-8 किलोमीटर पहले चित्तौड़गढ़ कोटा हाईवे पर काटुन्दा मोड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।<br />     <br />आरोपी बाबूलाल धाकड़ को थाना बेंगू की कस्टडी में रखा गया था, जहां से बुधवार सुबह को गुड़ामालानी थाना पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध चित्तौड़गढ़ जिले के बेंगू एवं पारसोली थाने में भी डकैती, महिला का अपहरण कर यौन शोषण, मारपीट सम्बन्धी चार आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज है।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong></p>
<p>गत वर्ष 13 अप्रैल 2024 को थाना गुड़ामालानी व डीएसटी टीम द्वारा लूणवा चारणान गांव में पप्पू उर्फ नरेश कुमार विश्नोई पुत्र गंगाराम के घर दबिश देकर कुल 15.782 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध, एक पिस्टल जिसमें एक खाली मैग्जीन लगी हुई व एक मैग्जीन में चार जिन्दा कारतुस भरे हुए जब्त किए थे।<br />      <br />बरामद मादक पदार्थ व हथियार के बारे में आरोपी पप्पू उर्फ नरेश ने बताया कि अफीम का दूध उसने बाबू लाल धाकड़ एवं हथियार व कारतूस साल 2016 में हरिकिशन विश्नोई निवासी सेवड़ी से 37 हजार रूपये में खरीदे थे। मामले में आरोपी बाबूलाल धाकड़ की गिरफ्तारी के लिए आईजी जोधपुर रेंज विकास कुमार द्वारा 6 मार्च 2025 को 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उक्त संपूर्ण कार्रवाई में एएसआई शैलेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल मदन लाल, अरुण कुमार एवं कांस्टेबल बृजेश कुमार व श्रवण कुमार की विशेष भूमिका रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 17:12:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सदन में फिर गूंजा हनुमानगढ़ में नशे की तस्करी का मामला : अमित चाचाण ने सवाल करते हुए कहा- यह गंभीर और गैर राजनीतिक मुद्दा, नशे के चलते बढ़ रहे चोरी-डकैती के मामले; बेढम ने दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[रोकने के लिए समय-समय पर सरकार ने पत्र जारी किया और  अभियान चलाया है। समाज में जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-case-of-drug-smuggling-in-again-in-the/article-106592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy74.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में हनुमानगढ़ में नशे की तस्करी का मामला सदन में फिर गूंजा। विधायक अमित चाचाण ने मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों को लेकर सवाल उठाया। इस पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि 404 प्रकरणों में 894 मुल्जिम को गिरफ्तार किया गया और 354 प्रकरणों में चालक न्यायालय में पेश किए गए। अमित चाचाण ने कहा कि यह गंभीर और गैर राजनीतिक मुद्दा है। नशे की वजह से रिश्ते खराब हो रहे और समाज में चोरी डकैती आदि बढ़ रहे हैं। क्या सरकार विशेष अभियान चलाकर सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ी है। उसको रोकने के लिए समय-समय पर सरकार ने पत्र जारी किया और  अभियान चलाया है। समाज में जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की गई है।</p>
<p>अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राजस्थान में जो भी अपराध होंगे, उनके खिलाफ सरकार पूरी सजग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा मामला गंभीर है। क्या ऐसे मामलों में पुलिस गठजोड़ की शिकायत प्राप्त हुई है।<br />जवाहर सिंह बेढम ने कहा सरकार ने समय-समय पर स्वत: संज्ञान लेकर के एडवाइजरी जारी की है। पुलिस गठजोड़ को लेकर कहा कि मेरे संज्ञान में ऐसी जानकारी अभी तक नहीं आई। पुलिस गठजोड़ की शिकायत मिलेगी तो कठोर कार्रवाई करेंगे। अपराधियों की संपत्ति जप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र भी खोले जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 13:27:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>परिचर्चा : नशा मुक्ति के लिए जरूरी है सामूहिक प्रयासों की चोट, नशे की हो रही होम डिलिवरी </title>
                                    <description><![CDATA[ समाज के विभिन्न मुद्दों पर आयोजित परिचर्चा की श्रंखला में शुक्रवार को ड्रग्स के समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर दैनिक नवज्योति कार्यालय में मासिक परिचर्चा का आयोजन किया गया
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/discussion--collective-efforts-are-necessary-for-de-addiction/article-105137"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer90.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। समाज के विभिन्न मुद्दों पर आयोजित परिचर्चा की श्रंखला में शुक्रवार को ड्रग्स के समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर दैनिक नवज्योति कार्यालय में मासिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में ड्रग्स के उत्पादन, सप्लाई, डिमांड, तस्करी, मादक पदार्थों की अवेलिबिलिटी, रोकने के इंतजाम के साथ समाज पर पड़ रहे प्रभाव पर चर्चा की गई। परिचर्चा का विषय था ड्रग्स आर लाइक टरमाइट्स विच ईट्स द बॉडी था। इस परिचर्चा में सेन्ट्र ब्यूरो आॅफ नारकोटिक्स के डिप्टी कमिश्नर, एडिश्नल एपपी, विभिन्न एनजीओ के सदस्य,साइकेटिस्ट, समाज शास्त्री, प्रोफेसर ,ब्रह्मा कुमारी की बहनें, किसान नेता सहित कुछ ऐसे लोगों को भी आमंत्रित किया गया था जो स्वयं ड्रग्स के दलदल में फंस चुके थे। परिचर्चा के दौरान सभी विषय विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी । प्रस्तुत हैं उसके अंश </p>
<p><strong>नशे की हो रही होम डिलिवरी </strong><br />कोटा शहर को यदि नशे से मुक्त कराना है तो रुट्स को पहचानना और उसे तोड़ना होगा, जो प्रतिबंधित नशा सामग्री है, वह ब्लैक से बिक रही है। ऐसे में सप्लाई चैन को खत्म करना जरूरी है। हालात यह है, नाबालिगों से न केवल नशा बिकवाया जा रहा है बल्कि होम डिलिवरी भी करवाई जा रही है। ऐसे में जनजागरण को साथ लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। <br /><strong>- कुलदीप अडसेला,सचिव परिवर्तन सेवा संस्थान नशा मुक्ति केंद्र कुन्हाड़ी</strong></p>
<p><strong>5 साल के अथक प्रयास से छूटा नशा</strong><br />सन 1984-85 में तिनका-तिनका जोड़कर मकान बनाया था।  वर्ष 1986  में बाढ़ आई तो मकान ढह गया। जिससे मैं तनाव में रहने लगा। काम-घंधे भी छूट गए। इसी दौरान साथियों के साथ पहली बार स्मैक पी तो कुछ समय के लिए अपने गम भूल गया। फिर स्मैक की लत लग गई। फिर इंजेक्शन लगाने लगा। लेकिन यह नशा महंगा होने के कारण इंजेक्शन वाला नशा करने लगा। बाद में कुछ लोगों की मदद से नशा मुक्ति केंद्र पहुंचा, जहां पांच साल इलाज चला और अथक प्रयासों से आज नशे की गिरफ्त से आजाद हो सका।<br /><strong>- सत्यनारायण, नशा पीड़ित</strong></p>
<p><strong>नशे का कारोबार जड़ से खत्म करने की जरूरत</strong><br />गांजा कॉमन हो चुका है, कोई कॉलेज ऐसा नहीं बचा, जहां गांजे का सेवन नहीं होता हो। अफीम के बाद स्मैक का नशा तेजी से बढ़ रहा है। हालात यह है कि कोई स्मैक के नशे में पड़ जाता है तो फिर उसे छोड़ नहीं पाता। इस समय सबसे ज्यादा नशे का रेशो स्मैक का आ रहा है। घर-परिवार बर्बाद हो जाता है। नशे की ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है, जिसे खासकर किशोरावस्था से युवाअवस्था तक नशे की गिरफ्त में हैं, जिन्हें बचाने के लिए नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की जरूरत है।  <br /><strong>- रजनीश मेहरा, ड्रग्स डिएडिक्शन साइक्लोजिस्ट</strong></p>
<p><strong>नशा मुक्त  कोटा अगला लक्ष्य</strong><br />चित्तौड़ व नीमच के अलावा अब कोटा में नॉर्थ ईस्ट से भी  बड़ी मात्रा में नशा कोटा में आ रहा है। इसमें सभी अधिक घातक एमडी अर्थात सिंथेटिक नशा है। नारकोटिक्स विभाग ने आॅपरेशन युवा रक्षा नशा मुक्त नाम से अभियान शुरु किया है। इस अभियान के तहत विभाग का लक्ष्य है कि कोटा को नशा मुक्त बनाया जाए। विभाग द्वारा नशा उत्पादन से सप्लायर व उपभोग करने वालों तक की चैन को तोड़ने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। कुछ संस्थाएं नशा छुड़ाने के नाम पर अवैध रूप से दवाओं का सेवन करवा रहे हैं। जबकि वह दवा भी बिना अधिकृत डॉक्टर की सलाह से ही दी जा सकती है। सप्लाई के साथ ही नशे की डिमांड को भी कम करने की जरूरत है। <br /><strong>- नरेश बुंदेल, उप नारकोटिक्स आयुक्त केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>प्रोडक्शन व सप्लाई चैन तोड़ने की जरूरत </strong><br />नशे का कारोबार को जड़ से उखाड़ने फैंकने के लिए प्रोडक्शन, सप्लाई चैन और इनकम सोर्स को खत्म करने की जरूरत है। नशा प्रोडक्शन केंद्र  झालावाड़, चित्तौड़ व मध्यप्रदेश के कुछ जगहों पर है। गांजा हिमाचल व उड़िसा से आ रहा है। ऐसे में हमें नशे का प्रोडक्शन खत्म करना होगा। इसी तरह नशा जिन रुट्स से आता है, वहां बड़ा सिंडिकेट काम करता है। माल स्टोर करने वाला, सप्लाई करने वाला, बेचने वाला सब अलग-अलग होते हैं, यही सप्लाई चैन है, जिसे नष्ट करने की जरूरत है। साथ ही पैसे से संबंधित जो क्राइम है, यदि उसे अन इकोनोमिक बना दिया जाए तो नशे का कारोबार खत्म किया जा सकता है।  हमने पिछले साल वर्ष 2024 में 156 मुकदमें दर्ज किए हैं, जबकि वर्ष 2025 की जनवरी-फरवरी के डेढ़ माह में ही 66 केस दर्ज किए हैं। वहीं, पहले 223 लोगों को गिरफ्तार किया और अब 74 लोगों को पकड़ चुके हैं। इसके अलावा गाड़ियां भी जब्त की है।  <br /><strong>- दिलीप कुमार सैनी, एडिशन एसपी कोटा शहर</strong></p>
<p><strong>नशा करना स्टेटस सिम्बल बन गया</strong><br />नशा करने के कई कारण हो सकते है। सबसे बडणा कारण अकेलापन होता है। शुरुआत में नशा अच्छा लग सकता है लेकिन यह खतरनाक होता है। नशा कराने वाले पहले इसे फ्री में देते हैं बाद में इसकी लत पड़ जाने पर व्यक्ति खुद उसे तलाशता हुआ चला जाता है। कई लोगों के लिए नशा स्टेटस सिम्बल बन गया है। जबकि नशे के कारोबार को रोकने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।  <br /><strong>- डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, सेवानिवृत्त प्राचार्य राजकीय कला कन्या महाविद्यालय</strong></p>
<p><strong> कॉलेज-विवि में बच्चों के ऊपर नियुक्त हो मेंटर</strong></p>
<p>नशे की दुनिया में प्रवेश करने वाले को उचित मार्गदर्शन एवं उनके प्रति सहानुभूति पूर्ण व्यवहार का अभाव मुख्य रूप से जिम्मेदार है। इसके लिए परिवार का खुशनुमा माहौल के साथ विद्यालयों, महाविद्यालयों  एवं विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के समूह बनाकर उनके लिए शिक्षकों को मेंटर नियुक्त किया जाए ताकि निरंतर संवाद द्वारा उचित मार्गदर्शन से उन्हें सही रास्ता दिखाया जा सके। ड्रग्स की तस्करी और अवैध व्यापार पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। नशीली दवाओं की बिक्री और सेवन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए ।<br /><strong>- डॉ.मीनू माहेश्वरी, विभागाध्यक्ष कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>
<p><strong>नशे की जरूरत क्यों, समाधान खोजने की जरूरत</strong><br />युवाओं को नशे की जरूरत क्यों पड़ रही है, वह नशे की हालत में क्यों आया है,इसके कारणों को खोज समाधान निकालने की जरूरत है। व्यक्ति जन्म से नशे में नहीं आता, उसे हालात व परिस्थितियां उसे नशे में लाते हैं। जब हमने नशे में गिरफ्त लोगों से बात की तो सामने आया कि अपने गम भुलाने को वह नशे में खुशी ढूंढ रहे हैं। ऐसे में अपने आसपास का माहौल खुशनुमा बनाए। कोई व्यक्ति नशा करे तो उसे अपने बच्चों की तरफ देखना चाहिए, उनका ख्याल आएगा तो वह नशे से दूर होगा। <br /><strong>- बीके आरती, बह्माकुमारी </strong></p>
<p><strong>घर के पुरूष सदस्यों से डरने लगी महिलाएं</strong><br />कोटा की 97 कच्ची बस्तियों में 1.68 लाख परिवार रहते हैं, जब इन बस्तियों में महिलाओं के बीच जाती हूं तो पहले तो वह अपनी बात नहीं बताती थी लेकिन अब नशे के बढ़ते प्रभाव के कारण इतना चैंजेज आया कि जिन घरों में दो या तीन बेटियां हैं, उन्हें महिलाएं अकेली छोड़कर नहीं जाती। काम पर जाती हैं तो बेटियों को साथ लेकर जाती है। हालात यह हो गए कि घर में रहने वाले पिता, भाई, पति सहित अन्य पुरूष सदस्यों से महिलाओं को डर लगने लगा है, जो बड़ा चिंता का विषय है। पहले पुरूष नशा करते थे, अब महिलाएं भी सीख गई, यह क्यों हुआ, इसकी तह में जाकर समाधान खोजने की जरूरत है।  <br /><strong>- हेमलता गांधी,सोशल डवलपमेंट मैनेजर  नगर निगम कोटा</strong></p>
<p><strong>देखादेखी से नशे की चंगुल में फंस रहे किशोर</strong><br />नशे की समस्या किशोरावस्था से शुरू होती है। किशोर जब अपने घर-परिवार में पिता या अन्य सदस्य को सिगरेट, शराब पीते देखते हैं तो उनमें जिज्ञासा जाग उठती है कि इसे पीने से क्या होता है। जब वह घर से बाहर दोस्तों के बीच पहुंचता है तो वह सिगरेट, शराब या अन्य नशा करता है और शोक पूरा करते करते कब नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं, उन्हें भी पता नहीं चल पाता। शिक्षण संस्थाओं में गांजा, सिगरेट पीना आम बात हो गई। क्योंकि, यह आसानी से मिल जाता है। <br /><strong>- दीपक सिंह, सचिव, सुशीला देवी चेरिटेबल सोसायटी</strong></p>
<p><strong>बचपन में ही नशे की नुकसान बताने की जरूरत</strong><br />जन्म लेने से दस साल तक के बच्चे के दिमाग में जो बात डाली जाएगी उसका उसके पूरे जीवन पर असर पड़ता है। यदि इसी उम्र में  उसकी मां यदि समझाएगी तो बच्चा जिंदगी में कभीउस तरफ नहीं जाएगा। जबकि नशा करने वालों को सुधारना बहुत मुश्किल है। बरसों से प्रयास करने के बाद भी उतनी सफलता नहीं मिली जितनी अपेक्षा की जा रही थी। जितनों का नशा छुड़ाया जाता है उससे अधिक नए लोग नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। <br /><strong>- डॉ. आर.सी. साहनी चेयरमेन संवेदना सेवा रिसर्च समिति</strong></p>
<p><strong>अफीम की अनाधिकृत सप्लाई को रोकना होगा</strong><br />अफीम की खेती सरकार द्वारा अधिकृत पट्टे जारी करने पर किसान ही करते हैं। लेकिन किसानों से ही अफीम सरकार के अलावा अनाधिकृत रूप से बाजार में बेची जा रही है। जिससे उत्पादन केन्द्रों पर उसका उपयोग नशा बनाकर बाजार में सप्लाई करने के रूप में किया जा रहा है। सबसे अधिक भवानीमंडी में अनाधिकृत उतपदन केन्द्र संचालित हो रहे है। नारकोटिक्स विभाग को किसानों से समंवय स्थापित करके किसानों को अचछे दाम दिलाने का प्रयास करना चाहिए जिससे इसे बाजार में अनाधिकृत रूप से जाने से रोका जा सके। <br /><strong>- दुलीचंद बोरदा, जिला अध्यक्ष भारतीय किसान सभा</strong></p>
<p><strong>गायत्री परिवार नशा मुक्ति  को प्रतिबद्ध</strong><br />ड्रग्स की तस्करी और अवैध व्यापार पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। नशीली दवाओं की बिक्री और सेवन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। नशे की समस्या किशोरावस्था से शुरू होती है।  किशोर जब अपने घर-परिवार में पिता या अन्य सदस्य को सिगरेट, शराब पीते देखते हैं तो उनमें जिज्ञासा जाग उठती है कि इसे पीने से क्या होता है। गायत्री परिवार नशा छुड़ाने को लगातार कायर्च करता रहता है। अधिकतर युवा इसमें ही खुशी तलाशने लगते है। डॉक्टर हमेशा नशे के खिलाफ जंग में सहयोग करने को तैयार है। कई लोगों को नशा मुक्त कराया है। -हेमराज पांचाल गायत्री परिवार<br /><strong>- तनाव कम करने के लिए नशे का सेवन</strong></p>
<p>नशा कुछ पल के लिए व्यक्ति को सुकून दे सकता है। लेकिन यह बाद में जीवन बर्बाद कर देता है। विशेष रूप से युवा पढ़ाई के तनाव को कम करने के  लिए घर वालों से छिपकर नशा करने लगते है। शुरुआत में नशा करने से खुशी मिलती है तो अधिकतर युवा इसमें ही खुशी तलाशने लगते है। डॉक्टर हमेशा नशे के खिलाफ जंग में सहयोग करने को तैयार है। कई लोगों को नशा मुक्त कराया है। नशा मुक्ति केन्द्रों में जो दवाईयां दी जाती है। वह बिना डॉक्टर की सलाह से और निर्धारित मात्रा में दी जाती है। जिसे बाद में कम कर दिया जाता है। <br /><strong>- डॉ. मिथलेश खींची, असि. प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज कोटा </strong></p>
<p><strong>आमजन को निभानी होगी जिम्मेदारी</strong><br />नारकोटिक्स विभाग तो अपने स्तर पर नशे की सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। बड़ी मात्रा में दूसरे प्रदेशों से आने वाली नशे की खैप को कोटा में भी पकड़ा है। लेकिन यदि आमजन भी अपनी जिम्मेदारी निभाए और विभाग को नशे से संबंधित सूचना दे तो उनकी सूचना को गुप्त रखकर कार्रवाई की जा सकती है। सामूहिक प्रयासों से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। <br /><strong>- अरविंद सक्सेना, अधीक्षक केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>दृड़Þ इच्छा शक्ति से छोड़ा नशा</strong><br />प्रकाश कुमार,मोहित दाधीच व मनोज गौतम ने बताया कि वे पहले नशे की गिरफ्त में जकड़ चुके थे। लेकिन अब उन्होंने इसे छोड़ दिया है। नशा छोड़ चुके इन लोगों ने बताया कि किसी को जेल में तो किसी को दोस्तों से नशे की लत लगी थी। नशा करने से उन्हें अच्छा महसूस होता था। पहले नशे के बिना नींद नहीं आती थी। शरीर के साथ-साथ पैसे का भी नुकसान हुआ। कई बार नशा मुक्ति केन्द्र में गए वहां दवाई भी ली लेकिन फिर भी फर्क नहीं पड़ा। बाद में नशा मुक्ति केन्द्र में जाकर वहां नशा छोड़ने की दृढ़ इच्छा शक्ति की।  पहले जहां दवाई अधिक लेते थे और नीनद कम आती थी। उसके बाद धीरे-धीरे दवाई भी कम कर दी। अब बिना दवाई के नींद भी अच्छी आती है और जीवन खुशहाल है। नशा छोड़ने वालों ने बताया कि अब वे नौकरी कर खुशहाल जीवन जी रहे है। साथ ही अन्य लोगों को भी इससे दूर रहने की सलाह दे रहे है। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 16:30:38 +0530</pubDate>
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