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                <title>solution - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>संवाद, सहमति और समाधान ही लोकतांत्रिक परंपरा को रखते हैं जीवित, ओम बिरला ने कहा- नगरपालिकाओं में चर्चा और जवाबदेही सुनिश्चित हो</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विकसित भारत के निर्माण में शहरी निकायों की भूमिका को अहम करार देते हुए कहा कि नगरीय निकाय लोकतंत्र की असली ताकत हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/dialogue-consent-and-solution-only-keep-the-democratic-tradition/article-119402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news9.png" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विकसित भारत के निर्माण में शहरी निकायों की भूमिका को अहम करार देते हुए कहा कि नगरीय निकाय लोकतंत्र की असली ताकत हैं, इनकी जिम्मेदारी है कि हर नागरिक तक लोकतंत्र के आदर्श पहुंचें। </p>
<p>बिरला ने कहा कि सदन में संवाद, सहमति और समाधान ही लोकतांत्रिक परंपरा को जीवित रखते हैं, नगरपालिकाओं में भी ऐसी आदर्श कार्यशैली को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें हर शहरी मुद्दे को जनआंदोलन में बदलना होगा। जैसे स्वच्छता आंदोलन बना, वैसे ही हर विषय में जनता की भागीदारी जरूरी है, अब नगरपालिकाओं में भी प्रश्नकाल और शून्यकाल की व्यवस्था होनी चाहिए, हर समस्या पर खुलकर चर्चा और जवाबदेही सुनिश्चित हो।</p>
<p>500 शहरी स्थानीय निकाय के अध्यक्षों ने भाग लिया: गुरुग्राम के मानेसर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के सभापतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि निकायों को नागरिकों से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए नियमित प्रश्नकाल और शून्यकाल के साथ संसद की तर्ज पर काम करना चाहिए। मानेसर में देश के पहले शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, इस सम्मेलन में देश भर से अलग-अलग जगहों से आए लगभग 500 शहरी स्थानीय निकाय के अध्यक्षों ने भाग लिया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। इस कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा और हरियाणा विधानसभा की तरफ से किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 11:49:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लाखों रुपए खर्च फिर भी कम नहीं हुए श्वान</title>
                                    <description><![CDATA[दिन की तुलना में रात के सन्नाटे में सड़क से दो पहिया वाहन चालक का श्वानों से बचकर सुरक्षित निकल पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। नगर निगम द्वारा श्वानों को पकड़कर उनका बधियाकरण व वैक्सीनेशन तो किया जा रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन की पालना में श्वानों को वापस उसी स्थान पर छोड़ा जा रहा है। जिससे शहर में श्वानों की न तो संख्या कम नजर आ रही है और न ही इनके काटने से लोगों को राहत मिल पा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-spending-lakhs-of-rupees--the-dogs-did-not-decrease/article-33119"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/lakho-rupaye-kharch-fir-bhi-kam-nahi-hue-shavan...kota-news..23.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में श्वानों के काटने की समस्या दिनों दिन विकराल रूप लेती जा रही है।  लगतार हो रहे मामलों से शहरवासियों में  श्वानों का डर बना हुआ है। नगर निगम द्वारा श्वानों को पकड़ने व उनके वैक्सीनेशन पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर वासियों को इससे राहत नहीं मिल रही है। हालांकि लोगों का कहना है कि शहर से दूर बाड़े में रखकर ही इनसे निजात मिल सकती है। शहर के हर क्षेत्र में गली मोहल्ले से लेकर मेन रोड तक जिस तरह से मवेशियों के झुंड देखे जा सकते हैं। उसी तरह से अब श्वानों के झुंड भी नजर आने लगे हैं। मवेशियों में सबसे अधिक सांडों से लोगों को खतरा रहता है। लेकिन दूसरी तरफ श्वान तो सभी खतरनाक हैं। राह चलते वाहन चालक हो या घर के बाहर खेलते बच्चे श्वान किसी को भी नहीं छोड़ रहे हैं। महिलाएं हो या बुजुर्ग सभी श्वानों के हमले व काटने के शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों लगातार हुई श्वानों के काटने की घटनाओं से अब लोग इनसे अधिक डरने लगे हैं। सड़क पर झुंड में श्वान देखते ही लोग उनसे बचने के लिए दूर भागने का प्रयास करने लगे हैं। हालत यह है कि श्वानों को देखकर भागना भी खतरे से कम नहीं है। भागते लोगों पर श्वान अधिक हमला कर रहे हैं। दिन की तुलना में रात के सन्नाटे में सड़क से दो पहिया वाहन चालक का श्वानों से बचकर सुरक्षित निकल पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। नगर निगम द्वारा श्वानों को पकड़कर उनका बधियाकरण व वैक्सीनेशन तो किया जा रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन की पालना में श्वानों को वापस उसी स्थान पर छोड़ा जा रहा है। जिससे शहर में श्वानों की न तो संख्या कम नजर आ रही है और न ही इनके काटने से लोगों को राहत मिल पा रही है। </p>
<p><strong>प्रति श्वान करीब 600 रुपए खर्च</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण ने श्वान शाला में श्वानों को पकड़कर बधियाकरण व वैक्सीनेशन करने का ठेका पुणे की एनिमल वेलफेयर सोसायटी को दिया है। निगम द्वारा संवेदक फर्म को प्रति श्वान करीब 600 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। जिसमें श्वान को पकड़ने से लेकर बधियाकरण व वैक्सीनेशन करना और वापस उसी स्थान पर छोड़ने का काम है। निगम सूत्रों के अनुसार अभी तक फर्म द्वारा करीब 3 हजार श्वानों का बधियाकरण किया जा चुका है। इस हिसाब से करीब 18 से 20 लाख रुपए निगम अभी तक इन पर खर्च कर चुका है। जबकि शहर में करीब 8 से 10 हजार श्वान बताए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>श्वान शाला बनाने पर किए लाखों खर्च</strong><br />शहर में श्वानों की समस्या गम्भीर होने पर नगर निगम बोर्ड की बैठकं व आमजन की भावना को ध्यान में रखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण ने बंधा धर्मपुरा में श्वान शाला का निर्माण कराया। इसके निर्माण पर करीब 60 लाख रुपए खर्च किए गए। वहीं अब उसके पास ही नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा भी 75 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च कर नई श्वानशाला बनाई जा रही है। कोटा दक्षिण में 33 कैनल वालीे श्वान शाला है जबकि कोटा उत्तर में 125 कैनल वाली बनाई जा रही है।</p>
<p><strong>लोगों की पीड़ा</strong><br />श्वानों को पकड़कर जब तक शहर से दूर जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा तब तक इनकी समस्या से निजात नहीं मिल पाएग़ी। बधियाकरण करके वापस शहर में ही छोड़ने से इनकी संख्या तो कम ही नहीं हो पा रही है। बधियाकरण करने के बाद श्वान अधिक खूंखार हो रहे हैं। <br /><strong>-राजेश धाकड़, दादाबाड़ी</strong></p>
<p>घर से बाहर निकलते ही सड़क पर श्वान नजर आने से डर लगने लगा है। श्वानों को भगाने पर वे और काटने दौड़ते हैं। सड़कों पर घूमने वाले आवारा श्वानों को जब तक शहर से बाहर नहीं किया जाएगा तब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। <br /><strong>-स्वाती शर्मा, महावीर नगर </strong></p>
<p>बजरंग नगर पुलिस लाइन साइड में हर गली में श्वानों की समस्या काफी गम्भीर है। बच्चों का घर के बाहर खेलना तक मुश्किल हो रहा है। नगर निगम व प्रशासन श्वानों की समस्या का समाधान ही नहीं कर रहा। जब गायों को पकड़कर गौशाला में बंद कियाजा सकता है तो श्वानों को भी इसी तरह से बाड़ा बनाकर उसमें रखा जाए। <br /><strong>-रिचा सोलंकी, बजरंग नगर </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> नगर निगम ने श्वानशाला बना दी।  अब तक करीब 3 हजार श्वानों के बधियाकण व वैक्सीनेशन किया जा चुका है। इससे श्वानों की संख्या में कमी आएगी। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों की पालना की जा रही है। अब उन दिशा निर्देश में संशोधन करवाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिख दिया है। निगम को अधिकार मिले तो बाड़ा बनाकर उनके रखने व खाने की व्यवस्था भीे करने को तैयार है। <br /><strong>-राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>श्वानों की समस्या शहर में काफी गम्भीर हो रही है। हर वार्ड में श्वानों के झुंड देखे जा सकते हैंÞ। इनकी संख्या में कमी लाने के लिए मादा श्वानों की नसबंदी की जाए। साथ ही इस काम में गति लाने व संख्या बढ़ाने की जरूरत है।  स्थायी समाधान तो शहर से दूर बाड़े में रखना ही है। <br /><strong>-विवेक राजवंशी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>श्वानों की समस्या को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने ज्ञापन दिया था। महापौर ने भी पत्र लिखे हैं। सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन की पालना की जा रही है। अब वार्ड वार खूंखार श्वानों को चिन्हित कर उन्हें पकड़कर बधियाकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन में संशोधन होकर निगम को अधिक अधिकार मिले तो कार्रवाई करने को तैयार है। <br /><strong>-राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Dec 2022 16:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>जलभराव की समस्या को लेकर किसानों का हल्ला-बोल</title>
                                    <description><![CDATA[कामां। क्षेत्र के पथवारी मोड़ पर 14 गांव में जलभराव की समस्या को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम हुआ था, जिसमें भरतपुर सांसद रंजीता कोली सहित भाजपा नेता एवं हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी शामिल हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/farmers-shout-about-the-problem-of-water-logging/article-11870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kaman_1.jpg" alt=""></a><br /><p>कामां। क्षेत्र के पथवारी मोड़ पर 14 गांव में जलभराव की समस्या को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम हुआ था, जिसमें भरतपुर सांसद रंजीता कोली सहित भाजपा नेता एवं हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी शामिल हुए। किसानों की समस्या को लेकर शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। पथवारी मोड़ पर आयोजित किसानों के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान भरतपुर सांसद रंजीता कोली ने कहा कि किसानों की समस्या के समाधान के लिए 66 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे जो पानी निकासी के लिए कार्य किया जा रहा है वह बहुत धीमी गति से किया जा रहा है और बरसात का समय आ रहा है। किसानों की समस्या का अगर समाधान नहीं होता है तो किसान भरतपुर कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>सांसद ने भरतपुर कलक्टर से फोन पर वार्ता की और फोन को स्पीकर होल्ड कर माइक के सामने लगाया गया जहां पूरी जनता ने भरतपुर कलक्टर और सांसद की वार्ता को सुना। कलक्टर ने सांसद को अवगत कराया कि पूर्व में ही स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं और एसडीएम द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण भी किया गया है। कार्य में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। अगर ठेकेदार शीघ्र कार्य को पूर्ण नहीं करता है तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। धरना प्रदर्शन के दौरान डांग विकास के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढम, पूर्व मंत्री मदन मोहन सिंघल, पूर्व विधायक शमशुल हसन, राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता पूनमचद भंडारी सहित भाजपा नेता सहित किसान समर्थित लोगों ने अपनी अपनी बातें रखी।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रतिनिधि मनीष शर्मा, पंडित रामजी लाल शर्मा, पंडित हरिप्रसाद शर्मा, सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे वहीं धरना प्रदर्शन के दौरान हुकम सिंह ने संचालन किया। डांग विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पूर्व विधायक एवं जिला परिषद सदस्य शमशुल हसन ने किसानों के लिए संघर्ष करने की बात कही, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि वह जिला परिषद के सदस्य हैं और जिला परिषद की श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत पैसा स्वीकृत हुआ है और वह समस्या को लेकर जिला परिषद में आवाज उठाएंगे और जिला परिषद को जब तक समस्या समाधान नहीं हो जाता जब तक चलने नहीं देंगे। सांसद कोली से किसानों की समस्या को लेकर अलग से बजट देने की मांग भी की और कहा कि सांसद द्वारा किसानों की समस्या को लेकर अभी तक सांसद ने कोई पैसा नहीं दिया है।</p>
<p>इस पर सांसद द्वारा तुरंत जवाब देते हुए कहा कि किसानों की समस्या के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि सांसद हमारे घर की है और हमें सांसद से उम्मीद है कि वह किसानों की समस्या के लिए आवश्यक रूप से पैसा देंगी।  किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है क्योंकि जवाहर सिंह बेढम ने सभी से चर्चा करने के बाद और सांसद द्वारा कलेक्टर से दूरभाष पर वार्ता की गई और कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि शीघ्र किसानों की समस्या का समाधान हो जाएगा कार्य चल रहा है जिस पर धरने को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। किसानों द्वारा आयोजित किया गया आंदोलन के दौरान नेता और वक्ताओं की संख्या अधिक थी लेकिन जितनी भीड़ की उम्मीद की गई उतनी भीड़ प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं थी। यहां तक की धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता सहित भाजपा नेता अधिक थे।<br />कामां फोटो नंबर एक।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 12:21:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आप भी हैं चेहरे पर ज्यादा पसीना आने से परेशान ? तो जाने क्या करें उपाय.....</title>
                                    <description><![CDATA[गर्मियों में पसीना आने की समस्या आम है,पसीना सबको आता है ,लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना एक समस्या भी हो सकता है,वहीं कई लोगों के चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आता है,जिसकी वजह से बहुत से लोग परेशान रहते हैं,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से स्किन पर बुरा असर भी पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/are-you-also-troubled-by-excessive-sweating-on-your-face/article-10953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww.jpg" alt=""></a><br /><p>गर्मियों में पसीना आने की समस्या आम है,पसीना सबको आता है ,लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना एक समस्या भी हो सकता है,वहीं कई लोगों के चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आता है,जिसकी वजह से बहुत से लोग परेशान रहते हैं,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से स्किन पर बुरा असर भी पड़ता है, हालांकि पसीना आना एक तरह का नेचुरल प्रोसेस है,पसीने के जरिए शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, लेकिन चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने से पिंपल्स और चेहरे पर दानें जैसी समस्या होने लगती है,ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है ,आप चेहरे पर ज्यादा पसीना आने की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>पसीना क्यों आता है</strong></span><br />वैसे तो पसीना आना सामान्य बात है लेकिन चेहरे पर पसीना आना गंभीर समस्या हो सकती है,चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना क्रोनियोफेशियल हाइपरहाइड्रोसिस  के कारण आता है,ये समस्या कई कारणों से हो सकती है,जैसे की मौसम में बदलाव, स्ट्रेस कुछ दवाओं का अधिक सेवन करना, स्मोकिंग करना, पसीने की ग्रंथियों का ज्यादा एक्टिव होना और कुछ बीमारियों के कारण भी आपको बहुत पसीना आता है, मोटापा, इन्फेक्शन, लो बल्ड शुगर, थायरॉयड ।</p>
<p><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>बचने के उपाय</strong></span><br />चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने पर आपको बहुत ज्यादा गर्म जगहों पर जाने से बचना चाहिए। चेहरे पर टमाटर के रस का इस्तेमाल करें,इसका इस्तेमाल करने से आपके चेहरे पर मौजूद छिद्र बंद हो जाएंगे और आपको पसीना कम आएगा।कुछ लोगों में मानसिक समस्याओं के कारण भी होती है,इससे बचने के लिए आपको रोजाना योग या मेडिटेशन जरूर करना चाहिए।<br />आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए,ऐसा करने से आपकी बॉडी में पानी की कमी नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 13:39:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन की हरकतें</title>
                                    <description><![CDATA[चीन पूर्वी लद्दाख में पिछले दो साल से चल रहे सीमा विवाद को सुलझाने के बजाए भारत को उकसाने की हरकतों को बढ़ावा देने में जुटा है। पिछले दिनों खबर थी कि चीन व भारत के प्रतिनिधि मिलकर सीमा विवादों के हल पर वार्ता के दौर का सिलसिला शुरू करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/any-solution-to-border-disputes-can-be-found/article-10370"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/46545456465.jpg" alt=""></a><br /><p>चीन पूर्वी लद्दाख में पिछले दो साल से चल रहे सीमा विवाद को सुलझाने के बजाए भारत को उकसाने की हरकतों को बढ़ावा देने में जुटा है। पिछले दिनों खबर थी कि चीन व भारत के प्रतिनिधि मिलकर सीमा विवादों के हल पर वार्ता के दौर का सिलसिला शुरू करेंगे। इससे उम्मीद बंधी थी कि लद्दाख सहित अन्य सीमा विवादों का भविष्य में कोई न कोई हल निकल सकेगा। लेकिन पूर्वी लद्दाख में चल रही उसकी हरकतों से कोई ऐसा संकेत नहीं मिलता की वह सीमा विवाद को हल करने और भारत से रिश्ते सुधारने की कोई जरूरत समझता है। हाल ही ऐसी खबरें आई हैं कि चीन पैंगोंग झील इलाके में एक और नया पुल बनाना शुरू कर दिया है। जिस जगह यह पुल बनाया जा रहा है, उस पर वह लगभग साठ साल से दावा ठोेकता आ रहा है, लेकिन भारत ने कभी इसे मान्यता नहीं दी क्योंकि चीन ने अवैध रूप से इस क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। यदि यह इलाका उसका वैध हिस्सा होता तो भारत को भला क्या एतराज हो सकता है? सवाल है कि जब  उस इलाके पर उसका अधिकार ही नहीं है, तो उसे तनाव पैदा करने की स्थिति पैदा ही नहीं करनी चाहिए। इससे स्पष्ट जाहिर होता है कि उसका मुख्य मकसद भारत को भड़काने व धमकाने का ही रहा है। चीन ने पैंगोंग झील क्षेत्र में पहले ही एक पुल बना लिया था और अब उसके बराबर दूसरा पुल भी बना रहा है।</p>
<p>साफ है कि चीन इस इलाके में अपनी मोर्चाबंदी को मजबूत कर रहा है और क्षेत्र में अपनी और सैनिक तैनात करने जा रहा है। दो साल पुराने गलवान विवाद के बाद उसकी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि विवाद को खत्म करने के लिए दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच पंद्रह दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। कूटनीतिक स्तर की वार्ताएं हुई हैं, लेकिन विवाद जस का तस बना हुआ है। चीन भारतीय पक्ष की बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं है, तो ऐसी वार्ताओं का कोई औचित्य भी नहीं रह जाता है। चीन तो तनाव को बढ़ाने वाली गतिविधियों में लिप्त है। चीन पूर्वी लद्दाख में ही अवैध निर्माण नहीं कर रहा है बल्कि भारत से सटी अन्य सीमाओं पर भी अवैध निर्माण करने में लगा है। चीन की हरकतें भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। चीन से निपटने की भारत ने भी तैयारियां कर रखी हैं, लेकिन अवैध निर्माणों पर भी अंकुश लगाने की कोई तैयारी और रणनीति बनाने की जरूरत है। अवैध निर्माण बढ़ते रहे तो विवाद फिर कैसे हल होंगे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 11:02:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रदेश में हो रही बिजली कटौती की समस्या का समय रहते समाधान निकालें सरकार- रामलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि समय रहते हुए इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और सरकार आमजन को राहत पहुंचाने का काम करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-should-find-a-timely-solution-to-the-problem-of-power-cut-in-the-state--ramlal-sharma/article-6775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ramlal.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अंदर कांग्रेस की सरकार है और छत्तीसगढ़ के अंदर कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भी राजस्थान की सरकार बिजली की समस्या को दूर करने में विफल रही है और अब प्रदेश में धीरे-धीरे कोयले की कमी के कारण बिजली की समस्या बढ़ने लगी है और कोयला संकट की वजह से आने वाले समय में मुख्यमंत्री जी भी कह चुके हैं कि राजस्थान अंधकार के अंदर हो सकता है, तो समय रहते हुए इसका उपाय कर लेते तो मेरे ख्याल से आज प्रदेश को यह हालात नहीं बनते। वर्तमान के अंदर रीट परीक्षा की तैयारी भी विद्यार्थी कर रहे हैं और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा भी आयोजित की जा रही है, लेकिन तमाम समस्याओं को देखते हुए राजस्थान की सरकार चिंतित नहीं है और इस समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अंदर रात भर बिजली कटौती की जा रही है तो कई स्थानों पर 4-5 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है। इससे विद्यार्थियों के साथ साथ आमजन को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि समय रहते हुए इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और सरकार आमजन को राहत पहुंचाने का काम करें।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 16:18:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जेईसीआरसी में 720 विद्यार्थी ढूंढ रहे है समस्याओं का समाधान </title>
                                    <description><![CDATA[जेईसीआरसी में 120 टीमों के 720 विद्यार्थी समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे है। ये समस्याएं भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की ओर से दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/jecrc-student-are-looking-of-solution/article-6726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/46546546546574.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेईसीआरसी में 120 टीमों के 720 विद्यार्थी समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे है। ये समस्याएं भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की ओर से दी गई है। इन समस्याओं का समाधान देने वाली टीम को पुरस्कार मिलेगा। इंडस्ट्री और तकनीकी एक्सपर्ट इन समस्याओं को रिव्यू करेंगे। जेईसीआरसी में आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के प्रीलिम्स के कार्यक्रम में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी और जेईसीआरसी फाउंडेशन के विद्यार्थी मिलकर विभिन्न समस्याओं पर काम कर रहे है और उनके समाधान ढूंढ रहे है। जेईसीआरसी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने बताया कि हमारी कोशिश है कि टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले ये विद्यार्थी तकनीक की मदद से व्यक्ति की समस्याओं का समाधान ढूंढे और राष्ट्र के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें। कार्यक्रम की फैकल्टी को-ऑर्डिनेटर डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए भारत सरकार की ओर से जेईसीआरसी नोडल सेंटर रहा है। अब तक पांच बार लगातार ही स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन जेईसीआरसी कर चुका है।</p>
<p><strong>अंधे लोगों के लिए ऐप तैयार कर रहे है</strong> <br />स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के इस प्रीलिम्स में विद्यार्थी अंधे लोगों के लिए ऐप तैयार कर रहे हैं। वे ऐसा ऐप बनाने में जुटे हुए हैं जिसे अंधे लोग भी आसानी से चला सकें। साथ ही, वहीं दूसरे विद्यार्थी कैंसर पीड़ितों के लिए क्राउड फडिंग से फंड जुटाने वाले ऐप पर काम कर रहे हैं।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 15:53:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्द मौसम ने बढ़ाया हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दियों में सिकुड़ जाती है रक्त वाहिकाएं, विशेषज्ञों की राय, बचाव ही है उपाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%83%E0%A4%A6%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-3694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/heart-n-stroke.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दियों को केवल सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल, इन्फेक्शन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसी मौसम में स्ट्रोक और हृदय रोग जैसे गंभीर रोगों का खतरा भी बहुत तेजी से बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग और पहले से स्ट्रोक एवं हृदय रोग की समस्या से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है। सर्दियों में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से यह समस्याएं पैदा होती है।  नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पृथ्वी गिरी ने बताया कि सर्दी के मौसम में ओपीडी में स्ट्रोक से सम्बंधित समस्याओं का आंकड़ा तकरीबन 10 से 15 फीसदी बढ़ जाता है। आमतौर पर स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं। एक नस का बंद होना और दूसरा नस का फटना यानि ब्रेन हेमरेज। इसकी मुख्य वजह है कि सर्दियों में रक्त वाहिकाएं संकुचन तो करती ही हैं साथ ही व्यक्ति के सर्दी के संपर्क में आने पर बीपी शूट आउट करता है, जिसके कारण हेमरेज का जोखिम बहुत बढ़ जाता है।<br /> <br /> <strong>स्ट्रोक से ऐसे बचें</strong><br />     दिन में कम से कम आधा घंटा धूप सेकें, शारीरिक व्यायाम करें ताकि रक्त वाहिकाओं का संकुचन कुछ कम हो। <br />     स्ट्रोक के मरीज अपना बीपी नियमित रूप से चेक करते रहें।<br />     शुगर को भी नियंत्रण में रखें।<br /> <br /> <strong>सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव होने से बढ़ता है हार्ट का खतरा</strong><br /> नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल पटोदिया ने बताया कि सर्दियों में तापमान गिरने के साथ हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से सिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिव हो जाता है जो शरीर का तामपान बढ़ा देता है। इस प्रक्रिया का मूल काम शरीर का सर्दी से बचाव करना होता है, लेकिन इसके साथ बीपी और हार्ट रेट बढ़ जाते हैं। इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगभग 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। <br /> <br /> <strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />     बीपी को नियंत्रण में रखने की कोशिश <br />     डाइट और सक्रिय जीवनशैली का ध्यान रखें।<br />     सर्दी से बचें और नियमित व्यायाम करें। पहले से हार्टअटैक की समस्या से जूझ चुके लोग अपना विशेष ध्यान रखें, जरूरी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 15:05:43 +0530</pubDate>
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