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                            <item>
                <title>पीएम मोदी नीदरलैंड दौरा: भारत-नीदरलैंड ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जताई सहमति, कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड्स के पीएम रोब जेटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" स्तर पर ले जाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता हुई। व्यापार, रक्षा, एआई और हरित ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-visits-netherlands-india-netherlands-agreed-to-strengthen-mutual-relations/article-154149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटेन के साथ आधिकारिक वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। साझा मूल्यों और आपसी विश्वास के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बढ़ते सामंजस्य और सहयोग को देखते हुए, नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को "रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी सामरिक साझेदारी रोडमैप अपनाने पर भी सहमति व्यक्त की। बढ़ते व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी पर ध्यान देते हुए, नेताओं ने कहा कि भारत की विकास गाथा द्वारा प्रस्तुत अवसर डच कंपनियों के लिए बेहतर व्यावसायिक संभावनाएं प्रदान करते हैं।</p>
<p>दोनों नेताओं ने निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। जल, कृषि और स्वास्थ्य] में सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने बड़े पैमाने की जल परियोजनाओं पर सहयोग के माध्यम से 'जल पर रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक सुदृढ़ करने पर करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान, डिजिटल स्वास्थ्य, कृषि और खाद्य सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी स्वागत किया।</p>
<p>पीएम मोदी और जेटेन ने बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (भारत-ईयू एफटीए) की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस पर जल्द हस्ताक्षर करने और इसे लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन प्रदान करेगा।</p>
<p>दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने दोनों देशों के युवाओं की भागीदारी वाले शामिल हैकाथॉन आयोजित करने को भी प्रोत्साहित किया। नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताते हुए, उन्होंने एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए हरित हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, हरित शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। दोनों प्रधानमंत्रियों ने 'मोबिलिटी पार्टनरशिप' (प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी) और उच्च शिक्षा में सहयोग को मजबूत करने के लिए की गई नयी पहलों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस संबंध में, उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुए समझौते पर विशेष रूप से उल्लेख किया।</p>
<p>दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने 11वीं शताब्दी की चोल कालीन ताम्रपत्रों की वापसी में सहायता करने के लिए डच सरकार का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में, दोनों नेताओं ने लीडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) के बीच सहयोग का भी स्वागत किया, जो इन ऐतिहासिक कलाकृतियों के ज्ञान को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। आधिकारिक वार्ता के बाद, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, व्यापार, मोबिलिटी, जल, कृषि और स्वास्थ्य,शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में 14 समझौता ज्ञापनों(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जेटेन को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। भारत और नीदरलैंड्स के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग पर आधारित मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 17:09:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत और सिंगापुर का संबंध सदियों पुराना, संस्कृत से आया नाम</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के प्राचीन सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है। तेओ ने कहा कि 1867 तक सिंगापुर का प्रशासन कलकत्ता से संचालित होता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-relation-between-india-and-singapore-is-centuries-old-the/article-135428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy29.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सिंगापुर के पूर्व उपप्रधानमंत्री तेओ ची हीअन ने 5वें अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान में कहा कि भारत और सिंगापुर का संबंध सदियों पुराना है। उन्होंने बताया कि ‘सिंगापुर’ नाम भी संस्कृत शब्द ‘सिंगापुरा’ से लिया गया है, जो भारत के प्राचीन सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है। तेओ ने कहा कि 1867 तक सिंगापुर का प्रशासन कलकत्ता से संचालित होता था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक जुड़ाव आज की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है। आधुनिक सिंगापुर के निर्माण में भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और लोगों-संस्कृति-व्यापार का पुराना आदान-प्रदान इस रिश्ते को और गहरा बनाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 11:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वीडीओ पेपर लीक का मामला एबीवीपी ने की जांच की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[एनएसयूआई ने दी सफाई, संगठन से कोई नाता नहीं ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%93-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97/article-3663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/nsui_abvp.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में बीती 27 और 28 दिसम्बर को हुई ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) प्रारंभिक भर्ती परीक्षा में सिरोही में दो लोगों को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी एनएसयूआई का महासचिव बताया जा रहा है। ऐसे में अब एबीवीपी ने जहां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। वहीं एनएसयूआई का कहना है कि आरोपी का संगठन से कोई नाता नहीं है। </p>
<p><strong><br />पेपर लीक और नकल के मामले बढ़ रहे:</strong>  वीडीओ भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए आरोपी को लेकर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री होशियार मीणा का कहना है कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से ऐसे मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वीडीओ की परीक्षा में एनएसयूआई पदाधिकारी की संलिप्तता बताती है कि ऐसी घटनाएं पेपर लीक के मामलों में अंदर के ही लोग शामिल हैं। ऐसे में इस मामले की जांच करके उचित कार्रवाई होनी चाहिए। </p>
<p><strong><br />वर्तमान में आरोपी का कोई संबंध नहीं:</strong> एनएसयूआई प्रदेश प्रवक्ता रमेश भाटी का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपी का एनएसयूआई से कोई संबंध नहीं है। जुलाई 2020 में जब संगठन की सभी कार्यकारिणी को भंग किया गया था, उसी समय इस पदाधिकारी को महासचिव के पद से हटा दिया गया था। ऐसे में वर्तमान में आरोपी संगठन में नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Dec 2021 16:01:24 +0530</pubDate>
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