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                <title>setback - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>बिल्डरों की कई छूट होंगी बंद, नए बिल्डिंग बायलॉज का प्रारूप तैयार, जल्द लेंगे आपत्ति-सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[बहु मंजिला इमारत की भी परिभाषा बदली जा रही है, जिसमे 18 के बजाए 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतें कहलाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/many-exemptions-of-builders-will-be-closed-draft-of-new/article-82939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cm-bhajan-lal-lharma.png-4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान मॉडल बिल्डिंग बायलॉज में राज्य सरकार संशोधन करने जा रही है। इसमें बिल्डरों को दी जाने वाली कई रियायतें बंद करने की तैयारी है। बायलॉज के प्रारूप पर जल्द ही आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।</p>
<p>यूडीएच ने बायलॉज में संशोधन के लिए एक्सपर्ट की कमेटी गठित की थी, जिसने संशोधन का प्रारूप तैयार किया है। इसमें प्रावधान किया गया है कि बिल्डर को जिन भूखंडों पर न्यूनतम 40 फ़ीसदी ग्राउंड कवरेज होता है, उन भूखंडों पर बहुमंजिला इमारत बनाने पर छूट देने का प्रावधान है।</p>
<p>ऐसे मामलों में साइड सेटबैक और रियर सेटबैक में छूट दी जाती है, इन सेटबैक के नाम पर मूवमेंट के लिए स्पेस छोड़ी जाती है, अग्निशमन वाहन के मूवमेंट के लिए जरूरी स्पेस छोड़ी जाती है। नए बायलॉज में सेटबैक की इस छूट को खत्म किया जाएगा।</p>
<p>दूसरी तरफ बहु मंजिला इमारत की भी परिभाषा बदली जा रही है, जिसमे 18 के बजाए 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतें कहलाएगी। बहुमंजिला, सेट बैक की छूट खत्म करने से ऊंची इमारतें नहीं बन पाएगी, ऐसे छोटे भूखंडों पर अधिक ऊंची इमारतें नहीं बन पाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 19:50:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>गहलोत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लग सकता है झटका, ACB और RAS के बीच टकराहट ने कांग्रेस सरकार की बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--gehlot-s-zero-tolerance-policy-may-get-a-setback--the-conflict-between-acb-and-ras-increased-the-concern-of-the-congress-government/article-9103"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/ras-acb.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में पिछले पांच दिनों से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी और आरएएस के बीच चल रही टकराहट ने राज्य सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। सरकार को चिन्ता है कि इस टकराहट के चलते मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई जीरो टॉलरेंस की नीति पर ब्रेक लगने की आशंका है। आरएएस की परिषद एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि एसीबी के अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं। इस मसले के हल के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव उषा शर्मा और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है। आरएएस के आंदोलन की लगाम सीएमओ में तैनात अफसरों के हाथों में है।<br /><br /><strong>इस वजह से हुआ विवाद</strong><br />भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 26 अप्रैल को राष्टÑीय पोषण अभियान में डिस्ट्रिक्ट कोआॅर्डिनेटर लगाने के नाम पर रिश्वत लेते दो कार्मिकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी ने जब इस मामले में आरोपी से पूछताछ की तो उन्होंने उच्चाधिकारियों का नाम लिया। इसके बाद एसीबी पूछताछ के लिए तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर भागचंद बधाल को  लेकर गई। उसी देर शाम उन्हें छोड़ भी दिया। भागचंद बधाल को बिना नोटिस के इस तरह जबरन पूछताछ के लिए लेकर जाना आरएएस को नागवार गुजरा। आरएएस ने 28 अप्रैल को इसका विरोध जताया और मुख्य सचिव से मुलाकात की। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने घटना की पूरी जानकारी ली थी। इस दौरान आरएएस अधिकारियों ने साफ  कहा कि माफी से काम नहीं होगा। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, बात खत्म नहीं होगी। आरएएस का विरोध जारी है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार को चिंता है कि आरएएस एसोसिएशन की मांग को स्वीकार करते हुए एसीबी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो इसका आरपीएस एसोसिएशन भी विरोध जता सकती है। पिछले तीन साल से एसीबी की ओर से की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से उसकी देशभर में तारीफ हो रही है, लेकिन सिविल सर्विसेज के अफसरों की नींद उड़ी हुई है।<br /><br /><strong>गहलोत का था पहला संदेश</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की सत्ता संभालने के एक दिन बाद ही संदेश दिश था कि किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। गहलोत ने 20 दिसम्बर 2018 को अपने अधिकारियों के साथ बैठक में यह संदेश दिया था।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 12:52:53 +0530</pubDate>
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                <title>चिप का संकट नए साल के अंत तक दूर होने के आसार, राजस्थान के ऑटो मार्केट को 800 करोड़ का झटका</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार को 250 करोड़ जीएसटी और 80-100 करोड़ के रोड़ टैक्स की हानि]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/61cc0427ceee2/article-3625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/4-28-21-semiconductor-2-featured-image.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सेमिकंडक्टर (चिप) की कमी से जूझते कार डीलर्स को दिवाली से अब तक करीब 800 करोड़ के कारोबार का नुकसान हुआ। करीब आठ हजार यूनिट बिकती, जो कि कार खरीदारों को नहीं मिल सकी। अब भी एक साल से अधिक का बुकिंग पीरियड चल रहा है। ऑटो डीलर्स के कारोबार के नुकसान के साथ राजस्थान सरकार को रोड टैक्स 80 से 100 करोड़ और 250 करोड़ के जीएसटी से वंचित रहना पड़ा। ऑटो एक्सपर्ट की माने तो यह समस्या नए साल 2022 के अंत तक दूर होगी। इस समस्या से शोरूमों में जॉब कट लगातार हो रहा है। राजस्थान में करीब दो हजार शोरूम है, जिसमें जयपुर के तीन सौ शोरूम शामिल है।</p>
<p><strong><br />कमी का मुख्य कारण लॉकडाउन</strong><br />वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाया। प्लांट बंद हो गए। अब प्लांट फिर से शुरू हो गए। लेकिन उत्पादन की क्षमता से अधिक मांग बनी हुई है। मांग और पूर्ति की दूरी में कमी नए प्लांट में उत्पादन बढ़ने से ही दूर होगी। कोरिया, चीन और ताइवान मुख्य उत्पादक देश है। अमेरिका में भी निर्माण होगा है। दुनिया की पचास फीसदी मांग ताइवान सेमिकंडक्टर मैन्युफैक्चिरिंग कंपनी करती है। <br /><strong><br />पसंदीदा कार खरीदने के लिए लंबा इंतजार</strong><br />दुनिया भर में इन दिनों सेमीकंडक्टर की किल्लत चल रही है जिस वजह से पैसेंजर व्हीकल के प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ा है। फैडरेशन ऑफ ऑटो मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साईं गिरधर ने बताया कि  यह स्थिति जल्द सुधरने की कोई उम्मीद नहीं है। बाजार में पैसेंजर कार और एसयूवी की मांग आगामी फेस्टिव सीजन में बढ़ने वाली है और इस वजह से कार बनाने वाली कंपनियां अब वैकल्पिक रास्ता तलाशने में जुट गई हैं।<br /><br /><strong>कनेक्टेड कार मतलब ज्यादा चिप</strong><br />ऑटो बनाने वाली कंपनियां अब अपने प्रोडक्शन लाइन को चलाते रहने के लिए अपने वाहनों में माइक्रोचिप का इस्तेमाल कम करने में जुट गई है। कार बनाने वाली कंपनियां के हायर वैरिएंट मॉडल में एडिशनल फीचर के लिए अधिक चिप की जरूरत होती है। इसमें टच स्क्रीन, पावर मिरर और कनेक्टेड कार सिस्टम आदि शामिल हैं।<br /><br /><strong>कार कंपनियों के मुनाफे पर असर</strong><br />ऑटो कंपनियों की कुल बिक्री में हाई एंड मॉडल की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इस वजह से कार बनाने वाली कंपनियों को मुनाफा भी अधिक हो रहा है। देश में इस समय चार लाख से अधिक ग्राहक अपनी नई कार का इंतजार कर रहे हैं। कार निर्माता कंपनियों को चिप की किल्लत से निपटने का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा है। इस वजह से कार बनाने वाली कंपनियों ने अब अपनी रणनीति बदल ली है।<br /><br /><strong>कनेक्टेड कार की जगह सिंपल सिस्टम</strong><br />टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई मोटर इंडिया जैसी कंपनियों ने अब अपने टॉप सेलिंग व्हीकल के बिना इन्फोटेनमेंट सिस्टम वाले वेरिएंट लॉन्च कर दिए हैं। इन्फोटेनमेंट सिस्टम में सबसे ज्यादा माइक्रोचिप का इस्तेमाल होता है। कार बनाने वाली कंपनियों ने अब कनेक्टेड कार की जगह सिंपल सिस्टम पेश करना शुरू कर दिया है। टाटा मोटर्स अपने ग्राहकों को सिर्फ  एक रिमोट की देती है। कंपनी का कहना है कि कार खरीदारी के समय एक रिमोट की मिलेगा जबकि दूसरा रिमोट की बाद में दिया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Dec 2021 13:09:40 +0530</pubDate>
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