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                <title>textile - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हाडौती के टैक्सटाइल, इंजीनियरिंग और कृषि उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन से जुड़ेगा कोटा का कारोबार, बढ़ेंगे अवसर व रोजगार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/exports-of-hadauti%E2%80%99s-textile--engineering--and-agricultural-products-to-get-a-boost/article-160020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)62.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । भारत और ब्रिटेन के बीच लागू होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट-एफटीए) को देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ राजस्थान के कोटा संभाग के उद्योगों और कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस समझौते के तहत ब्रिटेन भारतीय उत्पादों पर लगने वाले अधिकांश आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करेगा, जिससे भारतीय उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। इसका सीधा लाभ कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले के निर्यातकों और उद्यमियों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कोटा संभाग में टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद, स्टोन, मसाले, धनिया, सोयाबीन आधारित उत्पाद, लहसुन, खाद्य प्रसंस्करण और एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन में भारतीय उत्पादों के लिए शुल्क कम होने से इन क्षेत्रों के उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। इससे स्थानीय उद्योगों को नए आॅर्डर मिलने के साथ उत्पादन और निवेश में भी वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>विदेश में महकेगी यहां के मसालों की खुशबू</strong><br />कोटा देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल है। यहां इंस्ट्रूमेंटेशन, इंजीनियरिंग उपकरण, केबल, विद्युत उपकरण, मशीन पार्ट्स और विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां कार्यरत हैं। एफटीए के बाद इन उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार तक अपेक्षाकृत कम लागत में पहुंचाने का अवसर मिलेगा। वहीं बारां और झालावाड़ जैसे कृषि प्रधान जिलों में उत्पादित धनिया, मसाले, सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। उद्योग जगत का मानना है कि यह समझौता केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर देगा। निर्यात बढ़ने से उत्पादन क्षमता का विस्तार होगा और इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस समझौते से परिवहन, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।</p>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोटा संभाग की बनेगी पहचान</strong><br />आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता कोटा संभाग के उद्योग, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। यदि स्थानीय उद्योग आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार और नियार्तोन्मुख उत्पादन पर ध्यान दें तो आने वाले समय में कोटा संभाग अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ब्रिटेन जैसे विकसित बाजार में टिके रहने के लिए स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग, प्रमाणन और समयबद्ध आपूर्ति पर विशेष ध्यान देना होगा। यदि उद्योग समय रहते अपनी उत्पादन प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं तो आने वाले वर्षों में कोटा संभाग का निर्यात उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है।</p>
<p><strong>आम लोगों को क्या फायदा होगा?</strong><br />-ब्रिटिश लग्जरी कारें होंगी सस्ती: रॉल्स-रॉयस, लैंड रोवर, जगुआर जैसी ब्रिटिश कारों पर आयात शुल्क चरणबद्ध तरीके से कम होने से इनकी कीमतों में आने वाले वर्षों में कमी आ सकती है।<br />-रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: कोटा संभाग में इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, कृषि प्रसंस्करण और एमएसएमई इकाइयों को नए निर्यात आॅर्डर मिलने पर उत्पादन बढ़ेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।<br />-किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना: कोटा, बारां और झालावाड़ के धनिया, सोयाबीन, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ने पर किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद रहेगी।<br />-स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा: निर्यात बढ़ने से परिवहन, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स और छोटे व्यापारियों के काम में भी तेजी आएगी।<br />-विदेश में नौकरी और प्रोफेशनल्स को फायदा: भारतीय इंजीनियर, आईटी विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट और अन्य पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में काम करने के अवसर बढ़ सकते हैं। इससे कोटा जैसे शिक्षा केंद्र के विद्यार्थियों को भी भविष्य में नए अवसर मिलेंगे।<br />-कुछ आयातित उत्पाद सस्ते हो सकते हैं: ब्रिटेन से आने वाले कुछ कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट, प्रीमियम फूड आइटम, मेडिकल उपकरण और अन्य उत्पादों की कीमतों में भी समय के साथ कमी आ सकती है।</p>
<p>भारत-ब्रिटेन एफटीए निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है। कोटा संभाग के व्यापार जगत के लिए यह समझौता काफी लाभकारी साबित हो सकता है। यहां की इंजीनियरिंग, एमएसएमई इकाइयों सहित अन्य उद्योगों को ब्रिटेन में नए बाजार मिल सकेंगे।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, महासचिव, कोटा व्यापार महासंघ</strong></p>
<p>ब्रिटेन में शुल्क कम होने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इससे कोटा के उद्योगों को नए आॅर्डर मिलने और उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यहां की सामग्री को निर्यात में छूट मिलने से मंद हो रहे कई उद्योग को संजीवनी मिल सकती है।<br /><strong>-भूपेन्द्र सोनी, उद्योगपति व व्यापारी</strong></p>
<p>कोटा, झालावाड़ और बारां क्षेत्र में मसाले, धनिया और सोयाबीन का अच्छा उत्पादन होता है। यदि इन उत्पादों की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए तो ब्रिटेन सहित यूरोपीय बाजार में अच्छी मांग मिल सकती है।<br /><strong>-आर.के. शर्मा, कृषि विशेषज्ञ</strong></p>
<p>एफटीए का वास्तविक लाभ उन्हीं उद्योगों को मिलेगा जो अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रमाणन के मानकों का पालन करेंगे। यह समझौता निर्यातकों के लिए दीर्घकालिक अवसर लेकर आया है।<br /><strong>-रोहित जैन, सीए व निर्यात सलाहकार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:00:24 +0530</pubDate>
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                <title>टैक्सटाइल सेक्टर की कम्पनियां राज्य में करेंगी निवेश, लोगों को मिलेगा रोजगार : भजनलाल</title>
                                    <description><![CDATA[भूखण्ड उपलब्ध होने के पश्चात् कम्पनियों द्वारा जल्द ही औद्योगिक इकाई के परिचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/textile-sector-companies-will-invest-in-the-state-people-will/article-102351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhajanlal-sharma-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट- 2024 में निष्पादित किए गए समझौते एक के बाद एक धरातल पर उतर रहे हैं। रीको द्वारा चार और प्रमुख कम्पनियों मेक्सोप इंजीनियरिंग कम्पनी लिमिटेड, रॉकमेन इंडस्ट्रीज लिमिटेड, लाइटपाथ वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और सन पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक इकाई लगाने के लिए भूखण्ड आवंटित कर दिए गए हैं। इनमें मेक्सोप इंजीनियरिंग कम्पनी लिमिटेड को भिवाड़ी जिले के कारोली औद्योगिक क्षेत्र, रॉकमेन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र (भिवाड़ी), लाइटपाथ वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को भीलवाड़ा जिले के उखलिया औद्योगिक क्षेत्र एवं सन पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र (उदयपुर) में भूमि उपलब्ध करवाई गई है। समिट के दौरान इन कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश करने में रूचि दिखाते हुए राज्य सरकार के साथ एमओयू किए थे। रीको द्वारा भूमि आवंटन से लेकर परियोजना की शुरुआत तक सभी प्रक्रियाओं को कम्पनियों के लिए बहुत ही आसान बनाया जा रहा है। भूखण्ड उपलब्ध होने के पश्चात् कम्पनियों द्वारा जल्द ही औद्योगिक इकाई के परिचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>2 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार</strong><br />ओटो क्षेत्र की कंपनी मेक्सोप इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड 750 करोड़ रुपए के निवेश करेगी। कम्पनी की यह इकाई 1500 लोगों को रोजगार देगी। यह इकाई करीब 30 एकड़ भूमि पर स्थापित होगी। एल्यूमिनियम निर्माण से जुड़ी रॉकमेन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (हीरो ग्रुप कम्पनी) छह एकड़ भूमि पर 150 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। निवेश के दौरानकरीब 250 लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। इस नई इकाई का लक्ष्य राजस्थान में स्पेशल व्हील मैल्युफेक्चरिंग करना होगा। सोलर पेनल के निर्माण पर आधारित कम्पनी लाइटपाथ वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड उखलिया औद्योगिक क्षेत्र में 6 एकड़ भूमि पर 110 करोड़ रुपए का निवेश करने के साथ लगभग 150 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>कम्पनी की यह इकाई सोलर पैनल के निर्माण में राजस्थान को अग्रणी बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। टैक्सटाइल आधारित कम्पनी सन पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड उदयपुर के कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र में इस नई औद्योगिक इकाई में वूवन कोटेड और अनकॉटेड फैब्रिक बनाएगी। इस इकाई द्वारा 100 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। करीब 5 एकड़ भूमि पर लगने वाली इस इकाई में कम्पनी द्वारा लगभग 87 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। रीको के प्रबंध निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि समिट में कई बड़ी कम्पनियों ने राजस्थान में अपनी औद्योगिक इकाई लगाने के लिए एमओयू किए जो उनका राज्य सरकार एवं यहां की औद्योगिक नीतियों के प्रति अटूट विश्वास दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 10:24:17 +0530</pubDate>
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                <title>अजमेर: कपड़ा व्यापारी के साथ 25 हजार रुपए की धोखाधड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[पीड़ित की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी अजयनगर, अजमेर निवासी दिलीप कुमार पुत्र रतनलाल है। जिन्होंने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह कपड़ों का व्यापारी है। उनकी श्री ट्रेड सेन्टर के नाम से मुन्दडी मोहल्ला में दुकान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-25-thousand-rupees-fraud-with-ajmer-textile-trader/article-17296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/1.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। शहर के एक कपड़ा व्यापारी के साथ 25 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें कोलकाता के व्यापारी ने 25 हजार रुपए ऑनलाईन लेने के बाद फर्जी बिल भेज दिया। लेकिन जब कपड़े नहीं मिले तो ठगी होने का पता चला। ऐसे में पीड़ित की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी अजयनगर, अजमेर निवासी दिलीप कुमार पुत्र रतनलाल है। जिन्होंने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि वह कपड़ों का व्यापारी है। उनकी श्री ट्रेड सेन्टर के नाम से मुन्दडी मोहल्ला में दुकान है। बीती 13 जुलाई को आर.एस. गारमेन्ट्स कोलकाता को कपडे खरीदने के लिए गूगल पे से 10 हजार 415 रुपए का भुगतान कर दिया था। इसके बाद 14 जुलाई को 2 हजार 800 रुपए और 17 जुलाई 2022 को 12 हजार रुपए का भुगतान किया। इस तरह कुल भुगतान 25 हजार 200 रुपए फर्म के सुनील कुमार ने रिसीव किए। उसने दो बिल और एक ट्रांसपोर्ट बिल्टी भी ऑनलाइन भेजी। लेकिन काफी इन्तजार के बाद भी कपडे नही मिले। उससे सम्पर्क करने का प्रयास किया लेकिन मोबाइल स्वीच ऑफ मिला। ऐसे में उन्हें धोखाधड़ी कर रूपए हड़पने का आभास हुआ। फिलहाल सुनील कुमार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Aug 2022 19:04:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में कपड़ा व्यापारियों को बड़ी राहत,  कपड़ों पर GST 5% ही रहेगी,  कपड़ों पर GST 12% नहीं होगी</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड को देखते हुए कपड़ा और जूते पर जी.एस.टी. की दर नहीं बढ़ाई जावे -डा. सुभाष गर्ग, मंत्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61ced94175957/article-3698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/210.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मोदी सरकार ने व्यापारियों को न्य ईयर गिफ्ट दिया है। देशभर में कपड़ा व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए कपड़ों पर GST 5% ही रहेगी, मोदी सरकार कपड़ों पर GST 12% नहीं करेंगी। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने कपड़ों पर कर की दर को पहली  जनवरी 2022 से पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के अपने पहले के  निर्णय को शुक्रवार को स्थगित कर दिया। इस निर्णय से कपड़ों पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत बनी रहेगी। वित्त  मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद की राजधानी में हुई 46वीं बैठक के  निर्णय की जानकारी देते हुए संवाददाताओं से कहा कि कपड़े पर जीएसटी की दर पर  यथास्थिति बनाये रखने का फैसला किया गया है।</p>
<p><br />  उन्होंने कहा कि कपड़ा  क्षेत्र पर जीएसटी बढ़ाने का फैसला पूरी चर्चा के बाद किया गया था जिसका  उद्देश्य कपड़ा उत्पादों पर शुल्क के उल्टे ढ़ांचों को ठीक करना था, जिसमें  कच्चे या मध्यवर्ती माल पर कर की दर तैयार माल से अधिक होती हैं।<br /> वित्त  मंत्री ने कहा, ''आज भी सभी लोग मानते हैं कि कपड़ों पर उल्टे शुल्क  ढ़ांचे को ठीक करने की जरूरत है।''<br /> <br />  उन्होंने आज के फैसले के औचित्य के बारे  में पूछे जाने पर कहा कि उद्योग संगठनों का कहना था कि जीएसटी की दर पांच  से बढ़ाकर 12 फीसदी करने से इकाइयां असंगठित क्षेत्र में प्रवृत्त होंगी और  कुछ एक सस्ते टेक्सटाइल उत्पादों के दाम बढ़ जायेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि अन्य क्षेत्र के मुकाबले कपड़ा क्षेत्र पर कर ढांचे का ताना-बाना बहुत जटिल होता है।</p>
<p><strong>कोविड को देखते हुए कपड़ा और जूते पर जी.एस.टी. की दर नहीं बढ़ाई जावे -डा. सुभाष गर्ग, मंत्री </strong><br /> नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में राजस्थान की तरफ से तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने राज्य का पक्ष रखते हुए जीएसटी काउंसिल चेयरपर्सन एवं वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि कोरोना महामारी में ओमीक्रोन के बढ़ते हुए केसों को देखते हुए एवं अर्थव्यवस्था की गिरती हुई हालात से राज्यों के राजस्व पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ा है इसलिए कोविड के प्रभाव से बाहर आने तक  जीएसटी की दरों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जावे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जीएसटी काउंसिल के पूर्व निर्णयानुसार 1 जनवरी 2022 से कपड़ा एवं रेडिमेड गारमेंट्स जो 1000रुपए से कम लागत वाले आइटम और 1000रुपए से कम लागत वाले फुटवियर पर जीएसटी दर 5 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत प्रस्तावित थी जिसे आगामी 2 वर्ष तक स्थगित रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल व्यापारियों की मांग अनुसार जीएसटी दर 2 वर्ष तक नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव राजस्थान सरकार की तरफ से प्रभावी तरीके से जीएसटी काउंसिल के समक्ष रखा। श्री सुभाष गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने समय-समय पर जीएसटी की दरें नहीं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करते रहे हैं। काउंसिल की बैठक में डॉ गर्ग ने कहा कि राजस्थान को मिलने वाले जीएसटी कंपनसेटरी सेस 7433 करोड रुपए का तत्काल भुगतान किया जावे ,साथ ही उन्होंने मांग रखी कि जीएसटी कंपनसेटरी सेस भुगतान अवधि जुलाई 2022 से 5 साल बढ़ाकर जुलाई 2027 तक की जावे। राज्य सरकार की सभी मांगों पर केंद्रीय वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल के चेयरपर्सन निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।  बैठक में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने भाग लिया  राजस्थान की तरफ से वित्त सचिव (राजस्व) टी. रविकांत और मुख्य आयुक्त (राज्यकर) रवि जैन भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 31 Dec 2021 16:24:18 +0530</pubDate>
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